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पीएम मोदी 17 सितंबर को धार में मनाएंगे जन्मदिन, करेंगे सेवा पर्व और सुमन सखी चैटबॉट का शुभारंभ

धार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्मदिन पर 17 सितंबर को धार जिले के बदनावर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करने के साथ ही स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान, सुमन सखी चैटबॉट का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान पोषण माह का राष्ट्रीय स्तर पर उद्घाटन और लाभार्थियों को पीएमएमवीवाई की किस्त का हस्तांतरण किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में आदि सेवा पर्व का शुभारंभ भी किया जाएगा, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस दौरे को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार धार जिले से इतने बड़े पैमाने पर जनकल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत होगी। इन अभियानों से ग्रामीण और आदिवासी समाज की भागीदारी बढ़ेगी तथा महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी अधिक जानकारी मिलेगी।   साथ ही, जनजातीय पंचायतों में विकास की ठोस योजना तैयार होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम न केवल सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का भी आधार बनेगा। डिजिटल इंडिया के विजन को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश सरकार अब स्वास्थ्य सेवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने जा रही है। सुमन सखी चैटबाॅट इसी का हिस्सा है, इसके जरिये महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान देखभाल, जोखिम कारकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। खास बात यह है कि यह चैटबाॅट हिंदी भाषा में होगा और वाट्सऐप पर आसानी से उपयोग किया जा सकेगा।आदि सेवा पर्व के दौरान सभी जनजातीय बहुल गांव के लोग अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में गांव के विकास के बारे में चर्चा-परिचर्चा करेंगे। गांव की विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय बहुल ग्राम पंचायतों में आदि सेवा केंद्र बनाए जाएंगे।प्रधानमंत्री इसके साथ ही प्रधानमंत्री एक बगिया मां के नामअभियान में भागीदारी के प्रतीक के रूप में महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण, सिकल सेल स्क्रीनिंग काउंसलिंग कार्ड का वितरण करेंगे।

भविष्य की वॉर मशीन भारत में: PM मोदी करेंगे दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा डील का ऐलान

नई दिल्ली  भारतीय वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने का आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। यह कदम बताता है कि भारत का भरोसा अब भी फ्रांस के राफेल पर पूरी तरह कायम है। अगर यह डील फाइनल होती है तो यह दुनिया के सबसे बड़े रक्षा समझौतों  में से एक होगी।यह खरीद MRFA (मीडियम रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) कार्यक्रम के तहत होगी और इसका अनुमानित मूल्य  2 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।भारतीय वायुसेना ने 114 विमानों का प्रस्ताव (SoC-Statement of Case)  रक्षा मंत्रालय को भेज दिया है। अब इस पर रक्षा और वित्त मंत्रालय समेत अन्य विभाग विचार करेंगे। इसके बाद यह मामला जाएगा  रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) और फिर  रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC)  के पास। मंजूरी मिलते ही औपचारिक डील पर हस्ताक्षर होंगे।   नया F4 वैरिएंट "सुपर राफेल"? फ्रांस की कंपनी  डसॉल्ट एविएशन ने राफेल का एडवांस वैरिएंट  F4  पेश किया है। इसे "सुपर राफेल" कहा जा रहा है क्योंकि:     इसमें बेहतर राडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता  है।     इसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन और नए हथियार सिस्टम जोड़े गए हैं।     यह पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स के काफी करीब है, हालांकि इसमें पूरी तरह से "स्टील्थ" तकनीक नहीं है।     F4 जेट्स से भारतीय वायुसेना को  6-7 नए स्क्वाड्रन  मिल सकते हैं।     अभी भारत के पास सिर्फ 2 स्क्वाड्रन राफेल के हैं। भारत के पास  मौजूदा राफेल (F3R वैरिएंट) की खासियत     भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल F3R वैरिएंट खरीदने के लिए लगभग  59,000 करोड़ रुपए की डील की थी।     यह जेट 2020 से भारतीय वायुसेना में शामिल हैं।      भारत के लिए इसमें 13 विशेष बदलाव किए गए।      इसमें लगी SCALP क्रूज मिसाइल  250 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक वार कर सकती है और इसमें 450 किलोग्राम का वारहेड होता है।      चीन के साथ 2020 के लद्दाख विवाद के समय राफेल को तैनात किया गया था।      पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर  के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर हमला करने के लिए भी राफेल का इस्तेमाल किया गया।      इन अनुभवों ने राफेल की ताकत और विश्वसनीयता को साबित कर दिया।       दुनिया में F4 की मांग संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पहले ही फ्रांस से F4 वैरिएंट खरीदने की डील कर ली है। भारत भी अब उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यदि यह डील होती है तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा जिनके पास राफेल का सबसे एडवांस वैरिएंट  होगा।भारत यह डील करता है तो वायुसेना की संख्या और ताकत दोनों बढ़ेगी। भारत के पास ऐसा फाइटर जेट होगा जो आने वाले दशकों तक दुश्मनों पर  स्पष्ट तकनीकी बढ़त बनाए रखेगा। चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए यह एक  स्ट्रॉन्ग स्ट्रैटेजिक मैसेज  होगा।

उड़ान रद्द, रोड पर सफर: PM मोदी ने मणिपुर में पीड़ितों से की मुलाकात

इम्फाल  भारी बारिश और खराब मौसम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर जातीय हिंसा के पीड़ितों से मिलने से नहीं रोक सका. पीएम मोदी शनिवार को मणिपुर के इम्फाल पहुंचे तो भारी बारिश हो रही थी. 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह राज्य का उनका पहला दौरा था. मई 2023 में मणिपुर में घाटी में रहने वाले प्रमुख मैतेई समुदाय और पहाड़ों पर रहने वाले कुकी-जो समुदाय के बीच जातीय संघर्ष छिड़ गया. इस हिंसा में 250 से ज्यादा लोग मारे गए. हिंसा के कारण लगभग 60,000 लोग विस्थापित भी हुए, जो अब भी सरकार द्वारा स्थापित अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं. प्रधानमंत्री का पहला पड़ाव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित चुराचांदपुर शहर का पीस ग्राउंड था. इसके बाद वे सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व वाले कंगला किले पर पहुंचे. चुराचांदपुर वह स्थान है जहां कुकी-जो लोग रहते हैं, और इम्फाल जो मैतेई लोगों का गढ़ है, दोनों के बीच 61 किमी की दूरी है. अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि बारिश के कारण चुराचांदपुर तक हेलीकॉप्टर से यात्रा के लिए मौसम अनुकूल नहीं है. रैली स्थल सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ घंटे की दूरी पर है. प्रधानमंत्री ने तय किया कि वह सड़क मार्ग से रैली स्थल पहुंचेंगे. सूत्रों ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे कितना भी समय लगे, वह अवश्य पहुंचेंगे, ताकि लोगों से बातचीत कर सकें. और उन्होंने ऐसा ही किया. पीएम मोदी ने चुराचांदपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं. इतनी भारी बारिश में भी आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए. मैं आपके प्यार के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं. भारी बारिश के कारण मेरा हेलीकॉप्टर नहीं आ सका, इसलिए मैंने सड़क मार्ग से आने का फैसला किया. आज मैंने सड़क पर जो दृश्य देखे, मेरा दिल कह रहा है कि अच्छा हुआ कि आज मेरा हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा और मैं सड़क मार्ग से आया. रास्ते भर तिरंगा हाथ में लिए हुए सभी ने मुझे जो प्यार और स्नेह दिया, मैं इस पल को जीवन में कभी नहीं भूल सकता. मैं सिर झुकाकर मणिपुर के लोगों को नमन करता हूं.' प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार हिंसा प्रभावित राज्य में जीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रयासरत है. उन्होंने कहा, 'मणिपुर में जीवन को पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं आज आपसे वादा करता हूं कि मैं आपके साथ हूं. भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है.' उन्होंने सभी समूहों से अपने सपनों को साकार करने के लिए शांति का मार्ग अपनाने की अपील भी की.

मिजोरम और मणिपुर में PM मोदी का हमला: कहा- वोट बैंक की राजनीति ने पूर्वोत्तर की प्रगति रोकी

इंफाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्थईस्ट में मिजोरम और मणिपुर के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान सबसे पहले मिजोरम पहुंचे, जहां उन्होंने मिजोरम को को दिल्ली, गुवाहाटी और कोलकाता से जोड़ने वाली तीन नयी एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री मोदी ने मिजोरम की राजधानी आइजोल को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली 8,070 करोड़ रुपये की बैराबी-सैरांग लाइन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हुए पीएम मोदी ने कहा कि चाहे स्वतंत्रता आंदोलन हो या राष्ट्र निर्माण, मिजोरम के लोगों ने काफी योगदान दिया है। मिजोरम के लिए ऐतिहासिक दिन, आइजोल अब रेल मानचित्र पर आ गया है। बैराबी-सैरांग रेल लाइन से मिजोरम की जनता के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से पूरे क्षेत्र में शैक्षिक, सांस्कृतिक, आर्थिक संबंध मजबूत होंगे, रोजगार सृजित होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पीएम ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण पूर्वोत्तर को बहुत नुकसान हुआ। जो पहले उपेक्षित थे वे अब सबसे आगे हैं, जो पहले हाशिये पर थे वे आज मुख्यधारा में हैं। पीएम ने कहा कि केंद्र पिछले 11 वर्षों से पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहा है, यह क्षेत्र अब भारत का विकास इंजन है। मिजोरम 'एक्ट ईस्ट' नीति में प्रमुख भूमिका निभाएगा; कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट परियोजना, रेल लाइन राज्य को दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर का भी दौरा करेंगे। मणिपुर में वह चूड़ाचांदपुर एवं इंफाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे। मणिपुर में दो वर्ष पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद मोदी का यह राज्य का पहला दौरा होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री 8,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे। मोदी के दौरे के मद्देनजर इंफाल और चूड़ाचांदपुर जिला मुख्यालय शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री के सभा स्थलों इंफाल में लगभग 237 एकड़ में फैले कांगला किले और चूड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड तथा उसके आसपास बड़ी संख्या में राज्य और केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मणिपुर के समावेशी, सतत और समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री चूड़ाचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।'' इसमें कहा गया कि मोदी इंफाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने प्रधानमंत्री के दौरे की शुक्रवार को पुष्टि की। राज्य का मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब विपक्षी दल कुकी और मेइती समुदायों के बीच जातीय संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री द्वारा मणिपुर का दौरा नहीं करने के लिए कई बार आलोचना कर चुके हैं। मई 2023 से हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए। गोयल ने प्रधानमंत्री के दौरे की जानकारी देते हुए बताया, ‘‘दोपहर करीब 12:15 बजे चूड़ाचांदपुर पहुंचने पर वह सबसे पहले जिले के आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) से बातचीत करेंगे। वह राज्य में शुरू की जाने वाली विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री चूड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।'' मुख्य सचिव ने कहा, ‘‘इसके बाद, वह अपराह्न लगभग 2:30 बजे कांगला पहुंचकर सबसे पहले आंतरिक रूप से विस्थापित कुछ लोगों से बातचीत करेंगे। वह विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कांगला में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।'' परियोजनाओं में, प्रधानमंत्री इंफाल के मंत्रिपुखरी में 101 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए मणिपुर पुलिस मुख्यालय और उसी इलाके में 538 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक नागरिक सचिवालय का उद्घाटन करेंगे। चूड़ाचांदपुर से मोदी विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें 3,647 करोड़ रुपये की जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना और 550 करोड़ रुपये की मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट (एमआईएनडी) परियोजना शामिल है। यद्यपि मोदी के दौरे की आधिकारिक घोषणा शुक्रवार को ही की गई थी, लेकिन इसके बारे में लगभग दो सप्ताह से चर्चा जारी थी और मणिपुर सरकार ने बृहस्पतिवार शाम को एक बड़ा सूचना-पट्ट लगाया था। इसमें शनिवार को चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड और इंफाल के कांगला किले में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की घोषणा की गई थी।

मिजोरम पहुंचे पीएम मोदी, आइजोल-दिल्ली ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

 आइजोल नॉर्थईस्ट में मिजोरम और मणिपुर के लोगों के लिए शनिवार का दिन काफी बड़ा दिन है. इस दिन प्रधानमंत्री कई सारे प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने मिजोरम को हजारों करोड़ के प्रोजेक्‍ट की सौगात दी. मिजोरम की राजधानी आइजोल से उन्‍होंने तीन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई. अब नॉर्थईस्‍ट का यह महत्‍वपूर्ण राज्‍य नेशनल कैपिटल दिल्‍ली से सीधे जुड़ गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिजोरम के बाद मणिपुर जाएंगे. बताया जा रहा है कि इंफाल में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. आइजोल से आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस मिजोरम के लिए वरदान से कम नहीं है. यह सप्ताह में एक दिन चलेगी और 2510 किलोमीटर का सफर 45 घंटे 30 मिनट में  पूरा करके दिल्ली पहुंचेगी. इस ट्रेन की एवरेज स्पीड 57.8 1 किलोमीटर प्रति घंटे होगी. दूसरी ट्रेन सैरंग से कोलकाता के बीच चलेगी. यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी. कोलकाता से सैरंग के बीच की 1530 किलोमीटर की दूरी 31.15 घंटे में पूरी होगी. यह ट्रेन सप्ताह में शनिवार, मंगलवार और बुधवार को चलेगी. इस ट्रेन की एवरेज स्पीड 48.96 किलोमीटर प्रति घंटे होगी. पीएम मोदी ने 05609 बरबई से कोलकाता, 05610 सायरंग से गुवाहाटी ओर सायरंग से आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलने वाली ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि बरबई से सायरंग के बीच बनी नई रेल लाइन पर्वतीय क्षेत्र होकर गुजरी है। इस क्षेत्र में रेल लाइन बनाना बड़ा दुष्कर कार्य था, लेकिन रेलवे के इंजीनियर्स और कर्मचारियों ने कठिन परिश्रम से यह कार्य पूरा कर दिखाया है। उन्होंने बताया कि इस लाइन पर 45 सुरंगे और 55 बड़े व 88 छोटे पुल हैं। 5 रोड ओवर ब्रिज और 6 रोड अंडर ब्रिज हैं। पीएम मोदी ने एक और ट्रेन का हरी झंडी दिखाई. यह ट्रेन सैरंग से गुवाहाटी के बीच चलेगी. यह ट्रेन सैरंग से दिन में 12:30 बजे प्र‍स्‍थान करेगी और आधी रात के बाद 2:30 बजे गुवाहाटी पहुंच जाएगी. इसके साथ ही एक मालगाड़ी भी सैरंग से निकलेगी जहां पर देश के दूसरे हिस्सों से जरूर की बुनियादी चीज सैरंग आएगी, जिससे कि आइजोल में कीमतें कम होगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सैरंग में सीमेंट, छड़ इत्यादि लेकर ट्रेन आएगी, जिससे कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (जो कुछ भी मिजोरम के आइजोल में चल रही है) में गति आएगी. इससे चीजों की कीमतें भी कम होंगी. बता दें कि पीएम मोदी 9:25 पर आइजोल एयरपोर्ट पहुंचेंगे और उसके बाद 10:10 पर असम राइफल्स के मैदान में पहुंचेंगे. यहां वह जनता को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी 11:10 पर असम राइफल ग्राउंड से निकलेंगे और 11:30 पर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. पीएम मोदी 12:15 पर मणिपुर के चुरा चंद्रपुर पहुंच जाएंगे. कुतुब मीनार से भी अधिक ऊंचा पुल रिपोर्ट के मुताबिक, पुल संख्या 144 तो रेलवे पुलों में दूसरा सबसे ऊंचा पुल है। इसकी ऊंचाई दिल्ली की कुतुब मीनार से भी अधिक है। यह 114 मीटर ऊंचा यह पुल कुतुब मीनार से 42 मीटर ऊंचा है। बरबई से सायरंग के बीच की पूरी रेल लाइन हरे-भरे पहाड़ों और घाटियों के बीच होकर गुजरती है। कुमार ने बताया कि इस लाइन के बन जाने से आइजोल रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे यहां के लोगों को देश के अन्य स्थानों पर आने-जाने में बड़ी सहूलियत होगी। देश के अन्य भागों से यहां माल ढुलाई आसान हो जाएगी। यहां के उत्पाद दूसरी जगहों पर भी रेल मार्ग से भेजा जा सकेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही यहां के लोगों की आय भी बढ़ेगी। आवागमन के साधन सुलभ हो जाने से यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मणिपुर को हजारों करोड़ का प्रोजेक्‍ट प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे मणिपुर की राजधानी इंफाल सीधे नहीं जा रहे हैं. इसके बजाय वे पहले चुराचांदपुर जाएंगे, फिर इंफाल जाएंगे. चुराचांदपुर कुकी समुदाय का गढ़ है. यह वह जिला है जहां सबसे अधिक हिंसा हुई थी. हिंसा में कम से कम 260 लोग मारे गए थे. हजारों लोग बेघर हो गए थे. प्रधानमंत्री मोदी चुराचांदपुर जाकर संदेश देना चाहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी यहां विस्थापित लोगों से मिलेंगे. वे 7,300 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की नींव रखेंगे. चुराचांदपुर के बाद प्रधानमंत्री मोदी इंफाल जाएंगे. इंफाल मैतेई समुदाय का प्रमुख क्षेत्र है. वहां वे 1,200 करोड़ रुपये की योजनाओं का शुभारंभ करेंगे.  मिजोरम में मिलेंगे रोजगार के अवसर – पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि पहली बार मिजोरम का सैरांग राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सीधे जुड़ेगा. यह सिर्फ एक रेलवे नहीं है, बल्कि परिवर्तन की जीवनरेखा है. यह मिजोरम के लोगों के जीवन और आजीविका में क्रांति लाएगी. मिजोरम के किसान और व्यवसाय देश भर के ज्यादा बाजारों तक पहुंच पाएंगे. लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बेहतर अवसर भी मिलेंगे. इस विकास से कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे. बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन एक हकीकत बन गई  मिजोरम में वर्चुअल तरीके से रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज से आइजोल भारत के रेलवे मैप पर होगा. कुछ साल पहले मुझे आइजोल रेलवे लाइन की आधारशिला रखने का अवसर मिला था और आज हम इसे देश के लोगों को समर्पित करते हैं. कठिन भूभाग सहित कई चुनौतियों को पार करते हुए यह बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन एक हकीकत बन गई है. हमारे इंजीनियरों के कौशल और हमारे श्रमिकों की भावना ने इसे संभव बनाया है. हमारे दिल हमेशा एक-दूसरे से सीधे जुड़े रहे हैं. पहली बार मिजोरम में सैरांग राजधानी एक्सप्रेस द्वारा दिल्ली से सीधे जुड़ेगा.’  मिज़ोरम भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा – पीएम मोदी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे स्वतंत्रता आंदोलन हो या राष्ट्र निर्माण, मिज़ोरम के लोग हमेशा योगदान देने के लिए आगे आए हैं. त्याग और सेवा, साहस और करुणा, ये मूल्य मिज़ो समाज के केंद्र में हैं. आज मिज़ोरम भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. यह राष्ट्र के लिए विशेषकर मिज़ोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. आपके प्‍यार और स्‍नेह को महसूस कर रहा हूं- पीएम मोदी पीएम मोदी लाइव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं यहां … Read more

धार दौरे की तैयारियां तेज़, पीएम मोदी का ‘भारत-1’ विमान इंदौर में लैंड

इंदौर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) के 17 सितंबर को प्रस्तावित धार दौरे के पहले उनका बोइंग-777 (भारत-1) विमान इंदौर एयरपोर्ट पहुंचा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस विमान अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान के जैसा ही है। ट्रायल के तौर पर भारत-1 विमान दोपहर 12.40 बजे एयरपोर्ट पर उतरा और करीब 25 मिनट रुकने के बाद फिर से दिल्ली की ओर उड़ गया। हेलिकॉप्टर से जाएंगे धार मालूम हो पीएम 17 सितंबर को इंदौर एयरपोर्ट पर इसी विमान से आएंगे और यहां से हेलिकॉप्टर से धार पहुचेंगे। दो दिन पहले मोदी के हेलिकॉप्टर इंदौर आ जाएंगे, इनकी संख्या तीन से पांच हो सकती है। यह विमान पहले भी ट्रायल के लिए इंदौर आ चुका है। एयरपोर्ट को इसकी सूचना दो दिन पहले मिल गई थी। विमान को उतारने का ट्रायल सुरक्षा और अन्य तकनीकी मापदंडों को परखने के लिए किया गया है। गुरुवार को ट्रायल के लिए सभी तैयारियां पूरी रखी गई। विमान की एयरपोर्ट पर लैंडिंग के सभी सुरक्षा मानक सही मिले। इन खूबियों से लैस है भारत-1     यह 35 हजार फीट ऊंचाई पर 1,013 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।     एक बार में 6800 मील की दूरी तय कर सकता है।     अधिकतम 45,100 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।     इसे एयरफोर्स ऑपरेट करती है। इस पर किसी तरह के अटैक का असर नहीं होता।     बैठने, सोने से लेकर मीटिंग समेत संचार की हर तकनीक इसमें मौजूद है।

‘ज्ञान भारतम् पोर्टल’ का शुभारंभ आज, पीएम मोदी लेंगे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में 'ज्ञान भारतम्' पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य भारत की अमूल्य पांडुलिपि धरोहर को फिर से जीवंत बनाना और उसे वैश्विक ज्ञान संवाद के केंद्र में लाना है। पीएम मोदी इस अवसर पर 'ज्ञान भारतम् पोर्टल' का शुभारंभ करेंगे, जो पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा। सम्मेलन का आयोजन 11 सितंबर से शुरू हुआ है, जो 13 सितंबर तक चलेगा और इसका मुख्य विषय है "पांडुलिपि धरोहर के माध्यम से भारत के ज्ञान धरोहर को पुनः प्राप्त करना।" इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख विद्वान, संरक्षणकर्मी, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और नीति विशेषज्ञ एकत्र होंगे। वे भारत की बेजोड़ पांडुलिपि धरोहर को पुनर्जीवित करने के रास्तों पर चर्चा करेंगे और उसे वैश्विक ज्ञान चर्चा में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें दुर्लभ पांडुलिपियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, पांडुलिपि संरक्षण, डिजिटलीकरण प्रौद्योगिकियां, मेटाडेटा मानक, कानूनी ढांचे, सांस्कृतिक कूटनीति, और प्राचीन लिपियों का लेखन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्वानों द्वारा प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत के प्राचीन ज्ञान और संस्कृति को पुनः जागृत करना है। पांडुलिपियां हमारे ऐतिहासिक ज्ञान, विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और दर्शन का अमूल्य स्रोत हैं, जिन्हें सुरक्षित रखने और उन्हें डिजिटल रूप में दुनिया भर में उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से, पांडुलिपियों को डिजिटलीकरण के जरिये संरक्षित किया जाएगा, जिससे उन्हें कहीं से भी एक्सेस किया जा सकेगा और उनकी जानकारी दुनिया भर में साझा हो सकेगी। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान, सरकार के इस कदम को लेकर संस्कृति, तकनीकी विकास और शोध जगत में एक नई दिशा दिखने की उम्मीद जताई जा रही है।

भारत और मॉरीशस ने लिया बड़ा आर्थिक कदम, काशी में हुई समझौता से डॉलर की पकड़ कमजोर

वाराणसी मॉरीशस के साथ भारत की काशी में द्वि‍पक्षीय बैठक में एक अहम फैसला स्‍थानीय मुद्रा में कारोबार रहा है। इस फैसले के बाद अब वैश्‍व‍ि‍क कारोबार में आपसी मुद्रा में ही लेन देन शुरू होगा। इसकी वजह से अब दोनों देशों के कारोबार में डालर का वर्चस्‍व टूट गया है।  बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय वार्ता ने देश- दुनिया को कई बड़े संदेश दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-मारीशस के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि भारत और मारीशस सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। पिछले साल मारीशस में यूपीआइ और रुपे कार्ड लांच किए गए थे। अब हम लोकल करेंसी में व्यापार को सक्षम करने की दिशा में काम करेंगे।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी होटल ताज में गुरुवार को भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय वार्ता को संबोधित कर रहे थे। कहा कि ये मेरे लिए गर्व का विषय है कि मुझे अपने संसदीय क्षेत्र में आपका स्वागत करने का अवसर मिल रहा है। चिर काल से काशी भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक रही है। इसके अलावा दोनों देशों में कारोबार के साथ ही रुपे कार्ड ही नहीं बल्‍क‍ि यूपीआई का भी प्रयोग शुरू हो चुका है। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच डालर में कारोबार का वर्चस्‍व अब टूट चुका है।    हमारी संस्कृति और संस्कार, सदियों पहले भारत से मारीशस पहुंचे और वहां की जीवन-धारा में रच-बस गए। काशी में मां गंगा के अविरल प्रवाह की तरह भारतीय संस्कृति का सतत प्रवाह मारीशस को समृद्ध करता रहा है। यह केवल औपचारिक नहीं बल्कि एक आत्मिक मिलन है। मार्च में मुझे मारीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला था।मारीशस भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और विजन महासागर का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। मार्च में मुझे मारीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला। उस समय हमने अपने संबंधों को उन्नत रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया।   वोस्ट्रो अकाउंट खोलने से म‍िलेगी सुव‍िधा दो देशों के बीच आपसी मुद्रा में लेन देन के ल‍िए भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये में वोस्ट्रो अकाउंट खोलने से जुड़े नियमों में भी इसी वर्ष बदलाव किया है। इस कड़ी में बैंकों को अब बिना क‍िसी पूर्व अनुमति के विदेशी बैंकों के लिए विशेष रुपये का वोस्ट्रो अकाउंट खोलने की अनुमति म‍िल चुकी है। वोस्ट्रो अकाउंट एक घरेलू बैंक द्वारा विदेशी बैंक के लिए खोला गया खाता होता है। यह खाता घरेलू बैंक की मुद्रा में ही शाम‍िल होता है। रिजर्व बैंक की पूर्वानुमति से विदेशी बैंकों के विशेष रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोलने की अनुमति देने के बाद दोनों देशों के स्‍थानीय मुद्रा में लेन देन सहज हो सकेगा। वोस्ट्रो अकाउंट खोलने के लिए आरबीआई की मंजूरी लेने की आवश्यकता को खत्म करने का फैसला लेने के साथ ही डालर का वर्चस्‍व टूटना शुरू हो चुका है। विदेशी बैंकों में विशेष रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोल सकने की प्रक्र‍िया में अब काफी तेजी आएगी। दरअसल वोस्ट्रो अकाउंट एक प्रकार का बैंक खाता है जो एक घरेलू बैंक किसी विदेशी बैंक की ओर से, लोकल करेंसी में कारोबार अथवा लेन देन की अनुमत‍ि रखता है। एक विदेशी बैंक फंड के लिए मध्यस्थ के रूप में काम करता है।  

मॉरीशस दौरे में पीएम मोदी ने परोसा स्वादिष्ट बनारसी भोजन, विदेशियों ने की तारीफ

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा मॉरीशस के प्रधानमंत्री के सम्‍मान में ताज होटल में द‍िए गए मध्याह्न भोज में व‍िदेशी म‍ित्रों के स्‍वाद का जहां ध्‍यान रखा गया वहीं बनारसी जायके की सुवास भी टेबल पर ब‍िखरी और सुस्‍वादु बनारसी जायका भी विदेशी मेहमानों ने खूब पसंद क‍िया। दरअसल गुरुवार को भारत के प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेन्‍द्र मोदी मेजबान की भूम‍िका में नजर आए। उनके द्वारा डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम और श्रीमती वीणा राम गुलाम के सम्मान में मध्याह्न भोज में जो मीनू परोसा गया वह खांटी भारतीय और बनारसी जायके से भरपूर था।    भुने भुट्टे और पुदीना का रस से बने पुदीना और भारतीय मसाले से युक्त भुने हुए मक्के का पतला सूप मीनू में पहले नंबर पर था। वहीं टिक्की टमाटर चाट में स्थानीय व्यंजन मसालेदार टमाटर मैश के ऊपर भुनी हुई कुरकुरी आलू पैटी, रागी दही बड़ा में मीठे मसाले वाली दही की चटनी में भिगोई हुई रागी थी। वहीं पनीर लौंग लता में स्थानीय व्यंजन के क्रम में मखमली टमाटर अखरोट से तैयार ग्रेवी में पका हुआ भरवा पनीर था। बनारसी कढ़ी पकौड़ी में छाछ से तैयार ग्रेवी में पक्के अजवाइन और बेसन के तले हुए पकौड़े थे। आलू कुटी मिर्च में दरदरे भरे कश्मीरी मिर्च से सजे जीरे के तड़के वाली मसालेदार सूखी आलू की सब्जी भी थी। तुवर दाल में तड़का में जीरा टमाटर और भारतीय मसाले से युक्त पीली दाल भी शाम‍िल थी। सब्जी दम बिरयानी में दम शैली में पकाई गई सुगंधित सब्जियों के साथ केसर उत्तर लंबे दाने वाले बासमती चावल भी थे। इसके अलावा मिश्रित भारतीय रोटियां भी मीनू में शाम‍िल थीं। इसके अलावा लाल पेड़ा भी था जो धीरे-धीरे पकाए गए दूध से बनी सूखी मिठाई है। स्थानीय व्यंजन में जलेबी- रबड़ी गाढ़े दूध के साथ परोसे गए केसर चीनी सिरप में भिगोए हुए खमीर युक्त आटे के कुरकुरे स्पाइरल भी थे। इसके अलावा आखि‍र में बनारसी पान के पत्‍ते में लपेटा हुआ गुलाब गुलकंद, सौंफ और कटे हुए खजूर के अलावा चाय- कॉफी के साथ कश्‍मीरी कहवा का भी जायका रखा गया था। व‍िदेशी मेहमान बनारसी जायके को जहां खूब पसंद क‍िए वहीं पीएम ने भी बनारसी जायके का आनंद ल‍िया।   

पीएम मोदी ने उत्तराखंड के लिए घोषित किया 1200 करोड़ का पैकेज, अनाथ बच्चों के कल्याण पर जोर

देहरादून  हिमाचल,पंजाब और उत्तराखंड पर इस बार का मॉनसून का कहर बनकर टूटा। हिमाचल में भूस्खलन, बाढ़ की तबाही ने वो मंजर दिखाया जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। उत्तराखंड में बादल फटने, दरकते पहाड़ों ने लोगों को जिंदगी तहस-नहस कर दी तो वहीं पंजाब में कई गांवों को बाढ़ ने डुबो दिया। हिमाचल, पंजाब के बाद आज पीएम मोदी उत्तराखंड पहुंचे थे। पीएम ने मौसम की मार झेले लोगों से मुलाकात की और प्रदेश के लिए 1200 करोड़ के आर्थिक मदद की घोषणा की। हिमाचल को 1600, पंजाब को 1500 करोड़ की मदद पीएम पहले ही देने की बात कह चुके हैं। पीएम ने इसके अलावा अनाथ बच्चों का विशेष ख्याल रखने की बात कही है। उत्तराखंड के दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने आज खराब मौसम की वजह से हवाई सर्वे नहीं किया, हालांकि उन्होंने मॉनसूनी तबाही से पीड़ित लोगों से जरूर बात की। इसके अलावा उन्होंने प्रजेंटेशन के जरिए बाढ़ से हुए नुकसान की भी समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी और बाकी मंत्री,अधिकारी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने प्रदेश को आपदा राहत के लिए 1200 करेाड़ रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। मोदी ने आपदा में अपनों को खोने वाले परिवारजनों को केंद्र सरकार की तरफ से दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का वादा किया है। अनाथ हुए बच्चों के विशेष ख्याल के लिए पीएम केयर फॉर चिल्ड्रंस स्कीम के तहत सहारा दिया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार से हर मुमकिन सहयोग का आश्वासन भी दिया। पीएम ने इस दौरान धराली की त्रासदी झेल रहे पीड़ितों से भी बात की। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बैठक में मौजूद थे। इसके अलावा, पीएम मोदी ने उत्तराखंड में बचाव और राहत कार्यों का जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों के साथ भी बातचीत की। इससे पहले पीएम मोदी को रिसीव करने के लिए खुद प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी पहुंचे थे। देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सीएम ने उनका स्वागत किया जिसके बाद वह आगे के कार्यक्रम के लिए निकले।