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हनीट्रैप में फंसा इंदौर का क्लब मालिक, 23 लाख ऐंठे गए और मिली रेप की धमकी

इंदौर इंदौर शहर के एक क्लब कारोबारी की मौत से सनसनी फैल गई है। पता चला है कि शोशा क्लब के मालिक भूपेंद्र रघुवंशी को एक शादीशुदा औरत की हरकतों और ब्लैकमेलिंग ने मौत के मुंह में धकेल दिया। मौत से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में उन्होंने उसी महिला को जिम्मेदार ठहराते हुए आत्महत्या करने की बात लिखी है। महिला ने उन्हें रेप केस में फंसाकर बदनाम कर धमकियां दे रही थी। ब्लैकमेलर महीने भर पहले भी भूपेंद्र को ब्लैकमेल कर 23 लाख वसूल चुकी है। लड़की की धमकी और सुसाइड अन्नपूर्णा थाना टीआई अजय नायर के मुताबिक, मृतक भूपेंद्र पिता लक्ष्मी नारायण (निवासी भवानीपुर) ने देर रात जहर खा लिया, जिसके बाद सुबह हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि विजयनगर इलाके में भूपेंद्र का शोशा क्लब चलता है। पिछले कई दिनों से इति तिवारी नाम की महिला उन्हें लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। कभी रेप केस की धमकी, तो कभी बदनाम करने की धमकी देकर वह उनसे लाखों रुपए वसूल चुकी थी। मुंबई शिफ्ट होकर भी जारी रखा खेल परिजनों ने खुलासा किया कि इति तिवारी पहले इंदौर में रहती थी और महालक्ष्मी नगर स्थित अपनी बहन शिवांगी और जीजा के घर आना-जाना करती थी। बाद में नौकरी लगने के बाद वह मुंबई शिफ्ट हो गई, लेकिन वहां से भी उसने ब्लैकमेलिंग का खेल बंद नहीं किया। बताया गया कि इति तिवारी पहले भी भूपेंद्र रघुवंशी को रेप केस में फंसाने के नाम पर 23 लाख रुपए ऐंठ चुकी है। इतना ही नहीं, वह फ्लैट और कार की डिमांड भी कर रही थी। शराब पीकर गंदी गालियां देना और फोन पर धमकाना उसकी आदत बन चुकी थी। इंदौर में रहने पर वहां भूपेंद्र को मानसिक प्रताड़ना देती थी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई है।

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग की सख्ती, मतदाता सूची पर मांगे जवाब

नई दिल्ली  बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (SIR) को लेकर मचे शोर-शराबे के बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार को जनता की अदालत का रुख करते हुए देश के हरेक नागरिक से पांच सवाल पूछे हैं और विशेष पुनरीक्षण कार्य में सहयोग मांगा है। आयोग की तरफ से जारी किए गए इन सवालों का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। आयोग ने लोगों से कहा है कि अगर वे आयोग के सवालों से सहमत हैं तो इस विशेष पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें। आयोग ने जो पांच अहम सवाल हरेक मतदाता से पूछे हैं, वो इस प्रकार हैं: 1. क्या मतदाता सूची की गहन जाँच होनी चाहिए या नहीं? 2. क्या दिवंगत लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए या नहीं? 3. अगर किसी का नाम मतदाता सूची में दो या अधिक स्थानों पर है, तो क्या उसे केवल एक ही स्थान पर रखा जाना चाहिए या नहीं? 4. क्या उन लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए जो दूसरी जगह चले गए हैं? 5. क्या विदेशियों के नाम हटाए जाने चाहिए या नहीं? आयोग का साथ देने का आह्वान आयोग ने कहा है कि अगर आपका उत्तर "हाँ" है, तो मतदाता सूची को शुद्ध करने के इस कठिन कार्य में चुनाव आयोग की सफलता में योगदान दें। इस बीच, चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पिछले छह महीने में सभी दलों के साथ संवाद की नयी व्यवस्था के साथ 28 ठोस कदम उठाए गए हैं जिससे बिहार में सूची की सफाई का काम सहज ढंग से चल रहा है। राजनीतिक दलों के साथ 4719 बैठकें आयोग ने पिछले छह महीने से राजनीतिक दलों के साथ उप-मंडल, जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ व्यवस्थित बैठक का कार्यक्रम चलाया है। मार्च में सभी राज्यों में उप-मंडल पर मतदाता-पंजीयन अधिकारियों (ईआरओ) से लेकर राज्य स्तर पर मुख्य चुनाव अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के साथ 4719 बैठकें आयोजित की । इनमें विभिन्न दलों के कुल 28,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें 40 बैठकें मुख्य चुनाव अधिकारियों ने, 800 जिला निर्वाचन अधिकारियों और 3879 मतदाता पंजीयन ने ली थी। महज 10 दावे और आपत्तियां ही मिलीं आयोग ने यह भी कहा है कि 25 अगस्त की सुबह तक सभी राजनीतिक दलों से प्रारूप नामावली से जुड़े महज 10 दावे और आपत्तियां ही आयोग को प्राप्त हुई हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि सभी 10 दावे और आपत्ति क्षेत्रीय पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) के बीएलओ के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। आयोग के सूत्रों ने कहा कि आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया जारी है। आयोग ने सकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को भी दी है। आयोग ने ये भी कहा है कि बिहार में SIR के तहत मतदाता सूची के संशोधन में लोगों के नाम हटाने और योग्य मतदाताओं के नाम शामिल करने का आवेदन देने के लिए सिर्फ पांच दिन बचे हैं लेकिन राजनीतिक दल आपत्तियां दर्ज कराने में नदारद रहे हैं।  

कर्मचारियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आउटसोर्सिंग पर जताई चिंता

नई दिल्ली  सरकार संवैधानिक नियोक्ता है और वह आउटसोर्सिंग पर लोगों को नौकरी पर रखकर शोषण नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय तक एडहॉक पर रखने के बाद कर्मचारियों को नियमित रोजगार न देने और आर्थिक तंगी का हवाला देने पर यह बात कही। बेंच ने ऐतिहासिक निर्णय में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संस्थान वित्तीय तंगी या रिक्तियों की कमी जैसे बहाने बनाकर लंबे समय से काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमितीकरण और वेतन में समानता से वंचित नहीं कर सकते। यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा दायर अपील पर सुनाया। इन कर्मचारियों का कहना था कि हम सालों से काम कर रहे हैं, लेकिन हमें नियमित करने से सरकार ने इनकार कर दिया है। इसके अलावा वेतन भी हमें बहुत कम मिल रहा है, जबकि इसी पद के नियमित कर्मचारियों का वेतन कहीं ज्यादा है। बेंच ने कहा कि आउटसोर्सिंग एक ढाल नहीं बन सकती, जिसका इस्तेमाल करते हुए स्थायी कार्यों में लगे कर्मचारियों को उचित वेतन और नौकरी से वंचित रखा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य (संघ और राज्य सरकारें)कोई प्राइवेट कंपनियों की तरह मार्केट प्लेयर नहीं हैं बल्कि संवैधानिक नियोक्ता हैं। उन्हें फंड की कमी जैसी बात उन लोगों के लिए नहीं करनी चाहिए, जो सरकार के बुनियादी और जरूरी कामों को अंजाम दे रहे हैं। बेंच ने कहा कि यदि कोई काम लगातार चल रहा है तो फिर संस्थान को उसके संबंध में पद भी निकालने चाहिए और लोगों को नियमित भर्ती देनी चाहिए। दरअसल उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने खुद को नियमित किए जाने की अपील कमिशन से की थी। इस अपील को खारिज कर दिया गया और कहा गया कि फंड की कमी है। इसी के खिलाफ वकील श्रीराम पाराक्कट के माध्यम से इन कर्मचारियों ने शीर्ष अदालत का रुख किया। इस पर बेंच ने सरकारी संस्थानों को नसीहत दी है। जस्टिस नाथ ने अपने फैसले में लिखा कि यदि लंबे समय तक चलने वाले नियमित कामों में अस्थायी कर्मचारियों को रखा जाता है तो इससे लोक प्रशासन में भरोसा भी कम होता है। इसके अलावा समानता के अधिकार और उसके संरक्षण के वादे का भी हनन होता है। बेंच ने कहा कि संस्थानों को यह भी बताना चाहिए कि नियमित कामों के लिए भी वे पद मंजूर ना करते हुए क्यों अस्थायी कर्मचारी रख रहे हैं। बेंच ने कहा कि असुरक्षा के दायरे में रहते हुए आखिर कोई कब तक नौकरी कर सकता है। अदालत ने कहा कि एडहॉक व्यवस्था तब चलती है, जब पारदर्शिता की कमी हो जाती है।  

CM साय करेंगे ‘बिहान’ की दीदियों से संवाद, 31 अगस्त से शुरू होगा नया रेडियो कार्यक्रम

रायपुर  छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सफलता की कहानियों को नए मंच पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एक अनोखी पहल करने जा रही है। 'दीदी के गोठ' नाम से नया रेडियो कार्यक्रम 31 अगस्त 2025 से शुरू होगा। पहला प्रसारण दोपहर 12:15 बजे आकाशवाणी के सभी केंद्रों से किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री विजय शर्मा सीधे बिहान की दीदियों से संवाद करेंगे। 'दीदी के गोठ' में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से पाई हुई उपलब्धियों और प्रेरणादायी कहानियों को साझा करेंगी। इन कहानियों से न केवल अन्य समूहों को दिशा मिलेगी बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगी। बिहान के कार्यों का होगा प्रसार कार्यक्रम के जरिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के अंतर्गत चल रहे कार्यों, महिलाओं की उपलब्धियों और आजीविका संवर्धन से जुड़े नवाचारों की जानकारी पूरे प्रदेश में प्रसारित होगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं को नई ऊर्जा देगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह में और मजबूत बनाएगी। 

भाजपा नेता के परिजन के फॉर्म हाउस से 12 लाख रुपए की शराब बरामद, सागर में छापेमारी

सागर  एमपी पुलिस ने सागर में एक बड़ी कार्रवाई की है। बीजेपी के बड़े नेता के फॉर्म हाउस पर छापेमारी की है, यहां से लगभग 12 लाख रुपए की शराब बरामद की है। शराब जब्ती के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फॉर्म हाउस में अवैध रूप से शराब रखी गई है। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की और शराब बरामद की है। 219 पेटी देसी और विदेशी शराब बरामद पुलिस ने सागर जिले के बहेरिया पुलिस स्टेशन अंतर्गत छापेमारी की है। रुद्र प्रताप सिंह के फॉर्म हाउस से 219 पेटी में भरी देसी और विदेशी शराब बरामद की है। इसके बाद सोमवार को एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फॉर्म हाउस में अवैध रूप से शराब को स्टोर किया जा रहा है। 12 लाख रुपए की शराब बरामद स्थानीय पुलिस (बहेरिया पुलिस स्टेशन) की एक टीम ने तलाशी ली और लगभग 12 लाख रुपए की शराब बरामद की। FIR में यह जानकारी दी गई है। शराब बरामद होने के बाद रुद्र प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 32 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। FIR में यह भी बताया गया है। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पुलिस ने रुद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है या नहीं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने रविवार देर रात तक कुछ अन्य स्थानों पर भी व्यापक तलाशी ली। सभी रिश्तेदारों से तोड़ लिए हैं संबंध दिलचस्प बात यह है कि सागर जिला पुलिस द्वारा अपने भतीजे के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद, खुरई विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक भूपेंद्र सिंह ने एक अधिसूचना (अपने वकील के माध्यम से) जारी की। इसमें उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने अपने सभी रिश्तेदारों से संबंध तोड़ लिए हैं। किसी से नहीं है संबंध भूपेंद्र सिंह ने अपने वकील को जारी एक पत्र में उल्लेख किया है कि उनका अपने तीन बेटियों, एक बेटे और अपनी पत्नी को छोड़कर किसी भी सदस्य या रिश्तेदार से कोई लेना-देना नहीं है।

चार्ज संभालते ही विवादों में फंसे जालंधर के नए कमिश्नर, यूनियन ने दी कड़ी चेतावनी

जालंधर  नगर निगम के नए कमिश्नर संदीप ऋषि के कार्यभार संभालते ही निगम परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। जहां निगम प्रशासन नई उम्मीदों के साथ कमिश्नर का स्वागत कर रहा था, वहीं यूनियन नेताओं ने नाराजगी का बिगुल बजा दिया। कमिश्नर के चार्ज लेने के कुछ ही देर के भीतर निगम यूनियन ने जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए हड़ताल की चेतावनी दी है। यूनियन के प्रधान बंटू सभ्रवाल के नेतृत्व में सैंकड़ों कर्मचारी नारेबाजी करते हुए मैदान में उतर आए। उनका आरोप था कि निगम प्रशासन ने मनमानी करते हुए आऊटसोर्स कर्मचारी किशन लाल को पक्का कर दिया है, जबकि सैकड़ों कर्मचारी वर्षों से पक्की नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यूनियन नेताओं ने कहा कि जिस कर्मचारी को स्थायी किया गया है, वह वास्तव में माली है ही नहीं। वह ड्राइवर है और पौधों या बागबानी की जानकारी तक नहीं रखता। इसके बावजूद उसे पक्का कर दिया गया। यूनियन का कहना है कि यह फैसला दूसरे कर्मचारियों के साथ पक्षपात है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रशासन दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल इतना गर्मा गया कि यूनियन नेताओं ने चेतावनी दे डाली कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो निगम का पूरा कामकाज ठप्प कर देंगे। धरने में ड्राइवर एंड टैक्निकल यूनियन के प्रधान शम्मी लूथर, रिंपी कल्याण, राजन कल्याण, बाबा राज किशोर, मनदीप सिंह, गौरव, बैनी और हतेश नाहर समेत दर्जनों कर्मचारी शामिल हुए। पहले ही दिन नए कमिश्नर के सामने खड़ा हुआ यह विवाद दिनभर चर्चा का विषय रहा। यदि यूनियन अपनी चेतावनी पर हड़ताल करती है तो आने वाले दिनों में शहरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सैकड़ों कर्मचारियों का भविष्य दाव पर : यूनियन यूनियन नेताओं ने कहा कि निगम में इस समय लगभग 59 माली, 64 फिट्टर, 50 ड्राइवर और 20 जे.सी.बी. मशीन ऑपरेटर आऊटसोर्स पर काम कर रहे हैं। उन्होंने मांग रखते हुए कहा कि कर्मचारियों को एक समान नियम के तहत पक्का किया जाए। अगर एक को फायदा मिल सकता है तो बाकी सबको क्यों नहीं? यूनियन नेताओं ने सवाल उठाते कहा कि इससे बाकि कर्मचारियों का भविष्य दाव पर लगा दिया गया है। मेयर से मुलाकात के बाद धरना खत्म किया यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने मेयर वनीत धीर से मुलाकात की। मेयर ने समस्या का समाधान निकालने के लिए कुछ समय मांगा। लेकिन कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि अगर जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। यूनियन प्रधान बंटू सभ्रवाल ने कहा वह अब और इंतजार नहीं करेंगे। सभी आऊटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत स्थायी किया जाए और उन्हें नियुक्ति पत्र दिए जाएं। अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती तो नगर निगम का एक-एक काम बंद कर देंगे। मेयर से मुलाकात के बाद यूनियन ने धरना प्रदर्शन फिलहाल खत्म कर दिया, अब देखना होगा कि आगे क्या होता है?

चंदन नगर विवाद: गलियों के नाम बदलने और बोर्ड बिना अनुमति लगाने के मामले में विभागीय अफसर फंसे

इंदौर  इंदौर के चंदन नगर में गलियों का नाम बदलने और बिना अनुमति बोर्ड लगाने के मामले में विभागीय अफसरों पर शिकंजा कसता जा रहा है। निगमायुक्त द्वारा गठित कमेटी (एसआइटी) ने अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर की देखरेख में जांच शुरू कर दी है। सोमवार को कमेटी ने नगर निगम के यातायात विभाग के मौजूदा और तत्कालीन अफसरों (वैभव देवलासे, राम गुप्ता, मनीषा राणा, विशाल राठौर) और बोर्ड लगाने वाली एजेंसी नीलकंठ इंटरप्राइजेस के ठेकेदार सहित कुछ अन्य को नोटिस जारी कर मंगलवार को बयान के लिए निगम मुख्यालय तलब किया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। ये है पूरा मामला मालूम हो, पिछले दिनों चंदन नगर के वार्ड क्रमांक 2 में पांच मार्ग संकेतक बदले गए थे। इसका विरोध हुआ तो निगम ने बोर्ड उखाड़ दिए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि बिना अनुमति बोर्ड लगवाए थे। आरोप था कि पार्षद ने ये बोर्ड लगवाए, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि बोर्ड निगम ने ही ठेकेदार से लगवाए थे और उसका भुगतान भी हो गया। अपर आयुक्त राजनगांवकर ने बताया कि मंगलवार को बयानों के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। जांच रिपोर्ट पांच दिन में निगमायुक्त को सौंपी जाएगी। बोर्ड और नाम देखने नहीं गए अफसर पार्षद ने बोर्ड लगाने के लिए निगम में आवेदन किया था। आवेदन पर किसी ने गौर नहीं किया तो पार्षद की ओर से सीधे निगम के यातायात विभाग के अफसरों से संपर्क किया गया। यहां तत्कालीन अधिकारी विशाल राठौर ने संबंधित एजेंसी का नंबर देकर काम करने की अनुशंसा कर दी। अफसरों ने यह भी नहीं देखा कि बोर्ड पर जो नाम लिखे हैं, वह निगम के रिकॉर्ड के अनुसार हैं या नहीं। समय रहते नहीं की कोई कार्रवाई कुछ दिन पहले बोर्ड का विरोध होने की जानकारी अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडेय तक पहुंची। निगम की टीम बोर्ड हटाने पहुंची तो विरोध हुआ। पांडेय ने जनप्रतिनिधि को भरोसे में लेकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया। निगम पहले पार्षद पर हमलावर था, लेकिन अब पार्षद को छोड़कर अफसरों की घेराबंदी शुरू हो गई है।

रोजगार महाकुंभ से खुलेगा अवसरों का द्वार, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम न्याय सेतु पोर्टल का सीएम ने शुभारंभ किया। अटल इंटीग्रेटेड मॉनीटरिंग सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ। रीयल टाइम निगरानी हो सकेगी। 15 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान योगी ने कहा कि हर युवा को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिलेगी। रोजगार महाकुंभ इसे आगे बढ़ाने का माध्यम है। मार्केट व इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार हमें कोर्स संचालित करने होंगे। उसी के अनुसार अपने युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। उद्यम चलने चाहिए मगर युवाओं का शोषण भी न हो, इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में कहा कि पीएम के मिशन रोजगार के अभियान की कड़ी में विकसित भारत के संकल्पना के साथ हर व्यक्ति, हर संस्था भी अपना योगदान दे सके, उसके लिए आवश्यक है कि हर युवा के हाथ को उसकी योग्यता के अनुसार कार्य मिल जाए। युवा अपार ऊर्जा का स्त्रोत है। यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में और भारत में सबसे ज्यादा युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है। जहां भी इन युवाओं को अवसर मिला है, उसने अपनी प्रतिभा व सामर्थ्य का लोहा, उस क्षेत्र और उद्यम को लाभांवित करने में लगाया है। यूपी के इस प्रतिभा व सामर्थ्य की मांग न केवल देश में बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी हो रही है। यह एक अवसर है जब यहां पर इंडस्ट्री और एंप्लायर एक साथ जुड़ रहे हैं। एक ओर वे संस्थाएं हैं जो रोजगार देने को उत्सुक हैं। दूसरी ओर वे युवा हैं जो स्किल डवलपमेंट के साथ जुड़कर उस रोजगार को पाने का इच्छुक है। सीएम योगी ने कहा कि 21 से 40 वर्ष का कोई भी युवा को ब्याज मुक्त, गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जो लोन वो ले रहा है, उसका ब्याज सरकार देगी। 10 प्रतिशत तक मार्जन मनी भी सरकार उपलब्ध कराएगी। अब तक 70 हजार युवाओं ने इस योजना से जुड़कर काम करना शुरू किया है। सरकार ने अपने स्तर पर भी नौकरी उपलब्ध कराने की कार्रवाई की। आठ साल में यूपी पुलिस में 2.19 लाख भर्तियां कीं। 1.56 लाख शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से संपन्न किया। सभी विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहित सभी को जोड़कर साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने वाला यूपी सबसे बड़ा राज्य। निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया यूपी में अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया। इसके लिए प्रदेश सरकार को अपनी नीतियों में परिवर्तन करना पड़ा। अब तक 33 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी तैयार की हैं। निवेशक इन्वेस्ट यूपी के पोर्टल पर जाकर क्लिक करे और जिस क्षेत्र में निवेश करना है, उसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी। उसकी सहायता के लिए निवेश मित्र व निवेश सारथी भी है। यदि उसने निवेश कर लिया है तो पॉलिसी के तहत मिलने वाला निवेश भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। 70 सालों में उद्योगों को जितना इंसेटिंव नहीं मिला, उतना हमने आठ साल में दिया। 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे। सात लाख युवाओं को काम। यूपी रोजगार मिशन लागू करने वाला अग्रणी राज्य बना है। यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा आज की मांग एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स की है। हमने इसके लिए लैब उपलब्ध कराई हैं। नये समय की टेक्नोलॉजी के लिए यूपी के नौजवानों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। दुनिया के तमाम देशों में यूपी के नौजवानों की आज मांग हो रही है। आज हम दुनिया की मांग के अनुरूप वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं।यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा है। श्रम एवं सेवायोजन पोर्टल से नियुक्ति पाने वाला और नियोक्ता दोनों को इस पोर्टल से जोड़ना होगा। हर नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि वो कार्मिक को उसका पूरा वेतन उपलब्ध कराएगा। किसी कार्मिक के वेतन से कोई कटौती नहीं करेगा। नियोक्ता को जो भी इंसेंटिव होगा, वो उसे सरकार देगी। इसे हम श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे।  

उत्सव की सुरक्षा बढ़ी, भोपाल में पंडालों में CCTV और विसर्जन घाटों पर गोताखोर तैनात

भोपाल  नगर निगम ने गणेश उत्सव और आगामी दुर्गा उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को माता मंदिर स्थित निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में निगमायुक्त हरेंद्र नारायन ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कुंडों और घाटों पर ही कराया जाएगा। विसर्जन की होगी पूरी व्यवस्था निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि डोल ग्यारस से अनंत चतुर्दशी तक गणेश प्रतिमाओं का संग्रहण वार्ड और जोन स्तर पर किया जाए। इसके लिए बनाए गए संग्रहण स्थलों, विसर्जन कुण्डों और घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। पूजन सामग्री को अलग से एकत्र कर निष्पादन स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जोन स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। साफ-सफाई और मरम्मत कार्य पर रहेगा जोर निगम आयुक्त ने कहा कि विसर्जन स्थलों और चल समारोह मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा और सड़कों के गड्ढों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोर, क्रेन, फायर ब्रिगेड और अन्य संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। प्रमुख घाटों पर विशेष इंतजाम प्रेमपुरा, शाहपुरा, बैरागढ़, रानी कमलापति और हथाईखेड़ा डैम पर विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी करने पर जोर दिया गया है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाने को कहा, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। जुलूस और विसर्जन स्थलों पर निगरानी बैठक में जुलूस मार्ग, प्रतिमा स्थलों, पंडालों और विसर्जन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों और बिजली की आपूर्ति को लेकर समीक्षा की गई। थाना प्रभारियों से विस्तृत जानकारी लेकर उन्हें पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। अपराध नियंत्रण पर सख्त निर्देश पुलिस आयुक्त ने थाना क्षेत्रों में देर रात तक गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने को कहा। अवैध शराब, आर्म्स, मादक पदार्थों और जुआ-सट्टा के खिलाफ लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के भी आदेश दिए गए।

ट्रंप ने कोरियाई राष्ट्रपति के सामने जताई ताकत, कहा- चीन को बर्बाद करने की क्षमता है

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग बैठे थे. दक्षिण कोरिया और चीन तगड़े प्रतिद्वंद्वी हैं. इस दरम्यान डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं अगर वे चाहें तो चीन को बर्बाद कर सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे. ट्रंप ने कहा कि उनके पास ऐसे-ऐसे कार्ड्स जो चीन को तबाह कर सकता है.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका चीन के साथ "बेहतरीन संबंध" बनाए रखेगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वह ऐसे कदम नहीं उठाएंगे जो इस देश को तबाह कर दें. ट्रंप ने कहा, "चीन के साथ हमारे अच्छे संबंध होंगे… उनके पास कुछ कार्ड हैं. हमारे पास तुरुप के कई पत्ते हैं, लेकिन मैं उन कार्डों का इस्तेमाल नहीं करना चाहता. अगर मैं उन कार्ड्स का इस्तेमाल करता हूं, तो इससे चीन बर्बाद हो जाएगा. मैं उन कार्ड्स का इस्तेमाल नहीं करने वाला." कभी पुचकराना, कभी दुत्कारना ट्रंप की कूटनीति कभी पुचकराने तो कभी दुत्कारने की रही है. समय-समय पर वे इसका इस्तेमाल करते रहते हैं. ट्रंप ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि चीन को अपना मैग्नेट अमेरिका को देना ही पड़ेगा. अगर चीन ऐसा नहीं करता है कि उसे 200 फीसदी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.  यहां मैग्नेट का अर्थ 'रेयर अर्थ मैग्नेट' या 'रेयर अर्थ एलिमेंट'से है.  ये मैग्नेट उच्च-तकनीकी और औद्योगिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण घटक हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन मोटर, पवन टर्बाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और मिसाइल मार्गदर्शन प्रणाली जैसी रक्षा प्रणालियां शामिल हैं. चीन दुर्लभ 'रेयर अर्थ एलिमेंट' वैश्विक आपूर्ति में अग्रणी है, और दुनिया के लगभग 90% दुर्लभ रेयर अर्थ मैग्नेट का उत्पादन करता है. गौरतलब है कि जब से अमेरिका चीन पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दे रहा है तब चीन ने भी रेयर अर्थ एलिमेंट के निर्यात को कंट्रोल कर दिया है. चीन ने इसे एक्सपोर्ट कंट्रोल की सूची में डाल दिया है इससे अमेरिका को इसका निर्यात बंद हो गया है और अमेरिका उद्योग प्रभावित हुए है.  उनके पास रेयर अर्थ है, हमारे पास टैरिफ राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन पर इस महत्वपूर्ण मैटेरियल की सप्लाई के लिए दबाव डालते हए कहा, "लेकिन हमारे पास टैरिफ जैसी बहुत शक्तिशाली चीज है. अगर हम 100% या 200% टैरिफ लगाना चाहें, तो हम चीन के साथ कोई व्यापार नहीं करेंगे. और अगर ऐसा करना पड़ा तो भी ठीक होगा. लेकिन जहां तक मैग्नेट की बात है हमारे पास उनके लिए बहुत शक्ति है, और उनके पास भी हमारे खिलाफ कुछ शक्ति है." राष्ट्रपति ट्रंप ने मैग्नेट को लेकर आगे का प्लान बताते हुए कहा कि हमारे पास बहुत सारे मैग्नेट होंगे. वास्तव में इतने ज्यादा होंगे कि हमें समझ नहीं आएगा कि उनके साथ क्या करना है. मैग्नेट की कहानी बहुत दिलचस्प है. यह इसलिए हुआ क्योंकि हमारे राष्ट्रपति बिजनेसमैन नहीं थे, इसलिए उन्होंने ऐसा होने दिया, जो नहीं होना चाहिए था.  उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास बहुत बेहतर और बड़े विकल्प हैं. फिर भी मेरा मानना है कि हमारा चीन के साथ अच्छा रिश्ता है. मैंने हाल ही में राष्ट्रपति शी से बात की थी, और इस साल या उसके बाद, हम शायद चीन जाएंगे और वहां कुछ शानदार देखेंगे. यह एक महान देश है." बता दें कि अभी अमेरिका चीन से आने वाले अधिकांश वस्त्रों पर औसतन 145% टैरिफ वसूल रहा है, जबकि चीन अमेरिका से आयात होने वाली अधिकांश वस्तुओं पर 125% टैरिफ लगा रहा है.  अमेरिका ने अपने सुरक्षा, ड्रग तस्करी (फेंटेनल) और तकनीकी हितों के चलते टैरिफ बढ़ाए हैं, जिससे व्यापक तौर पर चीनी सामान पर 145% तक का टैरिफ लागू है. चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सामानों पर टैरिफ 125% तक बढ़ा दिए हैं, खासकर एग्रीकल्चर, ऑटो पार्ट्स और हाई-टेक प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाए हैं.