samacharsecretary.com

छात्रों को राहत: स्कूल स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप बढ़ी, अब दोगुना लाभ मिलेगा

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई  कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों से जुड़ा रहा। राज्य सरकार ने SC-ST प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की राशि दोगुनी करने का फैसला लिया है। कक्षा 1 से 10 तक की छात्रवृत्ति में बड़ी बढ़ोतरी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा किए गए संशोधन के तहत कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले SC-ST विद्यार्थियों को मिलने वाली वार्षिक छात्रवृत्ति में उल्लेखनीय इजाफा किया गया है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार: कक्षा 1 से 4 तक: ₹1200 वार्षिक कक्षा 5 से 6 तक: ₹2400 वार्षिक कक्षा 7 से 10 तक: ₹3600 वार्षिक कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी विद्यार्थी: ₹6000 वार्षिक सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2011 से लागू छात्रवृत्ति दरें वर्तमान समय की महंगाई और शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप नहीं रह गई थीं, इसी को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन किया गया है। ₹519.64 करोड़ सालाना खर्च, 27 लाख छात्रों को सीधा फायदा इस संशोधित योजना पर राज्य सरकार हर वर्ष ₹519.64 करोड़ खर्च करेगी। इससे बिहार के करीब 27 लाख SC-ST छात्र-छात्राओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। छात्रवृत्ति का लाभ सरकारी, स्थायी मान्यता प्राप्त और स्थापना स्वीकृत विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से वंचित वर्गों के छात्रों को शिक्षा से जोड़े रखने और ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में मदद मिलेगी। पिछड़ा-अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान भी हुआ दोगुना कैबिनेट बैठक में पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत दी गई। “मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना” के तहत मिलने वाली राशि को ₹1000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹2000 प्रति माह प्रति छात्र कर दिया गया है। 8150 छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ इस फैसले से विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों में रहने वाले लगभग 8150 छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे। अनुदान राशि में वृद्धि के कारण इस योजना पर अनुमानित वार्षिक व्यय ₹19.56 करोड़ होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि बढ़ी हुई अनुदान राशि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।  

ओबीसी छात्रवृत्ति और दिव्यांग कल्याण के लिए अतिरिक्त अनुदान, वंचितों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

छात्रवृत्ति से दिव्यांग सशक्तिकरण तक, योगी सरकार के अनुपूरक अनुदान से सामाजिक योजनाओं को रफ्तार ओबीसी छात्रवृत्ति और दिव्यांग कल्याण के लिए अतिरिक्त अनुदान, वंचितों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति के शिक्षा, विवाह सहायता पर सरकार का फोकस, अनुपूरक बजट से मजबूती लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार ने समाज कल्याण विभाग के लिए अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, कन्याओं के विवाह के लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था की गई है। दिव्यांग से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री प्रदेश के समेकित और समावेशी विकास को लेकर गंभीर हैं।     समाज कल्याण विभाग पर विशेष ध्यान अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था की गई है। अनुसूचित जाति के लिए विभिन्न मेडिकल कॉलेजों एवं संस्थानों में मानक मदों के लिए 15.46 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं में अनुसूचित जाति के लिए सबसे बड़ा प्रावधान करते हुए 1223.55 करोड़ का अनुपूरक अनुदान किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। उत्तर प्रदेश के समस्त राजकीय, सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों की दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत ओबीसी विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2024–25 के अवशेष भुगतान और वर्ष 2025–26 के पात्र छात्रों हेतु लगभग 362 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। यह अनुपूरक प्रावधान छात्रवृत्ति योजनाओं को बिना अवरोध जारी रखने के लिए किया गया है। वंचित परिवारों और छात्राओं को सामाजिक संबल अनुपूरक बजट के अंतर्गत अन्य पिछड़े वर्ग के निर्धन कर्मियों की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता हेतु 32 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक संस्थानों में छात्रावास निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। अनुसूचित जाति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाए रखने और सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 11.40 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से 5.59 करोड़ की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 200 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए सरकार दृढ़संकल्पित दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग के अधीनस्थ कार्यालयों में ई-ऑफिस संचालन के लिए हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी की व्यवस्था हेतु 1 करोड़ की अतिरिक्त धन उपलब्ध कराया गया है। डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय को विभिन्न मदों में सहायता अनुदान के रूप में 5.43 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। शासकीय एवं जनोपयोगी भवनों में दिव्यांग जन के लिए बाधारहित और सुगम वातावरण विकसित करने के लिए 6 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

रूस की पुतिन सरकार ने भारतीय छात्रों के लिए की बड़ी घोषणा, बिना परीक्षा मिलेगा विश्वविद्यालय में दाखिला

नई दिल्ली  भारतीय छात्रों के लिए रूस से एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। रूसी सरकार ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए अपने प्रतिष्ठित सरकारी छात्रवृत्ति कार्यक्रम (Government Scholarship Program) की घोषणा कर दी है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब भारतीय छात्रों को रूस में उच्च शिक्षा पाने के लिए किसी भी प्रवेश परीक्षा से नहीं गुजरना होगा। चयन का आधार और पाठ्यक्रम यह छात्रवृत्ति स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), पीएचडी और उन्नत प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए प्रदान की जा रही है। उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और पोर्टफोलियो के आधार पर किया जाएगा। पोर्टफोलियो में शोध पत्र, अनुशंसा पत्र (LOR), और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के प्रमाणपत्रों को वरीयता दी जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत मेडिसिन, इंजीनियरिंग, फार्मेसी और स्पेस स्टडीज जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई की जा सकेगी। रूस ने भाषा की बाधा को दूर करने के लिए कई कोर्स अंग्रेजी माध्यम में उपलब्ध कराए हैं। जो छात्र रूसी भाषा सीखना चाहते हैं, उनके लिए मुख्य पाठ्यक्रम शुरू होने से पहले एक वर्षीय प्रारंभिक भाषा पाठ्यक्रम (Preparatory Language Course) का विकल्प भी रखा गया है। आवेदन प्रक्रिया और समय सीमा एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, छात्रवृत्ति की चयन प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन और प्रारंभिक चयन किया जाएगा और यह प्रक्रिया 15 जनवरी तक चलेगी। दूसरे चरण में रूसी विज्ञान और उच्च शिक्षा मंत्रालय चयनित छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार विश्वविद्यालय आवंटित करेगा और वीजा संबंधी प्रक्रिया पूरी करेगा। भारतीय छात्र मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग, कजान और व्लादिवोस्तोक जैसे प्रमुख शहरों के शीर्ष विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट education-in-russia.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह पहल न केवल छात्रों का भविष्य संवारेगी, बल्कि भारत-रूस के शैक्षिक संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

सरकारी स्कूलों के 55001 छात्रों ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए किया पंजीकरण

हरियाणा में स्कॉलरशिप के लिए 55 हजार छात्रों ने आवेदन, पानीपत रहा टॉप सरकारी स्कूलों के 55001 छात्रों ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए किया पंजीकरण हरियाणा: आठवीं कक्षा के छात्रों ने राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति के लिए बढ़ाया आवेदन हिसार  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले कुल 55001 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। खास बात है कि आवेदनों की दौड़ में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का गृह जिला पानीपत टॉप पर है, जहां 4232 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। 4064 आवेदन के साथ सिरसा दूसरे, 3789 आवेदन के साथ अंबाला तीसरे और 3560 आवेदन के साथ हिसार चौथे पायदान पर है। जबकि पांचवें पायदान पर गुरुग्राम है, जहां 3401 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सबसे फिसड्डी चरखी-दादरी रहा, यहां से 1077 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। बता दें कि 30 नवंबर को राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा होगी, जिसका समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। परीक्षा से 10 दिन पूर्व भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए जाएंगे। ये रहेंगी शर्तें – आवेदक सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ रहा हो। – आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 3.30 लाख रुपये तक हो – चयनित विद्यार्थी को कक्षा 9वीं से 12वीं तक 48 हजार रुपये मिलेंगे यह है राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग की ओर से वर्ष 2008 में राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति शुरू की थी। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर वे विद्यार्थी, जो सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ रहे हों, उन्हें अगले चार साल तक कुल 48 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है, ताकि आर्थिक रूप से तंगी होने के कारण विद्यार्थी पढ़ाई से ड्राप न कर लें। इसी उद्देश्य से सरकार ने उपरोक्त प्रोजेक्ट शुरू किया था। किस जिले में कितने आवेदन जिला – कुल आवेदनों की संख्या पानीपत – 4232 सिरसा – 4064 अंबाला – 3789 हिसार – 3560 गुरुग्राम – 3401 करनाल – 3212 कैथल – 3163 जींद – 2996 फतेहाबाद – 2795 सोनीपत – 2768 कुरुक्षेत्र – 2427 भिवानी – 2262 रेवाड़ी – 2185 यमुनानगर – 1971 नूंह – 1885 महेंद्रगढ़ – 1850 पलवल – 1522 रोहतक – 1507 पंचकूला – 1488 फरीदाबाद – 1454 झज्जर – 1393 चरखी दादरी – 1077     राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति के तहत प्रदेश में कुल 55001 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें आवेदनों की दौड़ में हिसार चौथे स्थान पर है। जबकि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का गृह जिला पानीपत पहले पायदान पर है। निश्चित तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह योजना अच्छा प्रयास है। – संदीप सिंधु, जिला गणित विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति प्रभारी, हिसार।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पूर्व 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से वितरित की छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहेगा प्रदेश का कोई भी छात्रः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पूर्व 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से वितरित की छात्रवृत्ति छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के तहत ₹300 करोड़ से ज्यादा की धनराशि सीधे छात्रों के खातों में भेजी गई प्रधानमंत्री जी के कथन“पारदर्शिता ही सुशासन की पहचान है”को डीबीटी प्रणाली के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहाः सीएम अब दो चरणों में दी जा रही छात्रवृत्ति, 2016-17 में 8.64 लाख से बढ़कर अब 62 लाख छात्र-छात्राएं पा रहे हैं लाभः मुख्यमंत्री 4.27 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को अब तक मिला है छात्रवृत्ति का लाभः योगी आदित्यनाथ बाबा साहब ने कहा था- पढ़-लिखकर ही स्वावलंबी बन सकते हैं, हमारा भी संकल्प है कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहेः सीएम योगी   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के ठीक पूर्व प्रदेश के छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात देते हुए दशमोत्तर एवं पूर्वदशम छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत एक साथ 10 लाख 28 हजार 205 विद्यार्थियों को ₹300 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में प्रेषित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आने देने के संकल्प के साथ आयोजित किया गया है। यह डबल इंजन सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे शिक्षा-सशक्तिकरण अभियान की एक नई कड़ी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी विजयादशमी के अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई थी। पहले छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में भेदभाव, विलंब और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं आम थीं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में टेक्नोलॉजी आधारित डीबीटी प्रणाली लागू होने से अब पात्र छात्रों के खाते में राशि सीधे पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब छात्रवृत्ति वर्ष में एक बार नहीं बल्कि दो चरणों में (अक्टूबर और जनवरी में) दी जाएगी, ताकि छात्रों को समय पर सहायता मिले। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 तक जहां केवल 8.64 लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति से लाभान्वित होते थे, वहीं अब यह संख्या 62 लाख तक पहुंच गई है। विभिन्न वर्गों के छात्रों को मिली छात्रवृत्ति मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 3 लाख 56 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ₹114 करोड़ 92 लाख, सामान्य वर्ग के 97 हजार से अधिक छात्रों को ₹29 करोड़ 18 लाख, अन्य पिछड़ा वर्ग के 4 लाख 83 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ₹126 करोड़ 69 लाख और अल्पसंख्यक वर्ग के 90 हजार 758 विद्यार्थियों को ₹27 करोड़ 16 लाख की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा एकदम स्पष्ट है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी जी कहते हैं,“पारदर्शिता ही सुशासन की पहचान है।”डीबीटी प्रणाली इसी पारदर्शिता का सशक्त उदाहरण है। पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। गत वर्ष जिन विद्यार्थियों को संस्थानों की लापरवाही या पोर्टल की त्रुटियों के कारण छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी, उनके लिए पोर्टल को पुनः सक्रिय किया गया है। जैसे ही डेटा एंट्री पूरी होगी, एक विशेष समारोह में उन्हें भी डीबीटी के माध्यम से राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, हर छात्र अपने सपनों की उड़ान भर सके। शिक्षा ही स्वावलंबन का मार्ग मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि “पढ़-लिखकर ही हम स्वावलंबी बन सकते हैं और समाज के लिए कुछ कर सकते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी बाबा साहब ने शिक्षा के बल पर अपनी राह बनाई। आज हमारे पास संसाधनों की कमी नहीं, आवश्यकता है मेहनत, अनुशासन और लगन की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पुस्तकालयों की ओर रुझान बढ़ाएं, नियमित रूप से विद्यालय जाएं, नवाचार के प्रति जिज्ञासा रखें और समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। 4 करोड़ 27 लाख विद्यार्थियों को अब तक लाभ मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में 4 करोड़ 27 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है। 2016-17 से पहले की सरकारों ने अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी थी, लेकिन हमारी सरकार ने न केवल वह राशि जारी की बल्कि दो वर्षों की छात्रवृत्ति एक साथ दी। उन्होंने कहा कि हमारा स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी विद्यार्थी के साथ भेदभाव नहीं होगा। ईमानदारी, पारदर्शिता और समान अवसर हमारी सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा-सशक्तिकरण की नई पहलें मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में शिक्षा-सशक्तिकरण के लिए कई नई पहलें की गई हैं। अटल आवासीय विद्यालय के माध्यम से सभी 18 कमिश्नरी में विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां श्रमिक परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा मिल रही है। आश्रम पद्धति विद्यालय के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालय के माध्यम से गरीब और वंचित वर्ग की बालिकाओं को इंटरमीडिएट स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है, जिससे अब छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ता। सामाजिक सुरक्षा की दिशा में कदम मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 5 लाख परिवारों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन डीबीटी के जरिए दी जा रही है। पहले ₹300 मासिक पेंशन छह महीने में दी जाती थी, जिसमें बिचौलिये हिस्सा खा जाते थे। हमारी सरकार ने इसे बढ़ाकर अब ₹1,000 प्रति माह किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब तक 4 लाख से अधिक बेटियों के विवाह कराए जा चुके हैं। प्रत्येक विवाह हेतु ₹1 लाख की सहायता राशि दी जाती है। गरीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री ने … Read more

योगी सरकार का बड़ा कदम: 297 करोड़ की छात्रवृत्ति जारी, सीएम बोले- पहले होती थी अनदेखी

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में डीबीटी से करीब पांच लाख युवाओं के खातों में छात्रवृत्ति ट्रांसफर की। सरकार ने पहली बार वित्तीय वर्ष 2025-26 से सितंबर में ही छात्रवृत्ति वितरण की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए छात्रों के चयन की प्रक्रिया में भेदभाव होता था। वर्ष 2016-17 में तो अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति ही हड़प ली गई थी पर अब ऐसा नहीं होता है। अब प्रदेश के 62 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिल रही है। जब हम सत्ता में आए तो तय किया कि छात्रों को वर्ष के अंत में नहीं बल्कि दो बार में छात्रवृत्ति दी जाए। जो कि अब संभव हो रहा है। यह बदली हुई व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अब डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है जिससे कि छात्र-छात्राओें को कहीं भी भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों से स्कूल जाने की अपील की और कहा कि पढ़ाई जरूर करें। इससे पूरा समाज बदलेगा। पहले चरण में लगभग 62.13 करोड़ रुपये कक्षा 9 से 12 तक के 2.5 लाख ओबीसी छात्रों को दिए जा चुके हैं। दूसरे चरण में शुक्रवार को 126.68 करोड़ रुपये 4.83 लाख से अधिक छात्रों को दिए गए। ई से ईजी गवर्नेंस की तरफ बढ़ रही सरकार इस मौके पर यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार यूपी सरकार अब ई गवर्नेंस से ईजी गवर्नेंस की तरफ बढ़ रही है।

नीतीश कुमार का युवाओं को तोहफा, स्कॉलरशिप में किया बड़ा इज़ाफा

पटना   मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव के ऐलान से ठीक पहले बिहार के छात्र-छात्राओं को बड़ा तोहफा दिया है. शुक्रवार को शिक्षा विभाग की तरफ से जारी किए गए नोटिफिकेशन में इस बात का ऐलान किया गया है. बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त 4 से 5 अक्टूबर तक बिहार के दौरे पर रहेंगे. इसके बाद बिहार में चुनाव का ऐलान संभव है. क्या कहा गया है नोटिफिकेशन में? शिक्षा विभाग की तरफ से जारी किए गए नोटिफिकेशन में बताया गया है कि मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना से संबंधित तथ्य राज्य के सभी कोटि के प्राथमिक, मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 1ली से 10वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पठन-पाठन में सहयोग के लिएमुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना की वर्ष 2013 में प्रारंभ की गयी थी. वर्त्तमान आर्थिक और समाजिक परिवेश एवं विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से वर्त्तमान वार्षिक दर में दुगुनी वृद्धि की जा रही है. यह योजना साल 2013 से राज्य में चलाई जा रही है. तब से लाखों छात्र-छात्राओं को इससे लाभ मिलता आ रहा है. लेकिन इस बार छात्रवृत्ति की राशि बढ़ जाने से बच्चों और अभिभावकों की आर्थिक मदद और मजबूत होगी. ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक कई परिवारों के लिए यह राहत की खबर है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले लिया गया यह फैसला सरकार की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है. इससे बड़ी संख्या में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे. खासकर वे माता-पिता, जिनके लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल होता है. सरकार का कहना है कि इस फैसले से बच्चों की पढ़ाई पर सकारात्मक असर पड़ेगा. यह न सिर्फ उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगा बल्कि ड्रॉपआउट दर को भी कम करने में मदद करेगा. महिला रोजगार योजना के तहत दी गई राशि  इससे पहले 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की 25 लाख लाभुक महिलाओं को 10 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से 2500 करोड़ रुपये की राशि का स्थानांतरण किया. इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए 26 सितम्बर को की गई थी और उस दिन 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के अंतर्गत राज्य की 75 लाख महिला लाभुकों को 10 हजार प्रति लाभुक की दर से 7500 करोड़ की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गयी थी. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' का मुख्य लक्ष्य राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है. पहले कितना मिलता था अब कितना मिलेगा?  क्लास वर्तमान अब मिलेगा 1 से 4 600 1200 5 से 6 1200 2400 7 से 8 1800 3600 9 से 10 1800 3600  

योगी आदित्यनाथ: बिना भेदभाव के विद्यार्थियों तक पहुँच रही है छात्रवृत्ति

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के चार लाख छात्र-छात्राओं को दिवाली गिफ्ट देते हुए छात्रवृत्ति वितरित की। कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ में किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति सितंबर के महीने में मिल रही है। इसकी सभी विद्यार्थियों को बधाई। पहले जो छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च में मिलती थी अब सितंबर में मिला करेगी। सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले छात्रों को छात्रवृत्ति देने में भेदभाव किया जाता था। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो हमने 2016-17 और 17-18 की छात्रवृत्ति एक साथ दी। मुख्यमंत्री योगी ने प्रतीकात्मक तौर पर कई विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का चेक प्रदान किया। बता दें कि फरवरी-मार्च में मिलने वाली छात्रवृत्ति इस बार सितंबर में नवरात्र के अवसर पर छात्रों को दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कई बार विद्यालयों से छात्रवृत्ति के लिए डाटा फीड करने में त्रुटि हो जाती है। ऐसे में छात्र अपने अधिकार से वंचित रह जाता है। इसके लिए हम एआई के माध्यम से प्रक्रिया को सरल बना रहे हैं जिससे कि प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम हो और जैसे ही छात्र का पंजीकरण हो जाए उसके फोन पर पूरी डिटेल उपलब्ध हो और समय पर छात्रवृत्ति पहुंच जाए। इसकी व्यवस्था की जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी शिक्षा से, अपनी योग्यता से हमारे देश को और समाज को दिशा दी थी। सरकार का प्रयास है कि हर छात्र को सहायता मिले जिससे कि वो अपनी शिक्षा से समाज के विकास में योगदान दे सके। समाज कल्याण मंत्री बोले- जिन्हें पिछले वर्ष छात्रवृत्ति नहीं मिली, उन्हें भी दी जाएगी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा है कि योगी सरकार ने पिछले वर्ष 60 लाख बच्चों को छात्रवृत्ति दी है। इस बार एक नई बात ये होगी कि जो बच्चे किसी भी कारणवश भले ही वो तकनीकी कारण रहे हों छात्रवृत्ति लेने से वंचित रहे हैं। उन्हें भी इस वर्ष छात्रवृत्ति मिलेगी साथ ही एक ऐसी एप का भी विकास किया जाएगा जिसमें बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की पूरी जानकारी होगी। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बच्चा छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।

26 सितम्बर को सीएम योगी करेंगे 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित

छात्रों को समय से पहले मिलेगी छात्रवृत्ति, योगी सरकार का क्रांतिकारी कदम 26 सितम्बर को सीएम योगी करेंगे 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सीएम योगी करेंगे छात्रवृत्ति का वितरण फरवरी-मार्च की जगह अब सितम्बर माह में ही वितरित की जाएगी छात्रवृत्ति पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई 2024 में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को  मिली थी छात्रवृत्ति वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक होने की संभावना लखनऊ  प्रदेश की योगी सरकार छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बेहतर शिक्षा माहौल देने के साथ-साथ आर्थिक सहायता के रूप में छात्रवृत्ति प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में इस वर्ष एक क्रांतिकारी पहल करते हुए छात्रवृत्ति समय से पहले देने का निर्णय लिया गया है। आगामी 26 सितम्बर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रदेश के 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। पहले मार्च में मिलती थी छात्रवृत्ति, अब सितम्बर में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। पूर्व में छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च माह में दी जाती थी, जबकि अब इसे नवरात्र और सितम्बर माह में वितरित किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राएँ इसका लाभ समय पर उठा सकें। यह छात्र छात्राओं के लिए एक तरह से दीपावली का गिफ्ट भी होगा।  70 लाख से अधिक छात्रों तक पहुंचेगी योजना उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश के पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिली थी, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक जाएगी। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। सीएम योगी के मार्गदर्शन से बनी रणनीति मंत्री ने कहा कि छात्रों को समय से पूर्व छात्रवृत्ति मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मार्गदर्शन लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई। यही कारण है कि इस बार छात्रवृत्ति का लाभ छात्रों तक नवरात्र के पवन अवसर पर पहुँचेगा। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्य मंत्री समाज कल्याण संजीव गोंड, एवं अल्पसंख्यक राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी उपस्थित रहेंगे।