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फुटबॉल संकट: 30 अक्टूबर तक सुधार नहीं तो AIFF पर लग सकता है प्रतिबंध

नई दिल्ली भारतीय फुटबॉल पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि वैश्विक संचालन संस्था फीफा और एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) ने संकटग्रस्त अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को सख्त चेतावनी दी है कि उसे 30 अक्टूबर तक नया संविधान अपनाना और उसकी पुष्टि करनी होगी या फिर निलंबन का जोखिम उठाना पड़ेगा। एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे को मंगलवार को लिखे दो पन्नों के कड़े पत्र में दोनों अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने 2017 से उच्चतम न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद महासंघ द्वारा अपने संविधान को अंतिम रूप देने में विफलता पर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त की। शीर्ष अदालत बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई करेगी। निलंबन का मतलब होगा कि राष्ट्रीय टीमों और क्लबों को सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और साथ ही अहमदाबाद में 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए भारत की महत्वाकांक्षी बोली भी अनिश्चितता में पड़ जाएगी। फीफा और एएफसी ने चौबे के नेतृत्व वाले एआईएफएफ को संशोधित संविधान को मंजूरी देने के लिए उच्चतम न्यायालय से एक ‘निश्चित आदेश’ प्राप्त करने, इसे फीफा और एएफसी के अनिवार्य नियमों के अनुरूप बनाने और 30 अक्टूबर की समय-सीमा से पहले अगली आम सभा की बैठक में इसकी पुष्टि करने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है, ‘‘इस कार्यक्रम का पालन नहीं करने पर हमारे पास इस मामले को निर्णय लेने वाली फीफा की संबंधित संस्था के पास विचार और निर्णय के लिए भेजने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा… जिसमें निलंबन की संभावना भी शामिल है।’’ इस पत्र पर फीफा के मुख्य सदस्य संघ अधिकारी एल्खान मामादोव और एएफसी के उप महासचिव (सदस्य संघ) वाहिद कर्दानी ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए हैं। यह पहली बार नहीं है जब भारतीय फुटबॉल को इस तरह की शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। अगस्त 2022 में फीफा ने भारत को ‘तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप’ के आरोप में निलंबित कर दिया था जब उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने अस्थायी रूप से एआईएफएफ का संचालन किया था। यह प्रतिबंध देश की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के जश्न के दौरान लगाया गया था लेकिन सीओए के भंग होने और चुनाव होने के दो सप्ताह के भीतर इसे हटा लिया गया था। चुनावों में चौबे ने एकतरफा परिणाम में दिग्गज फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया को हराया था। विश्व निकायों ने ‘अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के संशोधित संविधान को अंतिम रूप देने और लागू करने में निरंतर विफलता’ पर चिंता व्यक्त की। यह मामला 2017 से भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। पत्र में कहा गया है, ‘‘बार-बार आश्वासन के बावजूद, एक स्पष्ट और अनुपालनकारी प्रशासनिक ढांचे के अभाव ने भारतीय फुटबॉल के मूल में शून्य और कानूनी अनिश्चितताएं पैदा कर दी हैं।’’ पत्र में इसे ‘लंबे समय से चल रहा गतिरोध’ बताते हुए कहा गया है कि इसने ‘प्रशासन और संचालन संबंधी संकट को जन्म दिया है। पत्र के अनुसार, ‘‘इससे क्लब और खिलाड़ी घरेलू प्रतियोगिता कैलेंडर को लेकर अनिश्चित हैं। दिसंबर 2025 के बाद व्यावसायिक साझेदारियां अभी तक तय नहीं हुई हैं और विकास, प्रतियोगिताओं और विपणन से संबंधित आवश्यक कार्य लगातार कमजोर होते जा रहे हैं।’’ वित्तीय स्थिरता की कमी और ‘भारत के फुटबॉल पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके गहरे नकारात्मक प्रभाव’ की निंदा करते हुए दोनों संस्थाओं ने कहा कि वे इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में भाग लेने वाले क्लबों के फुटबॉल खिलाड़ियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। पत्र में कहा गया है, ‘‘हमें फिफप्रो से विभिन्न क्लबों द्वारा खिलाड़ियों के अनुबंधों को एकतरफा रूप से समाप्त करने की चिंताजनक रिपोर्ट मिली है जो मौजूदा गतिरोध का सीधा परिणाम है और खिलाड़ियों की आजीविका और करियर को प्रभावित कर रहा है।’’ दोनों संस्थाओं ने एआईएफएफ को समय-सीमा तक तीन तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। पत्र में कहा गया, ‘‘एआईएफएफ के संशोधित संविधान को मंजूरी देने के लिए भारत के उच्चतम न्यायालय से एक निर्णायक आदेश प्राप्त करें। एआईएफएफ संविधान का फीफा और एएफसी के नियमों और विनियमों के अनिवार्य प्रावधानों के साथ पूर्ण अनुकूलन सुनिश्चित करें।’’ उन्होंने कहा,‘‘एआईएफएफ की अगली आम बैठक में एआईएफएफ संविधान की औपचारिक पुष्टि प्राप्त करें।’’ पत्र के अनुसार, ‘‘एआईएफएफ के निलंबन का परिणाम फीफा और एएफसी के सदस्य के रूप में उसके सभी अधिकारों का नुकसान होगा जैसा कि फीफा और एएफसी के नियमों में परिभाषित है।’’ उच्चतम न्यायालय बृहस्पतिवार को एआईएफएफ और उसके वाणिज्यिक साझेदार फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) के बीच मास्टर राइट्स समझौते से संबंधित मामले की सुनवाई करने वाला है। यह समझौता आठ दिसंबर को समाप्त हो रहा है। एफएसडीएल ने पिछले महीने करार नवीनीकरण पर अनिश्चितता का हवाला देते हुए आगामी सत्र को ‘रोक’ दिया था। इस फैसले के कारण कम से कम तीन क्लबों को अपना परिचालन स्थगित करना पड़ा या वेतन में देरी करनी पड़ी और सभी 11 आईएसएल क्लबों ने ‘अस्तित्व के संकट’ की चेतावनी दी। उच्चतम न्यायालय ने 22 अगस्त को एआईएफएफ और एफएसडीएल को अंतरिम उपाय तय करने के लिए बातचीत करने की अनुमति दी जिससे कि सत्र समय पर शुरू हो सके।  

महंगाई से मिलेगी राहत? फूड और कपड़ों को 5% GST में लाने की तैयारी

नई दिल्ली  भारत सरकार की जीएसटी सुधार योजना (GST 2.0) के तहत यह प्रस्ताव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि सभी खाद्य और वस्त्र उत्पादों को समान रूप से 5% जीएसटी स्लैब में ले जाया जाए। इस कदम का उद्देश्य टैक्स संरचना को सरल बनाना, वर्गीकरण विवादों को समाप्त करना और आम जनता के लिए जरूरी वस्तुओं की लागत को कम करना है। यह प्रस्ताव 3–4 सितंबर 2025 को होने वाली अगली GST काउंसिल बैठक में विचाराधीन हो सकता है। क्या है डिटेल TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाले सीमेंट पर करों में कटौती पर चर्चा की जा रही है। खासकर इस पर मौजूदा 28% स्लैब को 18% पर लाने की योजना है। यह कदम उपभोक्ताओं के लिए निर्माण लागत कम कर सकता है, बशर्ते निर्माण उद्योग (जो कई बार वर्चस्ववादी आरोप झेल चुका है) इन लाभों को खरीदारों तक पहुंचाए। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो यह बदलाव निर्माण उद्योग में संतुलन और पारदर्शिता लाएगा। बता दें कि GST काउंसिल अगले महीने 3 और 4 सितंबर 2025 की बैठक में कई जरूरी प्रस्तावों पर विचार करेगी, जिनमें कई दैनिक और आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं पर GST की दरों में कटौती शामिल है, ताकि टैक्स संरचना को सरल बनाया जा सके। बीमा सेक्टर में भी राहत की उम्मीद GST काउंसिल यह भी प्रस्ताव रख रही है कि व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर GST शून्य प्रतिशत टैक्स लगा हो। इससे बीमा की पहुंच बढ़ेगी और लोगों के लिए यह किफायती विकल्प बन सकेगा, जिससे व्यापक स्वास्थ्य कवरेज को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।  

विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने देश के नागरिकों को स्वदेशी अपनाने का किया आव्हान

गोपालसिंह इंजीनियर का संदेश – स्वदेशी ही है भारत की आत्मनिर्भरता की कुंजी विधायक कार्यालय में भगवान गणेश जी की हुई स्थापना श्रद्धा भक्ति के साथ भगवान गणेश जी की,की भक्ति, आष्टा   आज गणेश चतुर्थी के शुभ दिवस पर आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के कार्यालय पर रिद्धिसिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की गई । आज दोपहर में भारतीय जनता पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं पदाधिकारी की उपस्थिति में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने विधि विधान के साथ भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की एवं सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने मिलकर भगवान श्री गणेश जी की आरती की । भगवान श्री गणेश जी की स्थापना की विधि उमेश शर्मा ने पूर्ण कराई । इस अवसर पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने दस दिवसीय गणेशोत्सव के शुभारम्भ अवसर पर सभी नागरिकों से आव्हान किया की वे अपने दैनिक जीवन मे उपयोग में आने वाली वस्तुएं स्वदेशी ही खरीदे ।  देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की जनता से स्वतंत्रता दिवस पर जो आव्हान किया कि हम सब देशवासी भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दैनिक जीवन के उपयोग में जो वस्तुएं आती है,जब आप बाजार में उक्त वस्तुएं खरीदने जाये तो वे वस्तुएं स्वदेशी ही हो,स्वदेशी ही खरीदे । हम सब जब  दैनिक उपयोग की वस्तुओं में जितना ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुओं का क्रय करेंगे,उसका उपयोग करेंगे  ताकि हमारा देश विदेशी वस्तुओं पर निर्भर न होकर स्वदेशी वस्तुओं के द्वारा आत्मनिर्भर बने और भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हो । विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने कहा कि हम अपने स्थानीय उद्योगों को भी ऐसे ही स्वदेशी अपनाने के आवाहन के तहत बढ़ावा दे सकते हैं । विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने भारतीय जनता पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं पदाधिकारी से भी आव्हान किया कि वह भी स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार प्रसार कर नागरिकों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करें विधायक कार्यालय में भगवान श्री गणेश जी की स्थापना के अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता,पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि आदि उपस्तिथ थे ।

मनोज जरांगे ने BMC चुनाव से पहले दी नई चुनौती, फडणवीस के मंत्री पहुंचे समझाने

मुंबई महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने एक बार फिर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने तेजी दिखाते हुए मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर मनोज जरांगे से बातचीत करने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। जरांगे बुधवार की सुबह जैसे ही मुंबई के लिए रवाना हुए। राज्य की फडणवीस सरकार ने शिवनेरी में उनसे मिलने के लिए एक मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा। दरअसल, मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे 29 अगस्त से मुंबई में अपना आंदोलन शुरू करने पर अड़े हुए हैं। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें कैबिनेट उप-समिति के प्रमुख और राज्य के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल का फोन आया था, जिसमें उन्हें बताया गया था कि सरकार की एक टीम चर्चा के लिए पुणे जिले के शिवनेरी पहुंचेगी। जरांगे ने पत्रकारों को बताया, ‘‘विखे पाटिल द्वारा भेजा गया प्रतिनिधिमंडल शिवनेरी आएगा। सरकार ने बातचीत करने की इच्छा जताई है, लेकिन मुंबई आंदोलन पर हमारा रुख अपरिवर्तित है।’’ इस बीच, विखे पाटिल ने कहा कि सोमवार को हुई कैबिनेट उप-समिति की पहली बैठक में मराठा समुदाय के करीबी रिश्तेदारों को आरक्षण का लाभ देने से संबंधित जरांगे की मांगों पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि मराठा आरक्षण पर शिंदे समिति को छह महीने का विस्तार दिया गया है, जिसकी मांग जरांगे ने पहले भी की थी। विखे पाटिल ने कहा, ‘‘उप-समिति ने अपनी पहली ही बैठक में इस मांग को स्वीकार कर लिया।’’ जरांगे मराठा समुदाय को कुनबी जाति (अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल एक जाति) के रूप में मान्यता दिलाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, ताकि उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिल सके। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जरांगे से मंगलवार को अनुरोध किया था कि वह 27 अगस्त से शुरू हो रहे गणेश उत्सव के दौरान मुंबई में प्रदर्शन करने की अपनी योजना पर फिर से विचार करें। महाराष्ट्र सरकार द्वारा उन्हें रोकने के प्रयासों के बावजूद जरांगे ने घोषणा की है कि वह 29 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण के लिए फिर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे।  

योगी सरकार का फैसला, यूपी पुलिस के चार आईपीएस अफसर बदले गए

लखनऊ  यूपी पुलिस में बुधवार को फिर फेरबदल किया गया। योगी सरकार ने चार आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया। 1996 बैच के आईपीएस अफसर विजय सिंह मीना को अपर पुलिस निदेशक विशेष जांच लखनऊ से अपर निदेशक पीटीसी सीतापुर बनाया गया है। वहीं आईपीएस आरआर 2006 बैच के आकाश कुलहरि पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत लखनऊ को पुलिस महानिरीक्षक झांसी पर क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। आईपीएस आरआर 2009 बैच के केशव कुमार चौधरी पुलिस महानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र को अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद बनाया गया है।आईपीएस आरआर 2010 बैच के कल्पना सक्सेना अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद को पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ बनाया गया है। वहीं इससे पहले मंगलवार को योगी सरकार ने पुलिस विभाग में पांच फेरबदल किया था। सरकार ने आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया था जबकि एडीजी प्रशासन प्रशांत कुमार द्वितीय को एडीजी पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया। फेरबदल में यूपी पॉवर कारपोरेशन के डीजी एमके बशाल को होमगार्ड विभाग का डीजी बनाया गया। इसी तरह सीतापुर पीटीसी के एडीजी जयनारायण सिंह को एडीजी पॉवर कारपोरेशन बनाया गया। आईजी पीएसी लखनऊ उपेन्द्र कुमार अग्रवाल को आईजी अभिसूचना मुख्यालय की जिम्मेदारी मिली। प्रतीक्षा में चल रहे डीआईजी सतेन्द्र कुमार को डीआईजी पीएसी अनुभाग आगरा बनाया गया। उपेन्द्र कुमार अग्रवाल का पिछले कुछ समय में यह चौथा तबादला किया गया। आपको बता दें कि इससे पहले जुलाई के आखिरी हफ्ते में योगी सरकार ने 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 23 आईएएस अफसरों का तबादला किया था। इस दौरान कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी।  

नवोदय स्कूल में बाढ़ से फंसे बच्चे, प्रशासन पर भड़के पैरेंट्स

चंडीगढ़  बीते कई दिनों से जारी भारी बारिश और हिमाचल एवं जम्मू-कश्मीर से होकर आने वाली नदियों के उफान पर आने से पंजाब के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। गुरदासपुर जिले में तो एक जवाहर नवोदय विद्यालय ही अचानक बाढ़ की चपेट में आ गया। पूरे परिसर में पानी भर गया और ग्राउंड फ्लोर पर बने क्लासरूम में बड़े पैमाने पर पानी भरा हुआ है। यह नवोदय विद्यालय गुरदासपुर से करीब 12 किलोमीटर दूर डाबुरी गांव में स्थित है। हालात यह हैं कि स्कूल में 400 छात्र और करीब 40 स्टाफ मेंबर्स फंसे हुए हैं। यह स्कूल गुरदासपुर से दोरांगला जाने वाली सड़क पर है। सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है और आसपास के इलाके में सैलाब आ गया है। ऐसी स्थिति में यहां पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार बचाव कार्य में इसलिए भी देरी हो रही है क्योंकि दिनानगर संभाग में सीएम भगवंत मान जा रहे हैं। इसी संभाग में गुरदासपुर जिला आता है और फिलहाल अधिकारी उनके आयोजन में बिजी हैं। कहा जा रहा है कि इसके चलते बचाव कार्य शुरू करने में देरी हो रही है। यह स्कूल भी दिनानगर सब-डिविजन में आता है। डिप्टी कमिश्नर ही हैं स्कूल के पदेन चेयरमैन, फिर भी रेस्क्यू का इंतजार जवाहर नवोदय विद्यालय केंद्र सरकार द्वारा फंडिंग से चलने वाला सरकारी स्कूल है। गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर इसके चेयरमैन के तौर पर कामकाज देखते हैं। इस मामले में प्रशासन की शिथिलता को देखते हुए बच्चों के पैरेंट्स में भी नाराजगी देखी जा रही है। एक पैरेंट ने कहा कि आखिर जब सैलाब के चलते स्थिति खराब हो रही थी तो फिर बच्चों को पहले ही क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को तो तीन दिन से पता है कि बाढ़ आ रही है और स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन ने पूरे गुरदासपुर जिले में सभी स्कूलों की तीन दिन के लिए छुट्टी कर दी है तो फिर यहां से बच्चों को घर क्यों नहीं भेजा गया। आवासीय विद्यालय होने के चलते बच्चे नहीं भेजे गए थे घर बता दें कि जवाहर नवोदय विद्यालय आवासीय स्कूल होते हैं और बच्चे यहां रहकर ही पढ़ते हैं। सूत्रों का कहना है कि स्कूल के बगल में एक नाला बहता है, जिसकी कई सालों से सफाई नहीं हुई है। इसके कारण भी पानी का बहाव बस्तियों की ओर होने लगा है। पंजाब में 1988 में भी भारी बाढ़ आई थी। कहा जा रहा है कि फिलहाल आई बाढ़ ने उस लेवल को भी पार कर लिया है।  

हंगामा खत्म, सैयदा हमीद ने बदली अपनी राय, बांग्लादेशियों को वापस भेजने का फैसला टला

नई दिल्ली  बांग्लादेशियों के पक्ष में बयान देकर विवादों में घिरीं सामाजिक कार्यकर्ता और योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा हमीद ने अब अपनी ही बात पर यू-टर्न ले लिया है और कहा है कि अवैध रूप से घुसे बांग्लादेशियों को देश से बाहर किया जाना चाहिए। हमीदा की ताजा टिप्पणी भारी विरोध और सियासी विवादों के बाद आई है। उन्होंने मंगलवार को एक कार्यक्रम में अपने बयान पर यू-टर्न लिया। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हमीद ने स्वीकार किया कि उनकी टिप्पणी से हलचल मच गई थी। सैयदा हमीद ने कहा, "असम का मेरा अनुभव बेहद खूबसूरत है… 1997 से महिला आयोग और योजना आयोग का हिस्सा रहते हुए, मैं असम के हर हिस्से में गई हूँ। लेकिन मुझे कभी इस बात का एहसास नहीं हुआ कि मैं एक मुसलमान और एक महिला हूँ… अचानक, मेरा नाम पूरे भारत में गूंजने लगा… बांग्लादेशी अब एक अपशब्द बन गया है। यह अब एक भयावह शब्द बन गया है।" उन्होंने आगे कहा, “अगर कुछ बांग्लादेशी भी आ गए हैं, तो उनके साथ बैठिए, उनसे बातचीत कीजिए और उन्हें वापस भेजिए।” सैयदा हमीद ने पहले क्या कहा था? इससे पहले सैयदा हमीद ने रविवार को कहा था, "बांग्लादेशी भी इंसान हैं; धरती बहुत बड़ी है, बंगलादेशी भी यहाँ रह सकते हैं… अल्लाह ने यह धरती इंसानों के लिए बनाई है, शैतान के लिए नहीं। किसी इंसान को इतनी बेरहमी से क्यों निकाला जाए।" इसके साथ ही उन्होंने असम की हिमंता विस्वा सरमा सरकार पर बेदखली अभियानों के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ अमानवीय कृत्य करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि असम सरकार मुसलमानों को बंगलादेशी बता रही है। असम में मच गया था सियासी भूचाल हमीद के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि हमीद अवैध घुसपैठियों का समर्थन कर रही हैं और उनके बयान को इसका सबूत बताया था। सरमा ने कहा था कि ऐसे लोग ही ‘‘असम को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने के जिन्ना के सपने को साकार करने’’ की कोशिश करते हैं। उन्होंने दावा किया कि हमीद जैसे लोगों के मौन समर्थन के कारण असमिया लोगों की पहचान विलुप्त होने के कगार पर है। मुख्यमंत्री सरमा ने मानवाधिकार कार्यकर्ता हमीद को गांधी परिवार का करीबी और विश्वासपात्र भी बताया था। हिंदू सेना का विरोध-प्रदर्शन विवाद मचने के बाद हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने सैयदा हमीद की हालिया टिप्पणी के खिलाफ मगलवार को प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि वह असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों का बचाव कर रही हैं। यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली के ‘कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब’ में हुआ, जहां हमीद ने नागरिक मंच असम नागरिक सम्मेलन द्वारा आयोजित ‘असम के विशेष संदर्भ में राष्ट्र की स्थिति’ विषय पर एक संगोष्ठी में शिरकत की थी। संगोष्ठी में हमीद ने असम में मुसलमानों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर चिंता व्यक्त करते हुए कथित तौर पर कहा था कि उन्हें अक्सर बांग्लादेशी करार दिया जाता है।

वेतन-भत्तों को लेकर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, विधायकों को मिलेगा फायदा

हरियाणा  हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को विधायकों के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया गया। इस विधेयक के तहत विधायकों के विशेष यात्रा भत्ते में बदलाव किया गया है। हरियाणा विधान सभा ने सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम में संशोधन किया है। पहले विधायकों को विशेष यात्रा भत्ते के तहत मासिक पेंशन और महंगाई राहत की कुल राशि एक लाख रुपए तक सीमित थी। इसमें प्रति माह अधिकतम 10,000 रुपए का विशेष यात्रा भत्ता शामिल था। विधायकों ने अध्यक्ष से संपर्क कर बताया कि वर्तमान मुद्रास्फीति को देखते हुए यह सीमा उचित नहीं है। उन्होंने एक लाख रुपए की सीमा हटाने का सुझाव दिया। साथ ही विधायक या उनके परिवार के सदस्यों को भारत में कहीं भी यात्रा के लिए प्रति माह 10,000 रुपए का विशेष यात्रा भत्ता जारी रखने की मांग की। विधानसभा ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए 1975 के अधिनियम की धारा 7ग में संशोधन कर दिया है। अब विधायकों को एक लाख रुपए की सीमा से मुक्त कर दिया गया है। वे प्रति माह 10,000 रुपए का विशेष यात्रा भत्ता प्राप्त कर सकेंगे।

यूपी में सख्ती: हेलमेट न पहनने वालों को पेट्रोल पंप पर मिलेगा बड़ा झटका

लखनऊ  यूपी में यातायात नियमों को पालन कराने को लेकर योगी सरकार सरकार सख्त है। सरकार पूरे प्रदेश में 1 से 30 सितम्बर तक ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल' विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाने जा रही है। पेट्रोल पंप बिना हेलमेट के तेल नहीं मिलेगा। यह अभियान जिलाधिकारी के नेतृत्व तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) के समन्वय से चलाया जाएगा, ताकि जनपद स्तर पर सभी संबंधित विभाग एक साथ नागरिक सुरक्षा के इस उद्देश्यमूलक प्रयास को आगे बढ़ाएं। इस अवधि में पुलिस, राजस्व/जिला प्रशासन तथा परिवहन विभाग के अधिकारी प्रवर्तन की मुख्य जिम्मेदारी निभाएंगे। योगी सरकार ने आमजन से अपील की है कि वे इन प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग करें। यह पहल पूर्णतः विधिसम्मत एवं जनहितैषी है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 दोपहिया चालक तथा पिलियन के लिए हेलमेट को अनिवार्य करती है, जबकि धारा 194D उल्लंघन पर दंड का प्रावधान करती है। सर्वोच्च न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति द्वारा भी राज्यों को हेलमेट अनुपालन को प्राथमिकता देने का परामर्श दिया गया है। योगी सरकार ने कहा कि ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल' का उद्देश्य दण्डित करना नहीं, बल्कि नागरिकों को कानून के अनुरूप सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है—ईंधन तभी, जब हेलमेट सिर पर हो। परिवहन आयुक्त ने कहा कि अभियान पूरी तरह से सार्वजनिक हित में है। पूर्व के अनुभव बताते हैं कि दोपहिया वाहनस्वामी शीघ्र ही हेलमेट के साथ आने की आदत विकसित कर लेते हैं। इससे ईंधन बिक्री पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। तेल विपणन कंपनियां—IOCL, BPCL और HPCLतथा सभी पेट्रोल पम्प संचालकों से अनुरोध है कि वे इस प्रयास में सक्रिय सहयोग दें। खाद्य एवं रसद विभाग के माध्यम से पेट्रोल पंप स्तर पर आवश्यक समन्वय/निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। सूचना एवं जनसम्पर्क तंत्र जन-जागरूकता के प्रसार में सहयोग करेगा। नागरिक, उद्योग और प्रशासन मिलकर ही सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु एवं गंभीर चोटों को कम करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर ठोस कदम बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' दण्ड नहीं, बल्कि सुरक्षा का संकल्प है। यह अभियान 1 से 30 सितम्बर तक जिलाधिकारी के नेतृत्व, DRSC के समन्वय और पुलिस-प्रशासन-परिवहन अधिकारियों के प्रवर्तन के साथ चलेगा। सभी नागरिकों, पेट्रोल पम्प संचालकों और तेल कंपनियों से अपील है कि वे इसमें पूर्ण सहयोग दें। 'हेलमेट पहले, ईंधन बाद में' को नियम बनाएं, क्योंकि हेलमेट पहनना जीवन का सबसे सरल बीमा है।  

Apple का सरप्राइज! iPhone 17 आएगा 9 सितंबर को, जानें खास फीचर्स

मुंबई  ऐपल का सालाना इवेंट 9 सितंबर को होगा. इस इवेंट का टाइटल Awe Dropping रखा गया है. इवेंट Cupertino (Apple Park) से सुबह 10 बजे PT पर शुरू होगा, जो भारत में 9 सितंबर की रात लगभग 10:30 बजे IST पर लाइव दिखेगा. क्या लॉन्च होने की उम्मीद है? रिपोर्ट्स और टिपस्टर्स के मुताबिक Apple इस बार iPhone 17, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max पेश कर सकता है. साथ ही एक नया, बेहद पतला और हल्का वर्ज़न iPhone 17 Air भी लिस्ट में है. यह मॉडल डिजाइन में काफी बदलाव और पतले बेज़ल के साथ आ सकता है. डिजाइन और स्पेसिफिकेशन्स? लीक्स में बताया जा रहा है कि iPhone 17 Air को बहुत पतला रखने पर जोर दिया गया है. हाल ही में सैमसंग ने भी Galaxy S25 Edge लॉन्च किया है जो बेहद पतला है. हालांकि इस पतले मॉडल को लोगों ने उतना पसंद नहीं किया. देखना दिलचस्प होगा Apple के पतले iPhone को लोग कितना पसंद करते हैं. प्रो मॉडल्स में बड़े कैमरा सेंसर, बेहतर ऑप्टिकल सिस्टम और अपग्रेडेड प्रोसेसर की उम्मीद जताई जा रही है. सॉफ्टवेयर में फिलहाल कोई खास फीचर्स नहीं देखने को नहीं मिलेंगे. क्योंकि लिक्विड ग्लास डिजाइन पुराना हो चुका है. इवेंट कैसे देखें? Apple अपना इवेंट ऑफिशियली Apple.com, Apple TV ऐप और YouTube पर लाइवस्ट्रीम करेगा. भारतीय यूजर्स इन प्लेटफॉर्म्स पर 9 सितंबर की रात लाइव देख सकते हैं. जो लोग मोबाइल या टीवी पर देखना चाहें, वे इन प्लेटफॉर्म्स पर लॉग-इन करके स्ट्रीम देख सकते हैं. हमारे प्लेटफॉर्म पर भी आपको इसकी पूरी कवरेज मिलेगी. भारत में कीमत और उपलब्धता? आधिकारिक कीमत और बिक्री की तारीख Apple इवेंट के बाद ऐलान की जाएगी. रिटेल लॉन्च आम तौर पर इवेंट के कुछ हफ्ते बाद होता है. भारत में कीमतों और प्री-ऑर्डर की जानकारी Apple के ऑफिशियल इवेंट के बाद आएंगी. iPhone 17 Leaks     iPhone 17 Air बेहद पतला और हल्का होगा. कुछ रिपोर्ट्स में इसकी मोटाई ~5.5-5.6mm बतायी जा रही है, जिससे यह Apple का अब तक का सबसे स्लिम फोन बन सकता है.      Air मॉडल में सिंगल  कैमरा सेटअप और पतले बेज़ल की बात कही जा रही है, हालांकि प्रो मॉडल में मल्टी सेंसर होगा.      सैटेलाइट कॉलिंग फीचर में भी कोई अपग्रेड दिया जा सकता है.     A19 सीरीज चिपसेट को कंपनी सभी iPhone 17 सीरीज में दे सकती है. हालांकि कई बार कंपनी पुराना चिप लगा कर भी ने आईफोन बेचती है.     कुछ रिपोर्ट्स में iPhone 17 के लिए प्री ऑर्डर 19 सितंबर से शुरू हो सकता है.