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ट्रेनों में अपराधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने शुरू किया हाई-टेक सिस्टम

 रामपुर प्लेटफार्म के साथ ट्रेनों में सक्रिय अपराधियों की कुंडली अब कंप्यूटर पर एक क्लिक करते ही खुल जाएगी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) इन दिनों यक्ष एप में डाटा अपलोड कर अपडेट कर रही है। इस एप में अपराधियों के नाम-पता, फोटो, फिंगर प्रिंट और वॉयस सैंपल के साथ गिरोह का विवरण होगा। रामपुर में जीआरपी थाना प्रभारी ईश्वर चंद ने बताया कि प्रदेश स्तर पर लांच हुआ यक्ष एप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त है। अनुभाग के सभी अपराधियों के नाम, संपूर्ण पता, थाना, उनकी फोटो (सभी प्रकार से खींची हुई), उनके फिंगर प्रिंट के अलावा उनकी आवाज के सैंपल आदि, इसमें अपडेट किए जा रहे हैं। इससे अपराधी अब कहीं भी अपराध करेगा तो उसकी फोटो अपलोड करते ही उसकी पूरी कुंडली ऑनलाइन सामने आ जाएगी। उन्होंने बताया कि एप के जरिये अपराधियों की निगरानी करना जीआरपी के लिए आसान होगा। बीट पुलिसिंग के जरिये अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों को एप पर अपडेट करने का काम अंतिम चरण में है। समय-समय पर अपडेट करनी होगी जानकारी थाना प्रभारी ईश्वर चंद ने बताया कि एप पर दी जाने वाली जानकारी समय-समय पर अपडेट की जाएगी। इसकी भी एप में सुविधा दी गई है। यदि अपराधी की मौत हो जाती है या फिर मामले में वह दोषमुक्त हो जाता है तो तत्काल ऐसे अपराधी का डेटा हटा दिया जाएगा। 358 अपराधी पर रहेगी पूरी निगरानी थाना प्रभारी ने बताया कि यक्ष एप पर अभी 358 अपराधी ऐसे हैं, जिनके बारे में जानकारी का डाटा अपलोड किया गया है। इन सभी की इस यक्ष एप से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही उन अपराधियों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है, जिनके संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल रही है। ऐसे अपराधियों को एप पर अनुपस्थित किया गया है। पुलिस लगातार उनकी जानकारी कर रही है। क्या बोले एसपी रेलवे एसपी रेलवे आशुतोष शुक्ला ने बताया कि जीआरपी भी अब यक्ष एप पर अपराधियों का डाटा फीड कर रही है। इससे अपराधियों पर नजर रखी जा सकेगी। इस एप में अपराधियों के नाम-पता, फोटो, फिंगर प्रिंट और वॉयस सैंपल के साथ गिरोह का पूरा विवरण है।

2027 में होगा 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण, 6 मिनट से ज्यादा रहेगा अंधकार

वॉशिंगटन  खगोल वैज्ञानिक और आकाशीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले अगस्त 2027 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब इस सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण देखा जा सकेगा। लेकिन उससे पहले इसी साल पूर्ण सूर्यग्रहण की घटना होने जा रही है, जब दिन के कुछ समय के लिए सूरज चंद्रमा के पीछे पूरी तरह से छिप जाएगा। इस दुर्लभ खगोलीय संयोग के चलते दिन में अचानक कुछ समय के लिए अंधेरा छा जाएगा। सूर्यग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते है, जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इसके चलते सूर्य के कोरोना का पूरा या कुछ हिस्सा चंद्रमा के पीछे छिप जाता है, जिससे सूर्य को रोशनी बाधित हो जाती है। पूर्ण सूर्यग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा, सूर्य को पूरी तरह से ढंक लेता है। स्पेन में एक सदी बाद दिखाई देगा साल 2026 का पूर्ण सूर्यग्रहण यूरोप के लिए बेहद खास है। यह एक सदी से भी ज्यादा समय में स्पेन की मुख्य भूमि से दिखाई देने वाला पहला सूर्यग्रहण होगा। उत्तरी स्पेन, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में लोग पूर्ण ग्रहण का अनुभव करेंगे। यहां सूरज पूरी तरह से छिप जाने के कारण कुछ देर के लिए आसमान में अंधेरा छा जाएगा। ग्रीनलैंड में इसे 2 मिनट से थोड़ा ज्यादा समय तक देखा जा सकेगा। उत्तरी स्पेन में सिर्फ 20 सेकंड तक ही यह दिखाई देगा। इन इलाकों में आंशिक दिखेगा ग्रहण यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के बड़े इलाकों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा, जहां सूरज का कुछ हिस्सा ही चंद्रमा के पीछे छिपेगा। हालांकि, इसकी छाया भारतीय उपमहाद्वीप से होकर नहीं गुजरेगी, जिसका मतलब है कि भारत में रहने वाले लोग इसे नहीं देख सकेंगे। एक साल बाद सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण अगस्त 2026 के सूर्यग्रहण के ठीक एक साल बाद 2 अगस्त 2027 को दुनिया 21वीं सदी के सबसे लंबे सूर्यग्रहण का गवाह बनेगी। यह इस सदी में धरती से देखा जाने वाला सबसे लंबा सूर्यग्रहण होगा जो 6 मिनट 23 सेकंड तक चलेगा। इस दौरान दिन के दौरान लगभग अंधेरा हो जाएगा। यह स्पेन से शुरू होगा और अफ्रीका के मोरक्को, अल्जीरिया, मिस्र, सूडान होते हुए मध्य पूर्व तक देखा जाएगा। मिस्र के लक्सर में इसका चरम रूप दिखाई देगा, जहां इसकी अवधि 6.19 सेकंड होगी, जो पूर्णता से थोड़ी ही कम है।  

सोमवार 8 जून 2026 राशिफल: मेष, सिंह और तुला के लिए शुभ दिन, धन लाभ के योग

मेष राशि- आज  दिन करियर तौर पर मोटिवेटेड और प्रोडक्टिव फील करेंगे। आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। कामकाज के चक्कर में अपनी पर्सनल लाइफ से समझौता करना ठीक नहीं है। परिवार और दोस्तों के लिए भी समय निकालें। पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। वृषभ राशि- आज के दिन आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कुछ लोगों को ओवरटाइम करना पड़ सकता है। डेडलाइन के भीतर टास्क कंप्लीट कर लेने की सलाह दी जाती है। किसी भी बहस में पड़ने से बचें। अचानक खर्चे सामने आ सकते हैं। मिथुन राशि- आज  के दिन काम का प्रेशर घर पर न लाएं। बाहर के खाने का ज्यादा सेवन न करें। धन लाभ के योग बन रहे हैं। सेहत अच्छी रहेगी। आज का आपका दिन शानदार रहेगा। पुराने इन्वेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। कर्क राशि– आज के दिन अपने खान-पान पर आज ध्यान दें। परिवार के किसी सदस्य की आर्थिक सहायता करनी पड़ सकती है, जिससे फाइनेंशियल सिचुएशन पर असर पड़ेगा। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। सेहत के मामले में फिटनेस पर ध्यान दें। सिंह राशि– आज  के दिन कोई गुड न्यूज मिल सकती है। आज का आपका दिन फायदेमंद माना जा रहा है। करियर में आपको अपने बॉस का साथ मिलेगा। कुछ जरूरी जिम्मेदारियां भी मिलेंगी। आज पॉजिटिव रहने की सलाह दी जाती है। कन्या राशि– आज  के दिन आर्थिक जीवन स्टेबल रहेगा। लाइफ पार्टनर के साथ थोड़ी बहुत अनबन हो सकती है। गुस्से को काबू में रखना ही बेहतर रहेगा। स्ट्रेस फ्री रहने के लिए मेडिटेशन ट्राई करें। काम का प्रेशर ज्यादा फील हो तो कुछ देर के लिए ब्रेक लें। तुला राशि– आज  के दिन जंक फूड्स का ज्यादा सेवन न करें। आज का दिन आपके लिए लाभकारी साबित होगा। कोई नया प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है, जिससे धन लाभ भी होगा। कॉन्फिडेंट रहेंगे आज। लव के मामले में पार्टनर को टाइम देना जरूरी है। वृश्चिक राशि– आज के दिन अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा रहता है। आपका कैरेक्टर ही आपकी सबसे बड़ी उपलब्धी है। खुद को हाइड्रेटेड जरूर रखें। आज का आपका दिन मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। धनु राशि– आज  के दिन अपनी फाइनेंशियल सिचुएशन पर फोकस करें। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और धन लाभ भी होगा। वहीं, खर्च की अधिकता भी रहेगी। ज्यादा तनाव न लें और काम का प्रेशर घर पर न लाएं। प्रोडक्टिव बने रहें। मकर राशि– आज  के दिन लाइफ में रोमांस भी बना रहेगा। आज का दिन आपका रोमांचक रहेगा। सिंगल लोगों की लाइफ में किसी नए शख्स की एंट्री होने की संभावना है। करियर में बैलेंस मेंटेन करके चलें। आज धन का आगमन होगा। कुंभ राशि-आज  के दिन करियर लाइफ थोड़ी बिजी हो सकती है। आपका दिन खास रहने वाला है। शाम में अपने लवर के साथ अच्छा टाइम स्पेंड करेंगे। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें। खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। मीन राशि- आज  के दिन आज आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है। आज आपका दिन नॉर्मल रहने वाला है। काम के प्रेशर से बचें और बेवजह की टेंशन न लें। 30 मिनट की एक्सरसाइज आपके लिए अच्छी रहेगी।

सिपाही भर्ती परीक्षा 2026: 1183 केंद्रों पर दो-दो पालियों में होगी परीक्षा

लखनऊ यूपी पुलिस में 32,679 हजार पदों पर सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा आठ, नौ व 10 जून को दो-दो पालियों में होगी। प्रदेश में 1183 परीक्षा केंद्रों पर 28.86 लाख महिला व पुरुष अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तरीय जांच होगी। अभ्यर्थियों को गेट पर प्रारंभिक, बायोमेट्रिक जांच व ई-केवाईसी के बाद अंदर जाने दिया जाएगा। नकलविहीन व शांतिपूर्ण परीक्षा कराने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कराए जा रहे हैं। सभी जिलों में परीक्षा के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों की लाइव की जाएगी। इसे जिला व पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भर्ती परीक्षा के दौरान कहीं कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए खासकर एसटीएफ को सक्रिय किया गया। एसटीएफ साल्वर गिरोह पर कड़ी नजर रखने के साथ ही भर्ती परीक्षा के दौरान पहले गड़बड़ी कर चुके दागियों पर भी नजर रखेगी। भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार अब तक 12 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं। 10 जून को होने वाली परीक्षा के प्रवेश पत्र भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर सात जून को अपलोड किए जाएंगे। डीजीपी मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेल को भी सक्रिय किया गया है। किसी भी भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के साथ ही गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्र पर हर अभ्यर्थी के आधार सत्यापन व ई-केवाईसी और आइरिस आधारित बायोमेट्रिक जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का प्रयोग होगा। हर परीक्षा केंद्र पर एक पुलिस उपाधीक्षक बतौर पर्यवेक्षक मुस्तैद रहेगा। हर जिले के कंट्रोल रूम पर पुलिस उपाधीक्षक को प्रभारी बनाया गया है, जो परीक्षा केंद्र की लाइव फीड की निगरानी अपने देख-रेख में कराएंगे। भर्ती बोर्ड ने पहली बार सभी जिला कंट्रोल रूम प्रभारियों की बैठक कर उन्हें विस्तृत निर्देश दिए हैं। पहले हुई भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की उपस्थिति को देखते हुए इस बार भी लगभग 25 प्रतिशत अभ्यर्थियों के परीक्षा छोड़ने की आशंका है। खास-खास बातें – आरक्षी नागरिक पुलिस व समकक्ष 32,679 हजार पदों पर होगी भर्ती – सभी जिलों में कुल 1183 परीक्षा केंद्र बनाए गए – आठ, नौ व 10 जून को दो-दो पालियों में होगी परीक्षा – लगभग 28.86 लाख अभ्यर्थी लेंगे भाग – महिलाओं के लिए आरक्षित हैं 20 प्रतिशत पद यह भी निर्देश – महिला अभ्यर्थियों की जांच एनक्लोजर में केवल महिला पुलिसकर्मी ही करेंगी। – किसी भी अभ्यर्थी के धार्मिक चिह्न जैसे कलावा, धागा, मंगलसूत्र आदि को हटाना आवश्यकता नहीं। – अभ्यर्थी प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, नीले या काले पेन के अलावा कोई सामग्री साथ नहीं ले जा सकेंगे।

दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में आग, कुछ दस्तावेज जलने की आशंका

नई दिल्ली  दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में गेट नंबर 4 के पास रविवार सुबह एक 'स्कैनिंग रूम' में आग लग गई। दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। जानकारी के अनुसार, कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में गेट नंबर 4 के पास दूसरी मंजिल पर बने 'स्कैनिंग रूम' में आग लगी थी। आग को लेकर दमकल विभाग ने क्या कहा दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें आग लगने की सूचना सुबह करीब 5:22 बजे मिली, जिसके बाद दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। सुबह 6:05 बजे डिविजनल ऑफिसर मुकेश वर्मा ने 'स्टॉप मैसेज' जारी कर पुष्टि की कि आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, पता चला है कि इस आग की घटना में कुछ दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं। ये दस्तावेज किस तरह के थे, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की गई थी जान दिल्ली के मालवीय नगर में भी बीते दिनों एक रेस्टोरेंट में आग लगी थी। इस घटना में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। 15 से अधिक लोग घटना में घायल हुए थे, जिनमें से कई का अस्पताल में अभी इलाज जारी है। शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग: पुलिस सूत्र दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी, हालांकि जांच टीम को घटना के दौरान किसी भी एलपीजी सिलेंडर में धमाका होने का कोई सबूत नहीं मिला। दूसरी ओर इस अग्निकांड की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने शनिवार को रेस्टोरेंट के कुक को गिरफ्तार किया। मालवीय नगर अग्निकांड में जांच तेज दिल्ली पुलिस के अनुसार, शनिवार को गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुक केशव नेगी के रूप में हुई है, जो दिलशाद गार्डन का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि आग लगने में कुक की लापरवाही थी। जांच के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघन और इमारत के फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी गंभीर कमियां मिली थीं।  

लाचेन में आग से तबाह हुआ प्रसिद्ध बौद्ध मठ, पवित्र अवशेष और ग्रंथ नष्ट

 सिक्किम सिक्किम के लाचेन में मौजूद ऐतिहासिक थंगू सेरतोक गुम्पा मठ में लगी भीषण आग से सब कुछ तबाह हो गया है। 5 जून की रात 11 बजे भड़की इस आग ने न सिर्फ इस दशकों पुराने मठ को, बल्कि पास के दो घरों को भी पल भर में राख कर दिया। इस हादसे से स्थानीय लोगों में भारी शोक की लहर है। लाचेन के पीपोन चो बांदु लाचेनपा के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि मठ के भीतर रखे किसी भी पवित्र सामान को बचाने का मौका नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में वर्षों पुराने पवित्र धार्मिक अवशेष, मूर्तियां, प्राचीन ग्रंथ, धर्मग्रंथ और अन्य मूल्यवान ऐतिहासिक सामग्रियां जलकर राख हो गईं। शॉर्ट सर्किट की वजह से हादसा शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस भयावह आग का कारण इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आधी रात के वक्त जब लोग सो रहे थे, तभी अचानक आग भड़क उठी और उसने पूरे मठ परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही किसी के घायल होने की खबर है, लेकिन करोड़ों रुपये की अपूरणीय सांस्कृतिक क्षति हुई है। क्या है थंगू सेरतोक गुम्पा का महत्व? लगभग वर्ष 1965 में निर्मित, थंगू सेरतोक गुम्पा इस क्षेत्र के लोगों के लिए अगाध धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व रखता था। दशकों से यह मठ थंगू और आसपास के गांवों के निवासियों के लिए पूजा-अर्चना और सामुदायिक बैठकों का एक मुख्य केंद्र था। स्थानीय समुदाय के लिए यह पवित्र स्थान उनकी समृद्ध विरासत का एक अहम हिस्सा था, जिसके नष्ट होने से लोग बेहद दुखी हैं। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बेहद दुर्गम और इनएक्सेसिबल होने के कारण दमकल की गाड़ियां समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकीं। इसके बावजूद, स्थानीय निवासियों ने भारी मुस्तैदी दिखाई और खुद ही मोर्चा संभालते हुए अथक प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक यह पवित्र धरोहर मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी थी।  

BCCI की खास रणनीति में टेस्ट और वनडे पर पूरा फोकस

नई दिल्ली IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में बल्ले से धमाल मचाने वाले शुभमन गिल को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह नहीं मिली. गुजरात टाइटन्स (GT) के कप्तान ने हालिया आईपीएल सीजन में 732 रन बनाकर खुद को टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल किया था. ऐसे में माना जा रहा था कि उनकी टी20 टीम में वापसी तय है, लेकिन चयनकर्ताओं ने अलग रास्ता चुना. अब इस फैसले के पीछे की बड़ी वजह सामने आई है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) और चयन समिति ने शुभमन गिल के लिए एक लंबी रणनीति तैयार की है, जिसके तहत उन्हें फिलहाल टी20 क्रिकेट से दूर रखकर टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर पूरा फोकस करने को कहा गया है. भारतीय टीम का शेड्यूल काफी टाइट शुभमन गिल इस समय भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं. अगले डेढ़ साल में भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के तहत नौ अहम मैच खेलने हैं, जबकि वनडे विश्व कप 2027 से पहले टीम करीब 35 ओडीआई मुकाबले भी खेलेगी. ऐसे में चयनकर्ता नहीं चाहते कि गिल तीनों फॉर्मेट लगातार खेलते हुए शारीरिक और मानसिक थकान का शिकार हों. टीम मैनेजमेंट का मानना है कि गिल का फिट और फ्रेश रहना भारत की भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद जरूरी है. सूत्र ने कहा, 'चयनकर्ता नहीं चाहते कि शुभमन गिल पर जरूरत से ज्यादा क्रिकेट का बोझ पड़े. उन्हें टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी करनी है. अगले दो वर्षों में भारत के सामने दो बड़े लक्ष्य हैं- डब्ल्यूटीसी फाइनल और 2027 का वनडे विश्व कप. इसलिए गिल की फिटनेस और फॉर्म को प्राथमिकता दी जा रही है.' भारतीय टीम के लिए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 चक्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को अपने बचे हुए नौ टेस्ट मैचों में से कम से कम सात जीतने होंगे. यानी आने वाले महीनों में शुभमन गिल पर सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि कप्तान के रूप में भी बड़ी जिम्मेदारी रहने वाली है. ऐसे में चयनकर्ता चाहते हैं कि उनका पूरा ध्यान फिलहाल रेड बॉल क्रिकेट पर रहे. बीसीसीआई की नजर सिर्फ WTC पर नहीं है. 2027 वनडे विश्व कप को भी भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा मिशन माना जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में वनडे क्रिकेट में शुभमन गिल का प्रदर्शन शानदार रहा है और उन्हें भारत के भविष्य का चेहरा माना जाता है. यही वजह है कि बोर्ड उन्हें लंबे समय तक फिट रखने के लिए वर्कलोड मैनेजमेंट की रणनीति पर काम कर रहा है. चयनकर्ताओं का मानना है कि गिल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भारत को आईसीसी ट्रॉफियां दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है. टी20 इंटरनेशनल टीम से बाहर रहने के बावजूद शुभमन गिल का टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड शानदार रहा है. आईपीएल 2025 में उन्होंने 650 रन बनाए थे, जबकि आईपीएल में 732 रन ठोककर अपनी क्लास साबित की. हालांकि, भारतीय टी20 टीम के लिए 2025 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था. उन्होंने 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सिर्फ 291 रन बनाए थे, जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि शुभमन गिल के लिए टी20 क्रिकेट के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. बीसीसीआई का मानना है कि 2028 टी20 विश्व कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक अभी काफी दूर हैं. ऐसे में फिलहाल उनकी प्राथमिकता टेस्ट और वनडे क्रिकेट है. सूत्र के अनुसार, 'दो साल बाद कौन खिलाड़ी किस फॉर्म और फिटनेस में होगा, यह अभी कोई नहीं जानता. इसलिए फिलहाल योजना 2027 वनडे विश्व कप तक की है. उसके बाद हालात के अनुसार फैसला लिया जाएगा.'

उच्च स्तरीय समिति ने कई जिलों से दस्तावेजों की विस्तृत मांग की

 रांची जिलों के कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले में चल रही उच्च स्तरीय जांच समिति की जांच का दायरा अब बढ़ गया है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव वरिष्ठ आइएएस अधिकारी डा. अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय जांच समिति के पास बोकारो व हजारीबाग के अलावा रांची, रामगढ़, देवघर व चाईबासा में भी अवैध निकासी मामले की जांच की जिम्मेदारी मिल गई है। अब जांच समिति ने इन चारों जिलों से भी जांच से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज की मांग की गई है। समिति ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों से वहां के संबंधित विभाग में स्वीकृत व कार्यरत बल, बजट एवं आवंटन संचिका, जिला बल पंजी, मास्टर रोल पंजी, वेतन ज्ञापन, विपत्र पंजी, स्थापना मद से संबंधित दस्तावेज, डीडीओ तथा लिपिकों का विवरण, भुगतान एवं बैंक खाता का विवरण सहित कई अन्य बिंदुओं की जानकारी मांगी है। अब समिति अवैध वेतन निकासी के सभी प्रमुख बिंदुओं का सूक्ष्य अध्ययन व समीक्षा करेगी, ताकि आरोपितों पर कार्रवाई हो सके, कमियों को दूर कर भविष्य में इस तरह की होने वाली घटना को रोका जा सके। किस जिलें में अवैध वेतन निकासी का क्या है मामला बोकारो : बोकारो जिले में वहां के एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में सबसे पहले अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आया था। एजी की रिपोर्ट में खुलासे के बाद वित्त विभाग के आदेश पर पूरे मामले की जांच के बाद बोकारो में प्राथमिकी दर्ज हुई और लेखा शाखा से मुख्य आरोपित कौशल पांडेय को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। बाद में मामला सीआइडी के पास आया और सीआइडी ने तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया। इन तीन आरोपितों में लेखा शाखा का एएसआइ अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार व काजल मंडल शामिल हैं। बोकारो में अब तक की जांच में करीब 11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला उजागर हो चुका है। हजारीबाग : हजारीबाग में भी वहां के एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में करीब 31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आ चुका है। इस मामले में पहले हजारीबाग पुलिस ने मुख्य आरोपित सिपाही शंभू कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में इस केस में शंभू कुमार सिंह की पत्नी काजल कुमारी, उसके सहयोगी सिपाही रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, रजनीश कुमार सिंह की पत्नी खुशबू कुमारी, सहयोगी धीरेंद्र कुमार सिंह, व रिश्तेदार सौरभ कुमार को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। चाईबासा : चाईबासा के एसपी कार्यालय के लेखा से अवैध वेतन निकासी मामले में चाईबासा मुफ्फसिल थाने की पुलिस ने मुख्य आरोपित देवनारायण मुर्मू के अलावा सरकार हेम्ब्रम, अरुण मार्डी व गोराचंद मांर्डी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। चाईबासा में करीब तीन करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। रांची : रांची के कोतवाली थाने में पशुपालन विभाग में 2.93 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला दर्ज हुआ था। इसमें इंस्टीच्यूट आफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन के दो कर्मचारी मुनिंद्र कुमार व संजीव कुमार पर हेराफेरी का आरोप लगा था। पुलिस ने मुनिंद्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, दूसरा आरोपित फरार है। रामगढ़ : रामगढ़ के जिला पशुपालन कार्यालय में अवैध वेतन निकासी मामले में करीब 34.25 लाख रुपये की अवैध व फर्जी निकासी का मामला सामने आ चुका है। इस मामले की भी जांच जारी है। देवघर : देवघर के सरवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 99 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी मामले का खुलासा हुआ है। देवघर डीसी की जांच में खुलासे के बाद इस मामले में मुख्य आरोपित स्वास्थ्य विभाग की पूर्व लेखा लिपिक सविता कुमारी को फर्जी तरीके से रुपये निकालकर गबन करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। रिमांड पर पूछताछ के बाद CID ने शेष 7 आरोपितों को भी भेजा जेल 72 घंटे तक पूछताछ के बाद सीआइडी ने बोकारो व चाईबासा के भी सभी सातों आरोपितों को शनिवार को जेल भेज दिया। जिन्हें जेल भेजा गया है, उनमें बोकारो केस में एएसआइ अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार व सिपाही काजल मंडल तथा चाईबासा केस में सिपाही देवनारायण मुर्मू, सरकार हेम्ब्रम, अरुण मार्डी व गोराचंद मांर्डी शामिल हैं। सभी आरोपितों से पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर सीआइडी की एसआइटी अब आगे की पूछताछ करेगी।

रसोई गैस पर महंगाई का वार, सालभर में LPG सिलेंडर 89 रुपये तक महंगा

जयपुर राजस्थान में आम जनता की रसोई पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ आ गया है। तेल और गैस कंपनियों ने देर रात 12 बजे घरेलू उपयोग के एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। कंपनियों द्वारा की गई इस मासिक समीक्षा (रिव्यू) के तहत आज 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 29 रुपए प्रति सिलेंडर का इजाफा किया गया है। जयपुर में अब कितने का सिलेंडर राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि करते हुए नई रेट लिस्ट जारी की है। इस नई सूची के अनुसार, राजधानी जयपुर में अब 14.2 किलोग्राम वाला रसोई गैस सिलेंडर 916.50 रुपए के स्थान पर 945.50 रुपए में मिलेगा। केवल बड़ा सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम सिलेंडरों के दाम भी बढ़ाए गए हैं। अब 5 किलोग्राम वाला छोटा घरेलू सिलेंडर 341.50 रुपए के बजाय 352 रुपए में मिलेगा, जबकि 10 किलोग्राम वाला कम्पोजिट सिलेंडर (पारदर्शी प्लास्टिक बॉडी वाला) 655 रुपए से बढ़कर 675 रुपए का हो गया है। इस साल अब तक ₹89 की भारी बढ़ोतरी आम उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी इसलिए भी परेशान करने वाली है क्योंकि तेल कंपनियों ने इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू सिलेंडरों के दाम में ₹60 की बड़ी बढ़ोतरी की थी। इस तरह देखा जाए तो चालू वर्ष के भीतर ही घरेलू रसोई गैस के दाम कुल मिलाकर 89 रुपए तक बढ़ चुके हैं। हालांकि बाजार विशेषज्ञों और अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध और तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है। इसी अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण घरेलू बाजार में भी लगातार कीमतें बढ़ रही हैं। पहले बढ़ी थी कमर्शियल सिलेंडर की रेट इसके अलावा, कंपनियों ने महज 7 दिन पहले ही कॉमर्शियल (व्यावसायिक) उपयोग वाले सिलेंडरों की कीमतों में भी 42 रुपए का इजाफा किया था। वैश्विक संकट के कारण इस साल के भीतर कॉमर्शियल उपयोग का सिलेंडर रिकॉर्ड 1532 रुपए तक महंगा हो चुका है, जिससे अब घरेलू बजट भी पूरी तरह बिगड़ गया है।  

सेवानिवृत्ति से एक साल पहले होगा रिकॉर्ड सत्यापन, खत्म होगी भुगतान में देरी

धनबाद  कोयला कर्मियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही भविष्य निधि (पीएफ) और पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफ) ने बड़ी पहल शुरू की है। इसके तहत अब कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने से एक वर्ष पहले ही उनके पीएफ एवं पेंशन संबंधी सभी अभिलेखों का सत्यापन और अद्यतन कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस संबंध में सीएमपीएफ मुख्यालय ने देशभर के अपने 23 क्षेत्रीय कार्यालयों के क्षेत्रीय आयुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सीएमपीएफ का कार्यालय कन्याकुमारी से लेकर जम्मू और कश्मीर तक फैला है। इसकी पुष्टि सीएमपीएफ के आयुक्त सजिश कुमार एन ने भी की। कहा कि इससे कई तरह के लाभ उन्हें मिलेगा। साथ ही लोगों को परेशानी भी कम होगी। आपको बता दें कि सीएमपीएफ में कोल इंडिया के साथ टाटा, सेल, अडानी सहित कोयला खनन करने वाली सरकारी व गैर सरकारी कंपनी केे कर्मियों को पीएफ व पेंशन कार्य संचालित होता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हर वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले करीब 17 हजार कोयला कर्मियों को पीएफ और पेंशन भुगतान के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। संगठन का उद्देश्य है कि कर्मचारी के सेवा निवृत्त होते ही उसका दावा पहले से तैयार रहे और उसे समय पर सभी देय लाभ प्राप्त हो सकें। सीएमपीएफ अधिकारियों के अनुसार, कोयला उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों का सेवा काल लंबा होता है और इस दौरान उनका कई बार एक परियोजना, क्षेत्र या कंपनी से दूसरी इकाई में तबादला होता रहता है। ऐसे मामलों में सेवा अभिलेख, अंशदान विवरण और नामांकन संबंधी सूचनाओं के मिलान में समय लगता है, जिसके कारण कई बार सेवानिवृत्ति के बाद पीएफ एवं पेंशन भुगतान में विलंब की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्ति से 12 माह पूर्व संबंधित कर्मचारी की पूरी सेवा पुस्तिका, अंशदान रिकार्ड, नामांकन, परिवार विवरण और पेंशन पात्रता की जांच की जाएगी। किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उसे समय रहते दूर कर लिया जाएगा। इससे अंतिम समय में दस्तावेजों की कमी, सेवा अवधि के मिलान अथवा तबादलों से जुड़े विवादों का समाधान पहले ही हो सकेगा। सीएमपीएफ के इस कदम से देशभर के लगभग साढ़े तीन लाख कोयला कर्मियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। ये सभी कर्मचारी नियमित रूप से सीएमपीएफ में अंशदान करते हैं और सेवानिवृत्ति के बाद इसी कोष से उन्हें पीएफ तथा पेंशन का लाभ प्राप्त होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिकार्ड के पूर्व सत्यापन और डिजिटलीकृत निगरानी व्यवस्था से न केवल भुगतान प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि कर्मचारियों का संगठन पर भरोसा भी और मजबूत होगा।