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IPL को अलविदा कहे आर अश्विन, भविष्य की योजनाओं पर किया खुलासा

नई दिल्ली महान ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अब इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL को भी अलविदा कह दिया है। बुधवार 27 अगस्त को उन्होंने आधिकारिक रूप से आईपीएल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। वे अब भारत में प्रोफेशनल क्रिकेट खेलते नजर नहीं आएंगे, क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट को उन्होंने पिछले साल दिसंबर में ही ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में अलविदा कह दिया था। हालांकि, उन्होंने नया प्लान भी बताया है। अश्विन ने कहा है कि वे अन्य टी20 लीग्स में खेलते दिखाई देंगे। आर अश्विन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर आईपीएल से रिटायरमेंट की जानकारी देते हुए लिखा, "खास दिन और इसलिए एक खास शुरुआत। कहते हैं हर अंत की एक नई शुरुआत होती है, एक आईपीएल क्रिकेटर के रूप में मेरा समय आज समाप्त हो रहा है, लेकिन विभिन्न लीगों में खेल के एक अन्वेषक के रूप में मेरा समय आज से शुरू हो रहा है। इतने सालों की शानदार यादों और रिश्तों के लिए सभी फ्रेंचाइजी टीमों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा और सबसे जरूरी IPL और BCCI का, जो उन्होंने मुझे अब तक दिया है। आगे जो भी है उसका आनंद लेने और उसका पूरा लाभ उठाने के लिए उत्सुक हूं।" पिछले सीजन अश्विन चेन्नई सुपर किंग्स यानी सीएसके के लिए खेले, लेकिन परफॉर्मेंस उनकी अच्छी नहीं थी। ऐसे में उनको रिलीज किए जाने की संभावना था, लेकिन इससे पहले उन्होंने आईपीएल से रिटायरमेंट की ही घोषणा कर दी। IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने 9.75 करोड़ रुपये में आर अश्विन को खरीदा था, लेकिन उनका प्रदर्शन चेन्नई की पिचों पर भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। यहां तक कि वे बाद में तो प्लेइंग इलेवन से भी ड्रॉप कर दिए गए थे। आर अश्विन ने आईपीएल 2025 में कुल 9 मैच चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेले, जो पॉइंट्स टेबल में सबसे आखिरी पायदान पर रही। इन मैचों में 7 विकेट ही उनको मिले। उनका इकॉनमी रेट 9.12 का रहा। सीएसके के लिए वे सीजन में सबसे ज्यादा विकेट निकालने वाले छठे खिलाड़ी थे, जबकि पर्पल कैप की रेस में यानी सीजन में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में वे 49वें नंबर पर थे। ओवरऑल वह आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट निकालने वाले पांचवें गेंदबाज हैं। उन्होंने 187 विकेट 221 मैचों में निकाले हैं।  

फुटबॉल सेंसेशन आना मारिया मार्कोविच अब अमेरिका की नई लीग में खेलेंगी

वाशिंगटन क्रोएशिया की आना मारिया मार्कोविच सिर्फ फुटबॉल नहीं खेलतीं, बल्कि मैदान पर उनकी हर एंट्री 'फैशन शो' जैसी लगती है. 25 साल की आना सोशल मीडिया पर ‘दुनिया की सबसे खूबसूरत फुटबॉलर’ कही जाती हैं और अब उन्होंने अपने करियर का सबसे बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका की ब्रुकलिन एफसी जॉइन कर ली है. इस डील को और भी खास बना दिया उनकी बहन कीकी मार्कोविच ने, जो उनके साथ इस टीम का हिस्सा बनी हैं. आना मारिया जब मैदान पर उतरती हैं, तो दर्शकों की निगाहें गेंद से ज्यादा उन पर टिक जाती हैं. उनके हर टच में जैसे ग्लैमर और पैशन घुला हो.  फुटबॉलर कम, सुपरमॉडल ज्यादा? आना ने क्लब से जुड़ते हुए कहा, 'यह शहर और क्लब मुझे अलग तरह की ऊर्जा दे रहे हैं. बहन किकी के साथ यह सफर और भी रोमांचक होगा. हम यहां सिर्फ खेलने नहीं, बल्कि असर छोड़ने आए हैं.' स्विट्जरलैंड में पली-बढ़ी आना अब तक एफसी ज्यूरिख, ग्रासहॉपर्स और पुर्तगाल के ब्रागा जैसी टीमों के लिए खेल चुकी हैं. ब्रागा में रहते हुए उन्होंने अपने पार्टनर टोमस रिबेरो के और करीब आने की कोशिश की,लेकिन रिश्तों और करियर की उलझनों के बीच उन्होंने क्लब छोड़ा.उन्होंने एक बार मजाकिया, लेकिन दिल छू लेने वाला वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा था – 'कभी-कभी फुटबॉल से नफरत सी हो जाती है.' बिकिनी में फोटो के बारे में क्या कहती हैं? आना सिर्फ अपनी खूबसूरती की वजह से चर्चा में नहीं हैं. वह क्रोएशियाई राष्ट्रीय टीम की अहम खिलाड़ी हैं और 25 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 2 गोल दाग चुकी हैं. लेकिन कैमरे के सामने उनका आत्मविश्वास, उनके स्टाइलिश आउटफिट्स और सोशल मीडिया पर उनके बिकिनी शॉट्स ही उन्हें अलग पहचान देते हैं. बिकिनी फोटो से लेकर ग्लैमरस शूट्स तक, उनके हर पोस्ट पर लाखों लाइक्स बरसते हैं. हालांकि इसके साथ ही उन्हें अक्सर सेक्सिस्ट कमेंट्स और स्लेजी मैसेज भी झेलने पड़ते हैं. आना का कहना है, 'जब मैं बिकिनी में फोटो डालती हूं तो लोग मुझे जज करते हैं, लेकिन अगर कोई मेल प्लेयर स्विमिंग ट्रंक में फोटो डाले तो उतनी बातें नहीं होतीं.' आना मारिया मार्कोविच एक स्पोर्ट्स आइकन होने के साथ-साथ फैशन और ग्लैमर वर्ल्ड की क्रश भी बन चुकी हैं. इंस्टाग्राम पर उनके बोल्ड फोटोशूट्स अक्सर वायरल रहते हैं. कभी मैदान पर उनके पैरों का जादू, तो कभी उनकी हॉट लुक्स- फैन्स के लिए हर एंगल से वह एक फैंटेसी हैं.

पीएम मोदी पर ट्रंप की तारीफ, चीन यात्रा से पहले बोले- शानदार इंसान हैं मोदी

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के दौरान शांति स्थापित करने में मदद की थी. उन्होंने कहा कि उनके दखल से ही दोनों देश युद्ध के कगार से पीछे हटने को मजबूर हुए. समाचार एजेंसी एएनआई की तरफ जारी वीडियो में डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में रक्षा मंत्री पीट हेक्सेथ के साथ बैठे दिख रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘शानदार व्यक्ति’ बताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें फोन कर साफ शब्दों में कहा था कि अगर हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका भारत पर ट्रेड बैन और भारी टैरिफ लगाएगा. ट्रंप ने क्या किया दावा? डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा, ‘मैं एक बेहद शानदार व्यक्ति से बात रहा था… भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. मैंने पूछा कि आपका पाकिस्तान के साथ क्या चल रहा है? नफरत बहुत ज्यादा थी, यह बहुत लंबे समय से चल रहा रहा. सैकड़ों साल से अलग-अलग नामों के साथ यह जारी है.’ ट्रंप के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे कहा मैं आपके साथ कोई ट्रेड डील नहीं करूंगा. आप लोग परमाणु युद्ध में उलझ जाओगे. मैंने कहा, कल मुझे फिर फ़ोन करना. लेकिन मैं आपके साथ कोई डील नहीं करूंगा या इतना ज्यादा टैरिफ लगाऊंगा कि आपका सिर चकरा जाएगा.’ अमेरिका राष्ट्रपति के अनुसार, उनकी बातचीत के ‘पांच घंटे के भीतर’ ही भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम हुआ और युद्ध जैसी स्थिति टल गई. इससे पहले उन्होंने दावा किया था कि उस दौरान ‘सात विमान गिराए गए थे’. हालांकि पिछले महीने उन्होंने ‘पांच विमान’ गिराए जाने की बात कही थी. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि विमान किस देश के थे. ट्रंप के दावों पर क्या कह रहा भारत? भारत लगातार ट्रंप के इन दावों को खारिज करता आया है. नई दिल्ली का कहना है कि 10 मई को हुई संघर्षविराम घोषणा पूरी तरह द्विपक्षीय थी और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने भारत से संपर्क कर हालात सामान्य करने का आग्रह किया था. भारत ने साफ किया कि इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत पर नई टैरिफ पाबंदियां लागू की हैं. 27 अगस्त से लागू इन टैरिफ के बाद भारतीय उत्पादों पर कुल कर बोझ लगभग 50% तक पहुंच जाएगा. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्रंप का मोदी को ‘शानदार व्यक्ति’ कहना एक तरह से व्यापारिक दबाव को संतुलित करने की रणनीति है. पीएम मोदी के चीन दौरे से पहले बयान के क्या मायने? दिलचस्प यह है कि डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अहम चीन दौरे की तैयारी में हैं. कूटनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि ट्रंप के बयान के पीछे कई संदेश छिपे हैं. ट्रंप जानते हैं कि चीन यात्रा से पहले पीएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित करना एशिया में शक्ति समीकरणों के लिहाज से अहम हो सकता है. डोनाल्ड ट्रंप का ‘मोदी शानदार व्यक्ति हैं’ वाला बयान महज व्यक्तिगत तारीफ नहीं, बल्कि इसमें भू-राजनीति, व्यापारिक दबाव और घरेलू अमेरिकी राजनीति तीनों की झलक मिलती है. अब देखना यह होगा कि पीएम मोदी के चीन दौरे से पहले आए इस बयान के बाद आगे क्या होता है.

कांग्रेस पर बरसीं शोभा करंदलाजे, कहा- मंदिर को धर्मनिरपेक्ष बताना गलत

बेंगलुरु  कर्नाटक सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित लेखिका बानू मुश्ताक को मैसूरू के मशहूर दशहरा उत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए बुलाने के फैसले पर रार छिड़ा हुआ है। यह मामला राज्य में अब कांग्रेस बनाम भाजपा की सियासी लड़ाई बनती जा रही है। अब केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे भी इस राजनीतिक लड़ाई में कूद पड़ी हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा इस आमंत्रण के समर्थन में की गई टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। करंदलाजे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबे पोस्ट में लिखा है, "उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की यह टिप्पणी कि चामुंडेश्वरी मंदिर सिर्फ हिंदुओं की संपत्ति नहीं है, बहुत ही निंदनीय है।" उन्होंने आगे लिखा, “ऐसा लगता है कि वह कांग्रेस आलाकमान को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि कर्नाटक विधानसभा में आरएसएस की प्रार्थना पढ़ने के लिए लगाए गए फटकार की भरपाई कर सकें। कांग्रेस पार्टी का लहजा, तेवर और रुख हमेशा से हिंदू विरोधी और हिंदू हितों के खिलाफ रहा है।” मंदिर 'धर्मनिरपेक्ष स्थान' नहीं केंद्रीय मंत्री ने लिखा है, "जो लोग धर्मनिरपेक्षता का उपदेश देते रहते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि मंदिर 'धर्मनिरपेक्ष स्थान' नहीं हैं, बल्कि वे पवित्र संस्थान हैं जिनका अधिकार हिंदुओं का है।" भाजपा नेता ने लिखा है, “कांग्रेस पार्टी ने अपनी हिंदू विरोधी मानसिकता को बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने बानू मुश्ताक को मैसूर दशहरा के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया, जो खुलेआम हमारे देवताओं को अस्वीकार करती हैं और अब उनके उप-मुख्यमंत्री यह कहने का साहस कर रहे हैं कि चामुंडी हिंदुओं की संपत्ति नहीं है। क्या यही कर्नाटक की आस्था और परंपराओं के प्रति उनका सम्मान है?” चामुंडेश्वरी मंदिर केवल हिंदुओं की संपत्ति नहीं: डीके एक दिन पहले जब इस विवाद पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि मैसुरू स्थित चामुंडी हिल, जहां प्रसिद्ध चामुंडेश्वरी मंदिर स्थित है, केवल हिंदुओं की संपत्ति नहीं है। शिवकुमार ने यह बयान अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित बानू मुश्ताक को इस वर्ष 22 सितंबर को चामुंडी हिल की चोटी पर विश्व प्रसिद्ध 'मैसुरू दशहरा- 2025' समारोह का उद्घाटन करने के लिए दिए गए सरकारी निमंत्रण के विरोध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिया। कांग्रेस के खिलाफ भाजपा ने खोला मोर्चा शिवकुमार ने कहा, ‘‘चामुंडी हिल और देवी चामुंडी हर धर्म की हैं, यह केवल हिंदुओं की संपत्ति नहीं है। सभी समुदायों के लोग चामुंडी हिल जाते हैं और देवी की पूजा करते हैं, यह उनकी आस्था है। हम चर्च, जैन मंदिर, दरगाह, गुरुद्वारे जाते हैं… यह (मुश्ताक का विरोध) पूरी तरह से राजनीति है।’’ शिवकुमार ने कहा था, "हिंदू मंदिरों में अल्पसंख्यक भी जाते हैं। हम मस्जिदों और चर्चों में भी जाते हैं। इसे कौन रोक सकता है?" उनके इस बयान पर विपक्षी दल भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने भी कहा कि चामुंडी पहाड़ी पक्के तौर पर हिंदुओं की संपत्ति है, मुसलमानों की नहीं। मैसुरू के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने भी शिवकुमार के बयान की निंदा की है।

गणेश उत्सव पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री गणेश चतुर्थी पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री सिद्धि विनायक से प्रदेश के नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि गजानन की कृपा से सभी नागरिक सुखमय और आनंद पूर्वक जीवन बिताएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणेश प्रतिमाओं के निर्माण और झांकियों की साज-सज्जा में स्वदेशी के उपयोग की अपेक्षा भी नागरिकों से की है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष श्री गणेश उत्सव में स्वदेशी के उपयोग पर जोर दिया गया है। इस दिशा में सामाजिक स्तर पर भी जागृति देखी जा रही है।    

श्री महाकालेश्वर उज्जैन से इंदौर तक मेट्रो सेवा का ऐलान, पीथमपुर भी जुड़ेगा

भोपाल भोपाल व इंदौर के बाद बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी मेट्रो दौड़ेगी। श्री महाकालेश्वर से इंदौर और पीथमपुर तक मेट्रो रेल चलाई जाएगी। इन तीन शहरों के बीच 84 किलोमीटर का सफर मेट्रो से हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव में श्री महाकालेश्वर, उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो कॉरीडोर के लिए डीपीआर बनाने के लिए परामर्श शुल्क की वित्तीय स्वीकृति दी गई। मेट्रो सिंहस्थ के बाद ही चल पाएगी उज्जैन-पीथमपुर तक मेट्रो चलाने के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसीएल) को दिया गया है। सर्वे का काम सिंहस्थ तक हो जाएगा लेकिन मेट्रो सिंहस्थ के बाद ही चल पाएगी। उज्जैन -इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्री महाकालेश्वर उज्जैन- लवकुश चौराहा इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा इंदौर से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाई जा रही है।   नौ लाख रुपये प्रति किमी की दर पर बनेगी DPR महाराष्ट्र व ओडिशा में मेट्रो की डीपीआर बनाने का काम 12 लाख प्रति किमी पर दिया गया है, लेकिन मप्र में यह काम नौ लाख रुपये प्रति किमी की दर पर किया जाएगा। अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने का कार्य दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपा गया है। देश की सबसे अनुभवी दिल्ली मेट्रो शासकीय कंपनी है। डीपीआर बनाने का कार्य प्रक्रियाधीन वर्तमान में प्रथम चरण के प्रथम भाग की डीपीआर बनाने का कार्य प्रक्रियाधीन है। उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण पर डीपीआर के लिए 4.23 करोड़ रुपये साथ में जीएसटी का व्यय होगा। द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा, इंदौर से पीथमपुर पर डीपीआर के लिए 3.51 करोड़ रुपये व जीएसटी का व्यय होगा।  

वंदे भारत एक्सप्रेस का नया मार्ग, लखनऊ तक के रास्ते में अब ये स्टेशन्स होंगे शामिल

नई दिल्ली लखनऊ तक चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस अब अयोध्या होते हुए वाराणसी तक जाएगी। पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन के संचालन की घोषणा एक माह पूर्व की गई थी। बावजूद इसके, शुरुआती छह दिनों में चेयर कार की लगभग 200 सीटें खाली हैं। वहीं, एग्जिक्यूटिव श्रेणी में 29 अगस्त को सभी सीटें बुक हो चुकी हैं, लेकिन अन्य दिनों में 25 से अधिक सीटें खाली हैं। मेरठ से वाराणसी का किराया रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के प्रति यात्रियों का अपेक्षित रुझान न मिलने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। चेयर कार में 440 और एग्जिक्यूटिव श्रेणी में 52 सीटें हैं। मेरठ से वाराणसी तक किराया क्रमशः 1915 और 3525 रुपये है, जिसमें खानपान का खर्च भी शामिल है।   क्या है यात्रियों की समस्या? यात्रियों का कहना है कि ट्रेन का टाइम टेबल इसकी सबसे बड़ी समस्या है। वर्तमान में यह दिन में 782 किलोमीटर की दूरी 11 घंटे 50 मिनट में तय करती है। सप्ताह में छह दिन चलने वाली इस ट्रेन को लखनऊ और मेरठ आउटर पर प्लेटफार्म उपलब्ध न होने के कारण रोकना पड़ता है। यात्रियों की मांग है कि इसे रात में चलाया जाए और स्लीपर जैसी सोने की सुविधा दी जाए, ताकि सुबह तक गंतव्य पहुंचना संभव हो सके।

हरियाणा कैबिनेट की बैठक 28 अगस्त को, कई बड़े फैसलों पर लगेगी मुहर

चंडीगढ़  हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आगामी 28 अगस्त को सुबह 11 बजे हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ की चौथी मंजिल पर आयोजित की जाएगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब राज्य सरकार कई अहम मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में विकास परियोजनाओं, जनकल्याण योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों को लेकर बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान राज्य में चल रही वर्तमान योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और नई योजनाओं को मंजूरी मिलने की भी संभावना है। हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के मद्देनजर यह बैठक और भी अहम मानी जा रही है। सभी मंत्रीगण बैठक में मौजूद रहेंगे और अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रस्तावों, चुनौतियों और उपलब्धियों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।  बैठक में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा विकास जैसे जनहित से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में यह सरकार का पहला कार्यकाल है और ऐसी बैठकें उनकी कार्यशैली, नीतिगत प्राथमिकताओं और सुशासन के दृष्टिकोण को उजागर करेंगी।

सरकारी राशन में गड़बड़ी, मध्यप्रदेश के एक जिले में 21 हजार लोगों ने फ्री राशन का गलत फायदा उठाया

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक अजब-गजब मामला सामने आया है. प्रशासन की जांच में सैकड़ों ऐसे लोग सामने आए हैं जो बीपीएल कार्ड के लिए पात्र नहीं हैं, फिर भी वर्षों से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) कार्ड बनवाकर इसका लाभ ले रहे थे. सरकार की जांच में पता चला कि ये लोग गरीबों का राशन लेते हुए आलीशान मकानों में रहते हैं, नौकरीपेशा हैं या बिजनेसमैन हैं. गुना और छतरपुर में ऐसे लोगों की पहचान कर स्थानीय प्रशासन अब इन्हें अपात्र घोषित कर रहा है. सबसे पहले गुना की बात करें, जो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का संसदीय क्षेत्र है. गुना जिले में 1404 ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई है जो लखपति होने के बावजूद मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं. जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से अधिकांश हितग्राहियों के परिजन आर्थिक रूप से समृद्ध हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में वे गरीब बने हुए हैं. इनमें से कुछ लोग कंपनियों में डायरेक्टर जैसे बड़े पदों पर हैं, परिवार की सालाना आय 6 लाख से अधिक है, तीन मंजिला मकान हैं, और उनके नाम पर फर्म रजिस्टर्ड है, फिर भी कागजों में वे गरीब हैं. केस स्टडी-1 गुना के वार्ड नंबर 18 की दुकान से सरकारी राशन लेने वाली अनीता जैन ने बताया कि उनके परिवार में 3 सदस्य हैं. पहले वे राशन लेते थे, लेकिन पिछले दो वर्षों से इसे बंद कर दिया है. उनके पति विजय जैन अनाज का व्यापार करते हैं और कृषि मंडी में उनकी दुकान है.   जैन परिवार अनाज व्यापारी है, जिसका सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है. विजय जैन ने बताया कि पहले उनकी आर्थिक स्थिति खराब थी. परिवार में 4 सदस्य हैं और वे मंडी में अनाज का व्यापार करते हैं. उनकी पत्नी अनीता जैन के नाम से राशन लिया जाता था, लेकिन अब नहीं लेते.   नीलम जैन, गुना चाचौड़ा निवासी मुकेश जैन का भी कारोबार है, जिनकी सालाना आय 25 लाख से अधिक है और वे GST भी भरते हैं. परिवार में चार सदस्य हैं, फिर भी वे बीपीएल राशन कार्ड से सरकारी दुकान से गेहूं, चावल और नमक लेते हैं.   राघौगढ़ के अहीरखेड़ी निवासी भगवानलाल भी जीएसटी भरते हैं और परिवार में 6 सदस्य हैं. वे सरकारी राशन दुकान से चावल और गेहूं लेते हैं. 11 जून को गीता बाई ने तीन महीने के राशन में प्रति माह 2 किलो गेहूं और 3-3 किलो चावल लिया. परिवार के अन्य सदस्य दीवान सिंह ने 26 जून को तीन महीने का 8-8 किलो गेहूं और 12-12 किलो चावल लिया.   बमोरी के धर्मेंद्र लोधी के परिवार में पांच सदस्य हैं. व्यापार के कारण उनकी आमदनी 6 लाख से अधिक है, लेकिन हितग्राही जानकी बाई ने बायोमेट्रिक सिस्टम से 8-8 किलो गेहूं और 12-12 किलो चावल लिया. उनका सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपये है. गुना के जिला आपूर्ति अधिकारी अवधेश पांडे ने बताया कि शासन से 1404 संदिग्ध हितग्राहियों की सूची प्राप्त हुई थी. लाखों रुपये के टर्नओवर के बावजूद मुफ्त राशन लेने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं और उनसे जवाब मांगा गया है. जवाब मिलने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनके नाम बीपीएल सूची से हटाए जाएंगे. लेकिन गुना अकेला शहर नहीं है जहां अमीर लोग बीपीएल कार्ड के लिए खुद को गरीब बता रहे हैं. बुंदेलखंड के छतरपुर में भी प्रशासन ने ऐसे लोगों को चिह्नित किया है जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, लेकिन सरकारी कागजों में गरीब हैं. छतरपुर जिले में खाद्य विभाग ने 21 हजार अपात्र लोगों को नोटिस भेजा है, जिनमें कई सरकारी कर्मचारी और शिक्षक शामिल हैं.   केस स्टडी-2 छतरपुर के प्राथमिक शाला कछयान पुरवा के शिक्षक रामप्रताप चतुर्वेदी से पूछा कि वे सरकारी राशन ले रहे थे और खाद्य विभाग ने उन्हें नोटिस भेजा है, तो कैमरा और सवाल सुनते ही शिक्षक कुर्सी छोड़कर भाग गए और बोले, ''हमें कुछ नहीं बताना.''  रामप्रताप चतुर्वेदी, शासकीय शिक्षक, छतरपुर जांच में पता चला कि कई सरकारी शिक्षकों ने झूठ बोला कि उन्होंने राशन लेने से इनकार का आवेदन पहले ही जमा कर दिया था, लेकिन उनका नाम नहीं हटा. हालांकि, खाद्य विभाग के अधिकारियों ने दस्तावेज दिखाए, जिनमें शिक्षक लखनलाल सेन और रामप्रताप चतुर्वेदी ने हाल तक सरकारी राशन लिया और उनके अंगूठे के निशान बायोमेट्रिक मशीन में दर्ज हैं. खाद्य अधिकारी सीताराम कोठारे ने कहा कि राशन पर्ची निरस्त होगी और लगातार राशन ले रहे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.   नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सरकार को घेरा कांग्रेस ने इस मामले में सवाल उठाए. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार के पास शायद ऐसा मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं है जो रसूखदारों को बीपीएल डेटा से छांट सके. उन्होंने कहा कि अमीरों द्वारा बीपीएल कार्ड बनवाना दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार को तुरंत इसकी जांच करनी चाहिए.   गरीब का अन्न चुराना सबसे बड़ा गुनाह: सिंधिया वहीं, सरकार ने भी अपना पक्ष रखा. केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हैरानी जताते हुए कहा कि गरीब का अन्न चुराना सबसे बड़ा गुनाह है और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी. कार्ड निरस्त किए जाएंगे: मंत्री विश्वास सारंग मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कोई भी अपात्र बीपीएल कार्ड धारक हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और कार्ड निरस्त किए जाएंगे.   बहराहल, सरकार की जांच से हकीकत सामने आई है, लेकिन अब देखना यह है कि क्या कड़ी कार्रवाई होगी या 'लखपति गरीबों' की यह फौज गरीबों का हक मारकर बच निकलेगी.

सेना अधिकारी पर कार्रवाई, स्पाइसजेट कर्मचारियों पर हमले के बाद नो-फ्लाई लिस्ट में डाला गया

नई दिल्ली श्रीनगर हवाई अड्डे पर 26 जुलाई को स्पाइसजेट कर्मचारियों पर हमला करने के आरोपी एक वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारी को एयरलाइन ने पांच साल के लिए अपनी 'नो-फ्लाई' सूची में डाल दिया है। इस घटना से जुड़े दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया, "एयरलाइन कर्मचारियों पर हमला करने वाले यात्री को अशांत घोषित किया गया है और उसे स्पाइसजेट की नो-फ्लाई सूची में शामिल करने का फैसला लिया गया है। वह अगले पांच साल तक स्पाइसजेट की किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ान में यात्रा नहीं कर पाएंगे।" दूसरे अधिकारी ने बताया कि यह निर्णय नागरिक उड्डयन नियमों (सीएआर) के तहत गठित समिति ने लिया, जिसने यात्री पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी। कश्मीर में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के इस अधिकारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। स्पाइसजेट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में इस घटना को "हत्यारा हमला" करार दिया था। क्या है पूरा मामला? यह घटना 26 जुलाई को श्रीनगर से दिल्ली जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान एसजी 386 के बोर्डिंग गेट पर हुई। विवाद तब शुरू हुआ जब बोर्डिंग के दौरान अतिरिक्त सामान शुल्क के भुगतान को लेकर असहमति हुई। एयरलाइन के अनुसार, अधिकारी के पास दो केबिन बैग थे, जिनका कुल वजन 16 किलोग्राम था, जो कि अनुमति सीमा 7 किलोग्राम से दोगुना था। एयरलाइन ने बताया कि यात्री ने नियमों का पालन करने से इनकार कर दिया और बिना बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी किए जबरन एयरोब्रिज में प्रवेश कर गया, जो कि विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। इसके बाद, एक सीआईएसएफ अधिकारी ने उसे वापस गेट पर लाया। एयरलाइन के बयान के अनुसार, "गेट पर, यात्री तेजी से आक्रामक हो गया और उसने स्पाइसजेट के चार ग्राउंड स्टाफ सदस्यों पर शारीरिक हमला किया।" इस हमले में कर्मचारियों को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर और जबड़े की चोटें आईं। 3 अगस्त को इस घटना का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें अधिकारी को कतार स्टैंड से कर्मचारियों पर हमला करते देखा गया। नागरिक उड्डयन नियम विमानन नियमों के अनुसार, अशांत व्यवहार करने वाले यात्रियों पर तीन महीने, छह महीने या गंभीर मामलों में न्यूनतम दो साल या उससे अधिक समय के लिए नो-फ्लाई प्रतिबंध लगाया जा सकता है। नियमों के तहत, प्रभावित यात्री 60 दिनों के भीतर एक अपीलीय समिति के समक्ष अपील कर सकते हैं, जिसमें एक सेवानिवृत्त जिला या सत्र न्यायाधीश, दूसरी एयरलाइन का प्रतिनिधि और एक यात्री या उपभोक्ता वकालत समूह का सदस्य शामिल होता है। समिति को 30 दिनों के भीतर मामले का फैसला करना होता है, और उसका निर्णय एयरलाइन पर बाध्यकारी होता है। नो-फ्लाई सूची के आंकड़े 5 अगस्त को राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में भारत ने 379 यात्रियों को नो-फ्लाई सूची में डाला है, जिसमें इस साल 30 जुलाई तक 48 लोग शामिल किए गए। 2020 में केवल 10 लोग इस सूची में थे, जबकि 2021 में 66, 2022 में 63, और 2023 में 110 लोग इस सूची में शामिल किए गए, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। 2024 में यह संख्या घटकर 82 रही। स्पाइसजेट की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।