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मनरेगा की जगह नई योजना: 125 दिन रोजगार और साप्ताहिक भुगतान का प्रावधान

 जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और गरीब कल्याण की भावना को साकार करते हुए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होने जा रहा है। मनरेगा के स्थान पर लाई गई वीबी-जीरामजी योजना पूरे देश के साथ-साथ राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी आत्मनिर्भर, समावेशी और सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना में 95 हजार 692 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया है, जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। राज्यों के राज्यांश सहित इस कार्यक्रम का कुल परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। राजस्थान के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना में 7 हजार 581 करोड़ रुपये से अधिक का अंतरिम आवंटन निर्धारित किया है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 4 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जाएगा, जिसे आवश्यकता एवं मांग के अनुसार बढ़ाया भी जा सकेगा। इस प्रकार राजस्थान में इस योजना के लिए कुल 11 हजार 581 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध होगी, जो प्रदेश में ग्रामीण रोजगार गांरटी के लिए अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। नई व्यवस्था, नया अधिकार विभिन्न विभागों की योजनाओं में संसाधनों का कन्वर्जेन्स करते हुए दोहराव रोकने, गुणवत्तायुक्त निर्माण सुनिश्चित करने और ग्रामीण श्रमिकों को वैधानिक रोजगार सुरक्षा देने के उद्देश्य से यह अधिनियम लाया गया है। मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इस योजना का प्रदेश में सफल क्रियान्वयन करते हुए सुनिश्चित किया जाएगा कि राजस्थान का कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। 125 दिन रोजगार, साप्ताहिक भुगतान ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे प्रत्येक पात्र परिवार को अब एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिनों की रोजगार गारंटी का वैधानिक अधिकार दिया गया है, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं। पहले श्रमिकों को 15 दिनों में भुगतान किया जाता था, अब साप्ताहिक भुगतान का प्रावधान किया गया है। भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक अथवा डाकघर खातों में जाएगा, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होंगी। वहीं, निर्धारित समयावधि में रोजगार उपलब्ध न होने पर बेरोजगारी भत्ते का तथा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर क्षतिपूर्ति का वैधानिक प्रावधान किया गया है। यह निर्णय ग्रामीण आय में वृद्धि और आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जिन मौजूदा मनरेगा जॉब कार्ड के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वे वीबी-जीरामजी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुसार नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक वैध बने रहेंगे।

जिन खेतों से उड़ते जहाज देखते थे किसान, आज उसी जमीन से भर ली आसमान की उड़ान

लखनऊ  गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर से कभी जिन खेतों में फसलें लहलहाती थीं, आज वहीं से उड़ान भरकर किसानों ने अपने जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा किया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले जेवर के किसान जब पहली बार हवाई जहाज में बैठकर लखनऊ पहुंचे तो उनकी आंखों में खुशी, गर्व और भावुकता एक साथ दिखाई दी। किसी ने अपनी जमीन को पहली बार आसमान से देखा, तो किसी ने वर्षों पुराने सपने के सच होने का एहसास किया। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिर्फ एयरपोर्ट नहीं बनाया, बल्कि गांव, किसानों और आने वाली पीढ़ियों की तकदीर बदलने का रास्ता खोल दिया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को पहली व्यावसायिक उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई। यह उड़ान कई किसानों के लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक पल बन गई। जेवर की रहने वाली पूनम ने बताया कि आज पहली बार हवाई जहाज में बैठने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों का सम्मान बढ़ाया है। वह मुख्यमंत्री से मिलने आई हैं और यह अवसर उनके जीवन का सबसे सुखद पल है। किसान धर्मवीर शर्मा ने कहा कि उनके गांव में विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। हवाई चप्पल पहनने वाले किसानों को हवाई जहाज में बैठाकर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उसकी प्राथमिकता है। उड़ान से लखनऊ पहुंचे हीरा रशीद ने कहा कि लखनऊ तक की हवाई यात्रा उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसी है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री को दिया। किसान हाजी जफर ने कहा कि सरकार ने ऐसा काम किया है कि हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया। भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों की सहमति और सम्मान का पूरा ध्यान रखा गया था। किसान इकबाल कल्लू ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए उनकी जमीन गई थी और आज उसी एयरपोर्ट से उड़ान भरकर राजधानी पहुंचना उनके लिए गर्व का विषय है। महिला किसान सुमन ने बताया कि उन्होंने जीवन में पहली बार हवाई जहाज में सफर किया है। यह उनका वर्षों पुराना सपना था, जो अब जाकर पूरा हुआ है। मीनू ने भावुक होकर कहा कि एयरपोर्ट बनने के बाद पहली बार उन्होंने अपनी जमीन और गांव को आसमान से देखा है। यह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय है। बुजुर्ग किसान जयवीर ने कहा कि किसानों को सम्मान देने की यह पहल हमेशा याद रखी जाएगी। जयकरन सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र की पहचान वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और आने वाली पीढ़ियों के लिए रोजगार, शिक्षा और विकास के नए अवसर खुलेंगे।  

यूपी में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा: लखनऊ एयरपोर्ट से नोएडा के लिए नई फ्लाइट सेवा

लखनऊ  चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, लखनऊ से आज लखनऊ और नोएडा के बीच पहली सीधी उड़ान का सफल संचालन किया गया। इस नई सेवा के शुभारंभ के साथ प्रदेश के दो महत्वपूर्ण शहरों के बीच हवाई संपर्क को नई मजबूती मिली है। नई सेवा के शुभारंभ अवसर पर एयरपोर्ट परिसर में दीप प्रज्वलन एवं केक कटिंग समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें एयरलाइन एवं एयरपोर्ट प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का उत्सव मनाया। सज धजकर स्वागत में तैयार लखनऊ एयरपोर्ट से किए गए विदा। इस अवसर पर लखनऊ एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही। सभी ने नई उड़ान सेवा के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के भीतर हवाई संपर्क को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। आज संचालित पहली उड़ान 6E 2278 से कुल 182 यात्रियों ने लखनऊ से नोएडा की यात्रा की। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेत्री गुल पनाग भी इस उड़ान की यात्री रहीं। इसके अतिरिक्त, एक निजी समूह के लगभग 80 कर्मचारियों ने भी लखनऊ से नोएडा की यात्रा कर इस नई सेवा का लाभ उठाया, जो इस रूट के प्रति यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाता है। 15 जून 2026 को विशेष परिचालन के तहत अतिरिक्त उड़ानों का भी संचालन किया गया। फ्लाइट संख्या 6E5212 नोएडा से लखनऊ पहुंचेगी, जबकि फ्लाइट संख्या 6E5219 लखनऊ से नोएडा के लिए रवाना होगी। यह नई हवाई सेवा व्यापार, उद्योग, शिक्षा तथा कॉर्पोरेट क्षेत्र से जुड़े यात्रियों के लिए एक सुविधाजनक विकल्प प्रदान करेगी तथा उत्तर प्रदेश के भीतर क्षेत्रीय संपर्क को और सुदृढ़ बनाएगी। नियमित उड़ान सेवाएं इस रूट पर 01 जुलाई 2026 से संचालित की जाएंगी।

नशा तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, हरियाणा को नशामुक्त बनाने का संकल्प

 पंचकूल हरियाणा को नशामुक्त बनाने की मुहिम अब केवल पुलिस अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप लेने जा रही है। इसी सोच के साथ सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ विमर्श में पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीआइजी सुनील दलाल ने कहा कि हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी चोट की गई है। कई नेटवर्क तोड़े जा चुके हैं और आने वाले समय में तस्करी के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से होने वाले अवैध मादक पदार्थों के प्रवेश को रोकना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विमर्श की अध्यक्षता करते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ के सपने को साकार करने के लिए पंचकूला में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक चुनौती का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों और समाज की साझेदारी से ही संभव है। इसलिए हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक पक्ष विद्यार्थियों की भागीदारी रही। मुख्य वक्ता डा. लीजु ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की नींव रख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए उनसे इस बुराई से दूर रहने का आह्वान किया। डीएसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों को और मजबूत किया जाएगा ताकि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को नई जिंदगी मिल सके। वहीं, पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने युवाओं से स्वयं उदाहरण बनकर समाज को सकारात्मक दिशा देने की अपील की। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का यह अभियान 11 जून को सिरसा से शुरू हुआ है और 26 जून को फरीदाबाद में समापन होगा। फतेहाबाद के बाद पंचकूला पहुंची यह मुहिम अब यमुनानगर, पानीपत, कैथल, झज्जर, सोनीपत और गुरुग्राम होते हुए प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश फैलाएगी

ED की FIR में सनसनी: विदेशी फंडिंग का नक्सल क्षेत्रों में इस्तेमाल का आरोप

नई दिल्ली  क्या ईसाई धर्म प्रचार की आड़ में विदेशी फंडिंग से देश विरोधी एक ऐसा नेटवर्क खड़ा किया जा रहा था, जो एक हजार से ज्यादा डेबिट कार्डों के जरिए करोड़ों रुपये निकालकर नक्सल प्रभावित एरिया में खर्च हो रहा था? दरअसल, ED की शिकायत पर रविवार को FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि देश के लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (LWE) से प्रभावित इलाकों समेत विदेशी डेबिट कार्ड के नेटवर्क के जरिए विदेशी फंड का गैर-कानूनी इस्तेमाल किया जा रहा है।     ईडी की शिकायत पर अमेरिका की मिशनरी संस्था 'द टिमोथी इनिशिएटिव' (TTI) और छह अन्य के खिलाफ चौंकाने वाले दावे किए गए हैं।     बेंगलुरु के कोथनूर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, अप्रैल में हुई ईडी की छापेमारी के दौरान विदेशी फंडिंग के इस्तेमाल का एक नेटवर्क मिला।     दावा है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 92.55 करोड़ रुपये विदेशी स्रोतों से मिले फंड का यूज FEMA और FCRA नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया।     आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने और UAPA के तहत आतंकवादी गतिविधियों की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।     डेबिट कार्ड के नेटवर्क के जरिए विदेशी फंड का गैर-कानूनी इस्तेमाल का दावा     अमेरिकी मिशनरी संस्था TTI समेत सात पर एफआईआर दर्ज की गई है US नागरिक से 24 डेबिट कार्ड मिले ईडी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि FIR में जोनाथन एस राजन, मीका मार्क, अजीत वर्गीस मथाई, वर्गीस चाको, बबलू कुर्मी, सुप्रीम जॉय, अमेरिकी बेस्ड 'द टिमोथी इनिशिएटिव' और अन्य को आरोपी बनाया गया है। मामले की शुरुआत उस समय हुई जब अमेरिकी नागरिक माइका मार्क को 18 अप्रैल को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर रोका गया। उसके पास 24 विदेशी डेबिट कार्ड मिले। ऐसे 1000 से ज्यादा कार्ड देशभर में इस्तेमाल किए जा रहे थे। कई कार्डों पर एक ही नाम 'संतोष कुमार' दर्ज था। नक्सल क्षेत्र में 6.34 करोड़ की निकासी FIR के मुताबिक, धमतरी, बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में पिछले कुछ सालों के दौरान करीब 6.34 करोड़ रुपये निकाले गए। सूत्रों ने दावा किया कि इतनी बड़ी मात्रा में कैश निकासी किसी संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है। आशंका जताई गई कि यह पैसा नक्सल प्रभाव वाले इलाकों तक पहुंचाया गया है। जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

जैसलमेर में कॉल सेंटर निरीक्षण: पेयजल और बिजली शिकायतों का तुरंत समाधान

जयपुर राज्य सरकार द्वारा आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए संचालित राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग एवं निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा के क्रम में सोमवार को आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के विशिष्ट शासन सचिव एवं जैसलमेर जिले के प्रभारी सचिव महावीर प्रसाद मीणा ने राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग से संबंधित शिकायतों, उनके निस्तारण की प्रगति, संतुष्टि स्तर तथा लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रकरणों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिकायतों के सही श्रेणीकरण और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर निरीक्षण के दौरान मीणा ने बाढ़, अतिवृष्टि, प्राकृतिक आपदाओं से हुई क्षति, राहत सहायता तथा अन्य आपदा संबंधी शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का विषयानुसार उचित श्रेणीकरण सुनिश्चित किया जाए। इससे संबंधित मामलों का प्रभावी और त्वरित निस्तारण संभव हो सकेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों को एम्प्लोई श्रेणी में दर्ज किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार शिकायतों का तार्किक पुनः श्रेणीकरण किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि अर्जेंट श्रेणी में दर्ज सभी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर समीक्षा के दौरान विशिष्ट शासन सचिव श्री महावीर प्रसाद मीणा ने शिकायत निस्तारण व्यवस्था की समग्र प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायतकर्ताओं के संतुष्टि प्रतिशत को और अधिक बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बुनकर संघ से संबंधित शिकायतों की भी अलग से समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी समाधान के निर्देश प्रदान किए। कॉल सेंटर से परिवादियों के अभाव-अभियोग सुने, त्वरित समाधान के दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर के माध्यम से विभाग एवं जैसलमेर जिले से संबंधित विभिन्न परिवादियों से दूरभाष पर संवाद कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परिवादों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा। पेयजल समस्या के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई जैसलमेर निवासी सत्तार खान ने क्षेत्र में स्थित सरकारी ट्यूबवेल के लंबे समय से खराब होने के कारण उत्पन्न पेयजल संकट की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशिष्ट शासन सचिव ने तत्काल जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशाषी अभियंता से दूरभाष पर संपर्क कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल की मरम्मत पूर्ण होने तक प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा खराब ट्यूबवेल को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दुरुस्त किया जाए। एक वर्ष से खराब रोड लाइट हुई दुरुस्त, परिवादी को मिली राहत जैसलमेर निवासी श्री गीगाराम ने क्षेत्र में पिछले एक वर्ष से रोड लाइट खराब होने के कारण अंधकार एवं आवागमन में हो रही परेशानी की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर विशिष्ट शासन सचिव ने संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए रोड लाइट को दुरुस्त कराया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।

योग दिवस से बलिदान दिवस तक, भाजपा ने कार्यक्रमों का कैलेंडर जारी किया

 रांची भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड प्रदेश इकाई ने आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर रविवार को रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में आयोजित राज्य के पार्टी पदाधिकारियों की इस मासिक बैठक में पिछले एक महीने के कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई और आगामी गतिविधियों की ठोस कार्ययोजना तैयार की गई. बैठक संपन्न होने के बाद प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार संगठनात्मक कार्यों को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाने के लिए मंडल, शक्ति केंद्र, बूथ, जिला और प्रदेश स्तर पर नियमित मासिक बैठकों की एक नई श्रृंखला तय की गई है. इसी के तहत अब प्रत्येक माह की 15 तारीख को प्रदेश पदाधिकारियों की अनिवार्य बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह समेत राज्यभर के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे. 21 जून को योग दिवस मनाने का फैसला प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे झारखंड में व्यापक स्तर पर योग शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे. इसके ठीक बाद, 23 जून को भाजपा के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अमर बलिदान दिवस पर राज्यभर में श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी उनके विचारों और देश के लिए किए गए बलिदानों को जन-जन तक पहुंचाएगी. इसके साथ ही, संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने तथा इन सभी आगामी कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. किसान मोर्चा आयोजित करेगा जैविक खेती पर संगोष्ठियां बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर भी विशेष चर्चा की गई. इस उपलक्ष्य में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा राज्य के सभी जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए संगोष्ठियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा, आगामी 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर लोकतंत्र पर हुए प्रहार को याद करते हुए विभिन्न राजनैतिक और बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी को उस दौर के संघर्षों से अवगत कराया जा सके. इस उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के हालिया झारखंड प्रवास, पार्टी के सांगठनिक प्रशिक्षण वर्ग और मोदी सरकार के 12 वर्षों के उपलक्ष्य में चल रहे वर्तमान अभियानों की भी गंभीरता से समीक्षा की गई.

88.97 किलो अफीम मामले में पुलिसकर्मी की संलिप्तता, महकमे में हड़कंप

 सिरसा  डिंग थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद 88.970 किलोग्राम अफीम के बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की ही अफीम तस्करी में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फतेहाबाद के भट्टू थाना पुलिस ने आरोपित एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही अफीम की सप्लाई लेने वाले शमशेर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद सिरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई रणबीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि रणबीर सिंह करीब एक माह पहले ही हांसी जिले से तबादला होकर सिरसा आया था और उसकी तैनाती डिंग मंडी थाना में की गई थी। एएसपी के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस द्वारा अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपित शमशेर ने पूछताछ के दौरान एएसआई रणबीर सिंह के तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सिरसा पुलिस ने गत शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक सुखराम, निवासी पाली (राजस्थान), को मौके से गिरफ्तार किया गया था। बाद में पूछताछ के आधार पर ट्रक मालिक गगनदीप सिंह को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद अफीम का दोबारा वजन करवाएगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई और जांच एनसीबी द्वारा की जाएगी।

योजना में फर्जीवाड़ा उजागर: हजारों नाम सूची से हटे

जमेशदपुर पूर्वी सिंहभूम जिले में गलत विवरण देकर या तथ्य छिपाकर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने वालों पर अब सख्ती शुरू हो गई है. पूरी तरह अयोग्य पाई गई 4,068 लाभुकों से अब तक ली गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली (रिकवरी) करने की तैयारी की जा रही है. वहीं, सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए गलत ब्योरा और झूठे दस्तावेज देने के आरोप में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन के बाद यह फैसला लिया गया. 6,974 लाभुकों के नाम सूची से हटाए गए अब तक कुल 6,974 लाभुकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. इनमें से कई लाभुकों की मृत्यु हो चुकी है. इससे पहले भी एक पुरुष द्वारा योजना की राशि प्राप्त करने का मामला सामने आया था. जिसके बाद पूरी राशि वापस कराई गई थी. इसके अलावा, मूल रूप से बिहार की रहने वाली 142 महिला लाभुकों को भी चिह्नित किया जा चुका है. जो नियम विरुद्ध यहां से लाभ ले रही थीं. उनसे भी राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है. जिले में अब भी 11,078 लाभुकों की जांच बाकी जिले के मंईयां सम्मान योजना के पंजीकृत लाभुकों की कुल संख्या 3,07,071 है. अब तक की जांच में 2,89,019 लाभुक को योग्य पाया गया है. फिलहाल 11,078 लाभुकों का सत्यापन होना बाकी है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बचे आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद ही जिले में मंईयां योजना के वास्तविक लाभार्थियों की अंतिम और सटीक स्थिति सामने आ सकेगी. 10 प्रतिशत सत्यापन शेष, अयोग्य लाभुकों पर होगी रिकवरी सामाजिक सुरक्षा विभाग की प्रभारी सहायक निदेशक रूपा रानी तिर्की ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन में निर्धारित अर्हता (योग्यता) पूरी न करने वाले 6 हजार से अधिक लाभुकों को सूची से हटा दिया गया है. वर्तमान में लगभग 10 प्रतिशत सत्यापन का कार्य शेष है. यह प्रक्रिया पूर्ण होते ही अयोग्य लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक और रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी. कुछ लाभुकों का नॉन डीबीटी का मामला था, उसका भुगतान रोका गया है.

बिहार में टेक्नोलॉजी हब की शुरुआत, 10 हजार युवाओं को मिलेगा ट्रेनिंग का मौका

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज गयाजी पहुंचे. यहां उन्होंने 170 करोड़ की लागत वाले टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास किया. बताया जा रहा है कि यह टेक्नोलॉजी सेंटर पूर्वी भारत में टेक्निकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का प्रमुख केंद्र बनेगा. कहां-कहां खर्च किए जायेंगे 170 करोड़ रुपये? जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना पर कुल 170 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें लगभग 86 करोड़ रुपये भवन निर्माण और 84 करोड़ रुपये अत्याधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों की स्थापना पर खर्च किए जाएंगे. केंद्र में हर साल लगभग 10 हजार विद्यार्थियों और युवाओं को टेक्निकल ट्रेनिंग प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे. जीतन राम मांझी क्या बोले? केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह केंद्र केवल गया ही नहीं बल्कि पूरे बिहार और पूर्वी भारत के युवाओं के लिए लाभकारी साबित होगा. यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा तकनीकी रूप से दक्ष बनेंगे और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे. उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी. सीएम सम्राट ने दी 2 बड़ी सौगातें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर गयावासियों को दो बड़ी सौगातें भी दीं. उन्होंने घोषणा की कि झारखंड के इंद्रपुरी क्षेत्र से पानी लाकर फल्गु नदी में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे सदानीरा स्वरूप बहाल करने का प्रयास किया जाएगा. साथ ही टेक्नोलॉजी सेंटर परिसर के पास उपलब्ध लगभग 60 एकड़ भूमि पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के निर्माण की भी घोषणा की. कोचिंग संस्थानों को लेकर कही बड़ी बात सीएम सम्राट चौधरी ने अपने भाषण के दौरान बिहार में चल रहे कोचिंग संस्थानों को लेकर इशारे-इशारे में बड़ी बात कही. मुख्यमंत्री ने कहा, सारे कोचिंग सेंटर बंद हो जाए और तमाम सुविधाएं और शिक्षा स्कूल में ही दी जाए, सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है. स्कूल में व्यवस्था को अच्छा करने और सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाने की बात कही.