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फिर गरमाई कर्नाटक की सियासत, सीएम बदलाव की अटकलों के बीच सिद्धारमैया की राहुल से मुलाकात

नई दिल्ली/बेंगलुरु कर्नाटक में फिर से नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों का बाजार गर्म है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने कहा, "…मैंने आज राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा था लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।" कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां कोई वैकेंसी नहीं है। मैं पांच साल पूरा करूंगा। सिद्धारमैया ने कहा, "डीके शिवकुमार ने खुद कहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है।" हालांकि, इस बीच राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बेंगलुरु में गुरुवार को यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया है कि इस मुद्दे पर पार्टी आलाकमान ही निर्णय करेगा। उन्होंने कहा, “पार्टी नेतृत्व सब देख रहा है और समय आने पर वह निर्णय करेगा।” एक और नाटक कंपनी खोलने की इच्छा नहीं प्रदेश में संभावित नेतृत्व परिवर्तन और कुछ पार्टी नेताओं एवं विधायकों के सार्वजनिक बयानों के बारे में एक सवाल के जवाब में परमेश्वर ने स्वीकार किया कि वास्तव में ‘नाटक’ हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसपर टिप्पणी करके उनकी ‘‘एक और नाटक कंपनी खोलने की इच्छा नहीं है।’’ पार्टी आलाकमान सब देख रहा है कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जैसा कि आप (मीडियाकर्मियों) ने कहा, एक नाटक जारी है। इस (नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे) पर न तो बार-बार चर्चा होनी चाहिए और न ही बयानबाजी। प्रशासन में कोई समस्या नहीं है, यह सुचारू रूप से चल रहा है और मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया) प्रभावी रूप से इसका संचालन कर रहे हैं। मैं एक और नाटक कंपनी (बयान देने से) नहीं खोलना चाहता।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान सब देख रहा है और समय आने वह निर्णय करेगा।

अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू का बयान – दलाई लामा का उत्तराधिकारी नहीं होगा चीन से

नई दिल्ली अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि अगले दलाई लामा एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश से होंगे, चीन से तो बिल्कुल नहीं। उन्होंने कहा कि अगले दलाई लामा के चयन की प्रक्रिया किसी पदधारी के निधन के बाद ही शुरू होती है। साथ ही आशा और प्रार्थना की कि 14वें दलाई लामा 40 और वर्षों तक जीवित रहें। खांडू ने एक साक्षात्कार में कहा, 'दलाई लामा का स्वास्थ्य बहुत अच्छा है। अपनी 90वीं जन्मतिथि समारोह के अवसर पर उन्होंने खुद कहा कि वह लगभग 130 वर्ष तक जीवित रहेंगे। इसलिए हम सभी प्रार्थना करते हैं और मुझे पूरी उम्मीद है कि वह 130 वर्ष तक जीवित रहेंगे।' दलाई लामा के जन्म पर बोले खांडू दलाई लामा के अनुयायी और बौद्ध धर्मावलंबी मुख्यमंत्री ने अगले दलाई लामा के चयन के बारे में कहा, 'पूरे नियम तय हैं, सभी प्रक्रियाएं तय हैं। अभी इस बारे में अटकलें लगाने का कोई मतलब नहीं है। अभी यह अनुमान लगाने का कोई मतलब नहीं है कि उनका जन्म कहां होगा, किस क्षेत्र में होगा, भारत में होगा या तिब्बत में। उन्होंने कहा कि केवल एक स्पष्टता है, जो दलाई लामा ने शायद एक साक्षात्कार में कही है कि अगले दलाई लामा का जन्म एक स्वतंत्र विश्व में होगा।' मुख्यमंत्री ने कहा कि गादेन फोडरंग ट्रस्ट अगले दलाई लामा की खोज करेगा। हिंदी को लेकर सीएम ने की टिप्पणी     भाषा विवाद के बीच खांडू ने कहा कि हिंदी उनके राज्य को जोड़ने वाली भाषा है। जब से अरुणाचल प्रदेश में शिक्षा आई है, तब से हिंदी स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा रही है और इसे सीखने में कोई समस्या नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में इतनी विविधता है कि 26 प्रमुख जनजातियां और 100 से ज्यादा उप-जनजातियां अपनी-अपनी भाषाएं और बोलियां बोलती हैं।     उन्होंने कहा, 'अगर मैं अपनी बोली, अपनी भाषा में बोलूंगा तो दूसरी जनजाति के लोग समझ नहीं पाएंगे। इसलिए हर कोई हिंदी बोलता है। व्याकरण संबंधी गलतियां जरूर होंगी, लेकिन अगर आप किसी भी गांव में जाएं, तो सभी ग्रामीण हिंदी समझेंगे और बोलेंगे। हम चुनाव प्रचार में और विधानसभा में भी हिंदी बोलते हैं।'  

कपिल शर्मा के कैफे पर चली गोलियां, हरजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर ली फायरिंग की जिम्मेदारी

नई दिल्ली कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग हुई है। कुछ दिनों पहले ही कनाडा में के सरे में उनके कैफे का उद्घाटन हुआ था। पत्नी गिन्नी चतरथ के साथ मिलकर उन्होंने कनाडा में एक शानदार रेस्टोरेंट खोला है। कैफे का नाम 'कैप्स कैफे' रखा है।  हरजीत सिंह लाडी ने ली गोलीबारी की जिम्मेदारी खालिस्तान समर्थक समूह BKI (बब्बर खालसा इंटरनेशनल) के एक कार्यकर्ता और एनआईए (भारत) के मोस्ट वांटेड आतंकवादी हरजीत सिंह लाडी ने इस गोलीबारी की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, उनके कैफे को क्यों निशाना बनाया गया है, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। वहीं, कपिल शर्मा की ओर से भी इस मामले पर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। हमलावरों ने कम से कम 9 राउंड चलाई गोलियां  जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने कम से कम 9 गोलियां चलाई। गनीमत रही कि इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकत है कि एक व्यक्ति कार में बैठकर कैफे की खिड़की पर गोलियां चला रहा है। 

बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में  5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।रायगढ़ जिले की रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।

जनता दर्शन में योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की, कहा- समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान जनता दर्शन में लोगों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर व्यक्ति की समस्या का निस्तारण, उनकी सरकार की विशेष प्राथमिकता है।  एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक तरीके से उनका समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यहां गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन में योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद गए और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने करने की आवश्यकता नहीं है और सभी की समस्या का समाधान हर हाल में किया जाएगा। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं जमीन से जुड़े विवादों में प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची थीं और उनकी शिकायत थी कि उनकी जमीनों पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन शिकायतों पर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि जमीनी विवादों का समाधान तत्परतापूर्वक इस तरह होना चाहिए जिससे पीड़ित व्यक्ति संतुष्ट दिखे। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि पैसे की तंगी से किसी का भी इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा। जनता दर्शन के दौरान कुछ महिलाओं संग पहुंचे उनके बच्चों को मुख्यमंत्री ने चॉकलेट दी।  

अवैध धर्मांतरण के खिलाफ अभियान जारी, योगी राज में अब तक 16 को मिली सजा

लखनऊ योगी सरकार की अवैध धर्मांतरण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। योगी सरकार के निर्देश पर पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस, एसटीएफ और एटीएस दो दर्जन से अधिक अवैध धर्मांतरण गिरोहों के सरगना और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार सलाखों के पीछे धकेल चुकी है। वहीं, अभियोजन विभाग द्वारा कोर्ट में प्रभावी पैरवी, वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर पिछले आठ वर्षों में अवैध धर्मांतरण में लिप्त 16 आरोपियों को सजा दिलायी गयी। इनमें से 12 आरोपियों का आजीवन कारावास और 4 आराेपियों को 10 वर्ष के कारावास की सजा दिलायी गयी। इसके साथ ही कोर्ट द्वारा आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया। डीजीपी राजीव कृष्णा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेशभर में धार्मिक-सामाजिक एकता बनाए रखने और जनसंख्या संतुलन को बिगाड़ने वाली साजिशों को विफल करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अवैध धर्मांतरण के सरगनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि अभियान ने न केवल अवैध धर्मांतरण की गहरी जड़ों को उजागर किया बल्कि संगठित धर्मांतरण गिरोहों की कमर तोड़ दी है। डीजीपी ने बताया कि पिछले आठ सालों में प्रदेश भर में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेला गया है। यह आरोपी उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और हरियाणा में भी सक्रिय थे। इनका मकसद बहुसंख्यक आबादी में धार्मिक असंतुलन पैदा कर देश की जनसांख्यिकी को बदलना और शांति को भंग करना था। यह लोग गिरोह के संचालन के लिए इस्लामिक दावा सेंटर (आईडीसी) जैसे केंद्रों का उपयोग करते थे, जहां गरीब, असहाय, दिव्यांग और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को बहला-फुसलाकर, नौकरी, इलाज, शादी और पैसे के लालच से अवैध धर्मांतरण कराया जाता था। वहीं कुछ अभियुक्तों को प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से प्रेरित भी पाया गया है।  डीजीपी ने बताया कि अभियान में दबोचे गये आरोपियों ने अवैध धर्मांतरण का सुनियोजित नेटवर्क तैयार कर रखा था। इनके कब्जे से 450 से अधिक अवैध धर्मांतरण प्रमाण-पत्र और भारी मात्रा में विदेशी फंडिंग के दस्तावेज बरामद हुए थे। अवैध धर्मांतरण के लिए पीड़ितों पर मानसिक दबाव बनाया जाता था, उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था और बाद में उन्हें रैली और वीडियो के ज़रिए मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर प्रचारित किया जाता था। इनमें से कई आरोपियों के खाते में एफसीआरए के बिना विदेशी चंदा आया था, जिसे उन्होंने अवैध धर्मांतरण की गतिविधियों में इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं योगी सरकार द्वारा अवैध धर्मांतरण के आकाओं और उनके सहयोगियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कोर्ट में प्रभावी पैरवी की गयी। वैज्ञानिक साक्ष्य और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कर आरोपियों को दिलायी गयी कठोर सजा अभियोजन विभाग के डीजी दीपेश जुनेजा ने बताया कि अवैध धर्मांतरण में लिप्त आरोपियों को कोर्ट के जरिये सजा दिलाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई। इसी का परिणाम है कि पिछले आठ वर्षों में अवैध धर्मांतरण में लिप्त आकाओं और उनके सहयोगियों को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा दिलायी गयी। इनमें से 12 आरोपियों को आजीवन कारावास और 4 को 10 वर्षों की कठोर सजा सुनाई गई है। साथ ही कोर्ट द्वारा आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया। अवैध धर्मांतरण के इन आरोपियों को दिलायी गयी सजा 1. मोहम्मद उमर गौतम 2. मौलाना कलीम सिद्दीकी 3. काज़ी जहांगीर आलम कासमी 4. इरफान शेख उर्फ इरफान खान 5. सरफराज अली जाफरी 6. कौशर आलम 7. फराज बाबुल्लाह शाह 8. अब्दुल्ला उमर 9. धीरज गोविंद राव जगताप 10. सलाउद्​दीन जैनुद्​दीन शेख 11. प्रसाद रामेश्वर कांवरे उर्फ आदम 12. अर्सलान मुस्तफा उर्फ भूप्रिय बंदो 13. मोहम्मद सलीम 14. राहुल भोला 15. मन्नू यादव 16. कुणाल अशोक चौधरी  

IPL 2025 टिकट घोटाले पर गिरी गाज, हैदराबाद क्रिकेट बॉडी के अध्यक्ष जगन मोहन राव गिरफ्तार

हैदराबाद  हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के अध्यक्ष ए. जगन मोहन राव को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 सीजन से जुड़े टिकट घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने गिरफ्तार किया. राव के साथ HCA के चार अन्य वरिष्ठ अधिकारी- कोषाध्यक्ष सी. श्रीनिवास राव, CEO सुनील कांते, महासचिव राजेंद्र यादव और उनकी पत्नी जी. कविता  को तेलंगाना CID ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. ये गिरफ्तारियां नि:शुल्क मैच टिकटों के वितरण से जुड़ी जालसाजी, वित्तीय गड़बड़ी और दबाव डालने की गतिविधियों के आरोपों के बाद हुईं. तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन (TCA) के महासचिव धरम गुराव रेड्डी द्वारा 9 जून को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद यह मामला दर्ज किया गया. इस शिकायत के आधार पर सीआईडी ​​ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिनमें धारा 465 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करना), 403 (संपत्ति का बेईमानी से गबन), 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) , 420 (धोखाधड़ी), साथ ही धारा 34 (साझा इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) शामिल हैं. आरोप है कि राव ने एचसीए चुनाव लड़ने के लिए एक जाली दस्तावेज पेश किया था. एचसीए द्वारा आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पर निर्धारित सीमा से ज्यादा कॉम्प्लिमेंट्री टिकट देने के लिए दबाव डालने के प्रयासों से जुड़े और भी आरोप सामने आए हैं. एसआरएच, एचसीए और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार, एचसीए को 3,900 कॉम्प्लिमेंट्री टिकट मिलने चाहिए , जो स्टेडियम की क्षमता के 10% के बराबर है. हालांकि एचसीए अधिकारियों ने कथित तौर पर अतिरिक्त 10% की मांग की, जिसे एसआरएच ने अस्वीकार कर दिया. फ्रेंचाइजी ने यह भी आरोप लगाया कि राव ने 27 मार्च को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ एसआरएच के मैच से कुछ घंटे पहले कॉर्पोरेट बॉक्स पर ताला लगा दिया और 20 अतिरिक्त कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों की मांग की. एसआरएच ने दावा किया कि इस कार्रवाई ने एचसीए और बीसीसीआई के साथ हुए त्रिपक्षीय समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके तहत एसोसिएशन का आवंटन स्पष्ट रूप से 3,900 पास तक सीमित है. बैठक के बाद एचसीए और एसआरएच के बीच पहले ही 3,900 कॉम्प्लिमेंट्री पास आवंटित करने पर सहमति बन गई थी. इसके बावजूद, एसआरएच ने बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई और एचसीए पर बार-बार ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाया. हालांकि एचसीए ने इन आरोपों से इनकार किया है. तनाव इतना बढ़ गया कि SRH ने धमकी दी कि अगर HCA टिकट कोटे को लेकर दबाव डालता रहा, तो वे अपने घरेलू मैच किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट कर देंगे. हालात को शांत करने के लिए HCA के सचिव आर. देवराज ने SRH के प्रतिनिधि किरण, सरवनन और रोहित सुरेश के साथ राजीव गांधी स्टेडियम में बैठक की ताकि कोई हल निकाला जा सके. चर्चा के दौरान एसआरएच ने एसआरएच, एचसीए और बीसीसीआई के बीच मौजूदा त्रिपक्षीय समझौते का सख्ती से पालन करने का प्रस्ताव रखा. HCA और SRH ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्टेडियम की उपलब्ध कुल क्षमता का 10%, सभी सेक्शन में उसी के अनुसार आवंटित किया जाए जैसा कि समझौते में तय है. इसके जवाब में HCA ने प्रस्ताव रखा कि हर श्रेणी में पास का मौजूदा आवंटन पहले जैसी ही व्यवस्था के अनुसार जारी रखा जाए, जैसा कि पिछले कई वर्षों से होता आया है. SRH के CEO षणमुगम से बात करने के बाद यह तय हुआ कि HCA को मिलने वाले 3,900 मुफ्त टिकट उसी तरह मिलेंगे, जैसे पहले होते आए हैं.HCA ने SRH को भरोसा दिया है कि आगे भी वे पूरी तरह से पेशेवर तरीके से सहयोग करेंगे. संयुक्त बयान में कहा गया, 'एचसीए और एसआरएच राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'

छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार, पीरियड चेक के नाम पर प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप

प्रिसिंपल ने पीरियड चेक करने के लिए नाबालिग छात्राओं के उतरवाए कपड़े, स्कूल में बवाल  स्कूल में शर्मनाक हरकत: पीरियड चेक करने के नाम पर छात्राओं से कपड़े उतरवाए, प्रिंसिपल पर आरोप नाबालिग छात्राओं के कपड़े उतरवाने का आरोप, स्कूल में पीरियड जांच को लेकर मचा बवाल छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार, पीरियड चेक के नाम पर प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप मुंबई  महाराष्ट्र के एक स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां कक्षा 5 से 10 तक की नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया. शिक्षिकाओं ने छात्राओं की जांच की कि कहीं वे मासिक धर्म से तो नहीं गुज़र रही हैं. स्कूल में हुई छात्रों के साथ इस घटना के बाद अभिभावकों में गुस्सा है. स्कूल के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा दी गई है. यह घटना मंगलवार को हुई जब प्रिंसिपल ने कई छात्राओं, जिनमें ज़्यादातर कक्षा 5 से 10 की छात्राएं थीं. छात्राओं को स्कूल हॉल में बुलाया और उन्हें बाथरूम के फर्श पर मिले खून के धब्बों की तस्वीरें दिखाईं, बताया जा रहा है कि ये तस्वीरें हाउसकीपिंग स्टाफ़ ने ली थीं. महाराष्ट्र पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल और एक चपरासी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य के खिलाफ मामला चल रहा है." इसके बाद प्रिंसिपल ने छात्राओं को दो समूहों में बांटने का आदेश दिया. एक वे जो मासिक धर्म से गुज़र रही थीं और दूसरी वे जो नहीं थीं. एक महिला चपरासी को 10 से 12 साल की कुछ लड़कियों की जांच करने के लिए कहा गया, जिन्होंने कहा कि उन्हें मासिक धर्म नहीं हो रहा है. जांच के दौरान चपरासी ने उनके अंतर्वस्त्रों को छुआ और एक लड़की को सैनिटरी नैपकिन इस्तेमाल करते हुए पाया, लेकिन वह उन लड़कियों के समूह में शामिल थी जिन्होंने कहा कि उन्हें मासिक धर्म नहीं हो रहा है. इसके बाद, प्रिंसिपल ने उसे अन्य छात्राओं और कर्मचारियों के सामने डांटकर अपमानित किया. पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज अपने बच्चों से घटना के बारे में जानने के बाद, गुस्साए अभिभावक स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हो गए. बुधवार को उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत स्कूल के प्रिंसिपल, एक चपरासी, दो शिक्षकों और दो ट्रस्टियों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. स्कूल के प्रिंसिपल और चपरासी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पुलिस अन्य चार की जांच कर रही है.

ब्लड मनी लेने से परिवार का इनकार, संकट में निमिषा की ज़िंदगी – पेशकश हुई इतनी बड़ी रकम की

पलक्कड़  यमन में मौत की सजा का सामना कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बचाने की कोशिशें जारी हैं। कहा जा रहा है कि अगर पीड़ित का परिवार ब्लड मनी को स्वीकार कर लेता है, तो उनकी जान बच सकती है। हालांकि, ताजा रिपोर्ट्स से संकेत मिल रहे हैं कि पीड़ित परिवार ने धनराशि स्वीकार करने से मना कर दिया है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। निमिषा साल 2017 में यमन के नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या की दोषी पाई गईं थीं। यमन की कानूनी व्यवस्था के तहत अगर पीड़ित परिवार ब्लड मनी स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाता है, तो निमिषा को क्षमादान मिल सकता है। ब्लड मनी एक तरह का आर्थिक मुआवजा है, जो दोषी की तरफ से पीड़ित परिवार को दिए जाने की पेशकश की जाती है। टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, निमिषा प्रिया के मामले में 8 करोड़ रुपये की पेशकश की गई है। खबर है कि Save Nimisha Priya International Action Council ने पूरी धनराशि के साथ तलाल के परिवार को शिक्षा, मेडिकल समेत कई अन्य सहयोग देने का भी वादा किया है। लेकिन कहा जा रहा है कि पीड़ित के परिवार ने सभी पेशकश ठुकरा दी हैं। टेलीग्राफ से बातचीत में काउंसिल की उपाध्यक्ष दीपा जोसेफ ने कहा, 'सारे प्रयास किए जा रहे हैं। हम मानवीय रूप से हर मदद पेश कर रहे हैं, लेकिन परिवार ने अब तक कुछ भी स्वीकार नहीं किया है। हम गुरुवार तक सना से कुछ अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं।' और भी हैं परेशानियां कहा जा रहा है कि यमन में जारी संघर्ष ने निमिषा प्रिया मामले में मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सना और मुल्क के अधिकांश हिस्से पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है, जिसके चलते भारतीय अधिकारियों के प्रभाव को कम कर दिया है। जोसेफ बताती हैं, 'प्रेमा कुमारी (निमिषा प्रिया की मां) बीते अप्रैल से यमन में हैं। उन्हें किसी चमत्कार की उम्मीद है। प्रिया के पति और 12 साल की बेटी इडुक्की में हैं।' केरल के पलक्कड़ जिले के कोलेनगोड़े की प्रिया को जुलाई 2017 में यमन के एक व्यक्ति की हत्या का दोषी ठहराया गया था। वह व्यक्ति प्रिया का बिजनेस पार्टनर था। यमन की अदालत ने 2020 में उसे मौत की सजा सुनाई थी और देश की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने नवंबर 2023 में उसकी अपील खारिज कर दी थी। निमिषा यमन की राजधानी सना में जेल में बंद है। सना में इस वक्त ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है। पीटीआई भाषा के अनुसार, प्रिया की मां प्रेमकुमारी अपनी बेटी की रिहाई सुनिश्चित कराने के प्रयासों के तहत पिछले वर्ष यमन गई थीं। बताया जाता है कि भारतीय पक्ष ने प्रिया की रिहाई दियात या ब्लड मनी देकर सुनिश्चित करने के विकल्प पर भी विचार किया था लेकिन इसमें भी कुछ बाधा आई।

लॉर्ड्स में धमाका करने को तैयार शुभमन गिल, रिकॉर्ड बुक में दर्ज करने का मौका

नई दिल्ली मशुभमन गिल ने कप्तान बनते ही एक अलग मोड में बल्लेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं। लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में शतक जड़ उन्होंने अपने कैप्टेंसी करियर की शुरुआत की। वहीं एजबेस्टन में खेले गए दूसरे मैच में तो उन्होंने दोनों पारियों में शतक जड़ कमाल ही कर दिया। पहली पारी में दोहरा शतक जड़ते हुए उन्होंने 269 रन बनाए, वहीं दूसरी इनिंग में 161 रनों की लाजवाब पारी खेली। इसी रेड हॉट फॉर्म के साथ गिल लॉर्ड्स टेस्ट खेलने उतरेंगे। इस दौरान उनके सामने एक दो नहीं बल्कि 7-7 रिकॉर्ड्स अपने नाम करने का मौका होगा। इनमें से एक रिकॉर्ड ऐसा है जो 148 साल के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सिर्फ एक ही कप्तान अपने नाम कर पाया है। गिल अगर वह रिकॉर्ड बनाते हैं तो वह ऐसा करने वाले दुनिया के मात्र दूसरे कप्तान बनेंगे। आईए एक नजर इन 7 रिकॉर्ड्स पर डालते हैं- टेस्ट सीरीज में भारतीय कप्तान द्वारा सर्वाधिक रन शुभमन गिल ने अब तक खेले गए दो टेस्ट मैचों में 585 रन बनाए हैं। अगर वह तीसरे टेस्ट में कम से कम 148 रन बना लेते हैं, तो वह किसी भारतीय कप्तान द्वारा एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। 1978-79 में भारत-वेस्टइंडीज के बीच घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान गावस्कर ने 6 मैचों की 9 पारियों में 732 रन बनाए थे। लिस्ट में दूसरे नंबर पर विराट कोहली (655 बनाम इंग्लैंड, 610 बनाम श्रीलंका, 593 बनाम इंग्लैंड) मौजूद हैं। इंग्लैंड में भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन शुभमन गिल को इंग्लैंड में भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन रन बनाने के राहुल द्रविड़ के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए मात्र 18 रनों की दरकार है। 2002 में भारत के इंग्लैंड दौरे पर द्रविड़ ने चार मैचों की छह पारियों में कुल 602 रन बनाए थे। लॉर्ड्स टेस्ट में गिल के आसानी से इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड सीरीज में सर्वाधिक रन इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के ग्राहम गूच के नाम है, जिन्होंने 1990 में भारत के खिलाफ एक सीरीज में 752 रन बनाए थे। गिल को अगर इस रिकॉर्ड को तोड़ना है तो 168 रन और बनाने होंगे। वहीं भारत के लिए इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के नाम है। 2024 में भारत दौरे पर आई इंग्लैंड की टीम के खिलाफ जायसवाल ने 5 मैचों की 9 पारियों में 712 रन बनाए थे। गिल उनका रिकॉर्ड तोड़ने से 128 रन दूर हैं। भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सुनील गावस्कर के नाम है। 1971 में लिटिल मास्टर ने अपनी पहली टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज के खिलाफ चार मैचों की 8 पारियों में कुल 774 रन बनाए थे। गिल के नाम अब तक 585 रन हैं, और उन्हें 54 साल पुराने इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए लॉर्ड्स में कम से कम 190 रन बनाने होंगे। कप्तान के तौर पर पहले तीन टेस्ट मैचों में शतक शुभमन गिल ने कप्तान के तौर पर अपने पहले दो टेस्ट मैचों में तीन शतक लगाए हैं। उन्होंने लीड्स टेस्ट की पहली पारी में 147 रन बनाए और एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में 269 और 161 रनों की पारी खेली। अगर गिल तीसरे टेस्ट मैच में भी शतक जड़ देते हैं, तो वह कप्तान के तौर पर अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे। 148 साल के टेस्ट क्रिकेट में, केवल इंग्लैंड के एलिस्टर कुक ने ही कप्तान के तौर पर अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में तीन शतक लगाए हैं। वैसे तो कुक के नाम बतौर कप्तान अपने पहले पांच टेस्ट मैचों में शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इंग्लैंड में एक से ज्यादा टेस्ट जीतने वाले भारतीय कप्तान पिछले 93 सालों में कुल 7 भारतीय कप्तानों ने इंग्लैंड में टेस्ट मैच जीते हैं, लेकिन केवल दो भारतीय – कपिल देव और विराट कोहली – ही एक से ज्यादा मैच जीने में कामयाब रहे हैं। अगर लॉर्ड्स में शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया तिरंगा लहराती है तो गिल इस लिस्ट में जुड़ने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बन जाएंगे। लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतने वाले भारतीय कप्तान कपिल देव, एमएस धोनी और विराट कोहली पिछले 93 सालों में लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतने वाले केवल तीन भारतीय कप्तान हैं। गिल की नजरें जरूर इस लिस्ट में अपना नाम जोड़ने पर होगी। अगर लॉर्ड्स टेस्ट में गिल जीत दर्ज करने में कामयाब रहते हैं तो वह इंग्लैंड के खिलाफ इंग्लैंड में लगातार दो टेस्ट जीतने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बन जाएंगे। कपिल देव ने ऐसा 1986 में किया था जब भारत लीड्स और लॉर्ड्स में लगातार दो मैच जीता था।