samacharsecretary.com

भारत के नए गेमिंग कानून से ड्रीम स्पोर्ट्स बर्बाद, दिवालिया हालात

मुंबई  मशहूर फैंटेसी गेमिंग एप ड्रीम11 की मूल कंपनी, ड्रीम स्पोर्ट्स ने कहा है कि नए ऑनलाइन गेमिंग कानून से उसकी 95% आय पर सीधा असर पड़ा है। इसके बावजूद कंपनी ने साफ किया कि वह कर्मचारियों की छंटनी नहीं करेगी, बल्कि अब अपने अन्य पोर्टफोलियो कंपनियों, फैनकोड, ड्रीमसेटगो, ड्रीम गेम स्टूडियो और ड्रीम मनी, को बढ़ाने पर ध्यान देगी। 'बिजनेस को नए सिरे से खड़ा करेंगे' ड्रीम स्पोर्ट्स ने बयान में कहा, 'हम हमेशा कानून का पालन करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। इस बदलाव के कारण हमें बड़ी आर्थिक चुनौती झेलनी पड़ रही है, लेकिन हमारा मकसद एक मजबूत भारतीय खेल कंपनी बनाना है।' ड्रीम स्पोर्ट्स ने कहा कि वह इस कठिन समय में अपने कर्मचारियों के साथ खड़ी है और टीम की सामूहिक ताकत से बिजनेस को नए सिरे से खड़ा करेगी। नया कानून और उसका असर हाल ही में संसद ने ऑनलाइन गेमिंग (प्रमोशन और रेगुलेशन) विधेयक, 2025 पास किया था। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह अब कानून बन गया है। इसमें सभी तरह के पैसे वाले ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। क्या है इस कानून का उद्देश्य? इस नए कानून से पैसों से खेले जाने वाले गेम की बढ़ती लत पर लगाम लगेगी, इसके साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकना है। इसके बाद ड्रीम11, माय11सर्किल, विंजो, जुपी और पोकरबाजी जैसी कंपनियों ने अपने पैसे वाले गेम बंद कर दिए हैं। क्या है सरकार का रुख? आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'ऑनलाइन मनी गेमिंग एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्या बन गई थी। इसके समाज पर बुरे असर साबित हो चुके हैं। हमारा लक्ष्य ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देना है और भारत को गेम बनाने का हब बनाना है।' मंत्री के मुताबिक ऑनलाइन गेमिंग तीन हिस्सों में बंटा है- 1. ई-स्पोर्ट्स- समाज के लिए फायदेमंद 2. सोशल गेमिंग- समाज के लिए अच्छा 3. पैसे वाला ऑनलाइन गेमिंग- समाज के लिए हानिकारक जानकारी के अनुसार, सरकार अब पहले दो सेक्टरों (ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग) को कानूनी मान्यता देकर बढ़ावा देगी। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने भी कहा कि जल्द ही नए नियम लाए जाएंगे, जिनमें ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स के प्रमोशन व रेगुलेशन की रूपरेखा तय होगी।  

किला चौक से टाउन हॉल तक दतिया बाजार होगा गुलाबी, पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

दतिया  दतिया शहर में किला चौक से लेकर टाउन हॉल तक का मुख्य बाजार क्षेत्र अब गुलाबी रंग (Pink Market) में नजर जाएगा। नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल शहर की सुंदरता बढ़ाने और पर्यटकों व स्थानीय लोगों के लिए आकर्षक माहौल बनाने के उद्देश्य से प्रशासन एवं व्यापारियों के समन्वय से की जा रही है। स्थानीय दुकानदार मेडिकल स्टोर संचालक कृष भंवानी, रेडीमेड वस्त्र विक्रेता लक्ष्मणदास कुकरेजा, शू स्टोर संचालक बाबू सीलानी के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ राजू त्यागी ने सामूहिक रूप से बताया कि इस बदलाव से नगर में रमणीकता आने के अलावा व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। शहर की बनेगी पहचान प्रशासन एवं व्यापारियों ने साफ-सुथरी सडक़ों, फुटपाथ और हरियाली बढ़ाने की योजनाओं के साथ यह रंगाई अभियान अगले एक माह में पूरा करने का निर्णय लिया है। शहरवासियों ने इस पहल का स्वागत किया है और उमीद जताई है कि दतिया का यह गुलाबी बाजार शहर की नई पहचान बनेगा। चौड़ी हुई सडकें शहर की सड़कें अतिक्रमण के चलते 10 से 12 फीट सिकुड़ गई थीं। प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान के बाद टॉउनहॉल से किला चौक तक सड़क के दोनों ओर से छह-छह फीट अतिक्रमण हट गया है। ऐसे में सडक़ 12 फीट चौड़ी हो गई हैं। अब लोगों के लिए आवागमन सुगम हो गया है। लिहाजा जाम में फंसे रहने की समस्या से निजात मिल गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आगामी दीपावली पर बाजार अच्छे चलने का अनुमान लगाया है। दुकानों की रंगाई शुरू इस रंगाई अभियान के साथ, बाज़ार के दुकानदारों ने यह संकल्प लिया है कि वे अपनी दुकानों का सामान तय सीमा में ही रखेंगे। नाले व नालियों पर अतिक्रमण कर सामग्री नहीं रखेंगे। इसका उद्देश्य बाज़ार में लोगों के लिए चलने-फिरने की सुविधाजनक जगह सुनिश्चित करना है। व्यापारियों द्वारा यह संकल्प पत्र कलेक्टर स्पप्निल वानखड़े को दिए जाने की तैयारी की जा रही है। दूसरे क्षेत्रों में चलाए जाएंगे अभियान- एसडीएम दतिया एसडीएम संतोष तिवारी ने कहा कि शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने की कवायद है। अतिक्रमण हटने से सड़क चौड़ी हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। नगर के दूसरे हिस्सों में भी यह अभियान चलाए जाने की तैयारी है।

सीएम मान पर तरुण चुघ का तंज – पंजाब संकट में, नेता विदेश यात्राओं में व्यस्त

चंडीगढ़  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) नेतृत्व पर बुधवार को हमला बोला। भाजपा नेता ने कहा कि जब पंजाब बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है, तब मुख्यमंत्री मान सुर्खियां बटोरने के लिए तमिलनाडु घूम रहे हैं और दिल्ली के उनके आकाओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया रोजाना पंजाब को लूटने में लगे हैं। चुघ ने कहा, “जब रोम जल रहा था तब नीरो बांसुरी बजा रहा था, आज वही दृश्य पंजाब में दोहराया जा रहा है। हजारों परिवार पानी में फंसे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री मान जनता के साथ खड़े होने के बजाय बाहरी दौरों में मशगूल हैं। वहीं, उनके मालिक पंजाब के संसाधनों पर ऐश कर रहे हैं।” तमिलनाडु में सीएम मान द्वारा ‘ब्रेकफास्ट योजना’ की घोषणा पर चुघ ने सवाल उठाते हुए कहा, “झूठे वादों की बजाय मान को जवाब देना चाहिए कि किसानों की कर्जमाफी कब होगी? एमएसपी टॉप-अप कब मिलेगा? पंजाब की महिलाओं को 1000 रुपए प्रति माह का वादा किए 40 महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक कोई वादा पूरा नहीं हुआ।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीते चार वर्षों में आप सरकार ने पंजाब पर 1 लाख करोड़ रुपये का नया कर्ज लाद दिया, केंद्र की योजनाओं जैसे पीएम पोषण योजना को अपने नाम से पेश किया और फिर भी मूल वादे पूरे नहीं किए। चुघ ने कहा, “आज पंजाब के 20 लाख से अधिक बच्चे और पूरे देश में 11.5 करोड़ से ज्यादा बच्चे पोषण केवल पीएम पोषण योजना से पा रहे हैं।” सीएम मान की नाकामी को पंजाब की दुर्दशा का कारण बताते हुए चुघ ने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और नशा युवाओं को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने आप नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा, “केजरीवाल-सिसोदिया गैंग ने पंजाब को अपनी विलासिता की कॉलोनी बना रखा है और रोजाना राज्य को लूटने की साज़िश रचते हैं।”

केंद्र का बड़ा आंकड़ा: भारत में 56.75 लाख इलेक्ट्रिक वाहन हुए पंजीकृत

नई दिल्ली भारत में तेजी के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाया जा रहा है और फरवरी 2025 तक 56.75 लाख ईवी पंजीकृत हुए हैं। यह जानकारी सरकारी डेटा में दी गई। डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 25 में देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 11.49 लाख यूनिट्स रही थी, जो कि पिछले वित्त वर्ष के आंकड़े 9.48 लाख यूनिट्स से 21 प्रतिशत अधिक थी। यह आंकड़े बताते हैं कि लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। सरकार ने भी 2030 तक कुल वाहनों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। सरकार ईवी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेज अपनाना और निर्माण (फेम-2), पीएम ई-ड्राइव, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम, पीएम ई-बस सेवा शामिल हैं। फेम-2 की सफलता को देखते हुए सरकार ने फेम-3 स्कीम को शुरू किया है, जिसके तहत 16,29,600 ईवी वाहनों को सपोर्ट किया जा रहा है, जिसमें दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया वाहन और बस शामिल हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए, भारी उद्योग मंत्रालय ने मार्च 2023 में तीन तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन – को पूरे भारत में अपने ईंधन आउटलेट पर 7,432 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 800 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। मार्च 2024 में, 980 चार्जिंग स्टेशनों को अपग्रेड करने के लिए अतिरिक्त 73.50 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। 9,332 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पीसीएस की स्थापना के लिए कुल 912.50 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके तहत 30 जून, 2025 तक 8,885 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पीसीएस स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचे CM मान, अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के आदेश

दीनानगर  पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे। दीनानगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मकौड़ा पत्तन में रावी नदी में आई बाढ़ के कारण कई गांव पानी से प्रभावित हुए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।   मुख्यमंत्री सबसे पहले बेहरामपुर कस्बे पहुंचे जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और कहा कि सरकार जान-माल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन आस-पास के गांवों में जलस्तर बढ़ने के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेजी से चलाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए लोगों को पर्याप्त मुआवजा देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में बाढ़ की यह स्थिति पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण उत्पन्न हुई है। गंभीर संकट की इस घड़ी में पंजाब सरकार लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस काम में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।

श्रीराम मंदिर निर्माण में मध्यप्रदेश का भी रहा अहम योगदान

म.प्र. के तांबे का हुआ है उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सराहना भोपाल  अयोध्या में बने भगवान श्रीराम के मंदिर में मध्यप्रदेश का भी योगदान है। यह योगदान इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। इसकी जानकारी हाल में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के एमडी श्री संजीव कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि अयोध्या में बने मंदिर में मध्यप्रदेश की खदानों से निकले ताँबे का उपयोग हुआ है। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के चेयरमैन श्री सिंह ने कहा कि तांबा एक शाश्वत धातु है। भारत में तांबे के उपयोग का प्राचीन इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने 32 टन कॉपर राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने उद्बोधन में इस तथ्य पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तांबे के साथ मानव जीवन का संबंध रहा है। यह संबंध सोने, चांदी से बढ़कर है। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा 70 हज़ार कॉपर स्ट्रिप और 775 कॉपर वायर की रॉडस् मंदिर में लगे पत्थरों को जोड़ने के लिए आपूर्ति की गई थी। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई इस धातु में 99 प्रतिशत शुद्धता और इलेक्ट्रो रिफ़ाइंड कैटेगरी की है। यह ताँबे का शुद्धतम रूप है, जो हज़ारों साल तक पत्थरों को जोड़ने में कारगर सिद्ध होगा।  

बाबा महाकाल की कृपा से सिंहस्थ-2028 पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन में तीर्थाटन को दिया जायेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में मिट्टी गणेश प्रतिमा वितरण कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की कृपा से इस बार उज्जैन में सिंहस्थ-2028 पिछले सभी रिर्काड तोड़ेगा। उज्जैन में तीर्थाटन को बढ़ावा दिया जायेगा और उज्जैन के विकास में किसी प्रकार कि कमी नहीं आने दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में लोकमान्य तिलक गणेश उत्सव महाआयोजन समिति द्वारा आयोजित मिट्टी की गणेश प्रतिमा वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक मंगलकामना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के प्रारंभ में भगवान श्रीगणेश का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्रीगणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। रिद्ध‍ि सिद्धि दाता शुभ कार्य को सफल बनाते हैं, इसलिए हर मंगल कार्य के आरंभ में श्रीगणेश की वंदना अनिवार्य समझी गई है। हमारी प्रकृति का यही संदेश है कि घर-घर में मिट्टी के श्रीगणेश हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वदेशी के वातावरण के साथ मिट्टी के गणेश के वितरण का उत्सव मनाया जा रहा है। यह हमारे लिए आनन्द का उत्सव है। भगवान की कृपा से देश के विकास के साथ प्रदेश का विकास हो रहा है, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उज्जैन शहर का निरंतर सौन्दर्यीकरण कार्य किया जा रहा है। साथ ही सड़क निर्माण, चौड़ीकरण आदि कार्यों के साथ शीघ्र ही शहर में फ्लाईओवर का निर्माण किया जायेगा। पीथमपुर-इंदौर-उज्जैन त‍क मेट्रो ट्रेन भी चलेगी। गोपाल मंदिर चौक का शीघ्र विस्तारीकरण किया जायेगा। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने स्वागत भाषण और कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मूर्ति वितरण कार्यक्रम में लगभग 300 मिट्टी से बनी मुर्त‍ियों का वितरण शहर की विभिन्न समितियों और संगठनों को किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विधायक श्री जैन, महापौर श्री मुकेश ट्टवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल आदि ने आत्मीय स्वागत किया और उन्हें श्रीगणेश की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में श्री विवेक जोशी, श्री रूप पमनानी, श्री रमेशचंद्र शर्मा, श्री सत्यनारायण खोईवाल, श्री विशाल राजोरिया, श्री शिवेंद्र तिवारी, श्री ओम जैन सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। संचालन श्री जगदीश पांचाल ने किया।

कृषि मंत्री ने हरियाणा विधानसभा को बताया धान फसल में वायरस की स्थिति

चंडीगढ़ हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने विधानसभा में बताया कि राज्य सरकार ‘सदर्न राइस ब्लैक-स्ट्रीक्ड ड्वार्फ वायरस’ (एसआरबीएसडीवी) को लेकर सतर्क है और कृषि वैज्ञानिक स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राणा ने यह भी बताया कि किसानों को इस वायरस के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए राणा ने मंगलवार को सदन को बताया कि प्रदेश में लगभग 40 लाख एकड़ में धान की बुआई हुई है, जिनमें से करीब 92,000 एकड़ में यह वायरस पाया गया है। उन्होंने बताया कि एसआरबीएसडीवी वायरस के संक्रमण से होने वाला रोग है जो धान की फसल को प्रभावित करता है और यह देश के कई धान उत्पादक क्षेत्रों में चिंता का विषय बना हुआ है। मंत्री ने कहा कि यह बीमारी ‘व्हाइट-बैक्ड प्लांट हॉपर’ (डब्ल्यूबीपीएच) नामक कीट के माध्यम से फैलती है, जो धान के पौधों का रस चूसकर वायरस को संक्रमित पौधों से स्वस्थ पौधों तक पहुंचाता है। राणा ने कहा कि जैविक खेती और ‘डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस’ (डीएसआर) के मामलों में इस वायरस से क्षति की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसान कृषि वैज्ञानिकों की सलाह और सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार धान की बुआई करें तो ऐसी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस वायरस के कारण संक्रमित पौधों की सामान्य वृद्धि रुक जाती है, उनकी ऊंचाई सामान्य से काफी कम रह जाती है, पत्तियां गहरा हरा रंग धारण कर लेती हैं, नई कोंपलों का विकास धीमा हो जाता है या रुक जाता है और जड़ें भूरी होकर अविकसित रह जाती हैं, जिससे पौधों की पानी और पोषक तत्व सोखने की क्षमता घट जाती है। मंत्री ने कहा कि राज्य में इस वायरस का पहला मामला खरीफ 2022 सीजन में सामने आया था। उस वर्ष कुछ ही मामले मिले थे, लेकिन चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू), हिसार और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से चलाए गए जागरूकता अभियानों और त्वरित कार्रवाई के चलते फसलों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। राणा ने बताया कि खरीफ 2023 और 2024 में इस वायरस का कोई प्रकोप सामने नहीं आया, जिसका श्रेय प्रभावी रोकथाम उपायों और किसानों में बढ़ी हुई जागरूकता को दिया गया। उनके अनुसार, खरीफ 2025 से पहले भी किसानों को सतर्क किया गया और एहतियात दोहराए गए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में यह बीमारी दोबारा उभरी और इसके पहले मामले कैथल जिले से सामने आए और बाद में अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, जींद और पंचकूला जिलों से भी मामलों का पता चला। राणा ने कहा कि इन क्षेत्रों के किसानों ने अपने खेतों में पौधों की असामान्य रूप से छोटी ऊंचाई की शिकायत की। इसके बाद एचएयू हिसार के वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया, जिसमें सामने आया कि यह बीमारी सबसे अधिक हाइब्रिड धान की किस्मों में पाई गई, उसके बाद परमल (गैर-बासमती) और फिर बासमती किस्मों में भी इसका पता चला। मंत्री ने बताया कि यह समस्या मुख्य रूप से उन खेतों में देखी गई, जहां 25 जून से पहले धान की रोपाई की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वायरस की पुष्टि के लिए एचएयू के वैज्ञानिकों ने संक्रमित पौधों के नमूने एकत्र किए और जांच की जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि पौधे ‘सदर्न राइस ब्लैक-स्ट्रिक्ड ड्वार्फ वायरस’ से संक्रमित थे। बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि इस वायरस से सुरक्षा के लिए एचएयू ने किसानों के लिए परामर्श जारी किया है।  

एमपी: पेट्रोल-डीजल टैंकर में लगी आग, भीषण हादसे में युवक की मौत

सिवनी जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर सिवनी-बालाघाट मार्ग में 26-27 अगस्त की रात पेट्रोल-डीजल टैंकर तथा कौड़िया-घीसी गांव में संचालित संतोष ढाबा में हुई भीषण आगजनी में एक युवक पंकज पुत्र नरेन्द्र पटले (23) जिंदा जल गया। जबकि कौड़िया गांव निवासी मृतक का बड़ा भाई राहुल पटेल (27) झुलस गया। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड कंपनी का लगभग 14 हजार लीटर तीव्र ज्वलनशील ईंधन से भरा टैंकर (वाहन क्र. एमपी 14 एचसी 5013) जबलपुर से बालाघाट जा रहा था, जो कौडिया के संतोष ढाबे में रूका था। टैंकर में फैली आग से ड्राइवर अरविंद परिहार (45) बरगी जबलपुर निवासी के हाथ-पैर झुलस गए। दोनों घायलों का इलाज बरघाट अस्पताल में चल रहा है, जिनकी स्थिति खतरे से बाहर है। रात लगभग 11.30 बजे ढाबे व पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में एक साथ भड़की आग को बरघाट पुलिस ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत कर रात लगभग 2 बजे काबू किया। घटना के दौरान ढाबे में संचालक संतोष सोनी के अलावा एक कमरे में पान दुकान संचालित कर रहा पंकज व उसका बड़ा भाई राहुल पटले मौजूद थे। आग इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टैंकर का हेल्पर व ढाबे में मौजूद लोग डरकर इधर-उधर भाग निकले।

भारत में फिडे विश्व कप, प्रधानमंत्री मोदी ने जताई खुशी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि दो दशक से अधिक समय के बाद प्रतिष्ठित फिडे विश्व कप 2025 की मेजबानी करना भारत के लिए प्रसन्नता की बात है। मोदी ने कहा कि शतरंज युवाओं के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस टूर्नामेंट में रोमांचक मैच देखने को मिलेंगे और दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिष्ठित फिडे विश्व कप 2025 की मेजबानी करना भारत के लिए प्रसन्नता की बात है और वह भी दो दशक से अधिक समय के बाद।’’ फिडे शतरंज विश्व कप का आयोजन गोवा में 30 अक्टूबर से 27 नवंबर तक किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में अगले साल के कैंडिडेट टूर्नामेंट के लिए तीन स्थान और 20 लाख डॉलर की इनामी राशि दांव पर लगी होगी। इस टूर्नामेंट में विश्व चैंपियन डी गुकेश, मैग्नस कार्लसन, फाबियानो करुआना और आर प्रज्ञानानंदा सहित 206 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।