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कायस्थ समाज की अनूठी पहल: बच्चों ने संभाली आयोजन की कमान, मेधावी प्रतिभाओं को मिला सम्मान

बाल कायस्थ प्रतिभाओं ने संभाली आयोजन की कमान, 33 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की अभिनव पहल, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रतिभा सहित विशिष्ट सम्मान प्रदान भोपाल  अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, मध्य भारत प्रदेश एवं जिला भोपाल इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "कायस्थ प्रतिभा सम्मान समारोह एवं चित्रांश पारिवारिक मासिक बैठक" समाज की प्रतिभाओं, संस्कारों और संगठनात्मक शक्ति का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा, संचालन एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी समाज के युवा बच्चों ने संभाली। अधिकांश बच्चे विद्यालयी स्तर के विद्यार्थी थे, जिन्होंने अपने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और संगठन कौशल से सभी को प्रभावित किया। यह पहल वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश शासन के मंत्री माननीय विश्वास कैलाश सारंग की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसमें बच्चों को केवल दर्शक नहीं बल्कि समाज के भविष्य के नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करने पर बल दिया गया है। इसी भावना को मूर्त रूप देते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपूर्ण कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं द्वारा संचालित कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विश्वास कैलाश सारंग तथा विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अजातशत्रु श्रीवास्तव थे। भगवान चित्रगुप्त के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अपने संबोधन में विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि "जो समाज अपनी प्रतिभाओं का सम्मान करता है, वही समाज भविष्य में नेतृत्व करता है।" उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा समाज को संगठित एवं प्रगतिशील बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि अजातशत्रु श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने बच्चों से उच्च प्रशासनिक, तकनीकी एवं राष्ट्रीय स्तर के पदों तक पहुंचने का संकल्प लेने का आग्रह किया। राष्ट्रीय महामंत्री अजय श्रीवास्तव ने वीडियो संदेश के माध्यम से प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा एवं उत्कृष्टता की भावना विकसित करते हैं और ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा केवल एक संगठन नहीं बल्कि एक सशक्त सामाजिक परिवार है। उन्होंने मासिक चित्रांश पारिवारिक बैठकों की अवधारणा, सामाजिक एकता, युवा सहभागिता, महिला सशक्तिकरण, धार्मिक यात्राओं, गरबा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि समाज का विकास केवल आर्थिक प्रगति से नहीं बल्कि संस्कार, संगठन और शिक्षा से होता है। उन्होंने सभी परिवारों से समाजहित में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 33 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। समारोह में केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय एवं विशिष्ट उपलब्धियों को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने वाली कुमारी पूजा सिंह को "विशिष्ट कायस्थ सम्मान" से सम्मानित किया गया। वहीं कुमारी पायल सक्सेना को राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि एवं सुरक्षा अध्ययन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए "विशिष्ट कायस्थ सम्मान" प्रदान किया गया। स्मृति पुरस्कारों ने समारोह को बनाया भावनात्मक और प्रेरणादायी समारोह में समाज के दिवंगत वरिष्ठजनों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न स्मृति पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कक्षा 12वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी अदिति श्रीवास्तव को स्वर्गीय सोमेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ की पुण्य स्मृति में ₹3100 की सम्मान राशि सौरभ भावना कुलश्रेष्ठ द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 12वीं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी तान्या श्रीवास्तव तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिवांश सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती फूलमती देवी प्रधान एवं श्यामाचरण प्रधान की स्मृति में दो बच्चों के समान अंक होने की वजह  से एक समान राशि ₹1100-₹1100 की सम्मान राशि अभय वंदना प्रधान द्वारा प्रदान की गई। कक्षा 12वीं में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कृतार्थ श्रीवास्तव को स्वर्गीय श्रीमती सरजू देवी सक्सेना की स्मृति में ₹1100 की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिनेश सविता सक्सेना प्रदान किया गया। कक्षा 10वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी अनिका सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती शांति देवी श्रीवास्तव की पुण्य स्मृति में ₹3100 की सम्मान राशि सुनील अनुराधा ‌श्रीवास्तव द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 10वीं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी नम्रता सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती कमलेश प्रधान एवं प्रेमचरण प्रधान की स्मृति में ₹2100 की सम्मान राशि अभय वंदना प्रधान द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 10वीं में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी लेविता सक्सेना को स्वर्गीय माधव प्रसाद सक्सेना स्मृति शैक्षणिक उत्कृष्टता सम्मान के अंतर्गत ₹1100 की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिनेश सविता सक्सेना द्वारा प्रदान किया गया। जिला अध्यक्ष महेंद्र श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में समाज सेवा एवं संगठनात्मक योगदान के लिए विभिन्न पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में सौरभ कुलश्रेष्ठ (संयोजक), अमोल सक्सेना, व्योम खरे, अभय प्रधान, दिवाकर श्रीवास्तव, राजकुमार श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव, चंद्रेश सक्सेना, मीना श्रीवास्तव, धर्मेश खरे, सहित समस्त युवा टीम एवं पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि शिक्षा, संस्कार, सेवा और संगठन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार किया जाएगा। "प्रतिभा का सम्मान ही समाज का सम्मान है, और संस्कारित युवा ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं।" इस अवसर पर सारंग ने कहा कि मैं सभी प्रतिभाशाली बच्चों को बधाई देता हूं और यह कामना करता हूं कि आप सभी बच्चे अपने जीवन में स्वामी विवेकानंद जी व डा राजेन्द्र प्रसाद जी के आदर्शों को बेहतर शिक्षा के साथ उच्चतम संस्कारों के  साथ आत्मसात कर सदैव सफलता के कीर्तिमान स्थापित करें और सदैव सभी को यथासंभव सहयोग भी प्रदान करें। अजातशत्रु श्रीवास्तव ने कहा कि आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन प्राथमिकता आपको तय करना है। मैं आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। कार्यक्रम में अजय श्रीवास्तव नीलू, सुनील श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव,   आरती सारंग, अभय प्रधान, अवंतिका सीजेपी व्यौहार, दिनेश सक्सेना, चन्द्रेश सक्सेना, अनिल श्रीवास्तव, डीके श्रीवास्तव, के के भावना … Read more

गिल-राहुल के शतकों के बाद भारतीय गेंदबाजों का जलवा, अफगानिस्तान के 9 विकेट गिरे

मुल्लांपुर मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस टेस्ट मैच का आज (8 जून) तीसरा दिन है. अफगानी टीम अपनी पहली पारी में बैटिंग कर रही है और उस पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है. अफगानिस्तान के 9 विकेट गिर चुके हैं. भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था. पहली पारी में अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे दिन के ही खेल में अफगानिस्तान ने पांच विकेट गंवा दिए. अब्दुल मलिक (16 रन), रहमानुल्लाह गुरबाज (17 रन) और अफसर जजई (3 रन) के विकेट स्पिनर मानव सुथार ने झटके. सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17 रन) और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20 रन) को पवेलियन रवाना कर दिया. रहमत शाह ने शानदार बैटिंग कर अफगानी इनिंग्स को संभालने का प्रयास किया. तीसरे दिन के खेल में भारतीय टीम को प्रसिद्ध कृष्णा ने जल्द ही कामयाबी दिलाई और उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई को बोल्ड किया. रहमत शाह की शानदार बैटिंग जारी रही और वो भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 50 या उससे ज्यादा की इनिंग्स खेलने वाले पहले अफगानी बल्लेबाज बने. शराफुद्दीन अशरफ ने रहमत का साथ देने की कोशिश की, लेकिन मानव सुथार ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया. अफगानिस्तान की पहली पारी का स्कोरकार्ड: बल्लेबाज                                 विकेट                                                रन अब्दुल मलिक                      कॉट मोहम्मद सिराज, बोल्ड मानव सुथार         16 सेदिकुल्लाह अटल                 बोल्ड प्रसिद्ध कृष्णा                                      17 रहमानुल्लाह गुरबाज              कॉट साई सुदर्शन, बोल्ड मानव सुथार                 12 रहमत शाह                           बोल्ड मानव सुथार                                       60 हशमतुल्लाह शाहिदी               LBW प्रसिद्ध कृष्णा                                        20 अफसर जजई                        कॉट एंड बोल्ड मानव सुथार                              3 अजमतुल्लाह उमरजई              बोल्ड प्रसिद्ध कृष्णा                                         0 शराफुद्दीन अशरफ                    कॉट ऋषभ पंत, बोल्ड मानव सुथार                    11 नांगेयालिया खरोटी                     नाबाद      विकेट पतन: 28-1 (अब्दुल मलिक, 5.4 ओवर), 40-2 (सेदिकुल्लाह अटल, 8.4 ओवर), 62-3 (रहमानुल्लाह गुरबाज, 19.2 ओवर), 98-4 (हशमतुल्लाह शाहिदी, 32.2 ओवर), 113-5 (अफसर जजई, 39.5 ओवर), 118-6 (अजमतुल्लाह उमरजई, 44.2 ओवर), 142-7 (शराफुद्दीन अशरफ, 55.1 ओवर) भारत की पहली पारी में शुभमन-राहुल के शतक भारतीय टीम के लिए पहली पारी में कप्तन शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने शतक जड़े. शुभमन ने 15 चौके और एक छक्के की सहायता से 177 गेंदों पर 126 रन बनाए. शुभमन के टेस्ट करियर की ये 11वीं सेंचुरी रही. वहीं केएल राहुल ने 11 चौके की मदद से 165 बॉल पर 100 रनों का योगदान दिया. राहुल के टेस्ट करियर का ये 12वां शतक रहा. साई सुदर्शन (81), ऋषभ पंत (81 रन) और वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 52 रन) भी अर्धशतक जड़ने में कामयाब रहे. अफगानिस्तान की ओर से तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम सफी ने सबसे ज्यादा 6 विकेट झटके. भारत की पहली पारी का स्कोरकार्ड: (564/8 d, 127 ओवर) बल्लेबाज                         विकेट                                                        रन यशस्वी जायसवाल     कॉट अफसर जजई, बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी              24 केएल राहुल              कॉट रहमानुल्लाह गुरबाज, बोल्ड जियाउर रहमान           100 साई सुदर्शन             कॉट अफसर जजई, बोल्ड सलीम सफी                           81 शुभमन गिल            कॉट अफसर जजई, बोल्ड सलीम सफी                            126 ऋषभ पंत                कॉट अजमतुल्लाह उमरजई, बोल्ड हशमतुल्लाह शाहिदी        81 ध्रुव जुरेल                बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी                                          19 वॉशिंगटन सुंदर           नाबाद                                                                    52* मानव सुथार            कॉट अफसर जजई, बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी                    28 मोहम्मद सिराज       बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी                                              22 कुलदीप यादव            नाबाद                                                                       9* विकेट पतन: 41-1 (यशस्वी जायसवाल, 11.6 ओवर), 180-2 (साई सुदर्शन, 42.4 ओवर), 247-3 (केएल राहुल, 60.2 ओवर), 416-4 (शुभमन गिल, 95.5 ओवर), 452-5 (ध्रुव जुरेल, 101.5 ओवर), 456-6 (ऋषभ पंत, 102.4 ओवर), 510-7 (मानव सुथार, 116.5 ओवर), 540-8 (मोहम्मद सिराज, 120.4 ओवर) मुकाबले में भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा. मुकाबले में अफगानिस्तान की प्लेइंग … Read more

धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र बनाने की योजना, अमरोहा में बड़े प्रोजेक्ट पर तैयारी

 अमरोहा प्रदेश सरकार पर्यटन के विकास पर अधिक जोर दे रही है। उसके द्वारा धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद के सात धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव प्रशासन ने विधानसभा वार तैयार किया है। 2225 लाख से उनकी तस्वीर को बदला जाएगा। इस बार एक गुरुद्वारा को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। सभी के प्रस्ताव मंजूरी के लिए पर्यटन विभाग को भिजवा दिए गए हैं। उसकी मंजूरी मिलने और शासन से धनराशि आवंटित होने के बाद धार्मिक स्थलों पर कार्य शुरू किया जाएगा। धार्मिक स्थलों के प्रति पर्यटक आकर्षित हों और प्रदेश की आय में बढ़ोतरी हो, इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद के मुख्य धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने का कार्य चल रहा है। राज्य योजना अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग हर वित्तीय वर्ष में जिला प्रशासन से धार्मिक स्थलों के प्रस्ताव मांगता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में विधानसभा वार सात धार्मिक स्थलों का प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजा गया है। इसमें नौगावां सादात विस क्षेत्र में स्थित वारसपुर कलां का शिव मंदिर, गुरुकुल कन्या चोटीपुरा का वेद मंदिर, खजूरी गांव में स्थित बाबा बालक राम मंदिर, गुरुद्वारा सिंह सभा गुरुनानक दरबार खंडसाल कलां, हसनपुर विस क्षेत्र के ग्राम ढबारसी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर, ग्राम बिजनौरा स्थित शिव मंदिर व अमरोहा में वासुदेव मंदिर पर लाइट एवं साउंड शो के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। जिन पर करीब 2225 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्ष 2025-26 में तीन परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी पर्यटन विभाग की राज्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 283.27 लाख की तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। इसमें नाैगावां विस क्षेत्र में बाबा लालचंद्र मंदिर जकड़ी, अमरोहा विस क्षेत्र के गांव रेहरा में प्रज्ञा बुद्ध बिहार, हसनपुर में चामुंडा देवी मंदिर शामिल हैं। वर्ष 2023-24 में चार परियोजनाएं हुई थी मंजूर वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य योजनांतर्गत चार परियोजनाएं मंजूर हुई थी। इनमें हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित शिव मंदिर ग्राम फूलपुर बीझलपुर, नौगावां सादात विधानसभा क्षेत्र में शिव मंदिर मेला स्थल गांव गजस्थल, अमरोहा विस क्षेत्र में वासुदेव मंदिर व मंडी धनौरा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पत्थरकुटी शामिल हैं। जिन पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए 445.93 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वर्ष 2024-25 में दो ही परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी राज्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जनपद में 139.80 लाख रुपये की दो ही परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। जिसमें हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में मोहल्ला हाेलीवाला स्थित शिवाला मंदिर परिसर, नौगावां सादात विस क्षेत्र में स्थित ग्राम बहलोलपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर शामिल हैं। धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए पर्यटन विभाग को भेजे गए हैं। जिनकी मंजूरी और धनराशि मिलने के बाद उनके विकास का कार्य कराया जाएगा।   अश्वनी कुमार मिश्र, सीडीओ  

रूस-चीन रक्षा साझेदारी मजबूत, एयर डिफेंस यूनिट विजिट से नई हलचल

मॉस्को रूस और चीन के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों ने भारत की चिंता को बढ़ा दिया है। रूसी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की एक निरीक्षण टीम ने रूस के पूर्वी सैन्य जिले में कई ठिकानों का दौरा किया। इसमें सुदूर-पूर्वी ज्यूइश ऑटोनॉमस रीजन में मौजूद एयर डिफेंस मिसाइल यूनिट भी शामिल थी। यह दौरा यह दौरा दशकों पुराने 'भरोसा बढ़ाने वाले तंत्र' के तहत किया गया। इसी दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीन और रूस को कुदरती सहयोगी और पार्टनर बताया और जोर दिया कि उनके बीच बढ़ता सैन्य सहयोग किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ नहीं है। रूसी समाचार एजेंसी TASS ने जिला कमांड के प्रेस ऑफिस का हवाला देते हुए बताया कि 2-3 जून को PLA का यह निरीक्षण दौरा चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के बीच हुए समझौतों के तहत एक सामान्य जांच प्रक्रिया थी। सीमावर्ती इलाकों में सैन्य क्षेत्र में भरोसा बढ़ाने पर 1996 का समझौता और सीमावर्ती इलाकों में सैन्य बलों में आपसी कटौती पर 1997 का समझौता उस कूटनीतिक ढांचे का हिस्सा थे, जो बाद में 'शंघाई फाइव' तंत्र और अंततः चीन और रूस के नेतृत्व वाले 'शंघाई सहयोग संगठन' (SCO) ब्लॉक में बदल गया। रूस ने चीनी सेना को मिलिट्री बेस का दौरा क्यों कराया? रूसी पक्ष ने PLA के इस दौरे को इस बात का सबूत बताया कि तीन दशक पहले बनाए गए तंत्र आज भी असरदार और प्रासंगिक हैं। TASS ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "निरीक्षण के दौरान, चीनी प्रतिनिधिमंडल ने पुष्टि की कि रूसी संघ ने अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पूरी तरह से निभाया है और चीन के साथ समझौतों के तहत स्थापित निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता की तारीफ की।" चीनी सेना ने रूस की तारीफ की रूसी समाचार वेबसाइट इजवेस्टिया के अनुसार, चीनी टीम का नेतृत्व कर रहे सीनियर कर्नल लियू जिन्सॉन्ग ने कंट्रोल सिस्टम की पारदर्शिता और संगठन व लॉजिस्टिक्स के मामले में मिले सहयोग की तारीफ की। लियू ने कहा, "दोनों पक्षों के रणनीतिक नेतृत्व में… हम आपसी समझ बनाएंगे और दोनों देशों के बीच दोस्ती को और मजबूत करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा, "और खासकर इन पांच देशों के बीच हुए समझौते के दायरे में, हम इस क्षेत्र का विकास करना जारी रखेंगे और अपने आपसी फायदे वाले सहयोग को और मजबूत करेंगे।" रूसी प्रेस रिपोर्टों के अनुसार, चीनी प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सैन्य जिले में 'इटरनल फ्लेम मेमोरियल कॉम्प्लेक्स' पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। हम स्वाभाविक सहयोगी और साझेदार हैं। हम पड़ोसी हैं। पड़ोसी चुने नहीं जाते। हम बस चीन के साथ काम करते हैं और दोस्त हैं – किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि एक-दूसरे के हितों के लिए। रूस ने एयर डिफेंस यूनिट की जानकारी छिपाई लेकिन मीडिया रिपोर्टों में इस दौरे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई, जिसमें शामिल विशिष्ट एयर-डिफेंस यूनिट के बारे में भी कोई ब्योरा नहीं था। 1996 और 1997 के समझौते, चीन और सोवियत संघ के बीच दशकों तक चली सीमा पर तनाव और 1969 में उत्तर-पूर्वी चीन के हेइलोंगजियांग प्रांत में उसुरी नदी के पास हुई सशस्त्र झड़पों के बाद हुए थे। उस समय परमाणु शक्ति संपन्न ये पड़ोसी देश एक-दूसरे को गहरे शक की नजर से देखते थे – यह स्थिति 1990 के दशक की शुरुआत तक बनी रही। रूस-चीन सैन्य सहयोग उच्चतम स्तर पर पिछले दशक में, चीन और रूस ने नियमित संयुक्त अभ्यास, प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक बॉम्बर गश्त, कई क्षेत्रों में नौसैनिक अभ्यास और सेनाओं के बीच लगातार बेहतर होते आदान-प्रदान के जरिए अपने रक्षा सहयोग का विस्तार किया है। पुतिन ने 20 मई को चीन की 25वीं आधिकारिक यात्रा के दौरान बीजिंगमें कहा कि चीन के साथ संबंध "अभूतपूर्व उच्च स्तर" पर पहुंच गए हैं। गुरुवार को सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान बोलते हुए, रूसी नेता ने उन सुझावों को खारिज कर दिया कि उन्होंने यूक्रेन युद्ध के बाद चीन के प्रति "कोई यू-टर्न" लिया है। उन्होंने कहा, "हम स्वाभाविक सहयोगी और साझेदार हैं। हम पड़ोसी हैं। पड़ोसी चुने नहीं जाते।" रूस-चीन दोस्ती से भारत को कैसे खतरा? भारत सैन्य साजोसामान के लिए लंबे समय से रूस पर निर्भर है। आज भी भारतीय सेना के लगभग 50% से 90% सैन्य उपकरण और हथियार रूस (या पूर्व सोवियत संघ) से आते हैं। यह रूसी साजोसामान भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना की रीढ़ हैं। एयर डिफेंस के मामले में भी भारत बहुत हद तक रूसी सिस्टमों का इस्तेमाल करता है। इनमें अत्याधुनिक S-400 मिसाइल सिस्टम से लेकर इगला-एस MANPADS, कुब (KUB) और पेचोरा (Pechora) एयर डिफेंस सिस्टम प्रमुख हैं। ऐसे में इन सिस्टमों तक चीन की पहुंच भारत के लिए खतरे की बात है। चीन इस डिफेंस सिस्टम की कमजोरियों का पता लगा सकता है। इसके अलावा चीन के साथ संघर्ष की स्थिति में रूस खुद को तटस्थ बना सकता है, जिससे भारत के लिए जरूरी सैन्य साजोसामान की आपूर्ति में समस्या आ सकती है।  

वैष्णो देवी दर्शन के लिए IRCTC का बजट टूर पैकेज, होटल और भोजन शामिल

नई दिल्ली हर साल लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा आते हैं। यदि आप भी माता रानी के मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं, तो भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) आपके लिए एक शानदार और किफायती टूर पैकेज लेकर आया है। इस पैकेज की सबसे खास बात यह है कि तीन लोगों के लिए मात्र ₹8,500 के बजट में भी आपको प्रीमियम सुविधाएं मिलेंगी। राजधानी एक्सप्रेस से आरामदायक सफर IRCTC के इस "माता वैष्णोदेवी" पैकेज के तहत, तीर्थयात्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से जम्मू तक ट्रेन नंबर 12425/12426 नई दिल्ली-जम्मू तवी राजधानी एक्सप्रेस से यात्रा करेंगे। यह ट्रेन यात्रा बेहद आरामदायक होगी क्योंकि यात्रियों के पास एसी 3-टियर या एसी 2-टियर में यात्रा करने का विकल्प होगा। यह पैकेज विशेष रूप से वीकेंड के लिए है यानी अब आप अगले वीकेंड के अभी से प्लान कर सकते हैं। यह ट्रेन नई दिल्ली से हर शुक्रवार और शनिवार को है। ट्रेन रात 8:40 बजे रवाना होगी। कटरा में AC होटल और भोजन की व्यवस्था पैकेज की कीमत में केवल ट्रेन टिकट ही शामिल नहीं है, बल्कि कटरा पहुँचने पर यात्रियों के रहने और खाने का पूरा प्रबंध IRCTC द्वारा किया जाएगा। माता के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को कटरा में एसी होटल (ताज विवंता या समकक्ष) में ठहराया जाएगा। भोजन की बात करें तो, पैकेज में एपीएआई (APAI) प्लान शामिल है, जिसका मतलब है कि आपको नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना (फिक्स्ड मेनू पर) मिलेगा। इसके अलावा, राजधानी एक्सप्रेस में ऑन-बोर्ड कैटरिंग की सुविधा भी पैकेज का हिस्सा है। इस पैकेज में न केवल ट्रेन टिकट शामिल है, बल्कि कटरा पहुंचने पर यात्रियों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था IRCTC ने की है। माता के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को कटरा में एक एसी होटल (ताज विवांता या समकक्ष) में ठहराया जाएगा। भोजन के संबंध में, पैकेज में APAI योजना शामिल है। यानी आपको नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना (एक निश्चित मेनू के अनुसार) मिलेगा। इसके अतिरिक्त, राजधानी एक्सप्रेस में ऑन-बोर्ड कैटरिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। किराया और टूर प्लान यदि आप तीन लोगों के साथ यात्रा कर रहे हैं (ट्रिपल ऑक्यूपेंसी), तो 3AC क्लास में किराया मात्र ₹8,420 प्रति व्यक्ति है। डबल ऑक्यूपेंसी के लिए यह ₹10,005 और सिंगल ऑक्यूपेंसी के लिए ₹13,815 प्रति व्यक्ति है। 5-11 वर्ष के बच्चों के लिए बेड सहित किराया ₹7,465 है। 2AC क्लास में दरें थोड़ी अधिक हैं। 5 से 11 वर्ष की आयु के बच्चों को पूरी बर्थ/सीट आवंटित की जा रही है। अतः, संशोधित नियमों के अनुसार पूरा वयस्क किराया लागू होगा। यह पूरा टूर 3 रात और 4 दिन का है। दिल्ली से जम्मू पहुंचने के बाद, यात्रियों को नॉन-एसी साझा वाहनों में कटरा ले जाया जाएगा। रास्ते में सरस्वती धाम से यात्रा पर्ची प्राप्त की जाएगी। होटल में चेक-इन और नाश्ते के बाद, यात्रियों को बाणगंगा में छोड़ा जाएगा, जहां से वे ट्रेकिंग शुरू कर सकते हैं। अगले दिन, वापसी यात्रा में, उन्हें जम्मू में कंद कंदोली मंदिर, रघुनाथजी मंदिर और बाग-ए-बहू उद्यान के दर्शन का अवसर भी मिलेगा। महत्वपूर्ण बातें माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर तीर्थयात्रियों के लिए ऑनलाइन यात्रा पंजीकरण (आरएफआईडी कार्ड के लिए) करना अनिवार्य है। जम्मू और कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर सकते हैं, इसलिए पोस्टपेड नंबर साथ रखना उचित होगा। इस पैकेज में वीआईपी दर्शन या प्राथमिकता प्रवेश शामिल नहीं है। ट्रेन के समय में बदलाव हो सकता है, इसलिए यात्रा से पहले पुष्टि कर लें।  

मॉनसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, कई राज्यों में तेज हवाओं की चेतावनी

नई दिल्ली दिनभर भीषण गर्मी के बाद कई दिनों से शाम के समय आंधी-तूफान और बारिश का क्रम जारी है। ये सिलसिला उत्तर भारत के कई राज्यों में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी मॉनसून केरल से आगे बढ़कर महाराष्ट्र पहुंचा है। देश की राजधानी दिल्ली तक मॉनसून 25 जून के बाद ही पहुंचेगा और इसके बाद यहां से देश के दूरे इलाकों में जाएगा। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे के अंदर 11 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 80 की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। IMD के मुताबिक केरल के अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश का अलर्ट है। अगले 2 से 5 दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों की तरफ आगे बढ़ सकता है। वहीं 8 से 12 जून के बीच राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ओडिशा समेत कई इलाकों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम  दिल्ली-NCR (8 जून से 11 जून) दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी से राहत बनी रहेगी। फिलहाल अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। कहीं-कहीं आंधी, गरज-चमक, बारिश तथा तेज सतही हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। 8 जून को तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। 9 जून, 10 जून और 11 जून को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान क्रमशः 26, 27 और 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। उत्तर प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम यूपी (8 जून से 12 जून): आजमगढ़, मऊ, देवरिया, जौनपुर, वाराणसी, संतरकरीबनगर, मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र, कौशांबी, प्रतापगढ़, अमेठी, अयोध्या, गोंडा समेत पूर्वांचल के कई जिलों में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती है। IMD के अनुसार, पूर्वी यूपी में 10-12 जून को बारिश/गरज-चमक की संभावना है। बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम  बिहार (8 जून से 12 जून): सारण, बक्सर, कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, गया, नालंदा, वैशाली, पटना, शेखपुरा, जमुई, लखीसराय में 8 जून को आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भागलपुर और बांका में भारी बारिश की संभावना है। IMD के मुताबिक, 9-10 जून को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम मध्य प्रदेश (8 जून): विदिशा, रायसेन (भीमबेटका और सांची सहित), नर्मदापुरम (पचमढ़ी), हरदा, खंडवा (ओंकारेश्वर) और शहडोल जिलों में मध्यम स्तर की गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। श्योपुर (कूनो नेशनल पार्क), देवास, सीहोर, मुरैना, राजगढ़, उज्जैन (महाकालेश्वर), शिवपुरी, आगर, शाजापुर, इंदौर, खरगोन, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, भोपाल (बैरागढ़), नरसिंहपुर, सागर, सतना (चित्रकूट), मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में हल्की गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम  राजस्थान (8 जून से 11 जून): कोटपूतली, बहरोड़, बीकानेर, डूंगरगढ़, झालावाड़ में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कुछ भागों में आंधी- बारिश की गतिविधियां अभी एक-दो दिन जारी रहने की संभावना है। इसके बाद भी पूर्वी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। आठ जून से आंधी बारिश की गतिविधियों में कमी होने तथा तापमान में 2-3 डिग्री बढ़ोतरी होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में आठ से 11 जून तक कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम महाराष्ट्र (8 जून से 15 जून): विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी में बारिश का अनुमान है। 9 जून तक इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने नागरिकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, टिन शेड, विद्युत ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभों और खुले बिजली के तारों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। केरल में कल कैसा रहेगा मौसम केरल (8 जून से 10 जून): मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर और पलक्कड़ के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ है। 8 से 10 जून तक केरल में गरज के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। तमिलनाडु में कल कैसा रहेगा मौसम तमिलनाडु (8 जून): इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुप्पुर, मदुरै, विरुधुनगर, कन्याकुमारी, तेनकासी और तिरुनेलवेली में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। नीलगिरी, थेनी और दिंडीगुल जिलों के साथ-साथ कोयंबटूर जिले के घाट क्षेत्रों में बारिश होगी। गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की चेतावनी है। आंध्र प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम आंध्र प्रदेश (8 जून से 17 जून): आंध्र प्रदेश में मानसून की शुरुआत अनंतपुर, तिरुपति और चित्तूर क्षेत्र से हुई है और अगले दो से तीन दिनों में इसके राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून के सक्रिय होने से खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिलेगा। आने वाले सात दिनों के दौरान रायलसीमा क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। फिलहाल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, लेकिन सातवें दिन यानी 13-14 जून के आसपास तटीय आंध्र प्रदेश में भी वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

ग्रामीण विकास उपविधि 2026 का ड्राफ्ट तैयार, नक्शा शुल्क में बड़ा बदलाव प्रस्तावित

लखनऊ जिला पंचायतों में नक्शा पास करने पर अधिक शुल्क लिए जाने पर आपत्ति जताई गई है। पंचायती राज विभाग नक्शा पास करने के लिए नई भवन निर्माण विकास उपविधि का प्रारूप तैयार करते हुए इस पर सुझाव मांगे हैं। इसमें ज्यादा विकास शुल्क लेने के प्रस्ताव पर आपत्ति है। पिछड़े व बाढ़ प्रभावित जिलों में विकास शुल्क न्यूनतम रखे जाने की मांग की गई है।पंचायती राज विभाग ने इसे लागू करने से पहले हितधारकों बिल्डर, आर्किटेक्ट, जिला पंचायतों व शासन के अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। प्रमुख सचिव, पंचायती राज अनिल कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में बिल्डर व आर्किटेक्ट ने कहा कि जिला पंचायतों का विकास शुल्क अधिक है और इसे कम किया जाए। पिछड़े व बाढ़ प्रभावित जिलों में इसे न्यूनतम रखा जाए। फिलहाल शासन ने मंगलवार तक उन्हें सुझाव देने का समय दिया है। वहीं जिला पंचायतों से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे व स्टेट हाईवे जो विकास प्राधिकरणों, नगर निगम व नगर पालिका परिषद की सीमा से तीन किलोमीटर के दायरे में जिला पंचायतों के क्षेत्र में आएंगे, वहां 25 प्रतिशत अधिक विकास शुल्क वसूला जाएगा। वहीं इस उपविधि के अनुसार प्रदेश के जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ए श्रेणी के जिलों में 750 प्रतिशत वर्ग मीटर, श्रेणी दो के जिलों में 500 रुपये व श्रेणी तीन के जिलों में 250 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क का प्रस्ताव है। जिला पंचायतों में नक्शा पास कराने को नई मॉडल भवन उपविधि होगी लागू पंचायती राज विभाग जिला पंचायतों की ओर से नक्शा पास करने के लिए नई भवन निर्माण उपविधि को जल्द लागू करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित विकास होने के साथ जिला पंचायतों की आय भी बढ़ेगी। पंचायती राज विभाग की ओर से तैयार की गई इस उपविधि का नाम उत्तर प्रदेश जिला पंचायतों के लिए मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि- 2026 होगा। पंचायती राज विभाग की ओर से तैयार की गई इस प्रस्तावित उपविधि पर हितधारकों की शनिवार को बैठक भी बुलाई गई है। जिसमें इस उपविधि पर चर्चा होगी। बिल्डर, आर्किटेक्ट और जिला पंचायतों के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रमुख सचिव, पंचायती राज अनिल कुमार की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है। सभी हितधारकों से इस उपविधि पर सुझाव मांगे जाएंगे। आवास विभाग उपविधि की तरह ही पंचायती राज विभाग ने भी अपनी उपविधि तैयार की है। जिला पंचायतें नक्शा पास करने के लिए समन शुल्क, भवन के क्षेत्रफल आदि के आधार पर शुल्क तय होगा। आवासीय और वाणिज्यिक भवनों के नक्शे की स्वीकृति का शुल्क अलग- अलग होगा। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के मुताबिक प्रस्तावित उपविधि को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है । जिला पंचायतों को नक्शा पास करने से अभी 70 करोड़ की आय हो रही है जो आगे बढ़कर 210 करोड़ रुपए हो जाएगी।

अमेरिका-इजरायल रिश्तों में दरार? ईरान वार्ता को लेकर खुफिया विवाद तेज

नई दिल्ली ईरान पर साथ मिलकर हमला करने वाले अमेरिका और इजरायल अब आपस में ही उलझते हुए नजर आ रहे हैं। यह पूरा मामला अमेरिकी अधिकारियों की जासूसी से जुड़ा हुआ है। अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट में इस बात के संकेत दिए हैं कि इजरायल ने ईरान और अमेरिका की बातचीत में हिस्सा ले रहे अधिकारियों की निगरानी करनी शुरू कर दी है। बता दें, इजरायल और अमेरिका की खुफिया एजेंसियां आपस में बेहद दोस्ताना रवैया रखती हैं, लेकिन इसके बाद भी ईरान के मुद्दे पर दोनों देशों की सरकार की राय अलग-अलग होने की वजह से परेशानी बढ़ गई है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी, ईरान के साथ जारी बातचीत की स्थिति को समझने के लिए अमेरिकी अधिकारियों की जासूसी करने की कोशिश कर रहा है। मामले से परिचित अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, इजरायली जासूसी एजेंसी ने उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया होगा, जो ईरान के साथ शांति वार्ता में प्रमुख रूप से भूमिका निभा रहे हैं। इसमें सबसे पहले ट्रंप के प्रमुख वार्ताकार स्टीव विटकॉफ, पेंटागन के अधिकारी एल्ब्रिुज ए कोल्बी, माइकल पी. डिमिनो शामलि हो सकते हैं गौरतलब है कि आपस में खुफिया जानकारी साझा करने वाले यह दोनों देश इस बात को भली भांति जानते कि वह एक-दूसरे की जासूसी करते हैं। लेकिन ईरान का मुद्दा अलग है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ईरान के मुद्दे पर जानकारी निकालने के लिए इजरायली जासूस जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ रहे हैं। अमेरिका की रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल में तैनात अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके मोबाइल फोन में निगरानी करने वाला साफ्टवेयर इंस्टॉल किया गया है। इस खबर के बाहर आते ही अमेरिका ने अपने सभी अधिकारियों के कम्युनिकेशन डिवाइसेस की सुरक्षा कड़ी कर दी। अमेरिका की नहीं, ट्रंप की नस पकड़ने की कोशिश में इजरायल अमेरिका और इजरायल आपस में ज्यादातर खुफिया जानकारी साझा करते हैं। दोनों देश साथ में कई युद्ध भी लड़ चुके हैं। ऐसे में अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इजरायल की दिलचस्पी अमेरिका की रणनीति या अधिकारियों की जासूसी में नहीं हैं। इजरायल, इस समय राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से दिए जा रहे संकेतों को समझने की कोशिश कर रहा है कि आखिर ट्रंप ईरान के साथ वार्ता में किस हद तक जा सकते हैं। हालांकि, खुफिया आधार पर सामने आई इस रिपोर्ट को अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यलय ने खारिज किया है। वाइट हाउस की तरफ से बताया गया कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से झूठी है। इजरायल अमेरिकी सरकारी अधिकारियों या संस्थानों की जासूसी नहीं करता है। उन्होंने आगे कहा, “इजरायल की खुफिया जानकारी जुटाने की कोशिशें उसके दुश्मनों पर केंद्रित हैं न कि उसके सहयोगियों पर। इसके विपरीत कोई भी दावा या तो गलत जानकारी पर आधारित है या राजनीतिक रूप से प्रेरित है।” वहीं इजरायल की तरफ से भी इन तमाम रिपोर्ट्स को खारिज किया गया है। ईरान पर अलग-अलग क्यों दिख रहे इजरायल और अमेरिका 28 फरवरी को ईरान पर साथ मिलकर हमला करने वाले इजरायल और अमेरिका ने इस युद्ध को कुछ दिनों का सोचा था। लेकिन बाद में हालात ऐसे बिगड़े कि ट्रंप को सीजफायर करना पड़ा। इसी सीजफायर के बाद इजरायल और अमेरिका के बीच में हालात बिगड़ने लगे। अमेरिका चाहता है कि शांति वार्ता हो और ईरान के साथ दोबारा युद्ध शुरू न हो, जबकि गाजा में लंबे युद्ध लड़ चुका इजरायल लगातार ईरान पर हमला करने के प्रयास में है। इतना ही नहीं अमेरिका को सीधे तौर पर हिज्बुल्लाह से कोई परेशानी नहीं। ऐसे में ट्रंप ने नहीं चाहते कि इजरायल लेबनान पर हमला करे। लेकिन नेतन्याहू साफ तौर पर कह चुके हैं कि अगर लेबनान में हिज्बुल्लाह उसे थोड़ा सा भी खतरा समझ आता है, तो वह हमला करेंगे। अभी हाल में ही इसी मुद्दे को लेकर ट्रंप और नेतन्याहू की तीखी बहस भी हो गई थी, जिसमें ट्रंप ने बीबी को अपशब्द तक कह दिए थे।

ग्रामीण सड़कों के विकास पर अटकी योजना, 319 सड़कें जमीन विवाद में फंसीं

 पटना  ग्रामीण इलाके में बनने वाली सड़कें भी राष्ट्रीय उच्च पथ (NH) और स्टेट हाईवे (SH) के निर्माण से जुड़ी आधारभूत समस्या को झेल रही हैं। यह समस्या जमीन की उपलब्धता से संबंधित है। ग्रामीण कार्य विभाग के एक आकलन के अनुसार अगले पांच वर्षों में बिहार के ग्रामीण इलाके में सड़क निर्माण को 3600 करोड़ रुपए अकेले जमीन अधिग्रहण मद में खर्च कर करने होंगे। इस राशि का आकलन प्रति वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि को जोड़कर किया गया है। 319 सड़कों के लिए जमीन की जरूरत ग्रामीण कार्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 319 सड़कों का मामला जमीन अधिग्रहण के पेच में फंसा है। इनमें 51 स्थायी पट्टा से संबंधित मामले हैं। इस बारे में ग्रामीण कार्य विभाग का कहना है कि अलग-अलग विभागों से समन्वय कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। समस्या समाधान के लिए हर माह संबंधित विभागों के साथ संयुक्त रूप से साइट मीटिंग आयोजित की जाएगी। यह भी योजना बन रही कि जहां तक संभव हो वैसी परियाेजनाएं प्राथमिकता के आधार पर ली जाएं जिसमें किसी तरह के जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़े। फाॅरेस्ट क्लियरेंस का भी पेच जिस तरह से एनएच और एसएच का निर्माण फारेस्ट क्लियरेंस में अटक जाता है उसी तरह का मामला ग्रामीण कार्य विभाग के भी सामने आ रहा। इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 47 सड़कों का मामला वन स्वीकृति हासिल नहीं होने की वजह से अटका पड़ा है। बहुत से मामले ऐसे हैं जहां एलायनमेंट के तहत बिजली पोलों को हटाया जाना है। इस बारे में जानकारी दी गई कि बिजली के जाे पोल संबंधित सड़क के एलायनमेंट के बाहर हैं उसके लिए किसी तरह का शुल्क देय नहीं होगा। इसी तरह पुराने जर्जर बिजली पोल के स्थानांतरण के लिए नई दर का भुगतान नहीं होगा। नए प्रोजेक्ट में कमिश्नर व डीएम की अनुशंसा आवश्यक ग्रामीण कार्य विभाग ने तय किया है कि अतिरिक्त परियोजनाओं के समावेशन के प्रस्तावों की गहन जांच और स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी की विधिवत अनुशंसा संबंधित प्रस्ताव पर दर्ज होगी। इसके बाद ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।  

सरकारी फंड घोटाला मामला: CBI ने दिल्ली-NCR सहित 6 ठिकानों पर की कार्रवाई

 चंडीगढ़   हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी विभागों के 661 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच कर रही सीबीआई  ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में छह जगहों पर छापे मारे। जांच के दायरे में हरियाणा के कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, बैंक अधिकारी और एक निजी कंपनी भी हैं। सीबीआई के मुताबिक यह मामला हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों नगर निगम चंडीगढ़ और क्रेस्ट चंडीगढ़ के सरकारी फंड में गड़बड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी धन को गलत तरीके से खातों के जरिए दूसरी जगह भेजकर हड़प लिया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक हरियाणा कैडर के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के घरों के अलावा नोएडा स्थित वीपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के ठिकानों पर की गई। जांच में सामने आया है कि कुछ अधिकारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर खाते खुलवाने, सरकारी पैसे के ट्रांसफर और बाद में उसे अन्य खातों में भेजने में मदद की। इसके बदले उन्हें फायदा मिलने के भी आरोप हैं। सीबीआई ने बताया कि वीपम कंसल्टेंसी के खाते में भी कथित तौर पर घोटाले का पैसा पहुंचा था, जिसे बाद में कंपनी के निदेशक के निजी खाते में ट्रांसफर किया गया। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपत्ति से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं। यह जांच सीबीआई ने हरियाणा विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो से एक मामला अपने हाथ में लेने और चंडीगढ़ पुलिस के आर्थिक अपराध थाने में दर्ज दो मामलों को अपने अधीन लेने के बाद शुरू की थी। तीनों मामलों में आपराधिक साजिश, सरकारी धन के गबन और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है। सीबीआई पहले ही इस मामले में पंचकूला की विशेष अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसमें हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि सरकारी धन को IDFC फर्स्ट बैंक और AU फाइनेंस बैंक में रखे खातों से सुनियोजित तरीके से दूसरी जगह भेजा गया। सीबीआई का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। मामले में जल्द ही अतिरिक्त चार्जशीट भी दाखिल की जाएगी।