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PM मोदी 9 सितंबर को गुरदासपुर पहुंचेंगे, बाढ़ प्रभावित इलाकों का करेंगे निरीक्षण

गुरदासपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार 9 सितंबर को पंजाब का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. पंजाब में अब तक लगभग 2 हजार गांव पानी में डूबे हैं और 2 लाख हेक्टेयर की फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है. देश के कई राज्यों में इस भारी बारिश के कारण हालात खराब बने हुए हैं. खासतौर पर पंजाब में स्थिति बेहद खराब है. अब तक प्रदेश में बाढ़ के कारण ही 46 लोगों की जान जा चुकी है. इसके अलावा लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. लगभग 2 हजार गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 2 लाख हेक्टेयर फसल खराब हो चुकी है.  पीएम नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब जाएंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. वह गुरदासपुर पहुंचकर हालात देखेंगे. इस दौरे को हर पंजाबवासी आश की नजर से देख रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि पीएम मोदी पंजाब दौरे के दौरान किसी बड़े पैकेज की घोषणा कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक पैकेज या मुआवजे की घोषणा कर सकते हैं. बाढ़ की चपेट में 2 हजार गांव पंजाब में 17 अगस्त के बाद से ही बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण प्रदेश के लगभग 2 हजार से ज्यादा गांव पूरी तरह जलमग्न हैं. गांवों के लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है. बाढ़ के कारण प्रदेश भर की 2 लाख हेक्टेयर से ज्यादा की फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अब तक प्रदेश को 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. पीएम मोदी कर सकते हैं पैकेज का ऐलान पंजाब सरकार ने पहले ही राज्य को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है. इसके साथ ही सरकार की तरफ से केंद्र से 60 हजार करोड़ के फंड की मांग की गई है. पीएम मोदी के इस दौरे में ऐसा माना जा रहा है कि उनकी तरफ से किसी पैकेज की घोषणा की जा सकती है. पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. आर्मी इन क्षेत्रों में लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई है. पंजाब में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मदद के लिए बॉलीवुड एक्टर सलमान खान आगे आए हैं. उनके अलावा भी कई एक्टर्स ने गांवों को गोद लिया है.  

बाढ़ से बेहाल पंजाब: प्रधानमंत्री मोदी पहुंचेंगे, जानिए किस हद तक होगा मदद पैकेज

पंजाब पंजाब में विनाशकारी बाढ़ ने हाहाकार मचा रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पंजाब में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक वह 9 सितंबर को पंजाब जाएंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। पीएम मोदी गुरदासपुर जाकर जमीनी स्तर पर हालात देखेंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े राहत पैकेज का भी ऐलान कर सकते हैं। बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जबकि 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सेना, सीमा सुरक्षा बल, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। पंजाब दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा मौसमी नालों के उफान के चलते यह स्थिति बनी है। इसके अलावा, हाल के दिनों में पंजाब में हुई भारी बारिश ने हालात को और गंभीर कर दिया है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पोंग बांध का जलस्तर मामूली घटकर 1,394.19 फुट दर्ज किया गया, हालांकि यह अब भी उसकी अधिकतम सीमा 1,390 फीट से चार फुट ऊपर है। शुक्रवार शाम बांध का जलस्तर 1,394.8 फुट था। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को बांध में पानी का प्रवाह 99,673 क्यूसेक था, जो घटकर 47,162 क्यूसेक रह गया, जबकि निकासी 99,673 क्यूसेक पर यथावत बनी रही। भाखड़ा बांध के मामले में शनिवार को जलस्तर 1,678.14 फुट दर्ज किया गया, जो शुक्रवार को 1,678.47 फुट था। सतलुज नदी पर बने इस बांध में पानी का प्रवाह 62,481 क्यूसेक और निकासी 52,000 क्यूसेक रही। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बाढ़ को पांच दशकों में सबसे भीषण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में लगातार हुई बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे सभी जिलों के लगभग 2,000 गांव प्रभावित हुए हैं। ताजा बुलेटिन के अनुसार, 3.87 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 46 मौतों की पुष्टि हुई है। एक अगस्त से पांच सितंबर के बीच 14 जिलों से 43 मौतें दर्ज की गई थीं। कुल 23 जिलों के 1,996 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक सात-सात मौतें होशियारपुर और अमृतसर से हुईं। इसके बाद पठानकोट में छह, बरनाला में पांच, लुधियाना और बठिंडा में चार-चार, मानसा में तीन, गुरदासपुर, रूपनगर और एसएएस नगर में दो-दो और पटियाला, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर से एक-एक मौत दर्ज की गई। पठानकोट में तीन लोग लापता हैं। इसी बीच, फिरोजपुर जिले के तल्ली गुलाम गांव का 50 वर्षीय व्यक्ति उफनती नदी की तेज धारा में बह गया और उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में पानी का स्तर खतरनाक स्तर पर है और लगातार बाढ़ से गांवों में रहने वालों का जीवन कठिन हो गया है। बाढ़ से संबंधित यह आंकड़े एक अगस्त से छह सितंबर तक की अवधि के हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 22,854 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकाला जा चुका है। चीमा ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि क्षेत्र को 18 जिलों में भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे, मकानों और पशुधन को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि घग्गर नदी का जलस्तर भी 750 फुट के खतरे के निशान को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने इस अभूतपूर्व बाढ़ पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संवेदनशील रवैया अपनाया है। मंत्री ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से जवाबदेही और समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि इस संकट के लिए "राजनीतिक अवसरवाद" के बजाय सहयोगात्मक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। चीमा ने कहा कि तबाही के बावजूद पंजाब सरकार ने तेज और समन्वित तरीके से कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में लगभग 200 राहत शिविर लगाए गए हैं, जहां 7,000 से अधिक विस्थापित लोगों को शरण दी गई है। एनडीआरएफ की 24 और एसडीआरएफ की दो टीमें, 144 नौकाओं की मदद से राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर शनिवार को निशाना साधते हुए कहा कि वह बाढ़ के लिए नदियों में अवैध खनन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि भाजपा नेता वित्तीय मदद की घोषणा करने के बजाय सिर्फ “फोटो खिंचवाने” के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते हैं। ‘आप’ ने भाजपा पर पंजाब के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया और कहा कि चौहान ने बाढ़ सहायता के लिए “एक पैसा” भी घोषित नहीं किया, जबकि राज्य सरकार ने केंद्र से ‘लंबति’ 60,000 करोड़ रुपये की मांग की है। ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वहीं होशियारपुर जिले में टांडा और मुकेरियां उप-विभागों के निचले इलाकों में भारी नुकसान हुआ है, जहां धान, गन्ना और मक्का जैसी फसलों को भारी क्षति हुई है। उपायुक्त आशिका जैन ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा दिया जाएगा और समय पर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग समन्वय से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। इस बीच, कपूरथला जिले के उपायुक्त अमित कुमार पंचाल ने बताया कि ब्यास नदी में पानी का प्रवाह 1.72 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। 

पीएम मोदी का बड़ा फैसला, अब नहीं जाएंगे अमेरिका की यूनाइटेड नेशंस मीटिंग में

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल के अंत में होने जा रही संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. उनकी जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका जाएंगे. बैठक के वक्ताओं की संशोधित सूची जारी होने के बाद यह जानकारी सामने आई है. इस फैसले से भारत ने राष्ट्रपति ट्रंप को एक और बड़ा मैसेज देने की कोशिश की है. पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की सालाना बैठक से किनारा कर लिया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र नौ सितंबर से शुरू होगा. इसके बाद उच्चस्तरीय बैठक 23 से 29 सितंबर तक चलेगी. इस बैठक में पहला वक्ता ब्राजील होगा जबकि इसके बाद अमेरिका महासभा को संबोधित करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 23 सितंबर को यूएनजीए पोडियम से वैश्विक नेताओं को संबोधित करेंगे. राष्ट्रपति के तौर पर उनके दूसरे कार्यकाल में वह पहली बार संयुक्त राष्ट्र सत्र को संबोधित करेंगे.  भारत की ओर से विदेश मंत्री जयशंकर 27 सितंबर को सत्र को संबोधित करेंगे. लेकिन इससे पहले जुलाई में जारी की गई वक्ताओं की सूची में पीएम मोदी का नाम शामिल था. उस लिस्ट के मुताबिक पीएम मोदी 26 सितंबर को यूएनजीए को संबोधित करने वाले थे. हालांकि, वक्ताओं की इस सूची में आगे भी संशोधन हो सकता है.  बता दें कि चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और इजरायल के राष्ट्राध्यक्ष 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे. यह सत्र 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर एक बैठक के साथ शुरू होगा. संयुक्त राष्ट्र की ओर से बताया गया है कि यह बैठक बीजिंग में 1995 के ऐतिहासिक सम्मेलन के बाद से हुई प्रगति पर भी विचार करेगी. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 24 सितंबर को जलवायु शिखर सम्मेलन आयोजित करेंगे, जो वैश्विक नेताओं के लिए अपनी नई राष्ट्रीय जलवायु कार्य योजनाओं को पेश करने का मंच होगा. बता दें कि यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया के कई मुल्क ट्रंप के टैरिफ वॉर, रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में तनाव जैसे हालात से जूझ रही है.

‘ट्रंप की भावनाओं का सम्मान…’ पीएम मोदी का संदेश, दोनों नेताओं के रिश्तों में दिखी गर्माहट

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के तनावपूर्ण संबंधों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर अब प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दोनों देशों की साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया है. पीएम मोदी ने भारत और अमेरिका के संबंधों पर पोस्ट करते हुए कहा कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और दोनों देशों के संबंधों के प्रति उनके सकारात्मक आकलन की सराहना करता हूं. भारत और अमेरिका के बीच बहुत ही सकारात्मक, दूरदर्शी एवं वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है. बता दें कि पीएम मोदी का यह बयान ट्रंप को लेकर दिए गए उनके हालिया बयान के बाद आया है. ट्रंप ने कहा था कि भारत और अमेरिका के संबंध बहुत स्पेशल हैं. उन्होंने कहा था कि मौजूदा तनाव के बावजूद पीएम मोदी मेरे दोस्त रहेंगे. हमारी दोस्ती बनी रहेगी. वह बेहतरीन प्रधानमंत्री हैं. ग्रेट हैं. ट्रंप ने ये भी कहा था पीएम मोदी एक महान प्रधानमंत्री हैं. लेकिन वह फिलहाल जो कर रहे हैं, मुझे वह पसंद नहीं है. राष्ट्रपति ट्रंप से यह सवाल पूछा गया था कि क्या वह भारत के साथ फिर से संबंधों को सुधारने के लिए तैयार हैं? क्योंकि टैरिफ की वजह से दोनों देशों के संबंध बीते दो दशकों में सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं.  ट्रंप कह चुके हैं कि वह बेहद निराश हैं कि रूस से भारत बहुत तेल खरीद रहा है. हमने भारत पर बहुत टैरिफ लगाया है, पचास फीसदी टैरिफ. पीएम मोदी से मेरे रिलेशन अच्छे हैं. वह महान पीएम हैं. वह यहां कुछ महीने पहले आए थे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इससे पहले कहा था कि लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है. 

भारत की टेक्नोलॉजी छलांग: पीएम मोदी ने अनवील की विक्रम 32-bit प्रो चिप

नई दिल्ली  भारतीय पीएम मोदी ने मंगलवार को पहले Made in India विक्रम 32-bit प्रो चिप को अनवील किया है। इसे Semicon India कॉन्फ्रेंस के दौरान राजधानी दिल्ली में शोकेस किया गया। इस दौरान पीएम के साथ सीएम रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। यह कदम भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमीकंडक्टर उद्योग में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि देश में सेमीकंडक्टर चिपसेट का कमर्शियल प्रोडक्शन इसी साल से शुरू हो जाएगा।   आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम भारत का यह पहला चिपसेट देश की तकनीकी प्रगति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसका उद्देश्य विदेशी चिप्स पर भारत की निर्भरता को कम करना है। यह चिपसेट स्मार्टफोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्वदेशी चिपसेट के विकास से भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है, जिससे देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। सेमिकॉन इंडिया कॉन्फ्रेंस का महत्व चौथा सेमिकॉन इंडिया कॉन्फ्रेंस, जो कि तीन दिवसीय कार्यक्रम है, भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस दौरान देश-विदेश के उद्योग जगत के विशेषज्ञ नीति निर्माता और निवेशक एक साथ मिलकर सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी पहलों के साथ यह सम्मेलन भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।

PM मोदी भावुक: मां को गाली देने पर कांग्रेस-आरजेडी से छठी मैया से माफी की मांग

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 'मां की गाली' के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर जमकर बरसे। पीएम ने इमोशनल होते हुए कहा कि मेरी मां को गाली देकर आरजेडी और कांग्रेस ने सिर्फ मेरा नहीं बल्कि देशभर की मां और बहनों का अपमान किया है। बिहार में नवरात्र के दौरान माताओं के 9 स्वरूपों के साथ सत बहिनी की पूजा भी की जाती है। इसके बाद छठी मैया का महापर्व आने वाला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां को गाली देने वाली आरजेडी और कांग्रेस को सत बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जीविका बैंक के शुभारंभ के मौके पर वर्चुअल संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार वो धरती है, जहां मां का सम्मान होता है। यहां गंगा, कोसी, गंडकी, पुनपुन जैसी नदियों को मैया के रूप में पूजा जाता है। पूरी दुनिया की माता सीता यहां की बेटी है। छठी मैया को नमन करके हम सब धन्य हो जाते हैं। मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास ही बिहार की पहचान है। पिछले दिनों दरभंगा में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली दी गई। इस मुद्दे पर पीएम ने विपक्षी दलों को जमकर कोसा। आरजेडी और कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है, यह देश की मां-बहन बेटी का अपमान है। बिहार की हर मां, बेटी, भाई को यह सुनकर बहुत बुरा लगा। इसकी जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ बिहार के लोगों को हुई है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना पीएम ने कहा, “शाही खानदान में पैदा हुए लोग मां की पीड़ा नहीं समझ सकते हैं। वे सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। इन्हें लगता है कि कुर्सी इन्हें ही मिलनी चाहिए। इन्हें लगता है कि नामदारों को कामदारों को गालियां देने का अधिकार है। इसलिए आए दिन गालियों की झड़ी लगा देते हैं। मुझे भी कई गालियां दी गईं। लिस्ट बहुत लंबी है। कभी नीच कहते हैं, गंदी नाली का कीड़ा, जहर वाला सांप बोलते हैं। बिहार चुनाव में भी मुझे तू-तड़ाक करके गाली दी गई। इनके नामदार वाली सोच उजागर हो रही है।” पीएम मोदी ने कहा कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं है। उनका राजनीति से भी कोई लेना-देना नहीं रहा। इसके बावजूद उनकी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। यह बहुत ही दुखदायी और कष्ट देने वाला है। उस मां का क्या गुनाह है। उन्होंने कहा कि मां-बहन को गाली देने वाली सोच महिलाओं को कमजोर समझने वाली है। ये (आरजेडी-कांग्रेस) महिलाओं को शोषण और अत्याचार की वस्तु मानते हैं। सबसे ज्यादा गालियां माता-बहनों को ही झेलनी पड़ी है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि आरजेडी जैसे दल कभी महिलाओं को आगे नहीं बढ़ना देना चाहते हैं। वहीं, कांग्रेस गरीब घर की आदिवासी बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी लगातार अपमान करती रहती है। पीएम ने कहा, “20 दिन बाद नवरात्र शुरू हो रहे हैं। 50 दिन बाद छठी मैया की पूजा होगी। छठ पर्व मनाया जाएगा। मां को गाली देने वालों को मोदी तो एक बार माफ कर ही देगा, भारत की धरती ने मां का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं किया है। इसलिए आरजेडी और कांग्रेस को सात बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए। बिहार के लोगों को इस अपमान की जवाबदेही तय करने की जिम्मेदारी है।” पीएम मोदी ने लोगों से अपील की है कि आरजेडी-कांग्रेस के नेता जिस गली, जिस शहर में जाएं, उनसे मां-बहन के अपमान का जवाब मांगें। हर मोहल्ले से आवाज आनी चाहिए- "मां को गाली नहीं सहेंगे, इज्जत पर वार नहीं सहेंगे, आरजेडी का अत्याचार नहीं सहेंगे, कांग्रेस का वार नहीं सहेंगे, मां का अपमान नहीं सहेंगे।"  

PM मोदी ने दिया करारा जवाब, बोले- मां राजनीति में नहीं थीं, फिर गाली क्यों?

नई दिल्ली बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के एक मंच से पीएम नरेंद्र मोदी को मां की गाली दी गई थी। अब इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है बल्कि यह देश की मां-बहन-बेटी का अपमान है। उन्होंने कहा, मां ही तो हमारा संसार होती है। मां ही हमारा स्वाभिमान होती है। इस समृद्ध परंपरा वाले बिहार में कुछ दिनों पहले जो हुआ, उसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। बिहार में आरजेडी-कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है बल्कि ये देश की मां-बहन-बेटी का अपमान है। इसके आगे पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मुझे पता है… आप सबको भी, बिहार की हर माँ को ये देख-सुनकर कितना बुरा लगा है! मैं जानता हूं, इसकी जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ मेरे बिहार के लोगों को भी है।’ पीएम मोदी ने कहा कि मेरी मां का तो राजनीति से कोई लेना-देना भी नहीं रहा है, फिर उन्हें गालियां क्यों दी गईं। पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इतनी सारी माताओं और बहनों के आगे मैं अपना दुख साझा कर रहा हूं ताकि यह पीड़ा आप माताओं और बहनों के आशीर्वाद से झेल पाऊं। पीएम मोदी ने कहा, ‘माताओं-बहनों आज से 20 दिन बाद नवरात्रि शुरू हो रही है। उसके 50 दिन बाद छठी मैया की पूजा होगी। छठ का पर्व मनाया जाएगा। मैं बिहार की जनता के सामने मां को गाली देने वालों से कहना चाहता हूं कि मोदी तो तुम्हें एक बार माफ कर भी देगा, लेकिन भारत की धरती ने मां का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं किया है। इसलिए आरजेडी और कांग्रेस को सात बहिनी से और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए।’ आरजेडी और कांग्रेस के नेता जहां भी जाएं, जिस गली में जाएं। उन्हें एक ही आवाज सुनाई देनी चाहिए कि मां को गाली नहीं सहेंगे-नहीं सहेंगे। इज्जत पर वार नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे। गाली देने वालों की सोच है- महिलाएं कमजोर होती हैं पीएम मोदी ने कहा कि देश की नारी का सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके जीवन की मुश्किलें कम करने के लिए एनडीए सरकार लगातार काम कर रही है। मैं आपको वादा करता हूं कि बिना थके और बिना रुके मैं काम करता रहूंगा। पीएम मोदी ने कहा कि माताओं को गाली देने वाले लोगों का यह मानसिकता रही है कि महिलाएं कमजोर होती हैं।  

पीएम मोदी के हर एक्शन ने भेजा संदेश: SCO समिट में हाथ मिलाना और पुतिन से गले मिलना चर्चा में

नई दिल्ली चीन के तियानजन में हुई शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंदाज अलग ही दिखा, जिसमे साफ संदेश छिपा था कि कौन भारत का करीबी दोस्त है और कौन नहीं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से गले मिलना, चीनी राष्ट्रपति शि चिनफिंग से हाथ मिलाना, तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोआम की पीठ थपथपाना और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर देखना तक नहीं, ये सब इशारे अपने आप में काफी कुछ कह गए। 45 मिनट तक कार में साथ थे पीएम मोदी-पुतिन समिट में पीएम मोदी और पुतिन की नजदीकी सबसे अलग दिखी। दोनों नेता एक ही गाड़ी में साथ पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, पुतिन करीब 10 मिनट तक पीएम मोदी का इंतजार करते रहे और फिर दोनों 45 मिनट तक कार में बैठकर बातचीत करते रहे। बाद में उनकी द्विपक्षीय बैठक भी एक घंटे से ज्यादा चली। इसके अलावा, कई मौकों पर पीएम मोदी और पुतिन हंसी-मजाक भी करते नजर आए। इसी दौरान पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ किनारे खड़े नजर आए और वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीएम मोदी और पुतिन गहरी बातचीत में डूबे हुए आगे बढ़ गए, जबकि शरीफ सिर्फ देखते रह गए। पाकिस्तानी पीएम को किया नजरअंदाज समिट में पीएम मोदी का शरीफ को नजरअंदाज करना ही काफी नहीं था, बल्कि अपने संबोधन में उन्होंने आतंकवाद का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला सिर्फ भारत की आत्मा पर हमला नहीं था, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए चुनौती है। पीएम मोदी ने SCO देशों से अपील की है कि वे आतंकवाद के खिलाफ डबल स्टैंडर्ड छोड़े और एकजुट होकर काम करें। यह बयान शरीफ की मौजूदगी में दिया गया, जिससे संदेश और भी तीखा हो गया। तुर्किये के राष्ट्रपति की थपथपाई पीठ तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन से भी पीएम मोदी ने गर्मजोशी दिखाई। उन्होंने उनसे हाथ मिलाया और पीठ थपथपाई। यह सीन काफी खास था क्योंकि तुर्किये अक्सर पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा होता है और भारत के साथ मतभेद रखता है। वहीं, चीन के राष्ट्रपति के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ भी पीएम मोदी की बातचीत हंसी-मजाक भरी रही। अमेरिका की भारी टैरिफ नीति के बीच इन मुलाकातों ने यह संदेश दिया कि भारत बड़े खिलाड़ियों के साथ रिश्ते मजबूत करने में आगे हैं। भारत की बातों को मिली अहमियत समिट के अंत में जारी तियानजन घोषणा में भी भारत की बातों को अहमियत मिली। इसमें 22 अप्रैल को पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की गई और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई गई।  

पहलगाम का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने SCO में आतंकवाद पर चेताया

शंघाई चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई शिखर सम्मेलन का आज (1 सितंबर, 2025) दूसरा दिन है. इस समिट में भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शामिल होने पहुंचे हैं. चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट चल रहा है. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चीन के दौरे पर हैं. रविवार को तियानजिन में उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. अब आज सोमवार को इस समिट का सबसे अहम सत्र हुआ, जिसमें सभी सदस्य देशों के नेता साझा हितों और चुनौतियों पर चर्चा की. समिट के आखिर में साझा प्रेस नोट पर दुनिया की नजर है, जिसमें यह पता चलेगा कि सभी देशों ने किन मुद्दों पर चर्चा की, किन मुद्दों पर सहमति बनी और आने वाले समय में उनका फोकस क्या होगा.  अलास्का समिट में यूक्रेन शांति का रास्ता- पुतिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'मैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी अलास्का बैठक के विवरण द्विपक्षीय बैठकों के दौरान नेताओं को बताऊंगा. मैं मास्को के इस रुख को दोहराता हूं कि यूक्रेन में संकट किसी 'आक्रमण' के कारण नहीं, बल्कि यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों द्वारा समर्थित कीव में तख्तापलट के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन में बनी सहमति यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करती है.' एससीओ समिट की आज अहम बैठक हो रही है। तमाम बड़े देशों ने इसमें हिस्सा लिया है। कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है, राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों से कैसे निपटा जाए, इस पर भी मंथन हो रहा है। पीएम मोदी भी आज राष्ट्रपति पुतिन से मिलने जा रहे हैं, वहां भी कई मुद्दों पर चर्चा संभव है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी बातचीत हो सकती है। माना जा रहा है कि कई मुद्दों पर सहमति बनेगी। पीएम मोदी की रविवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी द्विपक्षीय बैठक हुई थी। कई सालों बाद हुई इस बैठक में भारत-चीन रिश्तों पर खास फोकस किया गया। दोनों ही नेताओं ने आपसी साझेधारी की अहमियत को समझा और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की बात कही। अब डिप्लोमेसी के उस चैप्टर के बाद आज दूसरा चैप्टर शुरू होने जा रहा है।  पुतिन ने भारत और चीन का जताया आभार शंघाई सहयोग परिषद (SCO) के मंच से रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मैं यूक्रेन में संकट को हल करने के लिए चीन और भारत के प्रयासों की सराहना करता हूं.  : हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की- मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है. हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की है. मैं आप सभी को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूं."  SCO समय की बदलती जरूरतों के साथ विकसित हो रहा है- मोदी शंघाई सहयोग संगठन के मंच से पीएम मोदी ने कहा कि यह खुशी की बात है कि SCO समय की बदलती जरूरतों के साथ विकसित हो रहा है. संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए चार नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. हम इस सुधारोन्मुखी सोच का स्वागत करते हैं. आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, 'सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार हैं, लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद बड़ी चुनौतियां हैं. आतंकवाद केवल किसी किसी देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक साझा चुनौती है. कोई देश, कोई समाज, कोई नागरिक इससे खुद को सुरक्षित नहीं समझ सकता. इसलिए, भारत ने आतंकवाद से लड़ाई में एकता पर ज़ोर दिया है. भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अल-कायदा और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की. हमने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई. इसमें मिले समर्थन के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं.'   PM मोदी ने नए अवसरों के बारे में एससीओ नेताओं को बताया पीएम मोदी ने कहा कि अवसर का मतलब सहयोग और सुधार दोनों है. 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान एससीओ में नई ऊर्जा और विचार लाए गए. स्टार्ट-अप्स और इनोवेशन, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध धरोहर जैसे नए विषयों को सहयोग में शामिल किया गया. भारत का प्रयास रहा कि एससीओ सिर्फ सरकारों तक सीमित न रहे बल्कि आम लोगों, युवा वैज्ञानिकों, विद्वानों और स्टार्ट-अप्स तक पहुंचे. लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने के लिए मोदी ने सुझाव दिया कि एससीओ के तहत एक "सभ्यतागत संवाद मंच" बनाया जाए, जहां प्राचीन सभ्यताओं, कला, साहित्य और परंपराओं को वैश्विक मंच पर साझा किया जा सके. PM मोदी ने कनेक्टिविटी बढ़ाने पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का मानना है कि मजबूत कनेक्टिविटी सिर्फ व्यापार ही नहीं बल्कि विश्वास और विकास के दरवाजे भी खोलती है. इसी सोच के साथ भारत चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी पहलों पर काम कर रहा है. इनके जरिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया से कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सकता है. भारत का मानना है कि हर कनेक्टिविटी के प्रयास में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए. यह एससीओ चार्टर के मूल सिद्धांतों में भी शामिल है. ऐसी कनेक्टिविटी, जो संप्रभुता को दरकिनार करे, वह विश्वास और महत्व दोनों खो देती है. PM मोदी ने आतंकवाद पर बिना नाम लिए पाकिस्तान को घेरा पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का आधार सुरक्षा, शांति और स्थिरता है. लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद इस राह में बड़ी चुनौतियां हैं. आतंकवाद किसी एक देश की सुरक्षा चुनौती नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है. कोई भी देश, कोई भी समाज और कोई भी नागरिक इससे सुरक्षित नहीं रह सकता. भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एकता पर जोर दिया है. एससीओ-आरएटीएस (SCO-RATS) ने इस दिशा में अहम योगदान दिया है. इस वर्ष भारत ने "अल-कायदा" और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ संयुक्त सूचना अभियान की अगुवाई की. हमने कट्टरपंथ से निपटने और समन्वय बढ़ाने के लिए संयुक्त कदमों का प्रस्ताव रखा. साथ ही, आतंकवाद … Read more

CM ने PM से मांगी 60 हजार करोड़ की सहायता, भेजा आधिकारिक पत्र

पंजाब  पंजाब में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से तत्काल 60,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने की मांग की। मान ने दावा किया कि यह राशि राज्य के कोष से संबंधित है, जो केंद्र सरकार के पास फंसी हुई है। दशकों की सबसे विनाशकारी बाढ़ पंजाब इस समय दशकों में आई सबसे भयावह बाढ़ आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। भारी बारिश और नदियों के उफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई, सैकड़ों गांव प्रभावित हुए और लाखों लोग बेघर हो गए। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें सड़कें, पुल और बिजली व्यवस्था शामिल हैं।   मुख्यमंत्री का पत्र: केंद्र पर गंभीर आरोप मुख्यमंत्री मान ने अपने पत्र में कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के हक की राशि को रोक रखा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति और कमजोर हुई है। उन्होंने इस राशि को तुरंत जारी करने की मांग की ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य तेज किए जा सकें। मान ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की उदासीनता के कारण राज्य को इस आपदा से निपटने में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राहत कार्यों में तेजी की जरूरत पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू किए हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण कार्य धीमा पड़ रहा है। एनडीआरएफ और सेना की टीमें बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन प्रभावित लोगों की संख्या इतनी अधिक है कि तत्काल बड़े पैमाने पर सहायता की जरूरत है।