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महुआ मोइत्रा का बयान विवादों में, विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध

नई दिल्ली  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा विवादों में आ गईं हैं। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाए हैं कि मोइत्रा ने शाह का 'सिर काटने' की बात कही है। खास बात है कि यह मामला ऐसे समय पर आया है, जब बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ रहा है। बंगाल भाजपा ने लिखा, 'जब महुआ मोइत्रा गृहमंत्री का सिर काटने की बात करती हैं, तो ये टीएमसी की निराशा और हिंसा की संस्कृति को उजागर करता है, जो बंगाल की छवि खराब कर रही है और राज्य को पीछे ले जा रही है।' पार्टी ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें मोइत्रा पत्रकारों से बातचीत करती नजर आ रहीं हैं। पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाला गिरफ्तार पीटीआई भाषा के अनुसार, बिहार पुलिस ने राज्य में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान मोहम्मद रिजवी उर्फ ​​रजा (20) के रूप में हुई है, जिसे दरभंगा शहर के सिंहवाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया गया। भारतीय जनता पार्टी की दरभंगा जिला इकाई के अध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी की शिकायत के आधार पर उसके और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।  

सिंधु जल समझौता रोकने का डर दिखाकर पाकिस्तान ने बाढ़ की जिम्मेदारी भारत पर डाली

लाहौर  रावी, सतलुज और ब्यास नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित इजाफा होने से पंजाब में बाढ़ आ गई है। राज्य के ज्यादातर जिलों के निचले इलाके डूबे हुए हैं। सैकड़ों गांवों में जलस्तर इतना बढ़ गया है कि दूर तक पानी-पानी ही दिख रहा है। हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा है। यही नहीं रावी नदी के बढ़े जलस्तर से सीमा पार यानी पाकिस्तान में भी बाढ़ आ गई है। पाकिस्तानी पंजाब के बड़े शहर लाहौर में भी पानी घुस गया है। इससे बौखलाये पाकिस्तान ने बाढ़ के लिए भी भारत को ही जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि रावी नदी पर भारत में बने माधोपुर हेडवर्क्स में तकनीकी समस्या के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। पाकिस्तान का कहना है कि इसी के कारण तेजी से पानी का बहाव इस तरफ आया है। यही नहीं पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने इसकी सूचना नहीं दी और हमें तैयारी का भी मौका नहीं मिली। मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यह सबसे चिंता की बात है कि भारत ने एक बार जानकारी तक नहीं दी कि ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। पाकिस्तान का कहना है कि सिंधु जल समझौते को रोकने के चलते ऐसे हालात बने हैं वरना ऐसा नहीं होता। पाकिस्तान का कहना है कि रविवार के बाद से अब तीन बार ही भारत से सूचना मिली थी। पहली सूचना यह मिली कि तवी नदी में जलस्तर बढ़ने वाला है। फिर दो बार सतलुज नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बारे में बताया गया। लेकिन रावी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। द न्यूज लिखता है कि ऐसे हालात बने हैं कि पाकिस्तान का सिंधु जल आयोग भारत से इस बारे में बात भी नहीं कर पा रहा है ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि माधोपुर हेडवर्क्स के कम से कम 4 गेट खराब हो गए हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में खेती की जमीन डूब गई है। गांवों में भी पानी घुस आया है और लोग पलायन को मजबूर हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि कुल 54 फ्लडगेट्स हैं, जिनमें से किसी को भी बीते कई सालों से अपग्रेड नहीं किया गया है। माधोपुर हेडवर्क रावी नदी पर गुरदासपुर जिले में स्थित है। इसी के माध्यम से ऊपरी बारी दोआब नहर में सिंचाई के लिए पानी डाला जाता है। यह नहर पंजाब के गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तानर और अन्य इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था करती है। पाकिस्तान का कहना है कि लाहौर के पास स्थित शाहदरा में अचानक ही रावी नदी में 2 लाख 20 हजार क्यूसेक पानी आ गया। इसके चलते हालात बिगड़ गए हैं। क्या होता है हेडवर्क, जिसमें खराबी की बात कर रहा पाकिस्तान नदी में डायवर्जन हेडवर्क्स का निर्माण किया जाता है ताकि नहर में आने वाले पानी को नियंत्रित किया जा सके। ये नहर में गाद के प्रवेश को नियंत्रित करते हैं। ये बैराज से थोड़े छोटे होते हैं। हेडवर्क्स एक इंजीनियरिंग का शब्द है, जिसका उपयोग जलमार्ग के शीर्ष या मोड़ बिंदु पर किसी भी संरचना के लिए किया जाता है। इसका उपयोग नदी के पानी को नहर में या बड़ी नहर के पानी को छोटी नहर में मोड़ने के लिए किया जाता है।  

ब्रॉन्को टेस्ट पर विवाद, पूर्व खिलाड़ी बोले- रोहित शर्मा को बाहर करने की साजिश

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने विस्फोटक दावा करते हुए कहा है कि कोई है जो रोहित शर्मा को पसंद नहीं करता। वह नहीं चाहता कि हिटमैन वनडे टीम का हिस्सा हों। उन्हें टीम से बाहर करने के लिए ही भारतीय क्रिकेट में नए ब्रोन्को टेस्ट को लाया गया है। आम तौर पर रग्बी खिलाड़ियों को इस टेस्ट से गुजरना पड़ता है लेकिन टीम इंडिया के स्ट्रेंथ ऐंड कंडिशनिंग कोच एड्रिय ले रॉक्स की देखरेख में इसे भारतीय टीम के लिए एक अतिरिक्त लेयर के तौर पर लाया गया है। अब टीम में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट, 2 किलोमीटर की दौड़ और ब्रोन्को टेस्ट तीनों को क्लियर करना पड़ेगा। क्रिकट्रैकर से बातचीत में तिवारी ने दावा किया कि ब्रोन्को टेस्ट लाने की टाइमिंग और इस फिटनेस टेस्ट के पीछे की मंशा से कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खासकर तब जब भारतीय टीम 2027 वर्ल्ड कप से पहले संक्रमण के दौर से गुजर रही है। मनोज तिवारी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि विराट कोहली को 2027 वर्ल्ड कप की योजना से बाहर रखना बहुत मुश्किल होगा। लेकिन मुझे संदेह है कि वे रोहित शर्मा को लेकर कुछ सोच रहे हैं।’ तिवारी ने कहा कहा, 'देखिए, भारतीय क्रिकेट में क्या कुछ हो रहा है, उसे मैं बहुत ही बारीकी से देखता हूं। और मुझे विश्वास है कि यह ब्रोन्को टेस्ट जिसे कुछ दिन पहले ही इंट्रोड्यूस किया गया है, मुझे लगता है कि यह रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के लिए है। मुझे लगता है कि कोई है जो नहीं चाहता कि वह भविष्य में टीम का हिस्सा रहे। और इसीलिए इसे इंट्रोड्यूस किया गया है।' बोन्को टेस्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'सवाल है कि अभी क्यों? तब क्यों नहीं जब नए हेड कोच आए और पहली सीरीज की जिम्मेदारी संभाले? ये किसका आइडिया है? किसने इंट्रोड्यूस किया? किसने कुछ दिन पहले इस ब्रोन्को टेस्ट को लागू किया? ये वो सवाल हैं जिसका मुझे उत्तर नहीं मिल रहा लेकिन ऑब्जर्वेशन कहता है कि रोहित शर्मा के लिए मुश्किल होने वाली है क्योंकि वह अपनी फिटनेस को लेकर बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करते। और मुझे लगता है कि ब्रोन्को टेस्ट के जरिए उन्हें रोक दिया जाएगा।'  

कमबैक मैच में मोहम्मद शमी हुए महंगे, दलीप ट्रॉफी में जमकर पड़े रन

नई दिल्ली  तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे से भारतीय टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में वह लगातार टूर्नामेंट में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि शमी की प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी निराशाजनक रही और उन्होंने दलीप ट्रॉफी 2025 के क्वार्टर फाइनल में महंगा स्पेल डाला है। नौ महीने बाद रेड बॉल क्रिकेट में मोहम्मद शमी की वापसी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। ईस्ट जोन के लिए खेल रहे शमी को नॉर्थ जोन के खिलाफ सिर्फ एक विकेट मिला। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 23 ओवर में 100 रन लुटाए। शमी ने नॉर्थ जोन के बल्लेबाज साहिल लोत्रा को आउट किया। उनके अलावा मनीषी ने ईस्ट जोन के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 22.2 ओवर में 111 रन देकर छह विकेट लिए, जबकि सिराज सिंधु जसवाल (2/44) ने भी दो विकेट लिए। इससे पहले मोहम्मद शमी ने लाल गेंद से रणजी ट्रॉफी में खेला था, जहां उन्होंने दो पारियों में सात विकेट लिए थे। टेस्ट मैचों में उनका आखिरी प्रदर्शन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2023 के दौरान हुआ था। 34 वर्षीय शमी को हाल ही में फिटनेस समस्याओं के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए नहीं चुना गया था। नार्थ जोन ने आयुष बदोनी (63) और कन्हैया वधावन (नाबाद 42) की पारियों की मदद से पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 308 रन बना लिये हैं। ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी नार्थ जोन के लिए शुभम खजुरिया और कप्तान अंकित कुमार की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। 15वें ओवर में मनीषी ने अंकित कुमार (30) को पगबाधा आउटकर ईस्ट जोन को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद उन्होंने शुभम खजुरिया (26) को भी पगबाधा आउट कर पवेलियन भेज दिया। मनीषी का तीसरा शिकार यश ढुल (39) बने। यश ढुल और आयुष बदोनी के बीच तीसरे विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी हुई। 43वें ओवर में मुख्तार हुसैन ने आयुष बदोनी (60 गेंदों में 63 रन) को आउटकर बड़ी सफलता दिलाई। आयुष बदोनी ने अपनी पारी में सात चौके लगाये। निशांत सिंधु (47) और साहिल लूथरा 19 रन बनाकर आउट हुए। बारिश के कारण दिन का खेल जल्दी समाप्त होने के समय नार्थ जोन ने 75.2 ओवर में छह विकेट पर 308 रन बना लिये थे और कन्हैया वधावन (नाबाद 42) और मयंक डागर (नाबाद 28) क्रीज पर मौजूद थै। ईस्ट जोन की ओर से मनीषी ने 19 ओवर में 90 रन देकर तीन विकेट लिये। मोहम्मद शमी, सूरज सिंधु जायसवाल और मुख्तार हुसैन ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।  

विमानन निदेशालय ने ऑपरेटर चयन के लिए जारी किया आरएफपी, जबलपुर एयरपोर्ट में फ्लाइट बढ़ोतरी पर सुनवाई

जबलपुर  डुमना एयरपोर्ट से बड़े शहरों के लिए फ्लाइट संचालित नहीं होने पर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई. पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा. इस दौरान सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में पेश जवाब में बताया गया कि विमानन निदेशालय ने प्रदेश के हवाई अड्डे से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु अनुसूचित ऑपरेटरों के चयन हेतु आरएफपी (Request for Proposal) जारी किया है. याचिका की सनुवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन निदेशालय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की तरफ से जनहित याचिका दायर कर जबलपुर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया था कि पहले जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से मुंबई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु आदि शहरों के लिए फ्लाइट संचालित होती थीं. डुमना एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालित करने आरएफपी जारी जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर और भोपाल के सामान थी. फ्लाईट के लगातार बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाइट संचालित होती थीं. वर्तमान में इनकी संख्या कम हो गई है. विमानन कंपनियों की तरफ से पेश जवाब में बताया गया था कि टैक्स अधिक होने के कारण फ्लाइट संचालित करना काफी महंगा पड़ता है. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इसके पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार को एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर ठोस निर्णय लेने के निर्देश जारी किये थे. पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से बताया गया था कि सरकार ने फरवरी 2025 में एक योजना बनाई थी. इसमें एयरलाइंस कंपनियों को रियायती दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने विमानन कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि क्या डुमना एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाए. युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अगली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. 9 सितंबर को होगी अगली सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान लॉ छात्र पार्थ श्रीवास्तव की तरफ से याचिका दायर करते हुए इंटर विनर बनने आवेदन प्रस्तुत किया. उनकी तरफ से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि "इंदौर शहर से लगभग 80, भोपाल से 50 और ग्वालियर से 20 से अधिक फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि जबलपुर से सिर्फ 9 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि सरकार ने इस एयरपोर्ट पर 400 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. जबलपुर में हाईकोर्ट के अलावा डिफेंस सहित रेलवे और केन्द्र सरकार के कई मुख्यालय हैं. इसके अलावा 4 टाइगर नेशनल पार्क भी जबलपुर से डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे में हैं. इस संबंध में हाईकोर्ट ने सरकार और विमानन कंपनियों को जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए हैं." 

रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन

रायपुर : आदि कर्मयोगी अभियान : 17 सितम्बर से चलेगा आदि सेवा पखवाड़ा रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन आदि कर्मयोगी अभियान: रायपुर में 17 सितम्बर से चलेगा विशेष सेवा पखवाड़ा लोगों की समस्या व शिकायत का निराकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का होगा आयोजन रायपुर आदि कर्मयोगी अभियान के तहत बलौदाबाजार जिले के आदिवासी बाहुल्य 46 ग्राम पंचायतों में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक आदि सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें विभागीय अधिकारी -कर्मचारी द्वारा लोगों की समस्या एवं शिकायतों का निरकारण करने के साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को जिला स्तरीय कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से अभियान के सम्बन्ध में जरूरी निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि सभी सम्बधित विभाग योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ पहुंचाने मिशन मोड़ में काम करें। फिल्ड में कर्मचारियों की मौजूदगी हो। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करें। स्व सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ें। बताया गया कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 46 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियो का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसके साथ ही इन ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव का ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी कराया गया है। अभियान के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम में आदि सेवा केंद्र स्थापित किये जाएंगे जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी एयर जनभागीदारी को बढ़ावा देने का केंद्र बनेंगे। चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ, स्वयं सेवी संगठन और युवाओं को शामिल किया जाएगा। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत  विकास कार्य तीन स्तर पर क किया जाएगा जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना है। इसमें प्रशासनिक अमले से जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगियों की टीम बनाई जाएगी।आदि सहयोगी  ग्राम स्तर पर कार्य करेंगे जिसमें शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया जैसे व्यक्ति ग्राम के विकास की रूपरेखा व्यक्तिगतमूलक, पारिवारिकमूलक एवं समुदाय मूलक अनुसार तैयार करेंगे। तीसरे क्रम पर आदि साथी होंगे जिन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाना है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय के द्वारा पिछड़े और जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के कार्य को नई दिशा देने हेतु एक नई पहल की गई है जिसे “आदि कर्मयोगी अभियान”नाम दिया गया है। कार्यशाला में डीएफओ धम्मशील गणवीर सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ ऑनलाइन जुड़े थे।

चुनावी सर्वे: NDA को मिली बड़ी बढ़त, BJP का अकेला प्रदर्शन पर्याप्त नहीं

 नई दिल्ली देश में अगर आज आम चुनाव हो जाएं तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की सीटें बढ़कर 324 हो जाएंगी. यही नहीं, बीजेपी की सीटें भी 240 से बढ़कर 260 हो जाएंगी. हालांकि पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े 272 से नीचे ही रहेगी. इंडिया टुडे और सी-वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे में ये नतीजे निकलकर आए हैं.   ये सर्वे देश के सभी राज्यों और लोकसभा क्षेत्रों में 1 जुलाई से 14 अगस्त 2025 के बीच हुआ. हर आयु वर्ग जाति, धर्म, लिंग वाले 54 हजार 788 लोग इसमें शामिल हुए. इसके अलावा पिछले 24 हफ्तों में 1 लाख 52 हजार 38 लोगों से भी राय ली गई थी. उसका विश्लेषण भी इसमें शामिल किया गया. इस तरह कुल 2 लाख 6 हजार 826 लोगों की राय से तैयार हुए मूड ऑफ द नेशन के नतीजे. हालांकि इन आंकड़ों में भी मोटे तौर पर 3 प्रतिशत और बारीक स्तर पर 5 प्रतिशत का मार्जिन एरर हो सकता है. MOTN सर्वे में पूछा गया कि अगर आज लोकसभा चुनाव हुए तो परिणाम क्या होगा, किस गठबंधन को कितनी सीटें मिलेंगी? सर्वे में सामने आया कि NDA को 324 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि INDIA ब्लॉक को 208 सीटें मिल सकती हैं, जबकि अन्य के खाते में 11 सीटें जा सकती हैं. हालांकि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को 293 सीटें मिली थीं, जबकि INDIA ब्लॉक के खाते में 234 सीटें आई थीं. फरवरी-2025 में सर्वे किया गया था, जिसमें एनडीए को 343 सीटें और INDIA ब्लॉक को 188 सीटें मिलने का अनुमान था. आज चुनाव हुए तो किसको कितने वोट? अगर गठबंधन वाइज वोट शेयर की बात करें तो सर्वे के मुताबिक NDA गठबंधन को 46.7%, INDIA ब्लॉक को 40.9% और अन्य को 12.4% वोट शेयर मिल सकता है. 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को 43% वोट शेयर मिला था, जबकि INDIA ब्लॉक को 40% वोट मिला था. फरवरी में हुए सर्वे में एनडीए को 47% और INDIA ब्लॉक को 41% वोट शेयर मिलने का अनुमान था. आज चुनाव हुए तो किसको कितनी सीट? सर्वे में ये पूछा गया कि अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी. सर्वे में सामने आया कि बीजेपी को 260 , कांग्रेस को 97 और अन्य को 186 सीटें मिलने का अनुमान है. 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 240, कांग्रेस को 99 सीटें मिली थीं. फरवरी में हुए सर्वे में बीजेपी को 281 सीटें और कांग्रेस को 78 सीटें मिलने का अनुमान था. पार्टी वाइज वोट शेयर की बात करें तो सर्वे के मुताबिक बीजेपी के खाते में 40.6%, कांग्रेस के खाते में 20.8% और अन्य के खाते में 38.6%  वोट जा सकते हैं. 

रायसेन : लापता निकिता का पंजाब में पता चला, हार्वेस्टर चलाने वाले प्रेमी संग ब्याह

रायसेन  मध्य प्रदेश इन दिनों युवतियों के रहस्यमयी ढंग से गायब होने की घटनाओं से हलाकान है. कटनी की अर्चना तिवारी के नेपाल बॉर्डर से मिलने के बाद अब रायसेन जिले की निकिता लोधी संगरूर (पंजाब) से बरामद हुई है. पुलिस ने निकिता को पंजाब से दस्तयाब किया है. वह हार्वेस्टर चलाने वाले युवक के साथ भागकर शादी कर चुकी थी. रायसेन के गैरतगंज के टेकापार निवासी निकिता लोधी 18 अगस्त से लापता थी. परिजनों ने बहुत ढूंढने के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. निकिता 8 दिन से लापता थी और परिजन उसे तलाश रहे थे.  वह 18 अगस्त को कॉलेज की फीस जमा करने कंप्यूटर शॉप गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी. परिजनों ने रिश्तेदारों सहित हर जगह तलाश की, फिर गैरतगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने 19 अगस्त को गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की. 8 दिन बीतने पर परिजन परेशान थे. उन्होंने भोपाल, रायसेन और आसपास तलाश की. परिजनों ने डीजीपी और सीएम मोहन यादव से गुहार लगाई ताकि पुलिस अर्चना तिवारी की तरह निकिता को भी गंभीरता से ढूंढे. पुलिस ने CCTV फुटेज और CDR खंगालना शुरू किया.  परिजनों के अनुसार, पुलिस ने निकिता की लोकेशन कभी पंजाब, कभी तेलंगाना के हैदराबाद में बताई, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई. मध्य प्रदेश के बाहर उनका कोई संपर्क नहीं था. पुलिस को पंजाब के संगरूर में निकिता की लोकेशन मिली और गुरुवार शाम उसे वहां से बरामद किया गया.  रायसेन एसपी पंकज पांडे ने बताया, निकिता हारवेस्टर चलाने वाले युवक के साथ भागी थी. दोनों ने पंजाब में मंदिर में शादी कर ली थी. दोनों ने पंजाब पुलिस से प्रोटेक्शन के लिए आवेदन दिया था. रायसेन पुलिस निकिता को लेकर रायसेन लौट रही है.

जीपीएम जिले के सभी पंप संचालक बने रेडक्रॉस के आजीवन सदस्य, शुरू की हेलमेट मुहिम

रायपुर : अब बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं: जीपीएम जिले के पंप संचालकों ने उठाया कदम जीपीएम जिले के सभी पंप संचालक बने रेडक्रॉस के आजीवन सदस्य, शुरू की हेलमेट मुहिम बिना हेलमेट पेट्रोल बंद, जीपीएम पंप संचालकों ने बढ़ाया सुरक्षा और समाजसेवा का कदम रायपुर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में सड़क हादसों को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए अब प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी और पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर. भगत की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में हुई बैठक में तय किया गया कि अब जिले के सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। बैठक में सभी पंप संचालकों ने इस फैसले का स्वागत किया और सहमति जताई। तय हुआ कि आने वाले एक हफ्ते तक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को समझाया जाएगा कि पेट्रोल लेने के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। इसके लिए सभी पंपों पर चेतावनी वाले फ्लैक्स लगाए जाएंगे और चौक-चौराहों पर भी घोषणाएं की जाएंगी। इसके बाद प्रशासन हेलमेट की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करेगा। बैठक में मानवता की सेवा के लिए जिला रेडक्रॉस सोसायटी की सदस्यता लेने पर भी चर्चा हुई। इसमें सभी पंप संचालकों ने 1000 रुपये शुल्क जमा कर आजीवन सदस्यता ली। इसके साथ ही, गौरेला के मथुरा पेट्रोल पंप संचालक उमेश अग्रवाल और पेंड्रा के काव्या पेट्रोल पंप संचालक आदित्य साहू ने 25 हजार रुपये सेवा शुल्क देकर संरक्षक सदस्यता भी ग्रहण की। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा सहित जिले के सभी प्रमुख पेट्रोल पंप संचालक और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम से जुड़े विभिन्न पंप संचालकों ने भी भाग लिया और इस जनहितकारी निर्णय का समर्थन किया। इस तरह प्रशासन और पंप संचालकों के संयुक्त प्रयास से जिले में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और हेलमेट पहनने की आदत से कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बढ़ाया मदद का हाथ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM  CM विष्णु देव साय का बड़ा कदम: 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की मदद रायपुर जीवन में किसी एक सदस्य की गंभीर बीमारी पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। इलाज के खर्चे जब लाखों में पहुँच जाते हैं तो आमजन के लिए यह बोझ असहनीय हो जाता है। ऐसे समय में सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना बड़ी राहत देती है, जिसके तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है, लेकिन जब बीमारी का खर्च इस सीमा से भी अधिक हो जाता है, तब मरीज और परिवार चिंता में घिर जाते हैं। इसी विकट परिस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदनशील पहल करते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के 72 गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार के लिए 2 करोड़ 85 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि सीधे संबंधित अस्पताल के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इस राशि से मरीजों को कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल व महंगे उपचार कराने में मदद मिली। समय पर सहायता पहुँचने से मरीजों का जीवन सुरक्षित हो सका और उनके परिवारों को भी बड़ी राहत मिली। मरीजों और परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम के लिए आभार जताया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है। आवेदन पत्र सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ मरीज का आधार कार्ड,बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज,जिस अस्पताल में उपचार कराया जाना है, वहां से जारी प्राकलन (स्टिमेट) रिपोर्ट देना जरूरी  है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। जमीन का चयन हो चुका है और कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा अस्पतालों में भौतिक संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से जिलेवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।