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प्रियंका गांधी वाड्रा 26 अगस्त को बिहार की वोटर अधिकार यात्रा में करेंगी भागीदारी

पटना बिहार में इन दिनों सियासत का तापमान बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' राज्य की सड़कों पर जारी है। इस यात्रा के जरिए विपक्ष 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आईएएनएस से कहा, "अगर आपने कहीं 1-2 किलोमीटर की चमचमाती सड़क बना दी है, तो क्या आपने अपने पैसे से बनाई है? क्या ये कोई एहसान है? ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बिहार के मंत्रियों की भाषा बेहद अहंकारी और शर्मनाक है। बिहार में सरकार बदलने जा रही है।" कांग्रेस महिला मोर्चा प्रमुख अलका लांबा ने बताया कि यात्रा कटिहार से पूर्णिया की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने ऐलान किया कि 26 अगस्त को प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस यात्रा में शामिल होंगी। अलका लांबा ने कहा, "25 अगस्त को यात्रा में ब्रेक रहेगा, लेकिन 26 को प्रियंका गांधी वाड्रा खुद बिहार आएंगी। इंडिया गठबंधन के सभी मुख्यमंत्री इस यात्रा का हिस्सा बनेंगे। माहौल बन चुका है, ये सरकार अब बदल जाएगी। हम वोट की पूरी पहरेदारी करेंगे और 'वोट चोरी' करने वालों को घुटनों पर लाएंगे।" अलका लांबा ने बिहार की सड़कों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "सड़कें तो हैं, लेकिन क्या वो बेटियों के लिए सुरक्षित हैं? क्या उन रास्तों से बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है? सड़क का क्या फायदा जब उस पर चलकर इंसान दवाई, पढ़ाई या कमाई के लिए ही नहीं जा सकता?" सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बात करते हुए अलका लांबा ने कहा, "राजनीतिक दलों में कमियां हैं और हम उन्हें सुधारने की जिम्मेदारी खुद ले रहे हैं।" कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा, "इस यात्रा से बिहार के लोगों को एक नई उम्मीद मिली है। चुनाव आयोग को बार-बार सुप्रीम कोर्ट की फटकार मिल रही है। बिहार के युवा जाग चुके हैं। हर वर्ग बोल रहा है, वोट चोर, गद्दी छोड़।" राजद के एमएलसी कारी सोहैब ने कहा, "इस यात्रा में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। जनता को अब मालूम हो चुका है कि यह सरकार 'वोट चोरी' करके बनी है। इस बार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी और हम 'वोट चोरी' नहीं होने देंगे।"

US नागरिकों से 130 करोड़ की ठगी, भारत में फर्जी कॉल सेंटर पर ED की छापेमारी

नई दिल्ली भारत में संचालित फर्जी कॉल सेंटरों के माध्यम से विदेशी, खासतौर से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। एक अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में हर साल इंटरनेट से जुड़ी ठगियों के कारण कई हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा भारत आधारित कॉल सेंटरों से जुड़ा है। इसी को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गुरुग्राम जोनल ऑफिस टीम ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इससे पहले पुणे में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। जांच एजेंसी ने बुधवार को गुरुग्राम और नई दिल्ली में सात स्थानों पर छापेमारी की और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम सबूत अपने कब्जे में लिए। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई। जानकारी के मुताबिक, कुछ युवाओं ने मिलकर अमेरिकी नागरिकों से 2-3 वर्षों में 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर (130 करोड़ रुपये से अधिक) की ठगी की। ईडी की जांच में सामने आया है कि तीन युवक- अर्जुन गुलाटी, दिव्यांश गोयल और अभिनव कालरा नोएडा और गुरुग्राम में अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे। ये कॉल सेंटर तकनीकी सहायता के नाम पर मुख्यतः अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच बनाकर पैसे विदेशी खातों में ट्रांसफर करते थे और बाद में जटिल लेनदेन के जरिए उन रकम को भारत में वापस लाते थे। 130 करोड़ रुपये की ठगी ईडी के मुताबिक, नवंबर 2022 से अप्रैल 2024 के बीच इस गिरोह ने लगभग 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपये) की ठगी की। जांच में अब तक 200 से अधिक बैंक खातों की जानकारी सामने आई है जिनका इस्तेमाल धन शोधन के लिए किया गया। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई अहम डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए। साथ ही, 30 बैंक खाते फ्रीज किए गए, आठ लग्जरी कारें और महंगी घड़ियां जब्त की गईं। ईडी का कहना है कि आरोपी आलीशान मकानों में रहते थे और अवैध कमाई से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित कर चुके थे। यह जांच सीबीआई, आईओडी दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। एफआईआर में अज्ञात आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, 1860 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। आरोप था कि दिल्ली और आसपास अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को टेक सपोर्ट स्कैम के जरिए धोखा दिया जा रहा था। ईडी ने बताया कि आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है। पुणे में भी ऐसी ही कार्रवाई हाल ही में पुणे पुलिस ने भी एक बड़े साइबर अपराध का पर्दाफाश करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था, जिसके जरिए हजारों अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी की गई। पुलिस के अनुसार, यह कॉल सेंटर पुणे के एक व्यावसायिक क्षेत्र में संचालित हो रहा था और इसमें शामिल लोग खुद को तकनीकी सहायता कर्मचारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। पुणे पुलिस की साइबर क्राइम शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में एक अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहा है। इसके बाद, पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह का खुलासा किया। छापेमारी के दौरान, कॉल सेंटर से कंप्यूटर, सर्वर, फर्जी दस्तावेज और अन्य उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया। मई में एक गुप्त सूचना के आधार पर, एसीपी गणेश इंगले और वरिष्ठ निरीक्षक स्वप्नाली शिंदे, शब्बीर सैय्यद और अजय वाघमारे के नेतृत्व में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की एक टीम ने रात करीब 10 बजे खराडी स्थित आलीशान प्राइड आइकॉन प्रोजेक्ट की नौवीं मंजिल पर स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारा। पुलिस ने पाया कि "मैग्नेटल बीपीएस एंड कंसल्टेंट्स एलएलपी" के नाम से कथित अवैध कॉल सेंटर में जुलाई 2024 से 12 महिलाओं और 111 पुरुषों सहित 123 कर्मचारी काम कर रहे थे। इस बीच, लगभग दस घंटे चली छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 64 लैपटॉप, 41 मोबाइल फोन, चार राउटर जब्त किए, जिनकी कीमत 13.74 लाख रुपये है। पुलिस को जब्त लैपटॉप में संदिग्ध ऑनलाइन एप्लिकेशन, वीपीएन सॉफ्टवेयर और लाखों अमेरिकी नागरिकों का डेटा मिला।  

खाटूश्यामजी दर्शन के लिए शुरू हुई हेलिकॉप्टर सेवा, दिल्ली से मिनटों में पहुंचेंगे भक्त

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर के श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! बाबा श्याम और सालासर बालाजी के दर्शन अब पहले से कहीं अधिक आसान और शानदार हो गए हैं। 23 अगस्त 2025 को दिल्ली के रोहिणी हेलीपोर्ट से खाटूश्यामजी और सालासर बालाजी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का शुभारंभ हुआ। इस सेवा का उद्घाटन प्रसिद्ध कवि और लेखक डॉ कुमार विश्वास ने अपने परिवार के साथ पहली यात्रा करके किया। यह सेवा श्रद्धालुओं को एक ही दिन में दोनों प्रमुख धामों के दर्शन का अवसर प्रदान करती है, जिसमें लग्जरी यात्रा और VIP सुविधाएं शामिल हैं। बता दें, पहली उड़ान शनिवार सुबह 9:30 बजे रोहिणी हेलीपोर्ट से रवाना हुई और खाटूश्यामजी से 9 किलोमीटर दूर जालूण्ड हेलीपैड पर उतरी। वहां से श्रद्धालुओं को कारों के जरिए खाटूश्यामजी मंदिर ले जाया गया, जहां उन्हें बिना कतार के गर्भगृह में VIP दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दर्शन के बाद यात्री हेलिकॉप्टर से सालासर बालाजी रवाना हुए और शाम तक दिल्ली वापस लौट आए।   किराया और सुविधाएं इस हेलिकॉप्टर सेवा का प्रति व्यक्ति किराया 95,000 रुपये निर्धारित किया गया है। यह किराया केवल हेलिकॉप्टर की लग्जरी यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई विशेष सुविधाएं भी शामिल हैं। यात्रियों को दोनों मंदिरों में VIP दर्शन की सुविधा मिलती है, जिससे लंबी कतारों से बचा जा सकता है। हेलिकॉप्टर में आरामदायक सीटिंग, हवाई नजारे का आनंद और अनुभवी पायलटों की देखरेख में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जाती है। इसके अलावा, खाटूश्यामजी में होटल में ट्विन-शेयरिंग आधार पर फ्रेश-अप के लिए कमरे उपलब्ध कराए जाते हैं। अलग कमरे के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। यात्रा के दौरान शाकाहारी भोजन की व्यवस्था भी की जाती है। साथ ही, यात्रियों को दोनों मंदिरों के इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी जाती है। कुमार विश्वास का अनुभव पहली यात्रा के यात्री डॉ. कुमार विश्वास ने इस सेवा को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मुझे प्रथम यात्री के रूप में बाबा श्याम के दर्शन का सौभाग्य मिला। यह दैवीय विधान है कि जब बाबा बुलाते हैं, तभी दर्शन संभव होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में आध्यात्मिकता के प्रति लोगों, खासकर युवाओं का रुझान बढ़ रहा है। इस साल ताजमहल की तुलना में राम मंदिर, वृंदावन और खाटूश्यामजी जैसे तीर्थस्थलों पर अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। कुमार विश्वास ने कहा कि यह सेवा भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परिदृश्य के उदय का प्रतीक है। खाटूश्यामजी और सालासर बालाजी जैसे तीर्थस्थल भक्तों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। यह हेलिकॉप्टर सेवा न केवल समय बचाती है, बल्कि श्रद्धालुओं को एक अनूठा और आरामदायक अनुभव भी प्रदान करती है। सेवा का संचालन और महत्व गौरतलब है कि यह हेलिकॉप्टर सेवा स्पंदन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है, जो देशभर में निजी चार्टर सेवाओं, सरकारी सर्वेक्षण और लग्जरी ट्रैवल में पहचान रखती है। फिलहाल, प्रतिदिन एक उड़ान संचालित होगी, जो सुबह शुरू होकर शाम तक पूरी हो जाएगी। खाटूश्यामजी में 52 बीघा पार्किंग क्षेत्र में हेलीपैड बनाया गया है। यह सेवा दिल्ली-एनसीआर के उन श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी।

रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा में दो दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कृष्णाराज कपूर आडिटोरियम रीवा में दो दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। रक्त फैक्ट्री में नहीं बनता उसका निर्माण मानव शरीर में ही संभव है जब हम रक्तदान करते हैं तो उससे पीड़ित को जीवनदान मिलता है। स्वयं के स्वस्थ के लिए भी रक्तदान लाभकारी होता है। हर स्वस्थ्य व्यक्ति तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने जीवन में जो पुण्य के कार्य किये हैं उनमें रक्तदान सर्वोंपरी है। रीवा में अब रक्त को संधारित करने की पर्याप्त सुविधा हो गयी है। सभी नागरिक समय-समय पर रक्तदान करके पीड़ितों की जान बचाने में सहयोग दें। रक्तदान शिविर का आयोजन जिला प्रशासन और प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरी संस्थान द्वारा किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रजा पिता ब्राम्हकुमारी संस्थान देश में आध्यात्मिक चेतना के विकास और समाज सेवा में सराहनीय कार्य कर रहा है। संस्थान का माउंटआबू मुख्यालय आध्यात्मिक ऊर्जा का केन्द्र है। संस्थान की दादी प्रकाशमणि भौतिक रूप से हमारे बीच अब नहीं हैं लेकिन उनका स्नेह आशीर्वाद और आध्यात्मिक चेतना हमेशा सदैव प्रेरणा देती रहेगी। अपने लिए तो सभी जीते हैं ब्राम्हकुमारी संस्थान ने हमें दूसरों के लिए जीना सिखाया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी ने जबलपुर में विभिन्न निर्माण कार्यों के साथ रीवा को भी सिरमौर डभौरा रोड तथा रीवा बाईपास 8 लेन निर्माण का शिलान्यास करके बड़ी सौगात दी है। बाईपास और बेला सिलपरा रिंग रोड का निर्माण आगामी मार्च माह तक पूरा हो जायेगा। इससे रीवा रिंग रोड की सुविधा वाला प्रदेश का पहला शहर बन जायेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रक्तदान करने वाले नागरिकों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्व. प्रकाशमणि को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे, जिला रेडक्रास समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. आरपी सिंह, ब्राम्हकुमारी संस्थान के श्री बी.के. प्रकाश एवं बड़ी संख्या में संस्थान पदाधिकारी तथा रक्तदान करने वाले उपस्थित रहे।  

IAS अधिकारी के मुरीद बने ज्योतिरादित्य सिंधिया, खूब सराहा कामकाज

अशोकनगर मध्यप्रदेश की गुना शिवपुरी सीट से सांसद और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश के एक IAS के कायल हो गए हैं। सिंधिया ने भरे मंच से IAS की तारीफ करते हुए उनके लिए तालियां बजवाईं और उन्हें धन्यवाद भी दिया। पूरा वाक्या अशोकनगर का है जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए पहुंचे थे। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह के काम की जमकर तारीफ की है। कलेक्टर के कायल हुए सिंधिया बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री कार्यक्रम वितरण के दौरान मंच से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच से कहा कि सरकार आपके साथ खड़ी है और आपके पास तो ऐसे कलेक्टर हैं जो गाड़ी में बैठकर बत्ती नहीं चलाते वह तो साइकिल पर बैठकर अशोकनगर से चंदेरी पहुंच जाते हैं। इन के लिए तालियां बजाएं। इस पर मंच पर मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कलेक्टर आदित्य सिंह की तारीफ करते हुए सिंधिया को बताया कि कलेक्टर कीचड़ में एक-एक घर तक पहुंचे थे जिससे सिंधिया और भी प्रभावित हुए और फिर से कलेक्टर के लिए तालियां बजवाईं।   कलेक्टर ने कहा थैंक्यू ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दौरान मंच से ये भी कहा कि हमारे नाम भी एक ही हैं ये आदित्य हैं और मैं ज्योतिरादित्य हूं। बाढ़ के समय कलेक्टर आदित्य सिंह ने कलेक्टर की तरह नहीं बल्कि परिवार के सदस्य की तरह आप लोगों की सेवा की है। सिंधिया के द्वारा की गई इस तारीफ पर कलेक्टर आदित्य सिंह ने भी मुस्कुरा कर उन्हें थैंक्यू कहा। बता दें कि आदित्य सिंह 2014 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के IAS हैं। उन्होंने करीब 4 महीने पहले अशोकनगर कलेक्टर का पद संभाला और लगातार कार्रवाई करने के लिए चर्चाओं में रहे। उन्होंने साइकिल से अशोकनगर जिले में 65 किमी. का दौरा भी किया जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हुई थी।

2027 वर्ल्ड कप का शेड्यूल जारी, साउथ अफ्रीका के 8 शहरों में होंगे 44 मैच

नई दिल्ली क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने 2027 आईसीसी मेंस क्रिकेट विश्व कप के लिए रोडमैप जारी किया है। इसमें पुष्टि की गई है कि 44 मैच दक्षिण अफ्रीका के 8 शहरों में खेले जाएंगे, जबकि 10 मैच जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित किए जाएंगे। यह घोषणा टूर्नामेंट के स्थानीय आयोजन समिति बोर्ड (LOCB)के गठन के साथ हुई, जिसका नेतृत्व साउथ अफ्रीका के पूर्व कैबिनेट मंत्री ट्रेवर मैनुअल स्वतंत्र अध्यक्ष के रूप में करेंगे। 8 शहरों में खेले जाएंगे मैच साउथ अफ्रीका के जिन 8 शहरों में मैच खेले जाएंगे उनमें , जोहान्सबर्ग, प्रिटोरिया, केपटाउन, डरबन, गेकेबरहा, ब्लोमफोन्टेन, ईस्ट लंदन और पार्ल शामिल हैं। इस आयोजन के सह-मेजबान जिम्बाब्वे और नामीबिया भी इसमें केंद्रीय भूमिका निभाएंगे, जिससे यह टूर्नामेंट पूरे दक्षिणी अफ्रीका क्षेत्र में और भी व्यापक हो जाएगा।   24 साल बाद खेला जाएगा वर्ल्ड कप सीएसए अध्यक्ष रिहान रिचर्ड्स ने कहा, दो दशक से भी ज्यादा समय के बाद अफ्रीकी महाद्वीप में विश्व कप की वापसी का खास महत्व है। अफ्रीकी धरती पर आखिरी आईसीसी वर्ल्ड कप टूर्नामेंट हुए 24 साल हो चुके हैं। ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप नए फैंस को आकर्षित करने और दुनिया से जोड़ने के लिए एक अनूठा मंच बनाने का एक बेहतरीन अवसर है। दुनिया को जोड़ने का अच्छा अवसर सीएसए ने दोहराया कि 2027 का वर्ल्ड कप न केवल क्रिकेट की उत्कृष्टता के लिए है, बल्कि खेल की पहुंच का विस्तार करने के लिए भी है। जिम्बाब्वे और नामीबिया में मैच आयोजित करके और साउथ अफ्रीकी पारंपरिक व गैर-पारंपरिक स्थलों पर मैच आयोजित करके, सीएसए इस महाद्वीप की क्रिकेट की गहराई और उसकी सांस्कृतिक समृद्धि दोनों को प्रदर्शित करने की उम्मीद करता है।

राज्य सरकार का बड़ा ऐलान: 62 लाख लोगों के खाते में आएंगे 3200-3200 रुपये

केरल  ओणम से पहले केरल के पेंशनर्स को राज्य सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है। जुलाई महीने में रोकी गई सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर फंड पेंशन अब अगस्त में एक साथ दो महीने के भुगतान के रूप में दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लाखों लाभार्थी त्योहार के मौके पर किसी आर्थिक सहायता की उम्मीद कर रहे थे। दो महीने की पेंशन एक साथ राज्य के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने घोषणा की है कि अगस्त के महीने में 62 लाख पेंशन धारकों को एक साथ दो महीनों की पेंशन दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने कुल ₹1679 करोड़ की राशि मंजूर की है। प्रत्येक पात्र लाभार्थी को ₹3200 की पेंशन मिलेगी, जिसमें एक महीने की नियमित किश्त और एक महीने का लंबित भुगतान शामिल है। बैंक खातों में सीधी जमा राशि 23 अगस्त को, लगभग 26.62 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि सीधा ट्रांसफर कर दी जाएगी। शेष लाभार्थियों को यह राशि सहकारी बैंकों के माध्यम से उनके घर-द्वार पर पहुंचाई जाएगी। केंद्र सरकार की भागीदारी भी शामिल राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी इस योजना में सहयोग कर रही है। -राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत 8.46 लाख लाभार्थियों को केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में मदद मिलेगी। -इसके लिए केंद्र सरकार की पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के जरिए ₹48.42 करोड़ की राशि पहले ही मंजूर की जा चुकी है।  क्या है सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर पेंशन स्कीम? यह योजना समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से चलाई जाती है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित लोग शामिल होते हैं: -वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से ऊपर) -विधवाएं -दिव्यांगजन -अति निर्धन परिवार   इस स्कीम का संचालन मुख्य रूप से राज्य सरकारें करती हैं, हालांकि कुछ हिस्सों में केंद्र सरकार भी आर्थिक सहयोग करती है। इसका लक्ष्य है कि ऐसे नागरिक, जिनके पास कोई नियमित आय का स्रोत नहीं है, उन्हें मासिक पेंशन के रूप में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता मिलती रहे।  

भारतीय व्हिस्की की बढ़ी विदेशों में धाक, अवॉर्ड्स जीतकर बनाए नए रिकॉर्ड

नई दिल्ली  भारतीय व्हिस्की ने बीते कुछ वर्षों में एक लंबा सफर तय किया है। एक समय था जब उपभोक्ता केवल इंपोर्टेड ब्रांड्स को तरजीह देते थे, लेकिन अब भारतीय सिंगल मॉल्ट्स न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी शानदार गुणवत्ता और स्वाद के लिए पहचानी जा रही हैं। वर्ष 2025 में भारतीय सिंगल मॉल्ट्स ने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय ब्रांड्स का जलवा देवांस ज्ञानचंद आडम्बरा और मंषा आडम्बरा को लास वेगास में आयोजित IWC (International Whisky Competition) में "बेस्ट इंडियन सिंगल मॉल्ट" और "बेस्ट इंडियन व्हिस्की" का खिताब मिला। वहीं मंषा ने जर्मनी के ISW (International Spirits Award) में "इंटरनेशनल व्हिस्की ऑफ द ईयर" का अवॉर्ड अपने नाम किया। इंद्री-त्रिणि द्रु इस दमदार कास्क-स्ट्रेंथ सिंगल मॉल्ट को मायामी ग्लोबल स्पिरिट्स अवॉर्ड्स 2025 में "बेस्ट वर्ल्ड व्हिस्की" का अवॉर्ड मिला। इसके साथ ही इसे इंटरनेशनल स्पिरिट्स चैलेंज में गोल्ड मेडल भी हासिल हुआ।   पॉल जॉन "द ग्रेट इंडियन सिंगल मॉल्ट" के नाम से मशहूर पॉल जॉन को "बेस्ट इंडियन सिंगल मॉल्ट", "बेस्ट एशियन व्हिस्की" और सैन फ्रांसिस्को वर्ल्ड स्पिरिट्स कॉम्पिटिशन में "डबल गोल्ड" जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। गोडावन यह भारत की सबसे अधिक सम्मानित सिंगल मॉल्ट बन चुकी है, जिसे अब तक 85 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। लंदन स्पिरिट्स कॉम्पिटिशन 2024 में इसे "सिंगल मॉल्ट व्हिस्की ऑफ द ईयर" का खिताब भी मिला है। तेजी से बढ़ रहा है भारतीय सिंगल मॉल्ट का बाजार भारतीय सिंगल मॉल्ट्स न केवल गुणवत्ता में विदेशी ब्रांड्स के बराबर खड़ी हैं, बल्कि कीमत के लिहाज से भी उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक विकल्प बन गई हैं। यही कारण है कि भारत में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। ग्लोबल लेवल पर भारतीय एल्कोहल इंडस्ट्री की मांग वर्ष 2025 तक 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह बाजार 2025 से 2035 के बीच 7.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 300 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। 2020 से 2025 तक यह बाजार 6.8 प्रतिशत की CAGR से बढ़ा था। देश में बदलती जीवनशैली, युवा आबादी की बढ़ती संख्या और सामाजिक स्वीकार्यता ने शराब उद्योग को नया रूप दिया है। आज युवा वर्ग शराब को सामाजिक मेलजोल और मनोरंजन का माध्यम मान रहा है। साथ ही, महिलाओं की वर्कफोर्स में बढ़ती भागीदारी और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता के चलते भी शराब की खपत में वृद्धि देखी जा रही है।  

प्रदेश के 6 शहरों में बदलाव की तैयारी, सैनी सरकार ने दिया विशेष तोहफा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार प्रदेश के छह शहरों में बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने जा रही है, जिसके लिए लगभग 35 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। खास बात यह है कि जमीन पारंपरिक अधिग्रहण से नहीं बल्कि किसानों की सहमति और इच्छा से ही जुटाई जाएगी। इसके लिए किसानों से सीधे ई-भूमि पोर्टल पर जमीन की पेशकश मांगी गई है।  ई-भूमि नीति के तहत किसान न केवल जमीन देने या न देने का फैसला करेंगे बल्कि जमीन की कीमत भी भू-मालिक ही तय करेगा। सरकार और किसान के बीच बातचीत व मोल-भाव के बाद सहमति बनने पर ही सौदा होगा। इस प्रक्रिया में न तो कोई दबाव होगा और न ही किसी तरह की अनिवार्यता। हालांकि 35 हजार एकड़ जमीन लेने की इस कवायद पर अब कानूनी पेच फंस गया है। इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है और कोर्ट ने सरकार को नोटिस भी जारी कर दिया है। इससे किसानों और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सरकार का दावा है कि इस नीति से किसान मजबूरी में नहीं बल्कि बराबरी की शर्तों पर विकास का हिस्सा बनेंगे। वहीं, विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में जमीन जुटाने की कवायद के पीछे औद्योगिक जरूरतों को किसानों के हितों से ऊपर रखने की आशंका है। 

जयशंकर ने ट्रंप को दिया करारा जवाब, कहा– समझौता नहीं होगा, अन्याय नहीं सहेंगे

नई दिल्ली  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी टैरिफ पर ट्रंप को जमकर सुनाया है। रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को जयशंकर ने पूरी तरह से गलत बताया है। इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2025 में बोलते हुए कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा है। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने हितों को लेकर कोई समझौता नहीं करते वाला है। सीमा नहीं पार होनी चाहिए जयशंकर ने कहा कि कुछ सीमाए हैं, जिनका पालन करना होगा। हमारे लिए मुख्य तौर पर हमारे किसान और छोटे उत्पादक अहम हैं। इस मामले में हम पीछे नहीं हअ सकते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे सफल या अफसल होने की बात कह सकते हैं। लेकिन बतौर सरकार हम अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए अडिग हैं। हम इसको लेकर दृढ़ हैं। जयशंकर ने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जिस पर हम समझौता नहीं कर सकते। टैरिफ और तेल विवाद एस जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि टैरिफ मुद्दे को गलत तरीके से तेल विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन और अन्य यूरोपीय देश तो हमसे ज्यादा मात्रा में रूस से तेल आयात कर रहे हैं। लेकिन टैरिफ वाली बात उनके ऊपर लागू नहीं हो रही है। जयशंकर ने आगे कहा कि जब लोग कहते हैं कि भारत युद्ध के लिए रूस को पैसा दे रहा है, तो उन्हें यह भी देखना चाहिए कि रूस-यूरोपीय व्यापार भारत-रूस व्यापार से कहीं अधिक बड़ा है। इस बात में काफी विरोधाभास है। नए राजदूत से टिप्पणी पर इनकार जयशंकर ने साफ कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित में निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इसे रणनीतिक स्वायत्तता बताया। भारत-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि तनाव के बावजूद बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि हम दो बड़े देश हैं… लाइनें कटी नहीं हैं, लोग एक-दूसरे से बात कर रहे हैं, और हम देखेंगे कि यह कहां जाता है। वाशिंगटन के नए राजदूत के बारे में पूछे जाने पर, जयशंकर ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।