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कार्यपालिका के पदाधिकारी की नियुक्ति में मुख्य न्यायाधीश की भी भागीदारी होती है, क्यों देते हैं राय?: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली  भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने CBI निदेशक की नियुक्ति में CJI की भूमिका पर आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने सवाल उठाए हैं कि क्या ऐसा दुनिया में कहीं और हो रहा है? इसके अलावा उन्होंने जज के घर से नकदी मिलने पर भी खुलकर बात की। उपराष्ट्रपति ने कहा है कि हर अपराध की जांच होनी चाहिए। साथ ही कहा कि अगर पैसा मिला है, तो उसके स्त्रोत का भी पता लगाया जाना चाहिए। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, 'मैं इस बात से पूरी तरह हैरान हूं कि CBI निदेशक जैसे कार्यपालिका के पदाधिकारी की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश की भी भागीदारी होती है। कार्यपालिका की नियुक्ति कार्यपालिका के अलावा किसी और की तरफ से क्यों होनी चाहिए? क्या ऐसा संविधान के तहत होता है? क्या ऐसा दुनिया में कहीं और हो रहा है?' दरअसल, DSPE एक्ट के तहत सीबीआई निदेशक की नियुक्ति एक हाई पावर कमेटी करती है, जिसके सदस्य प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, भारत के मुख्य न्यायाधीश या उनकी तरफ से नॉमिनेट किया हुआ कोई जज शामिल होते हैं। कोच्चि में कानूनी की पढ़ाई कर रहे छात्रों से बातचीत में उन्होंने न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका को अलग करने वाली सीमा कमजोर होने पर चिंता जाहिर की। नकदी मिलने पर क्या बोले नखड़ ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई दिल्ली में एक न्यायाधीश के आधिकारिक आवास से भारी मात्रा में नकदी मिलने के मामले की आपराधिक जांच शुरू की जाएगी। धनखड़ ने इस घटना की तुलना शेक्सपीयर के नाटक जूलियस सीजर के एक संदर्भ 'इडस ऑफ मार्च' से की, जिसे आने वाले संकट का प्रतीक माना जाता है। रोमन कलैंडर में इडस का अर्थ होता है, किसी महीने की बीच की तारीख। मार्च, मई, जुलाई और अक्टूबर में इडस 15 तारीख को पड़ता है। उपराष्ट्रपति ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब मुद्दा यह है कि यदि नकदी बरामद हुई थी तो शासन व्यवस्था को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी और पहली प्रक्रिया यह होनी चाहिए थी कि इससे आपराधिक कृत्य के रूप में निपटा जाता, दोषी लोगों का पता लगाया जाता और उन्हें कठघरे में खड़ा किया जाता। उपराष्ट्रपति ने कहा कि 14-15 मार्च की रात को न्यायपालिका को अपने खुदे के 'इडस ऑफ मार्च' का सामना करना पड़ा, जब बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की गई थी, लेकिन अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। धनखड़ ने कहा कि इस मामले से शुरुआत से ही एक आपराधिक मामले के तौर पर निपटा जाना चाहिए था, लेकिन उच्चतम न्यायालय के 90 के दशक के एक फैसले के कारण केंद्र सरकार के हाथ बंधे हुए हैं। उन्होंने कहा, 'अगर इतना अधिक मात्रा में पैसा है, तो हमें पता लगाना होगा: क्या यह दागी पैसा है? इस पैसे का स्रोत क्या है? यह एक न्यायाधीश के आधिकारिक आवास में यह कैसे पहुंचा? यह किसका था? इस प्रक्रिया में कई दंड प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। मुझे उम्मीद है कि प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।'  

मेले के चलते मेमू ट्रेन अवकाश में भी चलेगी, मेमू ट्रेन बुधवार और गुरुवार को मेंटनेंस के कारण बंद रहती

 खंडवा  दादा धूनीवाले की नगरी खंडवा में मंगलवार से गुरुपूर्णिमा महोत्सव की धूम शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से हजारों श्रद्धालु खंडवा पहुंच रहे हैं। पूरे शहर में जगह-जगह भंडारों की तैयारी हो चुकी है, जहां पुड़ी-सब्जी के साथ 56 प्रकार के व्यंजन परोसे जायँगे।  शहर में लगातार बारिश के बीच भी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। मंदिर क्षेत्र और प्रमुख पंडालों में वाटरप्रूफ टेंट और डोम लगाए गए हैं। ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। मेले के चलते मेमू ट्रेन अवकाश में भी चलेगी खंडवा से सनावद के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन बुधवार और गुरुवार को मेंटनेंस के कारण बंद रहती है, लेकिन सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के प्रयास से रेलवे ने गुरुपूर्णिमा के दो प्रमुख दिनों (10-11 जुलाई) के लिए इसका संचालन जारी रखने का निर्णय लिया है। 5 दिन बंद रहेगी अनाज मंडी गुरुपूर्णिमा महोत्सव के चलते 9 से 11 जुलाई तक कृषि उपज मंडी में नीलामी बंद रहेगी। इसके बाद 12 को शनिवार और 13 को रविवार की छुट्टी होने से कुल 5 दिन मंडी में काम नहीं होगा। मंडी सचिव ने किसानों से अपील की है कि वे इन दिनों अपनी उपज लेकर मंडी न आएं। आज खंडवा पहुंचेंगे सांसद बंटी साहू छिंदवाड़ा सांसद बंटी साहू पैदल यात्रा करते हुए खंडवा आ रहे हैं। वे मंगलवार को दादा धाम पहुंचेंगे। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी चल रहे हैं। रास्ते में भाजपा कार्यकर्ताओं और संत दादा गुरु ने भी उनका स्वागत किया। 11 जुलाई तक जारी रहेगी बारिश मौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता के मुताबिक, 11 जुलाई तक अच्छी बारिश के आसार हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सतर्कता बरतें। सभी कार्यक्रमों की व्यवस्था मौसम को देखते हुए की गई है।  

रीवा में महिला थाना प्रभारी की ऑन ड्यूटी रील वायरल, आईजी ने दी सख्त चेतावनी

रीवा  रीवा जिले के पुलिस विभाग से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, मामला ये है कि सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने थाने के अंदर एक रोमांटिक गाने पर रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रीवा रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) राजेश सिंह ने संभाग के समस्त पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर रील बनाने या ऐसी कोई भी पोस्ट डालने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो विभाग की गरिमा के खिलाफ हो। आरजू फिल्म के गाने पर बनाई रील यह मामला शनिवार को सामने आया, जब सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा का बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के एक रोमांटिक गाने पर बनाया गया रील वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अंकिता मिश्रा ने आरजू फिल्म का गाना, "अब तेरे दिल में हम आ गए…' पर रील बनाई। अंकिता मिश्रा ने पुलिस स्टेशन के अंदर रील बनाई थी, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर सवाल उठने लगे। वर्दी में रील नहीं बनाने का आदेश डीआईजी राजेश सिंह ने इस पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने सोमवार को अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को एक कड़ा आदेश जारी किया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिसकर्मी वर्दी में या सिविल ड्रेस में किसी भी तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल न करें। उन्होंने आदेश में लिखा है कि ऐसे कृत्यों से पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहकर इस तरह की गतिविधियां अनुशासनहीनता के दायरे में आती हैं और पद की गरिमा के प्रतिकूल हैं, जिससे जनता के बीच पुलिस की छवि खराब होती है। सख्त कार्रवाई की चेतावनी डीआईजी राजेश सिंह ने अपने आदेश में यह भी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह की कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आदेश में लिखा- छवि पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव डीआईजी ने अपने आदेश में लिखा कि प्रायः देखा जा रहा है कि बहुत से पुलिसकर्मी वर्दी में अथवा सिविल में अपनी रील बनाकर सोशल मीडिया में वायरल/अपलोड करते हैं। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहकर किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा ऐसा किया जाना अनुशासन के सर्वथा विपरीत होकर उसकी पद और गरिमा के भी प्रतिकूल है। इससे आज जनता के मध्य पुलिस की छवि पर भी अत्यधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि भविष्य में इस किस्म की कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित होती है तो संबंधित के खिलाफ कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए अथवा कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन इस कार्यालय को भेजें। जिसके लिए वह अधिकारी या कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार होगा। तीन मामले जब पुलिसकर्मियों की रील सामने आईं 1. शनिवार को सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा की अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के रोमांटिक गाने पर थाने के अंदर बनाई रील सामने आई थी। यह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई। लोगों ने थाना प्रभारी को सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया। कुछ ने तो यहां तक लिखा कि आपको पुलिस विभाग नहीं, बल्कि मुंबई में होना चाहिए। 2.16 अप्रैल 2025 को सिटी कोतवाली थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक संध्या वर्मा के वीडियो जमकर वायरल हुए थे। जहां प्रधान आरक्षक ने ड्यूटी टाइम में कई फिल्मी और रोमांटिक गानों पर वर्दी में रील बनाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी। जिसके बाद सभी वीडियो बैक टू बैक जमकर वायरल हो गए और पुलिस विभाग की जमकर किरकरी हो गई। इस पर इन्हें एसपी विवेक सिंह ने नोटिस जारी किया था। 3. 25 मई 2024 को लोकसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव के पक्ष में प्रचार गीत गाना रीवा जिले के एक पुलिस आरक्षक को महंगा पड़ गया था। जिले के सोहागी थाना अंतर्गत त्योंथर चौकी में पदस्थ आरक्षक मुन्ना यादव ने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन किया था। आरक्षक ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के पक्ष में प्रचार गीत गाकर सोशल मीडिया में अपलोड किया गया था। जिसकी रील जमकर वायरल हुई थी जिसमें उसने कहा था कि 400 का नारा धरा रह जाएगा। देखते ही देखते यह वीडियो और रील सोशल मीडिया में वायरल हो था। जिसके बाद मामले पर संज्ञान लेते हुए रीवा एसपी विवेक सिंह ने आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया था। आदेश का सख्ती से पालन कराने के दिए निर्देश डीआईजी ने अपने आदेश में कहा- सभी पुलिस अधीक्षक सख्त निर्देश का पालन सभी पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को देकर इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। थाना प्रभारियों को निर्देशित करें कि वे यह निर्देश सभी कर्मचारियों को 3 दिवस तक रोल काल में पढ़कर सुनाएं और इस आशय की रिपोर्ट रोजनामचा सान्हा में भी दर्ज करें और पुलिसकर्मियों को दें। कृपया निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

उज्जैन के आर्यन चौहान ने मोबाइल गेमिंग में जीते ₹1.25 करोड़, अब लक्ष्य 605 करोड़ रुपए पर

उज्जैन  उज्जैन के 20 साल के युवक ने मोबाइल गेमिंग में 1 करोड़ 25 लाख की इनामी राशि अपने नाम की है। युवक का नाम आर्यन चौहान है, उसने अपनी 4 सदस्यीय टीम के साथ मिलकर BGMI (बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया) प्रो सीरीज 2025 (BMPS) का फाइनल जीता है। आर्यन ने बताया कि इस प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले दिल्ली के यशोभूमि सेंटर में 4 से 6 जुलाई तक हुआ था। इसमें देश की टॉप 16 गेमिंग टीमें शामिल थीं। आर्यन की टीम में उज्जैन के अलावा देवास, सूरत और रांची के खिलाड़ी थे। अब यह टीम सऊदी अरब में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेगी, जिसमें कुल पुरस्कार राशि लगभग 605 करोड़ रुपए है। अब भिड़ंत होगी इंटरनेशनल ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप में बीएमपीएस जीतने के बाद आर्यन की टीम अब 8 जुलाई से 24 अगस्त 2025 तक रियाद (सऊदी अरब) में होने वाले ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप (EWC) 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। इस प्रतियोगिता की कुल इनामी राशि 70.45 मिलियन डॉलर (लगभग 605 करोड़ रुपए) है। क्या है BGMI गेम? BGMI यानी बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया एक ऑनलाइन मोबाइल गेम है, जिसमें खिलाड़ी वर्चुअल दुनिया में टीम बनाकर लड़ते हैं। इसमें रणनीति, टीमवर्क और तेज रिफ्लेक्स की जरूरत होती है। ये गेम भारत में युवाओं के बीच काफी पॉपुलर है और अब प्रोफेशनल लेवल पर इसके टूर्नामेंट भी होते हैं, जिनमें करोड़ों की प्राइज मनी मिलती है। 90 दिनों में आएगी प्राइज मनी आर्यन ने बताया, "दिल्ली में चार राउंड हुए थे। मैंने टीम बनाई थी जिसमें देवास, रांची और सूरत के तीन अन्य खिलाड़ी शामिल थे। इस प्रतियोगिता में हमारी टीम 'टीएमजी गेमिंग' ने पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर रही एनओएनएक्स टीम को 55 लाख रुपए, जबकि तीसरे स्थान पर रही लॉस हरमनोस टीम को 35 लाख रुपए की इनामी राशि मिली। हमें बताया गया है कि प्राइज मनी 90 दिनों के भीतर हमारे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। बचपन से मोबाइल पर गेम खेलना पसंद था। घरवाले पहले नाराज होते थे लेकिन मम्मी ने हमेशा सपोर्ट किया। आज इस मुकाम तक पहुंचकर बहुत खुशी हो रही है। अब मेरा अगला लक्ष्य सऊदी अरब में होने वाला इंटरनेशनल मुकाबला है, जहां दुनिया भर के गेमर्स हिस्सा लेंगे।" मां ने किया सपोर्ट आर्यन की मां मीनाक्षी चौहान ने कहा, शुरुआत में जब वह मोबाइल पर गेम खेलता था तो अच्छा नहीं लगता था। लेकिन बाद में महसूस हुआ कि वह इसे गंभीरता से ले रहा है और इसमें उसका भविष्य हो सकता है। इसलिए हमने उसे कभी रोका नहीं। आज वह जो कर रहा है, उस पर हमें गर्व है।

टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध के 7 गेट खोले गए

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार तेज बारिश की वजह से नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंडला, डिंडौरी, श्योपुर, शहडोल, उमरिया समेत कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। सोमवार को 30 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर चला। वहीं, मंगलवार को 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     नरसिंहपुर के कौड़ियां गांव में बाढ़ आ गई है। रहवासियों का कहना है कि घर में बैठने तक की जगह नहीं है।     बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोल दिए गए हैं।     टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध के 7 गेट खोले गए हैं।     नर्मदापुरम में जिला शिक्षा अधिकारी ने बारिश को देखते हुए मंगलवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।     मंडला में नर्मदा नदी 438.10 मीटर पर बह रही है। ये खतरे के निशान 437.8 से ऊपर है।     सोमवार रात मंडला में उफनती नदी पार करने के दौरान बाइक सवार बह गए। दो युवक बाहर निकल आए, जबकि एक लापता है। आज इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। सीहोर, हरदा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी, उमरिया में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।

कडलूर में रेलवे ट्रैक पार करते वक्त स्कूल बस को ट्रेन ने मारी जोरदार टक्कर, जानें कैसे हुआ बड़ा हादसा

चेन्नई तमिलनाडु के कडलूर जिले के चेम्मनकुप्पम इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन ने बिना फाटक वाले रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूल वैन को जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक हादसे में तीन मासूम बच्चों की जान चली गई, जबकि दस बच्चे और वैन का ड्राइवर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब स्कूल वैन रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रही थी, तभी चिदंबरम जा रही एक पैसेंजर ट्रेन ने वैन को टक्कर मार दी और उसे करीब 50 मीटर तक घसीट लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन पूरी तरह तहस-नहस हो गई। हादसे में तीन बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि बच्चों के नाम अभी तक सामने नहीं आए हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, वैन में स्कूल के बच्चे सवार थे। हादसे के बाद घायल बच्चों और ड्राइवर को फौरन कडलूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है। वैन ड्राइवर की लापरवाही से हुआ हादसा स्थानीय लोगों और रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा वैन ड्राइवर की लापरवाही की वजह से हुआ। बताया जा रहा है कि ड्राइवर ने ट्रेन को देखने के बावजूद जल्दबाजी में ट्रैक पार करने की कोशिश की। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और जिला प्रशासन ने हादसे की तहकीकात शुरू कर दी है, ताकि इसकी असल वजह का पता लगाया जा सके और जिम्मेदारों को सजा दी जाए। हादसे की खबर फैलते ही इलाके में गम और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना है कि स्कूलों के आसपास बिना फाटक वाले क्रॉसिंग खतरनाक हैं और इन्हें तुरंत ठीक करना चाहिए। लोगों को फूटा गुस्सा हादसे की आवाज सुनकर सबसे पहले स्थानीय लोग ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने फंसे हुए बच्चों को निकालने की कोशिश की और बचाव दल के आने तक मदद की। गुस्साए लोगों ने रेलवे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और स्कूलों के पास सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच के नतीजों के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। हादसे की पूरी जांच की जा रही है।  

भारी बारिश के कारण सुबह बागेश्वर धाम में एक दीवार गिरने से एक महिला श्रद्धालु की मौत हो

 छतरपुर भारी बारिश के कारण छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में एक दीवार गिरने से एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबने से 10 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना मंगलवार तड़के की है, यह सभी लोग बागेश्वर धाम में दर्शन करने आए थे और पास में ही एक ढाबे पर रुके हुए थे, जहां यह हादसा हुआ। यूपी से आए थे सभी श्रद्धालु मिली जानकारी के अनुसार, मृतका और सभी घायल श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और बागेश्वर धाम के दर्शन कर लौट रहे थे। वे गढ़ा गांव में एक ढाबे पर रुके थे, तभी अचानक भारी बारिश के कारण कमजोर हुई एक दीवार भरभराकर गिर गई। इस दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई है और 10 श्रद्धालु घायल हैं। एक-दो श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल अस्पताल में भर्ती बमीठा थाना पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

दुर्गावती टाइगर रिजर्व पर शिकारियों और तस्करों की हमेशा निगाह बनी रहती, उनपर नजर रखने 650 कैमरे, 35 वॉच टॉवर, 40 पेट्रोलिंग कैंप

दमोह  बारिश के मौसम को देखते हुए अन्य टाइगर रिजर्व की तरह वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को आगामी तीन महीने के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान रिजर्व क्षेत्र में शिकारियों की गतिविधियों और अन्य संदिग्ध हरकतों पर नजर रखने के लिए प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। वन्यजीवों की बढ़ी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए टाइगर रिजर्व के भीतर 650 से अधिक ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से हर मूवमेंट की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा क्षेत्र में 35 वॉच टॉवर, 40 पेट्रोलिंग कैंप और 300 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।  गश्त के लिए टीमें दिन और रात ड्यूटी पर हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और चौकसी को विशेष रूप से बढ़ाया गया है। टाइगर रिजर्व का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नौरादेही क्षेत्र है, जहां सबसे अधिक सुरक्षा संसाधन लगाए गए हैं। यहां 35 वॉच टॉवर, 650 ट्रैप कैमरे, करीब 40 पेट्रोलिंग कैंप और एक हाथी कैंप के साथ 300 से अधिक सुरक्षाकर्मी लगातार निगरानी में जुटे हैं। दरअसल एक जुलाई से सभी टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए बंद हो जाते हैं और एक अक्तूबर को ही खुलते हैं। यह समय बाघिनों के प्रजनन के लिए माना जाता है और कीचड़ होने के कारण जंगल में घूमना मुश्किल होता है। इसलिए टाइगर रिजर्व को बंद रखा गया है। इसी अवधि में शिकारी भी सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए ऐसे समय प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होती है। दमोह में अब भी अधूरी व्यवस्थाएं टाइगर रिजर्व के तहत आने वाले दमोह वनमंडल में फिलहाल 30-35 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और कुछ ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं, लेकिन इस क्षेत्र में वायरलेस स्टेशन जैसी सुविधाएं अब तक तैयार नहीं हो सकी हैं। अधिकारी मानते हैं कि यहां सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। प्राकृतिक संपदा पर बुरी नजर 2339 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले इस रिजर्व में 24 बाघों समेत 250 से अधिक जीव-जंतुओं की प्रजातियां, 90 से अधिक प्रकार के पेड़, 49 तरह की झाड़ियां, 30 प्रकार की घास और 15 तरह की बेल-लताएं पाई जाती हैं। यही वजह है कि इस जैव विविधता पर शिकारियों और घुसपैठियों की नजर बनी रहती है। अधिकारियों की अपील रिजर्व प्रबंधन ने आमजन से अपील की है कि वे इस बंद अवधि में टाइगर रिजर्व की ओर न जाएं और गाइडलाइन का पालन करें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बना रहे। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एए अंसारी का कहना है मानसून को ध्यान में रखते हुए ट्रैप कैमरे, गश्त व निगरानी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। 

वनतारा प्रबंधन उज्जैन के प्रस्तावित चिड़ियाघर को वन्यजीव देने पर पूरी तरह सहमत, अधिकारियों का दल 11 जुलाई को करेगा भ्रमण

उज्जैन   मध्य प्रदेश में पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद अब चिड़ियाघर में भी चीते देखे जा सकेंगे। राज्य सरकार उज्जैन में प्रस्तावित चिड़ियाघर में चीता बसाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस के वनतारा सेंटर से मध्य प्रदेश सरकार चीता सहित अन्य वन्यप्राणी ला सकती है। प्रदेश के अधिकारियों का दल वनतारा जाएगा और वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगा। दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वनतारा गए थे। उन्होंने वहां व्यवस्थाओं को देखा था। वहां का अनुभव मध्य प्रदेश के अधिकारियों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि वनतारा प्रबंधन मध्य प्रदेश को वन्यजीव देने पर सहमत है। वनतारा में 48 चीते हैं मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि मप्र वन विभाग के अधिकारी वनतारा रेस्क्यू सेंटर का भ्रमण कर हाथी प्रबंधन, विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण माडल, मानव-वन्यजीव द्वंद्व कम करने के प्रबंधन का अध्ययन करें। बता दें कि वनतारा में 48 चीता हैं। इन्हें दुबई व दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था। 11 से 13 जुलाई तक वनतारा का अध्ययन करेंगे वन अधिकारी मप्र के वन अधिकारी 11 जुलाई से 13 जुलाई तक वनतारा रेस्क्यू सेंटर का अध्ययन करेंगे। वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन एवं अन्य अधिकारियों का दल 10 जुलाई को रवाना हो जाएगा। 80 हेक्टेयर में होगा विकसित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में 300 करोड़ रुपये की लागत से 80 हेक्टेयर में चिड़ियाघर-सह-सफारी बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए 25 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि मंजूर की गई है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार बाघ, सफेद बाघ और तेंदुआ, चीता सहित बड़े मांसाहारी जानवरों के लिए 47 अलग-अलग बाड़ों के साथ-साथ छोटे मांसाहारी, शाकाहारी, पक्षी, प्राइमेट, सरीसृप, एक तितली गुंबद, एक मछलीघर, एक बचाव केंद्र और एक पशु चिकित्सा अस्पताल की योजना है। इसका प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। चीता समेत कुछ अन्य जीव भी लाए जा सकते हैं     अधिकारियों का दल 11 जुलाई को जामनगर के वनतारा रेस्क्यू सेंटर का अध्ययन करने जाएगा। वहां जाकर देखेंगे कि किस तरह वन्यजीवों को रखा जाता है। उनकी देखरेख, खानपान से लेकर हर बिंदु का अध्ययन करेंगे। वहां से चीता समेत कुछ अन्य वन्यजीव मप्र लाए जा सकते हैं। हम इसकी संभवनाएं देखेंगे। – सुभरंजन सेन, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मप्र।  

इंदौर के पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण पर NHAI ने साफ किया, 90 % किसानों को मुआवजा मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा

 इंदौर  इंदौर में शिप्रा से पीथमपुर नेट्रेक्स तक बनने वाली 64 किलोमीटर लंबी पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण कार्य में अब और देरी तय है। किसानों को बढ़ी हुई मुआवजा राशि तो मंजूर हो गई है, लेकिन उनके बैंक खाता नंबर और एफआईसी कोड अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने साफ किया है कि 90 प्रतिशत किसानों को मुआवजा मिलने के बाद ही सड़क निर्माण शुरू किया जाएगा। अब तक जिले में 30 प्रतिशत किसानों के खाता नंबर ही एकत्रित हो सके है। ऐसे में बरसात बाद ही निर्माण एजेंसी की मशीने काम शुरू कर सकेगी। करीब एक साल पहले दो अलग-अलग एजेंसियों को इस सड़क का निर्माण कार्य सौंपा गया था। लेकिन किसानों के विरोध और जमीन अधिग्रहण की मुआवजा राशि में खामियों के चलते काम शुरू नहीं हो पाया। पहले इस परियोजना के लिए करीब 600 करोड़ रुपये का मुआवजा तय हुआ था, लेकिन किसानों के विरोध और शासन के निर्देश के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने नई गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा बढ़वाया। अब यह राशि बढ़कर करीब एक हजार करोड़ रुपये हो गई है। जमीनों का सर्वे कर 26 मई को अवार्ड पारित कर दिए गए और 25 जून को एनएचएआइ ने फंड भी जारी कर दिया।अब तक किसानों जिले के 998 किसानों के खाता नंबर नहीं मिल सके है। इंदौर जिले की तीन तहसीलों की स्थिति 795 करोड़ इंदौर जिले में मिलेगा मुआवजा 570.5678 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित 472.0545 हेक्टर नीजी जमीन 98.5133 हेक्टेयर शासकीय जमीन 998 किसानों की जमीन होगी अधिग्रहित 90 प्रतिशत जमीन मिलने पर शुरू होगा कार्य एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल का कहना है कि 90 प्रतिशत जमीनों का स्वामित्व मिलने के बाद ही पश्चिम रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू होगा। इसके लिए किसानों के खाता नंबर और एफआइसी कोड मांगे जा रहे है, ताकि उनके खाते में सिंगल क्लीक पर राशि जारी की जा सके।एसडीएम द्वारा किसानों के खाता नंबर पोर्टल पर डालने के बाद विभाग इनकी जांच कर राशि जारी कर देता है। इंदौर जिले में 795 करोड़ मुआवजा एनएचएआइ के प्रोजेक्टर डायरेक्टर बांझल के अनुसार इंदौर जिले की तीन तहसीलों के 26 गांवों में 998 किसानों को 795 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि धार जिले की पीथमपुर तहसील में करीब 200 करोड़ रुपये का मुआवजा पारित हुआ है। इंदौर जिले में सांवेर तहसील को सबसे ज्यादा 473 करोड़ रुपये मिलेंगे। सांवेर के 9 गांवों के 512 किसानों को यह रकम दी जाएगी। देपालपुर के 5 गांवों के 153 किसानों को 140 करोड़ और हातोद तहसील के 12 गांवों के 333 किसानों को 182 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। 570 हेक्टेयर से अधिक जमीन पश्चिम रिंग रोड के लिए इंदौर जिले में 570.5678 हेक्टेयर निजी जमीन और करीब 98.5 हेक्टेयर शासकीय जमीन अधिग्रहित होगी। पहले मुआवजा पुराने गाइडलाइन पर दिया जा रहा था, लेकिन अब औसत खरीदी-बिक्री दर के हिसाब से राशि तय की गई है।इससे किसानों में नाराजगी भी दूर हुई है और अब जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। खाता नंबर लेने का काम किया जा रहा है     किसानों से उनके खाता नंबर लेने का कार्य किया जा रहा है। अब तक 30 प्रतिशत किसानों के खाता नंबर प्राप्त हो चुके हैं। जल्द ही सभी किसानों के खाता नंबर लेकर पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। जिले में 333 किसानों के खाता नंबर लिए जाना है। पटवारी इसके लिए किसानों से संवाद कर रहे है। – रबी वर्मा, एसडीएम हातोद