samacharsecretary.com

‘संगीत की दुनिया में याद रहेगा उनका योगदान’– जुबीन गर्ग की मौत पर PM मोदी का भावुक संदेश

मुंबई  बॉलीवुड के मशहूर गायक जुबीन गर्ग का शुक्रवार निधन हो गया। सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग दुर्घटना में 52 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गई। जुबीन की मौत के संगीत जगत सहित देशभर में शोक छा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुबीन गर्ग के निधन पर शोक व्यक्त किया। गर्ग के अचानक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, मोदी ने कहा कि गायक को संगीत में उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा। PM मोदी ने जताया शोक पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग के आकस्मिक निधन से स्तब्ध हूं। उन्हें संगीत में उनके समृद्ध योगदान के लिए याद किया जाएगा। उनके गायन सभी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय थे। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति। अशोक सिंघल ने की ​गायक के निधन की पुष्टि इससे पहले, असम के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल ने सोशल मीडिया पर गायक के निधन की पुष्टि की। मंत्री ने X पर पोस्ट किया, हमारे प्रिय ज़ुबीन गर्ग के असामयिक निधन से बहुत दुःख हुआ। असम ने न केवल एक आवाज, बल्कि एक धड़कन भी खो दी है। जुबीन दा एक गायक से कहीं बढ़कर थे; वे असम और राष्ट्र का गौरव थे, जिनके गीतों ने हमारी संस्कृति, हमारी भावनाओं और हमारी भावना को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाया। स्कूबा डाइविंग के दौरान हुआ हादसा नॉर्थ ईस्ट न्यूज़ ने बताया कि गायक सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग गतिविधि में भाग ले रहे थे, तभी वे समुद्र में गिर गए। उन्हें बचा लिया गया और आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहाँ बाद में उनकी मृत्यु हो गई। गायक शनिवार को सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में प्रस्तुति देने वाले थे। ज़ुबीन गर्ग के बारे में अधिक जानकारी 1972 में मेघालय में जन्मे जुबीन एक असमिया गायक थे, जिनका असली नाम जुबीन बोरठाकुर था। 1990 के दशक में उन्होंने अपने अंतिम नाम की जगह अपना गोत्र, गर्ग, रखकर अपना मंच नाम अपनाया। 2006 में उन्होंने फिल्म गैंगस्टर का गाना 'या अली' गाया। इस चार्टबस्टर की सफलता ने उन्हें देश भर में प्रसिद्धि दिलाई और आगे चलकर कई बॉलीवुड हिट गाने दिए, जिनमें सुबह सुबह और क्या राज है शामिल हैं। 40 से अधिक भाषाओं में गाए गाने जुबीन ने मुख्य रूप से असमिया, बंगाली और हिंदी फिल्म और संगीत उद्योगों में काम किया और गाया, लेकिन 40 से ज्यादा भाषाओं और बोलियों में भी गाया। कई सालों तक उन्हें असम का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला गायक बताया जाता था।

मुंबई को मिलेगी अंडरग्राउंड मेट्रो की सौगात, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को मुंबई जाएंगे. इस दौरान वो मुंबईवासियों को बड़ी सौगात देंगे. पीएम मुंबई के वर्ली से कफ परेड तक की अंडरग्राउंड मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. इस मेट्रो का फर्स्ट फेज सिप्ज एमआईडीसी से आचार्य अत्रे मेट्रो स्टेशन तक शुरू है. पीएम मोदी दूसरे फेज का उद्घाटन करेंगे. मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक इस मेट्रो सर्विस की लाइन 33.5 किमी लंबी होगी. बताया जा रहा है कि इसमें कुल 27 स्टेशन होंगे जिसमें 26 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगी. आरे से वर्ली तक का लगभग 22.5 किमी का हिस्सा पहले से ही शुरू किया जा चुका है. वहीं अब कफ परेड से लेकर वर्ली तक का 11 किमी वाला दूसरा फेज भी आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. सफर की दूरी होगी कम बताया जा रहा है कि अंडरग्राउंड मेट्रो के इस फेज के उद्घाटन के बाद कोलाबा से आरे कॉलोनी तक का सफर एक घंटे से कम समय में पूरा किया जा सकेगा. यानि सड़क के 2-3 घंटे का सफर इस मेट्रो से बहुत कम समय में पूरा होगा. साथ ही यात्रियों का सफर भी आराम दायक रहेगा. क्या बोले सीएम फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेट्रो की जानकारी देते हुए बताया कि आपने (विपक्ष) इतने सालों तक बीडीडी चॉल को विकसित नहीं होने दिया. इस देवा भाऊ ने इसे विकसित किया. उन्होंने कहा कि यह एशिया की सबसे बड़ी परियोजना है. सीएम ने कहा कि 120 फुट की जगह थी, एक मराठी व्यक्ति 520 फुट के घर में चला गया. प्रवीण दारेकर की वजह से, अभ्युदय नगर का एक मराठी व्यक्ति 600 फुट के घर में जाएगा. सीएम ने कहा कि हमने गिरगांव में पुनर्वास भवन भी बनाए. 1600 परियोजनाएं स्व-पुनर्विकास में चली गईं. उन्होंने कहा कि क्या आप इनमें से कम से कम एक भी कर पाए हैं? मुंबई की क्या हालत है जो आपने की है? 2000 के बाद, आपने लगातार मुंबई को पीछे रखने की कोशिश की है. ‘मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई’ देवेंद्र फडणवीस ने कहा पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई है. इस देश का अगला बदलाव डेटा सेंटर है, इसकी 60 फीसदी क्षमता महाराष्ट्र ने पूरी की है. अगर यह अगली क्रांति है, यह महाराष्ट्र का होगा.  

5000 रुपए में गुज़ारा कर रहा हूं – पीएम मोदी के रिश्तेदार का बयान चर्चा में

वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहनगर वडनगर में उनका 75वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया जहां उनके चचेरे भाइयों ने भी उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। गुजरात के मेहसाणा जिले के एक छोटे से शहर वडनगर के लोगों ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर रक्तदान और नेत्र जांच शिविर, प्रसिद्ध हाटकेश्वर महादेव मंदिर में प्रार्थना और स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। भाजपा की वडनगर इकाई के पदाधिकारी भावेश पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के बड़े भाई सोमाभाई मोदी ने बुधवार सुबह नेत्र जांच स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। सुबह साढ़े सात बजे हाटकेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक सपनों को पूरा करने के लिए बहुत पहले ही अपना गृहनगर वडनगर छोड़ दिया था, लेकिन उनके दो चचेरे भाई – भरतभाई मोदी (65) और अशोकभाई मोदी (61) – अब भी वडनगर में रहते हैं। ये दोनों प्रधानमंत्री के पिता दामोदरदास मोदी के छोटे भाई, स्वर्गीय नरसिंहदास मोदी के बेटे हैं। भरतभाई एक छोटे से किराये के मकान में किराने की दुकान चलाते हैं, जबकि अशोकभाई अपनी छोटी सी दुकान में धार्मिक सामग्री और मौसमी सामान बेचते हैं और लगभग 5,000 रुपये प्रति माह कमाते हैं। रिश्ते को भुनाने की कोशिश नहीं अशोकभाई ने अपना पूरा जीवन वडनगर में बिताया है, जबकि भरतभाई चार साल पहले निजी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद यहां लौटे और किराए की दुकान खोली। शहर में लगभग हर कोई जानता है कि दोनों प्रधानमंत्री मोदी के चचेरे भाई हैं, लेकिन वे दशकों से उनसे नहीं मिले हैं और न ही उन्होंने कभी अपने रिश्ते को भुनाने की कोशिश की। वह भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें: भरतभाई भरतभाई ने कहा, ‘हम सभी को गर्व है कि नरेंद्रभाई मोदी जैसे व्यक्ति का जन्म मोदी परिवार में हुआ। मैं उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि वह और अधिक सफलता प्राप्त करें और देश को आगे ले जाएं। वह भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और हम सब इस प्रयास में उनके साथ हैं।’ 'पुलिस मोटरसाइकिल रोकती है तो जुर्माना भरता हूं' उन्होंने कहा, ‘वैसे तो वडनगर में लगभग सभी जानते हैं कि मैं प्रधानमंत्री का चचेरा भाई हूं लेकिन मैंने कभी भी इस रिश्ते का फायदा उठाने की कोशिश नहीं की। मेरा मानना ​​है कि हर किसी को अपनी किस्मत खुद लिखनी चाहिए। अगर ट्रैफिक पुलिस मेरी मोटरसाइकिल रोकती है, तो मैं अपनी पहचान बताकर पुलिस को प्रभावित करने की कोशिश करने के बजाय विनम्रता से जुर्माना भर देता हूं।’ मामूली कमाई, लेकिन कभी मोदी से मदद नहीं मांगी: अशोक भाई अशोकभाई ने यह भी कहा कि मामूली कमाई के बावजूद उन्होंने कभी प्रधानमंत्री मोदी से कोई मदद नहीं मांगी। उन्होंने कहा, ‘नरेंद्रभाई को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करें। हालांकि मैं हर महीने केवल 5,000 रुपये कमाता हूं, लेकिन मैंने कभी मोदी से किसी भी तरह की मदद मांगने के बारे में नहीं सोचा।' दोस्त ने बचपन के बारे में क्या-क्या बताया वडनगर निवासी प्रधानमंत्री के बचपन के दोस्त और सहपाठी दशरथभाई पटेल ने कहा कि मोदी ने 1969 में ही गुजरात के मुख्यमंत्री बनने का सपना देखा था, यानी 2001 में उनके शीर्ष पद संभालने से तीन दशक से भी ज्यादा पहले। प्रधानमंत्री की साधारण शुरुआत का जिक्र करते हुए उन्होंने याद किया कि वडनगर रेलवे स्टेशन पर मोदी के पिता की चाय की दुकान थी और वह (नरेंद्र मोदी) कैसे स्कूल के दिनों में ट्रेन के एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में जाकर यात्रियों को चाय बेचा करते थे। उन्होंने स्मरण करते हुए कहा, ‘मोदी और मैंने वडनगर के प्राथमिक विद्यालय से लेकर विसनगर (मेहसाणा जिले में) के कॉलेज तक साथ-साथ पढ़ाई की। हम आरएसएस की शाखाओं में साथ-साथ जाया करते थे। मोदी और उनके दोस्त एक बार मेरे खेत पर आए थे और हम सबने सूरत के एक स्वादिष्ट व्यंजन 'उंधियू' का आनंद लिया था। हम स्कूल के नाटकों में भी हिस्सा लेते थे।’  

आज से होगी शुरू दानापुर-जोगबनी वंदे भारत , यात्रियों का अभाव

पटना पटना को तिरहुत-मिथिलांचल-सीमांचल से जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस आज से शुरू हो रही है। पटना के दानापुर से जोगबनी तक की यात्रा कराने वाली इस ट्रेन का पूर्व मध्य रेलवे प्रचार ठीक से नहीं कर सका है। यही कारण है कि ट्रेन अभी तक लगभग खाली है। वंदे भारत के चेयर कार में 419 सीटें हैं, जिनमें से 17 सितंबर को सुबह 7:25 बजे तक 61 सीटें ही आरक्षित हुई हैं। इसी तरह एक्जीक्यूटिव क्लास की 40 में से केवल छह सीटें ही बुक हैं। आप चाहें तो इसमें आसानी से टिकट लेकर यात्रा कर सकते हैं। दानापुर से आज खुलेगी, वंदे भारत की ज्यादा सीटें खाली हैं दानापुर से जोगबनी का चेयर कार का टिकट 1310 रुपए का है, जिसमें 308 रुपए कैटरिंग चार्ज शामिल है। उसी हिसाब से अन्य स्टेशनों का टिकट देख सकते हैं। दानापुर-जोगबनी वंदे भारत मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। जोगबनी से यह ट्रेन गुरुवार 18 सितंबर को चलनी शुरू होगी। बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन यह ट्रेन वहां से चलेगी। जोगबनी से दानापुर लाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस कल खुलेगी, लेकिन इसमें गुरुवार सुबह 7:25 तक महज 37 टिकटें चेयर कार और छह टिकटें एक्जीक्यूटिव क्लास में बुक हुई हैं। उधर से यात्रा का टिकट 1145 रुपए है, जिसमें 142 रुपए कैटरिंग चार्ज शामिल है। दानापुर से शाम में खुलेगी, जोगबनी से आधी रात के बाद लौटेगी 26302 दानापुर-जोगबनी वंदे भारत एक्सप्रेस आज शाम दानापुर से 17:10 बजे खुलकर 18:05 बजे हाजीपुर, 18:50 बजे मुजफ्फरपुर, 19:43 बजे समस्तीपुर,  20:23 बजे हसनपुर रोड, 20:38 बजे सलौना, 21:00 बजे खगड़िया, 21:55 बजे सहरसा, 22:23 दौरम मधेपुरा, 23:00 बजे बनमनखी, 23:40 बजे पूर्णिया के बाद अगली तारीख को 00:18 अररिया कोर्ट एवं 00:48 बजे फारबिसगंज रुकते हुए 01:20 बजे जोगबनी पहुंचेगी।26301 जोगबनी-दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस 18 सितंबर को जोगबनी से 03:25 बजे खुलकर 03:35 बजे फारबिसगंज, 04:00 बजे अररिया कोर्ट, 04:50 बजे पूर्णिया, 05:26 बजे बनमनखी, 05:53 बजे दौरम मधेपुरा, 06:20 बजे सहरसा, 07:13 बजे खगड़िया, 07:33 बजे सलौना, 07:48 बजे हसनपुर रोड, 08:23 बजे समस्तीपुर, 09:00 बजे मुजफ्फरपुर, 09:45 बजे हाजीपुर रुकते हुए 11:30 बजे दानापुर पहुंचेगी।  

AI वीडियो मामले में कांग्रेस को कोर्ट से झटका, पटना HC ने दिए हटाने के निर्देश

पटना  कांग्रेस द्वारा पीएम मोदी और उनकी मां के AI वीडियो मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है.अदालत ने कांग्रेस से तत्काल रूप से इस वीडियो को हटाने का निर्देश दिया है. पटना हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश पी.बी. बाजंतरी की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश जारी किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी को अपमानित करने वाला ये वीडियो तत्काल प्रभाव से सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया जाए. दरअसल, 10 सितंबर को बिहार कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया था, जिसमें पीएम मोदी के सपने में उनकी मां का AI-आधारित चित्रण किया गया है.  वीडियो में दिवंगत हीराबेन मोदी का किरदार बेटे को राजनीतिक लाभ के लिए अपने नाम का दुरुपयोग करने पर फटकार लगाता नजर आता है. एक दृश्य में पीएम मोदी जैसा दिखने वाला शख्स बिस्तर पर लेटते हुए कहता है, 'आज की वोट चोरी हो गई, अब अच्छी नींद लो.' फिर सपने में उनकी मां प्रकट होकर उन्हें नसीहत देती हैं. वीडियो को AI GENERATED मार्क किया गया था, लेकिन बीजेपी ने इसे घिनौना और मां का अपमान करार दिया था. साथ ही इस वीडियो को खिलाफ पटना हाईकोर्ट का रुख किया था. बीजेपी ने दर्ज कराई FIR बीजेपी ने अपनी शिकायत में दावा किया गया कि ये वीडियो न केवल प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने वाला है, बल्कि महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन भी है. दिल्ली पुलिस ने पहले ही 13 सितंबर को बीजेपी कार्यकर्ता संकेत गुप्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई. FIR में वीडियो को पीएम मोदी और उनकी मां की छवि को बदनाम करने वाला बताया गया है. कांग्रेस ने किया था बचाव कांग्रेस ने अपनी इस वीडियो का बचाव किया था. पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, 'यह वीडियो किसी का अपमान नहीं करता. मां केवल अपने बच्चे को राजधर्म सिखा रही है, अगर पीएम को ये अपमानजनक लगता है तो ये उनकी समस्या है.' खेड़ा ने जोड़ा कि वीडियो में कोई असम्मान नहीं है और बीजेपी इसे सहानुभूति बटोरने के लिए इस्तेमाल कर रही है. बिहार कांग्रेस ने आंतरिक जांच शुरू की है ताकि पता लगाया जा सके कि वीडियो साझा करने वाले कौन जिम्मेदार थे.

पीएम मोदी धार में खुले जीप से निकले, रास्ते में लोगों का किया अभिवादन

 धार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 75वें जन्मदिन पर आज मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। सुबह इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे यहां से धार के बदनावर पहुंचे हैं। पीएम बदनावर तहसील के भैंसोला गांव में पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखेंगे।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास और कृषि समृद्धि की ऐतिहासिक सुविधा देने जा रहे हैं। पीएम विशेष विमान से इंदौर पहुंचे हैं, यहां से हेलीकॉप्टर द्वारा धार जिले के भैंसोला में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए हैं। यहां खुली जीप में सवार होकर वे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच से निकले और उनका अभिवादन किया। पीएम यहां देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना से सिर्फ टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को ही लाभ नहीं पहुंचेगा बल्कि क्षेत्र के छह लाख कपास उत्पादक किसानों की प्रगति के नए द्वार भी खुलेंगे। पीएम मित्र पार्क से तीन लाख रोजगार सृजित होंगे। वह करीब सवा घंटे मध्य प्रदेश में रहेंगे। यह कदम न सिर्फ धार को काटन कैपिटल बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फार लोकल’ जैसे विजन को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री के उस सपने को साकार करेगी, जिसमें किसान का खेत, उद्योग का धागा और भारत का परिधान सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश व केंद्र के वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। भैंसोला में 2158 एकड़ भूमि पर 2100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला पार्क प्रदेश का कपास आधारित सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश प्रोजेक्ट है। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य 65% पूरा हो चुका है। धार के जिस भैंसोला गांव का चयन पीएम मित्रा पार्क के लिए किया गया है, वह रेल नेटवर्क, हवाई नेटवर्क, हाईवे और पोर्ट से जुड़ा हुआ है। यहां से इंदौर एयरपोर्ट मात्र सवा घंटे और 4 लेन हाईवे सिर्फ आधा घंटे की दूरी पर है। यहां तैयार गारमेंट्स को विदेश में सीधे एक्सपोर्ट करने के लिए गुजरात के कांडला पोर्ट मात्र 12 घंटे में पहुंचा जा सकता है। इस पार्क से मालवा-निमाड़ के कॉटन उत्पादक किसानों को फायदा होगा। इसमें तीन लाख लोगों को रोजगार मिलने का दावा भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, धार के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप भी मौजूद रहेंगे। ये भी होंगे आयोजन     स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान का शुभारंभ करेंगे।     सेवा पर्व की शुरुआत करेंगे।     एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत पीएम महिला स्व-सहायता समूह की एक महिला को पौधा भेंट करेंगे।     सुमन सखी चैटबाट का लोकार्पण करेंगे।     सिकल सेल स्क्रीनिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण करेंगे। कपास उत्पादक किसानों में नया जोश भरेगा पार्क मप्र कपास उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। विशेषकर मालवा और निमाड़ अंचल- इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जैसे जिलों में कपास की भरपूर पैदावार होती है। तीन वर्षों में यहां लाखों टन कपास उत्पादन हुआ है। अब तक यह कपास बाहर भेजा जाता था, लेकिन पीएम मित्र पार्क शुरू होने के बाद यही कपास धागा बनेगा, वस्त्र में ढलेगा और परिधान के रूप में अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री मोदी के विजन फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और फारेन को मूर्त रूप देने वाला यह पार्क किसानों, उद्योगपतियों और निर्यातकों सभी के लिए नए अवसर खोलेगा।  

बिहार को मिलेगी बड़ी सौगात! PM मोदी करेंगे नेशनल मखाना बोर्ड और एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन

पूर्णिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल कोलकाता में सशस्त्र बलों के संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. एक महीने से भी कम समय में प्रधानमंत्री का यह दूसरा बंगाल दौरा होगा. अधिकारियों ने बताया कि 15 से 17 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित अन्य लोग भी शामिल होंगे.  पीएम मोदी असम के जोरहाट से आज शाम कोलकाता पहुंचेंगे और यहां राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे. अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री 15 सितंबर की सुबह भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय विजय दुर्ग (पूर्व में फोर्ट विलियम) में संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने 22 अगस्त को अपने पिछले पश्चिम बंगाल दौरे पर 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया था.    उन्होंने कोलकाता में तीन मेट्रो रेलवे लाइनों का उद्घाटन करने के बाद, नोआपाड़ा से जय हिंद एयरपोर्ट स्टेशन तक की यात्रा भी की थी, जिसके दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों और मेट्रो निर्माण श्रमिकों के साथ बातचीत की थी. प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में शस्त्र बलों के संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद 15 सितंबर की दोपहर कोलकाता से बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना होंगे. वह यहां 36,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री पूर्णिया एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल का भी उद्घाटन करेंगे, जो इस क्षेत्र की हवाई संपर्क की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा. वह राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का उद्घाटन भी करेंगे, जिसकी स्थापना की घोषणा इस साल की शुरुआत में केंद्रीय बजट में की गई थी. पीएम मोदी मखाना को सुपर फूड कहते हैं, जिसकी बिहार में बहुतायत में खेती होती है. देश के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा बिहार में ही होता है. पीएम मोदी के दौरे को लेकर पूर्णिया में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जहां नेशनल और स्टेट हाईवे पर वाहनों का परिचालन भी आज मध्य रात्रि से 24 घंटे के लिए स्थगित रहेगा. 

इंदिरा गांधी के बाद पहली बार फोर्ट विलियम जाएंगे पीएम मोदी, 15 सितंबर को होगा बड़ा सैन्य सम्मेलन

कोलकाता  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद फोर्ट विलियम (अब विजय दुर्ग) का दौरा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे. वह 15 से 17 सितंबर तक फोर्ट विलियम में आयोजित होने वाले एक हाई-प्रोफाइल त्रि-सेवा संयुक्त कमांडर सम्मेलन में भाग लेंगे. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा सचिव मौजूद रहेंगे. इस सम्मेलन के मद्देनजर कोलकाता को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं. प्रधानमंत्री मोदी रविवार रात कोलकाता पहुंचेंगे और राजभवन में रुकेंगे. सोमवार, 15 सितंबर की सुबह प्रधानमंत्री मोदी इस उच्च स्तरीय रक्षा सम्मेलन में भाग लेंगे. कोलकाता में क्यों हो रहा है सम्मेलन? ये हैं वजह लेकिन यह सम्मेलन कोलकाता ही क्यों हो रहा है? क्या यह 2026 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हो रहा है? या पश्चिम बंगाल की वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर यहां सम्मेलन हो रहा है? पश्चिम बंगाल और सिक्किम की चार अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं हैं: 1. पूर्व में बांग्लादेश, 2. भूटान (उत्तर पूर्व), 3. चीन (उत्तर), 4. नेपाल (उत्तर पश्चिम). यदि 7 सिस्टर्स स्टेट को ध्यान में रखा जाए, तो पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों की सीमा से लगे पड़ोसी देश हैं: 1. चीन, 2. म्यांमार, 3. बांग्लादेश, 4. भूटान और 5. नेपाल. 1) मणिपुर में अशांति, 2) म्यांमार में उग्रवाद, 3) बांग्लादेश में विद्रोह, 4) नेपाल में विद्रोह, 5) म्यांमार सीमा पर घुसपैठ, 6) बांग्लादेश और नेपाल सीमा से घुसपैठ, 7) भूटान के साथ संबंध, इस त्रि-सेवा सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे रहे होंगे, जो फोर्ट विलियम में आयोजित किया जाएगा. क्यों खास हैसंयुक्त कमांडर सम्मेलन? पूर्वी कमान के सूत्र और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश की ओर भारतीय सीमा के पास चीन ने जो कुछ विकसित किया है, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पूर्वी कमान में युद्ध की तैयारियों की वर्तमान आवश्यकताओं को समझने की कोशिश करेंगे. पूर्वी कमान में भारत की चीन के साथ सबसे ऊंची सीमा सिक्किम रामगढ़ में 19100 फीट की ऊंचाई पर, भूटान और चीन के साथ डोकलाम सीमा त्रि-जंक्शन 13700 फीट की ऊंचाई पर, चीन के साथ अरुणाचल सीमा (किबितु) 4300 फीट की ऊंचाई पर और समुद्र तल पर बांग्लादेश के साथ भी लगती है. यह भौगोलिक विविधता सेना पर रसद, गोला-बारूद और गोला-बारूद में विविधता बनाए रखने का दबाव डालती है.प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित यह त्रि-सेवा सम्मेलन भारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा.

कांग्रेस घुसपैठियों की रक्षक, देश विरोधियों की हमदर्द – पीएम मोदी का आरोप

असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के दरांग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए जनता को कांग्रेस के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग हमारी सेना की बजाय आतंकियों को पालने वालों के एजेंडों को आगे बढ़ाते हैं। पाकिस्तान का झूठ कांग्रेस का एजेंडा बन जाता है। इसलिए आपको कांग्रेस के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए। पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब पूरा देश आतंक से लहूलुहान होता था और कांग्रेस चुपचाप खड़ी रहती थी। आज हमारी सेना 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाती है, पाकिस्तान के कोने-कोने से आतंक को उखाड़ फेंकती है, लेकिन कांग्रेस के लोग पाकिस्तान की सेना के साथ खड़े हो जाते हैं। कांग्रेस के लोग हमारी सेना की बजाय आतंकियों को पालने वालों के एजेंडों को आगे बढ़ाते हैं। पाकिस्तान का झूठ कांग्रेस का एजेंडा बन जाता है, इसलिए आपको कांग्रेस के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस के लिए अपने वोट बैंक का हित सबसे बड़ा है। कांग्रेस देशहित की कभी परवाह नहीं करती है। आज कांग्रेस देशविरोधियों और घुसपैठियों की भी रक्षक बन चुकी है। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब वह घुसपैठ को बढ़ावा देती थी और आज कांग्रेस चाहती है कि घुसपैठिए हमेशा के लिए भारत में बस जाए और भारत का भविष्य घुसपैठिए तय करें।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "दशकों तक कांग्रेस ने असम पर शासन किया, फिर भी उन्होंने 60-65 वर्षों में ब्रह्मपुत्र नदी पर केवल तीन पुल बनाए। इसके विपरीत, जब आपने हमें अवसर दिया, तो हमने केवल एक दशक में छह नए पुल बनाए। यह स्वाभाविक है कि आप हमारे प्रयासों की सराहना करेंगे और हमें अपना समर्थन देंगे। केवल नौ दिनों में नवरात्रि के पहले दिन, जीएसटी दरों में उल्लेखनीय गिरावट आने वाली है, जिससे देश के लोगों को काफी लाभ होगा। इस कमी से सीमेंट, बीमा, मोटरसाइकिल और कारों की कीमतों में भारी कमी आएगी।"

PM मोदी बोले – मां को गाली देने वालों को भी माफ करता हूं, शिव का भक्त हूं

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने खुद को भगवान शिव का भक्त बताया। उन्होंने कहा कि कोई मुझे कितनी भी गाली दे, मैं सारा जहर निगल जाता हूं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि मेरा रिपोर्ट कंट्रोल सिर्फ देश की 140 करोड़ जनता है, वही मेरा मालिक है। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भूपेन हजारिका का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार भूपेन हजारिका जैसे असम के महान सपूतों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने कहा, "मेरे लिए तो जनता-जनार्दन ही मेरा भगवान है। मेरे भगवान के पास जाकर मेरी आत्मा की आवाज नहीं निकलेगी तो और कहां निकलेगी। यही मेरे मालिक हैं, यही मेरे पूजनीय हैं, यही मेरा रिमोट कंट्रोल हैं और कोई मेरा रिमोट कंट्रोल नहीं है। 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट कंट्रोल हैं।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम के दरांग में 6,300 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना की भी आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार असम आया हूं। गौरतलब है कि पिछले दिनों इंडिया गठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के समय बिहार के दरभंगा में एक मंच से विपक्षी दलों के कुछ कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी और उनके मां को गाली दी थी जिसका वीडियो सामने आया था। इस मामले में बिहार भाजपा की तरफ से एक प्राथमिकी दर्ज करवाई थी जिसमे कहा गया था कि वोटर अधिकार यात्रा के एक कार्यक्रम के दौरान मंच से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली दी गई। इस मामले में दरभंगा जिले की पुलिस ने सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भवानीपुर पंचायत (वार्ड सं० 1) के भपुरा गंव निवासी अनीश कुरैशी के पुत्र मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार किया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत वर्तमान में दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश है और असम इसके सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में से एक है। कभी विकास के साथ तालमेल बिठाने के लिए संघर्ष कर रहा असम अब काफी बदल गया है और 13% की विकास दर के साथ उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। यह प्रभावशाली उपलब्धि यहां के लोगों के दृढ़ संकल्प और समर्पण का प्रमाण है। यह असम के लोगों की कड़ी मेहनत और भाजपा की डबल इंजन सरकार के योगदान से प्रेरित सहयोगात्मक प्रयासों का भी परिणाम है। यही कारण है कि हिमंत बिस्वा सरमा जी और उनकी टीम को असम के लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है।"