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आठ जिलों में 60 करोड़ की लागत से आदिवासी छात्रावास निर्माण का फैसला

पटना  राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने हेतु आठ जिलों में 19 छात्रावास का निर्माण कराने जा रही है। इस पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ 42 लाख रुपये खर्च होंगे। यह राशि जल्द ही पश्चिम चंपारण, कटिहार, बांका, भागलपुर, जमुई, कैमूर, रोहतास और पूर्णिया जिले को आवंटित की जाएगी। इस राशि में केंद्र सरकार का अंश 36 करोड़ 25 लाख रुपये है, जबकि राज्यांश 24 करोड़ 17 करोड़ रुपये है। प्रत्येक छात्रावास में 100 छात्रों के लिए सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इन छात्रावासों का संचालन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की तर्ज पर किया जाएगा। ताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की तर्ज पर संचालन मिली जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत छात्रावासों का निर्माण कराने का फैसला लिया गया है। इस महाअभियान का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक शिक्षा सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। केंद्र सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय के सहयोग से इन छात्रावासों का संचालन नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की तर्ज पर किया जाएगा। इन छात्रावासों में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और आवश्यक संसाधन मिल सकेंगे।

जिला स्तरीय टेस्टिंग और असेसमेंट से 2100 स्कूलों में परीक्षा सुधार अभियान तेज

रांची  जिला स्तरीय प्रोजेक्ट टीम (टेस्टिंग, इवेल्यूएशन, असेसमेंट एंड मेंटरिंग) से सरकारी विद्यालयों की रूपरेखा बदल रही है। पहली जुलाई को जिले के 2100 सरकारी विद्यालयों में प्रोजेक्ट टीम के तहत आयोजित परीक्षा में डेढ़ लाख बच्चे शामिल हुए। शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई इस पहल का फलाफल सामने आने लगा है। प्रोजेक्ट टीम के तहत विद्यालयों में टेस्टिंग, इवेल्युएशन, असेसमेंट एंड मेंटरिंग को गति दी जा रही है। इसके तहत प्रोजेक्ट टीम का गठन भी किया गया है, जिसकी मदद से लगातार विद्यालयों की मानिटरिंग की जा रही है। जिला स्तरीय नोडल पदाधिकारी चिन्हित इस प्रोजेक्ट को नियंत्रित और निर्देशित करने के लिए जिला स्तरीय नोडल पदाधिकारी भी चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें नामित करते हुए निर्देशित कार्यों में सहयोग करने के लिए प्राधिकृत किया गया है। नोडल पदाधिकारी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रोजेक्ट टीम को संचालित कर रहे हैं। बता दें कि राज्य द्वारा संचालित रेल (रेगुलर असेसमेंट फार इंप्रूव्ड लर्निंग), एसए 1, एसए 2, आठवीं बोर्ड एवं जिले द्वारा संचालित विभिन्न परीक्षाओं जैसे प्री-एसए 1, एसए 2 और प्री-आठवीं बोर्ड की परीक्षा के सफल संचालन एवं शत प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति, प्रश्नपत्रों को विद्यालयों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्यक्रम में प्राथमिकता के आधार पर समाहित किया गया है। मासिक मूल्यांकन में हो रही ये पहलें     जांच परीक्षा, जेसीईआरटी के द्वारा उपलब्ध कराई गई समय सारिणी एवं प्रश्नपत्र के अनुसार संचालन     आइडियल एनईपी 2020 के पाठ्यक्रम को ससमय पूर्ण कराते हुए रेल परीक्षा के लिए छात्रों को तैयार करना     शत प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति, छात्रों की संख्या की प्रविष्टि ई-विद्यावाहिनी ऐप पोर्टल के संबंधित खंड में समाहित करना     परीक्षा के बाद छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन परीक्षा समाप्ति के एक सप्ताह के अंदर करते हुए प्राप्तांकों को रजिस्टर और ई-विद्यावाहिनी ऐप पोर्टल में अनिवार्य रूप से अपलोड करना     छात्र-छात्राओं के परीक्षाफल से संबंधित जानकारी पीटीएम में साझा करना     परीक्षा में निम्न प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षकों द्वारा विशेष शिक्षण योजना तैयार कर क्रियान्वित करना     परीक्षा में छात्रों की उपस्थिति से संबंधित डेटा का विद्यालय वार समीक्षा प्रखंड के नोडल के द्वारा करते हुए जिला नोडल पदाधिकारी के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराना     डीडीओ, डिस्ट्रिक्ट एपीओ, डिस्ट्रिक्ट एमआइएस, ब्लाक नोडल टीचर, बीपीओ, बीआरपीएस, सीआरपी द्वारा परीक्षा अवधि में विद्यालय भ्रमण करते हुए प्रतिवेदन नोडल पदाधिकारी के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराना शामिल है। इस पहल से ये मिल रहा लाभ इस पहल से सभी विद्यालयों में परीक्षा सुनिश्चित कराने में जहां मदद मिल रही है वहीं, शत-प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से मानिटर हो पा रही है। क्वेश्चन सेटर ग्रुप के द्वारा सभी वर्गों के लिए विषयवार प्रश्न पत्रों का निर्माण कराया जा रहा है। परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी विद्यालयों को उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी विद्यालय अपने उपलब्ध संसाधन के अनुसार छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध करा रहे हैं, या ब्लैकबोर्ड पर लिखकर बच्चों के समक्ष दे रहे हैं। परीक्षा के बाद छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन परीक्षा समाप्ति के तीन दिनों के अंदर करते हुए प्राप्तांकों को विद्यालय के रजिस्टर और विभाग को भेजा जाएगा। डेटा का विद्यालयवार समीक्षा परीक्षा में छात्रों की उपस्थिति से संबंधित डेटा का विद्यालयवार समीक्षा प्रखंड के नोडल के द्वारा करते हुए जिला नोडल पदाधिकारी के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला नोडल पदाधिकारी, जिले के नामित विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रश्न पत्रों का निर्माण कराने के लिए प्राधिकृत हैं। इसका सीधा लाभ आठवीं बोर्ड के वैसे परीक्षार्थियों को भी मिलेगा जिन्हें किसी कारणवश प्रश्न पत्र या अंकपत्र नहीं मिलने की शिकायत रहती है।  

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में रणनीति बदलेगा भारत, तेज गेंदबाज को मौका

नई दिल्ली ओल्ड ट्रैफर्ड में रणनीति उलटी पड़ने के बाद भारतीय टीम अब ट्रेंट ब्रिज में नया दांव खेलने की तैयारी में है. मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम प्रबंधन परिस्थितियों के अनुरूप अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ उतर सकते हैं. यदि ऐसा होता है तो इसकी सबसे बड़ी कीमत लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को चुकानी पड़ सकती है, जिनकी प्लेइंग इलेवन में जगह खतरे में नजर आ रही है. पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ गया था, जबकि दूसरे मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में पांच मैचों की सीरीज में बराबरी हासिल करने के लिए तीसरा मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है. टीम प्रबंधन अब परिस्थितियों के अनुरूप संयोजन चुनने पर अधिक जोर देता नजर आ रहा है. बिश्नोई के प्रदर्शन ने बढ़ाई मुश्किल मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में बिश्नोई पूरी तरह लय से बाहर दिखे. उन्होंने तीन बैक-फुट नो-बॉल फेंकी और पारी के 17वें ओवर में 29 रन लुटा दिए. चार ओवरों में बिना विकेट लिए 60 रन खर्च करने वाले बिश्नोई के प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है. ओल्ड ट्रैफर्ड जैसी परिस्थितियों में अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती के रहते तीसरे विशेषज्ञ स्पिनर की जरूरत नहीं थी. ट्रेंट ब्रिज में तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद को देखते हुए भारतीय टीम अतिरिक्त पेसर के साथ उतर सकती है. ऐसे में प्रिंस यादव मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. नई गेंद से स्विंग कराने और पिच से अतिरिक्त उछाल हासिल करने की उनकी क्षमता इंग्लैंड की परिस्थितियों में भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. हालांकि पिछले मुकाबले में अर्शदीप सिंह ने नई गेंद से दो शुरुआती विकेट समेत तीन सफलताएं हासिल की थीं, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने उनके एक ओवर में 27 रन बटोरकर मैच का रुख बदल दिया. इंग्लैंड ने 191 रनों का लक्ष्य एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया था. बीच के ओवरों में फंस रही बल्लेबाजी गेंदबाजी के साथ-साथ भारतीय बल्लेबाजी को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा. पिछले कुछ महीनों में आईपीएल समेत अधिकतर मुकाबले सपाट विकेटों पर खेलने वाली भारतीय बल्लेबाजी इंग्लैंड की अतिरिक्त उछाल, सीम मूवमेंट और सैम करन की विविधताओं के सामने सहज नहीं दिखी है. कप्तान श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने उपयोगी पारियां जरूर खेली हैं, लेकिन वे अब तक इंग्लैंड के गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी नहीं हो सके हैं. तिलक वर्मा ने पिछले मुकाबले में अंतिम ओवरों में तेज रन बनाए, मगर बीच के ओवरों में रन गति बनाए रखना भारत की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है. लियाम डॉसन, विल जैक्स और आदिल राशिद ने अपनी धीमी गति और विविधताओं से भारतीय बल्लेबाजों को लगातार बांधे रखा है. भारत ने दूसरे टी20 में 190 रन बनाए, लेकिन यह स्कोर इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी के सामने पर्याप्त साबित नहीं हुआ. भारतीय बल्लेबाजों में केवल अभिषेक शर्मा ही अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली में नजर आए. उन्होंने 24 गेंदों पर 43 रन बनाकर शुरुआत तो शानदार दी, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला. अभिषेक और वैभव पर रहेंगी निगाहें ट्रेंट ब्रिज की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर एक बार फिर अभिषेक शर्मा और युवा वैभव सूर्यवंशी से तेज शुरुआत की उम्मीद होगी. डेब्यू का दबाव पीछे छोड़ चुके वैभव इस बार अधिक बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करने की कोशिश करेंगे. यदि दोनों सलामी बल्लेबाज पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने में सफल रहते हैं तो भारत बड़े स्कोर की नींव रख सकता है. दूसरी ओर, भारतीय स्पिन आक्रमण की अगुआई कर रहे वरुण चक्रवर्ती भी टी20 विश्व कप के बाद वाली धार नहीं दिखा सके हैं. उनकी गेंदों में पहले जैसा छल और गति में बदलाव नजर नहीं आया, जिसका फायदा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने उठाया. ट्रेंट ब्रिज की पुरानी यादें बदलना चाहेगा भारत भारत ने पिछली बार 2022 में ट्रेंट ब्रिज में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था. उस मैच में सूर्यकुमार यादव ने 48 गेंदों पर शानदार शतक जड़ा था, लेकिन उनकी विस्फोटक पारी भी भारत को हार से नहीं बचा सकी थी. इस बार भारतीय टीम उस याद को पीछे छोड़ते हुए सीरीज में बराबरी हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.

ट्रंप की एंट्री से गरमाया फुटबॉल विवाद, फीफा के फैसले पर सोशल मीडिया में हंगामा

 नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिका के फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन विवादों में घिर गए हैं। इसमें संयुक्त राज्या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का नाम भी चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि ट्रंप के फोन कॉल की वजह से बालोगुन पर लगे बैन को फीफा ने हटा दिया। दरअसल, अमेरिका का सामना राउंड ऑफ-32 में बोस्निया हर्जेगोविना से था। मैच में बालोगुन ने एक शानदार गोल किया। हालांकि, इस दौरान उनका पैर बोस्निया के डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच के पैर से लग गया था। इसके बाद मैच रेफरी राफेल क्लॉस ने सामान्य फाउल मानने से इनकार कर दिया। वीएआर में स्लो मोशन में देखने के बाद रेफरी ने बालोगुन को रेड कार्ड दिखा दिया और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। फीफा ने रेड कार्ड को बताया था सही फीफा ने दो दिनों बाद साफ कर दिया कि रेड कार्ड सही है। इसके बाद बालोगुन पर अगले मैच के लिए बैन कर दिया गया। इससे उनका बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले से बाहर होना तय माना जा रहा था। हालांकि, रविवार को अचानक फीफा ने अपना फैसला बदल दिया और बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए हरी झंडी दे दी गई। फीफा ने लेकिन रेड कार्ड को पूरी तरह से खत्म नहीं किया। अगर वे आने वाले मैच में इस तरह का फाउल करेंगे, तो बैन को तुरंत लागू कर दिया जाएगा। फीफा ने अचानक कैसे बदल दिया नियम? फीफा के अचानकर फैसला बदलने की वजह से सोशल मीडिया पर इसकी जमकर आलोचना हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि फीफा ने किस नियम के तहत बैन को हटाया है। दरअसल, फीफा ने आर्टिकल 27 का इस्तेमाल कर बालोगुन के बैन को हटाया है। ये आर्टिकल फीफा को अधिकार देता है कि वो किसी खिलाड़ी के बैन को पूरी तरह से खत्म कर सकता है या फिर आंशिक रूप से खत्म कर दे। बालोगुन के लिए इसी नियम का इस्तेमाल किया गया और अगर वे अगले एक सालों कोई इस तरह का फाउल करते हैं, तो उनके ऊपर दोबारा से ये प्रतिबंध लागू कर दिए जाएंगे। डोनल्ड ट्रंप की कैसे हुई एंट्री? प्रतिबंध हटने के बाद ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की एक रिपोर्ट सामने आई। इसमें दावा किया गया कि बालोगुन पर बैन लगने के बाद बुधवार से लेकर रविवार के बीच ट्रंप ने फीफा के अधिकारियों को तीन बार फोन किया। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बैन हटने के बाद ट्रंप ने फीफा के इस कदम को सही बताया और इसका स्वागत किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी कि फीफा ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दबाव में आकर ऐसा फैसला किया है।  

राजस्थान में सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर सरकार का बड़ा फोकस

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने प्रदेश के 4 प्रमुख पार्कों का नाम उनके नाम पर करने और उनके आदर्शों को समर्पित स्मारक स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों पर चलने की अपील की. चार शहरों में चार पार्कों के नाम बदले सीएम ने कहा कि जयपुर स्थित वुडलैंड पार्क, जोधपुर के विवेक विहार स्थित सेंट्रल पार्क, कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित पार्क तथा उदयपुर की सेक्टर-12 योजना स्थित पार्क का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा. साथ ही, इन सभी स्थानों पर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को प्रदर्शित करने वाले स्मारक भी स्थापित किए जाएंगे.       महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी हम सभी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। श्यामा प्रसाद के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा क‍ि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ एकता, अखंडता और जनसेवा के लिए समर्पित रहा. उनके विचार, त्याग और राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. ऐसे में यह पहल भावी पीढ़ियों को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों से प्रेरणा देने का एक विनम्र प्रयास है. सीएम ने प्रदेश के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि वे उनके आदर्शों और संकल्पों को आत्मसात करते हुए विकसित भारत और विकसित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं. इन 4 पार्कों के नाम श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी     जयपुर का 'वुडलैंड पार्क'       जोधपुर के विवेक विहार कॉलोनी में स्थित लोकप्रिय 'सेंट्रल पार्क'       कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित प्रमुख पार्क     उदयपुर की सेक्टर-12 योजना के तहत बने बड़े पार्क को इस सूची में शामिल किया गया है.

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम ने सड़क और पार्क नामकरण का ऐलान किया

पटना आने वाले दिनों में बिहार में अगर किसी सड़क का नाम श्याम प्रसाद मुखर्जी मार्ग हो तो आपको चौंकने की जरुरत बिल्कुल नहीं है। दरअसल बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम पर बिहार में सड़कों के नामकरण का ऐलान किया है। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अपने आधिकारिक ऐक्स हैंडल पर एक बेहद ही खास ऐलान भी किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अखण्ड भारत के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले युगपुरुष, भारत सरकार के पूर्व मंत्री डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के नाम पर जिला मुख्यालयों में महत्वपूर्ण पार्क/सड़क का निर्माण एवं नामकरण किया जाएगा। इससे पहले एक अन्य ट्वीट में सीएम ने लिखा, 'राष्ट्रीय एकता के धरातल पर ही सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सकती है। – डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी। एक मजबूत और एकजुट भारत निर्माण के दृढ़ निश्चयी, मानवता के उपासक, जनसंघ के संस्थापक, हमारे प्रेरणा पुंज परम श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उन्हें कोटिश नमन!' PM मोदी ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोमवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने डॉ मुखर्जी को भारत के प्रमुख राष्ट्र-निर्माताओं में से एक बताया एवं कहा कि शिक्षा, उद्योग, मानवीय सेवा और राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान देश को विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मैं भारत के सबसे असाधारण राष्ट्र-निर्माताओं में से एक को नमन करता हूं, जिनका जीवन विद्वता, साहस एवं राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण से प्रेरित रहा। उन्होंने खुद को भारत की एकता, सम्मान और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया था।' डॉ मुखर्जी की बहुआयामी विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शिक्षा, शासन एवं औद्योगिक विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘डॉ. मुखर्जी का कई क्षेत्रों में योगदान रहा। वह एक बेहतरीन विचारक एवं शिक्षाविद् थे जिन्होंने नवाचार और भविष्य की आवश्यकता के हिसाब से सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का समर्थन किया। उद्योग मंत्री के रूप में उन्होंने औद्योगिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि पारंपरिक क्षेत्र और लोगों की आजीविका फलती-फूलती रहे। बंगाल के अकाल के दौरान उनके मानवीय प्रयासों से मुसीबत में घिरे लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना झलकती थी। सबसे बढ़कर, भारत की एकता एवं अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बनी हुई है।’

मेजर लीग क्रिकेट में इतिहास, दासुन शनाका ने चार गेंदों में झटके चार विकेट

 नई दिल्ली श्रीलंका के पेस बॉलिंग ऑलराउंडर दासुन शनाका ने डबल हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया. जब गेंदबाज तीन गेंद में लगातार 3 विकेट लेता है, तो उसे 'हैट्रिक' कहा जाता है. वहीं जब गेंदबाज चार गेंदों में लगातार 4 विकेट लेता है, तो क्रिकेट की भाषा में उसे 'डबल हैट्रिक' कहते हैं. श्रीलंकाई खिलाड़ी ने यह कमाल इन दिनों अमेरिका में खेले जा रहे मेजर लीग क्रिकेट में किया. शनाका सिएटल ओर्कास के लिए खेल रहे हैं. टूर्नामेंट का 21वां मैच सिएटल ओर्कास और टेक्सास सुपर किंग्स के बीच पोमोना के नाइट राइडर्स क्रिकेट फील्ड पर खेला गया. मैच के आखिरी ओवर में शनाका ने डबल हैट्रिक लेकर टीम को हारा हुआ मैच जिता दिया. रन चेज के लिए मैदान पर मौजूद सुपर किंग्स को आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रनों की दरकार थी. क्रीज पर डोनोवन फरेरा और शुभम रंजने मौजूद थे. ओवर लेकर आए दासुन शनाका. सभी को उम्मीद थी कि टेक्सास की टीम आसानी से मैच जीत लेगी. पहली गेंद पर चौका लग गया. दूसरी गेंद पर 1 रन आया. अब अंतिम 4 गेंदों में 10 रन बचे. सुपर किंग्स के लिए जीत लगभग पक्की दिख रही थी. तभी शनाका ने एक बाद एक चारों गेंदों पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया. यह मेजर लीग क्रिकेट के इतिहास की पहली डबल हैट्रिक रही. इस तरह चार गेंदों पर लिए 4 विकेट तीसरी गेंद पर शनाका ने सेट बल्लेबाज फरेरा को बोल्ड किया. चौथी गेंद पर कैल्विन सैवेज को कैच आउट के जरिए पवेलियन भेजा. पांचवी गेंद पर एडम मिल्ने को कीपर कैच के जरिए आउट किया. इस तरह उन्होंने हैट्रिक पूरी की. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई, ओवर की आखिरी गेंद पर श्रीलंकाई गेंदबाज ने अमशी डी सिल्वा को कैच के जरिए आउट करके डबल हैट्रिक पूरी कर ली. इस तरह सिएटल ओर्कास ने हारा हुआ मैच 9 रन से जीत लिया. डबल हैट्रिक लेकर टीम को मैच जिताने वाले शनाका को 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया.

भारत में Apple यूजर्स के लिए बड़ी राहत, App Store पर लौटेगा कार्ड पेमेंट

टिम कुक के रिटायरमेंट से पहले भारत में ऐपल यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। ऐपल के इंडिया ऐप स्टोर पर बहुत जल्द लोग डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करके शॉपिंग कर पाएंगे। करीब 5 साल पहले ऐपल ने भारत में इस सुविधा को हटा लिया था। रिपोर्टों के अनुसार, ऐपल ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कार्ड टोकनाइजेशन नियमों का पालन कर लिया है जिसके बाद वह अपने प्लेटफॉर्म पर डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट लेना शुरू करने वाली है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट कहती है कि कंपनी ने भारत में कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ कार्ड पेमेंट का ट्रायल शुरू कर दिया है। हालांकि कंपनी ने इस बारे में कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है। ऐपल ऑनलाइन स्टोर पर पेमेंट के ऑप्शन? RBI का टोकनाइजेशन नियम लागू होने के बाद ऐपल ने साल 2021 में भारत में कार्ड पेमेंट बंद कर दिया था। अभी लोगों के पास पेमेंट के लिए यूपीआई या नेट बैंकिंग का ही ऑप्शन है। कहा जाता है कि कुछ लोग प्रीपेड ऐपल आईडी बैलेंस से भी शॉपिंग करते थे।     रिपोर्टों के अनुसार, अब कंपनी ने आरबीआई के नियमों का पालन कर लिया है।     नियम कहता है कि सिर्फ कार्ड नेटवर्क ही टोकनाइज्ड कार्ड डेटा को स्टोर कर सकते हैं     इसका डेटा भारत में ही स्टोर होना चाहिए।     नियमों को मानने के बाद ऐपल भारत में दोबारा से कार्ड पेमेंट लेने जा रही है।     यूजर्स को अपने ऐपल गैजेट में सेटिंग्स में जाकर 'पेमेंट एंड शिपिंग' पेज पर डेबिट-क्रेडिट कार्ड को ऐड करना होगा। (REF. ) फीचर को किया जा रहा टेस्ट ऐपल ने इस फीचर के बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है। बताया जाता है कि वह इसे टेस्ट कर रही है और आने वाले दिनों में सभी ऐपल यूजर्स के लिए इसे रोलआउट किया जाएगा। कहा जाता है कि कंपनी देश के कई बैंकों और कार्ड नेटवर्क के साथ मिलकर Apple Pay को लॉन्च करने पर काम कर रही है। ‘ऐपल पे’ के लिए काम करते हुए कंपनी को कार्ड पेमेंट की सुविधा वापस लाने में मदद मिली है। ग्राहकों को मिलेगा पेमेंट का नया ऑप्शन इस फीचर के आने के बाद ग्राहकों को ऐपल प्रोडक्ट्स के लिए पेमेंट का नया ऑप्शन मिल जाएगा। भारत में बड़ी संख्या में लोग डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करना पसंद करते हैं। क्रेडिट कार्ड से नया गैजेट खरीदना भी लोगों की प्राथमिकता होती है। ऐपल स्टोर पर कार्ड पेमेंट फीचर आने से बड़ी समस्या हल होगी और शॉपिंग करना अधिक आसान हो जाएगा।  

योगी सरकार ने किसानों और पशुओं के लिए बीमा योजना को मंजूरी दी

लखनऊ यूपी की योगी कैबिनेट ने सोमवार को प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब 20 लाख तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में 50 लाख तक दिया जा सकता है। क्लाउड रेंबर्समेंट दो लाख सालाना दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया है। होमगार्ड और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज को भी मंजूरी दे दी गई। अब पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही पशुओं को लेकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। पशुओं का बीमा होगा और अलग-अलग कारणों से इनकी मौत पर एक महीने में मुआवजा मिलेगा। सीएम योगी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री सुनील शर्मा, मंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री अनिल राजभर ने मीडिया को दी। इलेक्ट्रानिक विभाग के तीन प्रस्ताव रखे गए और तीनों पास हो गए हैं। इसके साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाएगा। इसकी अलग से बॉडी होगी। अब तक यूपीएलसी इसका काम देखती थी। अब मुख्य सचिव गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष होंगे। डेटा पॉलिसी भी नई आई है। डेटा सुरक्षित रखने और हिन्दुस्तान में ही डेटा रखने पर जोर होगा। पशुओं का भी होगा बीमा पशुओं का भी बीमा होगा। महामारी, बीमारी और दुर्घटना में पशु हानि से किसानों को लाभ होगा। मुर्रा की कीमत 75000 हजार, बाकी की 50 हजार होगी। शाहीवाल की 65 हजार रुपये, गंगागिरी की 60 हजार कीमत होगी। खरगोश जैसे छोटे पशुओं की 6500 रुपये रखा गया है। बैल की कीमत 40 हजार, बछड़ा का 20 हजार रखा गया है। बीमा कंपनी बीमित पशुओं को एक महीने में मुआवजा देगी। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से योजना चलेगी। इसमें केंद्रांश 51 प्रतिशत और राज्यांश 34 प्रतिशत होगी। गोरखपुर-मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड का अस्पताल और वाराणसी में ईएसआई का मेडिकल कॉलेज बनेगा। इनके लिए निशुल्क जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गईं। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के परिवार के लिए आरक्षित होगी। ओलंपिक-पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को सीधी भर्ती ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को अब सीधी भर्ती दी जाएगी। अब भर्ती को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर किया गया है। इसमें क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण 3 पद, उप क्रीड़ा अधिकारी 23 पद पर सीधी भर्ती हो सकेगी। अभी तक समूह ख और ग के पदों पर सीधी भर्ती नहीं हो पाती थी। उनकी व्यवस्था की गई है। तीन निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई। 2017 तक प्रदेश में केवल 27 विश्वविद्यालय थे। अब राज्य में 56 निजी विश्वविद्यालय हो जाएंगे। अन्य फैसले शाहजहांपुर में भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया है। -रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना होगी। 20 हेक्टेयर जमीन इसके लिए निशुल्क दी जाएगी। 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी। -गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। गोरखपुर 80 करोड़, मुरादाबाद में 50 करोड़ का बांड जारी होगा। -धुलाई भत्ता और वर्दी का पैसा बढ़ाया जाएगा। वेतन समिति की सिफारिश को मंजूरी दी गई है। 50% तक बढ़ाया गया है। -लोकसेवा आयोग के चेयरमैन की अधिकतम पेंशन 1 लाख 12 हजार 500 रुपये होगी

यूपी में खेल संस्कृति को नई रफ्तार, सीएम योगी ने उपलब्धियों और योजनाओं को किया साझा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के नाम पाती लिखी है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश की बदलती खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को साझा किया है। मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा है कि मैदान की मिट्टी जीत-हार नहीं, बल्कि उठना सिखाती है। उत्तर प्रदेश अब विकास के साथ-साथ खेलों में भी नंबर-1 बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश-विदेश में यूपी का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि चैंपियन एक दिन में नहीं बनते और खेल संस्कृति भी रातों-रात नहीं विकसित होती। खेल अनुशासन, समर्पण, सकारात्मक सोच और टीम भावना का सबसे बड़ा माध्यम है। यह खेल भावना जीवन में सफलता और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का आधार बनेगी। सीएम ने अपील की है कि बच्चों की खेल प्रतिभा को कभी न रोकें, क्योंकि खेल नशे जैसी बुराइयों से बचाने की सबसे बड़ी ताकत है। पाती के माध्यम से सीएम ने बताया कि प्रदेश में खिलाड़ियों के कौशल विकास और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष फोकस है। हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। हर जनपद में आधुनिक स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तैयार है। सीएम योगी ने एलान किया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और सरकारी नौकरी मिलेगी।