samacharsecretary.com

‘सहर होने को है’ में बड़ा बदलाव, सहर के रोल में आएंगी भाविका शर्मा?

कलर्स टीवी का शो ‘सहर होने को है’ पिछले कुछ समय से अपनी स्टारकास्ट में होने वाले बदलावों को लेकर लगातार चर्चा में बना हुआ है. शो में मुख्य किरदार सहर की भूमिका निभाने वाली एक्ट्रेस रिशिता कोठारी के बाहर हो चुकी है. अब यह अहम किरदार कौन निभाएगा, इस मामले पर बड़ी अपडेट सामने आई है. सहर के रोल के लिए भाविका शर्मा का नाम तय ईटाइम्स रिपोर्ट्स के अनुसार, टीवी एक्ट्रेस भाविका शर्मा को शो में नई सहर के रूप में चुना गया है. बताया जा रहा है कि निर्माताओं की ओर से लंबे समय से इस किरदार के लिए उपयुक्त चेहरे की तलाश की जा रही थी. कई एक्ट्रेसेस शिवांगी जोशी, मल्लिका सिंह, रिया शर्मा और हिमांशी पाराशर के नामों पर विचार किया गया, लेकिन आखिरकार भाविका पर सहमति बन गई. हालांकि, अभी तक शो के मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भाविका का चयन लगभग तय हो चुका है और केवल कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं. ‘गुम है किसी के प्यार में’ से मिली थी खास पहचान भाविका शर्मा टीवी इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं. उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता ‘गुम है किसी के प्यार में’ में सवी चव्हाण के किरदार से मिली थी. इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और दर्शकों का भरपूर प्यार भी मिला. इसके अलावा भाविका ने अपने करियर की शुरुआत ‘परवरिश – सीजन 2’ से की थी. अब अगर रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं तो ‘सहर होने को है’ में उनकी एंट्री शो के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है.

‘काला हिरण – द बैटल फॉर लेगेसी’ का फर्स्ट लुक रिलीज, सलमान विवाद पर बनी फिल्म चर्चा में

कंट्रोवर्सियल फिल्म 'काला हिरण-द बैटल फॉर लेगेसी' का पहला लुक रिलीज हो गया है. सलमान खान से जुड़े 1998 काले हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई संग उनके विवाद पर फिल्म बेस्ड है. 2 मिनट 32 सेकंड के फर्स्ट लुक में कलाकारों को इंट्रोड्यूस किया गया है. सलमान खान का रोल मूवी में काशिफ इकबाल खान ने निभाया है. काला हिरण मूवी की झलक टीजर वीडियो शुरू होता है कोर्ट के एक सीन से. जहां अयान खान, जो कि केस में आरोपी है, कठघरे में खड़ा है. उसे सलमान जैसा लुक देने की कोशिश हुई है. एक्टर का वायरल ब्रेसलेट, चाल-ढाल, बॉडी पोस्चर सलमान से मेल खाता है. वकील ने उसके खिलाफ दलील देते हुए बताया कैसे 2 अक्टूबर 1998 की रात दो काले हिरण को अयान खान ने मार गिराया. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हीरो की तरह पेश किया गया है. बताया गया है कि 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड का बाप दाऊद था. लेकिन आज दाऊद का भी बाप है, लॉयन बिश्नोई. उधर पुलिस केस में अयान फंसा है. इधर काले हिरण का शिकार करने से खफा लॉयन अयान की जान के पीछे पड़ा है. वो छिपकर कई बार अयान पर हमला करा चुका है. जेल में रहकर जिस तरह से लॉयन ने बाहर आतंक फैलाया हुआ है, इससे पुलिस हैरान परेशान है. लॉयन के गुर्गों की धर पकड़ की जाती है. एक डायलॉग है जिसमें दिखाया गया है कि अयान लॉयन की दशहत से खौफ खा रहा है. वो पुलिस इंस्पेक्टर को धमकाते हुए कहता है- अगर तुम लोगों में दम नहीं है तो अभी मुझे क्लियर बता दो, मैं ये देश हमेशा के लिए छोड़कर चला जाऊंगा, लेकिन बिश्नोई गैंग के हाथ सड़कों पर कुत्ते की मौत नहीं मरूंगा. देखें फर्स्ट लुक… एक सीन में पुलिस कहती है- बिश्नोई को अयान खान के पैसे नहीं बल्कि उसकी बलि चाहिए. अयान और बिश्नोई गैंग के खिलाफ चल रही रंजिश को दिखाया गया है. फर्स्ट लुक इसके प्रोड्यूसर अमित जानी के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है. इसमें साफ लिखा गया है कि ये फिल्म गुरु जंभेश्वर भगवान (बिश्नोई पंथ के फाउंडर और पर्यावरणविद संत) और बिश्नोई समाज को समर्पित है. फिल्म को भरत एस श्रीनेत ने डायरेक्ट किया है. कहानी अमित जानी ने ही लिखी है. लीड रोल में काशिफ इकबाल खान के अलावा मुकेश तिवारी, राजेश दहिया, ऋषभ अरोड़ा जैसे सितारे हैं. मूवी सिनेमाघरों में इसी साल आएगी. ये फिल्म अनाउंसमेंट के बाद से विवादों में है. सलमान खान की टीम ने इसकी रिलीज रोकने को लेकर प्रोड्यूसर को नोटिस भेजा था. लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वो किसी से डरने वाले नहीं हैं. प्रोड्यूसर अमित जानी ने कैमरे पर सलमान खान की तरफ से मिले नोटिस को फाड़ा था. अमित जानी ने कहा कि वो कोर्ट में सलमान खान को जवाब देंगे. उन्होंने सलमान खान की बायोपिक नहीं बनाई है. लीगल केस करने का कोई मतलब नहीं बनता है.

फीस से लेकर शिक्षकों तक का ब्योरा ऑनलाइन करना होगा, पटना में स्कूलों पर सख्ती

 पटना जिले के निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग के वेबसाइट पर सभी आवश्यक जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। इसके लिए अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। जिला शिक्षा कार्यालय को शिकायत मिली है कि कई स्कूल नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। स्कूलों की वेबसाइट से अभिभावकों को पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है। जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से सभी स्कूलों को वेबसाइट पर शिक्षकों की संख्या, उनकी योग्यता, शैक्षणिक संरचना, बुनियादी सुविधा और अन्य आवश्यक जानकारियों को अनिवार्य रूप से अपडेट करने को कहा गया है। यदि कोई स्कूल 30 जून तक अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य जानकारी अपलोड नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सकती है। स्कूलों को फीस स्ट्रक्चर और बसों की संख्या का देना होगा विवरण निजी स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की कुल संख्या और प्रति कक्षा विद्यार्थी के अनुसार शिक्षकों की संख्या का विवरणी वेबसाइट पर अपलोड करना है। इसके साथ ही निर्धारित शिक्षण शुल्क के बारे में भी जानकारी देनी होगी। निजी स्कूलों द्वारा परिवहन का विवरण भी वेबसाइट पर देना होगा। जिसमें स्कूलों में चल रहे वैन या मिनी बस व बड़ी बसों की कुल संख्या साझा करनी है। इसके अलावा निजी स्कूलों बोर्ड से मिली मान्यता और इसकी लेटेस्ट अपडेट भी वेबसाइट पर साझा करना होगा। एक जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा जांच अभियान जिले में संचालित निजी स्कूलों की जांच के लिए जुलाई माह से सघन अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से एक से 31 जुलाई तक विशेष जांच अभियान चलाई जाएगी। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बिहार राज्य के बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली लागू है। अधिकृत अधिकारियों को नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ स्कूली बच्चों की आधार और अपार डिटेल को भी बारीकी से जांच करने को कहा गया है। जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेज दिया गया है।

क्या खत्म होगा फ्री 5G डेटा? टेलीकॉम कंपनियों के बड़े बदलाव के संकेत

भारत में 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो चुका है और करोड़ों यूजर्स अब हाई-स्पीड इंटरनेट का फायदा उठा रहे हैं. लेकिन जल्द ही वह दौर खत्म हो सकता है जब टेलीकॉम कंपनियां अनलिमिटेड 5G डेटा मुफ्त में देती थीं. हालिया इंडस्ट्री रिपोर्ट्स और टेलीकॉम एक्सपर्ट्स की राय से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में 5G डेटा के लिए अलग चार्ज लिया जा सकता है या मौजूदा रिचार्ज प्लान्स में बदलाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में करोड़ों मोबाइल यूजर्स के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब फ्री 5G डेटा की सुविधा बंद होने वाली है? क्यों उठ रही है फ्री 5G डेटा बंद करने की मांग? टेलीकॉम सेक्टर पर नजर रखने वाले फिनांशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय कंपनियां अब भी बड़ी मात्रा में 5G डेटा मुफ्त उपलब्ध करा रही हैं, जबकि नेटवर्क पर ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है. वर्तमान में ज्यादातर कंपनियां रोजाना 2GB या उससे ज्यादा डेटा वाले प्लान्स पर अनलिमिटेड 5G ऐक्सेस देती हैं. इससे यूजर्स को फायदा जरूर मिल रहा है, लेकिन कंपनियों के लिए नेटवर्क निवेश की लागत वसूलना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि 5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश के बाद कंपनियां अब उससे बेहतर कमाई करना चाहती हैं. ऐसे में फ्री डेटा मॉडल लंबे समय तक जारी रहना मुश्किल माना जा रहा है. 5G यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी देश में 5G नेटवर्क की पहुंच बढ़ने के साथ इसका इस्तेमाल भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. बड़ी संख्या में स्मार्टफोन यूजर्स अब 5G नेटवर्क पर शिफ्ट हो चुके हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार कई टेलीकॉम ऑपरेटर्स के आधे से ज्यादा ग्राहक अब 5G सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं. तेज इंटरनेट स्पीड की वजह से वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग, क्लाउड सर्विसेज और वायरलेस ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है. यही वजह है कि प्रति यूजर मासिक डेटा खपत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. क्या रिचार्ज प्लान्स महंगे हो सकते हैं? टेलीकॉम कंपनियों की कमाई बढ़ाने के लिए सबसे बड़ा पैमाना ARPU यानी प्रति ग्राहक औसत राजस्व माना जाता है. कंपनियां लंबे समय से इसे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में 5G डेटा के लिए अलग श्रेणी के प्लान्स पेश किए जा सकते हैं या मौजूदा रिचार्ज पैक्स की कीमतों में बदलाव किया जा सकता है. कुछ रिपोर्ट्स में इस कीमत वृद्धि की वजह पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को बताया जा रहा है. चूंकि मोबाइल टावर चलाने की कुल परिचालन लागत में बिजली और ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक होती है. ऐसे में डीजल की बढ़ती कीमतें टेलीकॉम कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, क्योंकि कई मोबाइल टावरों में बैकअप पावर के लिए अब भी डीजल का इस्तेमाल किया जाता है. इससे नेटवर्क संचालन का खर्च बढ़ने की आशंका है, जिसका असर भविष्य में टेलीकॉम कंपनियों की लागत और रणनीति पर पड़ सकता है. दुनिया के कई देशों में ज्यादा डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है. जबकि भारत में अभी भी बड़ी संख्या में यूजर्स अनलिमिटेड 5G डेटा का लाभ उठा रहे हैं. ऐसे में टेलीकॉम कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मॉडल की तरफ बढ़ सकती हैं. Jio, Airtel और Vi पर क्या होगा असर? अगर फ्री 5G डेटा बंद करने या सीमित करने का फैसला लिया जाता है तो इसका असर सबसे पहले उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो भारी मात्रा में इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं. खासतौर पर वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवाओं पर निर्भर यूजर्स को नए प्लान्स चुनने पड़ सकते हैं. हालांकि फिलहाल किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने आधिकारिक तौर पर फ्री 5G डेटा बंद करने की घोषणा नहीं की है. लेकिन इंडस्ट्री में चल रही चर्चाएं यह संकेत जरूर दे रही हैं कि आने वाले महीनों में रिचार्ज प्लान्स और 5G ऑफर्स में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल ग्राहकों को मौजूदा योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन भविष्य में 5G सेवाओं के लिए अलग कीमत चुकानी पड़े तो हैरानी नहीं होनी चाहिए. टेलीकॉम सेक्टर की अगली बड़ी रणनीति अब इसी दिशा में जाती दिखाई दे रही है.

चोट से वापसी के बाद रोहित शर्मा की असली परीक्षा, अफगानिस्तान सीरीज अहम

धर्मशाला  भारत और अफगानिस्तान के बीच 3 मैच की वनडे सीरीज शुरु होने वाली है। कल यानि 13 जून को धर्मशाला में पहला मुकाबला खेला जाने वाला है। भारतीय क्रिकेट के समर्थक रोहित शर्मा को एक्शन में देखने के लिए उत्सुक हैं। वर्ल्ड कप 2027 का सपना लिए रोहित चोट से वापसी कर रहे हैं। ऐसे में अफगानिस्तान वनडे सीरीज उनकी फॉर्म और फिटनेस का कड़ा इ्म्तेहान होने वाली है। रोहित शर्मा की फिटनेस पर होगी नजरें आईपीएल के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव के कारण कुछ मैच नहीं खेल पाने वाले रोहित शर्मा अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला के लिए समय रहते पूरी तरह से फिट हो गए हैं। आईपीए 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ हिटमैन चोटिल हो गए थे। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में फिटनेस साबित करने के बाद वह एक्शन में नजर आने वाले हैं। भारत अक्टूबर-नवंबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप की तैयारी कर रहा है। ऐसे में इस बात पर संदेह बना हुआ है कि क्या 39 वर्षीय रोहित वनडे विश्व कप तक टीम में बने रहेंगे या नहीं। रोहित शर्मा का फॉर्म में लौटना जरूरी वर्ल्ड कप 2027 की टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए रोहित शर्मा को लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रखना होगा। आईपीएल 2026 के साधारण प्रदर्शन के बाद टीम मैनेजमेंट उन्हें पैनी नजर से देखने वाला है। बता दें कि पिछले सीजन में रोहित ने 9 मैचों की इतनी ही पारियों में 283 रन बनाए थे। इस दौरान वह सिर्फ 2 बार पचास का आंकड़ा पार कर पाए थे। विराट कोहली की गैरमौजूदगी से बढ़ी जिम्मेदारी अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम और दर्शकों को विराट कोहली की कमी खलेगी जो मांसपेशियों में खिंचाव के कारण इस श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रोहित शर्मा पर भी विराट के बाहर होने का दबाव आ सकता है। गिल और रोहित के पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है, जबकि कोहली की अनुपस्थिति में तीसरे नंबर पर ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल में से किसी एक को उतारा जा सकता है। विश्व कप से पहले भारत को लगभग 25 वनडे मैच खेलने हैं, जिससे टीम को खिलाड़ियों और अलग-अलग संयोजन आजमाने का पर्याप्त मौका मिलेगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, श्रेयस अय्यर, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, इशान किशन, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव। अफगानिस्तान: हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), सेदिकुल्लाह अटल, रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), इकराम अलिखिल (विकेटकीपर), अजमतुल्लाह उमरजई, बिलाल सामी, नांगेयालिया खरोती, फरीद अहमद मलिक, एएम ग़ज़नफ़र, मोहम्मद नबी, राशिद खान, दरविश रसूली, इब्राहिम जादरान, जिया उर रहमान शरीफी।  

100 किमी/घंटा की हवाओं ने मचाई तबाही, बरेली में बिजली-पानी सप्लाई ठप

बरेली भीषण गर्मी के बीच यूपी में आंधी-पानी ने कहर बरपाया हुआ है। 100 की स्पीड से चल रही हवाओं ने तबाही मचाई है। अकेले यूपी के बरेली में आंधी से 419 खंभे टूट गए और 23 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। बिगड़े मौसम ने जिले की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह बेपटरी कर दिया। शहर से लेकर गांव तक बिजली की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हालात ऐसे रहे कि बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं कर सके। बिजली संकट का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पेयजल संकट, कारोबार, उद्योग और लोगों की दिनचर्या पर भी गहरा असर पड़ा। आंधी से ग्रामीण क्षेत्रों में 325 बिजली पोल और शहरी क्षेत्रों में 94 पोल क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीण क्षेत्र के 18 और शहर के पांच ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए। पेड़ गिरने से कई जगह हाईटेंशन लाइनें टूट गईं, जिससे पूरे जिले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार देर रात गुल हुई बिजली के कारण गुरुवार सुबह तक शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश हिस्से अंधेरे में डूबे रहे। सुबह 10 बजे के बाद एक-एक कर बिजलीघरों की आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन देर रात तक कई मोहल्लों और गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। बिजली न होने से इनवर्टर जवाब दे गए और मोबाइल फोन बंद होने लगे। गर्मी और उमस के बीच लोगों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ा। पेयजल संकट भी गहरा गया, क्योंकि नगर निगम और जलकल विभाग के ट्यूबवेल बिजली न होने के कारण बंद रहे। 154 पेड़ गिरे, यातायात भी प्रभावित आंधी ने शहर की रफ्तार थाम दी। आंधी के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 154 पेड़ और बड़ी-बड़ी शाखाएं गिर गईं, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हो गया। बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही। हालात सामान्य करने के लिए नगर निगम का पूरा अमला रात से ही सड़कों पर उतर आया और गुरुवार शाम तक राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा। राहत में जुटा प्रशासनिक अमला आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर संसाधन लगाए। नगर निगम की ओर से 150 कर्मचारियों, 8 बुलडोजर, 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 40 छोटे मालवाहक वाहनों और 6 इंजीनियरों की टीम को शहर के चारों जोन में तैनात किया गया। टीमों ने रातभर अभियान चलाकर सड़कों पर गिरे पेड़ों, शाखाओं और मलबे को हटाने का कार्य किया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता उन मार्गों को दी गई, जहां यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। कई इलाकों में पेड़ गिरने से वाहन फंस गए। बिजली निगम और नगर निगम ने साथ मिलकर संभाली कमान आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता लगातार शहर का निरीक्षण करते रहे। अधिकारियों ने विभिन्न प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी की और कर्मचारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए। नगर निगम और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने भी कई स्थानों पर पहुंचकर बिजली लाइनों पर गिरे पेड़ों को हटाया, ताकि विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल की जा सके। हालांकि कई इलाकों में घंटों तक बिजली बाधित रही। आपदा प्रबंधन की खुली पोल मानसून से पहले आई आंधी ने शहर की आपदा प्रबंधन तैयारियों की पोल खोल दी। कई स्थानों पर पुराने और जर्जर पेड़ गिरने से लोगों में दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कमजोर पेड़ों की छंटाई और सर्वे किया जाता तो कई घटनाओं को रोका जा सकता था। अब नगर निगम ऐसे पेड़ों की सूची तैयार करने में जुट गया है, जो भविष्य में खतरा बन सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि संभावित खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उनकी छंटाई और हटाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि मानसून के दौरान किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। नगर आय़ुक्त संजीव कुमार मौर्य के अनुसार आंधी के तुरंत बाद सभी जोन में टीमें सक्रिय कर दी गई थीं। प्राथमिकता सड़कें खुलवाने और जनसुविधाएं बहाल करने की रही। अधिकांश मार्गों को साफ करा दिया गया है और शेष स्थानों पर भी कार्य जारी है।

यूपी में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा, पहली बार हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू

नोएडा सीएम योगी ने शुक्रवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथारिटी को नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी। इसके साथ ही पहली बार यूपी में हाइड्रोजन बसों के संचालन का भी शुभारंभ हुआ है। यमुना अथारिटी में तीन हाईड्रोजन बसें चलेंगी। सीएम योगी ने लखनऊ स्थित अपने आवास से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें 45 बसें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथारिटी में चलेंगी। इन बसों के चलने से जेवर एयरपोर्ट जाना-आना आसान हो जाएगा। सीएम योगी ने हाईड्रोजन बसों के बारे बताते हुए कहा कि तीन हाईड्रोजन बसें यमुना अथारिटी को एनटीपीसी ने उपलब्ध कराया है। कहा कि अब ग्रीन हाईड्रोजन मोबिलिटी नई धारणा बन चुकी है। एक प्रक्रिया के बाद पानी से हाईड्रोजन निकालकर इन बसों का संचालन होगा। पानी में दो हाईड्रोजन और एक ऑक्सीजन होता है। पानी से इन दोनों को अलग किया जाएगा। पानी भी ग्राउंड वाटर या सरफेस वाटर नहीं बल्कि सीवर का लिया जाएगा। सीवर के पानी को ट्रीटमेंट करके इस्तेमाल किया जाएगा। इसी पानी में से ऑक्सीजन को निकालकर वायुमंडल में भेजा जाएगा और हाईड्रोजन को कंप्रेस करके सिलेंडर में भरकर बसों को चलाया जाएगा। इन बसों का संचालन जेवर एयरपोर्ट के पास होने जा रहा है। इससे वहां पर वायु प्रदूषण भी कम होगा। जहरीले वातारण से समाज को बचाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि 15 जून से नोएडा में सबसे बड़ा एयरपोर्ट शुरू हो रहा है। तब तक बसों की संख्या 110 कर दी जाएगी। आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी। जिले के तीनों प्राधिकरण एरिया में पर्यावरण को बेहतर बनाए रखने के लिए इन इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई है। एयरपोर्ट तक मेट्रो शुरू होने तक बसें लोगों की राह आसान करेंगी। आने वाले समय में मेट्रो भी एयरपोर्ट तक जाएगी। पिछली सरकारों पर हमला शुभारंभ के मौके पर सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में टूटी सड़कों और अराजकता का माहौल था। लोगों के सामने पहचान तक का संकट था। यहां पर लोग निवेश से घबराते थे। आज वर्ल्ड क्लास कनेक्टिविटी के कारण विकास को रफ्तार मिली हुई है। डबल इंजन की सरकार में 4 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क बनकर है। यूपी के पास आज सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से लंका से अयोध्या आए थे लेकिन एयरपोर्ट के लिए वहां के लोग तरस रहे थे।आजादी के इतने साल बाद तक अयोध्या अपमानित हो रही थी। आज वहां पर महर्षि वाल्मिकी के नाम पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।

फुटपाथ, डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट से सुसज्जित होंगी प्रदेश की प्रमुख सड़कें

 पानीपत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने चार प्रमुख नेशनल और स्टेट हाईवे को माडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में पानीपत से सफीदों, जींद व भिवानी रोड, गोहाना से खानपुर कलां रोड (सोनीपत), घरौंडा से फुरलक रोड (करनाल) व ओल्ड बाईपास रोड (कैथल) को शामिल किया है। यह पहल प्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ यातायात सुरक्षा को भी बढ़ावा देगी। पीडब्ल्यूडी ने संबंधित मार्गों परहाई टेंशन (एचटी) और लो टेंशन (एलटी) बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के संबंध में बिजली निगम को पत्र भेजे हैं। मॉडल रोड परियोजना के तहत सभी चयनित सड़कों के दोनों ओर व्यवस्थित फुटपाथ बनाए जाएंगे। इसके अलावा सड़क के बीचों-बीच आकर्षक डिवाइडर तैयार किए जाएंगे, जिन पर फूलों और सजावटी पौधों का रोपण किया जाएगा। सुरक्षा पर विशेष ध्यान रात्रि में बेहतर रोशनी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। वहीं, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट और मानक के अनुरूप जेबरा क्रासिंग बनाई जाएंगी। पानीपत पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सवित पानु ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस इन मार्गों पर यात्रा अधिक आरामदायक होगी। साथ ही शहरों व कस्बों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।     बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के लिए कई तरह की औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। ये औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शिफ्टिंग के कार्य तेजी से पूरे किए जाएंगे। -आदित्य कुंडू, एक्सईएन, बिजली निगम, पानीपत।  

टेनिस में बड़ा बदलाव: विंबलडन का प्राइज मनी बढ़ा, खिलाड़ियों की हिस्सेदारी पर बहस तेज

लंदन  खिलाड़ियों की राजस्व में अधिक हिस्सेदारी की मांग के बीच विंबलडन ने गुरुवार को कुल इनामी राशि में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया। अगले महीने होने वाले इस ग्रास कोर्ट ग्रैंडस्लैम टेनिस टूर्नामेंट के एकल चैंपियन को अब 48 लाख डॉलर (करीब 46 करोड़ रुपये) मिलेंगे। वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन 29 जून से 12 जुलाई तक खेला जाएगा। ऑल इंग्लैंड क्लब की अध्यक्ष डेबोरा जेवंस ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि खिलाड़ियों के रोजाना भत्ते सहित कुल इनामी राशि 8.58 करोड़ डॉलर (करीब 821 करोड़ रुपये) होगी, जो अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। जेवंस ने कहा कि मुझे आशा है कि खिलाड़ी इसका स्वागत करेंगे। दरअसल, खिलाड़ी लंबे समय से चार ग्रैंडस्लैम से होने वाली कमाई में अधिक हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं और हाल ही में उन्होंने सामूहिक कार्रवाई की दिशा में कदम उठाना शुरू किया है। फ्रेंच ओपन से पहले दुनिया की नंबर एक महिला खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो खिलाड़ियों को किसी ना किसी स्तर पर बहिष्कार करना चाहिए। पुरुषों के नंबर एक खिलाड़ी जानिक सिनर, कोको गफ और अन्य खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। इसके बाद रोलां गैरो पर टूर्नामेंट से पहले हुई प्रेस कांफ्रेंस में शीर्ष 10 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से होने वाली कमाई में अपने हिस्से को लेकर सांकेतिक विरोध जताते हुए पत्रकारों के साथ अपने सत्र को 15 मिनट तक ही सीमित रखा। एक साल से कुछ अधिक समय पहले 20 प्रमुख खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंडस्लैम के प्रमुखों को एक पत्र भेजा था जिसमें अधिक इनामी राशि और फैसले लेने की प्रक्रिया में अपनी अधिक भागीदारी की मांग की गई थी। ग्रैंडस्लैम में कितनी इनामी राशि (सिंगल्स विजेता)     आस्ट्रेलियन ओपन : 25 करोड़ रुपये     फ्रेंच ओपन : 30 करोड़ रुपये     विंबलडन : 46 करोड़ रुपये     यूएस ओपन : 44 करोड़ रुपये  

Motorola Edge 70 Pro+ Review: 50MP कैमरा और 6500mAh बैटरी के साथ आया पावरफुल ऑलराउंडर फोन

Motorola ने अपने नये मॉडल Motorola Edge 70 Pro+ में सिर्फ बड़े-बड़े स्पेसिफिकेशन्स देने पर फोकस नहीं किया है, बल्कि इसे एक ऐसा ऑलराउंडर स्मार्टफोन बनाने की कोशिश की है जो नॉर्मल इस्तेमाल से लेकर मल्टीमीडिया और फोटोग्राफी तक हर चीज में अच्छा एक्सपीरियंस दे. आकर्षक डिजाइन, बेहतरीन डिस्प्ले और दमदार हार्डवेयर के साथ यह फोन अपने प्राइस सेगमेंट में मजबूत दावेदारी पेश करता नजर आ रहा है. आइए जानते हैं इसके बारे में. Motorola Edge 70 Pro+ Review: डिजाइन Motorola Edge 70 Pro+ की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रीमियम डिजाइन है. फोन का Satin-Luxe फिनिश लुक देता है, जबकि इसका डीप रेड कलर इसे भीड़ से अलग पहचान देता है. खास बात यह है कि फोन में बड़ी 6500mAh बैटरी होने के बावजूद इसकी थिकनेस सिर्फ 7.19mm है. क्वाड-कर्व्ड डिजाइन और पतले बॉडी प्रोफाइल की वजह से यह फोन देखने में काफी आकर्षक लगता है. Motorola Edge 70 Pro+ Review: डिस्प्ले फोन में 6.8 इंच का क्वाड-कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 1.5K रेजोल्यूशन, 144Hz रिफ्रेश रेट और 5200 निट्स पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है. स्क्रीन पर वीडियो, गेम्स और सोशल मीडिया कंटेंट काफी शार्प और कलरफुल दिखाई देंगे. अककगी पीक ब्राइटनेस के कारण तेज धूप में भी डिस्प्ले अच्छे से दिखाई देगी. वहीं फोन में दिए गए स्टीरियो स्पीकर्स मल्टीमीडिया एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं. Motorola Edge 70 Pro+ Review: कैमरा फोटोग्राफी के लिए फोन में तीन 50MP रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. खास बात यह है कि इसमें 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस भी मौजूद है, जो 3.5x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करता है. सेल्फी के लिए भी 50MP का ऑटोफोकस कैमरा दिया गया है. इस कीमत के स्मार्टफोन्स में इतनी हाई-रिजोल्यूशन सेल्फी कैमरा और पेरिस्कोप लेंस कम ही देखने को मिलता है. Motorola Edge 70 Pro+ Review: परफॉर्मेंस Motorola Edge 70 Pro+ में MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर दिया गया है. यह 12GB LPDDR5X RAM और 256GB UFS 4.1 स्टोरेज को सपोर्ट करता है. फोन गेमिंग, मल्टीटास्किंग और भारी ऐप्स को आसानी से संभाल सकता है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में सोशल मीडिया, मल्टीटास्किंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान फोन बिना किसी लैग के काम करेंगे. Motorola Edge 70 Pro+ Review: सॉफ्टवेयर मॉडल Android 16 पर बेस्ड Hello UI पर काम करेगा. साथ ही कंपनी की ओर से तीन बड़े Android अपडेट्स 5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा किया गया है. इसमें Moto AI, Circle to Search, Gemini इंटीग्रेशन और कैमरा व नोट्स से जुड़े कुछ काम के फीचर्स मिलते हैं, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल को आसान बनाते हैं. Motorola Edge 70 Pro+ Review: बैटरी और चार्जिंग Motorola Edge 70 Pro+ में 6500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है. फोन नॉर्मल इस्तेमाल में अच्छा खासा बैकअप देता है. खरीदें या नहीं? करीब 48,000 रुपये की कीमत में Motorola Edge 70 Pro+ एक बेहद बैलेंस्ड स्मार्टफोन दिखाई देता है. जहां इस प्राइस रेंज में कई फोन सिर्फ कैमरा या परफॉर्मेंस पर फोकस करते हैं, वहीं Motorola ने एक ऐसा पैकेज पेश करने की कोशिश की है, जो लगभग हर फीचर्स में मजबूत है. ऐसे में अगर आपको 50 हजार से कम में ऐसा ऑलराउंडर प्रीमियम बजट स्मार्टफोन चाहिए, जिसमें बड़ी बैटरी स्मूद डिस्प्ले, बढ़िए डिजाइन और फास्ट परफॉर्मेंस हो तो फिर मोटोरोला का यह स्मार्टफोन आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है.