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PM मोदी का 10 का नोट झालमुड़ी वाले के हाथ में, एक लाख में खरीदने की होड़ मची

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का प्रचार अपने चरम पर है, लेकिन रैलियों और बयानों के बीच एक अनोखी घटना ने सबका ध्यान खींचा है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सड़क किनारे खाई गई 10 रुपये की 'झालमुड़ी' और उसके बदले दिए गए 10 रुपये के नोट से जुड़ा है, जो अब एक 'अनमोल धरोहर' बन गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झाड़ग्राम में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। रैली के बाद लौटते समय पीएम का काफिला सड़क किनारे एक झालमुड़ी बेचने वाले दुकानदार के पास रुका। प्रधानमंत्री ने वहां रुककर बड़े चाव से 10 रुपये की झालमुड़ी खाई और दुकानदार को भुगतान के रूप में 10 रुपये का एक नोट दिया। दुकानदार की चमकी किस्मत झालमुड़ी विक्रेता के लिए यह पल किसी सपने जैसा था। जैसे ही यह खबर फैली कि प्रधानमंत्री ने इस दुकान पर झालमुड़ी खाई है, वहां लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लेकिन असली कहानी तब शुरू हुई जब लोगों को पता चला कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया वह 10 रुपये का नोट अभी भी दुकानदार के पास है। 1 लाख रुपये तक पहुंची बोली देखते ही देखते उस 10 रुपये के नोट को खरीदने के लिए लोगों में होड़ मच गई। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ उत्साही प्रशंसकों और संग्रहकर्ताओं ने उस नोट के लिए ऊंची बोलियां लगानी शुरू कर दीं। हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, इस मामूली नोट की कीमत 1 लाख रुपये तक की बोली तक पहुंच गई है। लोग इसे सौभाग्य का प्रतीक और ऐतिहासिक दस्तावेज मान रहे हैं। दुकानदार का फैसला नोट के लिए भारी-भरकम रकम मिलने के बावजूद दुकानदार फिलहाल इसे बेचने के मूड में नहीं दिख रहा है। उसका कहना है कि प्रधानमंत्री का उसकी दुकान पर आना और अपने हाथों से नोट देना उसके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। वह इस नोट को फ्रेम करवाकर अपनी दुकान में यादगार के तौर पर रखना चाहता है। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। जहां भाजपा समर्थक इसे प्रधानमंत्री की सादगी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विपक्षी खेमे में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। दिमाग नहीं खाते भाई’- पीएम का मजेदार जवाब जब दुकानदार ने पैसे लेने में संकोच किया, तो प्रधानमंत्री ने उसे डांटने के अंदाज में प्यार से कहा, ‘नहीं भाई, ऐसा नहीं होता.’ दुकानदार के बार-बार मना करने पर मोदी ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, ‘दिमाग नहीं खाते भाई, पैसे लो.’ उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. पीएम ने साफ किया कि वह बिना पैसे दिए कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे. अंत में मासूम दुकानदार को प्रधानमंत्री से वह 10 रुपये लेने ही पड़े।  जनता के बीच बनी चर्चा यह दृश्य देखकर झाड़ग्राम की जनता हैरान रह गई. एक तरफ जहां बंगाल में करोड़ों के घोटालों की खबरें चर्चा में रहती हैं, वहीं देश के प्रधानमंत्री का एक-एक रुपये का हिसाब रखना और दुकानदार के स्वाभिमान का सम्मान करना लोगों को काफी पसंद आ रहा है. भाजपा समर्थकों का कहना है कि यह मोदी की ‘गारंटी’ और उनकी ‘सादगी’ का प्रमाण है।  कुल मिलाकर, झाड़ग्राम की यह छोटी सी दुकान अब इलाके में मशहूर हो गई है. प्रधानमंत्री के ‘झालमुड़ी ब्रेक’ ने न केवल स्थानीय जायके को प्रमोट किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि सत्ता के शिखर पर बैठने के बाद भी वे अपनी जड़ों और सामान्य शिष्टाचार को नहीं भूले हैं. सोशल मीडिया पर अब लोग पीएम की जेब से निकले उन नोटों और उनकी ‘दिमाग नहीं खाने’ वाली बात पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। 

29 अप्रैल को पीएम मोदी गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे, यूपी की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया गति

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को जनपद हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह अवसर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जिसका सीधा लाभ करोड़ों लोगों को मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में जिस तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है, गंगा एक्सप्रेसवे उसी का एक सशक्त उदाहरण है। वर्ष 2020 में मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया और रिकॉर्ड समय में इसे साकार करने की दिशा में कार्य हुआ। यह एक्सप्रेसवे “नए उत्तर प्रदेश” के निर्माण का मजबूत आधार बन रहा है। पश्चिम से पूर्व तक मजबूत कनेक्टिविटी गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है, जो मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव के पास समाप्त होगा। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी हिस्से से जोड़ते हुए प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करेगा और यात्रा को तेज, सुरक्षित व सुगम बनाएगा। 12 जिलों के विकास को मिलेगी रफ्तार इस एक्सप्रेसवे से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 प्रमुख जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इन जिलों के 519 गांव इस परियोजना से जुड़े हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में यूपी का दबदबा वर्तमान में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है। गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ यह हिस्सेदारी बढ़कर करीब 60 प्रतिशत हो जाएगी, जिससे यूपी देश में एक्सप्रेसवे विकास का अग्रणी राज्य बनकर और मजबूत स्थिति में आ जाएगा। निवेश, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा बेहतर कनेक्टिविटी के चलते लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे नए औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होकर निवेश आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। कृषि और व्यापार को मिलेगा सीधा फायदा प्रदेश के किसानों के लिए यह परियोजना वरदान साबित होगी। अब कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे उनकी गुणवत्ता और कीमत बेहतर होगी। जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की सप्लाई चेन मजबूत होने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई गति गंगा एक्सप्रेसवे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। प्रयागराज सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से “एक्सप्रेसवे प्रदेश” के रूप में उभर रहा है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा दे रहे हैं। आर्थिक विकास की नई धुरी बनेगा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला इंजन है, जो प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चुनाव प्रचार के दौरान PM मोदी ने लिया झालमुड़ी का स्वाद, बोले—‘भाई, कितने की है?’

बिष्णुपुर. पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ चुनावी रैलियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय लोकप्रिय स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का आनंद लिया। पुरुलिया, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर और बिष्णुपुर में लगातार चार रैलियों के बाद वह झाड़ग्राम में एक छोटी सी दुकान के पास रुके, जहां उन्होंने झालमुड़ी खाई और आसपास मौजूद लोगों को भी यह नाश्ता बांटा। इस दौरान पीएम मोदी का यह सहज अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया। दुकान पर मौजूद नमकीन और मुरमुरे से भरे कंटेनरों के बीच जैसे ही उनके रुकने की खबर फैली, वहां भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास मौजूद लोग उत्साह के साथ इस पल को देखते नजर आए और कई लोग अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो बनाते दिखे। प्रधानमंत्री ने एक्स पर शेयर किया वीडियो पीएम मोदी ने इस पल की झलक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा की। उन्होंने लिखा, 'पश्चिम बंगाल में व्यस्त रविवार के बीच चार रैलियों के दौरान झाड़ग्राम में स्वादिष्ट झालमुड़ी का आनंद लिया।' इस दौरान वह अपने पारंपरिक परिधान (सफेद कुर्ता, नीली जैकेट और बीजेपी के प्रतीक कमल वाले लाल गमछे) में नजर आए। वीडियो में दिख रहा है कि पीएम मोदी दुकान पर पहुंचते हैं और कहते हैं कि भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ। कितने का है? अच्छे वाला कितने का है? इस पर दुकानदार जवाब देता है कि 10, 20 रुपये में है। पीएम मोदी कहते हैं कि जो भी है उसे बना दो। प्रधानमंत्री उसे 10 रुपये देते हैं मगर दुकानदार लेने से मना करता है और अंत में उनके कहने पर नोट रख लेता है। इसके बाद वह आसपास मौजूद लोगों को भी झालमुड़ी खिलाते हैं।

नारी शक्ति पर नरेंद्र मोदी का भरोसा: ‘आरक्षण का संकल्प अटूट, हर रुकावट होगी पार’

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें ‘नारी शक्ति का अपराधी’ करार दिया है। पीएम ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस ऐतिहासिक सुधार को रोकने के लिए शुरू से ही षड्यंत्र रचे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का एक बड़ा अवसर खो दिया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, विपक्ष को डर है कि यदि महिलाएं सशक्त हो गईं, तो उनकी परिवारवादी राजनीति खतरे में पड़ जाएगी। इसीलिए उन्होंने इस विधेयक का समर्थन न करके देश की 50% आबादी के सपनों को रौंदने का काम किया है। परिसीमन का झूठ, अंग्रेजों वाली राजनीति संसद में चर्चा के दौरान PM Modi ने परिसीमन के मुद्दे पर फैलाई जा रही भ्रांतियों का भी जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ वाली नीति अपनाते हुए परिसीमन के नाम पर देश में दरार पैदा करने का प्रयास किया है। पीएम ने स्पष्ट किया कि आरक्षण लागू होने से सभी राज्यों की पहुंच और शक्ति समान स्तर पर बढ़ेगी, लेकिन विपक्ष ने अपनी स्वार्थी राजनीति के चलते इसमें अड़ंगा डाला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास सुधरने का एक मौका था, जिसे उन्होंने अपनी नकारात्मक सोच के कारण गँवा दिया है, जिसका परिणाम अब जनता के सामने है। विकास विरोधी चेहरा कांग्रेस का पुराना इतिहास कांग्रेस को ‘एंटी-रिफॉर्म’ पार्टी बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि इस दल ने हमेशा देश के विकास में रुकावटें डाली हैं। चाहे वह सीएए (CAA) कानून हो या सीमा विवादों का समाधान, कांग्रेस हमेशा विरोध की तख्ती लेकर विकास को लटकाती आई है। मोदी ने कहा कि कांग्रेस की इसी नकारात्मकता के कारण भारत आज उस ऊंचाई पर नहीं है जहां उसे होना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी दी कि अब देश की बेटियां विपक्ष के इस अड़ियल रवैये का जवाब देंगी और उनकी हर साजिश को बेनकाब करेंगी। अचूक संकल्प: बिल पास करवाकर रहेगी सरकार: PM Modi भले ही वर्तमान में विधेयक को आवश्यक बहुमत न मिल पाया हो, लेकिन PM Modi ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि भाजपा और एनडीए का आत्मबल अजय है। उन्होंने कहा, “भले ही हमें संसद में 66% वोट न मिले हों, लेकिन देश की नारी शक्ति का 100% आशीर्वाद हमारे पास है।” प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे विज्ञापन छपवाकर उन्हें क्रेडिट देने को तैयार हैं, बस वे बिल का समर्थन करें। उन्होंने वादा किया कि हर रुकावट को खत्म करके यह बिल पास करवाया जाएगा और नारी शक्ति को उनका हक दिलाकर ही दम लिया जाएगा।

PM मोदी का संदेश: ‘समस्या का समाधान सैन्य टकराव से नहीं

नई दिल्ली  दुनिया इस वक्त जिस तनावपूर्ण दौर से गुजर रही है, उसमें ताकत और टकराव की राजनीति फिर से केंद्र में नजर आ रही है. ऐसे माहौल में भारत की ओर से शांति और संवाद का संदेश देना अपने आप में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान इसी सोच को सामने लाता है, जहां उन्होंने साफ कहा कि किसी भी समस्या का हल सैन्य टकराव से नहीं निकल सकता. यह बयान सिर्फ एक कूटनीतिक लाइन नहीं बल्कि भारत की उस नीति को दर्शाता है जो लंबे समय से बातचीत और संतुलन पर आधारित रही है. खास बात यह है कि यह संदेश ऐसे समय आया है जब यूक्रेन से लेकर वेस्ट एशिया तक हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।  प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि भारत न सिर्फ शांति की बात करता है, बल्कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर सख्त रुख भी रखता है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है. यानी एक तरफ जहां भारत संवाद का समर्थन करता है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा और सख्ती के बीच संतुलन बनाए रखने की नीति भी अपनाता है।  क्या बोले पीएम मोदी, क्यों अहम है बयान?     नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक हालात पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व एक गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है, इसका असर सभी देशों पर पड़ रहा है. ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रिया दोनों स्थायी और टिकाऊ शांति के पक्ष में खड़े हैं।      पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हर जगह भारत स्थिर और दीर्घकालिक शांति का समर्थन करता है. उन्होंने यह भी दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं किया जा सकता और इसे खत्म करना सभी देशों की साझा प्रतिबद्धता होनी चाहिए।      इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को लेकर भी अहम बातें सामने आईं. पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया के साथ रिश्तों को नए दौर में ले जाने की बात कही. इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया. साथ ही आईआईटी दिल्ली और मॉन्टान यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू को ज्ञान साझेदारी का बड़ा उदाहरण बताया गया।  भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों में नया अध्याय पीएम मोदी ने कहा कि चार दशकों बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हालिया समझौतों के बाद रिश्तों में नया अध्याय शुरू हुआ है. भारत का टैलेंट और ऑस्ट्रिया की इनोवेशन क्षमता मिलकर नए अवसर पैदा कर सकती है।  ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने क्या कहा? ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने अपनी भारत यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है और यह करीब 3 बिलियन यूरो तक पहुंच चुका है. स्टॉकर ने यह भी बताया कि लगभग 160 ऑस्ट्रियाई कंपनियां भारत में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को और मजबूत बना रही हैं। 

बस हादसे से दहला फतेहगढ़ साहिब: 8 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने व्यक्त किया गहरा दुख

फतेहगढ़ साहिब. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फतेहगढ़ साहिब हादसे पर दुख प्रगट किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वास्थ होने की कामना की है। घटना स्थल पर पहुंचे एसडीएम व अन्य अधिकारियों का ग्रमीणों ने किया विरोध। ग्रामीणों ने हादसे के लिए खस्ताहाल सड़कों को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बैसाखी पर्व पर श्री आनंदपुर साहिब माथा टेक कर लौट रही संगत की बस मंगलवार देर रात फतेहगढ़ साहिब के गांव भटेड़ी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। दो गंभीर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चला है। बस्सी पठाना तहसील के गांव मैण माजरी की संगत बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब गई थी। संगत में गांव डडयाना, माजरा और शेरगढ़ बाड़ा के लोग भी शामिल थे। सभी श्रद्धालु मैण माजरी के गुरुद्वारा साहिब की पालकी वाली बस में सवार होकर देर रात लौट रहे थे। गांव मैण माजरी से करीब 3 किलोमीटर पहले गांव भटेड़ी के पास बस अचानक हादसे का शिकार हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।

पाकिस्तान वार्ता विफल, अब सीधे ट्रंप से बोले PM मोदी — 40 मिनट की अहम चर्चा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बात हुई है। यह बातचीत करीब 40 मिनट तक हुई है। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद इस बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी। इस साल तीसरी बार पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बात की है। वहीं, पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से दूसरी बार दोनों के बीच बात हुई है। पीएम मोदी ने क्या हुआ अमेरिकी राजदूत ने कहाकि ट्रंप ने पश्चिम एशिया की स्थिति, जिसमें ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी भी शामिल है, पर प्रधानमंत्री को जानकारी दी। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच कुछ बड़े सौदे अपेक्षित हैं, जिनमें ऊर्जा क्षेत्र भी शामिल है। सर्जियो गोर के मुताबिक इस दौरान पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा, ‘मैं सिर्फ यही चाहता हूं कि आप जान लीजिए कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं।’ अमेरिकी राजदूत ने कहाकि राष्ट्रपति ट्रंप, पीएम मोदी को लगातार अपडेट करते रहते हैं। अब तक तीन बार बातचीत पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल पहली बार दो फरवरी को बात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ट्रेड डील पर बातचीत हुई थी। इसके बाद 24 मार्च को दोनों ने पश्चिम एशिया के हालात को लेकर चर्चा की थी। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने बाद पहली फोन कॉल में, पीएम मोदी ने जल्द से जल्द पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने का समर्थन किया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि होर्मुज खुला और सुरक्षित रहेगा। अपनी बातचीत के बारे में पोस्ट करते हुए, पीएम मोदी ने कहा था कि ट्रंप से उनकी बात हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच पश्चिम एशिया के हालात पर उपयोगी बातचीत हुई थी। विफल हो चुकी है ईरान-अमेरिका वार्ता गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल संघर्ष विराम है। इस बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों के बीच शांति वार्ता हुई थी। हालांकि करीब 21 घंटे तक चर्चा के बावजूद इसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मूड भी उखड़ा हुआ है। वह लगातार ईरान को तबाह करने वाली धमकियां दे रहे हैं। इस बीच ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी बहुत जल्द हो सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया दावा, भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसले की ओर बढ़ रहा है

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित किया. सम्मेलन में सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति सहित अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां और सफल महिलाएं शामिल हुईं ।  'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार भी हमारे बीच हैं. देश की विकास यात्रा में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने वाला है.' यह फैसला महिला शक्ति को समर्पित है. यह महिला शक्ति के सम्मान के लिए समर्पित है ।          हमारे देश की संसद एक नया इतिहास बनाने के करीब है. एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की सोच को साकार करेगा. एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा. एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारे काम करने के तरीके, हमारे फैसले लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो. दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है, राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक आज 16, 17 और 18 अप्रैल है ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '2023 में पार्लियामेंट की नई बिल्डिंग में हमने महिला सशक्तिकरण एक्ट पेश किया. इसे समय पर लागू किया जा सके, इसके लिए 16 अप्रैल से पार्लियामेंट के बजट सेशन की स्पेशल मीटिंग होने जा रही है. नारी शक्ति वंदन प्रोग्राम के जरिए हमें देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है. मैं आपको उपदेश देने नहीं आया हूँ, न ही आपको जगाने आया हूँ. मैं आज आपके देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूँ ।  नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने संबोधित किया इस मौके पर नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा, 'अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था, महिलाएं आधा आसमान संभालती हैं, तो क्या उन्हें कम से कम एक तिहाई पॉलिटिकल जमीन नहीं संभालनी चाहिए? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नारी शक्ति वंदन अधिनियम के साथ उनके दूर के विचार को पूरा किया है ।  यह एक्ट सिर्फ लोकसभा और विधानसभा में रिजर्वेशन देने के लिए नहीं है, बल्कि यह उस सोच को बदलने की कोशिश करता है जिसने सालों से महिलाओं को फ़ैसले लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा है. यह भारत के लोकतंत्र को सिर्फ संख्या से आगे बढ़ाकर ज़्यादा संवेदनशीलता की ओर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।  बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ: सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'हमने यह सफर बेटी बचाओ से शुरू किया था, एक समय था जब बेटियों को कोख में ही मार दिया जाता था. बेटियों को पढ़ाने का अगला दौर आया, तो हम बेटी पढ़ाओ के दौर में आ गए. मुझे बहुत खुशी है कि आज पीएम मोदी के नेतृत्व में हम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ' के दौर में आ गए हैं ।  इस कार्यक्रम का मकसद भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा करने के लिए अलग-अलग तरह के हितधारकों को एक साथ लाना है. यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में बड़े पैमाने पर प्रयासों के तहत आयोजित किया जा रहा है और इसका मकसद फैसले लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी के महत्व को बताना है।  यह पंचायत जैसे जमीनी स्तर के सरकारी संस्थानों से लेकर राष्ट्रीय संसद तक सभी सेक्टर में लीडरशिप रोल में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी को भी दिखाएगा. यह इवेंट सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पास होने के बाद हो रहा है, जो विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था।  इस कानून में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई रिजर्वेशन का प्रावधान है, जिसे भारत के राजनीतिक माहौल के लिए बड़े पैमाने पर बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है ।  अब जब पूरा ध्यान पूरे देश में महिला आरक्षण लागू करने पर है तो इस मुद्दे पर आगे चर्चा करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का एक सत्र बुलाया गया है. उम्मीद है कि सम्मेलन इस पहल को लेकर तेजी लाएगा और शासन में ज्यादा सबको साथ लेकर चलने के केंद्र सरकार के वादे को फिर से पक्का करेगा ।  आधिकारिक बयान के मुताबिक सम्मेलन में भारत के भविष्य को बनाने में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर भी जोर दिया जाएगा, क्योंकि देश 2047 तक एक विकसित देश बनने के अपने लंबे समय के विजन की ओर बढ़ रहा है, जिसे अक्सर 'विकसित भारत 2047' कहा जाता है ।  केंद्र सरकार ने लगातार महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को एक विकसित भारत के अपने विजन का एक अहम हिस्सा बताया है. इस सम्मेलन से इस बात को और मजबूत करने और सबको साथ लेकर चलने वाली और टिकाऊ विकास पाने की कोशिशों को और मजबूत करने की उम्मीद है । 

मुझे भी कहा गया मत जाइए – PM मोदी का अखिलेश पर कटाक्ष

नई दिल्ली नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसा। मोदी ने कहा कि नोएडा को पहले अंधविश्वास के कारण अपने हाल पर छोड़ दिया गया था। कुर्सी जाने के डर से सत्ताधारी यहां आने से डरते थे। पीएम ने कहा कि मुझे याद है जब यहां सपा की सरकार थी और मैंने नोएडा आने का कार्यक्रम बनाया। मुख्यमंत्री इतने डरे हुए थे कि वो उस कार्यक्रम में नहीं आए। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे भी लोगों ने डराने की कोशिश की कि नोएडा मत जाओ मोदी जी, अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हो। मैंने कहा इस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं जो मुझे लंबे समय तक सेवा करने का अवसर देगा। अब वही इलाका पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। ये पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त कर रहा है। किसानों का धन्यवाद प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में किसानों की अहम भूमिका है। आज मैं विशेष रूप से अपने उन किसानों का धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने इस परियोजना के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है। आपके योगदान से इस पूरे क्षेत्र में विकास का एक नया दौर शुरू होने वाला है। आधुनिक कनेक्टिविटी के विस्तार से पश्चिमी यूपी में खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाएं मजबूत होंगी। अब कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों में और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगे। इथेनॉल से विदेशी मुद्रा की बचत उन्होंने कहा कि मैं अपने किसानों का एक और बात के लिए धन्यवाद करना चाहूंगा। आपके गन्ने से उत्पादित इथेनॉल ने कच्चे तेल पर देश की निर्भरता को कम किया है। यदि इथेनॉल का उत्पादन और पेट्रोल में इसकी ब्लेंडिंग (मिश्रण) न बढ़ी होती तो देश को हर साल विदेशों से 4.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल आयात करना पड़ता। हमारे किसानों की कड़ी मेहनत ने इस संकट के दौरान देश को बड़ी राहत दी है। देश को इथेनॉल से लाभ हुआ है और किसानों को भी बहुत फायदा पहुंचा है। लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। इथेनॉल के बिना यह पैसा विदेशों में चला जाता। 100 हवाई अड्डे और 200 हेलीपैड बनाने की योजना प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार ने लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि हवाई अड्डे बनें और आम परिवारों के लिए हवाई किराया भी किफायती हो। इसीलिए हमने उड़ान योजना शुरू की। इस योजना की बदौलत पिछले कुछ सालों में 1.6 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किफायती हवाई किराए पर यात्रा की है। हाल ही में, केंद्र सरकार ने उड़ान योजना का और विस्तार करते हुए लगभग 29000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। आने वाले सालों में हम छोटे शहरों में 100 नए हवाई अड्डे और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना बना रहे हैं। इससे उत्तर प्रदेश को भी बहुत फायदा होगा। आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को आसान बनाया प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश में हवाई अड्डा सिर्फ एक आम सुविधा नहीं होता। हवाई अड्डे प्रगति को भी उड़ान देते हैं। 2014 से पहले देश में सिर्फ 74 हवाई अड्डे थे। आज देश में 160 से ज्यादा हवाई अड्डे हैं। अब बड़े शहरों के अलावा हवाई कनेक्टिविटी देश के सबसे छोटे शहरों तक भी पहुंच रही है। पिछली सरकारों का मानना ​​था कि हवाई यात्रा सिर्फ अमीरों के लिए होनी चाहिए, लेकिन बीजेपी सरकार ने आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को आसान बना दिया है।  

11 नेशनल अवार्ड पाने वाले परिवार का बना खास गिफ्ट, CM भजनलाल ने PM मोदी को किया भेंट

देश में शारदीय नवरात्रि की धूम है और इसी पावन मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। संसद परिसर में हुई इस शिष्टाचार भेंट की चर्चा अब गलियारों में जोरों पर है, क्योंकि इसमें राजनीति के साथ-साथ भारतीय शिल्प कला का एक बेजोड़ संगम देखने को मिला है। 11 नेशनल अवार्ड वाले जांगिड़ परिवार का कमाल दरअसल, मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को चंदन की लकड़ी से बनी मां दुर्गा की एक बेहद खूबसूरत और दिव्य प्रतिमा भेंट की है। सूत्रों ने बताया कि इस मूर्ति के पीछे एक बड़ी गौरवशाली कहानी छिपी है। इसे जयपुर के मशहूर कलाकार मोहित जांगिड़ ने तैयार किया है। गौरतलब है कि मोहित का परिवार पिछली चार पीढ़ियों से चंदन की नक्काशी का काम कर रहा है और इस हुनर के लिए इस परिवार के 11 सदस्यों को अब तक ‘नेशनल अवार्ड’ मिल चुका है। नक्काशी में दिखी भक्ति और शक्ति सूत्रों के अनुसार, जब पीएम मोदी ने इस प्रतिमा को देखा तो वे इसकी बारीकी देख दंग रह गए। पूरी प्रतिमा को शुद्ध चंदन की लकड़ी पर उकेरा गया है। इसमें जयपुर की सदियों पुरानी शिल्पकला की झलक साफ दिखती है। नवरात्रि के समय मां दुर्गा की यह भेंट शक्ति और भक्ति का प्रतीक मानी जा रही है।