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बर्नस्टीन रिपोर्ट: जीएसटी बदलाव से जीडीपी पर असर बहुत कम, सिर्फ 0.05%

नई दिल्ली ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन की गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा घोषित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में व्यापक बदलावों का सार्वजनिक वित्त पर मामूली प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि केंद्र पर केवल 18,000 करोड़ रुपए का राजकोषीय बोझ पड़ने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वित्त वर्ष 26 के लिए भारत के अनुमानित जीडीपी का केवल 0.05 प्रतिशत है। 3 सितंबर को, सरकार ने प्रमुख जीएसटी सुधारों की घोषणा की, जिसमें कर स्लैब की संख्या कम की गई और कई वस्तुओं पर दरें कम की गईं। दैनिक उपयोग की एफएमसीजी वस्तुओं से लेकर कारों, घरेलू वस्तुओं और बीमा तक, अधिकांश उत्पाद 22 सितंबर से सस्ते होने वाले हैं। विश्लेषकों का मानना ​​है कि इन उपायों से मांग बढ़ेगी, कर अनुपालन में सुधार होगा और उपभोग-आधारित विकास को मजबूती मिलेगी। बर्नस्टीन के लेटेस्ट इंडिया स्ट्रेटजी नोट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि इन सुधारों से राजस्व में अल्पकालिक कमी आएगी, लेकिन अर्थव्यवस्था पर समग्र प्रभाव सीमित रहेगा। ब्रोकरेज का अनुमान है कि 12 प्रतिशत स्लैब को 5 प्रतिशत तक तर्कसंगत बनाने से 79,600 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान होगा और 28 प्रतिशत स्लैब को समाप्त करने से 1.12 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त नुकसान होगा। 12 से 18 प्रतिशत स्लैब में बदलाव से 700 करोड़ रुपए और कुछ वस्तुओं को 28 से 40 प्रतिशत तक स्थानांतरित करने से 15,000 करोड़ रुपए के लाभ से इन नुकसानों की आंशिक भरपाई हो पाएगी। इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए, केंद्र और राज्यों को संयुक्त रूप से लगभग 1.57 लाख करोड़ रुपए का राजस्व घाटा होने का अनुमान है। केंद्र का हिस्सा लगभग 74,000 करोड़ रुपए है। बर्नस्टीन ने राजस्व की कमी को संतुलित करने के लिए पूंजीगत व्यय में 5 प्रतिशत की कटौती का भी अनुमान लगाया है, जो 56,000 करोड़ रुपए है। परिणामस्वरूप, केंद्र पर वास्तविक राजकोषीय बोझ घटकर 18,000 करोड़ रुपए रह गया है। इस बीच, एचएसबीसी ने एक दूसरी रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 24 के उपभोग आधार के आधार पर कर कटौती से सकल राजस्व हानि लगभग 10.8 अरब डॉलर हो सकती है। क्षतिपूर्ति उपकर से नए 40 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में पुनर्निर्देशित राजस्व इस हानि के लगभग 5.2 अरब डॉलर की भरपाई कर सकता है, जिससे 5.6 अरब डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 0.16 प्रतिशत की शुद्ध कमी रह जाएगी। वित्त वर्ष 26 के आधार पर इसे जोड़ते हुए, एचएसबीसी का अनुमान है कि राजस्व हानि 570 अरब रुपए होगी, जो एक वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद के केवल 0.16 प्रतिशत के बराबर होगी। यह देखते हुए कि वित्त वर्ष का केवल आधा समय बचा है, वित्त वर्ष 26 के लिए राजकोषीय प्रभाव सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 0.1 प्रतिशत होगा। दोनों रिपोर्टों से पता चलता है कि जीएसटी सुधारों से सरकार को कुछ राजस्व हानि होगी, लेकिन उच्च उपभोग और मजबूत अनुपालन के दीर्घकालिक लाभ अल्पकालिक राजकोषीय नुकसान से अधिक होंगे।

एआई से न्यूक्लियर तक: भारत और जापान के बीच नई टेक्नोलॉजी साझेदारी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन भारत और सिंगापुर के बीच साझेदारी के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने एआई, क्वांटम और अन्य डिजिटल टेक्नीक में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर सिंगापुर के पीएम लॉरेंस वोंग भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए हैं। दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीआई और पे नाउ को डिजिटल कनेक्टिविटी का 'सफल उदाहरण' बताया। उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर ने आसियान के साथ द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते और मुक्त व्यापार समझौते की समयबद्ध तरीके से समीक्षा करने का निर्णय लिया है। पीएम ने कहा, "प्रौद्योगिकी और नवाचार हमारी साझेदारी के मजबूत स्तंभ हैं। हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम और अन्य डिजिटल तकनीकों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। आज अंतरिक्ष क्षेत्र में हुआ समझौता अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग का एक नया अध्याय जोड़ रहा है। हमने अपने युवाओं को उनकी प्रतिभा से जोड़ने के लिए इस वर्ष के अंत में भारत-सिंगापुर हैकाथॉन का अगला राउंड आयोजित करने का निर्णय लिया है। यूपीआई और पे नाउ हमारी डिजिटल कनेक्टिविटी के सफल उदाहरण हैं और यह खुशी की बात है कि आज 13 नए भारतीय बैंक उनसे जुड़ गए हैं।" प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर के नेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा, "मैं पदभार ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री वोंग की पहली भारत यात्रा पर उनका हार्दिक स्वागत करता हूं। यह यात्रा इसलिए और भी खास है, क्योंकि इस वर्ष हम अपने संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।" प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में अपनी सिंगापुर यात्रा को याद किया, जिसके तहत दोनों देशों ने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया था, और उन क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया जो दोनों देशों के बीच सहयोग का केंद्र बिंदु भी बनेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पिछले साल सिंगापुर की मेरी यात्रा के दौरान हमने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया। इस एक साल में हमारे संवाद और सहयोग में गति आई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सिंगापुर दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत में सिंगापुर से बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है। हमारे रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। लोगों के बीच संबंध गहरे और जीवंत हैं। आज, हमने अपनी साझेदारी के भविष्य के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। हमारा सहयोग केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहेगा। बदलते समय के साथ उन्नत विनिर्माण, ग्रीन शिपिंग कौशल विकास, परमाणु और शहरी जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र भी हमारे सहयोग का केंद्र बिंदु बनेंगे।" उन्होंने सिंगापुर को भारत की एक्ट ईस्ट नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के अपने संयुक्त दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आसियान के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर के बीच संबंध कूटनीति से आगे हैं। यह साझा मूल्यों पर आधारित एक उद्देश्यपूर्ण साझेदारी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमने निर्णय लिया है कि द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते और आसियान के साथ हमारे मुक्त व्यापार समझौते की समयबद्ध समीक्षा की जाएगी, ताकि पारस्परिक व्यापार में तेजी आए।

केंद्र सरकार को घेरा ममता ने, बोली- अमेरिका और चीन के सामने रही कमजोर

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने विदेशी ताकतों के सामने भारत की प्रतिष्ठा को बेच दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘‘कभी अमेरिका के सामने तो कभी चीन के सामने भीख मांग रही है''। अन्य राज्यों में बंगाली प्रवासियों पर हमलों से संबंधित सरकारी संकल्प पर राज्य विधानसभा में चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ‘‘तानाशाही मानसिकता'' है। भाजपा ‘‘पश्चिम बंगाल को अपना उपनिवेश बनाना'' चाहती है। बनर्जी ने जैसे ही इस संकल्प पर बोलना शुरू किया तो हंगामा होने लगा। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने विदेशी ताकतों के सामने भारत की प्रतिष्ठा बेच दी है। केंद्र सरकार कभी चीन के सामने गिड़गिड़ा रही है, तो कभी अमेरिका के सामने। वे देश नहीं चला सकते, राष्ट्र के हितों की रक्षा नहीं कर सकते, फिर भी हमें उपदेश देने की हिम्मत रखते हैं।'' मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भाजपा शासित राज्यों में बंगाली प्रवासी श्रमिकों पर कथित हमलों पर चर्चा को रोकने का भी आरोप लगाया। बनर्जी ने दावा किया, ‘‘भाजपा बंगाली प्रवासियों पर हमलों को लेकर चर्चा के खिलाफ क्यों है? ऐसा इसलिए है… क्योंकि ये घटनाएं पार्टी शासित राज्यों में हो रही हैं। वे सच्चाई को दबाना चाहते हैं।'' 'भाजपा स्पष्ट रूप से बांग्ला विरोधी है…' सदन में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी पार्टी की नारेबाजी के बीच अपनी बात कहने की कोशिश करते हुए बनर्जी ने पूछा, ‘‘भाजपा मुझे इस सदन में बोलने क्यों नहीं दे रही है?'' उन्होंने कहा, ‘‘हम हिंदी या किसी अन्य भाषा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन भाजपा स्पष्ट रूप से बांग्ला विरोधी है। उनका रवैया औपनिवेशिक और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। वे पश्चिम बंगाल को अपना उपनिवेश बनाना चाहते हैं।'' भाजपा तानाशाहों की पार्टी है- ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा के ‘‘वैचारिक पूर्वजों'' ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश के साथ विश्वासघात किया था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा तानाशाहों की पार्टी है। उनके पूर्वजों ने भारत की आजादी के लिए लड़ाई नहीं लड़ी, उन्होंने देश के साथ विश्वासघात किया।'' नोकझोंक बढ़ने पर, सत्ता पक्ष के कुछ विधायक विपक्षी दलों की ओर दौड़ पड़े, जिससे मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हंगामे की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री को अपना भाषण कुछ देर के लिए रोकना पड़ा।  

प्याज महंगा नहीं होगा! जानें किन शहरों में मिल रही सब्सिडी और वजह

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने महंगाई को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। अब दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद में ₹24 प्रति किलोग्राम की दर से सब्सिडी वाला प्याज बेचा जाएगा, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस पहल की शुरुआत की है।   24 रुपए प्रति किलो बिकेगा प्याज केंद्र सरकार ने दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद में ₹24 प्रति किलोग्राम की discounted rate पर प्याज की बिक्री शुरू कर दी है। इसके लिए मोबाइल वैन का इस्तेमाल किया जा रहा है। शुरुआती चरण में नेफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार जैसी सरकारी एजेंसियों के ज़रिए लगभग 25 टन प्याज बेचा जाएगा। सरकार का कहना है कि जिन शहरों में प्याज का रिटेल रेट ₹30 प्रति किलो से ज्यादा है, वहां यह सब्सिडी वाला प्याज बेचा जाएगा। यह योजना शुक्रवार से चेन्नई, गुवाहाटी और कोलकाता में भी शुरू होगी और दिसंबर तक जारी रहेगी। सरकार का बफर स्टॉक सरकार के पास अभी 3 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक है, जिसे Price Stabilisation Fund (PSF) योजना के तहत औसतन ₹15 प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा गया था। यह स्टॉक मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश से खरीदे गए रबी (सर्दियों) प्याज का है। इस प्याज को ₹24 प्रति किलो की दर पर बेचने से सरकार को लागत वसूलने में भी मदद मिलेगी।   महंगाई पर लगाम लगाने की कोशिश केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि सरकार की पहली प्राथमिकता खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखना है। हाल के महीनों में सरकार के हस्तक्षेप से महंगाई को कम करने में मदद मिली है। जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति 1.55% पर आ गई थी, जो पिछले 8 सालों में सबसे कम थी। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बताया कि फसल वर्ष 2024-25 में प्याज का घरेलू उत्पादन 27% बढ़कर 30.77 मिलियन टन होने का अनुमान है। उन्होंने यह भी साफ किया कि प्याज के निर्यात पर कोई रोक नहीं है।  

GST Reforms पर सीएम रेखा गुप्ता का बयान, देश और दिल्ली दोनों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती देश के लिए एक बड़ा उपहार है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बुधवार को जीएसटी परिषद की पहली बैठक में शामिल हुईं गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से देश में व्यापार और कारोबार मजबूत होगा। रेखा गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह देश के लिए बहुत बड़ी सौगात है… स्वास्थ्य बीमा और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दरों में कटौती देश के करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद ने जीएसटी की दरों में संशोधन को अपार समर्थन के साथ पारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा तथा यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा। गुप्ता ने कहा, ‘‘ दिल्ली बहुत खुश है और मैं दिल्लीवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को स्वास्थ्य बीमा तथा शिक्षा संबंधी वस्तुओं पर शून्य जीएसटी लगाने के लिए धन्यवाद देती हूं। नवीकरणीय ऊर्जा को समर्थन दिया गया है और इससे दिल्ली को काफी लाभ होगा क्योंकि हम सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं।'' जीएसटी परिषद ने बुधवार को आम सहमति से माल एवं सेवा कर में व्यापक सुधारों को मंजूरी दी। इन सुधारों के तहत साबुन, साइकिल, टीवी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा जीवन बीमा पॉलिसी जैसे आम उपयोग के उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम की गयी हैं। जीएसटी में पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय कर संरचना को मंजूरी दी गयी है। कुछ चुनिंदा वस्तुओं जैसे महंगी कारें, तंबाकू और सिगरेट के लिए भी 40 प्रतिशत का विशेष स्लैब प्रस्तावित है।  

यूएई की एशिया कप टीम तैयार, नए खिलाड़ियों को मिली जगह

अबू धाबी संयुक्त अरब अमीरात ने गुरुवार को आगामी एशिया कप 2025 के लिए 17 सदस्यीय टीम की घोषणा की। एशिया कप में टीम की कमान मुहम्मद वसीम संभालेंगे। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ चल रही त्रिकोणीय सीरीज में मौजूद ज्यादा खिलाड़ियों को स्क्वॉड में जगह मिली है। नए खिलाड़ियों में दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मतिउल्लाह खान और बाएं हाथ के स्पिनर सिमरनजीत सिंह को जोड़ा गया है। एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर से अबू धाबी में होगी। यूएई की टीम ग्रुप ए में मौजूद है। भारत, ओमान और पाकिस्तान भी इस समूह में हैं। यूएई की टीम अपना मुकाबला भारत के खिलाफ खेलेगी। भारत और यूएई के बीच 10 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में मुकाबला खेला जाएगा। यूएई 15 सितंबर को अबू धाबी के जायेद क्रिकेट स्टेडियम में ओमान से खेलेगा। उनका आखिरी ग्रुप मैच 17 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में पाकिस्तान के साथ होगा। ग्रुप चरण के बाद टूर्नामेंट सुपर 4 में प्रवेश करेगा, जहां प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें क्वालीफाई करेंगी। सुपर 4 स्टेज 20 से 26 सितंबर तक चलेगा। दुबई में फाइनल खेला जाएगा, जो 28 सितंबर को होना है। मतिउल्लाह ने एक वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और उनका आखिरी मैच जुलाई में नाइजीरिया के खिलाफ पर्ल ऑफ अफ्रीका सीरीज में था। सिमरनजीत ने पांच वनडे और 11 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में यूएई का प्रतिनिधित्व किया है और हाल ही में दिसंबर 2023 में गल्फ टी20 अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में खेले थे। 2016 के बाद से यह यूएई का पहला एशिया कप होगा। एशिया कप 2025 के लिए यूएई टीम: मुहम्मद वसीम (कप्तान), अलीशान शराफू, अर्यांश शर्मा (विकेटकीपर), आसिफ खान, ध्रुव पाराशर, एथन डिसूजा, हैदर अली, हर्षित कौशिक, जुनैद सिद्दीकी, मतिउल्लाह खान, मुहम्मद फारूक, मुहम्मद जवादुल्लाह, मुहम्मद जोहैब, राहुल चोपड़ा (विकेटकीपर), रोहिद खान, सिमरनजीत सिंह और सगीर खान।  

PM नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले मणिपुर में हुई अहम बैठक, तय हुई बड़ी सहमति

मणिपुर  मणिपुर के लिए नई दिल्ली से बड़ी खबर है। पीएम मोदी के मणिपुर दौरे की चर्चा के बीच 'कुकी-जो' परिषद ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 को यात्रियों और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही के लिए खोलने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि उनके ( PM Modi ) पहुंचने से पहले कई फैसले गुडविल के तौर पर लिए जा रहे हैं। फिलहाल केंद्र सरकार की पूरी कोशिश है कि मणिपुर में हालात सामान्य और स्थिर रहें। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के अनुसार, यह फैसला नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के अधिकारियों और केजेडसी के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई कई बैठकों के बाद लिया गया। केजेडसी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर शांति बनाए रखने के लिए भारत सरकार द्वारा तैनात सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने का वचन दिया है। गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि कुकी-जो परिषद ने एनएच-2 पर शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई है। मणिपुर को नागालैंड और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जीवनरेखा एनएच-2, मई 2023 में राज्य में भड़के जातीय तनाव के कारण अवरुद्ध हो गई थी। मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच संघर्ष के कारण व्यापक हिंसा, जान-माल की हानि, हजारों लोगों का विस्थापन और गहराता मानवीय संकट उत्पन्न हुआ है। राजमार्ग को फिर से खोलना विश्वास बहाली और हिंसा प्रभावित राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इंफाल और नई दिल्ली के अधिकारियों का मानना है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति आसान होने से विस्थापित परिवारों और राहत शिविरों में रह रहे लोगों की कठिनाइयां कम होंगी। गृह मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार को नई दिल्ली में गृह मंत्रालय, मणिपुर सरकार, केएनओ और यूपीएफ के प्रतिनिधियों के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक का समापन त्रिपक्षीय परिचालन निलंबन (एसओओ) समझौते पर हस्ताक्षर के साथ हुआ, जिसमें फिर से बातचीत की गई शर्तों और नियमों (आधारभूत नियमों) को हस्ताक्षर की तिथि से एक वर्ष के लिए प्रभावी माना जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि संशोधित आधारभूत नियमों में दो प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया गया है। मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता और मणिपुर में स्थायी शांति व स्थिरता के लिए बातचीत के माध्यम से समाधान की आवश्यकता। साथ ही, गृह मंत्रालय ने बताया कि केएनओ और यूपीएफ ने संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों से सात निर्दिष्ट शिविरों में स्थानांतरण, शिविरों की संख्या कम करने, हथियारों को निकटतम सीआरपीएफ और बीएसएफ शिविरों में स्थानांतरित करने, और सुरक्षा बलों द्वारा कैडरों का कठोर भौतिक सत्यापन करने पर सहमति जताई है, ताकि विदेशी नागरिकों (यदि कोई हों) को सूची से हटाया जा सके।  

बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी मदद: पंजाब सरकार ने मंजूर किए 71 करोड़ रुपये

पंजाब  पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाढ़ के दौरान राज्यवासियों को हुए नुकसान की भरपाई करने तथा उनके लिये समय पर राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए तुरंत उपाय के रूप में कुल 71 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 71 करोड़ रुपये जारी मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बतया कि पहले चरण में सभी जिलों को 35.50 करोड़ रुपये पहले ही जारी किये जा चुके हैं। अब सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के लिए 35.50 करोड़ रुपये की और राशि मंजूर कर दी गई है। बताया कि राज्य सरकार जन-धन की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है और प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भगवंत मान सरकार तुरंत राहत के साथ-साथ पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। इस दौरान सरकार द्वारा विशेष ध्यान उन किसानों पर दिया जा रहा है, जिन्हें फसलों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन जिलों को आवंटित की गई धनराशि जिलावार विवरण साझा करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) अनुराग वर्मा ने बताया कि जिन जिलों को यह फंड आवंटित किए गए हैं। उनमें अमृतसर को 5 करोड़ रुपये, बठिंडा को 2 करोड़ रुपये, बरनाला को 1 करोड़ रुपये, फरीदकोट को 1 करोड़ रुपये, फिरोज़पुर को 5 करोड़ रुपये, फाजिल्का को 5 करोड़ रुपये, फतेहगढ़ साहिब को 1 करोड़ रुपये, गुरदासपुर को 6.5 करोड़ रुपये, होशियारपुर को 3 करोड़ रुपये, जालंधर को 5 करोड़ रुपये, कपूरथला को 5 करोड़ रुपये, लुधियाना को 5 करोड़ रुपये, मोगा को 1.5 करोड़ रुपये, मानसा को 1 करोड़ रुपये, मालेरकोटला को 1 करोड़ रुपये, पटियाला को 5 करोड़ रुपये, पठानकोट को 4 करोड़ रुपये, रूपनगर को 2.5 करोड़ रुपये, श्री मुक्तसर साहिब को 2 करोड़ रुपये, एसएएस नगर को 2 करोड़ रुपये, एसबीएस नगर को 1 करोड़ रुपये, संगरूर को 1.5 करोड़ रुपये और जिला तरन तारन को 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

अब ड्रोन पहुंचाएंगे मदद: बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने की नई व्यवस्था

पंजाब  पंजाब में बाढ़ के हालात से जूझ रहे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए भगवंत मान सरकार ने अब ड्रोन के जरिए राहत सामग्री पहुंचानी शुरू कर दी है. जिन गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, वहां ड्रोन के ज़रिए सूखा राशन, दवाइयां, पीने का पानी, बच्चों के लिए दूध और ज़रूरी सामान छतों तक पहुंचाया जा रहा है. अमृतसर, गुरदासपुर, अजनाला, फाजिल्का और पठानकोट जैसे इलाकों में ड्रोन राहत सेवा लगातार सक्रिय है. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. हर ज़रूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचाने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है. यह तकनीक आधारित राहत अभियान न सिर्फ तेज़ है, बल्कि उन सैकड़ों लोगों के लिए उम्मीद बन गया है जो कई दिनों से फंसे हुए थे. अधिकतर प्रभावित इलाकों में राहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बाढ़ राहत कार्यों को बखूबी अंजाम दे रही है. यही वजह है कि राज्य के अधिकतर प्रभावित इलाकों में राहत कार्य समय पर और योजनाबद्ध तरीके से हो रहे हैं. सबसे बड़ी और असरदार पहल रही है ड्रोन के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने की. अमृतसर, अजनाला, फाजिल्का, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे डूबे हुए इलाकों में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर ड्रोन के ज़रिए मदद पहुंचाने का काम किया है. इन ड्रोन के ज़रिए उन गांवों में भी सामान पहुंचाया गया, जहां नावें भी नहीं जा सकती थीं. लोगों तक छतों के रास्ते राशन, पीने का पानी, ज़रूरी दवाइयां, बच्चों का दूध, बुजुर्गों की दवाएं, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड और टॉर्च जैसे सामान पहुंचाए गए. ड्रोन टीमें पूरी तरह नि:शुल्क सेवा कई ड्रोन 10 से 15 किलोमीटर तक उड़कर उन जगहों पर गए, जहां लोग दो-तीन दिन से फंसे हुए थे. ये ड्रोन टीमें पूरी तरह नि:शुल्क सेवा दे रही हैं, जो सरकार की कार्यकुशलता और समाज के सहयोग की मिसाल है. इन राहत कार्यों में पुलिसकर्मी, अफसर, मेडिकल टीमें, एनडीआरएफ, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग दिन-रात जुटे हैं. फाजिल्का में पुलिसकर्मी खुद कंधे पर बोरे लादकर राशन पहुंचा रहे हैं. गुरदासपुर और पठानकोट में अधिकारी पानी में उतरकर मेडिकल कैंप चला रहे हैं. अजनाला में प्रशासन ट्रैक्टर और नावों से राहत सामग्री बंटवा रहा है. हालात पर खुद सीएम मान की नजर मुख्यमंत्री खुद स्थिति पर निगरानी कर रहे हैं, मंत्री प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन हर गांव तक राहत पहुंचाने में जुटा है. यह सिर्फ राहत की कहानी नहीं है, बल्कि भरोसे और नए सोच वाले पंजाब की कहानी है. जहां सरकार और जनता एक-दूसरे के साथ खड़े हैं. जहां ज़रूरत पड़ने पर टेक्नोलॉजी भी लोगों की सेवा में लगाई जा रही है.  

MP की जज साहिबा पर बड़ा केस: जंगल में पैसे लेकर सुरक्षित रहने की धमकी

रीवा मध्य प्रदेश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जज साहिबा से ही 'प्रॉटेक्शन मनी' मांग ली गई है। जिंदा रहने के लिए उन्हें 500 करोड़ रुपये देने को कहा गया है। रीवा जिले के त्योंथर न्यायालय में पदस्थ एक न्यायाधीश को धमकी भरा खत मिला है। डाक से मिले इस खत को भेजने वाले ने खुद को हनुमान नाम के एक डकैत का साथी बताया है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज कराई गई है जिसके बाद अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र अंतर्गत त्योंथर न्यायालय का है। यहां पदस्थ प्रथम व्यवहार न्यायाधीश मोहिनी भदौरिया को पोस्ट ऑफिस के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र मिला है। यह पत्र प्रयागराज जिले के बारा थाना अंतर्गत लोहगारा निवासी संदीप सिंह ने लिखा है। पत्र में न्यायाधीश को जान से मारने की धमकी दी है और उसके एवज में 500 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है। पत्र लिखने वाले ने खुद को दस्यु सरगना हनुमान के गिरोह का साथी बताया है। उसने पांच अरब की फिरौती लेकर 1 सितंबर को शाम 7:45 बजे यूपी-एमपी के बॉर्डर पर स्थित बड़गड़ जंगल में बुलाया गया था। यह भी लिखा गया था कि रकम लेकर उन्हें खुद आना है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज करवाई गई है, जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 308 (4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। न्यायाधीश को इस तरह से पत्र लिखने वाले आरोपी की तलाश में पुलिस टीम यूपी पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी यूपी का रहने वाला है। उसने ऐसा पत्र न्यायाधीश को किन कारणों से लिखा, उसका खुलासा आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही हो पाएगा। एसपी विवेक सिंह ने कहा कि एक पत्र रजिस्ट्री के जरिए मिला है। इसमें धमकी देकर फिरौती की मांग की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है, जो यूपी के हैं। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। लेटर में 500 करोड़ की मांग की गई है, कारण कुछ खास नहीं बताए गए हैं।