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केन्द्रीय मंत्रि-मंडल ने मध्यप्रदेश सहित 4 राज्यों की रेलवे मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रि-मंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मध्यप्रदेश सहित 4 राज्यों के 18 जिलों में रेलवे की 4 मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मध्यप्रदेश को मिली इस सौगात के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार मानते हुए धन्यवाद किया है। पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार इन परियोजनाओं का उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श द्वारा मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाना है। ये परियोजनाएं नागरिकों, वस्तुओं और सेवाओं को निर्बाध संपर्क प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे लाइन क्षमता में बढ़ोत्‍तरी से गतिशीलता बढ़ेगी जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। मल्टी-ट्रेकिंग (पटरियों की संख्या बढ़ाना) से रेल परिचालन सुगम होगा और यात्रियों को सुविधा होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों का व्यापक विकास होगा, वे आत्मनिर्भर बनेंगे और उनके लिए रोज़गार/स्वरोज़गार के अवसर बढ़ेंगे। केन्द्रीय मंत्रि-मंडल समिति ने मध्यप्रदेश में 237 किलोमीटर लंबी इटारसी-भोपाल-बीना चौथी लाइन को और गुजरात एवं मध्यप्रदेश के बीच 259 किलोमीटर लंबी बढ़ोदरा-रतलाम, तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में वर्धा-भुसावल के बीच 314 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन को तथा महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में 84 किलोमीटर लंबी गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। कुल 24 हजार 634 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली ये परियोजनाएं 2030-31 तक पूरी होंगी। स्वीकृत मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं से लगभग 3 हजार 633 गांवों, जिनकी जनसंख्या लगभग 85 लाख 84 हजार है तथा 2 आकांक्षी जिलों विदिशा और राजनांदगांव तक संपर्क बढ़ेगा। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ राज्यों के 18 जिलों में व्‍याप्‍त इन चार परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 894 किलोमीटर की वृद्धि होगी। मध्यप्रदेश में परियोजना खंड सांची, सतपुड़ा बाघ अभयारण्य, प्रागैतिहासिक मानव जीवन के प्रमाणों और प्राचीन शैल चित्रकला के लिए प्रसिद्ध भीमबेटका शैलाश्रय, हज़ारा जलप्रपात, नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान आदि प्रमुख स्थलों को भी रेल संपर्क प्रदान करेगा, जो देश भर के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। यह कोयला, कंटेनर, सीमेंट, फ्लाई ऐश, खाद्यान्न, इस्पात आदि वस्तुओं के परिवहन के लिए भी आवश्यक मार्ग है। पटरियों की संख्या बढ़ाए जाने से प्रति वर्ष 78 मिलियन टन की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। रेलवे के पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन देश के जलवायु लक्ष्यों और परिचालन लागत को कम करने, तेल आयात (28 करोड़ लीटर) में कमी लाने और कार्बन उत्सर्जन 139 करोड़ किलोग्राम कम करने में मदद करेगा जो 6 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्टॉपेज और रूट में बड़ा बदलाव

पटना बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22843/22844) का विस्तार कर दिया गया है। अब यह ट्रेन बक्सर स्टेशन तक जाएगी। 10 अक्टूबर से बिलासपुर से रवाना होने वाली 22843 बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर तक जाएगी। वहीं, 11 अक्टूबर से पटना से रवाना होने वाली 22844 पटना-बिलासपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर रेलवे स्टेशन से चलेगी। इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज पटना-बक्सर के बीच छह स्टेशनों के यात्रियों को भी इस ट्रेन का लाभ मिलेगा। रेलवे ने दानापुर, बिहटा, आरा, बिहिया, रघुनाथपुर और डुमरांव स्टेशनों पर ट्रेन को वाणिज्यक ठहराव देने का निर्णय लिया है। रेलवे ने इन स्टेशनों पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान का समय भी जारी कर दिया है। इसके तहत बिलासपुर से यह ट्रेन 20:30 बजे छूटेगी। पटना 13:48 बजे, दानापुर 14:11 बजे, बिहटा 14:29 बजे, आरा 14:50 बजे, बिहिया 15:09 बजे, रघुनाथपुर 15:23 बजे, डुमरांव 15:38 बजे पहुंचेगी। इसके बाद बक्सर स्टेशन पर यह ट्रेन 16:10 बजे पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन बक्सर से 21:35 बजे रवाना होगी और पटना रात 12:03 बजे पहुंचेगी।  

पंडाल घूमने वालों के लिए खुशखबरी! रेलवे ने चलाईं पूजा स्पेशल ट्रेनें

पटना आगामी पर्व-त्यौहार के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर उनकी सुविधा के लिए रेलवे द्वारा कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रांची से आरा, जयनगर, पूर्णिया कोर्ट एवं कामाख्या के लिए एक-एक जोड़ी तथा टाटा से बक्सर के लिए एक जोड़ी स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, गोमो, कोडरमा, गया, सासाराम के रास्ते रांची और आरा के मध्य रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 28 सितंबर से 2 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को तथा आरा से 29 सितंबर से 3 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी के रास्ते रांची और जयनगर के मध्य रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा जयनगर से 19 अक्टूबर से दो नवंबर तक प्रत्येक रविवार को किया जायेगा। रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, आसनसोल, रामपुर हाट, मालदा टाउन, कटिहार के रास्ते रांची और पूर्णिया कोर्ट के मध्य रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा पूर्णिया कोर्ट से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा। रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, न्युू बरौनी, खगड़िया, कटिहार के रास्ते रांची और कामाख्या के मध्य रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 27 सितंबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा कामाख्या से 29 सितंबर से तीन नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल आसनसोल, झाझा, किउल, पटना के रास्ते टाटा और बक्सर के मध्य गाड़ी टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन टाटा से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा बक्सर से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा।

मोदी सरकार ने बिहार के लिए रेलवे और हाईवे विकास परियोजनाओं को दी मंजूरी

पटना  चुनावी साल में बिहार को केंद्र सरकार से एक और बड़ा तोहफा मिला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कुल 6 अहम फैसलों पर मुहर लगी. इन फैसलों पर करीब 94,916 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. रेलवे, सड़क, शिक्षा, जहाजरानी और रिसर्च जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी इन योजनाओं का सीधा फायदा बिहार और देश के बाकी हिस्सों को मिलेगा. रेलवे कर्मचारियों के लिए भी सरकार ने खुशी की सौगात दी है. उन्हें प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस देने का फैसला हुआ है, जिस पर 1,866 करोड़ रुपये खर्च होंगे. बिहार में बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेल लाइन डबलिंग परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस पर 2,192 करोड़ रुपये खर्च होंगे. रेलवे का यह कदम न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही को भी दोगुना कर देगा. इसके अलावा साहेबगंज-बेतिया एनएच-139W को चार लेन बनाने पर 3,822 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. माना जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट से सीमांचल और उत्तर बिहार के लोगों को तेज रफ्तार कनेक्टिविटी मिलेगी. चार-लेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्‍ट से पटना और बेतिया के बीच संपर्क को बेहतर बनाया जाएगा. इससे उत्तर बिहार के वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिले भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों तक जुड़ जाएंगे. मेड‍िकल, स्‍वास्‍थ्‍य से लेकर शिपबिल्डिंग प्रोजेक्‍ट पास     केंद्र ने मेडिकल कॉलेज और मेडिकल शिक्षा विस्तार पर 15,034 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है. इससे बिहार सहित देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर होने की उम्मीद है.     इसके साथ ही सीएसआईआर की क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास योजना पर 2,277 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे देश में रिसर्च और इनोवेशन को नई उड़ान मिलेगी.     कैबिनेट ने शिपबिल्डिंग और समुद्री विकास सुधारों के लिए सबसे बड़ा पैकेज द‍िया है. इस पर 69,725 करोड़ रुपये खर्च क‍िए जाएंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की समुद्री ताकत और वैश्विक व्यापार में पकड़ मजबूत होगी. मरीन सिक्‍योरिटी नेशनल सिक्‍योरिटी का एक बहुत बड़ा ह‍िस्‍सा है और सरकार लगातार इसे बेहतर करने की कोश‍िश कर रही है. बिहार को एक साल में कई सौगात बीते एक साल में केंद्र सरकार ने बिहार के लिए कई योजनाओं पर मुहर लगाई है. रेलवे लाइन अपग्रेडेशन, नई सड़कों और पुलों के निर्माण, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर लगातार निवेश हो रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 12 महीनों में बिहार के लिए करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं को मंजूरी मिली है. इनमें सड़क, रेलवे, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट प्रमुख हैं. क्यों अहम है बिहार? बिहार में अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं. इसल‍िए सरकार का फोकस बिहार पर ज्‍यादा है. बिहार की राजनीति हमेशा से दिल्ली की राजनीति को प्रभावित करती रही है. राज्य में विधानसभा की 243 सीटें हैं और यहां का चुनाव सीधा-सीधा राष्ट्रीय राजनीति का रुख तय करता है. यही वजह है कि केंद्र सरकार चाहती है कि 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विकास की बड़ी तस्वीर जनता के सामने रखी जाए.  2024–25 में जिन योजनाओं को मंजूरी मिली है, जैसे रेलवे लाइन डबलिंग, हाईवे चौड़ीकरण, मेडिकल कॉलेज विस्तार, बिजली और शिक्षा योजनाएं—इनका फायदा सरकार चुनाव प्रचार में सीधे तौर पर दिखा सकती है. लोग जब नई सड़क, बेहतर अस्पताल या कॉलेज बनते देखते हैं तो यह सरकार की छवि पर असर डालता है.

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने लिखा बैठक को लेकर पत्र भोपाल  रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने रेल विभाग को पत्र लिखकर समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग की है। निलेश कुमार ने वरिष्ठ मंडल प्रबंधक सौरव कटारिया एवं रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति मंडल भोपाल के सचिव को भेजे पत्र में उल्लेखित किया है कि मार्च माह में समिति की केवल एक बैठक 21 मार्च 2025 भोपाल में आयोजित की गई थी, जबकि नियम अनुसार वर्ष में कम से कम तीन बैठके होना आवश्यक है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि रेल विभाग की इस उदासीनता से उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने में कठिनाई होती है। साथ उन्होंने मांग की है कि समिति की अगली बैठक कब और कहां आयोजित की जा रही है, इसकी जानकारी जल्दी दी जाए, ताकि रेलवे से जुड़ी जन समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द हो सके। रेल जनता के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, जिसका उपयोग आमजन लगातार अपने जीवन में करते हैं। रेल यात्रा करते समय यात्रियों को हो रही असुविधाओं को ध्यान में रखकर पूर्ण सुविधाओं में परिवर्तित करने का कार्य रेल विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। समिति की बैठक यदि निरंतर समय पर होती रहे तो आमजन की रेल समस्याओं का निपटान समय से होता रहेगा। रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने मांग की है की रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति बैठक का निर्णय जल्द से जल्द कर समिति के सभी सदस्यों को सूचित किया जाए।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: रेलवे ने शुरू किया रिटर्न टिकट पर 20% छूट ऑफर

 नई दिल्ली रेलवे ने यात्रियों के लिए राउंड ट्रिप पैकेज स्कीम का ऐलान किया है, जिसके तहत रिटर्न जर्नी पर 20% की छूट मिलेगी. यह योजना फिलहाल एक्सपेरिमेंटल बेसिस पर लागू की जाएगी, ताकि इसके असर और यात्रियों की प्रतिक्रिया का आकलन किया जा सके. रेलवे ने त्योहारों के सीजन में भीड़ को मैनेज करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए 'राउंड ट्रिप पैकेज' स्कीम की घोषणा की है. इस स्कीम के तहत जो यात्री अपनी रिटर्न जर्नी तय समय सीमा के भीतर बुक करेंगे, उन्हें रिटर्न टिकट के बेस किराए पर 20% की छूट मिलेगी. ‘कनेक्टिंग जर्नी फीचर’ के जरिए बुक होगा टिकट यह योजना 14 अगस्त 2025 से शुरू होगी. इसके तहत पहले यात्रा (Onward Journey) का टिकट 13 अक्टूबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 के बीच की तारीख के लिए बुक करना होगा. इसके बाद वापसी (Return Journey) का टिकट 17 नवंबर 2025 से 1 दिसंबर 2025 के बीच की तारीख के लिए ‘कनेक्टिंग जर्नी फीचर’ के जरिए बुक किया जा सकेगा. बेस किराए पर मिलेगी छूट इस स्कीम में छूट तभी मिलेगी जब दोनों तरफ का टिकट एक ही यात्रियों के नाम से और कन्फर्म हो. रिटर्न टिकट की बुकिंग के लिए एडवांस रिजर्वेशन पीरियड लागू नहीं होगा. छूट केवल रिटर्न जर्नी के बेस किराए पर दी जाएगी. रेलवे ने बताया कि यह योजना फिलहाल एक्सपेरिमेंटल बेसिस पर लागू की गई है, ताकि त्योहारों के समय ट्रेनों का दोनों तरफ से बेहतर इस्तेमाल हो सके.

कांवड़ यात्रा में भारी भीड़, भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का विशेष इंतजाम, चलाई स्पेशल ट्रेन

भोपाल  गुरुवार को कुबेरेश्वर धाम कावड़ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के चलते भोपाल रेलवे स्टेशन पर आम दिनों की तुलना में चार गुना अधिक यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम और टिकट काउंटर यात्रियों से भरे नजर आए। ऐसी स्थिति में भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौकस व्यवस्था की। गुरुवार को करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे रेलवे अधिकारियों के अनुसार बुधवार दोपहर से गुरुवार शाम तक करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे। यात्रियों की इस अप्रत्याशित भीड़ को सुरक्षित ट्रेनों में बैठाने और स्टेशन से बाहर निकालने की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए रेलवे प्रशासन ने दिन-रात एक कर दिया। एडीआरएम अभिराम खरे और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में एक विशेष टीम स्टेशन पहुंची। टीम ने स्टेशन पर मौजूद सीसीटीवी कंट्रोल रूम से निगरानी करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए और स्टेशन की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। स्पेशल ट्रेन और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती भोपाल से झांसी तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई। इसके अलावा 25 अतिरिक्त टीटीई की ड्यूटी स्टेशन पर लगाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई, जिसमें कुछ जवानों को निशातपुरा से बुलाया गया। स्टेशन के हर कोने में श्रद्धालुओं की मौजूदगी दिखाई दी। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में आरपीएफ के जवानों ने प्रमुख भूमिका निभाई। यात्रियों की संख्या को देखते हुए स्टेशन परिसर में विशेष सतर्कता बरती गई।

रेलवे अलर्ट: 15 सितंबर तक बंद रहेंगी 30 ट्रेनें, 6 के बदले रूट, कई राज्यों पर असर

बिलासपुर  रेलयात्रियों को आने वाले दिनों में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 30 से ज्यादा ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। ये गाड़ियां 31 अगस्त से 15 सितंबर तक नहीं चलेंगी। साथ ही 6 गाड़ियों को रूट बदले गए हैं, जबकि 5 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। रेलवे ने बिलासपुर-झारसुगड़ा रूट पर चौथी लाइन के काम के चलते यह बड़ा फैसला लिया है। 16 दिन तक ट्रेन कैंसिल रहने की वजह से पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, गोवा जाने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। कैंसिल की गई ट्रेनों में कई एक्सप्रेस और कई पैसेंजर गाड़ियां शामिल बताई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि यात्रियों को होने वाली दिक्कतों के लिए कोई ऑप्शनल व्यवस्था भी नहीं की गई है। क्या है चौथी लाइन का प्रोजेक्ट? बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। यह रेलवे का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को और बेहतर बनाएगा। इससे भविष्य में नई ट्रेनों को चलाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी। साथ ही, सुविधाओं में भी सुधार होगा। रेलवे की इस योजना के तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड के रायगढ़ रेलवे स्टेशन को अब चौथी रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। यह काम 31 अगस्त से 15 सितंबर के बीच अलग-अलग दिनों में किया जाएगा। रेल प्रशासन का कहना है कि यह काम इस तरह से किया जाएगा, जिससे यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। इस प्रोजेक्ट के दौरान कुछ ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोका जाएगा, लेकिन जैसे ही यह काम पूरा होगा, ट्रेनें समय पर चलने लगेंगी। ये एक्सप्रेस ट्रेनें रहेंगी कैंसिल-     गाड़ी नंबर 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस 30 अगस्त से 2 सितंबर तक रद्द     18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 3 सितंबर तक रद्द     20813 पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस 27 अगस्त को रद्द     20814 जोधपुर-पुरी एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     13425 मालदा-सूरत एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द      22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द     22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस 31 अगस्त व 3 सितंबर को रद्द     22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द     22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द     12262 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस 2 सितंबर     12261 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द     12101 कूल्ली-शालीमार एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द     12102 शालीमार-कूल्ली एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द      12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस 27 व 28 अगस्त को रद्द      12906 शालीमार-पोरबंदर 29 व 30 अगस्त को रद्द     68737 रायगढ़-बिलासपुर MEMU ट्रेनें 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द      68738 बिलासपुर-रायगढ़ MEMU ट्रेनें 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द      68735 रायगढ़-बिलासपुर MEMU ट्रेनें 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द      68736 बिलासपुर-रायगढ़ MEMU ट्रेनें 30 अगस्त से 14 सितंबर तक रद्द दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में चौथी लाइन का काम शुरू दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में चौथी रेलवे लाइन का काम शुरू होने जा रहा है। इस कारण 31 अगस्त से 15 सितंबर तक छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 50 से ज्यादा ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। इन ट्रेनों में एक्सप्रेस और पैसेंजर दोनों शामिल हैं। रेल प्रशासन ने बताया कि बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। यह रेलवे का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को और बेहतर बनाएगा। रेलवे का कहना है कि इस काम से भविष्य में नई ट्रेनों को चलाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी। साथ ही, सुविधाओं में भी सुधार होगा। बिलासपुर से झारसुगड़ा तक 206 KM चौथी लाइन बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का निर्माण चल रहा है, जिसमें अब तक 150 किलोमीटर से ज्यादा रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है। रायगढ़ रेलवे स्टेशन में होगा चौथी लाइन का काम रेलवे की इस योजना के तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड के रायगढ़ रेलवे स्टेशन को अब चौथी रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। यह काम 31 अगस्त से 15 सितंबर के बीच अलग-अलग दिनों में किया जाएगा। रेल प्रशासन का कहना है कि यह काम इस तरह से किया जाएगा, जिससे यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। इस प्रोजेक्ट के दौरान कुछ ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोका जाएगा, लेकिन जैसे ही यह काम पूरा होगा, ट्रेनें समय पर चलने लगेंगी और उनकी रफ्तार भी बढ़ेगी। रेलवे ने बताया कि यह एक जरूरी विकास कार्य है, जिससे भविष्य में यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।  

सम्मान की जीत: कोर्ट के फैसले से रेलवे ने बदला शब्द, अब ‘बौद्धिक दिव्यांग’ लिखा जाएगा टिकट पर

उज्जैन  भारतीय रेलवे ने फैसला किया है कि अब वह मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए जारी करने वाले रियायती पास पर 'मानसिक विकृत' शब्द की जगह 'बौद्धिक दिव्यांग' शब्द का इस्तेमाल करेगा। रेलवे ने 1 जून 2025 से इस फैसले को अमल में लाना शुरू कर दिया है। रेलवे रियायत प्रमाण पत्र में 'मानसिक रूप से विकलांग' शब्द को 'बौद्धिक विकलांगता' में बदलकर अपनी बेटी की गरिमा बचाने के लिए एक पिता को साढ़े पांच साल तक संघर्ष करना पड़ा. जानकारी के मुताबिक डॉ पंकज मारू की बेटी बौद्धिक रूप से विकलांग थी. ईटीवी भारत से बात करते हुए 65 प्रतिशत बौद्धिक रूप से विकलांग बेटी के पिता डॉ पंकज मारू ने कहा, "हमें तीन सितंबर 2019 को मेरी बेटी का रेलवे रियायत प्रमाण पत्र मिला, जिसमें 'मानसिक रूप से विकलांग' शब्द हमारे लिए बेहद आपत्तिजनक था, जिसके बाद मैंने रेलवे रियायत कार्ड में इस शब्द को बदलने के लिए पश्चिमी क्षेत्र, रेलवे बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन रेलवे उसी शब्द को जारी रखने पर अड़ा रहा." अधिकारियों को शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ डॉ. पंकज मारु बताते हैं कि साल 2019 में उन्होंने अपनी बेटी सोनू के लिए रेलवे से रियायती पास बनवाया था। इसमें विकलांगता की प्रकृति वाले कॉलम में लिखा था मानसिक विकृति। अपनी बेटी के लिए ये शब्द मुझे अपमानजनक लगा। मेरी बेटी 65 फीसदी मानसिक दिव्यांग है, न कि विकृत। मैंने रियायती पास में इस शब्द को बदलवाने के लिए पश्चिम रेलवे, रेलवे बोर्ड और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। कई बार रेलवे के चेयरमैन और डीआरएम को पत्र लिखे। अधिकारियों की तरफ से मुझे कोई जवाब नहीं मिला। उनकी सफलता से ऐसे एक करोड़ से अधिक दिव्यांगजनों के लिए सम्मानपूर्वक जीवन जीने की आशा जगी है, क्योंकि दिव्यांगजनों के लिए मुख्य आयुक्त न्यायालय (CCPD) ने रेलवे बोर्ड को निर्देश जारी किए हैं. डॉ. मारु ने मामले की खुद पैरवी की याचिका दायर होने के तीन दिन बाद यानी 15 जुलाई 2024 को कोर्ट ने रेलवे को एक नोटिस जारी किया और पूछा कि क्या इस शब्द को बदला जा सकता है। 4 सितंबर 2024 को रेलवे ने इस नोटिस का जवाब देते हुए लिखा कि इस शब्द को नहीं बदला जा सकता। इसके बाद कोर्ट ने मारु से पूछा कि वे अब क्या करना चाहते हैं? तो मारु ने 25 सितंबर को दोबारा सुनवाई के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई। जब इस मामले की सुनवाई हुई तो डॉ. मारु ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला दिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम, 2016 (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) की धारा 92(क) [Section 92(a)] में यह प्रावधान किया गया है, CCPD का आदेश CCPD आदेश में कहा गया है कि रेलवे बोर्ड ने 14 जुलाई 2025 को ईमेल के माध्यम से कोर्ट को सूचित किया कि 9 मई 2025 को एक निर्देश पहले ही जारी किया जा चुका है. रेलवे ने इसकी एक कॉपी अटैच की है, जिसमें कहा गया है कि रेल मंत्रालय ने मानसिक रूप से मंद व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते शब्द को बौद्धिक रूप से अक्षम व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते से बदलने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक सम्मानजनक और उपयुक्त भाषा अपनाई जा सके. यह नियम 1 जून, 2025 से लागू किया गया है. दिव्यांगजनों को सम्मान दिलाने में मदद करें निर्देश परिवार एनसीपीओ के राष्ट्रीय अध्यक्षडॉ पंकज मारू ने कहा, "ये निर्देश न केवल हमें, बल्कि देश भर के सभी दिव्यांगजनों को सम्मान दिलाने में मदद करेंगे. UNCRPD/दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (जिसे आगे अधिनियम कहा जाएगा) दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है. इसके बावजूद, रेलवे 'मानसिक रूप से विकृत' शब्द का प्रयोग कर रहा है, यह शब्द दिव्यांगजनों के सम्मान और गरिमा को नहीं दर्शाता." इस संबंध में सर्कुलर जारी इस साल 9 मई को रेलवे बोर्ड ने इस शब्द को बदलने का निर्णय लिया, जिसके बाद उसने "मानसिक रूप से विकलांग व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते" शब्द के स्थान पर "बौद्धिक रूप से विकलांग व्यक्ति जो बिना किसी अनुरक्षक के यात्रा नहीं कर सकते" शब्द रखने के संबंध में एक सर्कुलर जारी किया. सर्कुलर के अनुसार 1 जून, 2025 से पहले पुराने प्रोफार्मा में जारी किया गया प्रमाण पत्र वैधता अवधि समाप्त होने तक वैध रहेगा, और रेलवे दिव्यांगजन पहचान पत्र, ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन पत्रों में भी आवश्यक परिवर्तन सुनिश्चित किए जाएंगे. इसमें आगे कहा गया है, "असुविधा से बचने के लिए क्षेत्रीय रेलवे संशोधित प्रोफार्मा प्रिंटिड कर सभी स्थानों/स्टेशनों पर उपलब्ध करा सकते हैंॉ। सभी संबंधितों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे."