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बेंगलुरु में पीएम मोदी की यात्रा से पहले हड़कंप, विस्फोटक सामग्री बरामद

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र की बेंगलुरु यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब उनके निर्धारित रूट के पास से जिलेटिन की छड़ें बरामद हुईं. यह घटना शहर के बाहरी इलाके कनकपुरा रोड की बताई जा रही है, जहां प्रधानमंत्री को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुजरना था. विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया. पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है. उससे फिलहाल गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है. शुरुआती जांच के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है ताकि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी तरह की चूक न हो. सुरक्षा जांच के दौरान मिलीं जिलेटिन स्टिक्स यह घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है. बेंगलुरु के कग्गलीपुरा इलाके के पास थाथागुनी क्षेत्र में सुरक्षा जांच चल रही थी, तभी पुलिस को संदिग्ध विस्फोटक सामग्री दिखाई दी. यह स्थान उस मार्ग के बेहद करीब है, जहां से प्रधानमंत्री का काफिला गुजरने वाला था. इसी रास्ते से आगे Art of Living Foundation केंद्र भी पड़ता है, जहां प्रधानमंत्री का कार्यक्रम निर्धारित था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिलेटिन की छड़ें एक पुल के पास कंपाउंड वॉल के किनारे फेंकी गई थीं. सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया. इलाके की घेराबंदी कर पूरी जांच की गई. राहत की बात यह रही कि विस्फोटक सामग्री प्रधानमंत्री के काफिले के वहां पहुंचने से पहले ही बरामद कर ली गई. धमकी भरे फोन कॉल से शुरू हुआ पूरा मामला इस पूरे मामले की शुरुआत एक संदिग्ध फोन कॉल से हुई. जानकारी के अनुसार तड़के सुबह एक अज्ञात व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में कॉल कर दावा किया कि एचएएल एयरपोर्ट और आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के आसपास विस्फोट हो सकते हैं. फोन कॉल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और बताए गए इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. हालांकि एचएएल एयरपोर्ट के आसपास कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन कनकपुरा रोड के पास जिलेटिन स्टिक्स बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया. तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को कोरामंगला इलाके के एक घर से हिरासत में लिया. पहले भी कर चुका है ऐसी हरकतें पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ा गया व्यक्ति पहले भी वीआईपी दौरों के दौरान इसी तरह के धमकी भरे कॉल कर चुका है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अतीत में भी उसे हिरासत में लिया गया था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आने पर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था. हालांकि इस बार मामला ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि सिर्फ धमकी ही नहीं दी गई, बल्कि मौके से वास्तविक विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने यह विस्फोटक सामग्री कहां से हासिल की और उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है. पुलिस कई एंगल से कर रही जांच मामले की जांच फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में चल रही है. डीसीपी स्तर के अधिकारी संदिग्ध और उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रहे हैं. जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस जिलेटिन स्टिक्स के स्रोत और उन्हें वहां रखने के उद्देश्य का पता लगाना है. इसके साथ ही पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा तो नहीं था. अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी सुरक्षा चूक को रोका जा सके.

विजय बने मुख्यमंत्री, तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन पर पीएम मोदी ने दी बधाई

तमिलनाडु तमिलनाडु में 10 मई से विजय थलापति का राज शुरू हो चुका है। विजय के ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें तमिलनाडु का पद भार ग्रहण करने के लिए बधाई दी और साथ ही केंद्र सरकार की तरफ से पूरी मदद करने का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "श्री सी. जोसेफ विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बहुत बधाई। उनके आगामी कार्यकाल के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। केंद्र सकार तमिलनाडु सरकार और वहां के लोगों की भलाई के लिए लगातार काम करती रहेगी।"    तमिलनाडु की नई नवेली सरकार को बधाई देने के साथ ही एक दूसरे कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस को एक परजीवी पार्टी बताते हुए अन्य विपक्षी पार्टियों को चेताया भी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दशकों तक डीएमके के साथ खड़ी रही, लेकिन हवा बदलते ही उसने पाला भी बदल लिया। कांग्रेस को लेकर चेताया कर्नाटक में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा, "तमिलनाडु की मौजूद स्थिति को देखिए। वहां पर पिछले पच्चीस से तीस वर्षों तक कांग्रेस और डीएमके के बीच घनिष्ठ संबंध रहे। डीएमके के साथ गठबंधन ने कई बार कांग्रेस को संकटों से उबारा। वास्तव में, 2014 से पहले दस वर्षों तक कांग्रेस का जो शासन चला, वह काफी हद तक डीएमके के समर्थन के कारण ही कायम रहा। लेकिन जैसे ही राजनीतिक हवा ने रुख बदला, कांग्रेस पार्टी ने डीएम के को धोखा दे दिया। सत्ता की लालसा में चूर कांग्रेस ने पहले ही मौके पर डीएमके को छुरा घोंपा। अब कांग्रेस को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने के लिए एक और पार्टी की जरूरत है, जिसके सहारे वह आगे बढ़ सके।" विजय की ऐतिहासिक शपथ इससे पहले, अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय ने रविवार सुबह चेन्नई के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में हुए एक भव्य कार्यक्रम में पद और गोपनीयता की शपथ ली। उनके साथ ही नौ नए मंत्रियों ने भी शपथ ली। इस दौरान हजारों की संख्या में समर्थक वहां मौजूद थे। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी वहां पर पहुंचे। शपथ के साथ ही विजय तमिलनाडु के नौवें मुख्यमंत्री बन चुके हैं। अपने पहले ही भाषण में उन्होंने साफ कर दिया कि सत्ता का एक ही केंद्र होगा, और वह स्वयं विजय ही होंगे। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतीं। बाद में पार्टी को विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का समर्थन मिला, जिससे उसकी सीटों की संख्या 120 हो गई और उसने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। विजय का शपथ ग्रहण तमिलनाडु में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव है, क्योंकि लगभग 70 वर्षों में यह पहली बार है कि डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन से बाहर की कोई सरकार राज्य में सत्ता में आई है।

सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने लिखा लेख, बताया भारत की अदम्य शक्ति

अहमदाबाद   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उन्होंने यह जानकारी देते हुए एक लेख में भव्य-दिव्य सोमनाथ धाम को समर्पित अपनी भावनाएं भी व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि यह अवसर हमें स्मरण कराता है कि इस पावनस्थल की रक्षा और इसके पुनर्निर्माण के लिए किस प्रकार देश की कई पीढ़ियों ने निरंतर संघर्ष किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपना लेख शेयर किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा, "पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 11 मई को मुझे एक बार फिर वहां जाने का सौभाग्य मिलने वाला है। यह अवसर हमें स्मरण कराता है कि इस पावनस्थल की रक्षा और इसके पुनर्निर्माण के लिए किस प्रकार देश की कई पीढ़ियों ने निरंतर संघर्ष किया।" सोमनाथ मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में इसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने बताया कि 2026 की शुरुआत में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होना उनके लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा, जो मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया गया था। उन्होंने लिखा, "वर्ष 2026 की शुरुआत में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सम्मिलित होने का सौभाग्य मिला। यह सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष बाद भी मंदिर के शाश्वत और अविनाशी होने का पर्व था।" पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि 11 मई को वे एक बार फिर सोमनाथ जाएंगे, जहां वे पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, "अब 11 मई को मुझे एक बार फिर सोमनाथ जाने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। इस बार यह यात्रा पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में है। मैं उस क्षण को फिर जीने जा रहा हूं, जब भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का लोकार्पण किया था। उस दिन, सोमनाथ में विध्वंस से सृजन तक की यात्रा फिर से जीवंत होगी। छह महीनों के भीतर सोमनाथ के इतिहास से जुड़े इन दो अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी बनना मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है।" अपने लेख में प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और उसकी निरंतरता का प्रतीक बताया। उन्होंने लिखा, "सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, हमारी सभ्यता का अटूट संकल्प है। इसके सामने लहराता विशाल समुद्र अनंत काल की अनूभूति कराता है। इसकी लहरें हमें सिखाती हैं कि तूफान चाहे कितने भी विकराल क्यों न हों, मनुष्य का साहस और आत्मबल हर बार फिर से उठ खड़ा होने में सक्षम है। तट से टकराती लहरें सदियों से यह उद्घोष कर रही हैं कि मानवीय चेतना को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता है।" उन्होंने प्राचीन ग्रंथों के उल्लेख के साथ सोमनाथ की आध्यात्मिक महत्ता को भी रेखांकित किया और इसे शैव परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया। पीएम मोदी ने कहा, "हमारे प्राचीन शास्त्रों में लिखा है, 'प्रभासं च परिक्रम्य पृथिवीक्रमसंभवम्।' अर्थात दिव्य प्रभास (सोमनाथ) की परिक्रमा पूरी पृथ्वी की परिक्रमा के समान है। जब लोग यहां दर्शन-पूजन के लिए आते हैं, तब उन्हें उस सभ्यता की अद्भुत निरंतरता का भी अनुभव होता है, जिसकी ज्योति कभी बुझाई नहीं जा सकी। कई साम्राज्य आए और गए, समय बदला और इतिहास ने ढेरों उतार-चढ़ाव देखे, फिर भी सोमनाथ हमारे हृदय में हमेशा बना रहा।" प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "यह समय उन असंख्य महान विभूतियों के स्मरण का भी है, जो क्रूर आक्रांताओं के सम्मुख अडिग रहे। लकुलीश और सोम शर्मा जैसे मनीषियों ने प्रभास को शैव दर्शन का महान केंद्र बनाया। चक्रवर्ती महाराज धारसेन चतुर्थ ने सदियों पहले वहां दूसरा मंदिर बनवाया था। समय की कठिन परीक्षा के बीच भीम प्रथम, जयपाल और आनंदपाल जैसे शासकों ने आक्रमणों के विरुद्ध अपनी सभ्यता की ढाल बनकर मंदिर की रक्षा की थी। ऐसा माना जाता है कि महान राजा भोज ने भी इस पावन स्थल के पुनर्निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया था। कर्णदेव सोलंकी और जयसिंह सिद्धराज ने गुजरात की राजनीतिक और सांस्कृतिक शक्ति को पुनर्स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।" उन्होंने आगे लिखा, "भाव बृहस्पति, कुमारपाल सोलंकी और पाशुपताचार्यों ने इस तीर्थ को आराधना और ज्ञान के केंद्र के रूप में स्थापित करने में अमूल्य योगदान दिया। विशालदेव वाघेला और त्रिपुरांतक ने इसकी बौद्धिक और आध्यात्मिक परंपराओं की रक्षा की। महिपाल चूड़ासमा और राव खंगार चूड़ासमा ने विध्वंस के बाद पूजा-पाठ की परंपरा को पुनर्जीवित किया। पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर, जिनकी 300वीं जयंती मनाई जा रही है, उन्होंने सबसे चुनौतीपूर्ण समय में भी भक्ति की परंपरा को जीवंत रखा। बड़ौदा के गायकवाड़ों ने तीर्थयात्रियों के अधिकारों की रक्षा की। इसके साथ ही हमारी यह धरती वीर हमीरजी गोहिल, वीर वेगड़ाजी भील जैसे पराक्रमियों से धन्य हुई है। उनके साहस और बलिदान को आज भी याद किया जाता है।" प्रधानमंत्री ने 20वीं सदी के पुनर्निर्माण आंदोलन का भी उल्लेख किया, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। अपने लेख में पीएम मोदी ने लिखा, "1940 के दशक में स्वतंत्रता की भावना पूरे भारत में फैल रही थी। सरदार पटेल जैसे महान नेताओं के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत की नींव रखी जा रही थी। ऐसे में एक बात जो उन्हें बहुत व्यथित करती थी, वह थी- सोमनाथ की दुर्दशा। 13 नवंबर 1947 को, दिवाली के समय, उन्होंने सोमनाथ के जर्जर अवशेषों के सामने खड़े होकर, समुद्र का जल हाथ में लेकर संकल्प लिया, 'इस (गुजराती) नववर्ष पर हमारा निश्चय है कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण होगा। सौराष्ट्र के लोगों को इसके लिए हर तरह से अपना योगदान देना होगा। यह एक पावन कार्य है, जिसमें हर किसी को भागीदारी निभानी होगी।' उनके इस आह्वान ने सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष को नए उत्साह से भर दिया।" उन्होंने आगे कहा कि दुर्भाग्यवश, सरदार पटेल अपने उस सपने को साकार होते नहीं देख सके, जिसके लिए उन्होंने स्वयं को समर्पित कर दिया था। इससे पहले कि जीर्णोद्धार के बाद सोमनाथ मंदिर भक्तों के लिए खुलता, उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इसके बावजूद, प्रभास पाटन की पावन धरती पर … Read more

भारत-इजराइल दोस्ती को मजबूत करने वाली मेगा डील, PM मोदी ने एयर डिफेंस पर किया ऐतिहासिक सौदा

नई दिल्ली भारत ने अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए इजरायल की IAI और HAL के साथ लगभग 1.1 अरब डॉलर की बड़ी डील की है। इसके तहत छह Boeing 767 विमानों को आधुनिक एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर में बदला जाएगा। यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ रणनीति और भारत-इजरायल रक्षा… International Desk: भारत ने अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए इजरायल की IAI और HAL के साथ लगभग 1.1 अरब डॉलर की बड़ी डील की है जिससे भारत-इजरायल रणनीतिक दोस्ती में  एक नया अध्याय जुड़ गया है। इसके तहत छह Boeing 767 विमानों को आधुनिक एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर में बदला जाएगा। इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ रणनीति  के तहत जबरदस्त मेगा डील माना जा रहा है जिससे भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी तक मार करने और हवा में ईंधन भरने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। भारत-इजरायल रक्षा साझेदारी को मजबूती इजरायली कंपनी IAI पिछले कई वर्षों से भारत के साथ रक्षा तकनीक पर काम कर रही है। मार्च 2024 में कंपनी ने नई दिल्ली में अपनी भारतीय शाखा Aerospace Services India (ASI) शुरू की थी। यह कंपनी भारत की सरकारी रक्षा अनुसंधान एजेंसी DRDO के साथ मिलकर भारतीय सेना के लिए कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। ASI में करीब 97 प्रतिशत कर्मचारी भारतीय हैं। MRSAM सिस्टम भी बना रहा है IAI । IAI और DRDO मिलकर भारत के लिए Medium Range Surface-to-Air Missile (MRSAM) सिस्टम भी बना चुके हैं। यह अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों इस्तेमाल कर रही हैं। इस सिस्टम में एडवांस रडार, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, मोबाइल लॉन्चर और इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल हैं। Boeing 767 को टैंकर में बदलने का फायदा IAI दुनिया की बड़ी विमान कन्वर्जन कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी यात्री विमानों को कार्गो या विशेष सैन्य विमानों में बदलने की विशेषज्ञ मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार:     नया टैंकर विमान खरीदने की तुलना में कन्वर्जन करीब 20 प्रतिशत सस्ता पड़ता है।     Boeing 767 को अपग्रेड करने के बाद उसे कई दशकों तक उपयोग किया जा सकता है।     इससे भारतीय वायुसेना को लंबी दूरी के ऑपरेशन में बड़ी मदद मिलेगी।     इन नए टैंकर विमानों से भारतीय लड़ाकू विमान हवा में ही ईंधन भर सकेंगे। इससे:     लड़ाकू विमानों की रेंज बढ़ेगी     लंबी दूरी के मिशन आसान होंगे     युद्ध के दौरान प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी     हिंद महासागर और पश्चिम एशिया में भारत की रणनीतिक पहुंच बढ़ेगी 2030 से शुरू हो सकती डिलीवरी रिपोर्ट के मुताबिक इन विमानों की डिलीवरी 2030 से शुरू हो सकती है। HAL और IAI पहले से ड्रोन और मिसाइल प्रोजेक्ट्स पर भी साथ काम कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समझौता सिर्फ एयर टैंकर खरीद नहीं, बल्कि भारत-इजरायल रक्षा सहयोग के नए दौर की शुरुआत है।  

गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण, पीएम मोदी ने नीतीश कुमार से दिखाया गर्मजोशी भरा रिश्ता

पटना  बिहार की राजनीति में आज का दिन न केवल नई कैबिनेट के गठन के लिए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के बीच के मजबूत संबंधों के लिए भी याद किया जाएगा। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद आयोजित इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री विशेष तौर पर शामिल हुए। समारोह संपन्न होने के बाद जब मंच पर फोटो सेशन की तैयारी चल रही थी, तब पीएम मोदी और नीतीश कुमार के बीच की 'केमिस्ट्री' ने सबका ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री ने खुद पहल करते हुए नीतीश कुमार को सम्राट से कहकर अपने पास बुलाया और उसके बाद जो गर्मजोशी दिखी, वो यादगार पल बन गया। शपथ के मंच पर पीएम मोदी-नीतीश की केमिस्ट्री दरअसल, बिहार में आज मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी ने शपथ ली थी। इसके बाद 7 मई को पटना के गांधी मैदान में मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद पीएम मोदी आज के मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल हुए। पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह के बाद मंच पर गहमागहमी थी। पीएम मोदी के बगल में सीएम सम्राट चौधरी खड़े थे। फोटो सेशन की तैयारी चल रही थी। तभी पीएम मोदी ने सम्राट चौधरी को इशारा किया कि वो नीतीश कुमार को बुलाकर लाएं। फिर सम्राट ने वहां मौजूद किसी को बोला कि नीतीश कुमार को लेकर आइए। फिर जैसे ही नीतीश कुमार पीएम मोदी के नजदीक आए उन्होंने नीतीश कुमार के हाथ पकड़कर गर्मजोशी दिखाया। दोनों नेताओं ने मुस्कुराकर अभिवादन किया। फोटोग्राफी के दौरान नीतीश कुमार हाथ हिलाकर आभिवादन करते रहे। फिर उन्होंने पीएम मोदी के दोनों कंधों झोर से हिलाकर अपनी गहरी दोस्ती को जताया। इसके बाद पीएम मोदी और नीतीश कुमार आपस में बात करते रहे। बीच-बीच लोगों के अभिवादन भी स्वीकार करते रहे। बिहार में आज 32 नए मंत्रियों ने ली शपथ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मंत्रिपरिषद का गठन के 22 दिनों बाद बृहस्पतिवार को पहला विस्तार किया गया, जिसमें 32 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह पांच पांच मंत्रियों के समूह में संपन्न हुआ। मंत्रिपरिषद विस्तार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से मिथिलेश तिवारी, नीतीश मिश्र, रामचंद्र प्रसाद, नंद किशोर राम और केदार गुप्ता को मंत्री बनाया गया। इस विस्तार में पूर्व केंद्रीय मंत्री मंगल पांडेय को जगह नहीं मिली। गांधी मैदान में बने विशाल पंडाल में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। लोकभवन (राजभवन) परिसर से बाहर, बड़े स्तर पर मंत्री परिषद विस्तार समारोह आयोजित किया गया। भाजपा की अगुवाई में बनी बिहार सरकार के नए मंत्रियों में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को भी मंत्री परिषद में शामिल किया गया। मंत्रिपरिषद विस्तार में नीतीश कुमार सरकार के अधिकतर पूर्व मंत्रियों को फिर से स्थान दिया गया है, जबकि कई नये चेहरों को भी मौका मिला है। भाजपा कोटे से विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, रमा निषाद,दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, प्रमोद चंद्रवंशी, लखविंदर पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद और अरुण शंकर प्रसाद को मंत्री बनाया गया है। जदयू कोटे से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, रत्नेश सदा, मदन सहनी, लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता, बुलो मंडल, दामोदर रावत, भगवान सिंह कुशवाहा, सुनील कुमार, शीला मंडल और जमा खान को मंत्री बनाया गया है। विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव पहले से मंत्री हैं। वहीं, चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) से संजय सिंह व संजय पासवान, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम से संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से दीपक प्रकाश मंत्री बने हैं।

बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी और अमित शाह के शामिल होने की चर्चा

पटना  कंफर्म हो गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बिहार आ रहे हैं। सीएम सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होंगे। पटना के गांधी मैदान में वाटरप्रूफ पंडाल बनाए जा रहे हैं। डेढ़ लाख लोगों के लिए तैयारी है। 7 मई को फर्स्ट हाफ का वक्त तय है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी इसकी पुष्टि कर दी। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख सात मई पर भी मुहर लगा दी। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने ये भी बताया कि पीएम के अलावा और कौन नेता मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होंगे। यानी तैयारी अब पूरी हो चुकी है। कौन किस दल से मंत्री बनेगा, ये भी तय है। 6 मई से मंत्री बनने वालों को फोन जाने शुरू हो जाएंगे। गांधी मैदान में बन रहा वाटरप्रूफ पंडाल दरअसल, जो जश्न 15 अप्रैल को बंगाल चुनाव की वजह से नहीं मनाया जा सका, वो अब मंत्रिमंडल विस्तार में मनाया जाएगा। गांधी मैदान में बड़ी तैयारी हो रही है। डेढ़ लाख लोगों के बैठने का इंतजाम किया जा रहा है। 3000 जवानों को सुरक्षा में लगाया जाएगा। पीएम को आना है, इसलिए तैयारी भी उसी स्तर की हो रही है। गांधी मैदान में वाटरप्रूफ बड़ा पंडाल लगाया जा रहा है। पटना के गांधी मैदान में बन रहे वाटर फ्रूफ पंडाल को 6 मई शाम तक तैयार कर देना है। उसी हिसाब से गांधी मैदान में काम चल रहा है। पटना का गांधी मैदान फिर बड़े समारोह का गवाह बनने जा रहा है। इससे पहले 20 नवंबर को जब मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार ने शपथ ली थी, तब भी बड़ी तैयारी गांधी मैदान में हुई थी। अब 6 महीने बाद बदली सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की उससे भी बड़ी तैयारी हो रही है। कैबिनेट में विस्तार में शामल होंगे पीएम मोदी और शाह     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी     गृह मंत्री अमित शाह     बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन     बिहार के सभी केंद्रीय मंत्री     पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार     एनडीए से जुड़े सभी बड़े नेता बिहार में 7 मई को मंत्रिमंडल विस्तार बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के कैबिनेट का विस्तार 7 मई को होगा। गांधी मैदान में शपथ ग्रहण होने जा रहा है। इसके लिए गांधी मैदान को तैयार किया जा रहा है। राज्य मंत्रिमंडल में विस्तार के साथ मंत्रियों की संख्या 30 के करीब हो जाएगी। सीएम समेत 36 तक मंत्री राज्य में बन सकते हैं। अपने सहयोगियों को जेडीयू और बीजेपी की ओर से चार मंत्री पद दिया जाएगा। चिराग पासवान की पार्टी से दो मंत्री बन पाएंगे। जबकि, जीतनराम मांझी की पार्टी को एक और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को भी एक मंत्री पद मिलेगा। बीजेपी और जेडीयू के बराबर बराबर मंत्री यानी 16–16 पद मिलेंगे। बिहार में जो मंत्री बनने जा रहे हैं, उनमें जेडीयू के नाम लगभग फिक्स हैं। पुराने चेहरों के साथ दो नए लोगों को मौका मिल सकता है। खास वो, जो टीम निशांत के तौर पर सक्रिय हैं। सबसे ज्यादा कयास बीजेपी कोटे के मंत्रियों को लेकर लगाए जा रहे हैं। उनके पास पद कम हैं और दावेदार ज्यादा हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम सम्राट चौधरी की पसंद के नेताओं की लॉटरी लग सकती है।  

मध्यप्रदेश: दमोह की स्वावलंबी गोशाला परियोजना में पीएम मोदी के आगमन की तैयारी

 भोपाल प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी का तीसरी बार मध्य प्रदेश दौरे पर आएंगे। वो यहां सूबे के दमोह जिले आ सकते हैं। उनका आगमन लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, इससे पहले पीएम मोदी चुनावी सभाओं को संबोधित करने दमोह आए थे। इसके बाद वो अब बिना किसी चुनावी सभा के जिले की पथरिया विधानसभा इलाके में स्वावलंबी गोशाला के तहत बनने जा रही 517 एकड़ जमीन में गोशाला के भूमि पूजन समारोह में शामिल होने आएंगे। पीएम मोदी आगामी 10 मई को नरसिंहगढ़ इलाके में आ सकते हैं। माना जा रहा है कि, पीएम का आना लगभग तय है। दमोह जिले में स्वावलंबी गोशाला कामधेनु निवास की स्थापना के लिए विकासखंड पथरिया के ग्राम रानगिर, कल्याणपुरा और बिजोरी में स्वीकृत 517 एकड़ जमीन का कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी के साथ निरीक्षण किया। चूंकि, उक्त गोशाला के निर्माण कार्य के भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा प्रस्तावित है। अंतिम चरण में चल रही तैयारियां स्वीकृत भूमि पर गोशाला के निर्माण और संचालन के लिए मेसर्स श्रीराम मानेक एग्रो प्रोडक्टस प्राइवेट लिमिटेड मुंबई को मध्य प्रदेश गौसंबर्धन बोर्ड भोपाल द्वारा आदेशित किया गया है। दिए गए निर्देश इस संबंध में उपसंचालक पशुपालन डॉ. बृजेंद्र असाटी ने बताया कि मध्य प्रदेश गौसंबर्धन बोर्ड द्वारा गोशाला के संचालन के लिए नियुक्त कंपनी को समय सीमा में भूमि की फेंसिंग और अस्थायी 200 गौवन्श की गोशाला का निर्माण 10 मई 2026 के पहले किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जायजा एसपी ने कहा कि, इस गोशाला का भूमि पूजन वैसे तो प्रधानमंत्री के सानिध्य में होना प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां प्रक्रिया के अंतिम चरण में चल रही हैं। इसी के चलते कलेक्टर के साथ – साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और समय पर निर्धारित काम निपटाने के साथ साथ तैयारियों को लेकर जरूरी दिशा – निर्देश दिए।

आज शाम 6:30 बजे BJP मुख्यालय में PM मोदी कार्यकर्ताओं से करेंगे सीधी बातचीत

नई दिल्ली पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के रुझानों में भाजपा का प्रदर्शन बेहद मजबूत नजर आ रहा है. खास तौर पर पश्चिम बंगाल और असम में पार्टी भारी बढ़त के साथ सरकार बनाने की ओर बढ़ती दिख रही है. ताजा रुझानों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में भाजपा करीब 181  सीटों पर आगे चल रही है, जबकि असम में पार्टी 95 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।  इन रुझानों के बीच पार्टी में उत्साह का माहौल है और जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब 6:30  बजे नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे. यहां वह पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर सकते हैं और इस जीत के लिए उन्हें बधाई देंगे।  पश्चिम बंगाल में भाजपा का यह प्रदर्शन खास तौर पर अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य लंबे समय से क्षेत्रीय दलों का गढ़ रहा है. ऐसे में पार्टी की यह बढ़त राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रही है. वहीं असम में भाजपा ने अपनी पकड़ बरकरार रखते हुए एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन किया है, जिससे पार्टी का आत्मविश्वास और बढ़ा है।  इसके अलावा पुड्डुचेरी में भी भाजपा गठबंधन शानदार प्रदर्शन करता नजर आ रहा है और सरकार बनाने की स्थिति में दिख रहा है. यहां पार्टी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बहुमत हासिल करने के करीब पहुंच गई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की इस बढ़त के पीछे उसकी आक्रामक चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूत पकड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अहम कारक रही है. हालांकि, अभी ये रुझान हैं और अंतिम परिणाम आना बाकी है. इसके बावजूद भाजपा खेमे में उत्साह चरम पर है. अब सभी की नजरें आधिकारिक नतीजों और उसके बाद बनने वाली सरकारों पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेंगी।  722 उम्मीदवार मैदान में राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। कांग्रेस ने सबसे अधिक 99 उम्मीदवार उतारे, जिसके बाद भाजपा ने 90 उम्मीदवार उतारे। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा। एनडीए सहयोगियों में, असम गण परिषद ने 26 उम्मीदवार उतारे, जबकि बोडो पीपुल्स फ्रंट ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा। विपक्षी गठबंधन में राइजर दल ने 13 उम्मीदवार उतारे, असम जातीय परिषद ने 10, माकपा ने तीन और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा। चुनाव मैदान में शामिल अन्य पार्टियों में आम आदमी पार्टी और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल शामिल हैं, जिन्होंने 18-18 सीटों पर चुनाव लड़ा। तृणमूल कांग्रेस ने 22 और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ा। इसके अलावा, 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। 9 अप्रैल को हुआ मतदान राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान 9 अप्रैल को हुआ, जिसमें 2.50 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया। इस बार कुल 85.96 प्रतिशत मतदान हुआ।

चुनावी नतीजों पर संतोष सुमन का तंज, ममता से लेकर कांग्रेस तक पर तीखी टिप्पणी

नई दिल्ली हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) सेकुलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री संतोष कुमार सुमन ने अलग-अलग राज्यों से आए चुनाव परिणामों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व की जमकर सराहना करते हुए विपक्ष पर करारा तंज कसा है। संतोष सुमन ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आज उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक पूरे विपक्ष की हालत 'झालमुड़ी' जैसी हो गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की राजनीति में विपक्ष अब पूरी तरह से अपनी प्रासंगिकता खो चुका है और जनता ने उनके एजेंडे को नकार दिया है। 'देशविरोधी ताकतों की कठपुतलियों के लिए जगह नहीं' विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए संतोष सुमन ने कहा कि आज देश की राजनीति में विपक्षी दलों का हाल ऐसा हो गया है कि आम जनता उनकी असलियत समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक अब जागरूक हो गए हैं और वे यह भली-भांति जान चुके हैं कि देशविरोधी ताकतों के इशारे पर काम करने वाली कठपुतलियों के लिए हिंदुस्तान में कोई जगह नहीं बची है। जनता अब सिर्फ विकास और राष्ट्रहित की राजनीति को ही अपना समर्थन दे रही है। विपक्ष को जमकर घेरा अलग-अलग राज्यों के चुनाव परिणामों की समीक्षा करते हुए संतोष सुमन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 'ममता बुआ' की नीतियों और उनकी राजनीतिक सोच पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। वहां की जनता अब पूरी तरह से सत्ता में बदलाव का मन बना चुकी है। वहीं, असम का जिक्र करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की जमकर तारीफ की। सुमन ने कहा कि हिमंता बिस्वा शर्मा के नेतृत्व में हुए विकास और उनकी निर्णायक राजनीति ने असम में विपक्ष को पूरी तरह से पीछे छोड़ दिया है। कांग्रेस नेताओं पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों में कांग्रेस के गौरव गोगोई और पवन खेड़ा का 'पेड़ा' बन गया है। दक्षिण भारत में DMK से बढ़ रही है नाराजगी दक्षिण भारत की राजनीति पर अपनी बात रखते हुए 'हम' के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वहां भी विपक्ष के लिए स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में DMK की विचारधारा और उनके नेताओं द्वारा हाल ही में दिए गए कुछ विवादित बयानों को लेकर आम लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। जनता के बीच पनप रहा यह गुस्सा अब सीधे तौर पर वहां के राजनीतिक और चुनावी परिणामों में भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है।

पीएम मोदी ने किया यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, विपक्ष पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 km लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।  लगभग ₹36,230 करोड़ की कुल लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय अभी के 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे होने की उम्मीद है।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं मानता हूं कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस वे का ये वरदान ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवन रेखा रही है वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेस वे UP के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।" रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं मानता हूं कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस वे का ये वरदान ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवन रेखा रही है वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेस वे UP के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।" 'मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेस-वे की बधाई देता हूं।  निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार मतदान हो रहा है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 6-7 दशक में जो नहीं हुआ, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी, वैसे निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार मतदान हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर वोट दे रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मैं बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वो अपने अधिकार के प्रति इतनी सजग है और बड़ी संख्या में मतदान कर रही है।   बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है और जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है, लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है' पीएम मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले, जब बिहार में चुनाव हुए तो भाजपा-एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की थी, एक इतिहास रच दिया था। अभी कल ही गुजरात में महानगर पालिका, नगर पालिका, जिला पंचायतें, नगर पंचायतें, तहसील पंचायत… इन सब के चुनाव के नतीजे आए हैं। 80 से 85 प्रतिशत नगरपालिका और पंचायत भाजपा ने जीत ली हैं। मुझे विश्वास है कि इन पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। 4 मई के नतीजे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नई ऊर्जा से भरेंगे। 'ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं' पीएम मोदी ने कहा कि कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं, और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं।  पीएम बोले-अब वो दौर चला गया पीएम मोदी ने कहा कि अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। एक बार घोषणा हो गई तो वर्षों तक फाइलें चलती थीं। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे, उसके बाद सरकारें आती-जाती रहती थीं, लेकिन काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी पुरानी फाइलें ढूंढ़ने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है और तय समय में लोकार्पण भी होकर रहता है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। 'यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था' पीएम मोदी ने कहा कि पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था, वही उत्तर प्रदेश आज एक ट्रिलियन economy बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। यूपी के पास असीम क्षमता है, देश की इतनी बड़ी युवा आबादी का पोटेंशियल यूपी के पास है, इस ताकत का इस्तेमाल हम यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए कर रहे हैं।  सपा विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि बीते दिनों एक बार फिर देश ने कांग्रेस और सपा का नारी विरोधी चेहरा देखा है। केंद्र की एनडीए सरकार नारी शक्ति वंदन संशोधन लेकर आई थी, अगर यह संशोधन पास हो जाता तो 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलता। बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर लखनऊ और दिल्ली पहुंचतीं, वो भी किसी अन्य वर्ग की सीटें कम हुए बिना। लेकिन सपा ने इस संशोधन के खिलाफ वोट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सपा कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती। ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति करेंगे। यूपी को सपा और उसके सहयोगियों से सावधान रहना है। पीएम मोदी ने कहा कि आप लोग देख रहे हैं कि आज पूरी दुनिया कैसे युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों की हालत खराब है। … Read more