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लखनऊ में जनता दर्शन: सीएम ने समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान के दिए निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय भरोसा देते हुए कहा कि हमारी सरकार ‘नर सेवा को नारायण सेवा’ मानकर 25 करोड़ प्रदेशवासियों के हित के लिए कार्य कर रही है। ‘जनता दर्शन’ के दौरान मुख्यमंत्री खुद फरियादियों तक पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी होना चाहिए। इस अवसर पर सीएम ने लोगों से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाएं। अवैध कब्जा संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामले में समयसीमा के भीतर न्याय दिलाया जाए और मामले का निस्तारण कर पीड़ित की संतुष्टि पर ध्यान दिया जाए।

‘अनुपमा’ में बड़ा ट्विस्ट, सपना टूटा तो शादी में छलका दर्द

 शो ‘अनुपमा’ में इन दिनों लगातार नए ट्विस्ट देखने को मिल रहे हैं. एपिसोड की शुरुआत में ब्रोकर अनुपमा को रोकता है और पूछता है कि क्या वह अभी भी वह घर खरीदना चाहती है. अनुपमा पहले हुई गलतफहमी के लिए माफी मांगती है. तभी ब्रोकर उसे बताता है कि वह घर अब बिक चुका है. जोशी परिवार ने उसके लिए टोकन मनी दे दी है. यह सुनकर अनुपमा पूरी तरह टूट जाती है. वह सोचती है कि उसके पास तो टोकन देने तक के पैसे नहीं थे और वह घर खरीदने के सपने देख रही थी. हालांकि वह खुद को संभालते हुए फैसला करती है कि अब उसका पूरा ध्यान अंश की शादी पर रहेगा. श्रुति और अनुपमा के बीच फिर तकरार शादी के माहौल में अनुपमा खुद अंश और प्रेरणा को तैयार करती है. अंश को दूल्हे के रूप में देखकर वह भावुक हो जाती है. बारात के दौरान अनुपमा डांस भी करती है. लेकिन अंश को दूल्हा बने देखकर उसे समर की याद आ जाती है और वह रो पड़ती है. अंश और लीला उसे संभालते हैं. शादी में श्रुति की एंट्री होती है और वह राही और अनुपमा को साथ देखकर हैरान रह जाती है. शादी के बीच प्रेम और अनुपमा को उनके अगले कुकिंग कॉम्पिटिशन के बारे में जानकारी मिलती है. पारितोष और गौतम को साथ देखकर बढ़ा शक अनुपमा प्रेम की तारीफ करते हुए कहती है कि वह बहुत अच्छा शेफ है और आगे और बेहतर बन सकता है. इस पर प्रेम कहता है कि उसे हराने के लिए उसे और बेहतर बनना पड़ेगा. अनुपमा भी साफ कहती है कि उसके लिए यह कॉम्पिटिशन जीतना बहुत जरूरी है और वह अपनी पूरी ताकत लगाएगी. एपिसोड के आखिर में ट्विस्ट आता है. पारितोष, गौतम से पैसे मांगता है और कहता है कि उसके पास एक जरूरी जानकारी है. वह गौतम को कुछ बताता है, जिसे देखकर अनुपमा को शक हो जाता है. अब आने वाले एपिसोड में यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर पारितोष क्या छिपा रहा है और इसका असर अंश-प्रेरणा की शादी पर कैसे पड़ेगा.

“अनशन का अनुभव वांगचुक को, बाकी लोग क्यों डालें जान जोखिम में” बोले अभिजीत दीपके

नई दिल्ली नीट पेपर लीक की वजह से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर डटी हुई है। आंदोलन को समर्थन दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 9 दिनों से अनशन पर हैं। वांगचुक के साथ कुछ छात्र भी अनशन पर कर रहे हैं, जिन्हें लगातार इसे खत्म करने के लिए मनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर सीजेपी बनाकर सनसनी मचा देने वाले अभिजीत दीपके भी इन छात्रों से कह रहे हैं कि यह लड़ाई लंबी चलने वाली है और उन्हें अनशन करके जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। दीपके का कहना है कि सोनम वांगचुक को अनशन का अनुभव है, इसलिए उन्हें ही करने देना चाहिए। सीजेपी के मंच पर सोनम वांगचुक लगातार 9 दिन से अनशन पर हैं। बताया जा रहा है कि उनका वजन तेजी से घट रहा है। हालांकि, चार दिन में ही फॉलोअर्स के मामले में भाजपा और कांग्रेस को भी पीछे छोड़ देने वाले अभिजीत दीपके जमीन पर अपेक्षा मुताबिक भीड़ नहीं उतार पाए हैं। कुछ समर्थकों और छात्रों के साथ जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे दीपके का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह यह कहते नजर आ रहे हैं कि लड़ाई लंबी चलने वाली है और इसलिए सोनम वांगचुक को छोड़कर बाकी सदस्यों को अनशन नहीं करना चाहिए, उन्हें फिट रहने की जरूरत है। लड़ाई लंबी चलेगी, सबको फिट रहना है: दीपेक एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में दीपके ने कहा, 'मैंने तो बहुत मनाया है। सारे लोगों से मैंने कहा है कि प्लीज आप लोग भूख हड़ताल मत कीजिए। क्योंकि अगर सारे लोग भूख हड़ताल करने लग गए… सरकार को तो परवाह नहीं है। अगर सरकार को परवाह होती तो 20 बच्चों की मौत नहीं होने देती। एक मौत के बाद ही या पेपर लीक के बाद ही इस्तीफा आ जाता। तो मैंने सबसे कहा है कि भूख हड़ताल मत करिए। सबको फिट रहना है तभी जाकर यह लड़ाई लंबे दौर पर चलती रहेगी। सोनम सर को भूख हड़ताल का अनुभव है तो वह अपने आपको संभाल सकते हैं। इन बच्चों की सेहत को लेकर मुझे थोड़ी टेंशन हो रही है। और मैं फिर से रिक्वेस्ट करता हूं कि ऐसा मत करिए। हमारा प्रोटेस्ट लंबा चलने वाला है तो हम अपनी जान रिस्क में क्यों डालें? सोनम सर बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। लेकिन उसके लिए जो बाकी चीजें मैंनेज करनी पड़ती है, उसके लिए तो हमें रहना पड़ेगा। फिर से मैं वही कह रहा हूं कि सारे लोग भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे तो यह प्रोटेस्ट मैनेज कौन करेगा।' ठूंस-ठूंसकर खाते लोगों को देख वांगचुक दुखी, एक दिन के अनशन की अपील दीपके का यह बयान ऐसे समय पर वायरल हुआ है जब पिछले दिनों सोनम वांगचुक ने इस बात को लेकर दुख जाहिर किया कि जंतर-मंतर पर जुटने वाले लोग 'ठूंस-ठूंसकर खा रहे हैं।' वांगचुक ने सभी लोगों से एक-एक दिन के अनशन की अपील करते हुए कहा कि कम से कम दिनभर ना खाएं ताकि दिन में खाना बांटने की जरूरत ना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ज्यादा खाते हैं वह मोटे होंगे, बीमार पड़ते हैं और अनशन करने वालों से पहले मर जाएंगे।

चलते ई-रिक्शा अचानक बंद होने की समस्या खत्म, 20 हजार चालकों ने ली राहत की सांस

 रांची  शहर के ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत मिली है। कथित रूप से ई-रिक्शों को दूर से नियंत्रित कर बंद करने वाले बीएटी-बीएमएस मोबाइल एप के बंद होने के बाद अब चालकों ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ दिनों से शहर में कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की थी कि उनके वाहन चलते-चलते अचानक बंद हो जा रहे हैं, जिससे यात्रियों और चालकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं रांची के कई ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि किसी का वाहन तीन बार तो किसी का छह से सात बार तक अचानक बंद हो गया। सड़क पर चलते वाहन के अचानक रुक जाने से न केवल आय प्रभावित हो रही थी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी। कई बार व्यस्त सड़कों पर ई-रिक्शा रुकने से जाम और अफरा-तफरी की स्थिति भी बन रही थी। चालकों ने खुद निकाला समाधान चालकों के अनुसार जब उन्हें इस एप के बारे में जानकारी मिली, तो कई लोगों ने स्वयं एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद वाहन बंद होने पर वे उसी माध्यम से ई-रिक्शा को दोबारा चालू करने लगे। राजधानी के ज्याचालकों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व इस तकनीक का दुरुपयोग कर रहे थे, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। सरकार की कार्रवाई से मिली राहत मामला तेजी से फैलने के बाद भारत सरकार ने संबंधित एप पर कार्रवाई की। एप के बंद होने के बाद अब ऐसी शिकायतें लगभग समाप्त हो गई हैं। ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि इससे काफी राहत मिली है और वे पहले की तरह सामान्य रूप से अपना काम कर पा रहे हैं। चालकों ने बताया कि यह एप मुख्य रूप से लिथियम बैटरी से संचालित ई-रिक्शों पर असर डालता था। हालांकि वर्तमान में समस्या खत्म हो गई है, लेकिन चालकों को आशंका है कि यदि भविष्य में इसी तरह का कोई दूसरा एप सामने आया तो परेशानी फिर बढ़ सकती है। रांची में करीब 20 हजार से अधिक ई-रिक्शा विभिन्न मार्गों पर संचालित होते हैं। ऐसे में समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह समस्या बड़े स्तर पर परिवहन व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती थी। बढ़ गई थी परेशानी     बीएटी-बीएमएस एप की वजह से मेरी ई-रिक्शा तीन बार चलते-चलते बंद हो गई थी। यात्री भी घबरा जाते थे। एप बंद होने के बाद अब राहत मिली है। सरकार ने समय रहते कार्रवाई की, नहीं तो चालकों की परेशानी और बढ़ जाती।     -दीपक कुमार, ई-रिक्शा चालक     मेरी गाड़ी छह-सात बार अचानक रुक गई थी। पहले समझ नहीं आया कि दिक्कत क्या है। बाद में एप के बारे में जानकारी मिली और खुद डाउनलोड कर गाड़ी चालू करनी पड़ी। अब एप बंद होने से निश्चिंत होकर काम कर रहे हैं।     -रणवीर कुमार, ई-रिक्शा चालक     चलते वाहन का अचानक बंद हो जाना बहुत खतरनाक था। इससे यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही थी। एप बंद होने के बाद स्थिति सामान्य हुई है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी किसी तकनीक का दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त व्यवस्था होगी।     -विकास सिंह, ई-रिक्शा चालक  

कर्नाटक में सरकारी बसों की बदहाल हालत पर बवाल, हेडलाइट बंद तो मोबाइल टॉर्च से चला सफर; KKRTC घिरी

 बेंगलुरु कर्नाटक में सरकारी बस सेवाओं की स्थिति को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KKRTC) की कुछ बसें हेडलाइट खराब होने के कारण रात में मोबाइल की टॉर्च के सहारे चलाई गईं. दावा किया जा रहा है, राज्य सरकार के पास फंड नहीं है, जिसके चलते इन बसों की लाइटों को ठीक नहीं करवाया गया. हालांकि इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर परिवहन व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया है।  वहीं इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारास्वामी ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय ने पीएम ई-ड्राइव स्कीम के तहत 4,500 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की थीं. दिसंबर 2025 में ही कन्फर्मेशन मिलने के बावजूद राज्य सरकार (@tdkarnataka) 'लेटर ऑफ़ अवार्ड' (LoA) तक जारी नहीं कर पाई है, जिससे पूरी प्रक्रिया रुकी हुई है।  बसों की खराब स्थिति पर गरमाई राजनीति साथ ही राज्य सरकार पर 'शक्ति' स्कीम के तहत ₹4,573 करोड़ का रीइम्बर्समेंट बकाया है. जिससे मौजूदा बसों की मामूली मरम्मत भी नहीं हो पा रही है. फिर भी अपनी नाकामी के कारण वे 4500 मुफ़्त नई ई-बसों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।  फिलहाल बसों की खराब स्थिति और ई-बस परियोजना में कथित देरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. मामले को लेकर अब सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, जबकि परिवहन व्यवस्था को लेकर यात्रियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। 

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया की जीत, इंग्लैंड को फाइनल में हराया

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पेरी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर इतिहास रच दिया है। वे दुनिया में अब सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने के मामले में शीर्ष स्थान पर पहुंच गईं हैं। 5 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ हुए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 151 रन के टारगेट का पीछा करते हुए 7 विकेट और 17 गेंद शेष रहते जीत अपने नाम की। इस जीत के साथ ही एलिस पेरी पुरुष और महिला क्रिकेटरों में सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली खिलाड़ी बन गईं हैं। एलिस पेरी के नाम 9 आईसीसी ट्रॉफी एलिस पेरी ने क्रिकेट की दुनिया में वो आयाम हासिल किया है जो कोई और क्रिकेटर नहीं कर पाया है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब उनके करियर का 9वां आईसीसी टाइटल है। उन्होंने अपने देश के लिए 7 टी20 वर्ल्ड कप और 2 वनडे विश्व कप जीते हैं। साल 2010, 2012, 2014, 2018, 2020, 2023 और 2026 में उन्होंने 20 ओवर के खेल में चैंपियनशिप पर कब्जा किया। वहीं 2013 और 2022 में वनडे वर्ल्ड कप जीता। महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली खिलाड़ी एलिस पेरी (9) एलिसी हीली (8) मेग लैनिंग (7) बेथ मूनी (6) मेगन शुट्ट (6) विराट और रोहित ने जीते 4-4 खिताब भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा अब तक अपने करियर में 4-4 आईसीसी ट्रॉफी जीत चुके हैं। रोहित ने साल 2007 में पहली बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर हाथ लगाया था। वहीं विराट साल 2011 वनडे विश्व कप की टीम का हिस्सा थे। इसके बाद दोनों ने साथ मिलकर साल 2013 और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया। टी20 वर्ल़्ड कप 2024 जीतने के बाद दोनों ने साथ ही फॉर्मेट को अलविदा भी कह दिया। पुरुषों में सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली खिलाड़ी पुरुष क्रिकेट में सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड ऑस्ट्र्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग के नाम है। अपनी कप्तानी में उन्होंने कंगारू टीम को बुलंदियों पर पहुंचाया। पोंटिंग ने अपन देश के लिए 5 खिताब जीते। जिसमें 3 वनडे वर्ल्ड कप और 2 चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं।  

पत्नी के सपोर्ट से फिर चमका ‘फेडरर को टक्कर देने वाला’ खिलाड़ी

नई दिल्ली  ब्रिटेन के टेनिस खिलाड़ी मार्कस विलिस की कहानी इतनी फिल्मी है कि उस पर यकीन कर पाना भी मुश्किल हो सकता है। वे एक समय पर टेनिस खेलना छोड़ चुके थे लेकिन बाद में पत्नी की जिद की वजह से उन्हें खेल में वापसी करनी पड़ी। वे दिग्गज खिलाड़ी रोजर फेडरर के खिलाफ एक शॉट खेलकर मशहूर हो गए थे लेकिन उसके कुछ ही दिनों बाद ये चमक चली गई। विलिस इस बार विंबलडन में खेलने के लिए लौटे हैं। हालांकि, इस बार उनका अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। पहले जब उन्होंने 2016 में फेडरर का सामना किया था, तो वे सिंगल्स में हिस्सा लिया करते थे। हालांकि, अब वो डबल्स खिलाड़ी के रूप में खेल रहे हैं। उन्होंने एक समय पर डिप्रेशन की वजह से टेनिस खेलना छोड़ दिया था। यहां तक कि वे परिवार का खर्च उठाने के लिए ईंट उठाने का काम करने लगे थे लेकिन पत्नी की वजह से उन्होंने दोबारा खेल में वापसी की। रोजर फेडरर के खिलाफ खेले थे विलिस 10 साल पहले मुकाबला दो अलग-अलग दुनिया के लोगों के बीच था। एक तरफ दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों में शामिल फेडरर थे, तो दूसरी तरफ विलिस, जिन्होंने उस पूरे साल टेनिस से सिर्फ 24 हजार रुपए कमाए थे। वे अनफिट थे, जंक फूड के शौकीन थे और खेल छोड़ने वाले थे, लेकिन उनकी गर्लफ्रेंड ने उन्हें खेलते रहने के लिए मनाया था। फेडरर से मैच के बाद उन्हें कुछ समय तो खूब शोहरत मिली, टीवी पर इंटरव्यू हुए, लेकिन जल्द ही यह जादू खत्म हो गया। डिप्रेशन और चोट की वजह से छोड़ दिया था टेनिस लगातार लगने वाली चोटों और डिप्रेशन के कारण विलिस ने साल 2018 में टेनिस को पूरी तरह अलविदा कह दिया। साल 2020 में कोरोना के दौरान जब पैसों की भारी किल्लत हुई, तो परिवार चलाने के लिए इस खिलाड़ी ने अपने भाई की कंस्ट्रक्शन कंपनी में ईंट बिछाने का काम किया। कुछ समय बाद जब स्थितियां बदलीं, तो परिवार के एक दोस्त ने उनके प्रोफेशनल कमबैक का खर्च उठाने का फैसला किया। विलिस खुद दोबारा खेलने को लेकर दुविधा में थे लेकिन पत्नी जेनी ने उनसे कहा, 'जाओ और खेलो, जिंदगी में ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा।' पत्नी के इसी भरोसे ने उन्हें फिर से कोर्ट पर उतारा। इस बार उन्होंने सिंगल्स के बजाय खुद को डबल्स खिलाड़ी के रूप में ढाला। अब वह दुनिया के 64वें नंबर के डबल्स खिलाड़ी हैं। विलिस ने अपनी जिंदगी के बारे में खुद की बात अब 35 वर्षीय विलिस चार बच्चों के पिता हैं। टेनिस के साथ- साथ वह अपना एक पॉडकास्ट भी चलाते हैं। विलिस ने कहा, 'अब मेरी जिंदगी में ड्रामा कम और गंभीरता ज्यादा है। मैं बस एक बेहतर खिलाड़ी, अच्छा पति और पिता बनने की कोशिश कर रहा हूं।'  

रामायण की शूटिंग में दीपिका चिखलिया ने बताईं मुश्किलें, कपड़े बदलने तक की नहीं थी सुविधा

दीपिका चिखलिया का नाम जेहन में आते ही उनका देवी सीता वाला रूप उभर आता है, जो रामानंद सागर की 'रामायण' में देखने को मिला था। इस सीरियल ने दीपिका को सीता के किरदार में हमेशा के लिए 'अमर' कर दिया। दीपिका चिखलिया को लोग देवी सीता मानकर पूजते थे और उनका आशीर्वाद लेते थे। और आज भी यही आलम है। हालांकि, सीता बनने के लिए दीपिका चिखलिया को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इसके बारे में 61 वर्षीय एक्ट्रेस ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था। दीपिका चिखलिया ने बताया था कि 'रामायण' की शूटिंग के दौरान उन्हें किन तकलीफों से गुजरना पड़ा और क्यों सीता के रोल में उनके जितनी शोहरत किसी और एक्ट्रेस को क्यों नहीं मिली। साथ ही बताया था कि वह सीता के लुक में आने के लिए क्या खास तरह की तैयारी करती थीं। शूट की मुश्किलें, पुराने कपड़ों का टेंट, लोगों के घर वॉशरूम इस्तेमाल करना दीपिका चिखलिया ने साल 2023 में 'आजतक' को दिए इंटरव्यू में 'रामायण' के सेट की मुश्किलें बयां की थीं। दीपिका ने बताया था कि उस वक्त आउटडोर शूटिंग में सबसे बड़ी दिक्कत होती थी, क्योंकि वॉशरूम की परेशानी हो जाती थी। उन्हें और बाकी फीमेल कास्ट को लोकल लोगों के घर-घर जाकर वॉशरूम इस्तेमाल करने की रिक्वेस्ट करनी पड़ती थी। वहीं, जब कपड़े बदलने की बारी आती थी, तो उसके लिए भी कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में पुराने कपड़े पकड़कर टेंट बनाया जाता और फिर उसके बीच में दीपिका चिखलिया और बाकी महिलाएं कपड़े बदलती थीं। पुराने कपड़ों के टेंट के बीच में रहकर ही वो धूप से खुद को बचाती थीं। कार में बैठकर साड़ी बदलनी पड़ती थी दीपिका ने यह भी बताया था कि कई बार तो ऐसा हुआ कि उन्हें कार में बैठकर साड़ी बदलनी पड़ी। इसके लिए क्रू मेंबर्स कार के शीशों पर कपड़ा लगा देते थे ताकि बाहर से कुछ न दिखे, और फिर दीपिका कपड़े बदलती थीं। सीता बनने के लिए दीपिका चिखलिया की तैयारी सीता बनने के लिए दीपिका चिखलिया क्या खास और क्या अलग तैयारी करती थीं? इसके बारे में एक्ट्रेस ने बताया था कि रामानंद सागर ने उन्हें देवी सीता का एक रफ स्कैच बनाकर दिया था और बताया था कि सीता ऐसी होनी चाहिए। उसे दीपिका चिखलिया ने दिमाग में रखा। वह रोजाना रामायण पढ़ती थीं और किरदार की गरिमा पर फोकस किया। चूंकि सीता का किरदार गंभीर था, इसलिए दीपिका को बोलने के अंदाज, रिएक्शन और डायलेक्ट पर काम करना पड़ा। उस किरदार को दीपिका चिखलिया ने तीन साल तक निभाया था। क्यों कोई और एक्ट्रेस सीता बन नहीं पा सकी दीपिका जितनी शोहरत? जब भी कोई एक्ट्रेस सीता का किरदार निभाती है, तो उसकी तुलना दीपिका चिखलिया के निभाए सीता के किरदार से ही की जाती है। 'रामायण' सीरियल को बने 39 साल हो चुके हैं। तबसे अभी तक कई एक्ट्रेसेस ने सीता का किरदार निभाया, पर दीपिका को छू न सकीं। आखिर ऐसी क्या वजह है कि सीता के किरदार में दीपिका चिखलिया जितनी शोहरत किसी और एक्ट्रेस को नहीं मिली? इसकी वजह दीपिका ने बताई थी। उनके मुताबिक, उनका चेहरा ऐसा रहा, जिस पर धार्मिक प्रोजेक्ट्स ही शूट करते हैं। उनके चेहरे पर पहले से ही भक्ति भाव था और वह माला पर राम का 100 बार नाम जपती थीं। बताया था आज की एक्ट्रेसेस में क्या है सबसे बड़ी कमी दीपिका चिखलिया ने कहा था कि बाकी एक्ट्रेसेस जहां एक्टिंग करती हैं, वहीं सीता का किरदार उनके लिए एक्टिंग नहीं था। दीपिका के मुताबिक, वह सीता के किरदार को भक्ति की तरह देखती थीं। वो ऐसे सोचती थीं कि वह सीता हैं, राम का दौर है और उनके साथ वह सब हो रहा है, जो 'रामायण' में दिखाया गया। दीपिका चिखलिया ने कहा था कि आज की एक्ट्रेसेस के अंदर भक्ति भाव नहीं है, और इसलिए वो 'सीता' नहीं बन पा रही हैं।  

स्पेन मैच से पहले रोनाल्डो ने रिटायरमेंट और फुटबॉल जुनून पर खोले दिल के राज

नई दिल्ली क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा है कि फीफा वर्ल्ड कप-2026 उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। रोनाल्डो ने ये एलान स्पेन के खिलाफ होने वाले अंतिम-16 के मैच से पहले किया है। रोनाल्डो ने अभी तक एक भी वर्ल्ड कप नहीं जीता है और उनकी कोशिश होगी कि वह इस बार ये कमी पूरी करें। रोनाल्डो ने मौजूदा वर्ल्ड कप को मिलाकर कुछ छह वर्ल्ड कप खेले हैं। उन्होंने 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 में हिस्सा लिया है। अगला फीफा वर्ल्ड कप 2030 में रोनाल्डो के ही देश पुर्तगाल, स्पेन और मोरक्को की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है। 'बस आखिरी मैच न हो' पुर्तगाल का भविष्य स्पेन के खिलाफ होने वाले मैच पर टिका है। ये इस वर्ल्ड कप के सबसे कड़े मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा है। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोनाल्डो ने कहा, "ये जितना ज्यादा हो सके लुत्फ लेने की बात है। ये मेरा आखिरी वर्ल्ड कप है, लेकिन उम्मीद करिए कि ये मेरा आखिरी मैच न हो। वो दिन आएगा जब मैं रिटायर होऊंगा। लेकिन मैं एक बात ईमानदारी से कहूंगा। कल जो भी हो क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने साफ जमीर के साथ विदा लेगा। वो भी 100 प्रतिशत नहीं बल्कि 1000 प्रतिशत क्योंकि मैंने फुटबॉल को अपना सबकुछ दिया है।" उन्होंने कहा, "मेरे पास अच्छी जिंदगी है, लेकिन ये जुनून की बात है। मैं फुटबॉल इसलिए खेलता हूं क्योंकि मैं इसे प्यार करता हूं। आपको हर दिन का लुत्फ उठाना पड़ता है। मैंने इस वर्ल्ड कप में तीन गोल किए हैं। मैं बुरा नहीं खेल रहा हूं।" याद रखेंगे ये वर्ल्ड कप रोनाल्डो ने कहा है कि वह इस वर्ल्ड कप को हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने कहा, "ये शानदार रहा है। ये मैदान से बाहर की बात है। ये वो वर्ल्ड कप है जिसे मैं सबसे ज्यादा याद रखूंगा। इसके पीछे की वजह लोगों का जुनून है। ये इस बार और ज्यादा देखने को मिला है। मुझे नहीं पता ऐसा क्यों है। ये भावनात्मक तौर पर सबसे अच्छा रहा है।"  

सोशल मीडिया पोस्ट विवाद में एक्शन, पुलिस ने शांतिभंग के मामले में यूट्यूबर को पकड़ा

जयपुर पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अजमेर पुलिस ने एक्शन लिया. पुलिस ने यूट्यूबर नरेश राघानी को गिरफ्तार किया है. नरेश राघानी कांग्रेस से जुड़ा रहा है और पार्टी में कई जिम्मेदारी भी निभा चुका है. यही वजह है कि गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. कृष्णगंज थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद राघानी को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया. कई अन्य धाराएं जोड़ने की तैयारी में पुलिस राघानी के खिलाफ आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी. मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं. कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शिकायतकर्ता ने की कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता दिनेश पाराशर ने आरोप लगाया कि नरेश राघानी ने सोशल मीडिया पर लगातार विवादित टिप्पणियां की थीं. इस संबंध में कार्रवाई की मांग की गई थी. पुलिस ने राघानी को हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया और आगे की कार्रवाई कर दी है. हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.