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ममता बनर्जी ने कहा, PM को मेरी कुर्सी का सम्मान वैसा ही रखना चाहिए

कोलकाता  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर ताजा हमला बोलते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उन्हें उनसे (मोदी से) कभी यह उम्मीद नहीं थी कि वे उनकी कुर्सी का अनादर करने के साथ-साथ राज्य के लोगों को ‘चोर’ बताकर पूरे प्रांत का अपमान करेंगे। उन्होंने यह बयान पीएम मोदी की हालिया टिप्पणियों के संदर्भ में दिया। पूर्व बर्धमान जिले के बर्धमान शहर में लोगों के बीच सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ वितरित करने के लिए आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में बनर्जी ने मोदी की टिप्पणी को पश्चिम बंगाल के लोगों का ‘अपमान’ बताया और केंद्रीय धन के आवंटन पर रोक लगाने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राज्य के खजाने पर ‘भारी बोझ’ पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'प्रधानमंत्री को मेरी कुर्सी का उतना ही सम्मान करना चाहिए जितना मैं उनकी कुर्सी का करती हूं। मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि वे पश्चिम बंगाल के लोगों को ‘चोर' कहेंगे।' बनर्जी ने दावा किया, 'सच तो यह है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार की तथाकथित ‘डबल इंजन’ वाली भाजपा सरकारों के कामकाज पर आंखें मूंद ली हैं, जहां भ्रष्टाचार अपने चरम पर है।' बनर्जी ने आरोप लगाया कि हर बार जब चुनाव आता है तो मोदी प्रवासी पक्षी की तरह पश्चिम बंगाल आते हैं। बनर्जी ने दावा किया कि राज्य प्रशासन ने कल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्रीय धन के उपयोग के बारे में केंद्र सरकार के सभी प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दे दिया है। बनर्जी ने कहा, 'हमने आपके सभी प्रश्नों के उत्तर दे दिए हैं, फिर भी आप धन का वितरण रोक रहे हैं और पश्चिम बंगाल को ‘चोर’ कह रहे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल में 186 केंद्रीय टीमें भेजीं और उन्हें कुछ नहीं मिला। एक छात्र सभी प्रश्नों के उत्तर देने के बाद शून्य अंक प्राप्त करना कैसे स्वीकार कर सकता है? हम इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।' कोलकाता में 22 अगस्त को एक जनसभा में मोदी ने कहा था कि ‘भ्रष्टाचार, अपराध और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे के पर्याय हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया था, 'केंद्र द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा जाने वाला धन लोगों तक नहीं पहुंचता, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उसे खा जाते हैं।'  

यात्रा में हादसा: वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से 5 लोगों की जान गई

जम्मू-श्रीनगर माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग में बड़ा हादसा हो गया है। खबर है कि भूस्खलन के चलते 5 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश का दौर जारी है। हाल ही में भारी बारिश के चलते यात्रा को अगले आदेश तक रोक दिया गया था। साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी रेड अलर्ट जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अर्द्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास बचावकार्य जारी है। घटना दोपहर 3 बजे घटी। खास बात है कि यात्रा को सुबह ही रोक दिया गया था, लेकिन पुराने मार्ग पर दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक यह जारी थी। हालांकि, बाद में इसपर भी खराब मौसम के चलते अस्थाई रूप से रोक लगा दी गई थी। जम्मू में बीते तीन दिनों से लगातार बारिश जारी है। अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक जाने वाले 12 किलोमीटर के घुमावदार रास्ते के लगभग आधे रास्ते पर यह घटना हुई। गंभीर हैं जम्मू में हालात मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि भारी बारिश के बाद जम्मू के विभिन्न हिस्सों में स्थिति काफी गंभीर है और उन्होंने प्रशासन को हाई अलर्ट बनाए रखने का निर्देश दिया। जम्मू में भारी बारिश के कारण तीन लोगों की मौत हो गई तथा दो दर्जन से अधिक मकान और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। जम्मू में लगभग सभी जलाशय खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जिससे शहर और अन्य स्थानों पर कई निचले इलाके और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात स्थगित कर दिया गया है, जबकि दर्जनों पहाड़ी सड़कें भूस्खलन या अचानक आई बाढ़ के कारण अवरुद्ध हो गई हैं या क्षतिग्रस्त हो गई हैं।  

मूसलधार बारिश ने बस्तर में मचाई तबाही, कई गांवों में संपर्क बाधित

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले 12 घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे नेशनल हाइवे-30 बंद हो गया है। केशलूर के पास सड़क पर 2-3 फीट पानी बह रहा है, जिससे सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। सुकमा के झीरम नाले में एक कार बह गई, लेकिन ग्रामीणों ने चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया। बीजापुर में भी एक पिकअप वाहन बाढ़ में फंसा, पर सभी यात्री सुरक्षित हैं। इंद्रावती, शंखनी, और डंकनी नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर है, जिससे कई गांव टापू बन गए हैं। मूसलाधार बारिश: चेरपाल में बाढ़ से 100 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा बीजापुर जिले में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते चेरपाल नदी में आई बाढ़ की वजह से करीब 100 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। बाढ़ के कारण आवागमन बंद है। जानकारी के मुताबिक चेरपाल नदी में रपटा पार करते समय एक ग्रामीण के बह जाने की खबर भी सामने आई है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया है। उफनती नदी और लगातार बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया हैं।   नदी के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। एहतियातन नदी के किनारे बसे घरों को खाली करवाया जा रहा है और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के आसपास न जाएं। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने और अफवाहों से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 24 घंटों में और अधिक बारिश की संभावना जताई जा रही है। वही दूसरी ओर इंद्रावती नदी के मरकापाल घाट में फंसे ग्रामीण कृष्णा जुर्री को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू सकुशल निकाल लिया है। बीजापुर जिले में बारिश की स्थिति बीजापुर जिले के विभिन्न तहसीलों में औसत वार्षिक वर्षा की स्थिति पर नजर डाले तो बीजापुर: 74.5% गंगालूर : 80.2% भैरमगढ़: 68.3% कुटरू : 75.2% भोपालपटनम: 50.5% उसूर: 72.7% वही जिले में हुई औसत वर्षा अब तक वर्षा का 70.6% दर्ज किया गया है। इंद्रावती नदी का जलस्तर वर्तमान जलस्तर: 5.520 मीटर खतरे का स्तर: 12.50 मीटर मापा गया है। सबसे ज्यादा बारिश बारसूर तहसील में, गीदम-बारसूर मार्ग पर पुल हुआ ध्वस्त     दंतेवाड़ा में सोमवार की रात से हो रही लगातार बारिश से दक्षिण बस्तर में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा 2 सेमी बारिश बारसूर तहसील में दर्ज की गई है। इस बारिश की वजह से बारसूर-चित्रकोट मार्ग और गीदम-बारसूर मार्ग जगह-जगह बाधित हो गया है।     गीदम-बारसूर मार्ग पर राम मंदिर के पास गणेश बहार नाला का पुल घन्टो बाढ़ में डूबा रहा, जिससे पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। पुल का एक स्पॉन टूटने की वजह से स्टेट हाइवे पर आवाजाही ठप हो गई है।     इसी जगह पर सुबह दंतेवाड़ा से नारायपुर लौट रहा सीएएफ का जवान भूषण सेठिया बाइक समेत नाले में बह गया।     कुछ दूरी पर जाकर उसने एक पेड़ को पकड़ लिया, लेकिन तेज बहाव की वजह से करीब 3 घन्टे तक वहां फंसा रहा। कलेक्टर कुणाल दुदावत को सूचना मिलने पर उन्होंने तत्काल एसडीआरएफ की टीम को रवाना किया। बारसूर थाना की तरफ से भी पुलिस की टीम पहुंची।     एसडीआरएफ व पुलिस के जवानों ने मिलकर बाढ़ में फंसे जवान भूषण सेठिया को बड़ी मशक्कत से सुरक्षित निकाल लिया।     भूषण की पोस्टिंग सीएएफ 9 वीं बटालियन मुख्यालय कारली में है, जहां से वह मंगलवार की सुबह हरितालिका तीज मनाने नारायणपुर जिला स्थित अपने गांव के लिए बाइक पर रवाना हुआ बारसूर-गीदम के बीच राम मंदिर के पास गणेश बहार नाला में पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, जिसे पार करने की कोशिश में आरक्षक बाइक समेत नाला के तेज बहाव में बह गया। जिला प्रशासन, पुलिस व एसडीआरएफ की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी। 

भारत-जापान के बीच खास दोस्ताना रिश्ता, पीएम मोदी ने बताया ‘मेड फॉर ईच अदर’

अहमदाबाद  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात में मारुति सुजुकी ई-विटारा इलेक्ट्रिक एसयूवी और हाइब्रिड बैटरी यूनिट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत और जापान के मजबूत संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते 'मेड फॉर ईच अदर' वाले हैं। भारत-जापान के बीच 'पीपल टू पीपल' कनेक्ट बढ़ा है। स्किल और ह्यूमन रिसोर्स से जुड़ी एक-दूसरे की जरूरतों को भी हम पूरा कर पा रहे हैं। आने वाले वर्षों में सभी प्रमुख क्षेत्रों में निरंतर प्रगति की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आज के प्रयास 2047 तक एक विकसित भारत की नींव मजबूत करेंगे। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त करते हुए समापन किया कि जापान इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि वह अगले हफ्ते जापान जाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत और जापान के बीच संबंध सिर्फ कूटनीतिक संबंधों से कहीं आगे तक फैले हैं, यह संस्कृति और आपसी विश्वास पर आधारित है। दोनों देश एक-दूसरे के विकास में अपनी प्रगति देखते हैं। मारुति सुजुकी के साथ शुरू हुआ सफर अब बुलेट ट्रेन की गति तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भारत-जापान साझेदारी की औद्योगिक क्षमता को साकार करने की प्रमुख पहल गुजरात में शुरू हुई थी। अतीत को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 20 साल पहले जब वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन शुरू हुआ था, तब जापान एक प्रमुख साझेदार था। उद्योग से जुड़े नियम और कानून जापानी भाषा में छपवाए गए, ताकि उन्हें समझना आसान हो। उन्होंने गोल्फ के प्रति जापानियों के लगाव की सराहना की और बताया कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए 7-8 नए गोल्फ कोर्स विकसित किए गए हैं। पीएम मोदी ने आगे बताया कि भारत के कॉलेज और विश्वविद्यालय अब जापानी भाषा की शिक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत के निरंतर प्रयास भारत और जापान के लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत कर रहे हैं। दोनों देश अब कौशल विकास और मानव संसाधन के क्षेत्र में एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं।" उन्होंने मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों से ऐसी पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने और युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। ओसामु सुजुकी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार को उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित करने का गौरव प्राप्त हुआ था। उन्हें मारुति सुजुकी इंडिया के लिए ओसामु सुजुकी के विजन के व्यापक विस्तार को देखकर प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने बताया कि सुजुकी जापान भारत में निर्माण कर रही है और यहां उत्पादित वाहनों का निर्यात जापान को किया जा रहा है। यह न सिर्फ भारत-जापान संबंधों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक कंपनियों के भारत में बढ़ते विश्वास को भी दर्शाता है। मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां प्रभावी रूप से 'मेक इन इंडिया' की ब्रांड एंबेसडर बन गई हैं। यह उल्लेख करते हुए कि मारुति सुजुकी लगातार 4 वर्षों से भारत की सबसे बड़ी कार निर्यातक रही है, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि आज से इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात भी उसी पैमाने पर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के दर्जनों देशों में चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर गर्व से 'मेड इन इंडिया' का लेबल लगा होगा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा, "भारत के पास डेमोक्रेसी की मजबूती और डेमोग्राफी का लाभ है। भारत में कुशल कार्यबल का एक विशाल भंडार भी है, जो प्रत्येक भागीदार के लिए जीत की स्थिति पैदा करता है।" भारत की सफलता की कहानी के बीज 12-13 साल पहले बोए गए थे। यह याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2012 में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हंसलपुर में मारुति सुजुकी को जमीन आवंटित की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उस समय भी, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का विजन था। उन्होंने कहा कि वे शुरुआती प्रयास अब देश के वर्तमान संकल्पों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के अभियान को सभी मिलकर आगे बढ़ाएं और वोकल फॉर लोकल बनें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी चीजें ही जीवन मंत्र बननी चाहिए। गर्व से स्वदेशी चीजों की तरफ चल पड़ो। उन्होंने कहा, "मेरी स्वदेशी की व्याख्या बहुत साधारण है। पैसा किसका लगता है, उससे मुझे कोई लेना-देना नहीं है। चाहे वह डॉलर हो, पाउंड हो या करेंसी काली हो या गोरी, इससे लेना-देना नहीं है, लेकिन जो प्रोडक्शन है, उसमें पसीना मेरे देशवासियों का होगा। जो प्रोडक्शन होगा, उसमें महक मेरे देश की मिट्टी की होगी। इस भाव के साथ मेरे साथ चलें और 2047 में ऐसा हिंदुस्तान बनाएं कि आने वाली पीढ़ियां आपके त्याग का गर्व करेंगी। आपके योगदान का गर्व करेंगी।" प्रधानमंत्री ने सबसे आखिरी में कहा, "आत्मनिर्भर भारत के मंत्र और स्वदेशी के मार्ग के लिए आज देशवासियों को न्योता देता हूं कि आइए, सभी चल पड़ें और 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे। दुनिया की भलाई में भारत का योगदान बढ़ाते रहेंगे।"

जल संसाधन मंत्री सिलावट कहा- सतत निगरानी के साथ करें सभी सुरक्षात्मक उपाय

भोपाल   जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रदेश में अब तक हुई बारिश से जलसंरचनाओं में जल भराव की स्थिति अच्छी है। विभागीय अधिकारी जल संरचनाओं की सतत निगरानी एवं अनवरत कार्य करते हुए सभी सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। बांधों में पानी छोड़ने की सूचना सभी संबंधितों एवं आमजन को समय से पूर्व उपलब्ध कराएं। मंत्री श्री सिलावट ने मंगलवार को मुख्य अभियंता बोधी कार्यालय स्थित राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्रदेश में वर्षा और जलाशयों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मुख्य अभियंता बोधी परियोजना, अधीक्षक यंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में बारिश की स्थिति अच्छी है. इस मानसून में मध्यप्रदेश में आज दिनांक तक 905.30 मि.मी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश में औसत वर्षा से 23 प्रतिशत अधिक है। राज्य के पूर्वी हिस्से में औसत से 25 प्रतिशत अधिक एवं पश्चिमी हिस्से में औसत से 22 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। विगत वर्ष आज की स्थिति में मध्यप्रदेश में वास्तविक वर्षा 840.70 मिलीमीटर दर्ज हुई थी, जो कि प्रदेश की औसत वर्षा से 14 प्रतिशत अधिक थी। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जल भराव की स्थिति भी अच्छी है। विगत वर्ष आज दिनांक की स्थिति में प्रदेश के प्रमुख बांधों में लगभग 82.23 प्रतिशत औसत जल भराव था, जबकि इस वर्षाकाल में अच्छी बारिश के चलते प्रदेश के प्रमुख बांधों में 83.65 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। प्रदेश के 17 बांधों के जल द्वार खोले जा चुके हैं। प्रदेश के सभी प्रमुख बेसिन में बांधों के जल ग्रहण क्षेत्र में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी वर्षा के पूर्वानुमान, पानी की आवक और बांधों के गवर्निंग लेवल के दृष्टिगत गेटों का संचालन किया जा रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। रिजर्वायर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम में चिन्हित प्रदेश के 286 प्रमुख बांधों में से 145 बांधों में 90 प्रतिशत से अधिक, 32 बांधों में 75 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक तथा 45 बांधों में 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक जल भराव हो चुका है। इसी प्रकार 27 बांधों में 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक, 14 बांधों में 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक तथा शेष प्रमुख बांधों में 10 प्रतिशत से कम जल भरा हुआ है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के प्रमुख 17 बांधों के द्वार खोले जा चुके हैं। बरगी जबलपुर बांध के 9, बानसुजारा टीकमगढ़ का 1, धोलाबाड़ टैंक रतलाम का 1, बिलगांव डिंडोरी के 2, इंदिरा सागर खंडवा के 12, महान सीधी के 6, कुटनी छतरपुर के 2, महुअर शिवपुरी के 2, मोहिनी पिकअप वियर शिवपुरी के 1, ओंकारेश्वर के 9, पगारा मुरैना के 2, पगरा फीडर सागर का 1, पवई पन्ना का 1, राजघाट अशोकनगर के 3, तवा नर्मदापुरम के 3, थावर मंडला का 2 तथा अपर ककेटो श्योपुर का 1 गेट खोले जा चुके हैं। बाँधों के जल ग्रहण क्षेत्र में वर्षा के पूर्वानुमान एवं जल आवक के अनुसार निकासी की जा रही है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। जल निकासी की निरंतर आमजन और सभी संबंधितों को समय से पूर्व सूचना दी जा रही है। नदी बेसिन में जलभराव की स्थिति         नर्मदा बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में औसत से अधिक वर्षा दर्ज होने से लगभग सभी बाँधों में जल भराव की स्थिति सामान्य से अधिक है। जबलपुर जिले में बरगी बांध 100.16 प्रतिशत, रायसेन जिले में बारना 95.60 प्रतिशत, नर्मदापुरम में तवा बांध 93.87 प्रतिशत, सीहोर में कोलार बांध 69.26 प्रतिशत, खंडवा में इंदिरा सागर बांध 86.1 प्रतिशत एवं ओंकारेश्वर बांध 92.64 प्रतिशत भर चुका है।         प्रदेश के गंगा बेसिन अंतर्गत निर्मित बड़ी परियोजनाओं में शहडोल स्थित बाणसागर में 96.44 प्रतिशत एवं सीधी स्थित महान बांध में 92.03 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बाणसागर बॉध के जलग्रहण क्षेत्र में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई।         वैनगंगा बेसिन अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख बांधो में पेंच छिंदवाड़ा में 85.74 प्रतिशत, संजय सरोवर सिवनी में 83.08 प्रतिशत एवं बालाघाट स्थित राजीव सागर में 44.54 प्रतिशत जल भराव है।         माही एवं ताप्ती बेसिन में प्रमुख बांध पारसडोह 85.03 प्रतिशत, माही मेन और माही सब्सिडरी बांध में क्रमश: 70.87 प्रतिशत एवं 28.25 प्रतिशत जल भराव हुआ है।         बेतवा बेसिन बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधो में भोपाल जिले में स्थित केरवा एवं कलियासोत बांध में क्रमश: 54.70 एवं 63.67 प्रतिशत जल भराव की स्थिति है। सम्राट अशोक सागर हलाली 86.91 प्रतिशत, संजय सागर बांध 93.41 प्रतिशत और राजघाट 81.83 प्रतिशत भर चुके हैं।         चंबल बेसिन में गांधी सागर बांध 58.4 प्रतिशत, मोहनपुरा 91.27 प्रतिशत और कुण्डलिया 60.24 प्रतिशत भर गए हैं।         प्रदेश के शेष बेसिन जैसे सिंध, केन, धसान में भी बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में माह जुलाई में अत्यधिक वर्षा दर्ज हुई है। प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर, टीकमगढ़, निवारी जिलों में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई। धसान बेसिन में बाणसुजारा बांध 77.41 प्रतिशत एवं पन्ना में पवई बांध 62.38 प्रतिशत जलभराव में है।         इसी प्रकार ग्वालियर-चंबल संभाग में दतिया, भिण्ड, शिवपुरी, श्योपुर, एवं अशोक नगर मे भी भारी वर्षा दर्ज की गई। सिंध बेसिन पर स्थित आवदा बांध 100 प्रतिशत, हरसी 104.01 प्रतिशत, अपर काकेटो 76.59 प्रतिशत, काकेटो 101.37 प्रतिशत, मड़ीखेड़ा 90.49 प्रतिशत, मोहिनी पिकअपवेयर 75.59 प्रतिशत जल भराव की स्थिति में हैं।  

अमेरिका ने जारी किया टैरिफ मसौदा, भारतीय कारोबार पर 27 अगस्त से दिखेगा असर

वाशिंगटन  अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पहले की गई घोषणा के अनुसार भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की योजना का विवरण देते हुए एक मसौदा नोटिस जारी किया है। ये शुल्क 27 अगस्त यानी बुधवार से लागू होंगे। गृह मंत्रालय ने सोमवार को प्रकाशित मसौदा आदेश में कहा कि बढ़ा हुआ शुल्क उन भारतीय उत्पादों पर लागू होगा जिन्हें 27 अगस्त 2025 को ‘ईस्टर्न डेलाइट टाइम' (ईडीटी) के अनुसार रात 12 बजकर एक मिनट या उसके बाद उपभोग के लिए (देश में) लाया गया है या गोदाम से निकाला गया है।'' ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना करके 50 प्रतिशत करने की सात अगस्त को घोषणा की थी हालांकि उन्होंने समझौते पर बातचीत के लिए 21 दिन का समय दिया था। यह शुल्क जुलाई के अंत में घोषित 25 प्रतिशत शुल्क के अलावा लगाया जाएगा। जुलाई में घोषित किया गया शुल्क सात अगस्त से लागू हुआ था। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस' की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत पर प्रतिबंध लगाए हैं।   अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत पर रूसी तेल की खरीद के बाद उसे दोबारा बाजार में बेचकर ‘‘मुनाफा'' कमाने का आरोप लगाया है। वहीं भारत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्कों को ‘‘अनुचित और असंगत'' बताया है। भारत ने कहा है कि हर बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह वह भी अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।  

मुख्यमंत्री साय ने ओसाका की एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए किया आमंत्रित

राज्य में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा  होगी स्थापित: कृषि मूल्य शृंखला और रोजगार को मिलेगा नया आयाम रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका स्थित एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कंपनी को छत्तीसगढ़ में अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई तथा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल कृषि मूल्य शृंखलाओं को मज़बूत करेंगी बल्कि उच्च-तकनीकी विनिर्माण को भी प्रोत्साहित करेंगी और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नए रोजगार अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण, सुगम प्रक्रिया और प्रत्येक स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि एसएएस सानवा कंपनी लिमिटेड की प्रस्तावित खाद्य प्रसंस्करण इकाई से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को नई मजबूती प्राप्त होगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधा राज्य को उच्च-तकनीकी उत्पादन का नया केंद्र बनाएगी और युवाओं को आधुनिक उद्योगों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि ये निवेश परियोजनाएँ आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उद्योग और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समृद्धि, युवाओं का भविष्य और निवेशकों का विश्वास है, और इसी संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

श्रमिकों के बच्चों की आधुनिक शिक्षा के लिए पारदर्शी व रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी संभव- सीएम

– प्रदेश में 57 मुख्यमंत्री अभ्युदय और कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना का कार्य जारी- सीएम योगी – सीएम योगी ने ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’, औद्योगिक न्यायाधिकरण वेबसाइट और ई-कोर्ट पोर्टल की भी शुरुआत की लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित “रोजगार महाकुंभ 2025” के अवसर पर अटल आवासीय विद्यालयों के लिए एकीकृत निगरानी प्रणाली (Integrated Monitoring System Portal) का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों की गतिविधियों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल श्रमिकों के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अनुशासित शिक्षा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। विद्यालयों के सभी क्रियाकलापों की हो सकेगी डिजिटल निगरानी  अटल कमांड सेंटर आधारित ERP प्रणाली के माध्यम से विद्यालयों के सभी क्रियाकलापों की डिजिटल निगरानी शुरू की गई है। इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं हैं: 1.     उपस्थिति प्रबंधन : छात्र-छात्राओं और स्टाफ की दैनिक उपस्थिति रीयल-टाइम में अद्यतन होगी। 2.     शैक्षणिक निगरानी: छात्रों की प्रोफाइल, प्रगति, परीक्षा परिणाम और रिपोर्ट कार्ड ERP पर उपलब्ध होंगे, साथ ही कमांड सेंटर से शिक्षण गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी। 3.     स्टाफ प्रोफाइल: शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण जुड़ा होगा, जो जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करेगा। 4.     वित्तीय प्रबंधन: व्यय, बजट और बिलिंग की पारदर्शी जानकारी ERP पर दर्ज होगी। 5.     CCTV एकीकरण: विद्यालयों के सीसीटीवी को ERP से जोड़ा गया है, जिससे अटल कमांड सेंटर से लाइव निगरानी संभव होगी, सुरक्षा और अनुशासन को बढ़ाएगी। 6.     छात्र प्रोफाइल : प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत जानकारी और प्रगति का समग्र मूल्यांकन कमांड सेंटर से होगा। सीएम ने कहा कि यह प्रणाली 18,000 बच्चों को निशुल्क लॉजिंग, फीडिंग और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने वाले अटल आवासीय विद्यालयों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। बीओसी बोर्ड से जुड़े श्रमिकों के बच्चों के लिए वरदान है अटल आवासीय विद्यालय- सीएम  सीएम ने कहा कि अटल आवासीय विद्याल बीओसी बोर्ड से जुड़े श्रमिकों के बच्चों के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि श्रमिक अपना पसीना बहाकर दूसरों के लिए घर और स्कूल बनाता था, लेकिन उसका अपना बच्चा पढ़ नहीं पाता था। यह पीड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी, जिसे पूरा करने के लिए श्रम और सेवायोजन मंत्रालय ने 18 आवासीय विद्यालय शुरू किए। इन विद्यालयों में उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था है, जो यूपी के किसी अन्य विद्यालय में नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि अब उसी तर्ज पर हमने बेसिक एजुकेशन में भी इंटीग्रेटेड कैंपस की एक व्यवस्था प्रारंभ की है। पहले चरण में 57 मुख्यमंत्री अभ्युदय और कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना का कार्य हमने प्रारंभ कर दिया है। यह डे स्कूल होंगे जहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्राप्त होगी। श्रमिकों के लिए डिजिटल न्याय सेतु पोर्टल की हुई शुरुआत इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’, औद्योगिक न्यायाधिकरण वेबसाइट और ई-कोर्ट पोर्टल की भी शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि यह श्रमिकों के हित में बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल से श्रमिकों को त्वरित, पारदर्शी और टाइम-बाउंड न्याय मिलेगा। श्रम विवादों का ऑनलाइन समाधान, 24 घंटे सेवाएं और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। उद्यम चले, लेकिन श्रमिकों का शोषण न हो, यह हमारी प्राथमिकता है। यह कदम उद्यमों और श्रमिकों के हित को संतुलित करने की दिशा में उठाया गया है। रोजगार महाकुंभ 2025 में सीएम योगी ने 15 अभ्यर्थियों को दिया नियुक्ति पत्र रोजगार महाकुंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, जिनका चयन यूएई और अन्य विदेशी कंपनियों ने किया है। 11 कंपनियों ने सर्वाधिक नियुक्ति का आश्वासन दिया। रोजगार महाकुंभ 2025 में 1,00,000 से अधिक पंजीकरण, 50,000 नौकरियों के अवसर तथा 15,000 अंतरराष्ट्रीय रिक्तियां शामिल होंगी, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जापान और जर्मनी में प्लेसमेंट भी होंगे। इसी तरह 35,000 घरेलू अवसर देश की अग्रणी कंपनियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। इस तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में 100 से अधिक भर्ती साझेदार इसमें भाग ले रहे हैं, जिनमें 20 अंतर्राष्ट्रीय भर्तीकर्ता भी होंगे। इस अवसर पर 10,000 से अधिक ऑफर लेटर जारी किए जाएंगे, जिनमें से 2,000 से अधिक विदेशी प्लेसमेंट के लिए होंगे। इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू’, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एमकेएस सुंदरम्, निदेशक नेहा प्रकाश, श्रम आयुक्त मार्कंडेय शाही समेत रोज़गार महाकुंभ 2025’ के रणनीतिक पार्टनर के अधिकारीगण मौजूद रहे।   

हिसार एयरपोर्ट से जयपुर की सीधी फ्लाइट शुरू, कितने बजे और कितने रुपए में मिलेगा टिकट

हिसार  हरियाणा में हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से अब जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू होने वाली है। इसके लिए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने शेड्यूल को मंजूरी दे दी है। 12 सितंबर से हिसार से जयपुर के लिए पहली फ्लाइट जाएगी। जानकारी के अनुसार जयपुर के लिए हवाई सेवा  हर शुक्रवार शाम 5:35 बजे उपलब्ध रहेगी। हिसार से जयपुर के लिए टिकट का किराया 1950 रुपए निर्धारित किया गया है। हिसार से जयपुर पहुंचने में लगभग 1 घंटा 5 मिनट का समय लगेगा। बता दें दिल्ली से हिसार आने वाली फ्लाइट अब सप्ताह में एक दिन वाया जयपुर रूट पर भी शुरू की गई है। यह फ्लाइट हिसार से आगे अयोध्या भी जाएगी, जहां की हवाई सेवा पहले से ही जारी है। हिसार से अयोध्या के लिए वाया जयपुर रूट पर यह सेवा शुक्रवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी। गौरतलब है कि हिसार से जयपुर सड़क मार्ग द्वारा लगभग 5 घंटे का समय लगता था, लेकिन फ्लाइट से यात्रा करके करीब 4 घंटे की बचत होगी। हिसार से चंडीगढ़ फ्लाइट का समय बदला गया इसके अलावा, हिसार से चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट के समय में भी बदलाव किया गया है। अब हिसार से चंडीगढ़ फ्लाइट हर सोमवार और बुधवार सुबह 10 बजे उड़ान भरेगी और 11 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में यह फ्लाइट चंडीगढ़ से सुबह 8 बजे उड़ान भरेगी और सुबह 9:40 बजे हिसार पहुंचेगी। पहले हिसार से चंडीगढ़ की फ्लाइट सोमवार और शुक्रवार को दोपहर 3:20 बजे उड़ान भरती थी और 4:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचती थी। वापसी में यह फ्लाइट शाम 4:55 बजे उड़ान भरती थी और 5:55 बजे हिसार पहुंचती थी।

‘मजार को छूकर देख लो…’ धमकी भरा संदेश, CM योगी और विधायक शलभ मणि पर खतरा

देवरिया  उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। देवरिया सदर से विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी 'एमडी सेराज' नाम की ईमेल आईडी से भेजी गई है। पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, जांच शुरू कर दी गई है और मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है। धमकी क्यों मिली? मामला देवरिया के गोरखपुर रोड पर बने एक मजार (दरगाह) से जुड़ा है। विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पहले शिकायत की थी कि यह मजार रेलवे के ओवरब्रिज के पास बनी है और हर साल इसका दायरा अवैध रूप से बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बंजर जमीन और नेशनल हाइवे पर यह मजार कैसे बनी? इसका नक्शा किसने पास किया? क्या रेलवे ब्रिज के नीचे निर्माण की इजाजत दी जा सकती है? इसी मुद्दे को लेकर विधायक जून 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे और उन्होंने खुद मजार के विस्तार पर आपत्ति जताई थी। क्या लिखा था धमकी में? 'मजार को छूकर देख लो', 'सदर विधायक को गोली मार देंगे', मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाल भी बुरा कर देंगे'। यह धमकी सोशल मीडिया और एक वेबसाइट के कमेंट बॉक्स में पोस्ट की गई थी, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। पुलिस और साइबर सेल की जांच शुरू देवरिया के एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि सोशल मीडिया पर जैसे ही यह धमकी वायरल हुई, पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। कमेंट बॉक्स की जांच हो रही है, IP ऐड्रेस और ईमेल आईडी की ट्रेसिंग के लिए मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है।