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भीलवाड़ा सड़क हादसा: कोहरे के कारण 6 गाड़ियां टकराईं, मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी

भीलवाड़ा/जयपुर   राजस्थान में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा जानलेवा साबित हो रहा है। शुक्रवार सुबह भीलवाड़ा जिले में नेशनल हाईवे-58 (भीलवाड़ा-उदयपुर हाईवे) पर कम विजिबिलिटी के कारण एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ कोहरे के कारण एक के बाद एक 6 गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद लगा 4 KM लंबा जाम सुबह करीब 8 बजे हुए इस एक्सीडेंट के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियां पूरी तरह चकनाचूर हो गईं और कई लोग मलबे में फंस गए। हादसे के कारण हाईवे पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें घायलों को लेने पहुंची एम्बुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ियों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। प्रदेश में कोहरे की स्थिति 27 जनवरी को हुई मावठ (बेमौसम बारिश) के बाद से ही राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में नमी और कोहरा छाया हुआ है। आज सुबह की स्थिति कुछ इस प्रकार रही: जयपुर-दिल्ली हाईवे: यहाँ दृश्यता (Visibility) मात्र 10 मीटर तक रह गई। प्रमुख जिले: सीकर, चूरू, अलवर और कोटा में भी घना कोहरा दर्ज किया गया। मौसम विभाग की चेतावनी: बारिश और ओले गिरने के आसार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान के लोगों को अभी सर्दी से राहत मिलने वाली नहीं है। नया सिस्टम : 31 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र : जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा संभाग में बादल छाए रहेंगे। चेतावनी : 2 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश के साथ ओले (Hailstorm) गिरने की भी संभावना है। सावधानी : कोहरे के दौरान हाईवे पर वाहन चलाते समय 'फॉग लाइट्स' का प्रयोग करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के ‘डबल अटैक’ से 11 जिलों में पड़े ओले

हिसार/पानीपत. प्रदेश में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही मंगलवार को मौसम बदला है। प्रदेश के 11 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 15 से अधिक जिलों में वर्षा हुई। जिन जिलों में ओलावृष्टि हुई है, उनमें हिसार, भिवानी, रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद, चरखी दादरी, अंबाला, कैथल, जींद, पानीपत और यमुनानगर शामिल हैं। इनमें हिसार, फतेहाबाद और भिवानी क्षेत्र में ओलावृष्टि अधिक रही। इन जिलों के 200 के करीब गांवों में ओले पड़े हैं। भिवानी, रोहतक, हिसार और यमुनानगर में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं में अभी बालियां नहीं निकली हैं, इसलिए ओलावृष्टि से गेहूं को नुकसान नहीं हुआ। वर्षा से गेहूं, चना और जौ की फसलों को फायदा मिलने की संभावना है। वहीं प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान आठ डिग्री दर्ज हुआ है। मौसम विभाग का अलर्ट कोहरा: पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सोनीपत, पानीपत व जींद। शीत लहर: महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी व चरखी दादरी। कई जिलों में हुई ओलावृष्टि और असर को हिसार: जिले में बुड़ाक, सरसाना, बांडाहेड़ी, खासा महाजन, घुड़साल, बगला और कालीरामन गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। यहां खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। सिरसा: नाथूसरी चौपटा ब्लॉक के मोरीवाला, डिंग और शक्कर मंदोरी सहित 13 गांवों में ओले गिरे। इससे सरसों और गेहूं को भारी नुकसान पहुंचा है। झज्जर, बहादुरगढ़ और बादली ब्लाक के पेलपा सहित कुल 16 गांवों में ओलावृष्टि हुई। कृषि विभाग के अनुसार फसलों में 15 प्रतिशत तक नुकसान है। चरखी दादरी: बाढड़ा उपमंडल के बाढड़ा, हंसावास और कादमा सहित 10 गांवों में सुबह ओले गिरे। सरसों की फसल में अधिक नुकसान का अंदेशा जताया गया है। रोहतक, महम क्षेत्र के भैणी चंद्रपाल, भैणी सुरजन, सैमान, खेड़ी, बहलबा और भराण गांवों में हल्की ओलावृष्टि दर्ज की गई। यहां फसलों में विशेष नुकसान नहीं है। जींद: उचाना के घोघड़ियां, कुचराना व कसूहन और नरवाना के दनौदा व जाजनवाला गांवों में ओले गिरे। शीतलहर के बीच सरसों की फसल प्रभावित हुई है। फतेहाबाद : दहमान, गोरखपुर, चिंदड़, कुम्हारिया और भोडा होसनाक गांवों में ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं और सरसों की पैदावार पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। कुरुक्षेत्र जिले के दयालपुर और बारवा गाँवों में सुबह के समय हल्की ओलावृष्टि हुई। रुक-रुक कर हुई बारिश से क्षेत्र में दोबारा ठंड बढ़ गई है।

ग्वालियर, भोपाल समेत कई शहरों में घना कोहरा, एमपी में मौसम ने बदला रुख; बारिश और ओले से फसलें प्रभावित

भोप्ला  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक रौद्र रूप ले लिया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के असर से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे जनजीवन और खेती दोनों प्रभावित हुए हैं। ठंड के बीच बारिश-ओलों के इस दौर ने तापमान और गिरा दिया है। मंगलवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि गुना, उज्जैन, आगर-मालवा और शाजापुर में ओलावृष्टि हुई। ग्वालियर, सागर समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को भी हालात ऐसे ही बने रहने की चेतावनी दी है। ग्वालियर, सागर समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सागर और दमोह शामिल हैं। वहीं, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, कटनी, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में बादल छाए रहने के आसार हैं। बारिश के साथ कोहरे की चादर उत्तरी मध्य प्रदेश में जहां बारिश का अलर्ट है, वहीं सुबह के समय घना कोहरा भी परेशानी बढ़ा रहा है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कई जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन और सीहोर में भी दृश्यता प्रभावित हुई। ग्वालियर-शिवपुरी में स्कूल बंद लगातार बारिश और बढ़ती ठंड को देखते हुए ग्वालियर प्रशासन ने एहतियातन बुधवार को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। शिवपुरी समेत आसपास के इलाकों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, खंडवा, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, खंडवा, बड़वानी, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना, टीकमगढ़, छतरपुर, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा, देवास, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, खरगोन, सीहोर, सागर, मऊगंज, धार आदि जिलों में 24 घंटे के अंदर बारिश का दौर चला। ग्वालियर में सबसे ज्यादा ढाई इंच, गुना, शिवपुरी-सागर में 1 इंच, दतिया में पौन इंच और राजगढ़ में आधा इंच पानी गिर गया। उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, मुरैना, सीहोर, सागर, रायसेन व अन्य जिलों में ओले भी गिरे। बारिश, आंधी-ओले के मौसम के बीच बुधवार सुबह घना कोहरा भी छाया रहा। ग्वालियर में सबसे कम विजिबिलिटी दर्ज की गई। यानी, यहां 50 मीटर के बाद कुछ नहीं दिखा। खजुराहो, भोपाल, दतिया, नर्मदापुरम, नौगांव, रीवा, सतना, राजगढ़, सागर, गुना, रायसेन, श्योपुर, बालाघाट, उमरिया, सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर में कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि, रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। बारिश के बाद एमपी में बढ़ी ठंड मध्य प्रदेश में मंगलवार को हुई बारिश के बाद एक बार फिर ठंड की वापसी हो गई है। तेज हवाओं के कारण कंपकंपी बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, देवास, खंडवा, शाजापुर, शिवपुरी, मऊगंज, सागर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई। जिसके बाद आज ठंड भी बढ़ गई है। ग्वालियर में बारिश के बाद आज कक्षा-8 तक के स्कूलों की छुट्टी भी घोषित कर दी गई है। मध्य प्रदेश का सबसे ठंडा जिला मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को एमपी में सबसे कम न्यूनतम तापमान शिवपुरी में रहा। यहां पर न्यूनतम पारा 7 डिग्री सेल्सियस डिग्री दर्ज किया गया। इसके बाद खुजराहों में 7.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम पारा रिकॉर्ड हुआ। वहीं सबसे कम अधिकतम तापमान मुरैना में 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान 3 जिलों में 30 डिग्री या उससे ऊपर अधिकतम पारा रहा। जिनमें मंडला, खंडवा और खरगौन शामिल हैं। ओलावृष्टि से खेती को झटका मंगलवार को प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया। आगर-मालवा, शाजापुर और गुना में गिरे ओलों से किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। रतलाम, शाजापुर और आगर में तेज हवा के चलते खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं। कई जगह सड़कों पर पानी बह निकला। रात के समय निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, उज्जैन, खरगोन और धार में आकाशीय बिजली चमकती रही। 

हरियाणा में भारी बारिश और ओले, 12 जिलों में मचा कोहराम, पानीपत में अंधेरा, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार  हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के 12 जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिरसा में जहां देर रात भारी ओलावृष्टि हुई, वहीं पानीपत में सुबह 8 बजे तक घने बादलों के कारण अंधेरा छाया रहा। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। 60 किमी की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाएं प्रदेश में सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट समेत सोनीपत, यमुनानगर, हिसार, गुरुग्राम, और रेवाड़ी जैसे जिलों में सुबह से ही लगातार बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुग्राम में बारिश के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। लंबा ट्रैफिक जाम रहा, जिससे ऑफिस, स्कूल और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। पानीपत में हाईवे और अंबाला में कॉलोनी में जलभराव हो गया। भिवानी में अब तक सबसे ज्यादा 15 एमएम बारिश दर्ज की गई, वहीं मेवात और पलवल एरिया में मौसम शुष्क रहा। उधर, सीएम नायब सैनी बारिश के बीच ही चड़ीगढ़ के सेक्टर तीन स्थित सुभाष पार्क पहुंचे और वहां लगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के सामने नमन किया। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 7 जिलों कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश में 60 किलोमीटर/ घंटे की दर से ठंडी हवाएं चल रही है। प्रदेश में 25 जनवरी तक बारिश के आसार बने रहेंगे। हालांकि, बादलों की आवाजाही से रात के तापमान में 3-4 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, जिससे रात की ठिठुरन कम होगी, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट की स्थिति बनी रहेगी। 7 जिलों में ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर हरियाणा के कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओले गिरने की प्रबल आशंका है। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों को 'यलो अलर्ट' पर रखा गया है, जहां मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। तापमान का गणित: रात में राहत, दिन में आफत बादलों की सघन आवाजाही के कारण रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठिठुरन में मामूली कमी आई है। हालांकि, दिन में धूप न निकलने और बारिश के चलते अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट आई है, जिससे दिन भर गलन वाली सर्दी महसूस की जा रही है।

हरियाणा में मौसम का मिजाज बिगड़ा, 12 जिलों में बारिश, सिरसा में ओले, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार  हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के 12 जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिरसा में जहां देर रात भारी ओलावृष्टि हुई, वहीं पानीपत में सुबह 8 बजे तक घने बादलों के कारण अंधेरा छाया रहा। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। 60 किमी की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाएं प्रदेश में सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट समेत सोनीपत, यमुनानगर, हिसार, गुरुग्राम, और रेवाड़ी जैसे जिलों में सुबह से ही लगातार बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। 7 जिलों में ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर हरियाणा के कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओले गिरने की प्रबल आशंका है। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों को 'यलो अलर्ट' पर रखा गया है, जहां मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। तापमान का गणित: रात में राहत, दिन में आफत बादलों की सघन आवाजाही के कारण रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठिठुरन में मामूली कमी आई है। हालांकि, दिन में धूप न निकलने और बारिश के चलते अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट आई है, जिससे दिन भर गलन वाली सर्दी महसूस की जा रही है।

मध्यप्रदेश के 8 जिलों में बारिश की चेतावनी, ग्वालियर-चंबल में मावठा, फिर होगी सर्दी की लहर

भोपाल  मध्य प्रदेश (MP Weather Today) में पहाड़ी राज्यों के कारण ठंड फिर लौट आई है. प्रदेश में शुक्रवार (23 जनवरी) को ग्वालियर संग 8 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट दिया गया है. जिसके बाद इन जिलों में हल्की बारिश का भी अनुमान देखा जा रहा है. इसी बीच प्रदेश में मावठा भी गिरने का अनुमान है और 8 जिलों में मौसम विभाग ने कोहरा पड़ने का अलर्ट भी जारी किया है. इस रिपोर्ट में जाने, कैसा रहेगा आज का मौसम. एमपी के इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जिसमें ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ जिले शामिल हैं. इसके साथ ही भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादल छाए रहने का अनुमान है. यहां छाए रहेंगे बादल इधर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी बादल छाए रहेंगे, जिससे मौसम सुहावना लेकिन नम रहेगा। हालांकि, तेज ठंड या शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवाएं और कोहरा लोगों को ठिठुरा सकता है। 2 से 3 डिग्री गिरेगा तापमान पिछले 24 घंटों में कटनी का करोंदी इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 5 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। उत्तरी भारत में हो रही बर्फबारी का असर एमपी में भी दिखाई दे रहा है, जिससे तापमान में अचानक बदलाव आया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड फिर से तेज हो जाएगी। देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी होने के बाद बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी असर दिखा रहा है। इस वजह से एमपी में भी मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। गुरुवार को भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, विदिशा समेत कई जिलों में बादल छा गए। वहीं, सर्द हवा चलने लगी। शुक्रवार को भोपाल में बारिश होने का अलर्ट नहीं है, लेकिन बादल जरूर छाए रहेंगे। यदि बारिश होती है तो इस सीजन में पहली बार मावठा गिरेगा। मानसूनी सीजन खत्म होने के बाद नवंबर-दिसंबर में प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई, लेकिन जनवरी में मावठा गिरने के आसार हैं। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच आज कटनी का करौंदी और शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड किया गया है. यहां का तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं नौगांव में 6.5 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 6.9 डिग्री और रीवा में 7.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इसके साथ ही खजुराहो में तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है. एक और सिस्टम कराएगा बारिश सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार के लिए उत्तरी हिस्से में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत को 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रभावित कर सकता है। फिलहाल यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग दिखाई दे रहा है। जिससे एमपी में भी बारिश होने का अनुमान है। दो दिन तेज ठंड का अनुमान नहीं मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक तेज ठंड पड़ने का अनुमान नहीं जताया है। वहीं, सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सिवनी में कोहरे की स्थिति देखने को मिली थी। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा, पारा 5 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में कटनी का करौंदी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 6.5 डिग्री, उमरिया में 6.9 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, दतिया में 7.6 डिग्री, दमोह-सतना में 8.8 डिग्री, मंडला में 9 डिग्री, राजगढ़-सीधी में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 9 डिग्री, जबलपुर में 10.9 डिग्री, भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री और उज्जैन में तापमान 13.8 डिग्री दर्ज किया गया। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है।

पंजाब में भारी बारिश ने मचाई तबाही, चंडीगढ़ में छत गिरी, 3 बच्चे दबे, लुधियाना-मानसा में जलभराव

अमृतसर वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के बाद बीती रात से ही पंजाब व आसपास के राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी है। रातभर हुई बारिश के बाद राज्य के कई जिले जलमग्न हो गए। वहीं, मौसम विभाग ने बारिश को लेकर राज्य में ओरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। बारिश के बाद अब आने वाले कुछ दिन धुंध का येलो अलर्ट रहेगा।  इसी बीच पंजाब के लोग बसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने से महरूम हो गए हैं। कुछ इलाकों में बारिश थमने के बाद लोग छतों पर पतंग उड़ाने लगे हैं। जबकि कई जिलों में लोग बारिश के थमने व सूरज के निकलने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार सुबह 8.30 बजे तक राज्य के अधिकतर जिलों में 48mm तक बारिश रिकॉर्ड की गई है।  चंडीगढ़ में बारिश के बीच मनीमाजरा में एक मकान की छत गिर गई। जिससे घर में मौजूद 3 बच्चे दब गए। तीनों को तुरंत मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया। जहां 2 बच्चों की हालत स्थिर बनी हुई है प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मकान काफी पुराना था। बारिश की वजह से उसकी हालत और कमजोर हो गई और छत गिर गई। चंडीगढ़ में सेक्टर 32 स्थित सरकारी अस्पताल की छत की फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। यह 6 महीने पहले ही बनाई गई थी। हालांकि किसी तरह के जानी नुकसान से बचाव रहा। चंडीगढ़ के सेक्टर 32 में चलती स्कूटी पर पेड़ गिर गया। जिससे स्कूटी पूरी तरह से दब गई और युवक भी जख्मी हो गया। पार्षद प्रेमलता ने बताया कि युवक ने हेलमेट पहना हुआ था, इस वजह से उसकी जान बच गई। पार्षद ने कहा कि उन्होंने निगम अफसरों को इसकी टहनी हटाने को कहा था लेकिन नियमों की दुहाई देकर उन्होंने कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा चंडीगढ़ में बारिश के बीच तेज हवाओं से कई जगह पेड़ों की टहनियां गिर गईं। चंडीगढ़ की सड़कों पर भी जबरदस्त जलभराव हुआ। वहीं मौसम बदलने की वजह से इंडिगो की फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। कंपनी ने बताया कि जम्मू, श्रीनगर, लेह, धर्मशाला और चंडीगढ़ में खराब मौसम के चलते फ्लाइटों का शेड्यूल प्रभावित हुआ है। हम मौसम पर लगातार नजर रखे हुए हैं। जालंधर और फाजिल्का के अबोहर में बारिश के बीच ओले गिरे। लुधियाना और मानसा की सड़कों पर जलभराव हो गया। मौसम विभाग ने 2 बजे तक प्रदेश में तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। खासकर, पटियाला और मोहाली में एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज पूरा दिन मौसम खराब रहेगा। अगले 2 दिन बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। पंजाब के गुरदासपुर में सुबह तक 48.7 mm बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अमृतसर में 25.2, लुधियाना में 21.4, पटियाला में 14.8, पठानकोट में 34.2, बठिंडा में 7, फरीदकोट में 6.4 और संगरूर में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है।   वहीं, रातभर बादल रहने के कारण हीट लॉक की स्थिति बनी, जिसके चलते तापमान में बढ़ौतरी दर्ज की गई है। राज्य के तापमान में बीते 24 घंटों के मुकाबले 6.7 डिग्री का उछाल आया है। जिसके बाद राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक बना हुआ है।  बसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने से लोग हुए महरू बसंत पंचमी को लेकर फतेहगढ़ साहिब के युवाओं में कई दिनों से खासा उत्साह था। युवाओं ने पहले से ही पतंगें खरीदकर रख ली थीं और तय किया था कि बसंत पंचमी के दिन छतों पर चढ़कर डीजे की धुनों के बीच पतंगबाजी का आनंद लिया जाएगा। लेकिन शुक्रवार सुबह से शुरू हुई लगातार बारिश ने उनके सारे अरमानों पर पानी फेर दिया। बारिश के कारण न केवल मौसम ठंडा हो गया, बल्कि युवाओं का उत्साह भी फीका पड़ गया। जिन हजारों पतंगों को आसमान में लहराने की तैयारी थी, वे अब घरों में ही बंद रह गईं। पतंग उड़ाने के शौकीन युवाओं ने निराशा जताते हुए कहा कि वे बसंत पंचमी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मौसम ने साथ नहीं दिया। युवाओं का कहना है कि अब उनके पास भगवान से प्रार्थना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश जल्द रुके, ताकि वे अपने पसंदीदा त्योहार पर पतंग उड़ाने का सपना पूरा कर सकें।  

हरियाणा के 7 जिलों में आज से आंधी-तूफान के साथ होगी बारिश

हिसार. पहाड़ों पर मौसम बदलने, पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ ही प्रदेश में वीरवार से वर्षा की संभावना बन रही है। प्रदेश के सात जिलों में वर्षा का यलो अलर्ट जारी करने के साथ वहां पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा प्रदेश के बाकी जिलों में भी हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विज्ञानियों ने 25 जनवरी को फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने और वर्षा की संभावना व्यक्त की है। वहीं मौसम में बदलाव से रात और दिन के तापमान में हल्की गिरावट आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मौसम बदल रहा है। वीरवार को प्रदेश के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और सिरसा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इनमें वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी प्रकार महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी और चरखी दादरी में भी वर्षा की संभावना बनी हुई है।

राजस्थान में बवंडर, दिल्ली में झमाझम बारिश—कई राज्यों में बदलेगा मौसम का मिज़ाज

नई दिल्ली  भारत के अधिकांश राज्यों में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। इसी बीच अब IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि, संभावनाएं जताई जा रही हैं कि आने वाले तीन दिनों में उत्तर पश्चिम भारत को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। राजधानी दिल्ली सोमवार को भी कोहरे की चादर में छिपी रही। IMD ने सोमवार को बताया है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक बारिश के आसार हैं। वहीं, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 29 दिसंबर को बारिश और 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बर्फबारी या बारिश की संभावनाएं हैं। नए साल के जश्न में ‘रंग में भंग’ पड़ सकता है. मौसम विभाग ने दो दिन पहले ही इसको लेकर चेतावनी जारी कर दी है. दरअसल, दिल्ली और आसपास के राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग ने बताया कि 31 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इससे दिल्ली को भारी प्रदूषण से राहत मिलेगी. अब सवाल उठता है कि अचानक बारिश का पूर्वानुमान क्यों जारी किया गया है? दरअसल, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से बारिश का यह अलर्ट जारी हुआ है. मौसम विभाग जयपुर ने बताया कि राजस्थान में एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. इसका प्रभाव 31 दिसंबर और 1 जनवरी तक रहने की संभावना है. विभाग के अनुसार, इसके असर से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश हो सकती है. बीकानेर और शेखावाटी संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या ‘मावठ’ का असर दिखने भी लगा है. बता दें कि यह बेमौसम बरसात रबी की फसलों के लिए वरदान मानी जाती है और यह किसानों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से होगी बारिश IMD ने बताया है कि पश्चिमी हिमालयी इलाके में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है. इस सिस्टम की वजह से, 31 दिसंबर की शाम को दिल्ली NCR में हल्के बादल छाए रहने की उम्मीद है. ये बादल 1 जनवरी तक बने रहने की उम्मीद है. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे बाहर नए साल के जश्न पर असर पड़ सकता है. ये राज्य झेलेंगे ठंड और कोहरे की दोहरी मार 31 दिसंबर तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश में सुबह और रात में घना कोहरा छा सकता है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी तक ऐसा मौसम बना रह सकता है। 30 दिसंबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और 1 जनवरी तक उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में घना कोहरा छाया रहेगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 29 दिसंबर को शीत दिवस के आसार हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक शीत दिवस की संभावनाएं हैं। IMD ने बताया है कि 30 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से शीत लहर का सामना कर सकते हैं। दिल्ली को प्रदूषण से मिलेगी राहत? दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से बुरा हाल है. पिछले हफ्ते में दो दिनों के लिए दिल्ली में वायु प्रदूषण से राहत मिली थी. पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया है. कोहरे और शीत लहर के साथ प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश प्रदूषित कणों को धोकर हटा सकती है, जिससे अस्थायी तौर पर एयर क्वालिटी में सुधार हो सकता है. हालांकि, यह सुधार लंबे समय तक नहीं रह सकता है. साल के अंत में बारिश इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर उत्तर और पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिलेगा. जहां साल के अंत में बारिश की संभावना है, वहीं, जनवरी के पहले हफ्ते में इन इलाकों में मौसम का मिजाज फिर बदलेगा. घना कोहरा छाने के आसार हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह और रात के समय घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है.

रात की ठिठुरन के साथ कड़ाके की ठंड, मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव

मध्य प्रदेश में बारिश के बाद ठंड लौट आई, अगले 48 घंटे में मौसम फिर बदलेगा रात की ठिठुरन के साथ कड़ाके की ठंड, मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव बारिश के बाद ठंड का असर, अगले दो दिन में तापमान में आएगा फेरबदल भोपाल . मध्य प्रदेश में बारिश का दौर खत्म होने के बाद अब एक बार फिर ठंड का असर दिखेगा. ऐसे में दिन के समय अधिकतम तापमान में हल्का उछाल देखा जाएगा. हालांकि तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. खास तौर पर मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिरने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे के बाद ठंड का दौर मैं एक बार फिर से शुरू हो सकता है. रविवार को राजधानी भोपाल सहित कई छोटे बड़े शहरों की अधिकतम तापमान में उछाल देखा गया. सबसे अधिक तापमान नर्मदा पुरम जिले में 33.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो खरगोन, खंडवा, राजगढ़ और शिवपुरी जैसे जिलों का तापमान सबसे कम रिकॉर्ड किया जा रहा है. धीरे-धीरे न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में लो प्रेशर सिस्टम अरब सागर की ओर बढ़ रहा है, जिससे प्रदेश में इसका असर खत्म हो गया है. हालांकि एक अन्य को प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा है. इसके अलावा एक आर्डर वेस्टर्न डिस्टरबेंस 4 नवंबर से हिमालय संभाग में चकरी होने की संभावना है. 48 घंटे बाद मौसम साफ होने के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जाएगी. इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के अलग-अलग संभागों के 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसमें नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, देवास, शाजापुर, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जैसे जिलों में हल्की बारिश का दौर देखा जा सकता है. तापमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: नर्मदापुरम – 33.2°C (सबसे ज्यादा), खजुराहो (छतरपुर) – 32°C, दतिया – 31.4°C, भोपाल – 31.1°C, नौगांव (छतरपुर) – 31°C न्यूनतम तापमान: खरगोन – 17°C (सबसे कम), रीवा – 17.1°C, राजगढ़/खंडवा – 17.4°C, अमरकंटक (अनूपपुर) – 17.5°C, नौगांव (छतरपुर) – 17.8°C कैसा रहा बड़े शहरों का पारा भोपाल – 31.1°C ग्वालियर – 31°C इंदौर – 30.1°C उज्जैन – 30°C जबलपुर – 29.8°C