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महिला सम्मेलन और विकास परियोजनाओं पर फोकस, वाराणसी दौरा बना राजनीतिक रूप से अहम

वाराणसी   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 28-29 अप्रैल को वाराणसी दौरा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे व्यापक राजनीतिक संकेत भी देखे जा रहे हैं। अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इस यात्रा के दौरान विकास परियोजनाओं के शुभारंभ के साथ-साथ जनसंपर्क गतिविधियों को भी प्रमुखता दी गई है, जिससे यह दौरा रणनीतिक रूप से अहम बन गया है। महिला सम्मेलन बना दौरे का केंद्र बिंदु इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ को माना जा रहा है, जिसमें लगभग 50 हजार महिलाओं की भागीदारी का अनुमान है। इस आयोजन को महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों पर केंद्रित मंच के रूप में प्रस्तुत किया गया है। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह महिलाओं द्वारा किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था भी महिला पुलिस कर्मियों के जिम्मे होगी, जिससे महिला सशक्तिकरण का स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई है। राजनीतिक संदर्भ में बढ़ी अहमियत विश्लेषकों के अनुसार, यह आयोजन (PM Modi) ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम बंगाल सहित अन्य क्षेत्रों में चुनावी माहौल बना हुआ है। साथ ही संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रयासों को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी है। ऐसे में महिला सम्मेलन के जरिए व्यापक स्तर पर संदेश देने की रणनीति साफ नजर आती है, जो राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 6300 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री 6,300 करोड़ रुपये से अधिक की 163 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने जा रहे हैं। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, रेलवे ओवरब्रिज, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य सेवाएं और शहरी विकास से जुड़े काम शामिल हैं। वाराणसी-आजमगढ़ सड़क के चौड़ीकरण, कज्जाकपुरा में रेलवे ओवरब्रिज, जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाएं और भगवानपुर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे प्रोजेक्ट्स क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। विकास और सामाजिक संदेश का संतुलन यह दौरा एक ओर जहां बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं के जरिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का संकेत देता है, वहीं दूसरी ओर महिला सशक्तिकरण जैसे सामाजिक मुद्दों को भी प्रमुखता देता है। इस संतुलन के जरिए सरकार विकास और सामाजिक भागीदारी दोनों क्षेत्रों में अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर रही है, जिससे वाराणसी दौरा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

काशी में महिला शक्ति का प्रदर्शन,नरेंद्र मोदी करेंगे जनसभा को संबोधित, मंच पर होंगी 44 महिलाएं

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे। इस दौरान बरेका मैदान में आयोजित जनसभा में महिला शक्ति की झलक दिखेगी जहां मंच पर 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी और करीब 25 हजार महिलाओं के जुटने की उम्मीद की गई है। काशी में ये महिलाओं का अब तक का सबसे बड़ा जुटान होगा। इस सम्मेलन की कमान महिलाएं संभालेंगी। यहां तक कि सुरक्षा व्यवस्था में भी महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। मंच पर आनंदीबेन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य सहित 23 पार्षद और 19 ग्राम प्रधान समेत कुल 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी। इनके अलावा वहां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष समेत चार पुरुष होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य के स्वागत भाषण से होगी। इसके बाद योगी आदित्यनाथ जनसभा को संबोधित करेंगे। फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भाषण होगा और अंत में प्रधानमंत्री काशी से देशभर की महिलाओं को संबोधित करेंगे। बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले ये पीएम की बड़ी सभा होगी। साथ ही उप्र में विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव के पहले इस जुटान को अहम माना जा रहा है। जनसभा के बाद पार्टी स्तर की एक अहम बैठक भी हो सकती है, जिसमें संगठन और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर प्रधानमंत्री जरूरी फैसले कर सकते हैं। ये बंगाल के बाद उप्र में राजनीतिक शिफ्ट को लेकर भी अहम दौरा हो सकता है। प्रधानमंत्री के स्वागत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें जीआई टैग वाली गुलाबी मीनाकारी से बना शिव मंदिर भेंट करेंगे। अगले दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान उन्हें डमरू भी भेंट किया जाएगा। इसके अलावा देर शाम प्रधानमंत्री शहर की प्रमुख परियोजनाओं का भी निरीक्षण कर सकते हैं। वह रोपवे प्रोजेक्ट और नमो घाट का दौरा कर सकते हैं, जिसके लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बरेका से काशी विश्वनाथ तक होगा रोड शो, पांच जगह पर भाजपा करेगी स्वागत भाजपा ने पीएम के स्वागत की खास तैयारियां की हैं। पीएम मोदी बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर तक सड़क मार्ग से जाएंगे। यहां पर 5 स्थानों गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में प्रमुख चौराहों और यात्रा मार्ग को झंडे, बैनर व पोस्टरों से सजाया गया है। हजारों होर्डिंग्स और कटआउट भी लगाए गए हैं। काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने बताया कि बरेका के प्रत्येक सेक्टर में कूलर, पेयजल व बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। बरेका में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचेंगी। स्थानीय महिलाएं पैदल और दूर-दराज की महिलाएं वाहनों के काफिले के साथ जुलूस की शक्ल में कार्यक्रम स्थल तक आएंगी।

भारत की वैज्ञानिक ताकत और शांति का संदेश: मन की बात में पीएम मोदी की बड़ी बातें

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों से लेकर वैश्विक मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दुनिया से भगवान बुद्ध के आदर्शों को अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत विंड एनर्जी में दुनिया की चौथी बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा “चुनावों की भागदौड़ के बीच, आपके संदेशों और पत्रों के जरिए हम नागरिकों की उपलब्धियों की खुशियां साझा करते रहे हैं। इस बार आइए ‘मन की बात’ की शुरुआत देश की ऐसी ही एक बहुत बड़ी उपलब्धि से करें। कुछ दिन पहले भारत के परमाणु वैज्ञानिकों ने देश को एक और बड़ी उपलब्धि से गौरवान्वित किया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल कर ली है, जिसका मतलब है कि अब यह रिएक्टर संचालन के चरण में प्रवेश कर चुका है। पवन ऊर्जा में भारत अब बड़ी बात पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि आज वह एक ऐसी शक्ति की बात करना चाहते हैं जो दिखाई नहीं देती, लेकिन उसके बिना जीवन एक पल भी संभव नहीं है- यह शक्ति है पवन ऊर्जा। उन्होंने कहा कि यही ताकत भारत को आगे बढ़ा रही है और आज पवन ऊर्जा देश के विकास की नई कहानी लिख रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने हाल ही में इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है और देश की पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो गई है, जिससे भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। वैश्विक तनाव पर बुद्ध का संदेश पीएम मोदी ने कहा कि मई का महीना एक शुभ अवसर के साथ शुरू हो रहा है और कुछ ही दिनों में हम बुद्ध पूर्णिमा मनाएंगे। उन्होंने देशवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध ने हमें सिखाया कि शांति की शुरुआत हमारे भीतर से होती है और स्वयं पर विजय सबसे बड़ी जीत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया जिस तरह के तनाव और संघर्ष से गुजर रही है, उसमें बुद्ध के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स की तारीफ की पीएम मोदी ने ने कहा कि हमारे देश में 23 जनवरी, यानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से लेकर 30 जनवरी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तक ‘गणतंत्र उत्सव’ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस उत्सव का एक अहम हिस्सा बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी है, और इसके पीछे एक खास वजह है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समारोह विभिन्न बैंड्स के जरिए देश की विविध संगीत परंपराओं को दर्शाता है, और पिछले कुछ वर्षों में इसमें भारतीय संगीत का समावेश बढ़ा है, जिसे देशवासियों ने खूब सराहा है। उन्होंने बताया कि इस साल का बीटिंग रिट्रीट समारोह बेहद यादगार रहा, जिसमें वायुसेना, थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।

PM मोदी का 10 का नोट झालमुड़ी वाले के हाथ में, एक लाख में खरीदने की होड़ मची

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का प्रचार अपने चरम पर है, लेकिन रैलियों और बयानों के बीच एक अनोखी घटना ने सबका ध्यान खींचा है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सड़क किनारे खाई गई 10 रुपये की 'झालमुड़ी' और उसके बदले दिए गए 10 रुपये के नोट से जुड़ा है, जो अब एक 'अनमोल धरोहर' बन गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झाड़ग्राम में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। रैली के बाद लौटते समय पीएम का काफिला सड़क किनारे एक झालमुड़ी बेचने वाले दुकानदार के पास रुका। प्रधानमंत्री ने वहां रुककर बड़े चाव से 10 रुपये की झालमुड़ी खाई और दुकानदार को भुगतान के रूप में 10 रुपये का एक नोट दिया। दुकानदार की चमकी किस्मत झालमुड़ी विक्रेता के लिए यह पल किसी सपने जैसा था। जैसे ही यह खबर फैली कि प्रधानमंत्री ने इस दुकान पर झालमुड़ी खाई है, वहां लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लेकिन असली कहानी तब शुरू हुई जब लोगों को पता चला कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया वह 10 रुपये का नोट अभी भी दुकानदार के पास है। 1 लाख रुपये तक पहुंची बोली देखते ही देखते उस 10 रुपये के नोट को खरीदने के लिए लोगों में होड़ मच गई। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ उत्साही प्रशंसकों और संग्रहकर्ताओं ने उस नोट के लिए ऊंची बोलियां लगानी शुरू कर दीं। हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, इस मामूली नोट की कीमत 1 लाख रुपये तक की बोली तक पहुंच गई है। लोग इसे सौभाग्य का प्रतीक और ऐतिहासिक दस्तावेज मान रहे हैं। दुकानदार का फैसला नोट के लिए भारी-भरकम रकम मिलने के बावजूद दुकानदार फिलहाल इसे बेचने के मूड में नहीं दिख रहा है। उसका कहना है कि प्रधानमंत्री का उसकी दुकान पर आना और अपने हाथों से नोट देना उसके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। वह इस नोट को फ्रेम करवाकर अपनी दुकान में यादगार के तौर पर रखना चाहता है। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। जहां भाजपा समर्थक इसे प्रधानमंत्री की सादगी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विपक्षी खेमे में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। दिमाग नहीं खाते भाई’- पीएम का मजेदार जवाब जब दुकानदार ने पैसे लेने में संकोच किया, तो प्रधानमंत्री ने उसे डांटने के अंदाज में प्यार से कहा, ‘नहीं भाई, ऐसा नहीं होता.’ दुकानदार के बार-बार मना करने पर मोदी ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, ‘दिमाग नहीं खाते भाई, पैसे लो.’ उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. पीएम ने साफ किया कि वह बिना पैसे दिए कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे. अंत में मासूम दुकानदार को प्रधानमंत्री से वह 10 रुपये लेने ही पड़े।  जनता के बीच बनी चर्चा यह दृश्य देखकर झाड़ग्राम की जनता हैरान रह गई. एक तरफ जहां बंगाल में करोड़ों के घोटालों की खबरें चर्चा में रहती हैं, वहीं देश के प्रधानमंत्री का एक-एक रुपये का हिसाब रखना और दुकानदार के स्वाभिमान का सम्मान करना लोगों को काफी पसंद आ रहा है. भाजपा समर्थकों का कहना है कि यह मोदी की ‘गारंटी’ और उनकी ‘सादगी’ का प्रमाण है।  कुल मिलाकर, झाड़ग्राम की यह छोटी सी दुकान अब इलाके में मशहूर हो गई है. प्रधानमंत्री के ‘झालमुड़ी ब्रेक’ ने न केवल स्थानीय जायके को प्रमोट किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि सत्ता के शिखर पर बैठने के बाद भी वे अपनी जड़ों और सामान्य शिष्टाचार को नहीं भूले हैं. सोशल मीडिया पर अब लोग पीएम की जेब से निकले उन नोटों और उनकी ‘दिमाग नहीं खाने’ वाली बात पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। 

29 अप्रैल को पीएम मोदी गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे, यूपी की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया गति

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को जनपद हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह अवसर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जिसका सीधा लाभ करोड़ों लोगों को मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में जिस तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है, गंगा एक्सप्रेसवे उसी का एक सशक्त उदाहरण है। वर्ष 2020 में मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया और रिकॉर्ड समय में इसे साकार करने की दिशा में कार्य हुआ। यह एक्सप्रेसवे “नए उत्तर प्रदेश” के निर्माण का मजबूत आधार बन रहा है। पश्चिम से पूर्व तक मजबूत कनेक्टिविटी गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है, जो मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव के पास समाप्त होगा। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी हिस्से से जोड़ते हुए प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करेगा और यात्रा को तेज, सुरक्षित व सुगम बनाएगा। 12 जिलों के विकास को मिलेगी रफ्तार इस एक्सप्रेसवे से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 प्रमुख जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इन जिलों के 519 गांव इस परियोजना से जुड़े हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में यूपी का दबदबा वर्तमान में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है। गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ यह हिस्सेदारी बढ़कर करीब 60 प्रतिशत हो जाएगी, जिससे यूपी देश में एक्सप्रेसवे विकास का अग्रणी राज्य बनकर और मजबूत स्थिति में आ जाएगा। निवेश, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा बेहतर कनेक्टिविटी के चलते लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे नए औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होकर निवेश आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। कृषि और व्यापार को मिलेगा सीधा फायदा प्रदेश के किसानों के लिए यह परियोजना वरदान साबित होगी। अब कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे उनकी गुणवत्ता और कीमत बेहतर होगी। जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की सप्लाई चेन मजबूत होने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई गति गंगा एक्सप्रेसवे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। प्रयागराज सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से “एक्सप्रेसवे प्रदेश” के रूप में उभर रहा है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा दे रहे हैं। आर्थिक विकास की नई धुरी बनेगा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला इंजन है, जो प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चुनाव प्रचार के दौरान PM मोदी ने लिया झालमुड़ी का स्वाद, बोले—‘भाई, कितने की है?’

बिष्णुपुर. पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ चुनावी रैलियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय लोकप्रिय स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का आनंद लिया। पुरुलिया, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर और बिष्णुपुर में लगातार चार रैलियों के बाद वह झाड़ग्राम में एक छोटी सी दुकान के पास रुके, जहां उन्होंने झालमुड़ी खाई और आसपास मौजूद लोगों को भी यह नाश्ता बांटा। इस दौरान पीएम मोदी का यह सहज अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया। दुकान पर मौजूद नमकीन और मुरमुरे से भरे कंटेनरों के बीच जैसे ही उनके रुकने की खबर फैली, वहां भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास मौजूद लोग उत्साह के साथ इस पल को देखते नजर आए और कई लोग अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो बनाते दिखे। प्रधानमंत्री ने एक्स पर शेयर किया वीडियो पीएम मोदी ने इस पल की झलक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा की। उन्होंने लिखा, 'पश्चिम बंगाल में व्यस्त रविवार के बीच चार रैलियों के दौरान झाड़ग्राम में स्वादिष्ट झालमुड़ी का आनंद लिया।' इस दौरान वह अपने पारंपरिक परिधान (सफेद कुर्ता, नीली जैकेट और बीजेपी के प्रतीक कमल वाले लाल गमछे) में नजर आए। वीडियो में दिख रहा है कि पीएम मोदी दुकान पर पहुंचते हैं और कहते हैं कि भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ। कितने का है? अच्छे वाला कितने का है? इस पर दुकानदार जवाब देता है कि 10, 20 रुपये में है। पीएम मोदी कहते हैं कि जो भी है उसे बना दो। प्रधानमंत्री उसे 10 रुपये देते हैं मगर दुकानदार लेने से मना करता है और अंत में उनके कहने पर नोट रख लेता है। इसके बाद वह आसपास मौजूद लोगों को भी झालमुड़ी खिलाते हैं।

नारी शक्ति पर नरेंद्र मोदी का भरोसा: ‘आरक्षण का संकल्प अटूट, हर रुकावट होगी पार’

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें ‘नारी शक्ति का अपराधी’ करार दिया है। पीएम ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस ऐतिहासिक सुधार को रोकने के लिए शुरू से ही षड्यंत्र रचे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का एक बड़ा अवसर खो दिया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, विपक्ष को डर है कि यदि महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनकी परिवारवादी राजनीति खतरे में पड़ जाएगी। इसीलिए उन्होंने इस विधेयक का समर्थन न करके देश की 50% आबादी के सपनों को रौंदने का काम किया है। परिसीमन का झूठ, अंग्रेजों वाली राजनीति संसद में चर्चा के दौरान PM Modi ने परिसीमन के मुद्दे पर फैलाई जा रही भ्रांतियों का भी जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ वाली नीति अपनाते हुए परिसीमन के नाम पर देश में दरार पैदा करने का प्रयास किया है। पीएम ने स्पष्ट किया कि आरक्षण लागू होने से सभी राज्यों की पहुंच और शक्ति समान स्तर पर बढ़ेगी, लेकिन विपक्ष ने अपनी स्वार्थी राजनीति के चलते इसमें अड़ंगा डाला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास सुधरने का एक मौका था, जिसे उन्होंने अपनी नकारात्मक सोच के कारण गँवा दिया है, जिसका परिणाम अब जनता के सामने है। विकास विरोधी चेहरा कांग्रेस का पुराना इतिहास कांग्रेस को ‘एंटी-रिफॉर्म’ पार्टी बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि इस दल ने हमेशा देश के विकास में रुकावटें डाली हैं। चाहे वह सीएए (CAA) कानून हो या सीमा विवादों का समाधान, कांग्रेस हमेशा विरोध की तख्ती लेकर विकास को लटकाती आई है। मोदी ने कहा कि कांग्रेस की इसी नकारात्मकता के कारण भारत आज उस ऊंचाई पर नहीं है जहां उसे होना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी दी कि अब देश की बेटियां विपक्ष के इस अड़ियल रवैये का जवाब देंगी और उनकी हर साजिश को बेनकाब करेंगी। अचूक संकल्प: बिल पास करवाकर रहेगी सरकार: PM Modi भले ही वर्तमान में विधेयक को आवश्यक बहुमत न मिल पाया हो, लेकिन PM Modi ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि भाजपा और एनडीए का आत्मबल अजय है। उन्होंने कहा, “भले ही हमें संसद में 66% वोट न मिले हों, लेकिन देश की नारी शक्ति का 100% आशीर्वाद हमारे पास है।” प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे विज्ञापन छपवाकर उन्हें क्रेडिट देने को तैयार हैं, बस वे बिल का समर्थन करें। उन्होंने वादा किया कि हर रुकावट को खत्म करके यह बिल पास करवाया जाएगा और नारी शक्ति को उनका हक दिलाकर ही दम लिया जाएगा।

PM मोदी का संदेश: ‘समस्या का समाधान सैन्य टकराव से नहीं

नई दिल्ली  दुनिया इस वक्त जिस तनावपूर्ण दौर से गुजर रही है, उसमें ताकत और टकराव की राजनीति फिर से केंद्र में नजर आ रही है. ऐसे माहौल में भारत की ओर से शांति और संवाद का संदेश देना अपने आप में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान इसी सोच को सामने लाता है, जहां उन्होंने साफ कहा कि किसी भी समस्या का हल सैन्य टकराव से नहीं निकल सकता. यह बयान सिर्फ एक कूटनीतिक लाइन नहीं बल्कि भारत की उस नीति को दर्शाता है जो लंबे समय से बातचीत और संतुलन पर आधारित रही है. खास बात यह है कि यह संदेश ऐसे समय आया है जब यूक्रेन से लेकर वेस्ट एशिया तक हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।  प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि भारत न सिर्फ शांति की बात करता है, बल्कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर सख्त रुख भी रखता है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है. यानी एक तरफ जहां भारत संवाद का समर्थन करता है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा और सख्ती के बीच संतुलन बनाए रखने की नीति भी अपनाता है।  क्या बोले पीएम मोदी, क्यों अहम है बयान?     नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक हालात पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व एक गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है, इसका असर सभी देशों पर पड़ रहा है. ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रिया दोनों स्थायी और टिकाऊ शांति के पक्ष में खड़े हैं।      पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हर जगह भारत स्थिर और दीर्घकालिक शांति का समर्थन करता है. उन्होंने यह भी दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं किया जा सकता और इसे खत्म करना सभी देशों की साझा प्रतिबद्धता होनी चाहिए।      इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को लेकर भी अहम बातें सामने आईं. पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया के साथ रिश्तों को नए दौर में ले जाने की बात कही. इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया. साथ ही आईआईटी दिल्ली और मॉन्टान यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू को ज्ञान साझेदारी का बड़ा उदाहरण बताया गया।  भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों में नया अध्याय पीएम मोदी ने कहा कि चार दशकों बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हालिया समझौतों के बाद रिश्तों में नया अध्याय शुरू हुआ है. भारत का टैलेंट और ऑस्ट्रिया की इनोवेशन क्षमता मिलकर नए अवसर पैदा कर सकती है।  ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने क्या कहा? ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने अपनी भारत यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है और यह करीब 3 बिलियन यूरो तक पहुंच चुका है. स्टॉकर ने यह भी बताया कि लगभग 160 ऑस्ट्रियाई कंपनियां भारत में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को और मजबूत बना रही हैं। 

बस हादसे से दहला फतेहगढ़ साहिब: 8 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने व्यक्त किया गहरा दुख

फतेहगढ़ साहिब. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फतेहगढ़ साहिब हादसे पर दुख प्रगट किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वास्थ होने की कामना की है। घटना स्थल पर पहुंचे एसडीएम व अन्य अधिकारियों का ग्रमीणों ने किया विरोध। ग्रामीणों ने हादसे के लिए खस्ताहाल सड़कों को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बैसाखी पर्व पर श्री आनंदपुर साहिब माथा टेक कर लौट रही संगत की बस मंगलवार देर रात फतेहगढ़ साहिब के गांव भटेड़ी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। दो गंभीर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चला है। बस्सी पठाना तहसील के गांव मैण माजरी की संगत बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब गई थी। संगत में गांव डडयाना, माजरा और शेरगढ़ बाड़ा के लोग भी शामिल थे। सभी श्रद्धालु मैण माजरी के गुरुद्वारा साहिब की पालकी वाली बस में सवार होकर देर रात लौट रहे थे। गांव मैण माजरी से करीब 3 किलोमीटर पहले गांव भटेड़ी के पास बस अचानक हादसे का शिकार हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।

पाकिस्तान वार्ता विफल, अब सीधे ट्रंप से बोले PM मोदी — 40 मिनट की अहम चर्चा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बात हुई है। यह बातचीत करीब 40 मिनट तक हुई है। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद इस बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। इस साल तीसरी बार पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बात की है। वहीं, पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से दूसरी बार दोनों के बीच बात हुई है। पीएम मोदी ने क्या हुआ अमेरिकी राजदूत ने कहाकि ट्रंप ने पश्चिम एशिया की स्थिति, जिसमें ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी भी शामिल है, पर प्रधानमंत्री को जानकारी दी। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच कुछ बड़े सौदे अपेक्षित हैं, जिनमें ऊर्जा क्षेत्र भी शामिल है। सर्जियो गोर के मुताबिक इस दौरान पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा, ‘मैं सिर्फ यही चाहता हूं कि आप जान लीजिए कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं।’ अमेरिकी राजदूत ने कहाकि राष्ट्रपति ट्रंप, पीएम मोदी को लगातार अपडेट करते रहते हैं। अब तक तीन बार बातचीत पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल पहली बार दो फरवरी को बात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ट्रेड डील पर बातचीत हुई थी। इसके बाद 24 मार्च को दोनों ने पश्चिम एशिया के हालात को लेकर चर्चा की थी। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने बाद पहली फोन कॉल में, पीएम मोदी ने जल्द से जल्द पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने का समर्थन किया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि होर्मुज खुला और सुरक्षित रहेगा। अपनी बातचीत के बारे में पोस्ट करते हुए, पीएम मोदी ने कहा था कि ट्रंप से उनकी बात हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच पश्चिम एशिया के हालात पर उपयोगी बातचीत हुई थी। विफल हो चुकी है ईरान-अमेरिका वार्ता गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल संघर्ष विराम है। इस बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों के बीच शांति वार्ता हुई थी। हालांकि करीब 21 घंटे तक चर्चा के बावजूद इसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मूड भी उखड़ा हुआ है। वह लगातार ईरान को तबाह करने वाली धमकियां दे रहे हैं। इस बीच ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी बहुत जल्द हो सकती है।