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प्रधानमंत्री मोदी ने किया दावा, भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसले की ओर बढ़ रहा है

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित किया. सम्मेलन में सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति सहित अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां और सफल महिलाएं शामिल हुईं ।  'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार भी हमारे बीच हैं. देश की विकास यात्रा में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने वाला है.' यह फैसला महिला शक्ति को समर्पित है. यह महिला शक्ति के सम्मान के लिए समर्पित है ।          हमारे देश की संसद एक नया इतिहास बनाने के करीब है. एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की सोच को साकार करेगा. एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा. एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारे काम करने के तरीके, हमारे फैसले लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो. दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है, राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक आज 16, 17 और 18 अप्रैल है ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '2023 में पार्लियामेंट की नई बिल्डिंग में हमने महिला सशक्तिकरण एक्ट पेश किया. इसे समय पर लागू किया जा सके, इसके लिए 16 अप्रैल से पार्लियामेंट के बजट सेशन की स्पेशल मीटिंग होने जा रही है. नारी शक्ति वंदन प्रोग्राम के जरिए हमें देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है. मैं आपको उपदेश देने नहीं आया हूँ, न ही आपको जगाने आया हूँ. मैं आज आपके देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूँ ।  नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने संबोधित किया इस मौके पर नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा, 'अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था, महिलाएं आधा आसमान संभालती हैं, तो क्या उन्हें कम से कम एक तिहाई पॉलिटिकल जमीन नहीं संभालनी चाहिए? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नारी शक्ति वंदन अधिनियम के साथ उनके दूर के विचार को पूरा किया है ।  यह एक्ट सिर्फ लोकसभा और विधानसभा में रिजर्वेशन देने के लिए नहीं है, बल्कि यह उस सोच को बदलने की कोशिश करता है जिसने सालों से महिलाओं को फ़ैसले लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा है. यह भारत के लोकतंत्र को सिर्फ संख्या से आगे बढ़ाकर ज़्यादा संवेदनशीलता की ओर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।  बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ: सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'हमने यह सफर बेटी बचाओ से शुरू किया था, एक समय था जब बेटियों को कोख में ही मार दिया जाता था. बेटियों को पढ़ाने का अगला दौर आया, तो हम बेटी पढ़ाओ के दौर में आ गए. मुझे बहुत खुशी है कि आज पीएम मोदी के नेतृत्व में हम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ' के दौर में आ गए हैं ।  इस कार्यक्रम का मकसद भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा करने के लिए अलग-अलग तरह के हितधारकों को एक साथ लाना है. यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में बड़े पैमाने पर प्रयासों के तहत आयोजित किया जा रहा है और इसका मकसद फैसले लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी के महत्व को बताना है।  यह पंचायत जैसे जमीनी स्तर के सरकारी संस्थानों से लेकर राष्ट्रीय संसद तक सभी सेक्टर में लीडरशिप रोल में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी को भी दिखाएगा. यह इवेंट सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पास होने के बाद हो रहा है, जो विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था।  इस कानून में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई रिजर्वेशन का प्रावधान है, जिसे भारत के राजनीतिक माहौल के लिए बड़े पैमाने पर बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है ।  अब जब पूरा ध्यान पूरे देश में महिला आरक्षण लागू करने पर है तो इस मुद्दे पर आगे चर्चा करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का एक सत्र बुलाया गया है. उम्मीद है कि सम्मेलन इस पहल को लेकर तेजी लाएगा और शासन में ज्यादा सबको साथ लेकर चलने के केंद्र सरकार के वादे को फिर से पक्का करेगा ।  आधिकारिक बयान के मुताबिक सम्मेलन में भारत के भविष्य को बनाने में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर भी जोर दिया जाएगा, क्योंकि देश 2047 तक एक विकसित देश बनने के अपने लंबे समय के विजन की ओर बढ़ रहा है, जिसे अक्सर 'विकसित भारत 2047' कहा जाता है ।  केंद्र सरकार ने लगातार महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को एक विकसित भारत के अपने विजन का एक अहम हिस्सा बताया है. इस सम्मेलन से इस बात को और मजबूत करने और सबको साथ लेकर चलने वाली और टिकाऊ विकास पाने की कोशिशों को और मजबूत करने की उम्मीद है । 

मुझे भी कहा गया मत जाइए – PM मोदी का अखिलेश पर कटाक्ष

नई दिल्ली नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसा। मोदी ने कहा कि नोएडा को पहले अंधविश्वास के कारण अपने हाल पर छोड़ दिया गया था। कुर्सी जाने के डर से सत्ताधारी यहां आने से डरते थे। पीएम ने कहा कि मुझे याद है जब यहां सपा की सरकार थी और मैंने नोएडा आने का कार्यक्रम बनाया। मुख्यमंत्री इतने डरे हुए थे कि वो उस कार्यक्रम में नहीं आए। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे भी लोगों ने डराने की कोशिश की कि नोएडा मत जाओ मोदी जी, अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हो। मैंने कहा इस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं जो मुझे लंबे समय तक सेवा करने का अवसर देगा। अब वही इलाका पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त कर रहा है। किसानों का धन्यवाद प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में किसानों की अहम भूमिका है। आज मैं विशेष रूप से अपने उन किसानों का धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने इस परियोजना के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है। आपके योगदान से इस पूरे क्षेत्र में विकास का एक नया दौर शुरू होने वाला है। आधुनिक कनेक्टिविटी के विस्तार से पश्चिमी यूपी में खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाएं मजबूत होंगी। अब कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों में और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगे। इथेनॉल से विदेशी मुद्रा की बचत उन्होंने कहा कि मैं अपने किसानों का एक और बात के लिए धन्यवाद करना चाहूंगा। आपके गन्ने से उत्पादित इथेनॉल ने कच्चे तेल पर देश की निर्भरता को कम किया है। यदि इथेनॉल का उत्पादन और पेट्रोल में इसकी ब्लेंडिंग (मिश्रण) न बढ़ी होती तो देश को हर साल विदेशों से 4.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल आयात करना पड़ता। हमारे किसानों की कड़ी मेहनत ने इस संकट के दौरान देश को बड़ी राहत दी है। देश को इथेनॉल से लाभ हुआ है और किसानों को भी बहुत फायदा पहुंचा है। लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। इथेनॉल के बिना यह पैसा विदेशों में चला जाता। 100 हवाई अड्डे और 200 हेलीपैड बनाने की योजना प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार ने लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि हवाई अड्डे बनें और आम परिवारों के लिए हवाई किराया भी किफायती हो। इसीलिए हमने उड़ान योजना शुरू की। इस योजना की बदौलत पिछले कुछ सालों में 1.6 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किफायती हवाई किराए पर यात्रा की है। हाल ही में, केंद्र सरकार ने उड़ान योजना का और विस्तार करते हुए लगभग 29000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। आने वाले सालों में हम छोटे शहरों में 100 नए हवाई अड्डे और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना बना रहे हैं। इससे उत्तर प्रदेश को भी बहुत फायदा होगा। आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को आसान बनाया प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश में हवाई अड्डा सिर्फ एक आम सुविधा नहीं होता। हवाई अड्डे प्रगति को भी उड़ान देते हैं। 2014 से पहले देश में सिर्फ 74 हवाई अड्डे थे। आज देश में 160 से ज्यादा हवाई अड्डे हैं। अब बड़े शहरों के अलावा हवाई कनेक्टिविटी देश के सबसे छोटे शहरों तक भी पहुंच रही है। पिछली सरकारों का मानना ​​था कि हवाई यात्रा सिर्फ अमीरों के लिए होनी चाहिए, लेकिन बीजेपी सरकार ने आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को आसान बना दिया है।  

11 नेशनल अवार्ड पाने वाले परिवार का बना खास गिफ्ट, CM भजनलाल ने PM मोदी को किया भेंट

देश में शारदीय नवरात्रि की धूम है और इसी पावन मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। संसद परिसर में हुई इस शिष्टाचार भेंट की चर्चा अब गलियारों में जोरों पर है, क्योंकि इसमें राजनीति के साथ-साथ भारतीय शिल्प कला का एक बेजोड़ संगम देखने को मिला है। 11 नेशनल अवार्ड वाले जांगिड़ परिवार का कमाल दरअसल, मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को चंदन की लकड़ी से बनी मां दुर्गा की एक बेहद खूबसूरत और दिव्य प्रतिमा भेंट की है। सूत्रों ने बताया कि इस मूर्ति के पीछे एक बड़ी गौरवशाली कहानी छिपी है। इसे जयपुर के मशहूर कलाकार मोहित जांगिड़ ने तैयार किया है। गौरतलब है कि मोहित का परिवार पिछली चार पीढ़ियों से चंदन की नक्काशी का काम कर रहा है और इस हुनर के लिए इस परिवार के 11 सदस्यों को अब तक ‘नेशनल अवार्ड’ मिल चुका है। नक्काशी में दिखी भक्ति और शक्ति सूत्रों के अनुसार, जब पीएम मोदी ने इस प्रतिमा को देखा तो वे इसकी बारीकी देख दंग रह गए। पूरी प्रतिमा को शुद्ध चंदन की लकड़ी पर उकेरा गया है। इसमें जयपुर की सदियों पुरानी शिल्पकला की झलक साफ दिखती है। नवरात्रि के समय मां दुर्गा की यह भेंट शक्ति और भक्ति का प्रतीक मानी जा रही है।

ईरान संकट गहराया: भारत में बढ़ी हलचल, केंद्र ने बुलाई सर्वदलीय मीटिंग

नई दिल्ली मध्य एशिया में जारी तनाव का असर भारत पर भी देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले ही कहा है कि हमें भी तैयार रहने की जरूरत है। वहीं अब सूत्रों का कहना है कि सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। जानकारी के मुताबिक बुधवार को शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक होगी। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बैठक करके क्षेत्रीय सुरक्षा की समीक्षा की थी। उन्होंने सीडीएस जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और जनरल उपेंद्र द्विवेदी व ऐडमिरल डिनेश के त्रिपाठी के अलावा डीआरडीओ चेयरमैन के साथ बैठक करके तैयारियों की जानकारी ली। ईरान और इजरायल-ईरान के बीच जारी युद्ध अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझने लगी है। बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने अचानक ईरान पर हमला करके उसेक सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या कर दी थी। इसी के बाद से तनाव बढ़ता ही चला गया और ईरान ने खाड़ी देशों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। राज्यसभा में भी बयान दे सकते हैं पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में इस संकट को लेकर बयान दिया था। वहीं जानकारी के मुताबिक आज वह राज्यसभा में भी अपनी बात रख सकते हैं। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा था कि मध्य एशिया में जारी इस तनाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारत जिस तरह से कोरोना संकट के दौरान तैयार था, वैसे ही तैयार रहने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा था कि पश्चिमी एशिया में जो कुछ भी हो रहा है वह बहुत ही दुखद और चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ ही आम आदमी के जीवन पर भी पड़ रहा है। ऐसे में सारा विश्व यही चाहता है कि युद्ध जल्द रुके। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में तेल और गैस की आपूर्ति ज्यादातर उन्हीं देशों से होती है जो कि युद्ध के चपेट में हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर लोकसभा में वक्तव्य देते हुए यह भी कहा था कि इस संकट का सामना देशवासियों को कोरोना संकट की तरह ही करना होगा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि इस समस्या का समाधान कूटनीति और बातचीत से ही संभव है तथा भारत तनाव को कम करने व संघर्ष समाप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।  

PM मोदी ने समझाया पूरा रोडमैप: तेल-गैस संकट में कैसे सुरक्षित रहेगा भारत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान में जारी जंग के चलते जारी तेल और गैस को लेकर लोकसभा में भाषण दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश के लोगों के हित सुरक्षित रहेंगे और सरकार सभी जरूरी प्रयास कर रही है। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि हम शांति के पक्ष में हैं और इसके लिए सारे प्रयास करेंगे। यही नहीं उन्होंने यह चिंता भी जताई कि इस जंग का असर लंबे समय तक रह सकता है और हमें संयम के साथ हालात से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम कोरोना में तैयार थे और उसका फायदा मिला था। उसी तरह हमें फिर से धीरज और संयम के साथ हर चुनौती का सामना करना है। यही हमारी पहचान है और यही हमारी ताकत है। हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना है। हालात का फायदा उठाने वाले झूठ फैलाने का भी प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों की कोशिशों को सफल नहीं होने देना है। करीब एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं। वहां समंदर में चलने वाले जहाजों में भी बड़ी संख्या में क्रू मेंबर भारतीय ही हैं। इसलिए यह जरूरी है कि भारत की संसद से एकजुट आवाज दुनिया में जाए। इस जंग के शुरू होने के बाद से ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने खुद पश्चिम एशिया के सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ भारतीयों की मृत्य हुई है और कुछ घायल हुए हैं। प्रभावित देशों में हमारे मिशन भारतीयों को मदद कर रहे हैं। वहां गए पर्यटक हों या फिर काम करने वाले लोग, सभी को हेल्प की जा रही है। हमारे दूतावासों की ओर से लगातार एडवाइजरी जारी हो रही है और हेल्प लाइन भी स्थापित हैं। देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय वापस लौट चुके हैं। ईरान समेत कई देशों में सीबीएसई के स्कूल चलते हैं। वहां सुरक्षा के लिहाज से परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं। भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आते हैं। इस जंग के बाद से ही जहाजों का आना-जाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके बाद भी हमारी सरकार का यह प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई ज्यादा प्रभावित ना हो। हम सभी जानते हैं कि देश अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा देश में ही इसके उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सुचारू रूप से होती रहे। इसके लिए भी काम किया जा रहा है। देश में कितना बड़ा है तेल का भंडार, PM मोदी ने बताई तैयारी बीते एक दशक में एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो गए हैं। अपने अपने ऊर्जा आयात को डाइवर्सिफाई किया है। पहले 27 देशों से हम आयात करते थे। अब एनर्जी इंपोर्ट हमारा 41 देशों से हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास 53 लाख मीट्रिक तेल रिजर्व है। हम 65 लाख तक इसे पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। कंपनियों के पास जो रिजर्व होता है, वह अलग है। हम अलग-अलग देशों के साथ भी संपर्क में है, जहां से सप्लाई ली जाए। हमारी प्राथमिकता यही है कि जहां से भी संभव हो, वहां से सप्लाई आती रहे। भारत की सरकार खाड़ी और उसके आसपास के रास्तों पर नजर बनाए हुए है। हमारी पूरी कोशिश है कि भारत आने वाले सभी जहाज सुरक्षित रूप से यहां पहुंचें। पेट्रोल, डीजल के संकट से निपटने में किस चीज का फायदा देश की एक और तैयारी इस समय काम आ रही है। बीते 10 से 11 सालों में एथेनॉल की ब्लेंडिंग पर खूब काम हुआ है। आज पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है। इससे हमें प्रति वर्ष करीब 4 करोड़ बैरल तेल हर साल कम इंपोर्ट हो रहा है। इससे बड़ा फायदा हो रहा है। फिर रेलवे के विद्युतीकरण ने भी हमें फायदा पहुंचाया है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं किसानों को भरोसा दिलाता हूं कि सरकार हरसंभव मदद करती रहेगी। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना में भी सप्लाई बाधित थी, लेकिन किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं हुआ था। इस बार भी ऐसा ही किया जाएगा। युद्ध की बड़ी चुनौती यह भी है कि आने वाले समय में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की डिमांड बढ़ेगी। फिलहाल देश के सभी पावर प्लांट में कोयला की सप्लाई है। 'लंबे समय तक रहेगा असर, कोरोना की तरह रहें तैयार' उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को रोकना अस्वीकार्य है। भारत हमेशा से मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैं फिर कहूंगा कि कूटनीति ही इसका एक प्रयास है। हमारा प्रयास इसलिए है कि युद्ध समाप्त हो और शांति आए। भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे संकट जब आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश भी करते हैं। इसलिए कानून-व्यवस्था संभालने वाली सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। जमीन, आसमान, जल से लेकर साइबर स्पेस तक में एजेंसियां अलर्ट हैं। इस जंग से लंबे समय तक के लिए हालात खराब होने की संभावना है। इसलिए तैयार रहना होगा।  

मोदी के नाम नई उपलब्धि: लंबे कार्यकाल के साथ बनाया खास रिकॉर्ड

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। वे भारत में सरकार के प्रमुख (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री मिलाकर) के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले राजनेता बन गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री को बधाई दी। आज प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। सरकार के प्रमुख के रूप में सार्वजनिक कार्यालय में 8,931 दिन पूरे कर पीएम मोदी ने यह नया मील का पत्थर स्थापित किया है। राजनाथ सिंह ने इसे देश के प्रति उनके अटूट समर्पण और 'राष्ट्र प्रथम' की नीति का परिणाम बताया। रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री के अब तक के सफर को रेखांकित करते हुए कहा कि पीएम मोदी का जीवन देश और उसके लोगों के प्रति पूर्ण भक्ति का उदाहरण है। उनके कार्यकाल की शुरुआत गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुई, जहां उन्होंने विकास के नए मानक स्थापित किए। मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का उनका सफर निरंतर सेवा और जनकल्याण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन में ईमानदारी और प्रत्येक नागरिक के प्रति उनके अथक परिश्रम का प्रतिबिंब है। उन्होंने लिखा, "हृदय की गहराइयों से मोदी जी को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई। उनका नेतृत्व सत्यनिष्ठा और सेवा की भावना से ओत-प्रोत है।"

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का सुनहरा मौका: पीएम मोदी ने दुनियाभर के निवेशकों से की अपील

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक निवेशकों से भारत के बिजली क्षेत्र में 'उत्पादन, निवेश, नवाचार और विस्तार' करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' के पहले दिन केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल द्वारा पढ़े गए एक लिखित संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "मैं वैश्विक समुदाय को भारत में निर्माण करने, नवाचार करने, निवेश करने और भारत के साथ आगे बढ़ने के लिए आमंत्रित करता हूं। मुझे विश्वास है कि यह समिट सार्थक संवाद और मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देगा, जो भारत की प्रगति को ऊर्जा देगा।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समिट का उद्देश्य पूरे पावर और एनर्जी सेक्टर को एक मंच पर लाना है ताकि विचारों का आदान-प्रदान हो, सहयोग बढ़े और क्षेत्र के विकास के लिए साझा दिशा तय की जा सके। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सतत विकास के साथ आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने, वैश्विक कनेक्टिविटी मजबूत करने और 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है और सभी तक भरोसेमंद बिजली पहुंच सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने पहले ही 50 प्रतिशत से ज्यादा गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल कर ली है और 2030 तक 500 गीगावाट क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी ने 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' जैसी पहल का जिक्र करते हुए कहा कि यह वैश्विक सहयोग की दिशा में भारत के विजन को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत मजबूत सप्लाई चेन, बैटरी निर्माण, ग्रीन जॉब्स और सुधारों के जरिए एक भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार बन रहा है। 'शांति एक्ट 2025' से न्यूक्लियर एनर्जी के नए अवसर खुल रहे हैं, जबकि 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के जरिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है और टिकाऊ खपत को प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने लिखित संदेश में कहा कि बिजली वितरण क्षेत्र में हुए सुधारों से नुकसान (एटी एंड सी लॉस) कम हुआ है और वित्तीय स्थिति में सुधार आया है, जिससे यह सेक्टर और अधिक मजबूत और निवेश के लिए आकर्षक बन गया है।

शांति बहाली पर भारत का जोर, पीएम मोदी ने एक दिन में 4 देशों से साधा संवाद

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार से गुरुवार के बीच दुनिया के चार राष्ट्राध्यक्षों से बात की। बुधवार को कुवैत के क्राउन प्रिंस से तो गुरुवार को ओमान के सुल्तान, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, और मलेशिया के पीएम से पश्चिम एशिया संकट की गंभीर स्थिति पर चर्चा की। पीएम मोदी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। पीएम ने अपने मलेशियाई समकक्ष इब्राहिम से बातचीत में कूटनीति और बातचीत को शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा, "मैंने अपने दोस्त मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की। उन्हें और मलेशिया के लोगों को आने वाले हरि राया एदिलफित्री त्योहार के मौके पर दिल से बधाई दी। हमने वेस्ट एशिया के हालात पर चिंता जताई, साथ ही सहमति जताई कि संवाद और डिप्लोमेसी के जरिए ही तनाव कम कर शांति-स्थिरता बहाल की जा सकती है।" फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से हुई बातचीत का विवरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हालात को शांत करने और बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देश क्षेत्र और दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए आपसी सहयोग जारी रखेंगे। पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान को 'भाई' कहकर संबोधित किया। कहा, "मेरी भाई सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ अच्छी बातचीत हुई और ओमान के लोगों को ईद की अग्रिम बधाई दी। साथ ही हम इस बात पर सहमत हुए कि डी-एस्केलेशन (तनाव कम करने) और उसके बाद शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और डिप्लोमेसी को प्राथमिकता देने की जरूरत है। ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत निंदा करता है और भारतीय नागरिकों समेत हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी में मदद करने के लिए ओमान की कोशिशों की सराहना करता है। भारत और ओमान होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और फ्री नेविगेशन के पक्ष में हैं। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह से बुधवार रात बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बात की और हाल की घटनाओं पर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने कुवैत पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने माना कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए लगातार बातचीत जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए क्राउन प्रिंस का धन्यवाद भी किया, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है।

मेट्रो विस्तार की बड़ी ख़बर: PM मोदी ने दिल्ली में ₹33,500 करोड़ की परियोजना का किया उद्घाटन

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आठ मार्च को मेट्रो के दो कॉरिडोर चालू हो जाएंगे। इसमें से एक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिलेगी। वहीं, तीन अन्य कॉरिडोर की नींव भी रखी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री दिल्ली को 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देंगे।   नई कनेक्टिविटी से दिल्ली के कई इलाकों को फायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो के 2 नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं। नई कनेक्टिविटी से दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा, जिनमें बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क आदि शामिल हैं। पीएम मोदी की दिल्ली को ₹33,500 करोड़ की सौगात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज दिल्ली मेट्रो के दो कॉरिडोर चालू हो गए। इसमें से एक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिली। वहीं, तीन अन्य काॅरिडोर की नींव भी रखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली को 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इसमें जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के अंतर्गत तैयार की गई परियोजनाएं भी शामिल हैं। यह दिल्ली के लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे: सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री मोदी जिन 2 महत्वपूर्ण कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाले हैं (मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर और दीपाली चौक-मजलिस पार्क) यह दिल्ली के लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे। जिन 3 कॉरिडोर का यहां शिलान्यास होने वाला है, वे भी दिल्ली को गति देने वाले हैं।'   दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं।   महत्वपूर्ण रहा यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कॉरिडोर इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी अहम है। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाता है। यह दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक है। वहीं, मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया। यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है।

कृषि को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर जोर, बोले पीएम मोदी– निर्यात आधारित बनानी होगी भारतीय खेती

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को किसानों से भारत की विविध जलवायु परिस्थितियों का लाभ उठाने और उच्च मूल्य वाली फसलों की पैदावार बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर देश के कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। 'कृषि और ग्रामीण परिवर्तन' पर बजट के बाद आयोजित एक वेब गोष्ठी को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय कृषि उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और मानकों के सभी पहलुओं पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि विशेषज्ञों, उद्योग और किसानों को एक साथ आना होगा। प्रधानमंत्री ने बजट के बाद अपनी तीसरी वेब गोष्ठी में कहा, ''आज दुनिया के बाजार खुल रहे हैं और वैश्विक मांग बदल रही है हमारी कृषि को निर्यात-उन्मुख बनाने पर अधिक चर्चा करना आवश्यक है। हमारे पास विविध जलवायु है और हमें इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। हम कृषि-जलवायु क्षेत्रों के मामले में समृद्ध हैं।'' मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में काजू, कोको और चंदन सहित उच्च मूल्य वाली कृषि पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल और दलहन पर राष्ट्रीय मिशन और प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन सभी कृषि क्षेत्र को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, ''यदि हम उच्च मूल्य वाले कृषि क्षेत्र को बड़े पैमाने पर बढ़ाते हैं, तभी हम अपने कृषि क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में बदल सकते हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रही है और समग्र स्वास्थ्य सेवा तथा जैविक भोजन पर उनका विशेष ध्यान है। उन्होंने कहा, ''हमें रसायन मुक्त और प्राकृतिक खेती पर अधिक जोर देना चाहिए। प्राकृतिक खेती दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचने का रास्ता बनाती है।'' मोदी ने कहा कि कृषि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ है, और सरकार ने कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने आगे कहा, ''लगभग 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से चार लाख करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं।''