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राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान को मिला दूसरा स्थान, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी दी बधाई

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दी बधाई जयपुर, उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में राजस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर महिला एवं बाल विकास की विभिन्न योजनाओं में लगतार बेहतरीन प्रदर्शन किया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा में नम्बर वन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में भी नम्बर वन रहने के बाद और राष्ट्रीय पोषण माह 2024 के चौथे स्थान के पिछले प्रदर्शन को और बेहतर प्रदर्शन करते हुए इस बार (17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025) राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर महिला एवं बाल विकास विभाग (निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं) को बधाई दी है। महिला एवं बाल विकास शासन सचिव महेन्द्र सोनी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभावी रणनीति, जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की निष्ठा व समर्पण का परिणाम है। महेन्द्र सोनी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रवार रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान ने इस माह के लिए निर्धारित 81,01,730 लक्ष्यों के मुकाबले 88,93,346 उपलब्धियाँ दर्ज की हैं, जिससे राज्य की कुल उपलब्धि दर 114.12 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से राजस्थान ने अपने 41 जिलों और 62,321 आंगनबाड़ी केंद्रों के सहयोग से पोषण माह को एक जनआंदोलन के रूप में सफल बनाया है। राष्ट्रीय स्तर पर गुजरात 115.74 प्रतिशत के साथ प्रथम, राजस्थान 114.12 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा छत्तीसगढ़ 108.30 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर है। राज्यभर में विविध गतिविधियों का आयोजन — निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत ने यह संकल्प दोहराया कि आने वाले महीनों में भी पोषण से जुड़ी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि राजस्थान कुपोषण मुक्त राज्य बनकर देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सके। पोषण माह 2025 के दौरान राजस्थान के विभिन्न जिलों में जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता, गृह भ्रमण, पौष्टिक आहार वितरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परामर्श, और “सुपोषित राजस्थान” के लक्ष्य को साकार करने हेतु अनेक अभिनव गतिविधियाँ आयोजित की गईं। पोषण माह 2025 की प्रमुख थीम्स के अनुरूप राज्यभर में विविध गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें शामिल हैं — •    मोटापे की समस्या का समाधान •    चीनी और तेल का सेवन कम करना •    प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) •    शिशु और छोटे बच्चों के आहार के तरीके (IYCF) पोषण में पुरुषों की भागीदारइसे बढ़ावा देना 'वोकल फॉर लोकल' और डिजिटलीकरण पर विशेष जोर महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार ने इस सफलता में योगदान देने वाले सभी जिला अधिकारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा सहयोगियों और स्थानीय समुदायों के प्रति आभार व्यक्त किया है। विभाग ने कहा है कि यह उपलब्धि "सुपोषित भारत, स्वस्थ भारत" के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 17 अक्टूबर 2025 तक प्राप्त प्रविष्टियों के आधार पर राजस्थान के शीर्ष पाँच जिले निम्नलिखित हैं — 1.    जोधपुर – कुल प्रविष्टियाँ: 3,37,081 2.    कोटा – कुल प्रविष्टियाँ: 2,19,028 3.    बीकानेर – कुल प्रविष्टियाँ: 2,54,243 4.    चूरू – कुल प्रविष्टियाँ: 2,81,533 5.    हनुमानगढ़ – कुल प्रविष्टियाँ: 2,07,081 इन जिलों ने न केवल निर्धारित लक्ष्यों को पार किया बल्कि सामुदायिक सहभागिता और नवाचार के माध्यम से पोषण माह को जन-जन तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाई। उदाहरणस्वरूप, जोधपुर जिले ने 134.98 प्रतिशत उपलब्धि दर के साथ राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त पर है, जबकि कोटा, बीकानेर, चूरू और हनुमानगढ़ ने भी 125 प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि दर्ज की है।

बाजार में रौनक: राजस्थान में व्यापार 25% बढ़कर 40 हजार करोड़ हुआ

जयपुर जयपुर में इस बार धनतेरस पर रिकॉर्डतोड़ खरीदारी देखने को मिली। वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में जीएसटी में कटौती का सीधा असर बाजार में नजर आया। एक दिन में 5,000 कारें और 40,000 दोपहिया वाहन बिके, जिससे केवल वाहन बाजार में ही करीब 900 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। पिछले साल की तुलना में वाहन बिक्री में 25% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। 10  लाख के सेगमेंट में सबसे ज्यादा कारें बिकीं फाडा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साई गिरिधर के अनुसार, कारों पर 10% जीएसटी में कमी से दबी हुई मांग बाहर आई। खासतौर पर एंट्री सेगमेंट, सब-4 मीटर और मिड साइज SUV की डिमांड अधिक रही। लग्जरी कार सेगमेंट में अपेक्षाकृत धीमी गति रही। बिकने वाली कारों की औसत कीमत करीब 10 लाख रुपए रही। इलेक्ट्रॉनिक्स में 100 करोड़ से ज्यादा का कारोबार इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया। राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कालानी ने बताया कि टैक्स में कमी की वजह से बड़े साइज के टेलीविजन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव और आटा चक्की जैसे उत्पादों की बिक्री में तेजी आई। जयपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स बिक्री का आंकड़ा 100 करोड़ रुपए से ऊपर पहुंचा। 3 हजार से ज्यादा वाहन गणेश मंदिर पूजा के लिए आए जयपुर के बाजारों में धनतेरस पर सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। कार-बाइक शोरूम से लेकर ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों तक चहल-पहल बनी रही। मोती डूंगरी मंदिर में करीब 3,000 गाड़ियां पूजन के लिए पहुंचीं। फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अनुसार, इस बार राजस्थान में करीब 40,000 करोड़ और जयपुर में 5,500 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर में खासा उछाल देखा गया।शाम को प्रदेश भर के बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से सजाए गए। लोग परिवार के साथ खरीदारी और फेस्टिव माहौल का आनंद लेते नजर आए।  

तत्काल आवेदन करें! राजस्थान में जमादार ग्रेड-2 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी

रायपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने जमादार ग्रेड-2 के पदों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती में कुल 72 पद भरे जाएंगे, जिनमें 64 नॉन-टीएसपी और 8 टीएसपी क्षेत्र के पद शामिल हैं। यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने 12वीं स्तर की सीईटी परीक्षा पास की हो। आवेदन प्रक्रिया 17 अक्तूबर 2025 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 15 नवंबर 2025 है। भर्ती परीक्षा 27 दिसंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। 12वीं पास करें आवेदन इस भर्ती के लिए उम्मीदवार 12वीं पास होना अनिवार्य है। इसके साथ ही किसी मान्यता प्राप्त कंप्यूटर कोर्स या सर्टिफिकेट का होना आवश्यक है। इसमें O-Level (DOEACC) कोर्स, NIELIT कंप्यूटर कॉन्सेप्ट सर्टिफिकेट कोर्स, कोपा, या भारत में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से कंप्यूटर साइंस/कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट शामिल हैं। इसके अलावा, देश के किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से सीनियर सेकेंडरी सर्टिफिकेट, जिसमें कंप्यूटर साइंस/कंप्यूटर एप्लीकेशन एक विषय हो, या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी पॉलिटेक्निक संस्थान से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, या Rajasthan Knowledge Corporation Limited के तहत संचालित RSCIT कोर्स किया हुआ होना भी योग्यता में गिना जाएगा। आयु सीमा में इतनी मिलेगी छूट     उम्मीदवार की आयु 21 से 40 साल के बीच होनी चाहिए।     राजस्थान की एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस पुरुष उम्मीदवारों को 5 साल की छूट।     राजस्थान की एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस महिला उम्मीदवारों को 10 साल की छूट।     सामान्य (अनारक्षित) वर्ग की महिला उम्मीदवारों को 5 साल की छूट। आवेदन शुल्क इस भर्ती के लिए सामान्य वर्ग और कीमलेयर श्रेणी के OBC/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को 600 रुपये, राजस्थान के नॉन-कीमलेयर OBC/अति पिछड़ा वर्ग, EWS, SC/ST आवेदकों को 400 रुपये, और सभी दिव्यांगजन आवेदकों को 400 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। एग्जाम पैटर्न     परीक्षा 2 घंटे की होगी और इसमें कुल 100 सवाल (100 अंक) होंगे।     गलत उत्तर पर 1/3 अंक की कटौती होगी।     प्रश्नों में सामान्य ज्ञान, सामाजिक अध्ययन, भूगोल, इतिहास, कला एवं संस्कृति, दैनिक विज्ञान, गणित, और राजस्थान राज्य से जुड़े समसामयिक मामलों के उच्च माध्यमिक स्तर के सवाल शामिल होंगे। ऐसे करें आवेदन     सबसे पहले आप  rssb.rajasthan.gov.in या rssb.rajasthan.gov.in पर जाकर लॉगिन करें।     अब Jamadar Grade-2 भर्ती नोटिफिकेशन खोलें और ऑनलाइन फॉर्म भरें।     इसके बाद आवश्यक दस्तावेज (शैक्षिक प्रमाण पत्र, फोटो, हस्ताक्षर, जाति प्रमाण पत्र आदि) अपलोड करें।     आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें।     अंत में फॉर्म सबमिट करें और प्रिंट आउट अपने पास रख लें।

राजस्थान में सियासी हलचल, बिहार के स्टार प्रचारकों की घोषणा से मची खलबली

 जयपुर बीजेपी ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए स्टार प्रचारकों की जो सूची जारी की है उसने राजस्थान की सियासत में हडकंप मचा दिया है। पार्टी ने गुरुवार शाम बिहार चुनावों के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई दिग्गजों को शामिल किया गया है। इस सूची में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, असम और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों को भी जगह दी गई है। लेकिन इस बार राजस्थान से किसी भी केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे या वरिष्ठ नेता को स्टार प्रचारक नहीं बनाया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश में गुरुवार शाम से ही कयासों के दौर चल पड़े हैं क्या गुजरात पेटर्न पर राजस्थान में भी कुछ बड़ा बदलाव होने वाला है।  क्यों अहम है राजस्थान की भागीदारी? बिहार में राजस्थानी मूल के वोटर्स और व्यापारिक समुदाय का अच्छा खासा प्रभाव है। राज्य के हर बड़े शहर में मारवाड़ी व्यापारी समुदाय सक्रिय है। पूर्व में भाजपा राजस्थान के नेताओं को बिहार में प्रचार के लिए भेजती रही है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित कई नेता पूर्व चुनावों में प्रचार में सक्रिय रहे हैं। वसुंधरा राजे को स्टार प्रचारकों में शामिल नहीं किए जाने को लेकर भी काफी चर्चाएं हैं। हालांकि राजे इन दिनों राजस्थान में पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही हैं। वे न सिर्फ राजस्थान के दौरे कर रही हैं बल्कि सोशल मीडिया पर अपने कार्यकाल की योजनाओं का प्रचार भी कर रही हैं।  स्टार प्रचारक नहीं, लेकिन ग्राउंड पर मौजूद हैं राजस्थानी नेता हालांकि इस बार किसी नेता को स्टार प्रचारक नहीं बनाया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, राजस्थान बीजेपी के कई नेता और कार्यकर्ता बिहार में सक्रिय हैं। राजेंद्र राठौड़ सहित कई वरिष्ठ नेता पिछले दो हफ्तों से बिहार में चुनावी प्रचार, जनसंपर्क और संगठनात्मक काम में जुटे हुए हैं। सियासी संकेत और अटकलें राजस्थान को पूरी तरह नजरअंदाज किए जाने पर सियासी विश्लेषक इसे पार्टी के भीतर बदलते समीकरणों से जोड़ कर देख रहे हैं। कुछ इसे केंद्रीय राजनीति में राजस्थान नेताओं के कम होते प्रभाव की ओर भी इशारा मान रहे हैं। जबकि राजस्थान से कई वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में प्रभावी भूमिका निभाते हैं। अब देखना यह होगा कि चुनावी रणनीति में इस बदलाव के पीछे पार्टी का क्या तर्क सामने आता है और क्या राजस्थान की अनदेखी का कोई असर बिहार चुनाव में देखने को मिलेगा।  

राजस्थान में ठंड का जोर, जानें कब तक जारी रहेगा असर और मिलेगी राहत

सीकर राजस्थान में पिछले चार-पांच दिनों से उत्तरी हवाओं के सक्रिय रहने के कारण सुबह और रात के समय लोगों को गुलाबी सर्दी का एहसास हो रहा है। आज सुबह भी कई जगहों पर इस गुलाबी सर्दी का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, कल से राजस्थान में इन उत्तरी हवाओं का प्रभाव कम हो जाएगा। इससे मौसम में ठंडक भी घटेगी और लोगों को गुलाबी सर्दी से थोड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही, राजस्थान में एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी भी दर्ज की जाएगी। पिछले 24 घंटे में राजस्थान का सबसे ठंडा क्षेत्र उदयपुर का डबोक एयरपोर्ट रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, पिलानी में 16.6 डिग्री, सीकर में 16.7 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान की बात करें तो जैसलमेर में 35.3, जोधपुर में 33.8, चित्तौड़गढ़ में 33, और फलोदी में 34.4 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान में गुलाबी सर्दी के प्रभाव की बात करें तो शेखावाटी और मेवाड़ क्षेत्रों में इसका असर अधिक है। वहीं, हाड़ौती और मरुस्थलीय इलाके, जैसे जैसलमेर और जोधपुर, में गुलाबी सर्दी का असर अपेक्षाकृत कम देखा गया है।

सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, राजस्थान के कई हिस्सों में ठंड का असर

 जयपुर बारिश थमने के साथ ही उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिससे राजस्थान में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और वहां से आने वाली ठंडी हवाओं ने राज्य में सर्दी का असर बढ़ा दिया है। सिरोही में रात का तापमान गिरकर 15.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही। वहीं शेखावाटी, हनुमानगढ़, बीकानेर और गंगानगर क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान लगातार 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राज्य में अगले कुछ दिन मौसम शुष्क रहेगा। दिन में धूप खिलने से अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी, लेकिन सुबह-शाम उत्तरी हवाओं के चलते ठंडक बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में जयपुर, अलवर, सीकर, नागौर, बीकानेर, चूरू और पिलानी सहित अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। सीकर का अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हो रही बर्फबारी का असर मैदानी राज्यों तक पहुंच रहा है। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों में सुबह हल्का कोहरा और ठंडी हवाएं महसूस की जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में अब रात के समय पंखे और कूलर बंद हो चुके हैं, वहीं लोग हल्के गर्म कपड़े पहनने लगे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव रहेगा लेकिन सर्द हवाओं का असर जारी रहेगा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के प्रमुख जिलों का न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा- अजमेर 18.6, जयपुर 20.8, सीकर 17.5, कोटा 21.7, चित्तौड़गढ़ में 21.2, बाड़मेर में 22.6, जैसलमेर 25.0, जोधपुर 21.5, बीकानेर में 20.4 डिग्री, चूरू में 19.4 डिग्री और श्री गंगानगर में 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 14-15 अक्टूबर को उत्तरी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। ऐसे में दीपावली के आसपास फिर से बारिश होने की आशंका है।

तीन राज्यों में सक्रिय ब्लैकमेलिंग गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, झालावाड़ से गिरफ़्तारी और 3 लग्जरी कारें बरामद

  जयपुर झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े संगठित अपराध रैकेट का पर्दाफाश करते हुए हेमराज सुमन हिस्ट्रीशीटर द्वारा संचालित गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह गैंग पिछले 10 वर्षों से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश राज्यों में सक्रिय थी और धोखाधड़ी, वाहनों की चोरी और खुर्द-बुर्द करने के साथ-साथ हनीट्रैप के जरिए व्यापारियों को ब्लैकमेल करने में संलिप्त थी। पुलिस ने इस गिरोह के तीन और इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग दो मुख्य तरीकों से वारदातों को अंजाम देती थी: 1. ट्रेक्टर खुर्द-बुर्द: गैंग के सदस्य गरीब व्यक्तियों को झांसे में फंसाकर उनकी जमीन पर लोन/फाइनेंस करवाकर नए ट्रेक्टर उठवाते थे। इसके बाद वे ट्रेक्टरों को खुर्द-बुर्द करके झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाते थे और बीमा कंपनी से क्लेम की राशि हड़प लेते थे। अवैध बेचान के लिए फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी भी तैयार की जाती थी। 2. हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग: गैंग में 10 से अधिक महिला सदस्य शामिल थीं। ये महिलाएं कारोबारी और व्यापारी वर्ग के लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं। गैंग के सदस्य, जिनमें कुछ पुलिस की वर्दी में भी होते थे, फिर झूठे बलात्कार, छेड़छाड़ के मुकदमे दर्ज करवाने या धमकी देकर लोगों से लाखों रुपये की मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस का शिकंजा पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर संगठित अपराधों में सक्रिय हेमराज सुमन गैंग के कुल 13 सदस्यों को पहले गिरफ्तार किया गया था। उनसे गहन पूछताछ के बाद वाहन खुर्द-बुर्द की वारदातों में शामिल तीन इनामी अभियुक्तों सुनील माली (25) निवासी सारोला, गोलू बंजारा (23) निवासी सांगोद और प्रदीप धाकड (32) निवासी तेजगढ़ थाना सदर बारां को रविवार 05 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। इन अभियुक्तों की निशानदेही पर 3 लग्जरी कारें (स्विफ्ट और आई-20) भी जब्त की गई हैं। इस मामले में अब तक कुल 16 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें गैंग लीडर हेमराज सुमन और मुख्य महिला आरोपी सीमा मीणा शामिल हैं। गैंग की संलिप्तता को देखते हुए गहन जांच के लिए एक एस.आई.टी. विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जाँच में यह भी पुष्टि हुई है कि गैंग ने अवैध आय से कई स्थानों पर सम्पत्ति खरीदने और अन्य धंधों में निवेश करने का काम भी किया है। गैंग की 10 महिला सदस्य सीमा शर्मा उर्फ सीमा मीणा निवासी बारां हाल अकलेरा, सीमा राजपूत निवासी मध्य प्रदेश, हेमलता मीणा निवासी कोटा शहर, भूरी बाई उर्फ सुनीता निवासी झालावाड़ हाल मध्य प्रदेश, मुस्कान राजपूत निवासी इंदौर मध्य प्रदेश हाल सारोला, संध्या उर्फ गोलू वाल्मीकि निवासी इंदौर मध्य प्रदेश लीलाबाई भील निवासी मध्य प्रदेश और मनीषा ढोली, छोटी बाई माली और लाड बाई माली निवासी सारोला जिला झालावाड़ पूर्व में अलग-अलग थानों (कोटा, बारां, खानपुर) में हनीट्रैप के मामलों में गिरफ्तार हो चुकी हैं, जिससे गैंग के बड़े और संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

राजस्थान में बिजली सस्ती हुई! दो दशकों बाद उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

जयपुर राजस्थान में 25 वर्षों बाद पहली बार आमजन और उद्योगों के लिए बिजली सस्ती हुई है। जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की टैरिफ याचिका पर नियामक आयोग से मिली स्वीकृति के बाद ऊर्जा शुल्क (एनर्जी चार्ज) में कमी लागू की है। घरेलू श्रेणी में 51 से 150 यूनिट तक बिजली उपभोग करने वाले 35 लाख उपभोक्ताओं के लिए दर 6 रुपये 50 पैसे से घटाकर 6 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। 150 से 300 यूनिट वाले उपभोक्ताओं को 35 पैसे प्रति यूनिट की राहत दी गई है। वहीं, 100 यूनिट तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं का पूरा बिल सरकार की सब्सिडी से शून्य ही रहेगा। राज्य में कुल 1.35 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 1.04 करोड़ उपभोक्ता मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली शुल्क 5 रुपये 55 पैसे से घटाकर 5 रुपये 25 पैसे प्रति यूनिट किया गया है। प्रदेश के 20 लाख से अधिक किसान उपभोक्ताओं पर प्रस्तावित रेगुलेटरी सरचार्ज का कोई असर नहीं होगा, क्योंकि इसे भी राज्य सरकार वहन करेगी। औद्योगिक श्रेणी में पहली बार दरों को एकीकृत कर राहत दी गई है। वृहद उद्योगों के लिए शुल्क 7 रुपये 30 पैसे से घटाकर 6 रुपये 50 पैसे और मध्यम उद्योगों के लिए 7 रुपये से घटाकर 6 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया है। स्मॉल इंडस्ट्री के लिए भी दर 6 रुपये तय की गई है। इस कदम से औद्योगिक निवेश और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान डिस्कॉम्स पर वर्तमान में लगभग 49,800 करोड़ रुपये के रेगुलेटरी असेट्स का भार है। इसके निस्तारण के लिए रेगुलेटरी सरचार्ज लगाया गया है, लेकिन छोटे उपभोक्ताओं और किसानों पर इसका भार सरकार वहन करेगी। इससे लगभग 6,700 करोड़ रुपये की रिकवरी संभव होगी और निगमों का ऋण भार घटेगा। डिस्कॉम्स का फोकस पावर परचेज कॉस्ट कम करने और सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर है। कुसुम योजना के तहत पहले ही 1,800 मेगावाट विकेन्द्रित सौर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। आने वाले समय में लगभग 12,000 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

दवाओं की गुणवत्ता पर कार्रवाई: राजस्थान में कायसन फार्मा की सप्लाई पर रोक, ड्रग कंट्रोलर सस्पेंड

जयपुर राजस्थान सरकार ने कफ सिरप विवाद के बाद बड़ा कदम उठाते हुए राज्य ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा को निलंबित कर दिया है और जयपुर स्थित कायसन फार्मा द्वारा बनाई गई सभी 19 दवाओं का वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह निर्णय तब लिया गया है जब मध्यप्रदेश और राजस्थान में कथित रूप से दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों की खबरें आईं। स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग ने कहा कि दवा मानक तय करने की प्रक्रिया में कथित रूप से अनियमितता पाए जाने के कारण ड्रग कंट्रोलर को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी। '5 साल से बड़े बच्चों को ही यह दवा दी जाए' चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह ने भी मामले पर संज्ञान लेते हुए आमजनहित में जांच और रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने को कहा था। विभाग ने एडवाइजरी जारी कर डेक्सट्रोमैथोरपन दवा के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बरती है। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार पहले ही 2021 में 4 साल से छोटे बच्चों को यह दवा नहीं देने की एडवाइजरी जारी कर चुकी है। अब ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने दोबारा स्पष्ट किया है कि सामान्यत: 5 साल से बड़े बच्चों को ही यह दवा दी जाए और 2 साल से छोटे बच्चों को किसी भी स्थिति में यह दवा नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक दवाओं पर चेतावनी अंकित करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। वहीं सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारियों में उपयोग की जाने वाली दवाओं की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सभी दवाओं के वितरण पर रोक आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन ने बताया कि 2012 से अब तक कायसन फार्मा की दवाओं के 10 हजार 119 सैंपल जांचे गए, जिनमें से 42 सैंपल अमानक पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर इस कंपनी की सभी दवाओं के वितरण पर रोक लगाई गई है। इस मामले में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

बीकानेर के सांसद रह चुके रामेश्वर डूडी नहीं रहे, लंबे समय से थे अस्वस्थ

जयपुर पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं बीकानेर से सांसद रहे रामेश्वर डूडी का लंबी बीमारी के बाद आज निधन हो गया। डूडी को 2 साल पहले उनका ब्रेन आया था। इसके बाद वे लंबे समय तक कोमा में रहे। डॉक्टरों के अनुसार डूडी के ब्रेन की मिडलाइन में 17MM का डैमेज हो गया था। बता दें कि रामेश्वर डूडी साल 2013 से 18 तक बतौर नोखा विधायक वे राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। उनकी गिनती कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में थी। फिलहाल नोखा विधानसभा से उनकी पत्नी सुशीला डूडी विधायक हैं। डूडी ने अपने राजनीतिक जीवन में एक विधानसभा चुनाव और एक बार लोकसभा चुनाव जीता। बीते कुछ दिनों से उनकी तबियत काफी बिगड़ गई थी। कांग्रेस के कई बड़े नेता उनके मिलने उनके पैत्रक आवास पर पहुंचे भी थे। रामेश्वर डूडी मूलत: नोखा के रायसर गांव के रहने वाले थे।  पश्चिमी राजस्थान के किसानों की बुलंद आवाज रामेश्वर डूडी रहे। राजनीतिक जीवन में पंचायत समिति प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक और सांसद के साथ विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। बीकानेर में आज दोपहर करीब एक बजे जाट बगीची में अंत्येष्टि होगी। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा आज डूडी के पैत्रक आवास बीकानेर भी जाएंगे। गहलोत ने निधन पर जताया शोक पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने डूडी के निधन पर शोक जाताया है। उन्होंने कहा- पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं बीकानेर से सांसद रहे रामेश्वर डूडी का निधन बेहद दुखद है। करीब 2 साल तक बीमार रहने के बाद इतनी अल्पायु में उनका जाना हमेशा खलता रहेगा। यह मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर एक आघात है। रामेश्वर डूडी ने अपनी हर भूमिका का निर्वहन अच्छे से किया। वो मेरे साथ सांसद, विधायक और हमारे नेता प्रतिपक्ष रहे। किसान वर्ग के लिए वो हमेशा काम करते रहे। मुझे याद है कि दौरा पड़ने से कुछ दिन पूर्व ही वो मेरे से मिलने आए थे और हमारे बीच लम्बी बातचीत हुई थी। हमने उनके इलाज के लिए बेहतर से बेहतर प्रबंध किए। एक सक्रिय जीवन जीने वाले डूडी जी का ऐसे बीमार होना हम सबके मन को कचोटता था।  मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं बीकानेर से सांसद रहे श्री रामेश्वर डूडी का निधन बेहद दुखद है। करीब 2 साल तक बीमार रहने के बाद इतनी अल्पायु में उनका जाना हमेशा खलता रहेगा। यह मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर एक आघात है। डोटासरा ने भी संवेदना प्रकट की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी डूडी के निधन पर संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा- राजस्थान के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं किसान नेता रामेश्वर डूडी के निधन की ख़बर अत्यंत दु:खद है। उनके परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। लंबे समय से अस्वस्थ डूडी  का निधन समाज, राजस्थान की राजनीति और कांग्रेस पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। वो एक सच्चे किसान हितैषी थे, जिनके संघर्ष से प्रदेश में किसानों के कर्ज माफ हुए। उन्होंने सामाजिक एवं जन सेवा में रहते सदैव आमजन और दलित-पिछड़ों की आवाज़ को बुलंद किया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं दु:ख की मुश्किल घड़ी में डूडी परिवार को संबल प्रदान करें। जूली बोले- शोषितों की लड़ाई को समर्पित रहे डूडी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी रामेश्वर डूडी के निधन पर शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा- पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हम सभी कांग्रेस परिवारजनों और पूरे राजस्थान के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं शोकाकुल परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। उनका पूरा जीवन किसानों, मजदूरों, शोषित-वंचित और पीड़ित वर्ग की आवाज़ बुलंद करने और उनके हक व अधिकारों की लड़ाई लड़ने को समर्पित रहा। जिला प्रमुख, विधायक और सांसद के रूप में उनकी नि:स्वार्थ सेवा और संघर्ष हमेशा स्मरणीय रहेगा l ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान, शोक संतप्त परिवारजनों और समर्थकों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।     पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री रामेश्वर डूडी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हम सभी कांग्रेस परिवारजनों और पूरे राजस्थान के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं शोकाकुल परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। मुख्यमंत्री ने जताया दुख मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर दुख जताते हुए लिखा,  राजस्थान विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने परमधाम में स्थान दें व शोकाकुल परिवारजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।