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पटना में बंगला विवाद गरमाया: राबड़ी देवी से सरकारी आवास खाली कराने की कार्रवाई तेज

पटना बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को पटना जिला प्रशासन ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर आवास खाली कर 39 हार्डिंग रोड स्थित आवंटित सरकारी आवास में स्थानांतरित होना होगा। जिला प्रशासन का कहना है कि पूर्व सीएम राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड में शिफ्ट होने का अनुरोध किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 15 दिनों के भीतर आवास खाली नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, शनिवार शाम को पटना पुलिस राबड़ी देवी के आवास पर पहुंची थी। सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी ने राबड़ी देवी से मुलाकात कर प्रशासन का पत्र और निर्देश सौंपा। मुलाकात के दौरान आवास खाली करने और नए आवास में स्थानांतरित होने को लेकर प्रशासन की ओर से औपचारिक जानकारी दी गई थी। इसके बाद सियासत गरमा गई। राजद और भाजपा नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर हमला बोला। जानिए भवन निर्माण ने क्या कहा? भवन निर्माण विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि 25 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत नेता प्रतिपक्ष के लिए हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या-39 आवंटित किया गया था। विभाग का कहना है कि नया आवास उपलब्ध कराए जाने के बावजूद राबड़ी देवी ने अब तक सर्कुलर रोड स्थित आवास संख्या-10 खाली नहीं किया है। राबड़ी आवास मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित विभागीय पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 27 मई 2026 को जारी आदेश के तहत उक्त आवास डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। ऐसे में नए आवंटन को प्रभावी बनाने के लिए आवास संख्या-10 को शीघ्र खाली कराना आवश्यक है। संयुक्त सचिव-सह-भू-संपदा पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है। विभाग ने नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी से अनुरोध किया है कि आवास खाली कराने की कार्रवाई जल्द सुनिश्चित की जाए। राबड़ी देवी के किस बयान मचा दिया था बवाल शनिवार दोपहर पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान राबड़ी देवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हम तो चाहते हैं कि फोर्स बुलाकर खाली करा लें। अगर सरकार को जगह खाली करानी है तो प्रशासन और फोर्स का इस्तेमाल करे, लेकिन हम अपनी जगह खाली नहीं करेंगे। बता दें कि लालू प्रसाद अपने परिवार के साथ फिलहाल सर्कुलर रोड स्थित आवास संख्या-10 में रहते हैं

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर बढ़ी हलचल

नई दिल्ली आज मई का आखिरी दिन है और कल से तमाम बड़े फाइनेंशियल बदलावों के साथ जून का महीना शुरू होने जा रहा है, जो पहली तारीख से ही लागू (Rule Change From 1st June) होने वाले हैं. इन बदलावों का असर हर घर हर जेब पर पड़ने वाला है. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों (LPG Cylinder Price) में किसी भी तरह का कोई बदलवा जहां घर की रसोई के बजट पर असर डालने वाला साबित होगा, तो वहीं पेट्रोल-डीजल पर नया निर्यात शुल्क (Petrol-Diesel Export Duty) भी 1 जून से लागू होने वाला है. इसके अलावा कार के शौकीनों पर भी महंगाई की मार पड़ने वाली है. ऐसे ही पांच बड़े बदलावों पर नजर डालते हैं. पहला बदलाव: एलपीजी सिलेंडर को लेकर दो चेंज   हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन करती हैं और नए रेट्स (LPG Cylinder New Rates) जारी करती हैं. जून महीने की पहली तारीख को भी एलपीजी प्राइस में बदलाव देखने को मिल सकता है. मिडिल ईस्ट संकट के चलते बीते कुछ महीनों में सिलेंडर महंगा किया गया था. इसके बाद फिलहाल दिल्ली (Delhi LPG Cylinder Price) में 14 किलोग्राम वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये का मिल रहा है, जबकि 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर 2078 रुपये में मिल रहा है. इसके अलावा वेस्ट एशिया संकट को देखते हुए लोगों को गैस की कोई दिक्‍कत नहीं आए, इसलिए कुछ अन्य खास बदलाव किए जा रहे हैं. इसमें से एक बदलाव 1 जून से लागू होने जा रहा है, जिसके तहत आपका रसोई सिलेंडर कनेक्‍शन कैंसिल हो सकता है. सरकार ने कहा है कि अगर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्‍शन हैं, तो एलपीजी को सरेंडर करना होगा. हालांकि, इसके बावजूद भी लोग पीएनजी का कनेक्‍शन ले रहे हैं, लेकिन एलपीजी को सरेंडर नहीं कर रहे हैं, ऐसे घरों की पहचान शुरू कर दी गई है. दूसरा बदलाव: Petrol-Diesel और ATF   जून महीने की पहली तारीख को हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसमें आने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का सीधा असर हवाई यात्रा करने वाले लोगों की जेब पर पड़ता है. इसके अलावा वेस्ट एशिया संघर्ष के चलते गहराए तेल संकट के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात (Petrol-Diesel New Export Duty) पर नए शुल्क लागू करने का फैसला किया है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी होंगे. सरकारी नोटिफिकेशन पर नजर डालें, तो पहली तारीख से पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क तय किया गया है. तीसरा बदलाव: HDFC Bank के नियम 1 जून 2026 से HDFC Bank अपने करंट अकाउंट समेत अन्य कई खातों से जुड़े नियम बदलने जा रहा है. पहली तारीख से छोटे नोट और सिक्कों के कैश डिपॉजिट पर नई लिमिट के साथ ही नया चार्ज लागू होगा. अब तक इन छोटे नोटों के कैश डिपॉजिट पर कोई मंथली लिमिट सेट नहीं थी, लेकिन नोट डिपॉजिट पर करीब 4% और सिक्के जमा करने पर लगभग 5% चार्ज लगता था. अब ये बदल रहा है. बैंक के मुताबिक, नए नियमों के तहत 20 रुपये या उससे कम मूल्य के नोट के लिए लिमिट 10000 रुपये प्रति माह, जबकि सिक्कों के लिए 5,000 रुपये प्रतिमाह की लिमिट सेट की गई है. इससे अधिक कैश जमा पर 2 फीसदी का एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा. ध्यान रहे ये लिमिट के बाद की एक्स्ट्रा जमा राशि पर लागू होगा. चौथा बदलाव: Solar Panel से जुड़ा नियम जून महीने की पहली तारीख से चौथा बदलाव सोलर पैनल से जुड़ा हुआ है, 1 जून 2026 से सोलर पैनल के लिए अप्रूव्ड मॉडल और मैन्युफैक्चरर लिस्ट (ALMM List-II) मान्य होगी. इसके लागू होने से सरकारी स्कीम्स और अन्य तमाम सब्सिडी वाले प्रोजेक्ट्स में उन्हीं सोलर मॉड्यूल और सेल का इस्तेमाल करा होगा, जो इस लिस्ट में शामिल होंगे. इनकी क्वालिटी और गुणवत्ता को लेकर ये कदम उठाया जा रहा है और ऐसे में आशंका जताई जा रही कि सोलर पैनल के दाम (Solar Panel Price) बढ़ सकते हैं. पांचवां बदलाव: मारुति की कारें महंगी 1 जून से कारों के शौकीनों पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ने जा रही है. दरअसल, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने बीते दिनों अपनी कारों की कीमतों में इजाफा करने का ऐलान किया था. नई कीमतें कल से लागू होने जा रही हैं, इसी के साथ ऑल्टो से लेकर ब्रेजा और विक्टोरिस समेत अन्य कारें महंगी हो जाएंगी. Maruti Suzuki के मुताबिक, अलग-अलग मॉडलों पर कार की कीमतों में मैक्सिमम 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की जी रही है.

शिक्षा और आबकारी विभाग में भी बदलाव, 30 जिलों में नए बीएसए और कई अधिकारी इधर से उधर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के काम काज को चुस्त-दुरुस्त और तेज बनाने के लिए योगी सरकार लगातार ऐक्शन मोड में है। इस बीच कई विभागों में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। परिवहन, शिक्षा, आबकारी विभाग में कई अधिकारी इधर से उधर किए गए हैं। शासन ने 28 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किए हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) मनोज कुमार मिश्रा को एआटीओ (प्रशासन) गौतमबुद्धनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात सोमलता यादव को एसआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) कानपुर नगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीरजापुर विजय प्रकाश सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) प्रयागराज, एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत वीरेंद्र सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर मो.अजीम को एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती, एआरटीओ (प्रशासन) बलिया अरुण कुमार राय को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीराजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) बिजनौर गौरी शंकर ठाकुर को एआरटीओ (प्रशासन) फिरोजाबाद, एआरटीओ (प्राविधिक) परिक्षेत्र लखनऊ हिमांशु जैन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मुख्यालय के साथ एआरटीओ (प्रशासन) विस्तार पटल लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती विनीत कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रवर्तन चतुर्थ दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) हमीरपुर अमिताभ राय को एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी अंकित शुक्ला को एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़ अतुल कुमार यादव को एआरटीओ (प्रशासन) देवरिया, एआरटीओ (प्रवर्तन) प्रतापगढ़ दिलीप कुमार गुप्ता को एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी, एआरटीओ (प्रवर्तन) अमरोहा महेश कुमार शर्मा को एआरटीओ (प्रशासन) बिजनौर, एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ प्रवेश कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) शामली, एआरटीओ (प्रशासन) शामली रोहित राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात, एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर संतोष कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) फतेहपुर, एआरटीओ (प्रशासन) एटा सत्येन्द्र कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ के पद पर तैनाती दी गई है। एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी शिवम यादव को एआरटीओ (प्रशासन) एटा, एआरटीओ (प्रवर्तन) फर्रुखाबाद सुभाष चंद्र राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़, एआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) वाराणसी सुधांशु रंजन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मेरठ, एआरटीओ (प्रवर्तन) सोनभद्र राजेश्वर यादव को एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन) मीरजापुर सुशील कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत, एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) प्रवीण कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) हमीरपुर तथा एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) सौम्या पांडेय को एआरटीओ (प्रशासन) उरई बनाया गया है। डिप्टी और असिस्टेंट रजिस्ट्रार भी बदले गए राज्य विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। उप्र राज्य विवि सेवा के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। वहीं डिप्टी व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली का और अमृत लाल को महाराजा सुहेलदेव विवि आजमगढ़ का रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार को बनाया गया है। कई डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण दूसरे विश्वविद्यालयों में किया गया है। लखनऊ समेत छह आबकारी उपायुक्त बदले शासन ने जिला आबकारी अधिकारियों के तबादले के बाद शनिवार को उप आबकारी आयुक्तों को भी स्थानांतरित कर दिया। वाराणसी मंडल के उप आबकारी आयुक्त प्रदीप दुबे को लखनऊ, राकेश कुमार सिंह को लखनऊ से आगरा, विजय प्रताप सिंह को आगरा से देवीपाटन मंडल गोंडा, आलोक कुमार को देवीपाटन मंडल गोंडा से उप आबकारी आयुक्त (विधि) मुख्यालय, राकेश कुमार अग्रवाल को गोरखपुर से बरेली, शैलेंद्र प्रताप सिंह को बरेली से वाराणसी स्थानांतरित किया गया है। 30 जिलों में तैनात किए गए नए बीएसए उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ख के 30 बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) का शनिवार को तबादला किया गया। इसके साथ ही 19 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के वरिष्ठ प्रवक्ता व राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में तैनाती दी गई है। संतोष कुमार शामली, राकेश सिंह आगरा, अनिल कुमार फिरोजाबाद, आलोक सिंह अलीगढ़, रणवीर सिंह हाथरस, अनुपम अवस्थी एटा, नवीन कुमार बदायूं, जय शंकर श्रीवास्तव शाहजहांपुर के बीएसए बनाए गए हैं। वीरेंद्र कुमार सिंह बुलंदशहर, दीपा भाटी हापुड़, देवव्रत सिंह प्रतापगढ़, प्रिंसी मौर्य फतेहपुर, भूपेंद्र सिंह वाराणसी, समीर जौनपुर, गोरखनाथ पटेल सीतापुर, डा. राम जियावन मौर्य देवरिया के बीएसए बनाए गए हैं। अनिल कुमार सिंह कुशीनगर, अमित सिंह मुरादाबाद, हरिओम सिंह कानपुर नगर, आशीष कुमार पांडेय कानपुर देहात, रत्नेश कुमार ललितपुर, पूनम मिश्रा अंबेडकरनगर, विकास चौधरी जालौन, पूनम कन्नौज, मुकेश खरवार हमीरपुर, जितेंद्र कुमार गौड़ झांसी, रंजना शुक्ला चित्रकूट, विकास चंद्र श्रीवास्तव बलरामपुर, सुरजीत सिंह महाराजगंज और विकास कुमार सिंह मैनपुरी के बीएसए बनाए गए हैं। स्वाती भारती व दिव्या गुप्ता को सहायक उप शिक्षा निदेशक एससीईआरटी बनाया गया है। विमलेश कुमार को बेसिक शिक्षा निदेशक के कार्याल का विधि अधिकारी बनाया गया है। चंद्र प्रकाश को बेसिक शिक्षा निदेशालय का सहायक उप शिक्षा निदेशक बनाया गया है।

घरेलू गैस के दाम नहीं बदले, कमर्शियल सिलेंडर भी स्थिर

नई दिल्ली एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आज 31 मई को कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी पुरानी कीमतें ही बरकरार हैं। ईरान युद्ध की वजह से एलपीजी सिलेंडर, सीएनजी और पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बीते तीन महीने के दौरान बदलाव देखने को मिला है। बता दें, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की तरफ से जारी रेट्स के अनुसार एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में आज रविवार को दिल्ली में बिक रहा है। वहीं, मुंबई में इसका रेट 912.50 रुपये है। कोलकाता में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये है। पिछले महीने कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 900 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद से रेट्स में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। बता दें, युद्ध शुरू होने के बाद से घरेलू सिलेंडर का रेट 60 रुपये महंगा हुआ है। घरेलू सिलेंडर का क्या है रेट? (Domestic LPG Cylinder Price Today) दिल्ली – 913 रुपये कोलकाता – 939 रुपये मुंबई – 912.50 रुपये चेन्नई – 928.50 रुपये गुरुग्राम – 921.50 रुपये नोएडा – 910.50 रुपये बेंगलुरू- 915.50 रुपये भुवनेश्वर – 939 रुपये चंडीगढ़ – 922.50 रुपये हैदराबाद – 965 रुपये जयपुर – 916.50 रुपये लखनऊ – 950.50 रुपये पटना – 1002.50 रुपये तिरुअनंतपुरम् – 922.50 रुपये कॉमर्शियल सिलेंडर का क्या है रेट? (Commercial LPG Price Today) नई दिल्ली – 3071.50 रुपये कोलकाता – 3202 रुपये मुंबई -3024 रुपये चेन्नई – 3237 रुपये गुरुग्राम – 3088 रुपये नोएडा – 3071.50 रुपये बेंगलुरू- 3152 रुपये भुवनेश्वर – 3238 रुपये चंडीगढ़ – 3082.50 रुपये हैदराबाद – 3315 रुपये लखनऊ- 3194 रुपये जयपुर – 3099 रुपये पटना – 3346.50 रुपये तिरुअनंतपुरम् – 3106 रुपये सरकार ने कहा पर्याप्त है एलपीजी केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में जारी बयान में कहा गया है कि देश में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी है। ऐसे में किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। मौजूदा परिस्थितयों को देखते हुए केंद्र सरकार ने एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश घरेलू कंपनियों को दिया है। मौजूदा समय में एलपीजी प्रोडक्शन 52000 टन के आल टाइम हाई पर पहुंच गया है। नियमों में कड़ाई (LPG Cylinder Bookin Rule) एलपीजी सिलेंडर को लेने के लिए पहले से नियमों को कड़ा कर दिया गया है। बिना ओटीपी के एलपीजी सिलेंडर अब किसी को नहीं मिल रहा है। सरकार ने गांव में 45 दिन और शहरों में 25 दिन की लिमिट लगाई है। इससे पहले एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं की जा सकती है।

झारखंड में झटका: डीजल-टोल बढ़ते ही बस किराया बढ़ा, झुमरीतिलैया से यात्रा हुई महंगी

कोडरमा आगामी एक जून से बस में सफर करना महंगा हो जाएगा। विभिन्न जगहों के लिए 15 से 30 प्रतिशत तक मूल्य में वृद्धि की गयी है। कोडरमा जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन की शनिवार को हुई बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। झुमरीतिलैया स्थित बस स्टैंड के समीप हुई बैठक की अध्यक्षता धर्मेंद्र उर्फ बंशी यादव ने जबकि संचालन सचिव संजय यादव ने किया। बैठक में मोहन यादव, गोरेलाल यादव, बैजू लाला, संतोष यादव समेत कई अन्य मौजूद थे। बैठक के बाद अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि इस महीने में डीजल के दर में चार बार वृद्धि के साथ ही मोटर पार्ट्स के सा, टायर, टोल टैक्स में वृद्धि हुई है, इससे किराया बढ़ाना हम लोगों की मजबूरी हो गई है। झुमरीतिलैया से खुलने वाली लगभग 55 बसों जिनमें 15 एसी और 30 नॉन एसी से यात्रा करने वाले लोगों का सफर महंगा होगा। झुमरीतिलैया से चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, गिरिडीह तथा बिहार के नवादा रजौली के लिए यात्रियों को लाने ले जाने एसी में 50 रूपया और नॉन एसी में 30 रूपया तक की वृद्धि एक जून से प्रभावी होगी। इस तरह यात्रियों को 15 से 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त भाड़ा देना होगा। इसके पूर्व 5 साल पहले किराए में बढ़ोतरी की गई थी। लिए गये निर्णय अनुसार, झुमरीतिलैया से रांची के लिए एसी में 350 की जगह 400, नॉन एसी में 300 की जगह 350, हजारीबाग के लिए एसी में 120 की जगह 150 और नॉन एसी में 120 की जगह 140, रामगढ़ के लिए एसी में 200 की जगह 250 और नॉन एसी में 200 की जगह 220, गिरिडीह के लिए नान एसी में 200 की जगह 250, नवादा के लिए एसी में 170 की जगह 200 और नॉन एसी में 150 की जगह 180 जबकि चतरा के लिए नॉन एसी में 200 की जगह 220 रुपए देने होंगे। इधर, ट्रांसपोर्टिंग किराया के भी बढ़ने से सामानों के मूल्य में वृद्धि होने वाली है जिसका आम से खास लोगों की जेब पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

सोना-चांदी के दाम गिरे: MCX पर सिल्वर क्रैश, गोल्ड भी नरम

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में बीते हफ्ते के चार कारोबारी दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर खासतौर पर चांदी की कीमत जमकर टूटी. इस ताजा गिरावट के साथ अब 1 किलो चांदी की वायदा कीमत (1 Kg Silver Price) अपने हाई लेवल से 1.90 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है, जिसे इस कीमती धातु ने जनवरी महीने में छुआ था. वहीं बात सोने की करें, तो तमाम उतार-चढ़ाव के बाद ये पीली धातु भी मामूली गिरावट में रही है. चांदी की कीमत में इतनी गिरावट बीते सप्ताह के ज्यादातर कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में गिरावट ही देखने को मिली है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 3 जुलाई वाली चांदी का एमसीएक्स पर भाव (MCX Silver Price) 2537 रुपये प्रति किलोग्राम कम होकर 2,67,000 रुपये प्रति किलो पर आ गया. इस हिसाब से हफ्तेभर में गिरावट को देखें, तो इससे पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 1 किलो चांदी का भाव वायदा कारोबार में 2,71,846 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था और इसकी कीमत 4,846 रुपये प्रति किलो तक गिर गई है. न केवल वायदा कारोबार, बल्कि घरेलू मार्केट में भी चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेटेड रेट्स देखें, तो 1 किलोग्राम की चांदी बीते सप्ताह के 2,66,000 रुपये के मुकाबले ये गिरकर 2,63,350 रुपये पर आ गई. हाई से क्रैश दिख रही चांदी वहीं अगर चांदी के ताजा भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो पहले बता दें कि एमसीएक्स पर जनवरी 2026 में चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार करने में कामयाब हुई थी और 4,57,328 रुपये के उच्चतम स्तर पर जा पहुंची थी, लेकिन यह लेवल छूने के बाद ये कीमती धातु लगातार क्रैश (Silver Price Crash From High) होती गई. फिलहाल की गिरावट के बाद अब चांदी हाई लेवल से 1,90,328 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है. Gold का दाम अब इतना एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में जहां तेज गिरावट दर्ज की गई, तो वहीं सोने का भाव भी तमाम उतार-चढ़ाव के बाद मामूली गिरावट में रहा. MCX Gold Rate पर नजर डालें, तो 22 मई को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,61,320 रुपये था, जबकि बीते शुक्रवार को ये 1,61,049 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं 5 जून की एक्सपायरी वाला वायदा सोना अपने हाई लेवल 2,02,984 रुपये की तुलना में अब 41,935 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है. इसके अलावा घरेलू मार्केट में बात करें, तो आईबीजेए के मुताबिक 10 ग्राम सोने का भाव 1,58,117 रुपये से कम होकर 1,56,463 रुपये पर आ गया. यानी सोना घरेलू बाजार में 1654 रुपये सस्ता हो गया है.

भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, 100 से ज्यादा अफसर सस्पेंड

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीधे तौर ये कह दिया है कि प्रदेश में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रहेगा। यहां अपराधियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश की कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपराधियों और भ्रष्ट अधिकारियों को बेहद सख्त संदेश दिया है। शनिवार को 'राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन' के अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में अब न तो अपराध पनपेगा, न भ्रष्टाचारियों को पनाह मिलेगी और न ही कानून तोड़ने वालों को बख्शा जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'राजस्थान में यदि कोई अपराधी पैर पसारेगा, तो वह वापस नहीं जा पाएगा; उसे उसके सही मुकाम (जेल) तक पहुंचाया जाएगा।' भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' और बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जनसेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ के मूलमंत्र पर चलते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। सीएम बोले: करप्शन में 100 अधिकारी हुए सस्पेंड सरकार ने अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 103 अधिकारियों को निलंबित (सस्पेंड) किया है। 6 अफसरों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही रिश्वतखोरी, ट्रैप, पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अन्य मामलों में भी कठोर कार्रवाई अमल में लाई गई है।सीएम ने कर्मचारियों को नसीहत दी कि वे भ्रष्ट आचरण के दलदल से पूरी तरह दूर रहें। स्वच्छ सर्वेक्षण में 16 वें स्थान की तारीफ की नगरीय निकायों की भूमिका की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में जयपुर ग्रेटर को देश में 16वां स्थान मिला था। लेकिन अब हमें रुकना नहीं है, बल्कि प्रदेश के सभी शहरों को देश के सबसे स्वच्छ और सर्वश्रेष्ठ शहरों की श्रेणी में लाना है। यह लक्ष्य नगरीय निकाय कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है, क्योंकि वे जनता और सरकार के बीच की सबसे मजबूत कड़ी हैं। किया 4 लाख नौकरियों का वादा इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं को संबल देते हुए प्रदेश में चार लाख सरकारी नौकरियां देने के अपनी सरकार के संकल्प को एक बार फिर दोहराया। खुशेंद्र तिवारी

गर्मी से राहत दिलाने वाला गुलाब-मिश्री शरबत: घर पर बनाएं नेचुरल कूल ड्रिंक

चिलचिलाती गर्मी और झुलसाती लू शरीर को बेहाल कर देती है. ऐसे मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना और पेट को ठंडक पहुंचाना सबसे जरूरी होता है. बाजार में मिलने वाले केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स युक्त कोल्ड ड्रिंक्स कुछ देर के लिए तो राहत देते हैं लेकिन सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं. अगर आप इस गर्मी खुद को और अपने परिवार को एकदम तरोताजा रखना चाहते हैं, तो घर पर प्राकृतिक गुणों से भरपूर गुलाब और मिश्री का ठंडा-ठंडा शरबत बनाएं. आयुर्वेद में गुलाब और मिश्री दोनों की तासीर बेहद ठंडी मानी गई है जो न सिर्फ शरीर का तापमान सामान्य करती है बल्कि आपको दिनभर के लिए गजब की एनर्जी भी देती है. आइए जानते हैं इस रिफ्रेशिंग और खुशबूदार शरबत को बनाने की बेहद आसान रेसिपी. गुलाब और मिश्री के शरबत की रेसिपी ताजा लाल गुलाब की पंखुड़ियां: 1 कप (अच्छी तरह धुली हुई) धागे वाली मिश्री: 1/2 कप (पिसी हुई) ठंडा पानी: 3 से 4 गिलास नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच तुलसी या सब्जा के बीज: 1 छोटा चम्मच (पानी में भिगोए हुए) बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका गुलाब का पेस्ट बनाएं: सबसे पहले साफ की हुई गुलाब की पंखुड़ियों को मिक्सी के जार में थोड़ा सा पानी डालकर दरदरा या स्मूथ पीस लें. एक बड़े जग या बर्तन में ठंडा पानी लें और उसमें पिसी हुई धागे वाली मिश्री डालकर अच्छी तरह चम्मच से तब तक घोलें जब तक मिश्री पूरी तरह पानी में मिल न जाए. मिश्री चीनी का एक हेल्दी और ठंडा विकल्प है. अब इस मिश्री के पानी में पिसा हुआ गुलाब का पेस्ट और नींबू का रस मिलाएं. नींबू का रस डालने से गुलाब का रंग बहुत खूबसूरत निखर कर आता है और शरबत में एक बढ़िया खट्टा-मीठा ट्विस्ट मिलता है. अगर आप शरबत को और अधिक सेहतमंद और ठंडा बनाना चाहते हैं, तो इसमें पहले से भीगे हुए सब्जा मिला दें. यह पेट की गर्मी को शांत करने में बहुत मददगार होते हैं. तैयार शरबत को अच्छी तरह मिक्स करें और छलनी की मदद से गिलासों में छान लें. ऊपर से बर्फ के टुकड़े और कुछ ताजी गुलाब की पंखुड़ियां डालकर एकदम ठंडा-ठंडा सर्व करें.

घर पर बनाएं देसी उबटन: बेसन, चंदन और केसर से पाएं ग्लोइंग स्किन

 हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन साफ,  चमकदार और बेदाग दिखे. इसके लिए लोग कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार घरेलू नुस्खे भी बेहद असरदार साबित होते हैं. उन्हीं में से एक है उबटन, जिसका इस्तेमाल पुराने समय से ही चेहरे की देखभाल के लिए किया जाता रहा है. अगर आप भी नेचुरल तरीके से अपनी स्किन में निखार लाना चाहते हैं तो घर पर आसानी से बनने वाला यह देसी उबटन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. यह उबटन न सिर्फ आपकी डेड स्किन में मदद करता है, बल्कि चेहरे को गहराई से साफ करके उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में भी मदद करता है. आइए जानते हैं कि घर पर देसी उबटन कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 2 चम्‍मच बेसन 1 चम्मच चंदन पाउडर 1 चम्मच केसर पाउडर 2 चम्‍मच चावल का आटा 1 चम्‍मच मसूर दाल का पाउडर देसी उबटन कैसे बनाएं ? इस देसी उबटन को बनाने के लिए एक बाउल में सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें गुलाब जल डालकर एक स्मूथ पेस्ट बना लें. इसके बाद चेहरे को साफ पानी से धोकर उबटन को पूरे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें. जब उबटन सूख जाए तो हल्के हाथों से रगड़ते हुए ठंडे पानी से चेहरा धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इस उबटन को इस्तेमाल हफ्ते में 1 से 2 बार करें. देसी चीजों से बना यह उबटन स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इनके रेगुलर इस्‍तेमाल से त्‍वचा साफ, ग्‍लोइंग और हेल्‍दी बनती है. इस उबटन में मौजूद बेसन, चंदन, केसर, चावल का आटा और मसूर दाल डेड स्किन को हटाकर चेहरे को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाते हैं. इन बातों का रखें ध्यान कभी भी उबटन लगाने के बाद चेहरे को जोर-जोर से न रगड़ें. उबटन का इस्तेमाल करने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लें. अगर किसी भी तरह की एलर्जी, खुजली या जलन महसूस हो तो इसे चेहरे पर लगाने से बचें.  

तबादला घोटाले पर गिरी गाज: व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अफसर निलंबित, जांच शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा और प्रधान सहायक इमरान अहमद पर गंभीर आरोप लगने के बाद यह कार्रवाई की गई है. इस कदम को राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. ट्रांसफर के नाम पर करते थे धन उगाही जानकारी के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं. वहीं निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कराया. विभागीय सूत्रों के मुताबिक सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा पर कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि स्थानांतरण सत्र के दौरान विभाग में तबादलों के नाम पर धन उगाही का खेल चल रहा था और इसमें उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई. बताया जा रहा है कि तबादले कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से मोटी रकम वसूली जाती थी. सूत्रों का दावा है कि स्थानांतरण कराने के बदले करीब 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था. वहीं प्रधान सहायक इमरान अहमद के खिलाफ भी कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं. उन पर भ्रष्टाचार, कर्मचारियों के उत्पीड़न और धार्मिक आधार पर भेदभाव करने के आरोप लगाए गए हैं. इतना ही नहीं, विभागीय जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि वह कुछ लोगों के साथ मिलकर एक संगठित तरीके से काम कर रहे थे. ऐसे करते थे उगाही आरोप है कि अलग-अलग नामों से विभाग में शिकायतें दर्ज कराई जाती थीं और बाद में उन्हीं शिकायतों के निस्तारण या कार्रवाई रोकने के नाम पर संबंधित कर्मचारियों से धन की मांग की जाती थी. इस तरह विभाग में भय और दबाव का माहौल बनाकर कथित रूप से धन उगाही की जाती थी. सरकारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा को देवीपाटन मंडल से संबद्ध किया गया है. दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. इस कार्रवाई के बाद व्यावसायिक शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है. विभाग के कर्मचारियों के बीच इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.