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सोनाली चिकन: ब्रायलर और देसी मुर्गे के बीच का नया हेल्दी विकल्प

 आज के समय में चिकन की काफी डिमांड है क्योंकि नॉनवेजिटेरियन लोगों के लिए वो एक प्रोटीन का अच्छा सोर्स है. मार्केट में चिकन की बढ़ती कीमतों और ब्रायलर चिकन के बारे में सोशल मीडिया पर आए दिन आ रही खबरों के कारण अक्सर लोग कुछ नए ऑपशंस की तलाश में रहते हैं. यदि आप नॉनवेज के शौकीन हैं तो बाजार में इन दिनों एक ऐसे चिकन की चर्चा है जिसका नाम सुनते ही लोग काफी शॉक होते हैं. हम बात कर रहे हैं 'सोनाली चिकन' की. इसके नाम के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है. यदि आप भी चिकन खाने के शौकीन हैं और हेल्थ के साथ समझौता किए बिना बजट में बेस्ट स्वाद चाहते हैं तो सोनाली चिकन आपके लिए सबसे सही चॉइस हो सकता है. इसका कारण है कि यह चिकन न केवल दिखने में बल्कि स्वाद में भी पूरी तरह देसी मुर्गे जैसा होता है लेकिन इसकी कीमत काफी कम होती है. तो आइए जानते हैं ये चिकन की कौन सी ब्रीड है और देसी चिकन की तुलना में कितनी फायदेमंद है. क्या है सोनाली चिकन ब्रीड? इस अनोखी ब्रीड के मुर्गों के पंख सुनहरे-पीले और चमकीले होते हैं जो देखने में बिल्कुल सोने की तरह चमकते हैं. इसी गोल्डन वाइब के कारण इसका नाम सोनाली रखा गया है. सोनाली चिकन कोई साधारण ब्रीड नहीं है बल्कि यह रोड आइलैंड रेड (RIR) और फायौमी (Fayoumi) मुर्गों का एक स्पेशल क्रॉस-ब्रीड है. इस ब्रीड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से नेचुरल और देसी चिकन की तरह फील देता है. जहां एक तरफ नॉर्मल ब्रायलर चिकन के पेट और स्किन के पास काफी ज्यादा फैट जमा होता है वहीं सोनाली चिकन में एब्डोमिनल फैट (पेट की चर्बी) न के बराबर होता है. फैट न होने के कारण इसके मांस को लीन और हाई-क्वालिटी का माना जाता है. कम फैट होने के कारण जिम जाने वाले और अपनी फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वाले लोग इसे काफी पसंद करते हैं. सोनाली चिकन के न्यूट्रिशन रोड आइलैंड रेड + फेयूमी के क्रॉस ब्रीड सोनाली चिकन की 100 ग्राम मात्रा में कपरीब 165-175 कैलोरीज होती हैं. इसके अलावा 20-23 ग्राम प्रोटीन, 7-9 ग्राम कुल फैट, सैचुरेट फैट-2-2.5 ग्राम, कोलेस्ट्रॉल 70-80 मिग्रा, आयरन 1.2-1.5 मिग्रा, कैल्शियम 10-15 मिग्रा, विटामिन बी12- 0.3-0.5 मिग्रा होता है. सोनाली मुर्गी के अंडे में प्रति अंडा (50g) 70-75 कैलोरी, 6-7 ग्राम प्रोटीन, फैट 5 ग्राम होता है. यदि मुर्गी को कीड़े-मकोड़े खिलाए जाएं तो अंडों में प्रोटीन और बढ़ जाता है. 3 महीने में मांस के लिए और 4 महीने बाद अंडे देना शुरू करती है. क्या कहती है रिसर्च? पबमेड सेंट्रल (PMC) में पब्लिश्ड रिसर्च के अनुसार, सोनाली चिकन का मीट ब्रायलर के मुकाबले इंसानी शरीर के लिए ज्यादा बेहतर पाया गया है. रिसर्च में देखा गया कि सोनाली चिकन खाने से ब्लड में कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को कंट्रोल रखने में काफी मदद मिलती है जिससे हार्ट हेल्थ बेहतर रहती है और हार्ट की बीमारियों का जोखिम भी कम होता है. सोनाली चिकन में खतरनाक लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले फैक्टर्स बहुत कम होते हैं. डॉक्टरों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि कम फैट और बेहतर लिपिड प्रोफाइल की वजह से यह चिकन दिल की बीमारियों और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए ब्रायलर के मुकाबले एक सेफ चॉइस है. कैसे तैयार होती है ये ब्रीड? रिपोर्ट के मुताबिक, सोनाली चिकन सिर्फ खाने वालों के लिए ही नहीं बल्कि इसे पालने वाले किसानों के लिए भी फायदे का सौदा साबित हो रहा है. यह ब्रीड भारत और बांग्लादेश के गर्म और ट्रॉपिकल क्लाइमेट में बहुत आसानी से सरवाइव कर लेती है. ब्रायलर मुर्गों की तुलना में इन्हें बहुत ज्यादा केयर, महंगी दवाओं या स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होती. हालांकि, इनका ग्रोथ रेट ब्रायलर से थोड़ा धीमी होता है और इन्हें तैयार होने में करीब 60 दिन का समय लगता है. लेकिन मार्केट में इनकी अच्छी और स्टेबल कीमत मिलने के कारण किसानों का नेट प्रॉफिट मार्जिन काफी ज्यादा रहता है.

गोवर्धन से गिरफ्तारी के बाद खुल रहे राज, ‘प्रवचनकर्ता’ पर दुष्कर्म और शोषण के आरोप

मथुरा IIT रुड़की से पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिषेक मिश्रा ने नौकरी नहीं, बल्कि प्रवचन का रास्ता चुना. कुछ ही वर्षों में वह ऑनलाइन माध्यम से युवाओं के बीच पहचान बनाने लगा. लेकिन मथुरा के गोवर्धन से हुई उसकी गिरफ्तारी के बाद वही पहचान जांच के घेरे में है. पुलिस का आरोप है कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर उसने युवतियों का विश्वास जीता और फिर उन्हें अपने प्रभाव में लिया. अब हर दिन सामने आ रहे नए तथ्य इस मामले को और गंभीर बनाते जा रहे हैं. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है. उसने वर्ष 2017 से 2021 के बीच IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. बताया जा रहा है कि उसने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भगवद्गीता तथा आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन शुरू कर दिए. धीरे-धीरे उसकी पहचान एक ऐसे युवा प्रवचनकर्ता के रूप में बनने लगी जो आधुनिक शिक्षा और धार्मिक ज्ञान का मिश्रण पेश करता था. यहीं से उसकी पहुंच देश के अलग-अलग राज्यों तक बननी शुरू हुई. पहला कदम ऑनलाइन प्रवचन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का सबसे बड़ा हथियार उसका ऑनलाइन नेटवर्क था. वह इंटरनेट के माध्यम से युवाओं से जुड़ता था. धार्मिक चर्चा, आत्मिक शांति, जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक उन्नति जैसे विषयों पर बातचीत कर वह लोगों का विश्वास जीतता था. जांच में यह भी सामने आया है कि उसके संपर्क में आने वाली कई युवतियां इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी थीं. कुछ बीटेक और एमटेक कर चुकी थीं तो कुछ उच्च शिक्षित परिवारों से थीं. पुलिस का मानना है कि आरोपी विशेष रूप से ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो जीवन में किसी भावनात्मक, मानसिक या आध्यात्मिक उलझन से गुजर रहे हों. पहले विश्वास कायम किया जाता था और फिर धीरे-धीरे उन्हें परिवार से दूर रहने तथा समूह के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था. गंधर्व विवाह का दावा और शारीरिक संबंधों के आरोप मामले में सबसे गंभीर आरोप एक पीड़िता के बयान के बाद सामने आए. पुलिस के अनुसार पीड़िता ने बताया कि अभिषेक मिश्रा कथित तौर पर यह कहकर युवतियों को भ्रमित करता था कि उनका गंधर्व विवाह हो चुका है. जांच अधिकारियों के मुताबिक, इसी आधार पर वह शारीरिक संबंध बनाता था. पीड़िता की शिकायत और दर्ज बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या ऐसी घटनाएं सिर्फ एक पीड़िता तक सीमित थीं या फिर अन्य युवतियां भी इसी तरह के दबाव और भ्रम का शिकार हुईं. पहले भी उठे थे सवाल, लेकिन नहीं खुल पाया था पूरा राज पूरे मामले का एक दिलचस्प और अहम पहलू यह भी है कि अभिषेक मिश्रा का नाम पहली बार विवादों में नहीं आया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार लगभग छह महीने पहले भी एक परिवार अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचा था. उस दौरान काफी हंगामा हुआ था. हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि युवती के साथ आए लोग उसके परिजन ही थे. उस समय मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया, लेकिन अब अधिकारियों का मानना है कि उसी दौरान कई संकेत मिल गए थे कि वहां कुछ असामान्य गतिविधियां चल रही हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक समय वहां करीब दो दर्जन युवक-युवतियां मौजूद थीं. हालांकि समय के साथ अधिकांश लोग वहां से अलग हो गए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आखिर इतने लोग वहां क्यों पहुंचे और बाद में क्यों लौट गए. परिवारों से दूरी, भावनात्मक दबाव और पैसों की जांच मथुरा पुलिस अब सिर्फ दुष्कर्म के आरोपों तक सीमित नहीं है. जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार यह भी जानकारी मिली है कि समूह में रहने वाले कुछ लोगों से उनके परिवारों के जरिए पैसे मंगवाए जाते थे. आरोप है कि भावनात्मक दबाव बनाकर आर्थिक मदद लेने की कोशिश की जाती थी. इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि क्या किसी प्रकार का आर्थिक शोषण हुआ था और यदि हुआ तो उसकी प्रकृति क्या थी. पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है. मोबाइल में मिले फोटो और वीडियो बने जांच का अहम हिस्सा जांच के दौरान कुछ फोटो और वीडियो भी पुलिस के संज्ञान में आए हैं. अधिकारियों के मुताबिक परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ चित्रों में आरोपी युवतियों के साथ आपत्तिजनक और अंतरंग स्थिति में दिखाई दे रहा है. हालांकि इन सामग्रियों की फोरेंसिक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन पुलिस इन्हें केस के महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल कर रही है. इसके अलावा जिन परिवारों के पास इस तरह की कोई अन्य सामग्री मौजूद है, उनसे भी संपर्क किया जा रहा है ताकि जांच को और मजबूत बनाया जा सके. मां भी छोड़ गई थी साथ  पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती दिनों में अभिषेक की मां भी उसके साथ रहती थीं. लेकिन बाद में वह वहां से चली गईं. अधिकारियों का कहना है कि यह भी जांच का विषय है कि आखिर किन परिस्थितियों में उन्होंने वहां से दूरी बनाई. पुलिस कार्रवाई के दौरान वहां से दो युवतियों और एक युवक को बरामद किया गया था. बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि सभी की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें. इस प्रक्रिया में विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है.  स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है. पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने बयान दिए हैं कि आरोपी अपने समूह से बाहर भी स्थानीय युवतियों और परिवारों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा था. यदि जांच में यह तथ्य पुष्ट होता है तो मामला और गंभीर हो सकता है. यही वजह है कि पुलिस आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है.

IPL 2026 स्टार वैभव सूर्यवंशी की कमाई में उछाल, मैदान के बाहर भी छाए

नई दिल्ली इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 में अपने बल्ले से हाहाकार मचाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) अब मैदान के बाहर भी बड़ी कमाई की ओर बढ़ रहे हैं. महज 15 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय बन चुके वैभव की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है. मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपनी एंडोर्समेंट फीस लगभग दोगुनी कर दी है और अब एक विज्ञापन डील के लिए 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक की चार्ज कर रहे हैं. वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा, जिसने पूरे सीजन में क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को प्रभावित किया. उनके इसी प्रदर्शन की बदौलत उन्हे और मोस्ट वैल्युबल (MVP) जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले. राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले वैभव फिलहाल 1.10 करोड़ रुपये के सालाना IPL कॉन्ट्रैक्ट पर हैं. हालांकि IPL नियमों के चलते उनकी सैलरी में तत्काल बदलाव नहीं होगा और इसके लिए उन्हें अभी इंतजार करना पड़ सकता है. लेकिन ब्रांड मार्केट में उनकी कीमत तेजी से बढ़ चुकी है. मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के मुताबिक, IPL 2026 शुरू होने से पहले वैभव ने कुछ प्रमुख कंपनियों के साथ लगभग 1 करोड़ रुपये प्रति डील के हिसाब से करार किए थे. इनमें कॉम्पलैन और रेड बुल जैसे बड़े नाम शामिल हैं. अब उनके शानदार सीजन के बाद कई अन्य कंपनियां भी उन्हें अपने ब्रांड से जोड़ने की कोशिश कर रही हैं. कौन संभाल रहा है वैभव की ब्रांड्स डील बताया जा रहा है कि वैभव की ब्रांड एंडोर्समेंट डील्स फिलहाल उनके माता-पिता संभाल रहे हैं. वहीं उनकी IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स भी इस प्रोसेस में उनके परिवार की मदद कर रही है. क्रिकेट और विज्ञापन जगत के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में उनकी ब्रांड वैल्यू और तेजी से बढ़ सकती है. वैभव अभी अपने क्रिकेट करियर की शुरुआती सीढ़ियां चढ़ रहे हैं, लेकिन IPL 2026 में उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बना दिया है. कई पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ उनकी तुलना सच‍िन तेंदुलकर, व‍िराट कोहली, सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों से करने लगे हैं. हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिभा के बावजूद वैभव के सामने अभी लंबा सफर है और उनके करियर को सही दिशा में आगे बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती होगी.

मुख्य सचिव से RPDA की अहम बैठक, वैट कटौती पर बनी सहमति की उम्मीद

 जयपुर राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (RPDA) की अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्य के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास के साथ उनकी एक अहम बैठक हुई. एसोसिएशन ने इस वार्ता को बेहद सकारात्मक बताते हुए मुख्य सचिव का आभार व्यक्त किया है. इस बैठक में प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करने से लेकर वैट कटौती जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम फैसले लिए गए. बैठक के दौरान प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया. तेल कंपनी से सीधे होगी पंप में आपूर्ति मुख्य सचिव ने सभी ऑयल कंपनियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी परिस्थिति में प्रदेश में संचालित पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए. यदि किसी क्षेत्र में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत दूर कर आपूर्ति को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि कंज्यूमर पंप अब सीधे ऑयल कंपनियों से ही ईंधन की आपूर्ति लेंगे. इसके लिए ऑयल कंपनियों को अपने स्तर पर ऐसे कंज्यूमर पंपों की एक सूची तैयार कर सरकार को सौंपने के लिए कहा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-कौन से पंप सीधे आपूर्ति ले रहे हैं. वहीं, नायरा कंपनी द्वारा प्रदेश में डीजल की आपूर्ति रोके जाने के मामले पर भी मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया और कंपनी को प्रदेश में शीघ्र ही डीजल आपूर्ति सुचारु करने के दिशा-निर्देश दिए. VAT कटौती पर क्या हुई बात इस वार्ता का सबसे महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित मुद्दा पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने का रहा. आरपीडीए ने इस मांग को पूरी मजबूती के साथ सरकार के समक्ष रखा. एसोसिएशन ने अपने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए सरकार को यह भरोसा दिलाया कि वैट में कटौती करने से राज्य सरकार को राजस्व में किसी भी प्रकार की हानि नहीं होगी. उनका मुख्य तर्क यह था कि राज्य में वैट अधिक होने के कारण जो बिक्री पड़ोसी राज्यों में जा रही है, वह वैट कम होने से रुक जाएगी और अंततः राज्य में ईंधन की बिक्री में भारी इजाफा होगा. इसके फलस्वरूप महंगाई की मार झेल रहे किसानों और आम जनता को एक बहुत बड़ी राहत मिल सकेगी. इस विषय पर गहन विचार-विमर्श के बाद एसोसिएशन ने वैट कटौती को लेकर एक संयुक्त कमेटी बनाने का भी सुझाव दिया ताकि समय रहते कोई ठोस निर्णय लिया जा सके. एसोसिएशन की इन तमाम दलीलों और सुझावों पर मुख्य सचिव ने उन्हें अवगत कराया कि सरकार वैट कटौती के मुद्दे को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और वर्तमान में इस पर अध्ययन करवा रही है. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट आश्वासन दिया है कि राज्य में वैट कटौती को लेकर सरकार का रुख बेहद सकारात्मक है और शीघ्र ही इस दिशा में अग्रिम व उचित कार्रवाई की जाएगी. यह जानकारी आरपीडीए के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह भाटी, उपाध्यक्ष प्रकाश गवालेरा और महासचिव शशांक कौरानी द्वारा जारी की गई.

11 जून से शुक्र का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, इन राशियों के लिए बनेगा शुभ समय

11 जून 2026 को शुक्र ग्रह का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश एक अत्यंत शुभ खगोलीय घटना है. पुष्य को नक्षत्रों का राजा माना जाता है, और जब सुख-समृद्धि के कारक शुक्र इसमें प्रवेश करते हैं, तो यह अवधि भौतिक सुखों, प्रेम और आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष रूप से फलदायी हो जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 जून से 23 जून तक शुक्र पुष्य नक्षत्र में रहेंगे. इस दौरान किन राशियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा. शुक्र के पुष्य नक्षत्र गोचर का प्रभाव पुष्य नक्षत्र में शुक्र का होना विलासिता, सौंदर्य और धन के साधनों में वृद्धि करता है. यह समय नई खरीदारी, निवेश और संबंधों में मधुरता लाने के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है. 1. वृषभ (Taurus) शुक्र आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए पुष्य नक्षत्र में उनका गोचर आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा. इस दौरान आपको हर कार्य में सफलता मिलेगी. यदि आप काफी समय से किसी महंगी वस्तु या संपत्ति खरीदने की सोच रहे थे, तो यह समय अनुकूल है. आत्मविश्वास में जबरदस्त उछाल आएगा. 2. कर्क (Cancer) चूंकि पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि है और यह आपकी राशि के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए शुक्र का यहाँ आगमन आपको विशेष लाभ दिलाएगा. कार्यस्थल पर आपको पद-प्रतिष्ठा मिलेगी. वैवाहिक जीवन में खुशहाली आएगी और पार्टनर के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी. 3. कन्या (Virgo) कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से बहुत शुभ है. शुक्र के प्रभाव से अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं. जो लोग कला, मीडिया या ग्लैमर की दुनिया से जुड़े हैं, उन्हें बड़े अवसर मिल सकते हैं. आय के नए स्रोत विकसित होंगे. 4. वृश्चिक (Scorpio) शुक्र का गोचर आपके लिए सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी का संकेत है. घर में मांगलिक कार्य हो सकते हैं. जो लोग नौकरी की तलाश में हैं या ट्रांसफर चाहते हैं, उन्हें इस अवधि में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. निवेश से जुड़े कार्यों में लाभ होगा. 5. मीन (Pisces) शुक्र उच्च के प्रभाव के साथ आपकी राशि के लिए लाभकारी रहेंगे. आपको समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी. यदि कोई पुराना विवाद चल रहा था, तो वह इस दौरान समाप्त हो सकता है. यह समय रचनात्मक कार्यों के लिए बेहतरीन है. लाभ पाने के लिए विशेष उपाय – शुक्रवार के दिन सफेद मिठाई या मिश्री का भोग लक्ष्मी जी को लगाएं. – शुक्र के बीज मंत्र 'ऊं द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:' का 108 बार जाप करें. – इस अवधि में इत्र या सुगंधित वस्तुओं का प्रयोग करना आपके लिए भाग्यवर्धक रहेगा.

मूसलाधार बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल, सड़कें धंसी और बाजार डूबे

लखनऊ यूपी में भीषण गर्मी के बीच मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। कभी सौ की रफ्तार से तूफान तो कभी मूसलाधार बारिश होने लग रही है। ऐसा ही नजारा आगरा में दिखाई दिया है। यहां बारिश ने जबरदस्त कोहराम मचाया है। सीएम ग्रिड की निर्माणाधीन सड़क के बारिश में धंस जाने से इसमें 12 कारें और वैन पलट गईं। तीन से चार फुट तक धंसी सड़क के गड्ढों में यह वाहन फंस गए, जिन्हें शाम तक हाइड्रा मशीन मंगाकर निकलवाया गया। गनीमत यह रही कि कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ। नगर निगम सीएम ग्रिड (ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत शहर में पांच सड़कों को मॉडल रोड बनाने का काम हो रहा है। इनमें से एक बसई रोड से इंद्रापुरम रोड तक के हिस्से में 10 फीट गहराई पर यूटिलिटी डक्ट, सीवर और पानी की लाइनें बिछाई गई हैं। लाइनें बिछाकर मिट्टी और गिट्टी बिछा दी गई। पार्षद दीपक वर्मा ने बताया कि सोमवार रात की बारिश में सड़क पानी से लबालब हो गई। सुबह कार चालक यहां से निकले तो वह पानी भरा देखकर गड्ढों को भांप नहीं सके और इनमें फंसते चले गए। करीब 12 कारें और वैन इन गड्ढों में फंसने के बाद पलट गईं। गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गए। उन्हें क्षेत्रीय लोगों ने जैसे-तैसे बाहर निकाला। पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई। टोरंट की मरम्मत वैन, कचरा उठाने वाली गाड़ी भी फंसी। कई दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हुए। कीचड़ होने की वजह से पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह देहली गेट से राजा मंडी स्टेशन की ओर चल रहे सीएम ग्रिड योजना के काम के चलते कीचड़ ही कीचड़ हो गई। उधर अमर होटल से विभव नगर रोड का भी कमो‌वेश यही हाल हो गया। यहां भी लोगों को परेशानी हुई। नगर निगम के दावों की खुली पोल मूसलाधार बारिश से नगर निगम के नाला सफाई अभियान की हकीकत सामने आ गई, वहीं कई स्थानों पर चल रहे विकास कार्यों और सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। बारिश के कारण नाले उफान पर आ गए और कई बस्तियों में पानी भर गया। घरों, गलियों और बाजारों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर नालों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और गलियों में सिल्ट के ढेर लग गए। सोमवार रात करीब 12 बजे के बाद मौसम का मिजाज बदलना शुरू हुआ। आसमान में घने बादल छा गए और रात करीब दो बजे तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। मंगलवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों ओर जलभराव, कीचड़ और गंदगी का नजारा दिखाई दिया। पार्षद राकेश कन्नौजिया ने बताया कि आगरा कैंट क्षेत्र में एक पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं सोहल्ला और आसपास की बस्तियों में घरों में पानी भर गया। उधर वार्ड संख्या तीन जगदीशपुरा में आंबेडकर वाटिका के पीछे नाला उफान पर आ गया। पार्षद प्रीति भारती का आरोप है कि लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में नाला सफाई के दावे हो रहे हैं मगर कुछ घंटों की बारिश ने ही सारी पोल खोल दी। इस बार भी ताजनगरी में जलभराव से बचाव के इंतजाम मुकम्मल नहीं हो पाए। सब कुछ वैसा ही नजर आया, जिसकी कल्पना से ही हर साल शहर के लोग डर जाते थे। फिर कह रहे हैं कि मानसून तो अभी आना बाकी है। बाजारों की बिगड़ी सूरत, 800 दुकानों में भरा पानी मूसलाधार बारिश ने शहर के प्रमुख बाजारों में भारी नुकसान पहुंचाया। सबसे अधिक असर बिजलीघर चौराहा और आसपास के बाजारों में देखने को मिला, जहां जलभराव के कारण 800 से अधिक दुकानों में पानी घुस गया। राजामंडी बाजार भी रातभर पानी में डूबा रहा। मंगलवार सुबह दुकानदारों ने दुकानों में भरे पानी, कीचड़ और सिल्ट को देखकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों के अनुसार बिजलीघर, मंटोला, काजीपाड़ा और बालूगंज नालों के ओवरफ्लो होने से पानी बाजारों में भर गया। इससे बिजलीघर, शिवाजी मार्केट और छीपीटोला रोड स्थित दुकानों में रखा सामान खराब हो गया। व्यापारियों ने करोड़ों रुपये के नुकसान का दावा किया है। उप नगर आयुक्त सरिता सिंह ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। उधर राजामंडी बाजार में भी जलभराव से व्यापार प्रभावित हुआ। व्यापारी लिल्ली गोयल ने बताया कि सड़क, नाला निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस है। सपा नेता राहुल चतुर्वेदी ने व्यापारियों को उचित मुआवजा देने और समाधान की मांग की है। टाइल्स की आवाज से जागे, घर गिरने से पहले भागे बारिश के बाद बालूगंज (रकाबगंज) क्षेत्र में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रात करीब पौने तीन बजे एक के बाद एक चार मकान भरभराकर ढह गए। राहत की बात यह रही कि मकानों में टाइल्स टूटने और दीवारों से आवाज आने पर परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे 23 लोगों की जान बच गई। हादसे में अतीश कुमार सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार एसएन में कराया गया। स्थानीय निवासी शिवम ने बताया कि तेज बारिश के दौरान उनके घर सहित विनोद कुमार, मुकेश सोनकर और अशोक के मकानों में पानी भरने लगा था। मकानों से असामान्य आवाजें आने लगीं और टाइल्स टूटने लगीं। खतरा भांपकर सभी लोग घरों से बाहर निकल गए। कुछ ही क्षण बाद चारों मकान ढह गए। महिलाएं व बच्चे दहशत में आ गए। सूचना पर थाना रकाबगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के दो अन्य मकान भी एहतियातन खाली करा दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। दोपहर में नगर निगम ने जेसीबी लगाकर मलबा हटवाया और मार्ग को सुचारू कराया। हादसे में अतीश कुमार सोनकर पुत्र रामलाल, विनोद कुमार पुत्र किशोरी लाल, मुकेश सोनकर पुत्र किशोरीलाल और अशोक का मकान उजड़ गए। अपने भरे पूरे घर को मलबे में तब्दील देख घर की महिलाएं दहाड़ मार कर रो रही थी।

बॉबी देओल की ‘बंदर’ रिलीज से पहले चर्चा में, एडवांस बुकिंग पर टिकी नजरें

बॉबी देओल की नई फिल्म बंदर का माहौल ट्रेलर आने के बाद से ही बनने लगा था. अब फिल्म की रिलीज, यानी 5 जून में बहुत दिन नहीं बचे हैं और एडवांस बुकिंग भी जल्द ही खुलने वाली है. अब सबसे बड़ा इंतजार इस बात का है कि बंदर की सोशल मीडिया वाली चर्चाएं, एडवांस बुकिंग के दमदार आंकड़ों में बदलेंगी या नहीं. क्योंकि लॉकडाउन के बाद से ही बॉबी देओल का करियर एक दमदार आर्क पर बढ़ता नजर आ रहा था, मगर इसमें एनिमल (2023) के बाद कुछ स्पीड ब्रेकर आ गए. एक पीछे छूट गए हीरो के शानदार कमबैक की कहानी, बॉबी के बड़े भाई सनी देओल ने तो गदर 2 के साथ बड़े ही शानदार तरीके से पूरी की है. लेकिन बॉबी के लिए बंदर की सक्सेस, उनके कमबैक आर्क का सबसे बड़ा धमाका बन सकती है. हालांकि, बंदर के इस खेल में एक बड़ा रिस्क भी छिपा है. बॉबी के फैंस को 'बंदर' से क्यों है बड़े खेल की उम्मीद? बॉबी देओल अब सिर्फ जनता में पॉपुलर हीरो नहीं हैं, वो अपने-आप में एक 'पॉप-कल्चर एलीमेंट' बन गए हैं. 90s के अंत और 2000s की शुरुआत में बॉबी एक स्टार थे— अपने नाम पर फिल्म चलाने वाले स्टार, जिनका करियर और फिल्में चमक-दमक से भरी थीं. स्टारडम की खासियत और बुराई, दोनों यही है कि स्टार के एक्टिंग टैलेंट पर बहुत ध्यान नहीं दिया जाता, मैटर करती है तो बस थिएटर्स में भीड़ खींचने की उसकी पावर. 2010 के आसपास उनका स्टारडम फीका पड़ने लगा तो सामने आने वाले प्रोजेक्ट्स की क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों कमजोर हो गई. 2018 में रेस 3 से सलमान खान ने दोबारा उन्हें एक 'स्टार' की तरह पेश किया और बॉबी का नेचुरल ऑरा लोगों को फिर दिखने लगा. लेकिन अपने कमबैक के लिए बॉबी सिर्फ स्टार वाले भौकाल पर डिपेंड होकर नहीं आए थे, वो अपने एक्टिंग वाले हुनर को भी धार दे रहे थे, ये बात उन्होंने खुद मानी है. इसी का कमाल था कि प्रकाश झा ने उन्हें अपनी वेब सीरीज आश्रम में लिया और अतुल सभरवाल ने Class of 83 में उन्हें एक यंग पुलिस एनकाउंटर टीम के मेंटोर का रोल दिया. ये दोनों प्रोजेक्ट अगस्त 2020 में लोगों के सामने आए और बॉबी की एक्टिंग परफॉर्मेंस वाली साइड देखकर लोगों का मुंह खुला रह गया. आश्रम के चार सीजन्स, लव हॉस्टल, और एनिमल से बॉबी का भौकाल बढ़ता ही चला गया. दर्शकों की एक पूरी नई जेनरेशन ने 'लॉर्ड बॉबी' को डिस्कवर किया. लेकिन एनिमल के बाद बॉबी के भौकाल का असर खुलकर धमाके करने से थोड़ा चूक रहा है. उन्होंने साउथ में तमिल फिल्म कंगुवा, तेलुगु में डाकू महाराज और हरिहर वीर मल्लू जैसी फिल्में ट्राई कीं, लेकिन कुछ खास भला नहीं हुआ. आखिरकार आर्यन खान की वेब सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड ने बॉबी की चमक थोड़ी बढ़ाई, लेकिन धीरे-धीरे वो मिडिल एज्ड सपोर्टिंग हीरो या विलेन के रोल में फंसते जा रहे हैं. क्यों धमाका कर सकती है 'बंदर'? लॉर्ड बॉबी को लगातार सेलिब्रेट करने वाली जनता को अब उनकी सोलो हिट का इंतजार है— एक ऐसी फिल्म जिसमें बॉबी लीड रोल में दिल जीत लें, सपोर्टिंग या नेगेटिव रोल में न हों. और बंदर का ट्रेलर दिखा चुका है कि इस फिल्म में वो बात है. इसके डायरेक्टर अनुराग कश्यप हैं, जिनके साथ काम करना भर ही एक एक्टर के दमदार होने की पहचान है. उनकी फिल्मों का संसार बहुत रियलिस्टिक होता है और बॉबी जैसे 'स्टार' एक्टर को अनुराग के सिनेमा-संसार में देखना ही ऑडियंस को एक एक्साइटिंग पॉइंट लग रहा है. ट्रेलर में ही बॉबी की परफॉर्मेंस दमदार नजर आ रही है. फिल्म को जनता का पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ मिल गया, तो कमाल होना तय है. मगर इस कमाल के रास्ते में एक रिस्क भी है. कैसे 'बंदर' के लिए स्पीड ब्रेकर बन सकता है अनुराग का नाम? अनुराग कश्यप, भारत के सबसे उम्दा फिल्ममेकर्स में से एक हैं, इस बात पर कभी किसी को कोई शक नहीं रहा. मगर गैंग्स ऑफ वासेपुर के बाद से ही जनता उनकी फिल्मों के लिए थिएटर में पहले जैसी एक्साइटमेंट नहीं दिखा रही. अनुराग की फिल्मों पर दर्शकों का रिस्पॉन्स अब कुछ ऐसा हो चुका है कि 'ओटीटी पर देखो और सोशल मीडिया पर तारीफों की झड़ी लगा दो', लेकिन टिकट खरीद कर थिएटर्स में देखने के नाम पर दर्शक पीछे सरक लेते हैं. अनुराग की डायरेक्ट की हुई पिछली कई फिल्मों के साथ यही हुआ है— मुक्काबाज, मनमर्जियां, दोबारा, केनेडी और निशानची के दोनों पार्ट्स इसका उदाहरण हैं. अनुराग की फिल्मों को मिलने वाला ये 'ओटीटी फ्रेंडली' रिस्पॉन्स ही बंदर के लिए सबसे बड़ी दिक्कत बन सकता है. हालांकि, बॉबी के लिए फैंस का प्यार दर्शकों को थिएटर तक खींचने का दम रखता है. शुक्रवार, 5 जून को बंदर रिलीज होगी और तभी पता चलेगा कि अनुराग और बॉबी का ये अनोखा कॉम्बो बॉक्स ऑफिस पर क्या खेल दिखाता है.

नमो घाट के पास मॉडल स्टेशन प्रोजेक्ट का रास्ता साफ, हटाए गए अवैध कब्जे

वाराणसी वाराणसी में नमो घाट के पास बनने वाले मॉडल स्टेशन के लिए देर रात कब्रिस्तान और अवैध मस्जिद पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया। आदमपुर थाना क्षेत्र के किला कोहना (भदऊं चुंगी) पर स्थित मस्जिद को ध्वस्त करने के बाद मलबा भी रात में ही हटा दिया गया। मस्जिद के पास के कब्रिस्तान से जुड़ी भूमि से भी अवैध कब्जे हटा दिए गए। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ जिला प्रशासन और रेलवे की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। कार्रवाई के दौरान कई थानों की पुलिस भारी संख्या में अर्धसैनिक बल और पीएसी के जवानों को भी बुला लिया गया था। हालांकि किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा है। उत्तर रेलवे की निर्माण परियोजनाओं से संबंधित इस भूमि को लेकर उच्च न्यायालय में रिट दायर की गई थी। रेलवे के पक्ष में फैसला आने के बाद कार्रवाई की गई। बता दें कि काशी रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार और विस्तार के तहत स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 47.26 एकड़ में निर्माण कार्य प्रस्तावित है। धार्मिक स्थल की भूमि को लेकर रेलवे और स्थानीय पक्षों में विवाद था। वाराणसी में बीती रात 200 साल पुरानी "अजगैब मस्जिद" बुलडोजरों से ढहा दी गयी. 2024 में हुई पैमाइश में यह खुलासा हुआ कि यह मस्जिद रेलवे और कब्रिस्तान की जमीन पर बनी है. नोटिस देने के बाद भी मस्जिद नही हटाई गयी. अब प्रशासन ने कई बुलडोजर लेकर मस्जिद जमीदोज कर दी है. हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मंगलवार रात संयुक्त टीम भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विरोध या तनाव की स्थिति नहीं बनी। नमो घाट के पास काशी स्टेशन पर होंगी कई सुविधाएं वाराणसी में नमो घाट के ठीक ऊपर स्थित काशी स्टेशन पर कई सुविधाएं विकसित होने जा रही हैं। यहां प्रस्तावित एयर कॉनकोर्स (गलियारा) दोनों भवनों को जोड़ेगा। लगभग 200 मीटर लम्बा और 100 मीटर लम्बा वातानुकूलित कॉनकोर्स न सिर्फ यात्रियों के लिए पैदल पारपथ (एफओबी) होगा, बल्कि इसमें बैठने की सुविधा होगी। वेटिंग हॉल और लाउंज होंगे। खरीदारी के लिए फूड और मल्टीपरपज स्टॉल भी बनेंगे। प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ियां और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। काशी स्टेशन का तकरीबन 350 करोड़ से मेजर अपग्रेडेशन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है। अपग्रेडेशन होने के बाद राजघाट साइड में काशी स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार हो जाएगा, जबकि वर्तमान प्रवेश द्वार सेकेंड एंट्री (द्वितीय प्रवेश द्वार) हो जाएगा। इसके अलावा टिकट घर, रिजर्वेशन काउंटर, पार्किंग, अत्याधुनिक टॉयलेट, वेटिंग हॉल समेत कई अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। भविष्य में काशी स्टेशन की यार्ड रीमॉडलिंग की भी योजना है। इसके तहत पटरियों और प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान प्लेटफॉर्मों की लम्बाई भी बढ़ेगी। फिलहाल काशी स्टेशन पर दोनों तरफ के भवनों को जोड़ने के लिए एयर कॉनकोर्स बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लेने समेत अन्य बिंदुओं पर प्रस्ताव बन रहा है। लखनऊ जंक्शन (चारबाग) के बाद उत्तर रेलवे (लखनऊ मंडल) का यह दूसरा कॉनकोर्स होगा। यह भवनों की दूसरी मंजिल से जुड़ेगा। यह चौड़े पुल या छत की तरह प्लेटफॉर्म से काफी ऊंचाई पर स्थित होगा। उत्तर रेलवे के एडीआरएम बृजेश कुमार यादव के अनुसार काशी स्टेशन पर मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत नए भवनों और एयर कॉनकोर्स के निर्माण समेत कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मार्च 2027 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है।

गर्मियों में टैनिंग से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं एलोवेरा और मिल्क पाउडर फेस पैक

 तेज धूप और गर्म हवाओं का सबसे ज्यादा असर हमारी स्किन पर पड़ता है. लंबे समय तक धूप में रहने से चेहरे पर टैनिंग, कालापन और रूखापन नजर आने लगता है. गर्मियों में लोग सनटैन से सबसे ज्यादा परेशान होते हैं और कुछ लोग तो इसे हटाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पार्लर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, मगर घर में मौजूद चीजों से आप आसानी से अपनी काली पड़ी स्किन को चमका सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप भी टैनिंग से परेशान हैं तो आज हम आपको एक ऐसा घरेलू नुस्खा बताने जा रहे हैं, जो आपके काफी काम आ सकता है. मिल्क पाउडर और एलोवेरा का फेस पैक तेज धूप से काली पड़ी स्किन को साफ करने में काफी असरदार उपाय माना जाता है. एलोवेरा-मिल्क पाउडर फेस पैक के फायदे एलोवेरा त्वचा को ठंडक देने और हाइड्रेट रखने में मदद करता है. वहीं मिल्क पाउडर में मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन हटाकर चेहरे की रंगत निखारने में मदद करता है. इन दोनों का कॉम्बिनेशन सनटैन हटाने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, इसलिए दादी-नानी के जमाने यह नुस्खा इस्तेमाल किया जा रहा है. फेस पैक बनाने का तरीका     1 बड़ा चम्मच मिल्क पाउडर     2 बड़े चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल     आधा चम्मच शहद     कुछ बूंदें गुलाब जल इन सभी चीजों को एक बाउल में अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. कैसे करें इस्तेमाल सबसे पहले चेहरे को फेस वॉश से साफ कर लें. अब तैयार फेस पैक को चेहरे और गर्दन पर अच्छे से लगाएं. करीब 15 से 20 मिनट तक इसे सूखने दें. इसके बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए ठंडे पानी से चेहरा धो लें. हफ्ते में 2 से 3 बार इस पैक का इस्तेमाल करने से स्किन की टैनिंग धीरे-धीरे कम होने लगती है और चेहरा साफ, मुलायम और ग्लोइंग नजर आने लगता है. त्वचा को मिल सकते हैं ये फायदे     सनटैन और कालापन कम करने में मदद     स्किन को ठंडक और हाइड्रेशन     डेड स्किन हटाने में सहायक     चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद     स्किन को मुलायम और फ्रेश बनाएगी इन बातों का रखें ध्यान अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है, तो इस फेस पैक को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. साथ ही धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना न भूलें, ताकि आपकी स्किन को दोबारा नुकसान न पहुंचे.

15 दिन में शिकायत निस्तारण के निर्देश, सीएम योगी ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी

 गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। गोरखपुर प्रवास के तीसरे दिन बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि मामलों का निस्तारण 15 दिन के अंदर करें। इसके साथ ही पीड़ित से फीडबैक भी लें। कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जमीन विवाद को लेकर आए फरियादियों को सुन दबंगों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलाज के लिए आए लोगों को आश्वासन दिया कि सभी का इलाज होगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि एस्टीमेट मंगवाएं ताकि धन उपलब्ध कराया जा सके। जनता दर्शन में सीएम ने 200 से अधिक लोगों की फरियाद सुनी और कहा कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं, हर समस्या का समाधान होगा। बता दें कि सीएम योगी जब कभी गोरखपुर में होते हैं तो वह गोरखनाथ मंदिर परिसर में सुबह फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते और समाधान के निर्देश देते हैं। मंगलवार को भी उन्होंने फरियादियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनशिकायतों के समाधान के निर्देश दिए थे। सीएम योगी ने कहा था कि समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनशिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सीएम योगी ने फरियाद लेकर आए लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, हर समस्या का समाधान होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। समाज के हर जरूरतमंद के लिए आवास से लेकर इलाज तक, बिटिया की पढ़ाई, विवाह से लेकर निराश्रित, बुजुर्ग के पेंशन तक सरकार की अनेक योजनाएं हैं। सभी पात्र लोगों से आवेदन कराकर इन योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाया जाए। साथ ही जनशिकायतों के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कहा कि भूमाफिया की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करें और केस दर्ज कर जेल भेजें। इलाज के लिए मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरपूर सहायता देने का आश्वासन दिया। इस संदर्भ में अधिकारियों से एस्टीमेट उपलब्ध कराने को कहा।