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विधानसभा से बाहर किए जाने का जिक्र, अनिल विज ने ममता पर साधा निशाना

हरियाणा  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। विज ने कहा कि ममता बनर्जी का हाल भी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जैसा होने वाला है, क्योंकि दोनों का रवैया तानाशाही रहा है। हुड्डा ने भी मुझे विधानसभा से बाहर फिंकवाया मीडिया से बातचीत में विज ने कहा,“जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने मुझे कई बार विधानसभा से बाहर उठवाकर फिंकवाया था। अब ममता बनर्जी भी भाजपा विधायकों के साथ वही कर रही हैं, लेकिन यह प्रजातंत्र के खिलाफ है।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि आज हुड्डा ‘‘खुड्डे लाइन’’ लगे हुए हैं और ममता का भी यही हाल होने वाला है। प्रजातंत्र में विधायकों को बोलने का अधिकार विज ने कहा कि भारत की शासन प्रणाली प्रजातंत्र पर आधारित है और इसमें चुने हुए प्रतिनिधियों को विधानसभा में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन कुछ दल और नेता प्रजातंत्र को बर्दाश्त नहीं कर पाते और अपनी तानाशाही प्रवृत्ति दिखाते हैं। चुने हुए विधायकों की आवाज दबाना लोकतंत्र का अपमान है। ममता बैनर्जी का रवैया इसी दिशा को दिखाता है। भाजपा विधायकों को बाहर फिंकवाना गलत कोलकाता में विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायकों को मार्शलों से घसीटकर बाहर निकाले जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा, “यह कृत्य प्रजातंत्र की आत्मा को ठेस पहुंचाने वाला है। विपक्ष की बात सुनना और सहन करना लोकतंत्र की मूल भावना है। लेकिन ममता बैनर्जी इसको स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।”

क्रिकेट के भाई पांड्या ने कोच को किया सम्मानित, 80 लाख, शादी और कार के तोहफे दिए

मुंबई  हार्दिक पांड्या टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी हैं और क्रुणाल पांड्या भी भारत के लिए खेल चुके हैं. इन दोनों ही खिलाड़ियों ने आईपीएल 2025 में अपने परफॉर्मेंस से सभी का दिल जीता था. हार्दिक मुंबई इंडियंस के कप्तान रहे तो वहीं क्रुणाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मुख्य गेंदबाज के रूप में उभरे. ये दोनों खिलाड़ी ऑन-फील्ड के साथ ही ऑफ-फील्ड भी काफी बेहतर हैं. हार्दिक और क्रुणाल ने अपने कोच जितेंद्र सिंह के लिए काफी कुछ किया है. हार्दिक और क्रुणाल ने अदा की गुरू दक्षिणा पांड्या ब्रदर्स के कोच जितेंद्र सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि 'आज हार्दिक और क्रुणाल आर्थिक रूप से काफी मजबूत हो गए हैं, लेकिन वो मेरे लिए आज भी पहले जैसे ही हैं'. जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि '2018 में जब मेरी बहन की शादी हुई, तब इन दोनों ने मेरी फाइनेंशियली काफी मदद की. इसके बाद जब दूसरी बहन की शादी हुई, तब भी कई गिफ्ट्स दिए'. हार्दिक ने कोच को गिफ्ट की कार जितेंद्र सिंह ने आगे बातचीत में बताया कि '2015-16 में ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद हार्दिक ने मुझे एक कार गिफ्ट दी. हार्दिक ने कोच ने बताया कि वो उसकी पहली ही सीरीज थी और वो अभी फाइनेंशियली सैटल भी नहीं थी, लेकिन फिर भी वो मेरे लिए कार लेकर आया. मैंने उससे तब मना भी किया तो उसने कहा कि बाइक से जाते हैं और हम नहीं चाहते कि आपको चोट लग जाए, इसलिए ये आपकी सेफ्टी के लिए है. उस गाड़ी की कीमत करीब 5-6 लाख रुपये थी'. मां के इलाज में भी मदद की हार्दिक पांड्या आईपीएल 2015 में डेब्यू कर रहे थे और जितेंद्र सिंह की मां की तबियत खराब थी. जितेंद्र सिंह ने इसे लेकर बताया कि 'मैंने हार्दिक से इस बारे में कुछ नहीं कहा, क्योंकि मैं उसका ध्यान नहीं भटकाना चाहता था. लेकिन जब बड़ौदा लौटने के बाद उससे मेरी बात हुई तो मैंने सबकुछ बताया, तब उसने मुझसे कहा कि मेरा सारा पैसा ले लो, लेकिन अपनी मां का ध्यान रखो'.

रमन अरोड़ा पर नया केस, जमानत मिलते ही हुई गिरफ्तारी

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक रमन अरोड़ा को जालंधर की रामा मंडी पुलिस एक नए मामले में प्रोडक्शन वारंट पर ले गई। रमन अरोड़ा भ्रष्टाचार के मामले में नाभा की नयी ज़िला जेल में बंद थे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 105 दिनों के बाद रमन अरोड़ा को ज़मानत दी थी। रमन अरोड़ा को बृहस्पतिवार दोपहर जेल से रिहा किया जाना था। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के एक दिन बाद, जालंधर सेंट्रल से आप विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ रामा मंडी थाने में एक नया मामला दर्ज किया गया है। विधायक के खिलाफ यह मामला 30 अगस्त को एक निजी संस्था द्वारा दर्ज कराई गई जबरन वसूली की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। विधायक को 23 मई को गिरफ्तार किया गया था। सनौर के विधायक पठानमाजरा के 11 मददगार गिरफ्तार : पटियाला पुलिस ने सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पुलिस हिरासत से भागने में मदद करने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर फरार विधायक ने अपने वकीलों के माध्यम से अग्रिम ज़मानत याचिका दायर की है। शुक्रवार को सुनवाई होगी।

ट्रंप की सख्त टिप्पणी: यूरोप और चीन को रूस के तेल पर निर्भरता कम करने को कहा

वॉशिंगटन  यूक्रेन के साथ पिछले कई सालों से जारी युद्ध को रुकवाने के लिए अमेरिका ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इसके बावजूद यूरोप ने रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया है। इससे नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दुनियाभर के नेताओं के साथ एक बैठक में साफ-साफ कह दिया कि यूरोप को रूस से तेल खरीदना बंद करना चाहिए। इसके अलावा, यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म करने के लिए चीन पर भी आर्थिक दबाव डालना चाहिए। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल आयात करने को लेकर 25 फीसदी अतिरिक्त (कुल 50%) टैरिफ लगाया हुआ है, जबकि दूसरी ओर यूरोप को कोई सजा नहीं दी है। इसको लेकर दुनियाभर में ट्रंप की किरकिरी हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने यह टिप्पणी गुरुवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के साथ हुई एक बैठक में की। ट्रंप के इस कदम से माना जा रहा कि अमेरिकी प्रशासन युद्ध को रोकने के लिए अपने सहयोगियों को भी शामिल होने के लिए कह रहा है। इसके बाद, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि 26 देशों ने युद्धविराम समझौते के अंतिम रूप दिए जाने पर संभावित शांति सेना में योगदान देने का वादा किया है। मैक्रों ने गुरुवार को इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि यूक्रेन की सशस्त्र सेनाओं को मजबूत करने और यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती के साथ-साथ, यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी का तीसरा घटक अमेरिकी सुरक्षा जाल होना चाहिए। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, "आने वाले दिनों में हम इन सुरक्षा गारंटियों के लिए अमेरिकी समर्थन को अंतिम रूप देंगे।" रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए की रिपोर्ट के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने शुक्रवार को कहा कि मॉस्को और कीव के बीच किसी भी शीर्ष-स्तरीय बैठक से पहले काफी काम करने की जरूरत है। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि मैक्रों और यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप को गठबंधन बैठक में बुलाया और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूरोप को रूसी तेल खरीदना बंद कर देना चाहिए जिससे युद्ध को फायदा हो रहा है। क्योंकि रूस को एक साल में यूरोपीय संघ से ईंधन की बिक्री में 1.1 अरब यूरो मिले हैं।"  

CM मोहन के सामने गरजे इंदौर मेयर के बेटे, रेल हादसे और बुलेट ट्रेन पर उठाए गंभीर सवाल

भोपाल  मध्य प्रदेश में इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संघमित्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. संघमित्र जब सरकार के खिलाफ गरज रहे थे तो मंच पर सीएम मोहन यादव भी मौजूद थे. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने रेल हादसे और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर सरकार को घेरा. मंच पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद थे. संघमित्र के तीखे भाषण को सुनकर मंच पर मौजूद सभी नेता हैरान रह गए. वहीं, इंदौर मेयर के पसीने छूट रहे थे. संघमित्र ने कहा, सरकार कहती है सबका साथ सबका विकास. लेकिन हकीकत यह है कि रेलवे में हो रहा है दलालों का साथ और जनता का विनाश. वेटिंग लिस्ट का आलम यह है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग टिकट लेने के बावजूद सफर नहीं कर पाते. उन्होंने आगे कहा, 2022 तक अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन का वादा किया गया था, लेकिन 2025 आ गया और बुलेट ट्रेन तो नहीं, वादाखिलाफी की रफ्तार जरूर दौड़ रही है. करोड़ों रुपए खर्च हो गए, जमीन अधिग्रहण में घोटाले हो गए, लेकिन ट्रेन अब तक सिर्फ पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तक ही सिमटी है. रेल हादसे पर क्या कहा? संघमित्र ने कहा, कहा गया था कि कवच तकनीक से रेल हादसे खत्म हो जाएंगे, लेकिन पिछले 10 साल में 20 हजार लोग ट्रेन हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं. जब रेल के डिब्बे टूटते हैं या ट्रेन पटरी से उतरती है, तब सिर्फ लोहे के डिब्बे नहीं टूटते, किसी मां की गोद उजड़ जाती है, किसी बच्चे का भविष्य अंधकार में चला जाता है, किसी बूढ़े पिता की आंखों से आखिरी उम्मीद छिन जाती है संघमित्र ने कहा, 400 स्टेशन एयरपोर्ट जैसे बनाने की बात हुई थी, लेकिन अब तक बने कितने हैं. सिर्फ 20. वहां भी चमकते बोर्ड तो हैं, लेकिन पीने का पानी महंगा है और भीड़ वही की वही है. रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सवा लाख करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन 80 प्रतिशत परियोजनाएं अब तक अधूरी हैं. 78 प्रतिशत फंड जो सुरक्षा के लिए था, उसे डायवर्ट कर दिया गया. उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट बताती है कि 300 करोड़ रुपए का निवेश सिर्फ एक कंपनी को दे दिया गया. ऐसे में सबका विकास कैसे होगा. संघमित्र के पिता को जानिए संघमित्र के पिता पुष्यमित्र भार्गव इंदौर के मेयर हैं. वह शहर के 24वें महापौर हैं. पुष्यमित्र वकील भी हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सबसे युवा अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी काम किया है. पुष्यमित्र मध्य प्रदेश बीजेपी के बड़े नेता हैं.

नई सेवा नियमावली लागू: अब काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी पाएंगे तीन गुना वेतन और सरकारी सुविधा

वाराण्सी  काशी विश्वनाथ मंदिर में 40 वर्ष बाद कर्मचारी सेवा नियमावाली को न्यास ने हरी झंडी दे दी है। नई नियमावली के तहत न्यास के कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा प्राप्त होगा। इससे मंदिर के कर्मचारियों और अर्चकों का वेतन तीन गुना बढ़ जाएगा। यह निर्णय गुरुवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की 108वीं बैठक में लिया गया। आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारी सेवा नियमावली सहित करीब दो दर्जन प्रस्तावों पर मुहर लग गई। मंडलायुक्त ने बताया कि पुजारियों को अभी 30 हजार रुपये दिया जाता था। अब उन्हें 80 से 90 हजार रुपये मिलने लगेगा। अधिकारियों के मुताबिक नियमावली लागू होने के बाद वेतन भत्ते में इजाफा होने के साथ पदोन्नति, अवकाश सहित अन्य सुविधाएं भी मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक पुजारियों, कर्मचारियों और सेवादारों की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित नियमावली में चार श्रेणी तय की गई हैं। राज्यकर्मियों की तरह पुजारियों को ग्रेड और मैट्रिक्स दिया जाएगा। बता दें कि श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का प्रदेश सरकार की ओर से 1983 में अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद से अब तक सेवा नियमावली नहीं बन सकी। कई बार इसे लेकर कोशिश की गई, लेकिन मामला किसी नतीजे तक नहीं पहुंचा। संविधान के अनुच्छेद 201 के तहत 13 अक्तूबर 1983 को काशी विश्वनाथ टेंपल एक्ट लागू किया गया। परिषद के कार्मचारी का मानदेय बढ़ेगा श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद एवं कार्यपालक समिति की बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष के बजट को अनुमोदित किया गया। वहीं परिषद के अंतर्गत तैनात विभिन्न श्रेणी के कार्मिकों का मानदेय 30 फीसदी बढ़ाया जाएगा। पूर्णकालिक कार्मिकों का गत वर्ष की भांति महंगाई भत्ता बढ़ेगा। धाम में अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय स्थापित होगा। व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने के लिए इम्पोरियम सहित अन्य संपत्तियों के संचालन का नया किराया दर तय किया जाएगा। परिषद एक नया कंसल्टेंसी को तैनात करेगा, जो आयवृद्धि के नए विकल्प सुझाएगी। विशालाक्षी कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण होगा श्रद्धालुओं के आवागमन की सुगमता के लिए विशालाक्षी माता मंदिर तक कॉरिडोर बनेगा। इसके लिए भवन क्रय पर सहमति ली गई। वैकल्पिक प्रसाद योजना सुगम दर्शन व्यवस्था के साथ वैकल्पिक रूप में लड्डू प्रसाद एवं रुद्राक्ष माला प्रदान किया जाए। संगम तीर्थ जल आदान-प्रदान योजना को भी हरी झंडी दी गई, जिसमें सभी ज्योतिर्लिंगों को योजना से जोड़ा जाएगा। वहीं मंदिर न्यास मिर्जापुर में स्थित अपनी भूमि वैदिक शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए राज्य सरकार को देगा। दैनिक दर्शनार्थियों के परिचय पत्रों का नवीनीकरण काशी विश्वनाथ मंदिर में दैनिक दर्शनार्थियों के परिचय पत्रों का नवीनीकरण एक बार फिर शुरू होगा। मंदिर न्यास ने इसकी अनुमति दे दी है। इसके साथ ही धाम की सुरक्षा के लिए कंट्रोल रूम एवं कैमरों का आधुनिकीकरण एवं अपग्रेडेशन होगा। बेनीपुर-सारनाथ स्थित संकटहरण हनुमान मंदिर परिसर में गौशाला का आधुनिकीकरण किया जाएगा। नगर के समस्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों को वस्त्र, पुस्तकें, कंबल, स्वेटर, यूनिफार्म आदि की खरीद के लिए अब डीबीटी के जरिए धनराशि दी जाएगी। दंडी सन्यासियों को प्रतिदिन प्रसाद भोजन एवं 101 रुपये दक्षिणा दी जाएगी। बैठक में ये रहे मौजूद न्यास के सदस्य सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, प्रमुख सचिव न्याय के प्रतिनिधि बालाकृष्ण एन. रंजन, विशेष सचिव एवं अपर विधि परामर्श, वित्त विभाग शासन के प्रतिनिधि मुख्य कोषाधिकारी, भारतीतीर्थ महास्वामीजी के प्रतिनिधि जगद्गुरू शंकराचार्य महासंस्थानम् दक्षिणाम्नाय, सिटी मजिस्ट्रेट रविशंकर सिंह आदि।  

पाकिस्तान नहीं, भारत पर फोकस जरूरी; ट्रंप को समझाया पूर्व US अधिकारियों ने

वाशिंगटन  भारत और अमेरिका के बीच संबंध इस समय अभूतपूर्व तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय आयात पर भारी टैरिफ लगाने के बाद दोनों देशों के बीच जारी व्यापार वार्ता ठप हो गई है। इस बीच बाइडेन प्रशासन के दौर के पूर्व शीर्ष अमेरिकी अधिकारी- पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन और पूर्व उप-विदेश सचिव कर्ट एम. कैंपबेल ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा स्थिति बनी रही तो वॉशिंगटन एक अहम रणनीतिक साझेदार खो सकता है और चीन को इनोवेशन के क्षेत्र में बढ़त मिल सकती है। उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि भारत की तुलना पाकिस्तान के साथ नहीं की जानी चाहिए क्योंकि भारत कहीं ज्यादा जरूरी है। विदेश नीति पर लेख में जताई चिंता ‘फॉरेन अफेयर्स’ मैग्जीन में लिखे अपने संयुक्त संपादकीय में सुलिवन और कैंपबेल ने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी को लंबे समय से द्विदलीय समर्थन मिला है और इस रिश्ते ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की “लापरवाह आक्रामकता” को हतोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अमेरिकी सहयोगियों से कहा कि वे भारत को समझाएं कि “राष्ट्रपति ट्रंप की नाटकीय बयानबाजी में अक्सर किसी सौदेबाजी की भूमिका होती है।” भारत को ‘प्रतिद्वंद्वियों की ओर धकेलने’ का खतरा दोनों पूर्व अधिकारियों ने लिखा कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों- 50% तक टैरिफ, रूस से तेल खरीद और पाकिस्तान पर बढ़ते तनाव ने दोनों देशों के रिश्तों में तेज गिरावट ला दी है। हाल में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बैठक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो अमेरिका, भारत को प्रतिद्वंद्वियों की ओर धकेल देगा। पाकिस्तान नीति को भारत से अलग रखने की सलाह सुलिवन और कैंपबेल ने अमेरिका को सलाह दी कि वह अपनी विदेश नीति में “भारत-पाकिस्तान” की एक साथ तुलना न करे। उनका कहना था कि पाकिस्तान के साथ आतंकवाद से निपटने और परमाणु हथियार प्रसार को रोकने जैसी अहम चिंताएं हैं, लेकिन ये भारत से जुड़े बहुआयामी और दीर्घकालिक हितों के मुकाबले कहीं कम महत्व रखती हैं। अमेरिका-पाकिस्तान में नजदीकी और भारत पर टैरिफ ट्रंप हाल ही में भारत-पाकिस्तान संघर्ष में संघर्षविराम का श्रेय लेते दिखे थे, जबकि भारत ने इसका खंडन किया था। इसके बाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर का वाइट हाउस में स्वागत किया गया और अमेरिका ने पाकिस्तान को व्यापार, आर्थिक विकास और क्रिप्टोकरेंसी सहयोग का आश्वासन दिया। कुछ दिनों बाद ही अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ तेल समझौते की घोषणा की और उसी समय भारत के सामान पर 25% तक का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया। नई रणनीतिक संधि का प्रस्ताव सुलिवन और कैंपबेल ने दावा किया कि भारत-अमेरिका के बीच नई रणनीतिक साझेदारी एक संधि के रूप में होनी चाहिए, जिसे अमेरिकी सीनेट की मंजूरी मिले। यह संधि पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी और इसका लक्ष्य दोनों देशों की सुरक्षा, समृद्धि और साझा मूल्यों को मजबूत करना होगा। तकनीकी साझेदारी पर जोर उन्होंने सुझाव दिया कि भारत और अमेरिका को 10 वर्षीय कार्ययोजना पर सहमत होना चाहिए, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, क्वांटम, स्वच्छ ऊर्जा, दूरसंचार और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में तकनीकी साझेदारी शामिल हो। इसका उद्देश्य साझा तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना होगा, ताकि अमेरिका और उसके लोकतांत्रिक सहयोगी चीन जैसे प्रतिद्वंद्वियों को नवाचार के क्षेत्र में बढ़त न लेने दें। संपादकीय में कहा गया है कि दोनों देशों को “प्रमोट” एजेंडा (साझा निवेश, अनुसंधान एवं विकास और प्रतिभा साझेदारी) और “प्रोटेक्ट” एजेंडा (निर्यात नियंत्रण और साइबर सुरक्षा सहयोग) दोनों पर मिलकर काम करना होगा।   रणनीतिक साझेदारी का महत्व पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने याद दिलाया कि भारत पिछले एक पीढ़ी से अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदार बनकर उभरा है। उन्होंने भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते (जॉर्ज डब्ल्यू. बुश और मनमोहन सिंह के बीच) और बाइडेन-मोदी के बीच एआई, जैव प्रौद्योगिकी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने तर्क दिया कि भारत के साथ साझेदारी ने "इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के लापरवाह हरकतों को प्रभावी ढंग से हतोत्साहित किया है।"  

फेसबुक खाता बार-बार बंद, मार्क जुकरबर्ग ने META पर किया कानूनी हमला

वॉशिंगटन अमेरिका में एक वकील ने फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा के खिलाफ केस किया है। अब केस करने की वजह भी बड़ी दिलचस्प है, क्योंकि वकील का नाम मार्क जुकरबर्ग है। उनका कहना है कि फेसबुक बार-बार उनका अकाउंट सस्पेंड कर रहा है, जिसके चलते बिजनेस में हजारों डॉलर का नुकसान हुआ है। खबर है कि मामला कोर्ट पहुंचने के बाद कंपनी ने माफी मांगी है। खास बात है कि फेसबुक को फाउंडर का नाम भी मार्क जुकरबर्ग है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंडियाना के रहने वाले वकील जुकरबर्ग का कहना है कि कंपनी ने उनका अकाउंट गलत कारणों से ब्लॉक किया है। वह 38 सालों से कानूनी पेशे में हैं। उनका आरोप हैं कि फेसबुक ने बीते 8 सालों में 5 बार उनका खाता ब्लॉक किया है और हर बार उनपर आरोप लगाए गए कि वह किसी और के होने का नाटक करने के आरोप लगाए हैं। वकील के ये भी आरोप हैं कि बार-बार बैन होने के कारण उनकी प्रैक्टिस पर असर पड़ा है। उन्होंने मैरियन सुपीरियर कोर्ट में केस किया और दावा किया है कि मेटा ने 11 हजार डॉलर की कीमत के विज्ञापन हटाकर अपनी एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। जुकरबर्ग का कहना है कि उन्होंने फोटो आईडी, क्रेडिट कार्ड और खुद की कई फोटोज समेत कई पहचान दे दी हैं। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझसे जो भी कहा मैंने किया। उन्होंने मुझसे कहा कि अगर आपको लगता है कि निलंबन उचित नहीं है तो आप अपील कर सकते हैं, तो मैंने अगले ही दिन अपील की। इसपर मुझे उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला और इस बात को अब 4 महीने हो गए हैं।' वकील ने कहा, 'उन्होंने आखिरी बार जब ऐसा किया था, तब खाता चालू करने में 6 महीने से ज्यादा का समय लग गया था। तो मुझे नहीं पता कि मैं और उनका ध्यान किस तरह आकर्षित करूं।' आखिरी बार उनका खाता मई में बंद किया गया था और केस करने के बाद ही उसे बहाल किया गया था। कंपनी ने इसे गलती बताया था और कहा था, 'हम जुकरबर्ग के धैर्य की सराहना करते हैं और भविष्य में इस तरह की किसी घटना से बचने के लिए काम कर रहे हैं।' वकील ने कहा है कि इस बैन के चलते उनके बिजनेस पर असर हुआ है।  

इमानी जेन बॉथम ने शेयर की बिकिनी तस्वीरें, फैंस बोले– इंटरनेट हुआ हॉट

लंदन  इंग्लैंड क्रिकेट के महानायक सर इयान बॉथम का नाम सुनते ही गेंद और बल्ले से मचाए गए उनके तूफान याद आ जाते हैं. 1980 का दशक उनके जलवे का दौर था, जब वे इंग्लैंड के सबसे बड़े मैच-विनर बनकर उभरे और कई बार अकेले दम पर टीम को जीत की राह दिखा दी. वह सचमुच ऑलराउंडरों का स्वर्णयुग था- भारत के कपिल देव, पाकिस्तान के इमरान खान और न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली जैसे दिग्गज उसी दौर में क्रिकेट के आसमान पर चमक रहे थे. इसी सुनहरे पन्ने पर सर इयान बॉथम का नाम भी स्वर्णाक्षरों में दर्ज है. मैदान पर उनकी आक्रामक शैली, करिश्माई व्यक्तित्व और यादगार प्रदर्शन ने उन्हें ‘Lord Botham’ बना दिया, जिनका रुतबा आज भी क्रिकेट वर्ल्ड में अलग ही मुकाम रखता है. .. लेकिन अब सोशल मीडिया पर उनकी 24 साल की पोती इमानी जेयन बॉथम अपनी बोल्डनेस और खूबसूरती से सुर्खियां बटोर रही हैं. इमानी का हर ग्लैमरस पोस्ट इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है. इमानी बॉथम का बिकिनी लुक.. और बढ़ा इंटरनेट का तापमान हाल ही में इमानी ने पुर्तगाल से अपनी बिकिनी तस्वीरें शेयर कीं. आईने के सामने खींची गई उनकी सेल्फी ने फैन्स को दीवाना बना दिया. टू-पीस ड्रेस में उनका आत्मविश्वास और अंदाज देखकर किसी ने लिखा – 'वो सच में चमक रही हैं', तो किसी ने साफ कह दिया- 'मैं तो तुम्हारा दीवाना हो गया हूं.' मल्लोर्का से पुर्तगाल तक- हर जगह छाईं ग्लैमरस जेटसेट लाइफस्टाइल जीने वाली इमानी कभी मल्लोर्का (स्पेन का मशहूर बीच डेस्टिनेशन, जो मेडिटेरेनियन सी में बलेरिक द्वीपों का हिस्सा है) में छुट्टियों का मजा लेती दिखीं, तो कभी पुर्तगाल में पार्टी करते हुए. कभी स्कूटर पर सवार होकर मस्ती करतीं, तो कभी नाइट आउट में जलवा बिखेरतीं. उनकी हर तस्वीर में कॉन्फिडेंस और आकर्षण साफ झलकता है. ग्लैमर वर्ल्ड की नई क्वीन यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम से फैशन में डिग्री लेने के बाद इमानी-जेयन ने मॉडलिंग को करियर चुना. 2021 में वह मिस यॉर्कशायर बनीं और मिस इंग्लैंड प्रतियोगिता तक पहुंचीं. उनका ग्लैमरस लुक और स्टाइल उन्हें नई पीढ़ी की आइकन बना रहा है. क्रिकेट से ग्लैमर तक- बॉथम फैमिली का सफर जहां इयान बॉथम अपने जमाने में कपिल देव और इमरान खान जैसे दिग्गजों से मैदान पर टक्कर लेते थे, वहीं उनकी पोती इमानी अब ग्लैमर वर्ल्ड में अपनी अलग पहचान बना रही हैं. एक तरफ दादा ने बल्ले और गेंद से दुनिया को चौंकाया, तो दूसरी तरफ पोती अपनी अदाओं और हुस्न से इंटरनेट पर तहलका मचा रही हैं. बॉथम फैमिली का गर्व इमानी जेयन इंग्लैंड क्रिकेट के सबसे बड़े हीरो में से एक सर इयान बॉथम की 8 पोतियों-पोतों में से एक हैं. सर बॉथम (69) ने न सिर्फ इंग्लैंड के लिए 100 से ज्यादा टेस्ट खेले, बल्कि क्रिकेट से रिटायर होने के बाद टीवी कमेंट्री, समाजसेवा और राजनीति में भी अपनी धाक जमाई.

रायपुर में CM साय के निर्देश पर तेजी से राहत, बाढ़ पीड़ितों को राशन-इलाज के साथ मिलेंगे जरूरी दस्तावेज

रायपुर बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है।  बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।       बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।       सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके। स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।