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स्मार्ट मीटरिंग की दिशा में बड़ी उपलब्धि! भोपाल में अब तक 3 लाख से अधिक स्मार्ट मीटरों की सफल स्थापना

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर , मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल सहित कंपनी के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के परिसर में कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए गए हैं। जिन अधिकारियों के घरों पर स्‍मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उनमें पीडीटीसी के निदेशक श्री अनिल खत्री, महाप्रबंधक प्रशासन एवं पीजीआर श्री संपूर्णानंद शुक्‍ला, उप मुख्‍य महाप्रबंधक सतर्कता श्री आरएनएस ठाकुर, महाप्रबंधक (स्‍मार्ट मीटरिंग सेल) श्री सी.के.पवार, वरिष्‍ठ सुरक्षा अधिकारी श्री राजेश यादव सहित अनेक अधिकारी शामिल हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्‍ताओं से आग्रह किया है कि वे स्‍मार्ट मीटर के फायदों को देखते हुए अपने घरों में स्‍मार्ट मीटर जरूर लगवाएं। गौरतलब है कि कंपनी के सभी 16 जिलों में उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। अब तक कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक 03 लाख, 03 हजार 305 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में 1 लाख 62 हजार 320 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्‍ता संतुष्‍ट हैं। दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। जून माह का बिल जो कि जुलाई माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए जिसमें सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्‍ताओं के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को मिल रही है।  

कांग्रेस विधायकों की मांडू में शुरू हुई क्लास, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने किया उद्घाटन,पॉलिटिकल और टेक्निकल …

मांडू  मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी आज से धार जिले के पर्यटन स्थल मांडू में अपने विधायकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है. 'चिंतन शिविर' के सत्रों में से एक सत्र 'झूठे मामले और जांच एजेंसियां: लोकतंत्र पर हमला' शीर्षक से होगा. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि ने चूंकि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, इसलिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विधायकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि 64 विधायक अपरिहार्य निजी कार्यों के कारण वीडियो लिंक के माध्यम से जुड़ेंगे. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने कहा कि वह झूठे मामलों में अपना बचाव कैसे करें, इस बारे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए विधायकों को संबोधित करेंगे. तन्खा ने कहा, "मैं भाजपा का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने और एक ज़िम्मेदार विपक्ष के रूप में लड़ाई लड़ने के तरीकों पर भी बोलूंगा. मैं इस बात पर ध्यान केंद्रित करूंगा कि पार्टी को कैसे मज़बूत किया जाए ताकि 2028 के चुनावों में मध्य प्रदेश में भाजपा से सत्ता छीनी जा सके. मानसून सत्र और सुप्रीम कोर्ट में पूर्व व्यस्तताओं के कारण मैं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पा रहा हूं." एक पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मध्य प्रदेश के राजनीतिक मामलों के महासचिव हरीश चौधरी और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी सोमवार को शिविर को संबोधित करेंगे. पदाधिकारी ने बताया, "मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा नेतृत्व, अनुशासन और संगठनात्मक एकता जैसे विषयों पर विधायकों को संबोधित करेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ 'मध्य प्रदेश का भविष्य और आर्थिक नीति' विषय पर एक सत्र में वर्चुअल रूप से शामिल होंगे, जिसमें आर्थिक चुनौतियों और विकास रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा." उन्होंने आगे कहा, "दोपहर के भोजन के बाद कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा पार्टी विचारधारा के प्रभावी संचार के माध्यम से मीडिया प्रबंधन और कथा निर्माण पर बात करेंगे.  अब जानिए विधायकों को कौन क्या सिखाएगा? पहला दिन: 21 जुलाई 2025 तन्खा बताएंगे, फर्जी मुकदमों से कैसे निपटें? सुबह 11 बजे: मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा विधायकों को जनप्रतिनिधि की भूमिका, नेतृत्व, अनुशासन और संगठनात्मक एकता पर संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे: राज्यसभा सांसद और सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा फर्जी मुकदमों और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर संवैधानिक प्रतिरोध के उपाय बताएंगे। कमलनाथ बताएंगे आर्थिक नीति पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ वर्चुअली जुड़कर एक सत्र को संबोधित करेंगे। इस सत्र में वे 'मध्यप्रदेश का भविष्य और आर्थिक नीति' विषय पर प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों, अवसरों और विकास की रूपरेखा पर अपना वक्तव्य देंगे।दोपहर एक बजे से 45 मिनट का लंच ब्रेक होगा। पवन खेड़ा बताएंगे नरेटिव बिल्डिंग के गुर 1:45 बजे लंच ब्रेक के बाद कांग्रेस के मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन खेड़ा मीडिया मैनेजमेंट के गुर सिखाएंगे। विधायकों को वे यह बताएंगे कि नरेटिव सेट करने के लिए कम्युनिकेशन के माध्यम से कांग्रेस की विचारधारा को मजबूती से कैसे प्रस्तुत किया जाए। विधानसभा के पूर्व पीएस बताएंगे सत्ता पक्ष पर कैसे प्रहार करें? 2:15 बजे से शुरू होने वाले सत्र में विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव इसराणी विधायकों को सत्ता पक्ष पर रणनीतिक प्रहार की रणनीति बताएंगे। सरकार की विफलताओं पर आरटीआई, ऑडिट रिपोर्ट और विधानसभा के नियमों के जरिए घेरने की बारीकियों को बताएंगे। 10-10 विधायकों के ग्रुप बनाकर होगी चर्चा दोपहर 3 से 4 बजे के बीच 10-10 विधायकों के ग्रुप बनाकर समूह चर्चाएं होगी। इनमें एसटी, एसटी, ओबीसी वर्ग के विधायक अलग-अलग विषयों पर मंथन कर रिपोर्ट बनाएंगे। पहले दिन के अंतिम सत्र में जुड़ सकते हैं राहुल गांधी 4 से शाम 5 बजे तक अंतिम सत्र में 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक चर्चा होगी। इस सत्र में हर समूह में हुई चर्चा में निकले निष्कर्ष को शेयर किया जाएगा। इसी सत्र में संगठन सृजन अभियान, जातिगत जनगणना के मुद्दे पर चर्चा होगी। इस सत्र में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वर्चुअली संबोधन दे सकते हैं। दूसरा दिन: 22 जुलाई 2025 अजय माकन बताएंगे कांग्रेस की दिशा दूसरे दिन के पहले सत्र में राज्यसभा सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अजय माकन कांग्रेस के मूल सिद्धांत, हमारी वैचारिक दिशा, संविधान वाद, धर्मनिरपेक्षता, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय पर फिर से कैसे जुड़ाव हो इसपर संबोधन देंगे। दोपहर 12 बजे से कांग्रेस की स्थापना से लेकर वर्तमान के दौर तक कांग्रेस की संघर्ष गाथा पर केन्द्रित एक वीडियो दिखाया जाएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदास इसरानी सत्तारूढ़ दल की खामियों को उजागर करने के लिए आरटीआई, ऑडिट रिपोर्ट और सदन के नियमों के इस्तेमाल पर विधायकों को जानकारी देंगे." उन्होंने बताया कि एसटी, एससी और ओबीसी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित 10 सदस्यीय विधायक टीमों के बीच समूह चर्चा भी होगी और विचार-विमर्श के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. कांग्रेस पदाधिकारी ने बताया, "मंगलवार को राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन पहले सत्र में कांग्रेस के मूल सिद्धांतों, संविधानवाद, धर्मनिरपेक्षता, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय पर बोलेंगे. कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत डिजिटल मीडिया पर केंद्रित रणनीतियों पर सुझाव देंगी, जिसमें एक्स, फेसबुक, लघु वीडियो का उपयोग, ट्रोलिंग से निपटना और छवि निर्माण शामिल हैं." बता दें कि सत्तारूढ़ बीजेपी ने भी पिछले महीने नर्मदापुरम जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पंचमढ़ी में अपने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए तीन दिवसीय शिविर का आयोजन किया था.  

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा

 भोपाल  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया था, लेकिन इस कैलेंडर का पालन नहीं किया जा रहा है। कृषि स्नातक में प्रवेश के लिए आयोजित किए जाने वाले प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी)-2025 मई में प्रस्तावित था, लेकिन अब 26 जुलाई को आयोजित किया जाएगा है। इस साल 15 भर्ती और पांच प्रवेश परीक्षाएं आयोजित किए जाने का कैलेंडर जारी किया गया था। इनमें से अब तक छह भर्ती परीक्षाएं ही आयोजित की जा सकी हैं, जो करीब एक या दो माह की देरी से हुईं। वहीं जुलाई से दिसंबर तक आठ प्रवेश परीक्षाओं के लिए अभी तक आवेदन ही नहीं लिए गए हैं। अब अगले साल 2026 में जनवरी से मई तक सात परीक्षाएं होंगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई भर्ती परीक्षाएं समय से आयोजित नहीं की जा रही हैं, जिससे उम्र की समय-सीमा भी निकल रही है। सिलेबस अपलोड हो जाएं तो तैयारी में आसानी हो जाएगी इस साल के कैलेंडर के हिसाब से आठ परीक्षाएं होने वाली हैं। इसके अलावा मंडल नियमावली और सिलेबस भी आवेदन के साथ जारी करता है, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी का समय नहीं मिल पाता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पहले से सिलेबस अपलोड कर दिए जाएं तो परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो जाएगी। बता दें कि इस साल विभिन्न विभागों में करीब 25,472 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा का सिलेबस बदल दिया सरकारी स्कूलों के कुल 13089 पदों पर भर्ती के लिए प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। एक अगस्त तक आवेदन होंगे। 31 अगस्त से परीक्षाएं होने वाली हैं। परीक्षा में करीब डेढ़ माह का समय शेष है, लेकिन सिलेबस बदलने से परेशानी बढ़ गई है। इसमें बाल मनोविज्ञान, पर्यावरण और संस्कृत को हटाया गया है। साथ ही अंग्रेजी को वैकल्पिक के बदले अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के विषय को जोड़ा गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि नए सिलेबस के साथ परीक्षा की तैयारी करना संभव नहीं है। इसके लिए कम से कम दो से तीन माह का समय चाहिए। विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है     कैलेंडर का पालन किया जाता है। कई बार विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है। हालांकि पूरा प्रयास किया जाता है कि समय से परीक्षाएं हों और परिणाम भी समय से जारी किया जाए। – साकेत मालवीय, संचालक, ईएसबी  

जनता के बीच पहुंचे सीएम योगी, एक-एक पीड़ित की सुनी पीड़ा, अफसरों को दिए सख्त आदेश

 लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर 'जनता दर्शन' किया। उनके आवास पर प्रदेश भर से 50-55 पीड़ित पहुंचे थे। उन्होंने हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचकर समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। जनता दर्शन में पुलिस, राजस्व, चिकित्सा सहायता, रोजगार, शिक्षा, आवास, कब्जा, परिवार आदि से जुड़े मामले भी आए। जिस पर प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की हर समस्या का निराकरण होगा। उत्तर प्रदेश के हर नागरिक की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की सेवा एवं सुरक्षा हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। सभी जिलों में अधिकारियों को सक्रिय भी किया गया है और सभी प्रकार की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश-हर पीड़ित की समस्या पर करें तत्काल कार्रवाई मुख्यमंत्री ने दिव्यांग की बात सुनी और उन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिलाने को निर्देशित किया। जनता की समस्या सुनते हुए सीएम ने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सबको न्याय मिलेगा। बच्चों को दुलारा और चॉकलेट भी दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी बातचीत की। उनका हालचाल जाना, दुलार किया। बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान कर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।  

रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार शुभमन, 25 रन बनाते ही होगा बड़ा कारनामा

नई दिल्ली भारत और इंग्लैंड के बीच 23 जुलाई (बुधवार) से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर टेस्ट मैच खेला जाना है. भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 1-2 से पीछे हैं, ऐसे में ये मुकाबला उसके लिए 'करो या मरो' का है. अगर भारत मैनचेस्टर टेस्ट हारता है या ड्रॉ करता है, तो सीरीज जीतने का मौका गंवा देगा. इस मुकाबले में भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल पर सबकी निगाहें होंगी. शुभमन गिल के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका शुभमन गिल टेस्ट क्रिकेट में नया कीर्तिमान रचने के बेहद करीब हैं. यदि शुभमन मैनचेस्टर टेस्ट मैच में 25 रन बनाते हैं, तो वो 19 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर देंगे. शुभमन 25 रन बनाते ही इंग्लैंड में किसी द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले एशियाई बल्लेबाज बन जाएंगे. फिलहाल ये रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ के नाम दर्ज है. दाएं हाथ के बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने साल 2006 में इंग्लैंड में 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में 90.14 की बेहतरीन औसत से 631 रन बनाए थे. अब शुभमन गिल के पास मोहम्मद यूसुफ को पछाड़ने का सुनहरा मौका है. शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में अब तक 3 मैचों में 607 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 101.16 रहा और उन्होंने तीन शतक लगाए. भारतीय कप्तान का मौजूदा सीरीज में सर्वोच्च स्कोर 269 रन रहा है, जो उन्होंने बर्मिंघम टेस्ट की पहली पारी में बनाया. इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन (एशियाई बैटर) मोहम्मद यूसुफ (पाकिस्तान) – 4 मैच, 631 रन, 2006 शुभमन गिल (भारत)- 3* मैच, 607 रन, 2025 राहुल द्रविड़ (भारत)- 4 मैच, 602 रन, 2002 विराट कोहली (भारत)– 5 मैच, 593 रन, 2018 सुनील गावस्कर (भारत)– 4 मैच, 542 रन, 1979 सलीम मलिक (पाकिस्तान)- 5 मैच, 488 रन, 1992 भारतीय टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने शुभमन गिल को लेकर बड़ी बात कही है. चैपल ने ईएसपीएन क्रिकइंफो में अपने कॉलम में लिखा, 'ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट शुभमन गिल के अब तक के करियर की सबसे बड़ी परीक्षा होगी. सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर नहीं, बल्कि कप्तान के तौर पर भी.' चैपल का मानना है कि गिल के पास सीखने का समय बहुत कम है और वो अपनी भावनाएं नहीं दिखा सकते. भारतीय टीम ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी 2025 की शुरुआत लीड्स टेस्ट में पांच विकेट से हार झेलकर की. इसके बाद टीम इंडिया ने एजबेस्टन टेस्ट मैच में जबरदस्त वापसी की और मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ 336 रनों की रिकॉर्डतोड़ जीत हासिल की. हालाकि, लॉर्ड्स टेस्ट मैच में मिली 22 रनों से हार ने उसे बैकफुट पर ढकेल दिया.

PAK की फीकी शुरुआत, बांग्लादेश से पहले मुकाबले में करारी शिकस्त

ढाका  बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 20 जुलाई (रविवार) को ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में मेजबान बांग्लादेश ने पाकिस्तानी टी पर 7 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल की. मुकाबले में बांग्लादेश ने 111 रनों का लक्ष्य 15.3 ओवर्स में ही हासिल कर लिया. टी20 सीरीज का अगला मुकाबला 22 जुलाई (मंगलवार) को इसी मैदान पर खेला जाएगा. पहले टी20 में बांग्लादेश की जीत के हीरो रहे सलामी बल्लेबाज परवेज हुसैन इमोन और तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान रहे. परवेज हुसैन इमोन ने 39 गेंदों पर नाबाद 56 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 3 चौके शामिल रहे. परवेज हुसैन इमोन और तौहीद हृदोय (36 रन) के साथ बीच तीसरे विकेट के लिए 73 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें बांग्लादेश का काम आसान कर दिया. गेंदबाजी में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान ने कमाल कर दिखाया. मुस्ताफिजुर ने 4 ओवर्स में सिर्फ 6 रन देकर 2 विकेट लिए. उन्होंने डेथ ओवर्स में पाकिस्तान की रन गति पर पूरी तरह नियंत्रण रखा. तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 22 रन देकर 3 विकेट लिए. पाकिस्तान के लिए किसने बनाए सबसे ज्यादा रन? टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तानी टीम 19.3 ओवर्स में सिर्फ 110 रनों पर सिमट गई. सलामी बल्लेबाज फखर जमां को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका. जमां ने 34 बॉल पर 44 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और एक सिक्स शामिल रहा. पाकिस्तानी टीम की हालत इतनी खराब थी कि टॉप-6 में से पांच बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके. पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच तालमेल का भी अभाव दिखा. फखर जमां और मोहम्मद नवाज रन आउट हुए. पाकिस्तानी टीम के लिए गेंदबाजी में डेब्यूटेंट सलमान मिर्जा ने लगातार ओवरों में तंजीद हसन और कप्तान लिटन दास को आउट करके उम्मीद जगाई. लेकिन उन्हें बाकी गेंदबाजों का साथ नहीं मिला. फील्डिंग में चूक भी पाकिस्तानी टीम को भारी पड़ा. तौहीद हृदोय को दो बार जीवनदान मिला, जिससे बांग्लादेश मैच में पूरी तरह हावी हो गया और उसने आसान जीत हासिल की. परवेज हुसैन इमोन 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए.    

पत्रकारिता को समाज सेवा से जोड़ा प्रभाष जी ने: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का सम्मानपूर्ण वक्तव्य

प्रभाष जी की पत्रकारिता जनहित के लिए समर्पित रही: उप मुख्यमंत्री शुक्ल पत्रकारिता को समाज सेवा से जोड़ा प्रभाष जी ने: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का सम्मानपूर्ण वक्तव्य नई दिल्ली में "प्रभाष प्रसंग” कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वर्गीय प्रभाष जोशी ने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि लोकमंगल का माध्यम बनाया। उन्होंने जनचेतना को जागृत करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने और सामाजिक सरोकारों को मुखर स्वर देने में अपनी लेखनी के माध्यम से अद्वितीय योगदान दिया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल नई दिल्ली स्थित सत्याग्रह मंडप, राजघाट परिसर में प्रख्यात पत्रकार स्व. प्रभाष जोशी की स्मृति में “प्रभाष प्रसंग” कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने प्रख्यात पत्रकार स्व. प्रभाष जोशी को उनकी विचारशील पत्रकारिता, सामाजिक प्रतिबद्धता एवं सांस्कृतिक चेतना के लिए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज के समय में जब सूचना के माध्यमों की प्रामाणिकता और जिम्मेदारी पर प्रश्नचिह्न उठते हैं, ऐसे में प्रभाष जी जैसे उत्कृष्ट मानक स्थापित करने वाले पत्रकारों की स्मृति और मूल्य और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनकी विरासत नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, पद्मभूषण रामबहादुर राय, पद्मजवाहरलाल कौल सहित अनेक गणमान्यजन एवं पत्रकारिता, साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने प्रभाष जोशी जी के जीवन, विचार और कार्यशैली पर प्रकाश डाला और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।  

सत्र का आगाज़ आज, विधेयकों की बारिश और विपक्ष के तीखे सवाल आमने-सामने

नई दिल्ली संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है. विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर ली है, जिनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पाकिस्तान के साथ सीजफायर कराने के दावे और बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) सबसे प्रमुख हैं. सरकार ने कहा है कि वह ऑपरेशन सिंदूर सहित सभी अहम मुद्दों पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष का जोर 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले पर रहेगा, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी और जिसे लेकर सरकार पर 'चूक' के आरोप लगाए जा रहे हैं. 17 विधेयक पेश करेगी सरकार इस सत्र में, जो 21 अगस्त को समाप्त होगा, सरकार 17 विधेयकों को पेश करने की योजना बना रही है. वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने संबंधी विधेयक की मांग कर रही है, लेकिन सरकार के सहयोग की संभावना कम दिख रही है. कांग्रेस सांसदों ने दिए नोटिस कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने शून्यकाल को स्थगित कर पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है. वहीं, सांसद मणिकम टैगोर ने पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर और डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान को लेकर अलग से नोटिस दिया है. प्रधानमंत्री का बयान और विपक्ष की मांगें सत्र की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीडिया को संबोधित कर सरकार के एजेंडे और प्राथमिकताओं को बताते हुए करेंगे. यह संसद का पहला सत्र होगा जो पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद हो रहा है, लिहाजा ये मुद्दे कार्यवाही में हावी रहने की संभावना है. सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने पीएम मोदी से ट्रंप के दावों, पहलगाम हमले में कथित चूक और बिहार में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर जवाब मांगा. एअर इंडिया हादसा और विमान सुरक्षा विपक्ष एक और बड़ा मुद्दा उठाने जा रहा है- अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया हादसे का, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी. अमेरिकी रिपोर्ट्स में हादसे के लिए पायलटों को दोषी ठहराया गया है, ऐसे में सरकार से विस्तृत जवाब की मांग की जाएगी. हालांकि सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की ओर से इन विवादित मुद्दों पर सीधे तौर पर जवाब देने की संभावना नहीं है.  सरकार की रणनीति और एक संभावित सर्वसम्मति केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार है और किसी मुद्दे से भागने वाली नहीं है. हालांकि, ट्रंप के दावों पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया. सरकार का फोकस पाकिस्तान के साथ टकराव के दौरान हासिल उपलब्धियों और उसके बाद हुई सर्वदलीय विदेश यात्राओं को उजागर करने पर रहेगा. मॉनसून सत्र के दौरान कुल 21 बैठकें होंगी, जो 32 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएंगी.

नीतिगत निर्णयों से सशक्त हुए छत्तीसगढ़ के किसान: सरकार की बड़ी पहल

रायपुर : विशेष लेख : सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान साल दर साल बढ़ रहा है किसानों की संख्या, रकबा और उत्पादन     रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के नीतिगत फैसलों एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हैं। इन नीतियों से प्रदेश के किसान निरंतर समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदी कर न सिर्फ किसानों का मान बढ़ाया बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य सरकार ने बीते 18 महीने में विभिन्न योजनाओं के तहत् लगभग सवा लाख करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरित की है। इन कल्याणकारी फैसलों और प्रोत्साहन से साल दर साल किसानों की संख्या, खेती-किसानी का रकबा और उत्पादन में वृद्धि हो रही है। बता दें कि देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री साथ के नेतृत्त्व में प्रदेश सरकार की इन डेढ़ साल की अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीति गत फैसलों से खेती-किसानी की नया सम्बल मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों से बीते खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी कर एक नया रिकार्ड कायम किया है। किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 32 हजार करोड रूपए का भुगतान एवं किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मूल्य की अंतर की राशि 13,320 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में प्रदेश के किसानों से रिकार्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई और धान खरीदी के एवज में किसानों को 34,500 करोड़ रूपए का तत्काल भुगतान किया गया तथा 12 हजार करोड़ रूपए की अंतर की राशि एकमुश्त सीधे किसानों के खातों में अंतरित किया गया। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वायदे को पूरा कर यह बता दिया है कि छत्तीसगढ़ की खुशहाली और अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का रास्ता खेती-किसानी से ही निकलेगा। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड रूपए का भुगतान करके अपना संकल्प पूरा किया, इससे प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। किसानो का मानना है कि राज्य सरकार के फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार किसानों की हितैषी है। खेती-किसानी ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा। छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रूपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है। सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों से व्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए खरीफ वर्ष 2024 में 15.21 लाख किसानों को 6912 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वितरित किया गया था। वर्ष 2025 में किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य है। किसानों को 11 जुलाई की स्थिति में 5124 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित किए गए हैं। यह किसानों के हित में क्रांतिकारी कदम है। छत्तीसगढ़ में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लागू की गई है। सौर सुजला योजना के माध्यम से सरकार ने दूरस्थ वनांचल में जहां बिजली की सुविधा नहीं है, वहां किसानों के खेतों में भी इस योजना के माध्यम से सौर सुजला सिंचाई पंप स्थापित कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ में किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों की स्थिति में सुधार, कृषि एवं सहायक गतिविधियां के लिए समन्वित प्रयास पर राज्य सरकार का फोकस है। कृषि विभाग के बजट में बीते वर्ष की तुलना में वर्ष 2024-25 में 33 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 13 हजार 435 करोड रूपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए राज्य के बजट में भी कृषि के साथ-साथ ग्रामीण विकास को फोकस किया गया है। यहां धान और किसान एक-दूसरे के पर्याय है। पिछले वर्ष 149.25 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर राज्य के 25 लाख 48 हजार 798 किसानों से खरीदी की गई है। राज्य सरकार ने बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जिसका उद्देश्य कृषि समृद्धि को बढ़ावा देना है। वहीं किसानों के 5 एचपी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5.65 लाख भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही दलहन एवं तिलहन फसलों समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 80 करोड़ रुपये तथा फसल बीमा योजना के लिए 750 करोड़ रुपये और मोटे अनाजों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, बीज उत्पादन एवं वितरण के लिए कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सरकार की किसान हितैषी नियत को दर्शाता है। केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के 26 लाख से ज्यादा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों में साल में 6 हजार रूपए की राशि केन्द्र सरकार के द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में दी जा रही है। केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में धान के विपुल उत्पादन को देखते हुए केन्द्रीय पूल में 78 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करने का लक्ष्य दिया है।     डॉ. ओम डहरिया, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

भोपाल मेट्रो का रफ्तार परीक्षण सफल, जल्द शुरू होगा टेक्निकल ट्रायल

भोपाल सुभाष नगर से एम्स तक 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से मेट्रो रेल को दौड़ाया जा रहा है। यह परीक्षण पिछले तीन दिन से तीन से चार घंटे तक किया जा रहा है, जिसके तहत 10 से 15 फेरे लगाए जा रहे हैं। इसी बीच एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर आवागमन सहित अन्य काम किए जा रहे हैं। दरअसल, आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन) की टीम भोपाल मेट्रो की तकनीकी जांच करने इसी महीने आ सकती है। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही जमा किए जा चुके हैं। यह टीम रेलवे से जुड़ी है और लखनऊ से आएगी। इसकी अनुमति के बाद सीएमआरएस (आयुक्त मेट्रो रेल सेफ्टी) की टीम अंतिम निरीक्षण करेगी। इस टीम द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद ही भोपाल मेट्रो में यात्रियों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। सितंबर तक तय की डेटलाइन बता दें कि परीक्षण के दौरान एक्सपर्ट ट्रैक, उसकी फिटनेस, अधिकतम स्पीड, सिग्नल, ब्रेकिंग सिस्टम आदि पैमाने पर जांच कर रहे हैं। मेट्रो कारपोरेशन ने सभी काम को खत्म करने की डेटलाइन सितंबर तक तय की है। इसके बाद अक्टूबर या नवंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेट्रो की शुरुआत कर सकते हैं। वर्ष 2018 में शुरू हुआ था काम भोपाल में मेट्रो का पहला मार्ग एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कारिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है। तीन अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार परीक्षण किया जा रहा है।