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एसआईआर का प्रदेश में 93% गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि प्रदेश में गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है। अभी तक मध्यप्रदेश के छ: जिलों अशोक नगर, नीमच, बैतूल, गुना, मंडला और सीहोर जिले ने एस आई आर का काम शत् प्रतिशत पूरा कर लिया है। श्री झा ने सभी शासकीय सेवकों और नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सभी के समन्वित प्रयास और अथक परिश्रम से ही संभव हुई है। रविवार 30 नवंबर शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है, जो कुल कार्य का लगभग 93 प्रतिशत है। श्री झा ने बताया कि प्रदेश के 39 अन्य जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसके अलावा प्रदेश के 5 जिलों में 92% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने डिजिटलाइजेशन में लगे सभी शासकीय सेवकों, बीएलओ तथा सहयोगी नागरिकों के समन्वित प्रयास की सराहना की जिसके चलते निर्धारित समय से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर है। उन्होंने कहा कि इसी प्रेरणा और समन्वय से प्रदेश के सभी जिलों में शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।  

अवैध प्रवासियों पर सरकार से सवाल जवाब: सचिन पायलट ने SIR मुद्दे पर कसा तंज

टोंक कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने SIR (मतदाता सूची सुधार अभियान) और कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव आयोग ने सभी फॉर्म 4 दिसंबर से पहले भरने की समयसीमा तय की है। पायलट ने कहा, “वे चाहते हैं कि SIR यहीं जल्दी पूरी हो जाए, जैसे बिहार में किया गया। लेकिन हम इसमें सावधानीपूर्वक कार्रवाई कर रहे हैं। मैंने हमेशा देखा है कि भाजपा के नेता, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री कहते रहे हैं कि अवैध प्रवासियों को बाहर निकालना जरूरी है। अगर कोई अवैध रूप से देश में रह रहा है, तो उसे देश से बाहर निकाला जाए। लेकिन मुझे बताइए, पिछले 11 वर्षो में भारतीय सरकार ने कितने अवैध प्रवासियों को देश से निकाला?” सचिन पायलट ने आगे कहा, “चुनाव आते हैं और प्रवासियों का नाम लेते हैं, लेकिन आखिर में किसके वोट काटने की कोशिश हो रही है? गरीब, पिछड़े, दलित और आदिवासी। संविधान ने इन लोगों को अधिकार दिए हैं, और अगर उनके नाम हटाए जाते हैं, तो लोकतंत्र में इससे बड़ा पाप और क्या होगा। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए मेहनत करनी चाहिए कि 18 वर्ष से अधिक उम्र का हर नागरिक, जिसे वोट का अधिकार है, उससे कोई वंचित न हो। यह देश में पहली बार SIR नहीं हो रहा है। कई BLO (बुनियादी स्तर के अधिकारी) मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या कर रहे हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि काम निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए।” कर्नाटक में मुख्यमंत्री के खिलाफ चल रहे विवाद पर पायलट ने कहा, “जो आप देख रहे हैं और सुन रहे हैं, मामला कुछ और है। दोनों, राज्य अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने सरकार बनाने के लिए मेहनत की। वे इसे साथ में चला रहे हैं और साथ में इसे दोबारा सफल बनाएंगे।” सचिन पायलट ने यह भी जोर देते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 का संशोधित कार्यक्रम किया जारी

गणना पत्रक 11दिसम्बर तक भरे जाएंगे, 14 फरवरी 26 को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में दिए आवश्यक निर्देश अब 14 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया भोपाल प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर की भारत निर्वाचन आयोग ने समय सीमा बढ़ा दी है। इस संबंध में आयोग ने निर्देश भी जारी कर दिए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 30 नवंबर को संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। जारी कार्यक्रम अनुसार मध्यप्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया अब 14 फरवरी 2026 तक चलेगी। इसके अनुसार अब 11 दिसम्बर 2025 तक एन्युमरेशन फार्म भरने का काम बीएलओ द्वारा किया जाएगा। 16 दिसंबर को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा। 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक दावा आपत्तियों के आवेदन लिए जाएंगे। 16 दिसंबर से 7 फरवरी 2026 तक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद 14 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने कहा कि सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए नवीन दिशा निर्देशों से अवगत कराया गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में दिए गए नवीन निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उसे अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार मतदाताओं के घर जाएंगे, यह सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जो व्यक्ति 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, वह भी मतदात सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा।  

SIR: गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन: पुनरीक्षण अभियान में बड़ी प्रगति

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जनवरी 2026 को लागू होने वाली मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 4 नवंबर 2025 से पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रदेशभर में बीएलओ घर-घर जाकर पंजीकृत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का संग्रहण कर रहे हैं और उनका डिजिटाइजेशन तेजी से प्रगति पर है। 29 नवंबर तक प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 82 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 86 प्रतिशत है। SIR प्रक्रिया का शेड्यूल मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025 दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026

जबलपुर : SIR के दौरान BLOs की सराहना, जताई गई प्रशंसा और शानदार पुरस्कारों का मज़ा

 रीवा/जबलपुर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में मिसाल पेश करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) इन दिनों जिला प्रशासन की अनूठी पुरस्कार योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं. टारगेट को तय समय सीमा से पहले पूरा करने वाले 'सुपर बीएलओ' को टाइगर सफारी, मूवी टिकट और यहां तक कि हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसे शानदार इनाम मिल रहे हैं. मध्य प्रदेश के जबलपुर की स्नेहलता पटेल अपने अधीन सभी बूथों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा करने वाली जिले की पहली बीएलओ सुपरवाइजर बनीं. उन्होंने  समय से पहले पनागर विधानसभा क्षेत्र के 7 हजार 706 वोटर्स फॉर्म अपलोड कर सभी को चौंका दिया.  जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार, स्नेहलता पटेल को पुरस्कार स्वरूप पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा के माध्यम से विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कान्हा और बांधवगढ़ की हवाई यात्रा (जॉय राइड) कराई गई. ऐसे ही अन्य बीएलओ को नकद पुरस्कार के साथ उनके तनाव को कम करने के लिए मूवी टिकट भी प्रशासन दे रहा है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी पुरस्कार योजना शुरू की गई है। स्नेहलता पटेल को पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से जाय राइड इसी पहल का हिस्सा है। उन्होंने इस सम्मान के लिए कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और सभी बीएलओ को निष्ठा एवं लगन से कार्य करने का संदेश दिया। स्नेहलता पटेल को पनागर विधानसभा के बूथ क्रमांक 52 से 61 तक कुल 10 बूथों के सत्यापन और डिजिटाइजेशन का दायित्व सौंपा गया था। उनके अधीन 7,706 मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन मंगलवार को पूरा कर लिया गया था। 73.34 फीसदी गणना पत्रक हुए डिजिटाइज जिले में मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों में से 73.34 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 25 हजार 472 है। इनमें से अभी तक 14 लाख 12 हजार 151 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। पाटन विधानसभा में 86 प्रतिशत डिजिटाइजेशन शुक्रवार की रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार 86.50 प्रतिशत गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ पाटन विधानसभा जिले की आठो विधानसभा क्षेत्रों में पहले स्थान पर है। मतदाताओं से प्राप्त गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में विधानसभा क्षेत्र सिहोरा 85.04 फीसदी के साथ दूसरे तथा विधानसभा क्षेत्र बरगी 84.20 फीसदी गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ जिले में तीसरे स्थान पर है। 78.10 फीसदी के साथ पनागर चौथे, 67.41 फीसदी के साथ उत्तर पांचवें एवं 61.81 फीसदी के साथ कैंट छठे स्थान पर है। वहीं पश्चिम में 59.94 और पूर्व में 59.94 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हुआ है।

BLO की अनोखी ड्यूटी स्टाइल — बारात निकलने से ठीक पहले दूल्हे से भरवाया SIR फॉर्म

रामपुर  स्वार कोतवाली क्षेत्र के समोदिया गांव में एक ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला कि लोग हैरान रह गए. दरअसल, जैसे ही दूल्हे की बरात सज-धजकर अजीतपुर के लिए निकलने लगी, तभी ग्राम प्रधान और बीएलओ ने बरात को थोड़ी देर के लिए रोका दिया, ताकि दूल्हे से पहले एसआईआर (SIR) फॉर्म भरवाया जा सके. ग्राम प्रधान-बीएलओ का यह कदम गांव में जागरूकता का एक अनूठा उदाहरण बन गया. इस पहल की चर्चा इलाके में ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया तक हो रही है. अब यह मामला मीडिया तक की सुर्खियों में छाया हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जसीम की बारत समोदिया गांव से अजीतपुर के लिए गुरुवार को रवाना होनी थी. सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी और डीजे की धुन पर रिश्तेदार नाच रहे थे. तो वहीं, कुछ रिश्तेदार और बाराती निकलने के लिए तैयार खड़े थे. तभी ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ हुसैन अंसारी और बीएलओ रजिंदर सिंह पहुंचे और दूल्हे से कहा,     निकाह से पहले आपका एसआईआर फॉर्म भरना जरूरी है, ताकि चुनाव आयोग के विशेष पुनरीक्षण अभियान में आपका नाम समय पर दर्ज हो सके. दूल्हे ने फॉर्म तुरंत भरा और इसके बाद ही बरात शान से अजीतपुर की ओर रवाना हुई. यह नजारा ग्रामीणों के लिए सिर्फ मनोरंजक नहीं, बल्कि प्रेरक भी साबित हुआ. ग्रामीणों और युवाओं ने ग्राम प्रधान और बीएलओ की इस पहल की खूब प्रशंसा की उनका कहना था कि     अगर हर अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसी तरह जिम्मेदारी निभाए और हर नागरिक समय पर फॉर्म भर दे, तो सरकारी प्रक्रियाएं और चुनाव से जुड़ी कार्रवाइयां और प्रभावी और सुचारू हो सकती हैं. ग्राम प्रधान ने कहा,     हम चाहते हैं कि गांव का हर नागरिक जागरूक रहे. दूल्हे के निकाह से पहले एसआईआर फॉर्म भरवाना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जागरूकता का संदेश है. चुनाव आयोग की ओर से भी इस पहल को सराहा गया है. ग्रामीणों का मानना है कि शादी जैसे बड़े आयोजन में भी सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाना संभव है और यही संदेश पूरे गांव में फैल रहा है. यूपी में एसआईआर फॉर्म भरने की प्रक्रिया को तेज किया गया है, और इसके तहत बीएलओ और अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है.

जंगल-पहाड़ों के रास्तों से मतदाताओं तक पहुंच रही टीम, नारायणपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण ने पकड़ी रफ्तार

रायपुर,  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को नारायणपुर जिले में गति मिल रही है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ जंगलों-पहाड़ों के बीच बसे दुर्गम इलाकों तक पहुंचकर मतदाता सूची अद्यतन कार्य को निरंतर अंजाम दे रहे हैं। लक्ष्य है—कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। जिले में वर्तमान में कुल 92,637 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 77.25 प्रतिशत गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन अब तक पूरा किया जा चुका है। प्रशासनिक टीमें त्रुटिरहित अद्यतन सुनिश्चित करने के लिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के कार्य में पूरी गम्भीरता से जुटी हुई हैं। बीएलओ समरूलाल यादव की प्रेरक कहानी दुर्गम ग्राम गट्टाकाल से एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। मतदान केंद्र क्रमांक 09 के बीएलओ समरूलाल यादव को पुनरीक्षण कार्य के लिए पहाड़ी पगडंडियों पर मीलों पैदल चलना पड़ा। कई बार उन्हें बिना पुल वाले नदी-नालों को पार करना पड़ा, फिर भी वे लगातार घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करते रहे। इस मतदान केंद्र के 360 मतदाताओं में से 262 का पुनरीक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 98 मतदाताओं का कार्य भी तेजी से जारी है। समरूलाल यादव का कहना है कि कठिन रास्ते भी उन्हें लोकतंत्र को मजबूत करने के संकल्प से नहीं रोक पाते। 20 बीएलओ ने किया शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिले के 20 बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा  द्वारा निरंतर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को जोड़ने का यह निरंतर प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।

BLO सम्मान समारोह: परिवार के साथ फाइव स्टार होटल में लंच और 10,000 रुपए इनाम

गाजियाबाद. मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को सफल बनाने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने ऐलान किया है कि SIR में शत-प्रतिशत और सबसे बेहतरीन काम करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को नकद इनाम के साथ-साथ परिवार सहित फाइव स्टार होटल में विशेष सम्मान समारोह और लंच का मौका मिलेगा. सिटी मजिस्ट्रेट संतोष उपाध्याय ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र से टॉप-5 BLO चुने जाएंगे. इसके लिए  चयन का आधार होगा- घर-घर जाकर सबसे ज्यादा फॉर्म भरवाना, सबसे तेज और सटीक तरीके से एप पर डिजिटाइजेशन करना। इसमें प्रथम और द्वितीय स्थान वाले BLO को 10,000-10,000 रुपए नकद, तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम स्थानपर रहने वाले BLO को 5,000-5,000 रुपए नकद मिलेंगे. साथ ही ये पांचों BLO अपने परिवार के साथ जिलाधिकारी के हाथों प्रशस्ति पत्र और विशेष सम्मान प्राप्त करेंगे. उन्हें फाइव स्टार होटल में भव्य लंच के लिए आमंत्रित किया जाएगा. लोगों से की ये अपील जिलाधिकारी ने कहा, “लोकतंत्र को मजबूत करने का यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है. जो BLO दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उनकी मेहनत को हम पूरी गरिमा के साथ सम्मानित करेंगे.” सिटी मजिस्ट्रेट संतोष उपाध्याय ने लोगों से अपील की है कि अपने क्षेत्र के BLO की अधिक से अधिक मदद करें, फॉर्म भरवाएं ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक बने. वे खुद मोहल्लों में घूम-घूमकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. लापरवाह BLO को नोटिस वहीं लापरवाही बरतने वाले कुछ BLO को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं और कुछ पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है. प्रशासन का साफ संदेश है – काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन मेहनत करने वालों को भरपूर सम्मान मिलेगा. इस अनोखी पहल की चारों तरफ सराहना हो रही है. शिक्षक और अन्य विभागों के कर्मचारी जो BLO की ड्यूटी कर रहे हैं, इसे प्रोत्साहन की बड़ी मिसाल बता रहे हैं.

बालोद : जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एसआईआर में उत्कृष्ट कार्य के लिए बीएलओ को किया सम्मानित

बालोद भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर एवं जिला निवार्चन अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में आज विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मतदाताओं को गणना पत्र प्रदान करने एवं गणना प्रपत्रों को डिजिटाईज करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 04 बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि जिले के संजारी बालोद, गुण्डरदेही एवं डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। जिसके अंतर्गत बीएलओ द्वारा गणना पत्रक वितरण कर घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना पत्रक भरवाकर बीएलओ एप में ऑनलाइन किया जा रहा है। उक्त कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 60 डौण्डीलोहारा अंतर्गत ग्राम आलीवारा की बूथ लेवल अधिकारी सुशीला ठाकुर, ग्राम खेरथा की बीएलओ लता पाण्डेय एवं ग्राम आतरगांव की बीएलओ सरस्वती देवांगन तथा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 61 गुण्डरदेही के ग्राम धनगांव की बीएलओ सुंदरिया देशमुख ने बालोद जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के अंतर्गत 100 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइजेशन पूर्ण किया है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एव उप जिला निवार्चन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मध्य प्रदेश का डिजिटल सफर: SIR में 57% डिजिटाइजेशन, देश में टॉप राज्यों में स्थान

भोपाल  मध्य प्रदेश में चुनावी मतदाता सूची के डिजिटलीकरण का काम 57.05% पूरा हो गया है, जिससे यह इस काम में लगे 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चौथे स्थान पर आ गया है। यह प्रगति ऐसे समय में हुई है जब ड्यूटी पर तैनात बूथ-लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की मौतें चिंता का विषय बन गई हैं। 11 नवंबर से अब तक कम से कम चार बीएलओ की मौत हो चुकी है, जिनमें से सभी सरकारी स्कूल शिक्षक थे। उनके रिश्तेदारों का आरोप है कि काम का अत्यधिक दबाव, लंबे काम के घंटे और लक्ष्य पूरा न करने पर निलंबन का डर इन मौतों का कारण बना है। 65 हजार से अधिक बीएलओ काम में लगे आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 5.73 करोड़ मतदाताओं को 65,014 बीएलओ द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म दिए गए हैं। 23 नवंबर तक इनमें से 3.27 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके थे। इस बीच, बीएलओ की मौतें चिंता बढ़ा रही हैं। इन इलाकों में हुई बीएलओ की मौतें दतिया जिले में एक शिक्षक की कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई। परिवार का कहना है कि वह स्मार्टफोन से काम करने का दबाव और सजा का डर बर्दाश्त नहीं कर सका। दमोह और रायसेन जिलों में दो शिक्षकों की मौत हो गई। उनके परिवारों का आरोप है कि प्रतिदिन 100 मतदाताओं को सूचीबद्ध करने जैसे अवास्तविक लक्ष्य उन्हें परेशान कर रहे थे। अलीराजपुर में एक अन्य BLO, SIR ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित होने के एक दिन बाद सीढ़ियों से गिरकर मर गया। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि ये सभी आरोप रिश्तेदारों द्वारा लगाए गए हैं। पुलिस द्वारा की गई जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सच्चाई सामने आएगी। बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर एमपी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मामले में, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप (88.20%), गोवा (69.38%), और राजस्थान (65.52%) से पीछे है। लेकिन लक्षद्वीप और गोवा में मध्य प्रदेश की तुलना में बहुत कम मतदाता हैं। पांच करोड़ से अधिक मतदाताओं वाले राज्यों में, मध्य प्रदेश केवल राजस्थान से पीछे है, जिससे यह प्रभावी रूप से दूसरी स्थिति में है। अन्य राज्यों का हाल अन्य राज्य जो SIR में भाग ले रहे हैं उनमें गुजरात (49.62%), पुडुचेरी (51.24%), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (44.13%), तमिलनाडु (40.40%), छत्तीसगढ़ (40.83%), पश्चिम बंगाल (47.72%), उत्तर प्रदेश (19.02%), और केरल (15.92%) शामिल हैं। क्या है SIR? SIR का उद्देश्य घर-घर जाकर मतदाता सूची में सुधार करना और BLOs द्वारा उन्हें डिजिटाइज करके त्रुटि-मुक्त मतदाता सूची तैयार करना है। जिन मतदाताओं को उनके फॉर्म नहीं मिले हैं, वे ECI पोर्टल पर ऑनलाइन भर सकते हैं। BLOs का विवरण राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता खोज पोर्टल पर उपलब्ध है।