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यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे का बड़ा कदम, स्टेशनों पर अग्नि सुरक्षा इंतजामों का होगा ऑडिट

 मेदिनीनगर (पलामू) यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्व मध्य रेलवे के 800 सहित देश के 7500 रेलवे स्टेशनों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें डालटनगंज रेलवे स्टेशन भी शामिल है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र भेजा है। इस ऑडिट का उद्देश्य स्टेशनों पर मौजूद अग्नि सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच करना है, ताकि कमियों की पहचान कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें और यात्रियों व रेलवे संपत्तियों को आगजनी जैसी घटनाओं से बचाया जा सके। रेलवे का मानना है कि बढ़ती यात्री संख्या और स्टेशनों पर बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों के बीच अग्नि सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी दिशा में रेलवे एक प्रभावी पॉलिसी तैयार करने की योजना पर भी काम कर रहा है, जो ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर लागू की जाएगी। सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की होगी विस्तृत जांच ऑडिट के दौरान स्टेशन भवनों की संरचना, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, एसी व वेंटिलेशन सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की उपलब्धता, पंपिंग व्यवस्था और स्प्रिंकलर सिस्टम सहित सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। टीम यह भी सुनिश्चित करेगी कि स्टेशनों पर फायर सेफ्टी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। कमियां मिलने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। स्टेशनों पर मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण जारी रेलवे लगातार स्टेशनों पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने के साथ-साथ मॉक ड्रिल और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस ऑडिट के बाद देशभर के स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी, जिससे यात्री अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। संयुक्त टीम करेगी ऑडिट ऑडिट की जिम्मेदारी सिविल, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल और सुरक्षा विभागों की संयुक्त टीमों को सौंपी गई है। इसके अलावा विशेषज्ञ एजेंसियों और राज्य अग्निशमन विभाग की भी सहायता ली जाएगी, ताकि तकनीकी खामियों की सटीक पहचान की जा सके  

PAF में हादसों की श्रृंखला जारी, महीनेभर में पांचवां विमान दुर्घटनाग्रस्त; सड़क पर मचा हड़कंप

 खैबर पख्तूनख्वा  पाकिस्तान की सेना को एक बार फिर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. खैबर पख्तूनख्वा के मरदान जिले में रविवार को एक सैन्य प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसा कटलंग रोड के पास जाबर नहर क्षेत्र में हुआ, जहां विमान गिरते ही आग का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया. यह हादसा एक CCTV फुटेज में रिकॉर्ड हो गया. विमान के क्रैश होने के बाद धुआं और आग की लपटें देखी गईं. फुटेज में देखा जा सकता है कि रोड पर लगातार गाड़ियां गुजर रही हैं. जब दो मोटरसाइकिल सवार गुजर रहे थे, तभी यह जेट सीधे आकर रोड के बीच में गिरा और देखते ही रोड के बीच में आग की एक सीधी रेखा बन गई. विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई. राहत एवं बचाव दल और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं. पाकिस्तानी अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. इस हादसे के बाद मौके पर लोग जमा हो गए. बाइकसवार लोगों का हाल पता नहीं है. लेकिन बाद में दोनों गाड़ियां सड़क पर ही पड़ी दिखाई दी हैं।  एक महीने में पांचवां सैन्य विमान हादसा यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान के सैन्य विमानों की सुरक्षा पर पहले से सवाल उठ रहे हैं. पिछले एक महीने के भीतर यह पांचवीं बड़ी दुर्घटना मानी जा रही है. सबसे बड़ा झटका 10 जून को लगा था, जब पाकिस्तान आर्मी एविएशन का Mi-17 हेलिकॉप्टर POK में टेकऑफ के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उस हादसे में 22 सैन्यकर्मियों की मौत हुई थी. पाकिस्तानी सेना ने बाद में सभी के मारे जाने की पुष्टि की थी।  उससे पहले 20 मई को मियांवाली के पास पाकिस्तान एयर फोर्स का FT-7PG ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. एक दिन पहले 19 मई को कामरा के पास JF-17 थंडर लड़ाकू विमान भी ट्रेनिंग मिशन के दौरान क्रैश हो गया था. दोनों मामलों में पायलटों ने इजेक्ट कर जान बचा ली थी।  आबादी को बचाने की कोशिश में हादसा स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार मरदान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान Super Mushshak (MFI-17) ट्रेनर एयरक्राफ्ट था. बताया जा रहा है कि पायलटों ने विमान को घनी आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की ताकि जमीन पर बड़े पैमाने पर नुकसान न हो. हालांकि इस कोशिश में दोनों पायलट अपनी जान नहीं बचा सके।  लगातार हादसों से बढ़े सवाल जनवरी से जून 2026 के बीच पाकिस्तान को कम से कम पांच बड़े हवाई हादसे सामने आ चुके हैं. इनमें लड़ाकू विमान, ट्रेनर एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर शामिल हैं. ज्यादातर मामलों में शुरुआती वजह तकनीकी खराबी बताई गई है, लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने पाकिस्तान के एयरक्राफ्ट्स के रखरखा की कमी को दिखाया है. POK में Mi-17 हेलिकॉप्टर हादसे के कुछ ही दिन बाद हुआ यह नया क्रैश पाकिस्तान के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। 

सरकार की तैयारी पूरी: 30–35 लाख सीएफटी बालू स्टॉक से निर्माण कार्य जारी रहेंगे

पटना बिहार की प्रमुख नदियों से बालू खनन पर सोमवार, 15 जून से रोक लग जाएगी। राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा जारी पर्यावरण स्वीकृति की शर्तों के अनुसार मानसून अवधि में नदियों से बालू का खनन 15 जून से 15 अक्टूबर तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान किसी भी बालू घाट से वैध खनन की अनुमति नहीं होगी। खनन बंदी के बावजूद निर्माण कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ने पहले से तैयारी कर ली है। जिलों में लगभग 30 से 35 लाख क्यूबिक फीट (सीएफटी) बालू का बफर स्टाक सुरक्षित रखा गया है। इसी स्टाक से निर्माण कार्यों के लिए बालू की आपूर्ति की जाएगी, ताकि बाजार में कृत्रिम संकट या कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। सरकार ने मानसून अवधि में अवैध खनन और बालू के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। खान एवं भूतत्व विभाग ने 11 जून को सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। संबंधित थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान नदी में बढ़े जल स्तर और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष यह प्रतिबंध लागू किया जाता है। सरकार का उद्देश्य एक ओर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है, वहीं दूसरी ओर निर्माण गतिविधियों के लिए बालू की उपलब्धता भी सुनिश्चित करना है। बालू लदा ट्रैक्टर चालक सहित गिरफ्तार गया के मैगरा थाने की पुलिस ने शनिवार देर रात गुड्डी फील्ड इलाके में छापेमारी कर बालू लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया। कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस को क्षेत्र में अवैध रूप से बालू ढुलाई की सूचना मिली थी इसी आधार पर विशेष अभियान चलाया गया। गुड्डी फील्ड के समीप एक ट्रैक्टर को रोककर जांच की गई, जिसमें बालू लदा पाया गया। चालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चालक राजकेश्वर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।

265 रन के लक्ष्य और सुपर ओवर के रोमांच के बीच श्रीलंका-ए ने इंडिया-ए को बेहद करीबी मुकाबले में हराया

 दांबुला इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीम्स ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में आमने-सामने हुईं. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया. यह मुकाबला सुपर ओवर में चला गया, जहां श्रीलंका-ए ने जीत हासिल की. मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका-ए को जीत के लिए 265 रनों का टारगेट दिया था, जिसका पीछा करते हुए वो 9 विकेट पर 264 रन ही बना सकी. सुपर ओवर में श्रीलंका-ए ने 17 रन बनाए थे. ऐसे में इंडिया-ए को जीत के लिए 17 रन चाहिए थे, लेकिन वो गेम फिनिश नहीं कर सका. सुपर ओवर में भारत 10 रन ही बना सका. सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी भारत को जीत नहीं दिला पाए. इंडिया-ए ने अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए को 8 रनों से पराजित किया था. फिर उसे अफगानिस्तान-ए के खिलाफ बारिश से बाधित मुकाबले में डीएलएस नियम के तहत 4 रनों से हार मिली थी. अब श्रीलंका-ए से हार के बाद इंडिया-ए की फाइनल की राह मुश्किल हो गई है. रनचेज में निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो ने श्रीलंका-ए को अच्छी शुरुआत दिलाई. भारत को पहली सफलता अविष्का फर्नांडो (22 रन) के रूप में मिली, जिन्हें निशांत सिंधु ने आउट किया. फिर विशेन हलंबगे (17 रन) को आयुष बदोनी ने एलबीडब्ल्यू आउट किया. डिकवेला (37 रन) अच्छी बैटिंग कर रहे थे, लेकिन वो विप्रज निगम की फिरकी में फंस गए. सहान अराचिगे (8 रन) और अहान विक्रमसिंघे (6 रन) भी कुछ खास नहीं कर पाए. देखते ही देखते श्रीलंका-ए का स्कोर 143/5 हो गया. इस मुश्किल परिस्थिति में सदीरा समरविक्रमा और वानुजा सहान ने टीम को संभाला. दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी हुई. आयुष बदोनी ने सहान (25 रन) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. वानुजा के आउट होने के बाद सदीरा ने विजयकांत व्यासकांत के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण 35 रन जोड़े. विजयकांत व्यासकांत (18 रन) को अनुकूल रॉय ने अपनी फिरकी में फंसाया. यहां से सदीरा समरविक्रमा और चमिका गुणसेकरा ने 32 रन जोड़कर श्रीलंका-ए की उम्मीद बनाए रखीं. आखिरी ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए 5 रन बनाने थे. उस ओवर में अरशद खान ने सदीरा समरविक्रमा (93 रन) को बोल्ड कर दिया, जिसने मैच को पूरी तरह खोल कर रख दिया. आखिरी बॉल पर श्रीलंकाई टीम को दो रन चाहिए थे, लेकिन गुणसेकरा दूसरा रन पूरा करते समय रन आउट हो गए. ऐसी रही है इंडिया-ए की बल्लेबाजी टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए इंडिया-ए ने 49.2 ओवरों में 265 रन बनाए. वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने इंडिया-ए की पारी का आगाज किया. लेकिन वैभव 14 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हो गए. 29 रन पर पहला विकेट गिरा. वैभव ने 3 चौके के अलावा एक छक्का जड़ा. 150 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए वह आक्रामक अंदाज में नजर आए, लेकिन अंततः कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए. वैभव ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में विकेट गंवा दिया. गेंद की लेंथ सही नहीं थी और उसमें टर्न व डिप था, जिसके चलते उन्होंने गेंद को पॉइंट की ओर काट दिया. शानदार कैच के साथ उनकी पारी 14 गेंदों में 21 रन (3 चौके, 1 छक्का) पर खत्म हुई. सहान अराचिगे की गेंद पर वानुजा सहान ने उनका कैच लपका. प्रभसिमरन सिंह भी लंबी पारी नहीं खेल पाए. वह 11 रन (13 गेंद) बनाकर आउट हुए. 7वें ओवर की दूसरी गेंद पर इंडिया-ए को 39 रनों पर दूसरा झटका लगा. मोहम्मद शिराज की स्लोअर गेंद पर वह शॉट खेलने गए, लेकिन टाइमिंग पूरी तरह चूक गए और गेंद मिड-ऑफ पर कैच हो गई. वानुजा सहान ने शानदार कैच लपका. उनकी पारी में 2 चौके शामिल रहे, लेकिन धीमी गेंद को ठीक से ना खेल पाने के कारण वह जल्दी पवेलियन लौट गए. कप्तान तिलक वर्मा इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और 23 रनों के निजी स्कोर पर कुगाथास मथुलन का शिकार बने. ऋतुराज गायकवाड़ इस मैच में भी बड़ी पारी खेलने की ओर अग्रसर थे, लेकिन स्पिनर विजयकांत व्यासकांत ने उन्हें पवेलियन रवाना कर दिया. ऋतुराज ने 3 चौके की मदद से 42 बॉल पर 37 रन बनाए. ऋतुराज जब आउट हुए, तब स्कोर 111/4 था. आयुष बदोनी (15 रन) और निशांत सिंधु (6 रन) भी बल्ले से कुछ ज्यादा योगदान नहीं दे सके, जिससे भारतीय टीम मुश्किल में आ गई. ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने भी निराश किया और सिर्फ 8 रन बना सके. यहां से सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने आठवें विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी कर भारतीय टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया. विप्रज निगम ने 6 चौके की मदद से 49 बॉल पर 51 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 66 बॉल पर 72 रनों का योगदान दिया. श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत व्यासकांत और मोहम्मद शिराज ने तीन-तीन विकेट झटके. इंडिया-ए की प्लेइंग इलेवन: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विप्रज निगम, अनुकूल रॉय और यश ठाकुर श्रीलंका-ए की प्लेइंग इलेवन: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, अहान विक्रमसिंघे, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांत, विशेन हलंबगे, कुगाथास मथुलन, चमिका गुणसेकरा और मोहम्मद शिराज. ट्राई सीरीज का पूरा शेड्यूल • 09 जून: इंडिया-ए की श्रीलंका-ए पर 8 रनों से जीत • 11 जून: अफगानिस्तान-ए ने इंडिया-ए को 4 रनों से हराया (DLS) • 13 जून: श्रीलंका-ए ने अफगानिस्तान-ए को 8 विकेट से हराया (DLS) • 15 जून: इंडिया-ए vs श्रीलंका-ए • 17 जून: इंडिया-ए vs अफगानिस्तान-ए • 19 जून: अफगानिस्तान-ए vs श्रीलंका-ए • 21-जून: फाइनल

प्री-मानसून की दस्तक: राजस्थान के कई हिस्सों में तेज हवाएं और बारिश, तापमान में बड़ी गिरावट

जयपुर प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर लगातार जारी है. बरसात के बीच लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है. राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और रविवार (15 जून) दोपहर बाद कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली. जयपुर, चित्तौड़गढ़ समेत कई क्षेत्रों में तेज आंधी के बाद बारिश हुई. कुछ जगहों पर करीब एक इंच तक वर्षा दर्ज की गई. जयपुर, अलवर, दौसा और टोंक में बारिश से पहले तेज हवाएं चलीं. फलोदी राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री दर्ज किया गया. पश्चिमी राजस्थान में राहत नहीं मौसम में आए इस बदलाव से पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ पश्चिमी जिलों में भी भीषण गर्मी से राहत मिली है. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है. सोमवार (15 जून) के लिए 15 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. अलवर-दौसा समेत इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट ऑरेंज अलर्ट के तहत श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, दौसा और भरतपुर शामिल हैं, जबकि येलो अलर्ट में सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटा, बारां और झालावाड़ जिले हैं. राजधानी जयपुर में भी रविवार दोपहर तक मौसम साफ और धूप हल्की रही, लेकिन दोपहर बाद अचानक घने बादल छा गए. शाम होते-होते तेज आंधी चली और कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली. 10 दिन बाद मानसून की एंट्री होगी प्रदेश में 24 से 25 जून के बीच मानसून की एंट्री की संभावना है. इससे पहले, लगातार  बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के कारण प्रदेश में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार मानसून के दौरान बारिश थोड़ी कम होने की संभावना है. इससे पहले 17 जून तक आंधी-बारिश जारी रहने की संभावना है.

लू के चलते बड़ा फैसला: पटना में 6 से 8वीं तक की कक्षाएं अब सुबह 10:30 बजे तक ही चलेंगी

पटना राजधानी पटना समेत बिहार के कई जिलों में भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। सूरज की तपिश ने अब बच्चों की पढ़ाई में भी खलल डाल दी है। पटना में 5वीं कक्षा तक के स्कूल बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पटना डीएम की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, पटना में 5वीं तक के स्कूल 20 जून तक बंद रहेंगे। इसके अलावा छठी क्लास से लेकर आठवीं क्लास तक के क्लास की टाइमिंग को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। पटना डीएम की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, 6 से 8 तक की क्लासें अब सुबह साढ़े दस बजे तक ही चलेंगी। पटना डीएम का आदेश सभी निजी और सरकार स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा। पटना में सूरज के प्रकोप और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह एहतियातन कदम उठाया गया है। बता दें कि तेज गर्मी की वजह से स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को स्कूल से लौटते वक्त गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। आदेश में क्या कहा गया पटना जिला प्रशासन की तरफ से साफ किया गया है कि अगर किसी स्कूल ने इन आदेशों का उल्लंघन किया तो स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम पटना में लू के प्रकोप को देखते हुए उठाया गयाा है। डीएम की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है, 'जिले में रह रहे अधिक तापमान, विशेष रूप से दोपहर के समय पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। मैं त्यागराजन एस.एम., जिला दण्डाधिकारी, पटना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा – 163 के तहत जिले के सभी निजी / सरकारी विद्यालयों (प्री-स्कूल सहित) में क्लास 5 तक के कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियों पर दिनांक 20.06.2026 तक पूर्णरूपेण और क्लास 6 से 8 तक के कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियों पर सुबह 10:30 बजे के बाद प्रतिबंध लगाता हूं। विद्यालय प्रबंधन को निदेश दिया जाता है कि वे उल्लिखित आदेश के अनुरूप शैक्षणिक गतिविधियों को पुनर्निर्धारित करेंगे।' बता दें कि राजधानी पटना में भीषण गर्मी पड़ रही है। पटना में 15 जून को तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया और आने वाले दिनों में यानी 17 और 18 जून को यहां अधिकतम तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने का पूर्वानुमान जताया गया है।

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में मचाया धमाल, मेहनत और त्याग से बने भारत के नए क्रिकेट सनसनी

नई दिल्ली आईपीएल के पिछले दो सीजन में अपनी आतिशी और खौफनाक बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को हैरान करने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए 237 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 776 रन कूटकर ऑरेंज कैप जीतने वाले वैभव को उनके इसी प्रदर्शन के दम पर भारतीय सीनियर टीम के इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए टी20 टीम में शामिल किया गया है। हर कोई वैभव के इस गगनचुंबी बैट स्विंग और पावर-हिटिंग का कायल है, लेकिन वर्ल्ड क्रिकेट के इस सबसे रोमांचक बल्लेबाज को गढ़ने के पीछे 6 साल की मेहनत छिपी है। रोज़ाना 100 ओवर खेलते थे वैभव, थक जाते थे गेंदबाज वैभव के बचपन के कोच मनीष ओझा ने PTI को दिए एक इंटरव्यू में वैभव के बचपन, उसकी ट्रेनिंग और उसके माता-पिता के संघर्ष को लेकर कई चौंकाने वाले और दिलचस्प खुलासे किए हैं। जब वैभव ने टेनिस क्रिकेट से लेदर बॉल क्रिकेट की तरफ रुख किया, तब वह महज 10 साल के थे। कोच मनीष ओझा ने बताया कि पटना में उनकी एकेडमी में वैभव की ट्रेनिंग सुबह 7:30 बजे शुरू होती थी और दोपहर 4:00 बजे तक लगातार चलती थी। इस दौरान वह बिना थके रोजाना कम से कम 600 गेंदों का सामना करते थे। कोच ने इस कड़े रूटीन का पूरा ब्रेक-अप बताते हुए कहा, 'शुरुआत की 200 से 300 गेंदें मैं खुद अकेले उसे थ्रोडाउन देता था। जब मैं थक जाता था, तो हमारा सपोर्ट स्टाफ यह जिम्मा संभालता था। उनके थकने के बाद एकेडमी के नियमित गेंदबाज वैभव को गेंदबाजी करते थे। जब गेंदबाज भी पूरी तरह थक जाते थे, तो हम बच्चों के 2-3 ग्रुप बनाकर उन्हें टास्क देते थे। इसके अलावा वैभव बॉलिंग मशीन का भी सामना करता था। इसी लगातार रिपिटिटिव ट्रेनिंग ने वैभव के भीतर वो मसल मेमोरी पैदा की है, जिससे आज गेंद सीधे बाउंड्री पार जाती है।" समस्तीपुर से पटना का सफर और मां का वो बड़ा त्याग वैभव सूर्यवंशी का घर समस्तीपुर में था, जहां से पटना स्थित एकेडमी की दूरी एक तरफ से ढाई घंटे की थी। वैभव के पिता संजीव जी और मां आरती जी ने अपने बेटे को चैंपियन बनाने के लिए जो त्याग किए, उसकी कहानी बेहद भावुक करने वाली है। कोच मनीष ओझा ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया, 'वैभव की मां आरती जी रोज तड़के 2:00 या 2:30 बजे उठ जाती थीं। वह सिर्फ वैभव, उसके पिता या ड्राइवर के लिए ही नहीं, बल्कि समस्तीपुर से साथ आने वाले गेंदबाजों और हमारी एकेडमी के नेट बॉलर्स के लिए भी खाना बनाती थीं। वह रोज 10-15 लोगों का लंच तैयार करती थीं। जो बच्चे घर से खाना नहीं ला पाते थे या जो गेंदबाज थक जाते थे, वे सब वैभव का खाना शेयर करते थे। रोज सुबह उठकर इतने लोगों का खाना बनाना एक मां का वो योगदान है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।' सुबह 5:00 बजे ही वैभव और उनके पिता समस्तीपुर से गाड़ी चलाकर पटना के लिए निकल जाते थे ताकि सुबह साढ़े सात बजे तक हर हाल में नेट्स पर पहुंच सकें। पूरे देश के माता-पिता के लिए रोल मॉडल बने वैभव वैभव सूर्यवंशी की इस राइज ने देश के खेल जगत में एक नई क्रांति ला दी है। कोच ओझा ने बताया कि वैभव का ग्राफ देखने के बाद अब पेरेंट्स में अपने बच्चों को क्रिकेटर बनाने का एक नया जुनून सवार हो गया है। कोच ने हंसते हुए कहा, 'आप 9-10 साल के बच्चों की बात कर रहे हैं, आज की तारीख में माता-पिता अपने 5-5 साल के बच्चों को उंगली पकड़कर हमारी एकेडमी ला रहे हैं ताकि वे अपने बच्चों को अगला वैभव बना सकें। वैभव आज पूरे भारत के बच्चों के लिए एक प्रेरणा और माता-पिता के लिए रोल मॉडल बन चुका है।'

सीवान में विकास की बड़ी सौगात, 44 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

पटना बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार 16 जून को सम्राट चौधरी सीवान पहुंचेंगे. सीवान में जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात देंगे. मुख्यमंत्री अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान 415 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 44 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उत्साह और हलचल तेज हो गई है. पहली बार सीवान दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 16 जून को पचरुखी प्रखंड के पपौर पंचायत पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला सीवान दौरा होगा, जिसे लेकर जिले में विशेष तैयारियां की जा रही हैं. प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं. 415 करोड़ की 44 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री 178.38 करोड़ रुपये की 18 नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जबकि 236.80 करोड़ रुपये की 26 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इस प्रकार कुल 415.18 करोड़ रुपये की 44 योजनाओं की सौगात सीवान को मिलने जा रही है. जनसभा से पहले 20 विभागों के स्टॉल का करेंगे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण करेंगे. इन स्टॉलों के माध्यम से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी. इन विभागों की योजनाओं पर रहेगी मुख्यमंत्री की नजर मुख्यमंत्री जिन विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे उनमें जीविका, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, परिवहन विभाग, समाज कल्याण विभाग, उद्योग केंद्र, खेल विभाग, वन विभाग, सहकारिता विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग सहित कुल 20 विभाग शामिल हैं. ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ सहयोग शिविर में भी होंगे शामिल पपौर पंचायत में आयोजित विशेष सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे. इस शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है. यहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही लोगों की शिकायतों और समस्याओं का निपटारा करेंगे. जनसभा को करेंगे संबोधित, विकास योजनाओं का बताएंगे रोडमैप सहयोग शिविर के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान वे राज्य सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और विकास के रोडमैप को जनता के सामने रखेंगे. पपौर पंचायत बना वीवीआईपी जोन, लगातार पहुंच रहे बड़े अधिकारी मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पचरुखी के पपौर पंचायत में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पटना से लेकर जिला स्तर तक के वरिष्ठ अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं. राजनीतिक दलों के नेता भी तैयारियों का जायजा लेने पहुंच रहे हैं. क्या है ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान? राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान शुरू किया गया है. इसके अंतर्गत हर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित कर आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि 415 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास जिले के बुनियादी ढांचे, रोजगार, ग्रामीण विकास और जनसेवाओं को नई गति देगा. मुख्यमंत्री का यह दौरा सीवान के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

जयपुर में शहरी सेवा शिविर: 327 प्रकरणों का हुआ निस्तारण

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की सोच को धरातल पर लागू करने के उद्देश्य से चल रहे “शहरी सेवा शिविर–2026” का सोमवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर विकास प्राधिकरण परिसर स्थित नागरिक सेवा केंद्र में निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव (नगरीय विकास एवं आवासन विभाग) आलोक गुप्ता भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने शिविर में पहुंचे नागरिकों से संवाद किया और विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने टोकन व्यवस्था, आवेदन पंजीकरण, ई-मित्र काउंटर, प्रतीक्षालय और अभिलेख संधारण जैसी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर नागरिक को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि ये शिविर केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम हैं। नागरिकों को इन शिविरों के जरिए संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन का अनुभव मिलना चाहिए। इस दौरान आलोक गुप्ता ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिकतम लोगों को राहत मिल सके। जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने मुख्य सचिव को शिविरों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविरों में भू-प्रबंधन, लीज, नामांतरण, पट्टा, आवंटन और भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जा रहा है। आयुक्त ने बताया कि पहले दिन आयोजित सुनवाई में कुल 327 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही शिविर अवधि में लंबित प्रकरणों का तेजी से समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। शिविरों में नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, ई-मित्र काउंटर और जोनवार बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि आवेदकों को मोबाइल संदेश और कॉल के जरिए समय स्लॉट की जानकारी दी जा रही है। शिविर का आयोजन 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक विभिन्न जोनों में चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

नहाने के दौरान बड़ा हादसा: चंद्रावल और यमुना नदी में डूबे मासूम, गांवों में मचा कोहराम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में नदियों में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं में पांच बच्चों की मौत हो गई। एक ओर जहां बांदा में मंदिर दर्शन के बाद चंद्रावल नदी में नहाने उतरे तीन भाई-बहन डूब गए। वहीं दूसरी ओर कानपुर देहात में यमुना नदी में डूब रही सहेली को बचाने की कोशिश में किशोरी और एक अन्य युवक की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। पहला मामला बांदा का है। जहां जसपुरा थाना के गौरीकलां गांव में दादी हीरामनी पत्नी के साथ मंदिर दर्शन करने गए तीन भाई-बहन नहाते समय चंद्रावल नदी में डूब गए। सूचना मिलने गोताखोर पानी में उतरे। वहीं, ग्रामीणों की मदद से 10 वर्षीय अंश, 13 वर्षीय माधुरी और 13 वर्षीय फुफेरे भाई प्रतीक को आनन-फानन में सीएचसी जसपुरा पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 15 वर्षीय ऋषभ नदी घाट पर खड़ा रहा,इससे उसकी जान बच गई। उधर, जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। कानपुर देहात में भी डूबे किशोर-किशोरी दूसरा मामला कानपुर देहात से सामने आया है। जहां मूसानगर थाना क्षेत्र के नयापुरवा गांव के पास यमुना नदी में डूबे किशोर व किशोरी के शव सोमवार सुबह सात बजे घटनास्थल से एक किमी दूर मूसानगर के पक्का घाट के पास से बरामद हो गए। तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम ने पहले किशोर का व बाद में किशोरी का शव पानी से बाहर निकाला । दोनों के शव यमुना से बाहर निकलते ही उनके परिजनों के बिलखने से कोहराम मच गया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामें की कार्रवाई शुरू की। दोस्त को बचाने के चक्कर में डूबे नयापुरवा मूसानगर के रहने वाले सुनील निषाद की बारह साल की बेटी जाह्नवी उर्फ भूरी पड़ोस में रहने वाली अपनी 15 वर्षीय सहेली ज्योति के साथ रविवार सुबह यमुना में नहाने गई थी। नहाते समय दोनों गहरे पानी में जाकर डूबने लगी। वहां मौजूद गांव के ही 16 साल के अनंतराम ने यमुना में डूब रही ज्योति को तो पानी से बाहर निकाल लिया था, लेकिन जाह्नवी को बचाने के प्रयास में वह गहरे पानी में जाकर खुद भी डूब गया था। मौके पर पहुंचे गोताखोरों की तलाश के बाद भी दोनों का पता नहीं चलने पर पुलिस ने एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया था। पक्के घाट के पास मिला दोनों का शव सोमवार को उनकी तलाश कर रही एसडीआरएफ टीम ने घटना स्थल से करीब एक किमी दूर मूसानगर के पक्के घाट के पास से सुबह सात बजे के करीब अनंतराम का व उसके 15 मिनट बाद जाह्नवी का शव नदी से बाहर निकाला। दोनों के शव मिलते ही उनके परिजनों के बिलखने से कोहराम मच गया। अनंतराम का शव देख उसकी मन गीता बदहवास हो गईं, जबकि भाई संतराम, बहनें मनीषा जानकी व रवीना बिलख उठी। जबकि जाह्नवी की मौत से उसकी मां विनीता व पिता सुनील बेहाल रहे। एसओ मूसानगर अमिता वर्मा ने बताया कि दोनों शवों के पंचनामे कि कार्रवाई हो रही है, पोस्टमार्टम कराने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी ।