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तीसरे दिन भी नहीं टूटी छांगुर बाबा की कोठी, बुलडोजर एक्शन में अफसरों की जद्दोजहद जारी

बलरामपुर यूपी के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के काले साम्राज्य पर तीसरे दिन भी बुलडोजर का एक्शन जारी है. सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई छांगुर बाबा की आलीशान किलेनुमा कोठी पर प्रशासन का बुलडोजर गरज रहा है. हालांकि, बाबा की ये कोठी इतनी मजबूत है कि इसको तोड़ने के लिए जेसीबी को भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है.  जानकारी के मुताबिक, छांगुर बाबा ने अपनी इस मजबूत कोठी में 10 मिलीमीटर से 15 मिलीमीटर तक की मोटी-मोटी सरिया लगवा रखी हैं. इसका कंक्रीट मटेरियल भी ऐसा इस्तेमाल किया, जो आमतौर पर ब्रिज और पुल निर्माण में प्रयोग होता है. इसी के चलते बाबा की कोठी बेहद मजबूत है, जिसे तोड़ने में बुलडोजर को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.  आपको बता दें कि बलरामपुर स्थित छांगुर बाबा की जिस कोठी को जमींदोज किया जा रहा है, वह किसी महल से कम नहीं है. पूरी कोठी सीसीटीवी से लैस थी. प्राइवेट पावर प्लांट लगाया था. दर्जनों सोलर पैनल लगे थे. बाउंड्री पर कटीले तार बिछे थे. कथित तौर पर इनमें करंट दौड़ता था, ताकि कोई कोठी के पास भी न फटक पाए.  इतना ही नहीं इस कोठी के अंदर ही एक गुप्त कंट्रोल रूम भी था, जिससे पूरे घर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाती थी. कंट्रोल रूम बाबा के बेडरूम था. अंदर जाने वाले हर व्यक्ति की रिकॉर्डिंग होती थी. मालूम हो कि छांगुर बाबा को उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के साथ बीते शनिवार को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. दोनों बलरामपुर जिले के मधपुर के निवासी हैं. छांगुर बाबा के खिलाफ पहले से गैर जमानती वारंट जारी था. उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था. फिलहाल, दोनों को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद रिमांड पर लेकर लखनऊ जिला जेल भेज दिया गया है. अब एटीएस उनसे पूछताछ करेगी.  इससे पहले, इसी केस में 8 अप्रैल को दो और आरोपियों जमालुद्दीन जो कि नसरीन का पति है और छांगुर बाबा के बेटे महबूब को गिरफ्तार किया जा चुका है. ये दोनों भी बलरामपुर के रहने वाले हैं और फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों से इन बड़े सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे- इस अवैध धर्मांतरण के पीछे फंडिंग कहां से आई? अब तक कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया? इस संगठित गिरोह के सदस्य किन-किन राज्यों और जिलों में सक्रिय हैं? क्या इसके पीछे विदेशी ताकतों का इशारा था? इनकी खाड़ी देशों में किससे मुलाकात हुई और किनके निर्देश पर यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था?

कौन सा देश बोला ‘नहीं’? Grok AI बैन से मस्क की योजना पर उठा सवाल

नई दिल्ली  तुर्की ने एलॉन मस्क के AI चैटबॉट Grok को ब्लॉक कर दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद तुर्की में इस चैटबॉट को ब्लॉक किया गया है, जिसे मस्क की कंपनी xAI ने विकसित किया है. ChatGPT की वाट लगा देगा मस्क का Grok 4? इस दिन होगा लॉन्च एलन मस्क एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार अपने नए AI मॉडल Grok 4 के लॉन्च को लेकर सुर्खियों में हैं. मस्क की AI कंपनी xAI ने इस पावरफुल चैटबॉट को तैयार किया है, जो सीधे तौर पर ChatGPT को टक्कर देने वाला माना जा रहा है. अब सवाल ये है कि क्या सच में Grok 4, OpenAI के सबसे पॉपुलर मॉडल को पीछे छोड़ देगा? एलन मस्क के ने अपनी एक्स पोस्ट में ग्रोक 4 की लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है. यहां जानें Grok 4 क्या है, इसमें क्या खास है और इसका लॉन्च कब होने वाला है. Grok 4 क्या है? Grok 4, एलन मस्क की कंपनी xAI का नया AI मॉडल है. ये एक एडवांस चैटबॉट है जो सवालों के जवाब देने, कोडिंग में मदद करने और सवाल-जवाब दे सकता है. एलन मस्क ने इसे इस तरह डिजाइन करवाया है कि ये बिना किसी राजनीतिक रुकावट के, क्लीयर और बेबाक तरीके से जवाब दे सकता है. ये मॉडल खासकर डेवलपर्स, टेक यूजर्स और AI रिसर्चर्स के लिए तैयार किया गया है. कब होगा Grok 4 का लॉन्च? एलन मस्क ने खुद ये जानकारी दी है कि Grok 4 का लॉन्च 9 जुलाई 2025 अमेरिकी टाइम के हिसाब से होगा. भारत में ये 10 जुलाई 2025 की सुबह 8:30 बजे लाइव स्ट्रीम के जरिए पेश किया जाएगा. आप इसे X प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग कर सकते हैं. इसके अलावा आप xAI की वेबसाइट और YouTube पर कुछ चैनलों के जरिए भी देखा जा सकेगा. Grok 4 में क्या खास है? Grok 4 अपने पिछले वर्जन से कई मायनों में बेहतर हो सकता है. ये कोडिंग एक्सपर्ट है. Grok 4 को खासतौर पर प्रोग्रामिंग और कोडिंग टास्क के लिए ट्रेन किया गया है. ये कोड लिखने, डिबग करने और सिखाने में मदद करेगा. मस्क का दावा है कि ये डीप थिंकिंग में ChatGPT से आगे निकल सकता है. इस वर्जन को एक नए कोडिंग-फोकस्ड मॉडल पर ट्रेन किया गया है जो डेवलपर्स के लिए ज्यादा यूजफुल साबित होगा. इसमें ड्यूल‑पर्सनैलिटी मोड देखने को मिलेगा. एक मोड funny and sarcastic है, जबकि दूसरा फैक्ट बेस्ड और सीरियस मोड हो सकता है. यूजर अपनी पसंद से स्टाइल चुन सकता है. Grok 4 और ChatGPT Grok 4 का लॉन्च AI दुनिया में एक बड़ा मोड़ ला सकता है. एलन मस्क का ये नया मॉडल उन यूजर्स के लिए खास है जो एआई से फास्ट, क्लीयर और टेक्निकल सपोर्ट चाहते हैं. हालांकि ChatGPT सिंपल, भरोसेमंद जवाब और भाषा के वजह से आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. लेकिन Grok 4 जैसे नए ऑप्शन आने से मुकाबला और भी तगड़ा हो गया है.  

एबी रोड को मिलेगा नया लुक, इंदौर में 90 करोड़ की लागत से होगा सौंदर्यीकरण

 इंदौर  इंदौर शहर से गुजरने वाला एबी रोड जल्द ही 60 मीटर चौड़ा होगा। नगर निगम ने इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है। चौड़ीकरण पर 90 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। सब कुछ योजनानुसार हुआ तो एक वर्ष में इंदौरियों को एबी रोड नए स्वरूप में नजर आने लगेगा। चौड़ीकरण में साइकिल ट्रेक और सर्विस लेन को शामिल किया जाएगा। बिजली के खंभों और स्टार्म वाटर लाइन को एक लाइन में लाया जाएगा। नगर निगम जल्द ही इस काम के लिए निविदाएं आमंत्रित करेगा। यातायात के बढ़ते दबाव के चलते एबी रोड चौड़ीकरण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। पिछले दिनों कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एबी रोड को 60 मीटर चौड़ा करने पर सहमति बनी थी। इसके बाद नगर निगम ने इस संबंध में सर्वे करवाने के बाद डीपीआर तैयार कर ली है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अनुमान है कि एबी रोड चौड़ीकरण पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एबी रोड चौड़ीकरण की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार सर्विस लेन और साइकिल ट्रेक को एबी रोड में शामिल करने की बात कही है। चौड़ीकरण के तहत बिजली के पोल, स्टार्म वाटर लाइन को एक लाइन में लाया जाएगा। स्मार्ट सिटी मद से होगा खर्च निगमायुक्त शिवम वर्मा के मुताबिक एबी रोड चौड़ीकरण पर आने वाला 90 करोड़ रुपये का खर्चा स्मार्ट सिटी मद से किया जाएगा। एबी रोड चौड़ीकरण के बाद यातायात में सुगमता होगी। जाम से मुक्ति मिलेगी। बीआरटीएस हटाने के बाद शुरू होगा काम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम को बीआरटीएस भी हटाना है। इसके अलावा एबी रोड पर डिवाइडर बनाने और एबी रोड के चौड़ीकरण का काम भी होना है। इस काम को पूरा करने के लिए नगर निगम ने एक वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया है। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि बीआरटीएस तोड़ने वाली एजेंसी 14 जुलाई को तय हो जाएगी। अन्य मार्गों के मुकाबले आसान होगा एबी रोड का चौड़ीकरण शहर के अन्य मार्गों के मुकाबले नगर निगम के लिए एबी रोड का चौड़ीकरण आसान होगा, ऐसा इसलिए क्योंकि इस चौड़ीकरण के लिए नगर निगम को बीआरटीएस के अतिरिक्त दोनों ओर करीब 15-15 मीटर का हिस्सा लेना है। एलआईजी से नौलखा के बीच पुलिस अधिकारियों के बंगले, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, पीसी सेठी अस्पताल सहित ज्यादातर शासकीय इमारतें हैं। जो निजी भवन इस चौड़ीकरण की जद में आएंगे, वे भी पीछे हटकर बने हैं। ऐसी स्थिति में अधिकारियों का अनुमान है कि चौड़ीकरण के लिए बाधाएं हटाने में ज्यादा परेशानी नहीं आएगी।

भारत के सबसे महंगे स्टॉक ने रचा इतिहास, एक शेयर की कीमत 150000 रुपये के अधिक

मुंबई  डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा एक शेयर की कीमत, हर किसी के पोर्टफोलियो में नहीं हो सकता है ये शेयर. आज देश के सबसे महंगे शेयर MRF लिमिटेड की कीमत बढ़कर 1.5 लाख रुपये से ज्यादा हो गई. एक बार ये देश का सबसे महंगा शेयर हो गया है. पिछले तीन महीने में MRF के शेयर ने तगड़ा रिटर्न दिया है.  दरअसल, बुधवार को MRF का शेयर 1,44,945 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 1,50,995 रुपये तक पहुंच गया, जो कि शेयर के ऑल टाइम हाई बेहद करीब है. MRF का ऑल टाइम हाई प्राइस 1,51,283.40 रुपये है, जो इसने फरवरी 2024 में टच किया था. एक बार फिर MRF के शेयर ने Elcid Investments को पीछे छोड़कर देश का सबसे महंगा शेयर बन गया है.   इसी साल 4 मार्च को शेयर गिरकर 1 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया था, जहां से पिछले तीन महीने में एकतरफा रैली देखने को मिली है, यानी महज तीन में MRF के शेयर ने करीब 50 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि पिछले एक साल में शेयर ने 14 फीसदी रिटर्न बनाकर दिया है. 5 साल में रिटर्न का आंकड़ा बढ़कर 132 फीसदी तक हो जाता है. MRF के फिर डेढ़ लाख रुपये के पार जो भी हो, MRF के शेयर के लिए 1.50 लाख रुपये का आंकड़ा एक साइक्लोजिकल बैरिकेड था, जिसने उसने आज पार कर लिया है. MRF कंपनी की कहानी बेहद की रोचक रही है. कंपनी पैसेंजर कारों, दोपहिया, ट्रक, और यहां तक कि भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई विमानों के लिए टायर बनाती है. इसके अलावा, फनस्कूल ब्रांड के तहत खिलौने और पेंट्स भी इसका हिस्सा हैं. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व 28,153 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 1,869 करोड़ रुपये रहा, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है. अगर कंपनी के इतिहास पर नजर डालें तो MRF के एक शेयर की कीमत 1995 में करीब 1,100 रुपये थी, पिछले 30 वर्षों में शेयर ने 18.5% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. 2005 तक शेयर मूल्य बढ़कर लगभग 3,500 रुपये हो गया. इस अवधि में कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाई और निर्यात बाजार में प्रवेश किया, जिससे राजस्व में स्थिर वृद्धि हुई. 2005 से 2015 तक MRF ने वैश्विक और घरेलू मांग का लाभ उठाया. कंपनी ने ट्रक, बस, और ऑफ-रोड टायर सेगमेंट में विस्तार किया. 2015 तक शेयर मूल्य 40,000 रुपये के स्तर को पार कर गया, जो 27.8% CAGR का संकेत देता है. इस दौरान कंपनी ने फनस्कूल (खिलौने) और पेंट्स जैसे विविध कारोबार शुरू किए और भारतीय वायुसेना के लिए विशेष टायर बनाए. 2015 के बाद शेयर में ऐतिहासिक उछाल  2015 से 2025 तक MRF के शेयर ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया. जून 2023 में इसका शेयर मूल्य 1 लाख रुपये को पार कर गया, जो भारत में किसी कंपनी का पहला ऐसा रिकॉर्ड था. फिर जनवरी- 2024 में 1.50 रुपये के स्तर को पार किया, उसके बाद शेयर में लंब वक्त तक गिरावट हावी रहा. लेकिन एक बार फिर  MRF के शेयर ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है.   MRF कंपनी की कहानी बेहद ही दिलचस्प है, आइए जानते हैं कैसे गुब्बारे बनाते-बनाते ये टायर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में आई और कैसे इसके शेयर ने देश के सबसे हैवीवेट शेयर का तमगा हासिल किया. गुब्बारे बनाने से हुआ था बिजनेस शुरू टायर की दुनिया का बादशाह बनने से पहले इस कंपनी के फाउंडर के.एम. मामेन मपिल्लई (K. M. Mammen Mappillai) गुब्बारे बनाते थे. मपिल्लई ने साल 1946 में कारोबारी दुनिया में कदम रखा. उन्होंने तिरुवोट्टियूर, मद्रास में एक छोटे से शेड में गुब्बारे बनाने का कारोबार शुरू किया. वे ज्यादातर बच्चों के खिलौने के साथ ही इंडस्ट्रियल ग्लव्स और लैटेक्स से बनी हुई चीजों का निर्माण करते थे. समय के साथ उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया और इस पर आगे बढ़ते हुए साल 1952 में मद्रास रबर फैक्ट्री (MRF) की स्थापना की. ट्रेड रबर बनाने का उनका कारोबर की दुनिया में प्रवेश करने के महज 4 वर्षों के भीतर ही कंपनी तेजी से आगे बढ़ी और साल 1956 तक MRF 50% शेयर के साथ भारत में ट्रेड रबर का मार्केट लीडर बन गया. समय के साथ बदला कारोबार  5 नवंबर 1961 को MRF को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का दर्जा मिला. उस वक्त तक कंपनी मैन्सफील्ड टायर एंड रबर कंपनी के सहयोग से ऑटोमोबाइल, विमान, साइकिल के लिए टायर और ट्यूब बनाती थी. 1965 में कंपनी ने अपने पहले फॉरेन वेंचर के जरिए अमेरिका (US) में टायरों का निर्यात शुरू कर दिया. 80 के दशक में भारतीय ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव आया, किफायती कारों ने दस्तक दी, जिसका उदाहरण मारुति 800 (Maruti 800) है. वहीं टू-व्हीलर इंडस्ट्री ने भी रफ्तार पकड़ ली थी, 1985 में कंपनी ने टू-व्हीलर्स के लिए टायर बनाने शुरू कर दिए. 1993 तक MRF का कारोबार स्थापित हो चुका था और अब ये कंपनी ट्रक, कार, बाइक-स्कूटर बाजार तक में अव्वल बन गई थी. 

भारत का बांग्लादेश दौरा टला, श्रीलंका-भारत बोर्डों के बीच बातचीत जारी; अगस्त में 3 वनडे और 3 टी20 मैच हो सकते

मुंबई  भारत और बांग्लादेश (IND vs BAN) के बीच खेली जाने वाली व्हाइट बॉल क्रिकेट को हाल में एक करारा झटका लगा है। 17 अगस्त से दोनों देशों के बीच सफेद गेंद से तीन मैच की वनडे और टी20 सीरीज की शुरुआत होनी थी, लेकिन बांग्लादेश में बिगड़े हालातों को देखते हुए इस सीरीज को अगले साल सितंबर तक स्थगित कर दिया है। अब भारत बांग्लादेश की बजाय श्रीलंका के खिलाफ भारत वनडे और टी20 सीरीज खेलने की प्लानिंग कर चुका है। इसके लिए बीसीसीआई बोर्ड ने श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड से बातचीत भी शुरू कर दी है।  बांग्लादेश के शेड्यूल पर श्रीलंका के साथ खेलेगी भारतीय टीम! भारतीय टीम (Team India) को 17 अगस्त से बांग्लादेश का दौरा करना था, लेकिन अब इसे आगामी समय के लिए टाल दिया गया है। ऐसे में भारत के पास काफी समय मौजूद है। वहीं, दूसरी तरफ श्रीलंका में खेली जाने वाली प्रीमियर लीग को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। दरअसल, जुलाई और अगस्त में श्रीलंका में श्रीलंका प्रीमियर लीग खेली जाती है जो इस साल यह नहीं होगी, जिसके चलते श्रीलंकाई खिलाड़ी खाली रहेंगे। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच तीन मैच की वनडे और टी20 सीरीज आयोजित करवाई जा सकती है। उम्मीद की जा रही है कि 10 अगस्त से दोनों देशों के बीच टी20 सीरीज खेली जा सकती है। बता दें कि 29 अगस्त से श्रीलंका को जिम्बाब्वे के खिलाफ पहला वनडे मैच खेलना है। Team India को बोर्ड की सहमति का इंतजार टीम इंडिया बनाम श्रीलंका वनडे और टी20 सीरीज का शेड्यूल पहले से तय नहीं था, लेकिन बांग्लादेश दौरा रद्द होने के बाद इस सीरीज का आयोजन करवाया जा सकता है। हालांकि, बीसीसीआई या फिर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की ओर से इसपर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन न्यूज वायर की रिपोर्ट के अनुसार, टीम इंडिया (Team India) श्रीलंका का दौरा कर सकती है। हालांकि, अभी तक इस दौरे का शेड्यूल सामने नहीं आया है, लेकिन अगस्त के अंत में श्रीलंकाई टीम को जिम्बाब्वे का दौरा करना है, जिससे पहले इस सीरीज का आयोजित करवाया जा सकता है और अगस्त से पहले इस सीरीज को खत्म किया जा सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि दोनों बोर्ड के बीच इस व्हाइट बॉल श्रृंखला को लेकर सहमति बनती है या फिर नहीं। 2024 में खेली थी आखिरी सीरीज रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने आखिरी बार श्रीलंकाई सरजमीं पर वनडे सीरीज और टी20 सीरीज खेली थी। जहां टी20 टीम इंडिया (Team India) की कमान सूर्यकुमार यादव संभाल रहे थे और भारत ने उन श्रृंखला को अपने नाम किया था तो रोहित शर्मा की कप्तानी वाली वनडे टीम को सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। खास बात यह है कि इस सीरीज से ही टीम इंडिया (Team India) के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अपने कार्यकाल की शुरुआत की थी। अब अगर इस दोनों टीमों के टीम सीरीज खेली जाती है तो भारत के पास उस हार का बदला लेने का शानदार मौका होगा। जबकि एक बार फिर वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी होती नजर आएगी। जो फैंस बांग्लादेश दौरे पर रोहित और विराट कोहली को एक बार फिर टीम इंडिया (Team India) में साथ खेलते देखने की चाह रख रहे थे अब उनकी चाहत श्रीलंका टूर पर पूरी हो सकती है। वनडे का संभावित शेड्यूल: मैच तारीख वेन्यू पहला वनडे 19 अगस्त 2025 कोलंबो दूसरा वनडे 22 अगस्त 2025 कोलंबो तीसरा वनडे 25 अगस्त 2025 कोलंबो T20I का संभावित शेड्यूल: मैच तारीख वेन्यू पहला टी20 10 अगस्त 2025 कोलंबो दूसरा टी20 13 अगस्त 2025 कोलंबो तीसरा टी20 16 अगस्त 2025 कोलंबो  

यश दयाल का जवाब आया सामने, रेप आरोपों पर किया सफाईभरा बयान

नई दिल्ली  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज यश दयाल कथित महिला मित्र के द्वारा लगाए संगीन आरोप के बाद मुश्किल में फंस गए हैं। हालांकि, अब उन्होंने इन सभी चीजों के ऊपर अपनी चुप्पी तोड़ी है। गाजियाबाद की एक महिला ने उन पर शादी का झांसा देकर 'यौन शोषण' करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। बता दें कि यश दयाल पिछले सीजन के आईपीएल चैंपियन आरसीबी के लिए यश दयाल ने कमाल का खेल दिखाया था। आरसीबी को चैंपियन बनाने में यश दयाल की अहम भूमिका रही थी। ऐसे में अब इस स्टार खिलाड़ी ने अपने बचाव में पहली बार सफाई पेश की है। यश दयाल ने महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए प्रयागराज पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। 27 साल के तेज गेंदबाज ने खुल्दाबाद पुलिस स्टेशन से महिला के खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यश ने महिला पर एक आईफोन और एक लैपटॉप चोरी करने का आरोप लगाया है। यश दयाल ने भी दर्ज कराई शिकायत बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने प्रयागराज पुलिस को यह भी बताया कि वह 2021 में इंस्टाग्राम के जरिए महिला से परिचित हुए थे, जिसके बाद उन्होंने एक-दूसरे से बातचीत करना शुरू कर दिया। यश दयाल ने यह भी आरोप लगाया है कि महिला ने खुद और अपने परिवार के इलाज के बहाने उनसे लाखों रुपये उधार लिए जिसे चुकाने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया है कि महिला ने उनसे बार-बार शॉपिंग के लिए पैसे उधार लिए। क्रिकेटर का कहना है कि उनके पास इन दावों का समर्थन करने के लिए सबूत हैं। यश दयाल ने यह भी कहा कि जब उन्हें पता चला कि महिला ने उनके खिलाफ गाजियाबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है तो उन्होंने महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया। महिला के परिवार भी यश ने किया केस तीन पेज की शिकायत में यश दयाल ने महिला और उसके परिवार के दो सदस्यों के साथ-साथ कई अन्य लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला द्वारा यश दयाल (27) के खिलाफ रविवार को इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन में बीएनएस धारा 69 (धोखे से यौन संबंध बनाना, जिसमें शादी का झूठा वादा भी शामिल है) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह कार्रवाई तब की गई जब एक महिला ने 21 जून को आईजीआरएस माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की, जिसमें आरोप लगाया गया कि क्रिकेटर जिसके साथ वह पांच साल से रिश्ते में थी उसने उसका शारीरिक शोषण किया।

महाकाल की नगरी उज्जैन में जल्द शुरू होगा आकाशवाणी केंद्र, CM यादव केंद्रीय मंत्री ने मिले

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में जल्द ही एक आकाशवाणी केंद्र शुरू किया जाएगा. इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मुरुगन से उज्जैन में जल्द ही एक आकाशवाणी केंद्र शुरू करने का अनुरोध किया. केंद्रीय मंत्री ने प्रस्ताव पर सहमति जताई और आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए. उज्जैन में आकाशवाणी स्टूडियो का निर्माण पूरा होने तक उज्जैन केंद्र के कार्यक्रम आकाशवाणी इंदौर के माध्यम से प्रसारित किए जा सकेंगे. अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की और उन्हें राज्य के रायसेन जिले में बीईएमएल लिमिटेड की अत्याधुनिक रेल कोच फैक्ट्री की आधारशिला रखने के लिए आमंत्रित किया. इस परियोजना में लगभग 1800 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है. मुख्यमंत्री मोहन यादव के हवाले से कहा गया है, "इस प्लांट में मध्य प्रदेश सरकार, रेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की साझेदारी होगी." मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने इस कारखाने के लिए रायसेन ज़िले में लगभग 60 हेक्टेयर ज़मीन आवंटित की है, जिससे लगभग 1500 लोगों को रोज़गार मिलेगा. CM यादव ने केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी से भी मुलाकात की. एक बयान में कहा गया है कि राज्य के 32 लाख किसानों के लिए सौर पैनल लगाए जाएँगे ताकि वे अपनी बिजली खुद पैदा कर सकें और राज्य पर लगभग 18,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का बोझ कम हो. उन्होंने कहा कि इसके लिए लगभग 1800 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है. यादव ने कहा, 'संयंत्र में मध्यप्रदेश सरकार, रेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की भागीदारी रहेगी.' इस संयंत्र की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश शासन ने रायसेन जिले में लगभग 60 हेक्टयर भूमि का आवंटन कर दिया है. उन्होंने कहा, 'यह संयंत्र लगभग डेढ़ हजार लोगों को रोजगार दिलवाने में भी सहायक होगा, साथ ही देश के रेल कोच संयंत्रों के मानचित्र में विशेष स्थान बनाएगा.' मुख्यमंत्री यादव ने इस दौरान केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी से भी मुलाकात की और कहा कि पूरे देश में मध्य प्रदेश ही ऐसा राज्य है जो सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करवा रहा है, जिससे नयी दिल्ली में मेट्रो ट्रेन चल रही हैं. मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य के 32 लाख किसानों के लिए सोलर पैनल लगाकर दिया जाएगा, जिससे भविष्य में किसान स्वयं की बिजली उत्पन्न कर सकें. उन्होंने कहा कि इससे लगभग 18 हजार करोड़ की सब्सिडी के भार से राज्य सरकार मुक्त हो सकेगी.

खंडवा जिले में मांस, मछली और अंडा की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया

 खंडवा   खंडवा जिले में मांस, मछली और अंडा की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। गुरुपूर्णिमा पर्व के मौके पर श्री दादाजी धुनीवाले का वार्षिक मेला आज यानी 9 जुलाई से शुरु हो रहा है, जो 11 जुलाई तक चलेगा। ऐसे में तीन दिन शहरी क्षेत्र में दुकानें बंद रहेगी। इस संबंध में खंडवा नगर निगम द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। इस संबंध में महापौर अमृता अमर यादव का कहना है कि, राजवीर ढाबे के घटनाक्रम की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निर्णय लिया गया है। दरअसल, बीते दिनों दादाजी धूनीवाले के निशान लेकर आ रहे भक्तों को ढाबे पर सेव टमाटर में नॉनवेज परोस दिया गया था। इसके चलते धार्मिक भावनाएं आहत न होम और श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ न हो, इसे मद्देनजर रखते हुए ये आदेश जारी किया गया है। सख्ती से होगा आदेश का पालन गुरु पूर्णिमा पर्व पर दादाजी धूनीवाले के दरबार में तीन दिन महोत्सव मनाया जाता है। ऐसे में नगर निगम शांति और धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए ये फैसला लिया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से निर्णय का सख्ती से पालन कराने की बात कही गई है। सेव टमाटर की सब्जी की जगह परोस दिया था मटन बता दें कि, पंधाना क्षेत्र से दादाजी धूनीवाले के निशान लेकर खंडवा आ रहे श्रद्धालु एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुके थे। वहां उन्हें सेव टमाटर की सब्जी की जगह मटन परोस दिया गया था। इस घटना के बाद हिंदू जागरण मंच ने आक्रोश व्यक्त करते हुए जमकर बवाल मचाया था।

जबलपुर में ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल, मामला एक बार फिर HC पहुंचा, कोर्ट ने जिम्मेदारों से माँगा जवाब

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट में जबलपुर शहर के बंद ट्रैफिक सिग्नल्स और कैमरों बंद होने को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट में कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, जबलपुर कलेक्टर, एसपी जबलपुर और निगमायुक्त सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई 28 जुलाई को निर्धारित की है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि जबलपुर शहर में तकरीबन 26 ट्रैफिक सिग्नल्स लगे हैं, जिनमें अधिकांश गत छह माह से बंद हैं। इसके कारण शहर की यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है। सिग्नल्स बंद होने के कारण जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इसके अलावा  कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी बंद पड़े हैं। इससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की भी पहचान नहीं हो पा रही है। अपराधिक वारदातों को सुलझाने में भी कैमरों की अहम भूमिका रहती है। ट्रैफिक सिग्नल्स तथा सीसीटीवी कैमरा बंद होने के कारण शासन को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। सिग्नल्स तोड़ने वालों पर चालानी कार्यवाही नहीं हो रही है। याचिका में कहा गया है कि ट्रैफिक सिग्नल्स के संचालन को लेकर जिम्मेदार संस्था एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, लेकिन उसका समुचित समाधान नहीं कर रहे हैं। शहर में लगे सभी ट्रैफिक सिग्नल का अनुबंध समाप्त हो चुका है। नए अनुबंध न होने के कारण शहर में यातायात व्यवस्था अराजक हो चली है। ब्लूम चौक को पार करने में 35 से 40 मिनट लग रहे हैं। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा।   

कोर्ट ने शहर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या और ट्रैफिक सिग्नलों की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई, मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को

 इंदौर  इंदौर शहर के बदहाल ट्रैफिक को लेकर हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह और निगमायुक्त शिवम वर्मा से व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने के लिए कहा है, ताकि इस समस्या का समाधान निकल सके। कोर्ट ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से कहा है कि वे सुनवाई के दौरान न्यायमित्र के रूप में उपस्थित रहें और कोर्ट का सहयोग करें। शहर में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या को लेकर भी कोर्ट ने शासन को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में ई-रिक्शा संचालन के लिए राज्य सरकार और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) के पास कोई नीति नहीं है। ई-रिक्शा की संख्या, मार्ग और किराए पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है। कोर्ट ने ध्वस्त हो चुकी शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर शासन और पुलिस विभाग से बिंदुवार विस्तृत जानकारी मांगी है। कोर्ट ने यह आदेश राजलक्ष्मी फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका में दिया है। दो जुलाई को याचिका में बहस के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था जो  देर शाम जारी हुआ। याचिका में शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर कहा है कि रात के वक्त एक भी चौराहे पर यातायात सिग्नल चालू नहीं रहते। चौराहों पर लगे सिग्नल बंद कर दिए जाते हैं। दुर्घटना रोकने को कोई इंतजाम नहीं दुर्घटना संभावित क्षेत्र तो चिह्नित कर लिए गए, लेकिन यहां दुर्घटना रोकने के कोई इंतजाम नहीं किए गए। हालत यह है कि चौराहों से सुबह और शाम को निकलना मुश्किल है। दुकान से ज्यादा सामान तो दुकानदार बाहर रखते हैं। शहर में ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे नियंत्रित करने की कोई नीति नहीं है। मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। इन बिंदुओं पर मांगी जानकारी     शहर में प्रमुख चौराहों पर कितनी ट्रैफिक लाइटें लगाई गई हैं और कितनी काम कर रही हैं।     मार्ग चौड़ीकरण के माध्यम से कितने लेफ्ट टर्न बनाए गए हैं।     मुख्य और साइड लेन सड़कों पर रोड मार्किंग की गई या नहीं।     शहर में प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती।     दुर्घटना, ब्लैक स्पाट की पहचान के लिए क्या किया।     पिछले पांच वर्ष के दौरान कितने स्पीड ब्रेकर, पार्किंग जोन, फुट ओवर ब्रिज बनाए।     दुकानों के बाहर सड़क और फुटपाथ पर सामान रखने वाले दुकानदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की। ज्यादातर जगह तो दुकानदार दुकान के क्षेत्रफल से ज्यादा फुटपाथ इस्तेमाल कर रहे हैं।     सार्वजनिक स्थानों पर ठेले, गुमटियों को हटाने के लिए क्या कार्रवाई की और पिछले पांच वर्ष में कितने चालान बनाए।     हेलमेट नहीं पहनने वाले और लाल लाइट का उल्लंघन करने वाले कितने दोपहिया वाहन चालकों के चालान बनाए।     ऐसे दो पहिया वाहन जिन पर दो से अधिक यात्री यात्रा करते हैं वह भी बगैर हेलमेट के, उन्हें नियंत्रित करने के लिए क्या योजना है। यह भी बताएं कि पुलिस सख्ती क्यों नहीं बरतती। बीआरटीएस में निजी वाहन नहीं चलेंगे कोर्ट ने तीन पेज के आदेश में स्पष्ट किया है कि जब तक बीआरटीएस चालू है, तब तक इसमें केवल आईबस, एंबुलेंस और पुलिस वाहन ही चलेंगे। निजी वाहनों को बीआरटीएस का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।