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किसानों ने कहाकि उनके गांव में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से उनको मिली बड़ी पहचान, सीएम योगी ने निभाया हर वादा

सीएम योगी का आभार जताने पहली उड़ान से लखनऊ आए जेवर के किसान, बोले- सपना कर दिया साकार किसानों ने कहाकि उनके गांव में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से उनको मिली बड़ी पहचान, सीएम योगी ने निभाया हर वादा  जेवर की महिला किसानों ने योगी सरकार को सराहा, विकास का सहभागी बनने की चेहरों पर दिखी खुशी अपने गांव से ही पहली बार हवाई सफर कर भावुक हुए किसान, सीएम योगी को कहा धन्यवाद लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को पहली उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई, जो कई किसानों के लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक पल बन गई। इस उड़ान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें यात्री के रूप में वे किसान भी सवार थे, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे किसानों के चेहरे पर खुशी, गर्व और भावुकता साफ दिखाई दी। वे अपने गांव से सीधे प्रदेश की राजधानी में उतरे थे। मुख्यमंत्री योगी ने किसानों का सम्मान बढ़ाया किसानों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हवाई जहाज में सफर करने का सालों पुराना उनका सपना आज पूरा हो गया है। किसानों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। जेवर की रहने वाली पूनम ने बताया कि एयरपोर्ट परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहीत हुई थी। उन्होंने कहा कि आज पहली बार हवाई जहाज में बैठने का अवसर मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों का सम्मान बढ़ाया है। पूनम ने बताया कि वह मुख्यमंत्री से मिलने आईं हैं और इस अवसर को जीवन का सबसे सुखद पल मानती हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया किसान धर्मवीर शर्मा ने कहा कि उनके गांव में विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। उन्होंने कहा कि हवाई चप्पल पहनने वाले किसानों को हवाई जहाज में बैठाकर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उसकी प्राथमिकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह का विशेष आभार जताते हुए कहा कि किसानों से किया गया हर वादा पूरा किया गया है। उड़ान में शामिल हिरा रशीद भी बेहद उत्साहित नजर आईं। उन्होंने कहा कि लखनऊ तक की हवाई यात्रा उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसी है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधायक धीरेंद्र सिंह को दिया।  योगी जी ने हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया – किसान किसान हाजी जफर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने ऐसा काम किया है कि हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के दौरान घर-घर जाकर किसानों की सहमति ली गई थी और किसानों ने खुशी-खुशी अपनी जमीन दी। हाजी जफर ने कहा कि उन्हें इस विकास कार्य पर गर्व है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है और इससे आम लोगों का जीवन बदल रहा है। उन्होंने कहा कि योगी जी मुस्लिम समाज में काफी लोकप्रिय हैं क्योंकि उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ भेदभाव के बिना सभी लोगों तक पहुंचाया है। सभी को सुरक्षा दी है। सालों पुराना सपना आज पूरा हो गया- सुमन इसी तरह किसान इकबाल कल्लू ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एयरपोर्ट के लिए उनकी जमीन गई थी और आज उसी एयरपोर्ट से उड़ान भरकर राजधानी पहुंचना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को केवल मुआवजा ही नहीं दिया बल्कि उन्हें विकास यात्रा का सहभागी भी बनाया है। महिला किसानों में भी उत्साह देखने को मिला। किसान सुमन ने बताया कि उन्होंने जीवन में पहली बार हवाई जहाज में सफर किया है। यह उनका वर्षों पुराना सपना था, जो अब जाकर पूरा हुआ है। मीनू ने भी अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि एयरपोर्ट बनने के बाद पहली बार उन्होंने अपनी जमीन को आसमान से देखा है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की नई धारा बह रही है और इसका लाभ आम लोगों को मिल रहा है।   कई सरकारें देखी, लेकिन इतना अच्छा दौर पहले नहीं देखा- जयवीर, किसान बुजुर्ग किसान जयवीर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई सरकारें देखी हैं, लेकिन विकास का ऐसा दौर पहले कभी नहीं देखा। जयवीर ने कहा कि किसानों को सम्मान देने की यह पहल हमेशा याद रखी जाएगी। जयकरन सिंह ने कहा कि किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट बनने से आने वाली पीढ़ियों को नए अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसानों से किया संवाद

अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं जेवरः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसानों से किया संवाद जेवर से लखनऊ के लिए संचालित पहली फ्लाइट से राजधानी पहुंचे किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत   जेवर एयरपोर्ट से 28 महिलाओं समेत कुल 170 किसानों ने की लखनऊ तक की यात्रा, सीएम का जताया आभार  सीएम ने किसानों को किया आश्वस्त- डबल इंजन सरकार से आपको कभी निराश-हताश नहीं होना पड़ेगा किसानों से बोले सीएम- वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं तो कुछ बिखर भी जाते हैं लखनऊ,  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसान सोमवार को लखनऊ पहुंचे। जेवर से लखनऊ के लिए संचालित पहली फ्लाइट से राजधानी पहुंचे इन किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत व सम्मान किया गया। यहां किसानों ने अपने उद्गार व्यक्त किए, मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया और उनके प्रति आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि जेवर अब वह क्षेत्र बन गया है, जहां ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं। उन्होंने कर्मशियल फ्लाइट प्रारंभ करने के लिए इंडिगो के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।  यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा सीएम ने कहा कि जब हमारी कैबिनेट ने जेवर में एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित किया तो मैंने नोएडा के जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से कहा कि 100 दिन के भीतर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ हो जाए, लेकिन इस अवधि तक कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई। मैंने वहां पहुंचकर समीक्षा बैठक ली तो पता चला कि कोई प्रगति नहीं हुई है। तब मैंने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में लगभग 100 किसानों के साथ बैठक की। मैंने कहा कि एयरपोर्ट बनाना है तो किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया। असमंजस की स्थिति थी। मैंने कहा कि हम यहां विकास करना चाहते हैं, फिर भी लोगों ने मना कर दिया। मैंने अनुरोध किया कि एक घंटे का समय है, सोचिए। यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा।  वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं तो कुछ बिखर जाते हैं सीएम ने कहा कि मैंने बुजुर्गों से अनुरोध किया कि विकास का मॉडल क्या होता है, यह दिखाने का समय है। वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं और कुछ बिखर जाते हैं। जो अवसर का लाभ लेता है, इतिहास उसी का बनता है। जो मौके को गंवा देता है, वह अवसर से बिखर जाता है। आपने मुझ पर विश्वास किया, धीरेंद्र सिंह ने सहयोग किया। यीडा व उप्र के नागरिक उड्डयन विभाग ने कार्रवाई को युद्धस्तर पर बढ़ाया तो परिणाम यह रहा कि 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण पर कार्य शुरू हुआ। चार फेज में एयरपोर्ट बनेगा, पहले फेज की कार्रवाई संपन्न हुई।  आज का दिन एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक  सीएम ने कहा कि भारत में सर्वाधिक संभावनाओं वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने आज से कमर्शियल फ्लाइट प्रारंभ की है। ऐसे में आज का दिन जेवर, गौतमबुद्ध नगर, पश्चिमी उप्र, प्रदेश व देश के एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक है, इसके पीछे प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की और योगदान किसानों का है। विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस कड़ी को जोड़ा है।  जेवर ने इतिहास रच दिया सीएम ने कहा कि जेवर अब पुराना जेवर नहीं रहा, इसने इतिहास रच दिया है। जेवर क्षेत्र 9 साल पहले उत्तर प्रदेश की आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था। शाम होते आवागमन बंद हो जाता था। बेटी असुरक्षित थी, नौजवान के सामने भविष्य का संकट और किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। किसानों का उत्पीड़न भी किसी से छिपा नहीं था। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा, स्कूल, रोजगार, गरीबों के लिए कोई पहल नहीं होती थी।  अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं जेवर सीएम ने कहा कि आज बड़ी से बड़ी कंपनियां जेवर आना चाहती हैं। वहां अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं। जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला कार्गो व एमआरओ केंद्र बनने जा रहा है। अन्न, फल, मत्स्य, सब्जी आदि पैदा करने वाला उत्तर प्रदेश का किसान यहां कार्गो से अपने उत्पादों को दुनिया में पहुंचाएगा। स्थानीय बाजार में उसे दाम भले कम मिले, लेकिन दुनिया के बाजार में कई गुना दाम मिलेगा। आम का दाम यहां अधिकतम 50 रुपये पहुंचेगा, लेकिन दुनिया के बाजार में 800 से 1000 रुपये किलो बिकता है। 200 रुपये प्रति किलो कार्गो खर्च जोड़ लें, तब भी किसान को 600 रुपये का लाभ मिलेगा। जिस किसान को यहां 10 रुपये प्रति किलो का लाभ नहीं मिल पा रहा, उसे 600 रुपये का लाभ मिलेगा तो वह समृद्ध बनेगा।   दुनिया के पांच बड़े विश्वविद्यालय कैंपस आएंगे जेवर सीएम ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सेमीकंडक्टर यूनिट, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी, ट्वाय पार्क, अपरैल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स की विश्व स्तरीय सिटी भी जेवर क्षेत्र में स्थापित होगी। विश्व रैंकिंग वाले दुनिया के पांच बड़े प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय यहां कैंपस स्थापित करने आ रहे हैं।  किसानों से कहा था- आपकी सोच से ज्यादा पैसा मिलेगा सीएम ने कहा कि जब किसानों ने पहली रजिस्ट्री की तो वे विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ मेरे पास आए थे। मैंने ग्रेनो में भी किसानों से कहा था कि आप रजिस्ट्री कराइए, पैसा वह मिलेगा जो आपने सोचा भी नहीं होगा। हम सौदेबाजी नहीं कर रहे हैं। आपका हक देंगे। सिर्फ आप रहेंगे और हम रहेंगे, बीच में कोई नहीं रहेगा। किसानों के कारण वह क्षेत्र और भावी पीढ़ी का भविष्य, दोनों बदलने जा रहे हैं।  अब एयरक्रॉफ्ट मेंटिनेंस, रिपेयरिंग व ओवरहॉलिंग के लिए भी लोग यहां आएंगे सीएम ने किसानों ने कहा कि आपकी पीढ़ियां हजारों वर्षों से वहां रह रही हैं। आपके पूर्वजों ने आजादी की लड़ाई लड़ी, विपरीत परिस्थितियों को झेला और अपनी जमीन को बचाकर रखा। आपने जब सही समय पर सही निर्णय किया तो भारत का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया। वहां कार्गो व एमआरओ की सुविधा भी होगी। अब तक भारत में एयरक्रॉफ्ट मेंटिनेंस, रिपेयरिंग व ओवरहॉलिंग की सुविधा नहीं थी, इसके लिए सिंगापुर व दुबई जाना पड़ता था। अब इसके लिए भी लोग यहां आएंगे।  युवाओं को घर पर ही मिलेगी नौकरी सीएम ने कहा कि नौजवानों को इंजीनियर के रूप में ट्रेंड … Read more

दांबुला में हाई-वोल्टेज ड्रामा: सुपर ओवर में भारत-ए की हार, फिर मैदान पर हुआ विवाद

दांबुला इंडिया-ए को ट्राई सीरीज में श्रीलंका-ए के हाथों सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा. सोमवार (15 जून) को दांबुला के दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए मुकाबले में श्रीलंका-ए ने सुपर ओवर में 16 रन बनाए थे. जवाब में इंडिया-ए 10 रन ही बना सका. इंडिया-ए की ओर से सुपर ओवर में सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी बैटिंग करने उतरे थे, लेकिन दोनों मैच फिनिश नहीं कर पाए. श्रीलंका-ए की इंडिया-ए पर जीत के बाद मैदान पर बखेड़ा हो गया. श्रीलंका के खिलाड़ी जश्न मनाने लगे और यहीं से सब कुछ गड़बड़ होने लगा. वैभव सूर्यवंशी किसी बात से नाराज हो गए और उनका एक श्रीलंकाई फील्डर से झगड़ा हो जाता है. शेडगे अपने साथी 'बेबी बॉस' को वापस खींच लाते हैं, लेकिन 15 साल के वैभव मैदान छोड़ने के मूड में नहीं लगे. दोनों टीमें गर्मजोशी से हाथ मिलाती हैं और यहीं मैच खत्म हो जाता है. बता दें कि कुगाथास मथुलन ने श्रीलंका की ओर से सुपर ओवर में गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली थी. सुपर ओवर में पहली गेंद पर सूर्यांश शेडगे ने दो रन लिए. जबकि दूसरी बॉल डॉट रही. इसके बाद तीसरी गेंद पर एक रन बना. अब स्ट्राइक पर वैभव सूर्यवंशी थे. वैभव चौथी बॉल पर सिर्फ 2 रन बना सके और प्रेशर पूरी तरह इंडिया-ए पर आ गया. फिर पांचवीं गेंद पर उन्होंने चौका लगाया और आखिरी गेंद पर कोई रन नहीं बना. मुकाबले में इंडिया-ए ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 49.2 ओवरों में 265 रन बनाए थे. इंडिया-ए के लिए सूर्यांश शेडगे ने 72 और विप्रज निगम ने 51 रनों का योगदान दिया. वैभव सूर्यवंशी कुछ खास नहीं कर पाए और 21 रन बनाकर पवेलियन लौटे. श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत व्यासकांत और मोहम्मद शिराज ने तीन-तीन विकेट झटके. जवाब में श्रीलंका-ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट पर 265 रन बनाए और मुकाबला सुपर ओवर में चला गया. श्रीलंका की ओर से सदीरा समरविक्रमा ने शानदार 93 रन बनाए, लेकिन आखिरी ओवर में उनका आउट होना मेजबान टीम को मुश्किल में डाल गया. श्रीलंका की पारी का आखिरी ओवर अरशद खान ने फेंका, जिसमें उन्होंने केवल 4 रन खर्च किए.  

सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन आयोजित ‘जनता दर्शन’ में 200 लोगों की सुनी समस्याएं

जनता दर्शन  आर्थिक सहायता हो या आवास, सरकार हर जरूरत पर खड़ी है साथः मुख्यमंत्री  सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन आयोजित ‘जनता दर्शन’ में 200 लोगों की सुनी समस्याएं इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों से बोले सीएम- एस्टिमेट बनवाकर उपलब्ध कराइए, तत्काल सहायता मिलेगी  किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं, जरूरतमंदों को निरंतर आवास उपलब्ध करा रही सरकारः सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने गोशाला में गोसेवा भी की, गायों को खिलाया गुड़ व हरा चारा गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को विश्वास दिलाया कि आर्थिक सहायता हो या आवास, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों से कहा कि आप एस्टिमेट बनवाइए और मरीज का ध्यान रखिए, इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दीजिए। वहीं आवास की मांग को लेकर पहुंचे फरियादियों को भी सीएम ने आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद को निरंतर प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास दिला रही है।  मुख्यमंत्री ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। इसके लिए जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा, फिर भी जरूरत पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिया कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है।  कुछ लोगों ने पुलिस व राजस्व से जुड़े मामलों में लेटलतीफी की शिकायत की, तो सीएम ने डीएम को तत्काल मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने आवास, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, राजस्व, पुलिस आदि से जुड़े अलग-अलग मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।   परंपरागत रही सीएम की दिनचर्या, गोसेवा की, बच्चों से पढ़ाई के बारे में भी पूछा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम योगी ने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाकर उन पर स्नेह बरसाया। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने परिजनों के साथ आए बच्चों को पास बुलाकर दुलारा-पुचकारा। चॉकलेट दी और पढ़ाई के बारे में भी पूछा। सीएम ने बच्चों को खूब पढ़ने-आगे बढ़ने का आशीर्वाद भी दिया।

अब हवा में नहीं टकराएंगे विमान! भोपाल एयरपोर्ट पर पलक झपकते होगी एयरक्राफ्ट की पहचान

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों की सुरक्षा और विमानों की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने यहां अत्याधुनिक 'मोनोपल्स सेकेंडरी सर्विलांस रडार' लगाने का काम शुरू कर दिया है। इस नई तकनीक के आने से न सिर्फ विमानों की पहचान तेजी से हो सकेगी, बल्कि सेंट्रल इंडिया के इस प्रमुख हवाई हब पर एयर ट्रैफिक सेफ्टी भी पहले से कई गुना मजबूत हो जाएगी। सितंबर तक शुरू हो जाएगी सेवा यह नया रडार सिस्टम एयरपोर्ट के पुराने बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। राजा भोज एयरपोर्ट के डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि इस रडार की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है और इसे आगामी सितंबर तक पूरी तरह से कमीशन कर दिया जाएगा। वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे पुराने सिस्टम की तुलना में MSSR रडार विमानों की स्थिति और उनकी पहचान से जुड़ा बेहद सटीक डेटा देने में सक्षम है। राजा भोज एयरपोर्ट पर MSSR तकनीक की शुरुआत सर्विलांस क्षमता और यात्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक समय पर उठाया गया कदम है। यह रीयल-टाइम डेटा भविष्य में ऑटोमेशन और एडवांस सर्विलांस टूल्स को अपनाने का रास्ता साफ करेगा, जिससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। रामजी अवस्थी, डायरेक्टर (राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल) हवाई दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम एयरपोर्ट डायरेक्टर के अनुसार, रडार से मिलने वाली सटीक जानकारी की मदद से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को आसमान की वास्तविक स्थिति समझने में आसानी होगी। किसी भी आपातकालीन या असामान्य स्थिति में प्रतिक्रिया देने का समय घटेगा और विमानों की गलत पहचान का जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, यह रडार 'कोलिजन-अवॉयडेंस' (विमानों को आपस में टकराने से रोकने) और पड़ोसी एयरस्पेस के साथ बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा। उड़ानों की लेटी-लतीफी से मिलेगी राहत क्षेत्र में लगातार बढ़ती उड़ानों की संख्या को देखते हुए यह अपग्रेड बेहद जरूरी माना जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रणाली से व्यस्त समय के दौरान रनवे पर विमानों के उतरने और उड़ान भरने के क्रम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे कमर्शियल और जनरल विमानों का संचालन सुगम होगा, जिससे फ्लाइट्स की ऑपरेशनल देरी में कमी आएगी और यात्रियों का कीमती समय बचेगा।  

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर सख्ती, ब्रिटेन PM ने सोशल मीडिया प्रतिबंध का किया ऐलान

लंदन  ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है, उन्होंने बताया है कि वह अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने जा रहे हैं. ब्रिटेन अपने इस फैसले की मदद से बच्चों पर सोशल मीडिया की वजह से पड़ने वाले नकारात्मक असर को खत्म करना चाहता है।  बीते साल ऑस्ट्रेलिया ने टीनएजर्स और बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बैन किया था. फिर उसके बाद यूरोप समेत कई देशों ने इस फैसले की तारीफ की थी. हाल ही में कनाडा ने भी ऐलान किया था कि वह सोशल मीडिया के लिए नियम बदलने जा रहा है और बच्चों के इस्तेमाल करने को लेकर नियम बदलेगा।  ब्रिटेन प्रधानमंत्री ने कहा- आसान नहीं था फैसला  कीर स्टारमर ने आगे बताया है कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं है. कई बड़ी कंपनियां सरकार को अपना फैसला वापस लेने के लिए दबाव डाल रही हैं, लेकिन ये फैसला होकर रहेगा।  ब्रिटेन प्रधानमंत्री ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके इस फैसले के बारे में जानकारी दी है और बताया है कि अधिकतर माता-पिता ने उनको बताया है कि उनके बच्चे स्मार्टफोन चलाने का आदि हो चुके हैं।  ब्रिटेन प्रधानमंत्री का पोस्ट  ब्रिटेन प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि हम 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस को बैन करने जा रहे हैं।   आज के दौर में बच्चों को ऐसी दुनिया में खुद को ढालना पड़ रहा है, जहां तकनीक उनकी जिंदगी के हर पहलू में दखल दे रही है. मैं अब इसे और जारी नहीं रहने दे सकता. इसलिए हम बच्चों को उनका बचपन वापस देने जा रहे हैं।  टेक कंपनियों को कई नियम लागू करने को कहा  ब्रिटेन ने हाल ही के दिनों में टेक कंपनियों के ऊपर दबाव बनाया है. सरकार ने इन कंपनियों से उम्र सत्यापन लागू करने और अपने एल्गोरिद्म में बदलाव करने के लिए के लिए कहा है. साथ ही बच्चों को अश्लील तस्वीर आदि से दूर रखने के लिए नए कदम उठाने को कहा है।  ब्रिटेन की सरकार चाहती है की ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर होने वाले लाइव स्ट्रीमिंग को भी बच्चों के लिए प्रतिबंधित किया जाए। 

अब और तेज होगा सफर! भारतीय रेलवे ला रहा 220 किमी/घंटा रफ्तार वाली ट्रेनें, सुरक्षा के लिए ब्लैक बॉक्स भी

धनबाद  देश में बुलेट ट्रेन की तैयारियों के बीच रेलवे ने अब 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सेमी हाई स्पीड ट्रेन दौड़ाने के लिए भी कसरत शुरू कर दी है।आईसीएफ यानी इंटीग्रल रेल फैक्ट्री में 100 वंदे भारत और 50 वंदे भारत स्लीपर के नए रैक का निर्माण होगा। अमृत भारत 3.0 वर्जन पटरी पर उतारने की तैयारी शुरू होगी।साथ ही 220 किमी की स्पीड से फर्राटा भरने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन के रैक भी विकसित किए जाएंगे। इतना ही नहीं हवाई जहाज की तरह यात्री ट्रेनों में ब्लैक बाक्स भी होंगे। देश के अन्य जोन के साथ पूर्व मध्य रेल में ट्रेनों के मेंटेनेंस को डिजिटाइज किया जाएगा। प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंताओं की इसी सप्ताह होनेवाली पीसीएमई कॉन्फ्रेंस में इन सभी एजेंडा को शामिल किया गया है। रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक यांत्रिक-इंजीनियर कोचिंग प्रांजल मिश्रा की ओर से सभी जाेन को पत्र जारी किए जाने के बाद संबंधित जोनल रेलवे ने प्रेजेंटेशन समर्पित कर दिया है। आग लगने से पहले और बाद की हर गतिविधि को कैद करेगा ब्लैक बाक्स हवाई जहाज में ब्लैक बाक्स अत्यंत मजबूत इलेक्ट्रानिक डिवाइस है, जिसका उपयोग विमान दुर्घटना के कारणों एवं अंतिम समय की गतिविधियों का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसे विमान हादसे की जांच का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक हिस्सा माना जाता है। ठीक इसी तरह ट्रेनों में लगे आग के लिए फायर डिटेक्शन सिस्टम और फायर डिटेक्शन सप्रेशन सिस्टम के लिए ब्लैक बाक्स लगाए जाएंगे। इससे मजबूत और छेड़छाड़ रहित डाटा लागर तैयार होगा। इसका उद्देश्य घटना की जांच के लिए आग लगने से पहले और बाद की गतिविधियों, सिस्टम को चालू ट्रिगर्स और सिस्टम के कामकाज के जुड़े पैरामीटर को रिकार्ड किया जा सकेगा। वंदे भारत और अमृत भारत में आन बोर्ड कंडीशन मॉनीटरिंग सिस्टम वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों में ओबीसीएमएस यानी आन बोर्ड कंडीशन मानीटरिंग सिस्टम अपनाए जाएंगे। यह एक अहम डायग्नोस्टिक तकनीक है जिसकी मदद से ट्रेनों के पहिए व बेयरिंग की सुरक्षा, कार्यक्षमता और रियम टाम हेल्थ मॉनीटरिंग हो सकेगी। इससे दुर्घटनाओं की रोकथाम में काफी हद तक मदद मिलेगी। नए कोचिंग डिपो व पुराने के अपग्रेडेशन के साथ कम समय में मेंटेनेंस नए कोचिंग डिपो, कोचिंग टर्मिनल के निर्माण के साथ पुराने कोचिंग डिपो के अपग्रेडेशन की स्थिति संबंधित जोन के पीसीएमई स्पष्ट करेंगे। रैक मेंटेनेंस को कम समय में करने, स्मार्ट मेंटेनेंस और कर्मचारियों से जुड़ी बेंचमार्किंग पर भी नीतिगत चर्चा होगी। कैरेज एंड वैगन विभाग के कर्मचारियों के लिए दुर्घटना व बेपटरी होने जैसी घटनाओं के लिए ट्रेनिंग माड्यूल तय होगा। गरीब रथ ट्रेनों के रैक के उपयोग पर भी निर्णय होंगे।  

क्या आप ज्यादा पैसे देकर पी रहे हैं ट्रेन की चाय? रेलवे के तय रेट जानकर रह जाएंगे हैरान

नई दिल्ली भले ही ट्रेन की चाय कैसी भी हो, लेकिन जब लोग ट्रेन में सफर करते हैं तो चाय पी ही लेते हैं. आपने देखा होगा कि ट्रेन में कई तरह की चाय मिलती है, एक चाय तो वो होती है, जो बिना टी बैग के होती है, लेकिन एक वो होती है जिसमें टी बैग भी होता है. इन चाय के रेट भी अलग-अलग वसूले जाते हैं. लेकिन, क्या आप  जानते हैं कि ट्रेन में बिकने वाली चाय की असली रेट कितनी होती है यानी सरकार की ओर से इनकी कितनी रेट तय की गई है? बता दें कि इससे ज्यादा रेट में ट्रेन में चाय नहीं बेची जा सकती है।  आमतौर पर ट्रेन में वेंडर या कैटरिंग स्टाफ एक कप चाय 10 रुपये में बेचते हैं, लेकिन असली रेट काफी अलग है. रेलवे की आधिकारिक कैटरिंग दरों के अनुसार, सामान्य ट्रेनों में मिलने वाली 150 मिलीलीटर स्टैंडर्ड चाय की कीमत सिर्फ 5 रुपये तय है. अगर आपको इसी कैटेगरी की चाय 10 रुपये में बेची जा रही है तो उसकी कीमत तय दर से दोगुनी है।  लेकिन, टीबैग वाली चाय के रेट अलग है. रेलवे के नियमों के अनुसार, टी बैग वाली चाय 10 रुपये की मिलती है. इसके अलावा इंस्टेंट कॉफी के रेट भी 10 रुपये हैं. हालांकि कुछ विशेष ट्रेनों में व्यवस्था अलग होती है. उदाहरण के लिए हमसफर ट्रेनों में एवीएम मशीन के  जरिए चाय दी जा रही है तो उस चाय की कीमत 10 रुपये तय है. यहां 100 मिलीलीटर चाय 120 मिलीलीटर के कप में दी जाती है।  ऐसे में जब भी आप चाय खरीदें तो इस बात का ध्यान रखें कि आखिर आप कौनसी चाय पी रहे हैं, वो स्टैंडर्ड चाय है या फिर वेंडिंग मशीन वाली चाय. रेलवे में सभी ट्रेनों के लिए एक जैसी कैटरिंग व्यवस्था नहीं होती. सामान्य मेल-एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में स्टैंडर्ड चाय का रेट 5 रुपये रखा गया है, जबकि कुछ प्रीमियम सेवाओं और वेंडिंग मशीन आधारित व्यवस्था में कीमत अधिक हो सकती है।  क्या हैं पानी की बोतल से जुड़े नियम? भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, ट्रेन में सिर्फ रेल नीर ही बेचा जा सकता है और उसकी एक लीटर वाली बोतल की रेट 14 रुपये है. ये स्टेशन और ट्रेन दोनों में बराबर है. लेकिन, अगर कुछ परिस्थिति में वेंडर रेल नीर के अलावा दूसरी पानी की बोतल बेचता है तो वो भी कुछ निश्चित कंपनियों का पानी ही ट्रेन में बेचा जा सकता है. इसमें भी खास बात ये है कि दूसरी कंपनी की पानी की बोतल भी 14 रुपये में ही बेचनी होगी. यानी ट्रेन में कोई भी 14 रुपये से ज्यादा दाम में पानी की बोतल नहीं बेच सकता है।  

महिला एवं बाल विकास विभाग का अभियान: पोषण और परिवार सहभागिता पर जागरूकता

 जयपुर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सोमवार को अभिभावक-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बैठक (PAM) का आयोजन किया गया। इस माह की बैठक का मुख्य विषय "पोषण, संतुलित आहार एवं स्वास्थ्य" तथा "बच्चे के जीवन में पिता की भूमिका" रहा। शासन सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती पूनम ने बताया कि बच्चों के समग्र विकास में पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में आयोजित PAM की बैठकों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास के लिए जन-जागरूकता को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के सामग्र विकास हेतु परिवारों की सहभागिता को और खास कर पिता की भूमिका को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किये जाएंगे। आईसीडीएस निदेशक  वासुदेव मालावत ने बताया कि बैठक में बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण, स्वास्थ्य, प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) तथा परिवार की सामूहिक भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बार PAM बैठकों में पिता, दादा, चाचा एवं अन्य पुरुष अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। अमावस्या के अवसर पर आयोजित इस बैठक का उद्देश्य परिवार के पुरुष सदस्यों को बच्चों के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना तथा उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करना रहा। उन्होंने बताया कि PAM बैठक में यह संदेश दिया गया कि "एक पिता का हाथ पकड़कर चलना बच्चे को पूरी दुनिया की ताकत देता है।" PAM कार्यक्रम केवल एक बैठक नहीं, बल्कि परिवार एवं समुदाय को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट करने का सशक्त माध्यम है। PAM में अभिभावकों को बताया गया कि पिता की सक्रिय सहभागिता बच्चों को भावनात्मक सुरक्षा, आत्मविश्वास तथा सकारात्मक वातावरण प्रदान करती है। शोधों के अनुसार जिन बच्चों को पिता का पर्याप्त समय और मार्गदर्शन प्राप्त होता है, उनमें बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास बेहतर होता है। पिता बच्चों को साहस, धैर्य, अनुशासन एवं जिम्मेदारी जैसे जीवन मूल्यों की शिक्षा देते हैं। साथ ही उनकी सहभागिता से बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है। PAM बैठक के दौरान अभिभावकों को बच्चों के नियमित पोषण, स्वास्थ्य जांच एवं वृद्धि निगरानी के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के समस्त बच्चों का APAR ID एवं ABHA ID तैयार करवाने, आधार नामांकन सुनिश्चित करने तथा बच्चों की नियमित उपस्थिति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों के साथ केन्द्र की आगामी कार्ययोजना, बच्चों की नियमित उपस्थिति, शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों तथा पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर चर्चा की। अभिभावकों को यह भी बताया गया कि बच्चों के विकास में माता-पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी महिला पर्यवेक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि बैठक की ऑनलाइन रिपोर्टिंग निर्धारित प्रारूप में 18 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें, जिससे कार्यक्रम की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।

25 साल बाद पूरा हुआ सपना: जेवर एयरपोर्ट पर पहली फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे किसान

25 साल के लंबे इंतजार और तमाम उतार-चढ़ाव के बाद सोमवार को आखिरकार यूपी की आंखों में पला-बढ़ा जेवर एयरपोर्ट का सपना पूरा हो गया। 172 किसानों को लेकर जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ की पहली फ्लाइट सुबह करीब 9:55 बजे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची। खुशी और उत्साह से लबरेज चेहरों के साथ किसानों ने 5 कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात और संवाद किया। 172 किसानों के इस दल में 20 महिला किसान शामिल रहीं। किसानों ने अपने इलाके के विकास के लिए सीएम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान सीएम योगी ने जेवर एयरपोर्ट बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के दौरान का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि जब हमारी कैबिनेट ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिए प्रस्ताव पारित किया तो हमने अधिकारियों को समय सीमा दी थी। यह 100 दिन की थी लेकिन जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। इसके बाद मैं वहां गया तो किसानों के साथ बैठक में करीब 100 किसानों से हमने कहा कि वहां एयरपोर्ट बनाना है। तब वाकई मुझे यही सुनने को मिला कि हम जमीन नहीं देंगे। सीएम योगी ने बताया कि तब मैंने कहा कि आपको एक घंटे का समय दे रहा हूं। एयरपोर्ट बना तो यह आपके इलाके की तस्वीर बदल देगा क्योंकि समय सबका आता है, कुछ बन जाते हैं, कुछ बिखर जाते हैं"…। जो मौके को गंवा देता है, वह बिखर जाता है। सीएम योगी ने कहा कि आपने मुझ पर विश्वास किया। ये कार्यवाही युद्धस्तर पर आगे बढ़ी तो परिणाम है कि 13 हजार एकड़ से अधिक जमीन पर पहले फेज का काम होकर,नया इतिहास रच दिया है। सीएम योगी ने आगे कहा कि जेवर अब वह जेवर नही रहा। अब तो यहां कुबेर आना चाहते हैं सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक आपराधिक गतिविधियों का क्षेत्र बन गया था। शाम होते ही आवागमन बंद हो जाता था। बेटियां असुरक्षित थीं। किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। यही नहीं किसानों का उत्पीड़न होता था। हम इसको देखते थे। सड़क, सुविधा, रोजगार कुछ नहीं था। उन स्थितियों में दिल्ली के नज़दीक जेवर मात्र एक कस्बा था, एक गांव था। सीएम योगी ने कहा कि अब आप जरा सोचिए, दिल्ली को फेल करने जा रहे हैं, दुनिया का हर बड़ा व्यक्ति वहां आना चाहता है। आप परी की बात कर रहे थे, अब तो वहां कुबेर आना चाहते हैं। संवाद के दौरान किसानों ने सीएम योगी से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।