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RS चुनाव बना सियासी रण: JMM-कांग्रेस में खींचतान, BJP की भी एंट्री से मुकाबला दिलचस्प

 धनबाद Jharkhand Rajya Sabha Election झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव इस बार राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। एक जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है, लेकिन उससे ठीक पहले सत्ताधारी महागठबंधन के भीतर उम्मीदवारों को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। JMM, Congress, RJD & CPI ML माले के बीच सीट बंटवारे को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। इसी बीच भाकपा माले ने भी खुलकर राज्यसभा की एक सीट पर अपना दावा पेश कर दिया है। इससे महागठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरण और जटिल हो गए हैं। महागठबंधन के सामने माले की नई चुनौती भाकपा माले ने राज्यसभा चुनाव में पूर्व विधायक विनोद सिंह को उम्मीदवार बनाने की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में उसने महागठबंधन का मजबूत सहयोगी बनकर भूमिका निभाई थी और सरकार गठन में भी समर्थन दिया था। माले के प्रदेश सचिव मनोज भक्त और विधायक अरूप चटर्जी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी ने सत्ता में भागीदारी नहीं मांगी थी, लेकिन अब राज्यसभा में प्रतिनिधित्व चाहती है। माले के दो विधायक हैं और पार्टी इसे अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी के रूप में देख रही है। ऐसे में गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर दबाव बढ़ गया है। झामुमो में अंजनी सोरेन सबसे आगे, परिवार से ही होगा एक उम्मीदवार राज्यसभा की दोनों सीटों पर झामुमो की नजर है, हालांकि कांग्रेस भी एक सीट की दावेदार बनी हुई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बहन अंजनी सोरेन का नाम सबसे आगे चल रहा है। झामुमो के भीतर यह तर्क दिया जा रहा है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से रिक्त हुई सीट पर उनके परिवार के किसी सदस्य को भेजा जाना चाहिए। अंजनी सोरेन लंबे समय तक ओडिशा की राजनीति में सक्रिय रही हैं। हालांकि पार्टी के भीतर कल्पना सोरेन और लता सोरेन के नामों पर भी चर्चा जारी है। कल्पना सोरेन को प्रभावी वक्ता माना जाता है, लेकिन पार्टी का एक वर्ग उन्हें राज्य की राजनीति से दूर भेजने के पक्ष में नहीं है। नाथवाणी की सक्रियता और कांग्रेस की दावेदारी ने बढ़ाई सियासी हलचल राज्यसभा चुनाव को लेकर उद्योगपति परिमल नाथवाणी का नाम भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वह एक बार फिर झारखंड से राज्यसभा जाने के प्रयास में हैं और झामुमो नेतृत्व से संपर्क साध रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस भी गठबंधन धर्म का हवाला देकर एक सीट की मांग पर अड़ी हुई है। यदि कांग्रेस को एक सीट मिलती है तो झामुमो के हिस्से में केवल एक सीट आएगी। ऐसे में उम्मीदवार चयन और सहयोगी दलों की संतुष्टि, दोनों ही सत्ताधारी गठबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की बैठक के बाद ही सामने आएगा। भाजपा बहुमत से दूर, फिर भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी विपक्षी NDA के पास फिलहाल 24 विधायक हैं, जबकि एक सीट जीतने के लिए 28 मतों की जरूरत है। इसके बावजूद BJP चुनावी मुकाबले से पीछे हटने के मूड में नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और धनबाद के उद्योगपति नंदलाल अग्रवाल के नाम संभावित उम्मीदवारों के रूप में चर्चा में हैं। धनबाद के नंदलाल अग्रवाल उर्फ नंदू अग्रवाल बड़े उद्योगपति हैं। वह चुनाव को मैनेज करने की क्षमता रखते हैं। भाजपा को उम्मीद है कि राजनीतिक परिस्थितियां उसके पक्ष में बन सकती हैं। वहीं जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का एक वोट भी दूसरी सीट के समीकरण में अहम माना जा रहा है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग, रणनीतिक समर्थन और अंतिम समय के राजनीतिक समीकरण राज्यसभा चुनाव को रोमांचक बना सकते हैं। फिलहाल संख्या बल महागठबंधन के पक्ष में है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और सीट बंटवारे पर मचा घमासान चुनाव को पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बना चुका है। राज्यसभा चुनाव में पैसे का भी जमकर खेल होता है। झामुमो गठबंधन इसे लेकर अभी से आशंकित है।

अक्षरधाम और ताज के बाद टिफनी ट्रंप जैसलमेर में, सूर्यागढ़ होटल में ठहराव और हाई अलर्ट सुरक्षा

 जैसलमेर दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर और आगरा में ताज महल का दीदार करने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप (Tiffany Trump) आज (रविवार) राजपूताना शान का अनुभव करने राजस्थान के जैसलमेर (Jaisalmer) पहुंच गई हैं. करीब 11 बजे जैसलमेर एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त उनके पति माइकल बलोस (Michael Boulos) ने हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन भी किया है. इस दौरान एयरपोर्ट को भारी पुलिस फोर्स के साथ-साथ एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती भी देखी गई. लक्जरी सूर्यागढ़ होटल में ठहरेंगी टिफनी सूत्रों के मुताबिक, टिफनी ट्रंप और उनके पति का जैसलमेर के मशहूर और बेहद आलीशान सूर्यागढ़ होटल (Suryagarh Hotel) में रुकने का कार्यक्रम है. अपने दो दिवसीय इस निजी दौरे में टिफनी ट्रंप मरुस्थलीय सौंदर्य और राजस्थानी संस्कृति का करीब से अनुभव करेंगी. उनका संभावित कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले वे विश्व प्रसिद्ध सोनार किला (Jaisalmer Fort) देखने जाएंगे. उसके बाद नक्काशीदार पटवों की हवेली और ऐतिहासिक गड़ीसर लेक घूमने जाएंगी. शाम के समय वह सम (Sam Sand Dunes) के रेतीले धोरों में मरुस्थलीय सौंदर्य और राजस्थानी लोक संस्कृति का आनंद लेंगी. वह सोमवार को अपना जैसलमेर दौरा पूरा कर यहां से प्रस्थान करेंगी. भारत-पाक सीमा का हाई-अलर्ट चूंकि जैसलमेर एक संवेदनशील सीमावर्ती जिला (Border District) है और यहां से भारत-पाकिस्तान की सीमा सटी हुई है, इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी के दौरे को लेकर सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. उन्हें स्टेट गेस्ट (State Guest) का दर्जा दिया गया है. खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस लगातार समन्वय कर रही हैं. पर्यटन स्थलों से लेकर उनके होटल तक के रूट पर ट्रैफिक रेगुलेशन और कड़े सुरक्षा घेरे की व्यवस्था की गई है. ट्रंप परिवार का जैसलमेर से पुराना नाता यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप परिवार का कोई सदस्य मरुधरा की धरती पर कदम रख रहा है. इससे पहले नवंबर 2018 में डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप के पति और तत्कालीन व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर (Jared Kushner) भी जैसलमेर आ चुके हैं. वह इसी सूर्यागढ़ होटल में एक हाई-प्रोफाइल शादी में शामिल होने पहुंचे थे, तब भी अमेरिका और राजस्थान पुलिस ने मिलकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की थी.      दिल्ली और आगरा में बिताए यादगार पल जैसलमेर पहुंचने से पहले टिफनी और माइकल बलोस ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत नई दिल्ली से की थी. शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली के स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple) के दर्शन किए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मंदिर की भव्यता की तस्वीरें भी साझा कीं. इसके बाद शनिवार को इस जोड़े ने आगरा पहुंचकर ताज महल का दीदार किया और यूनेस्को विश्व धरोहर के सामने तस्वीरें खिंचवाईं.

गर्मी में भी नहीं फटेंगे होंठ: अपनाएं ये 4 आसान घरेलू उपाय

 अक्सर लोग सोचते हैं कि होंठ फटने की समस्या सिर्फ सर्दियों के मौसम में होती है लेकिन ऐसा नहीं है. मई-जून की इस चिलचिलाती गर्मी, तेज धूप और धूल-भरी गर्म हवाओं के कारण होंठों की नाजुक त्वचा अपनी नमी खो देती है. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने से होंठ न सिर्फ फटने और बेजान होने लगते हैं, बल्कि कई बार धूप के संपर्क में आने से इनका रंग भी काला पड़ने लगता है. अगर आप भी फटे और रूखे होंठों से परेशान हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप गर्मी में भी अपने होंठ को एकदम सॉफ्ट, हाइड्रेटेड और नेचुरल गुलाबी रख सकते हैं. 1. हाइड्रेशन है बेहद जरूरी पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होंठ फटने के सबसे बड़े कारणों में से एक है. शरीर में पानी की कमी होने पर होंठों की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है जिससे वो रूखे और पपड़ीदार होकर फटने लगते हैं. इसलिए आपको हमेशा हाइड्रेट रहना चाहिए और रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए. 2. मलाई और हल्दी का इस्तेमाल रात को सोने से पहले होंठों पर ताजी दूध की मलाई में एक चुटकी हल्दी मिलाकर लगाएं. मलाई में मौजूद फैटी एसिड्स होंठों को डीप मॉइश्चराइज करते हैं और हल्दी अपने एंटी-बैक्टीरियल गुणों से फटी हुई त्वचा को तेजी से ठीक करती है. सुबह उठते ही आपको लिप्स एकदम सॉफ्ट मिलेंगे. 3. चीनी और शहद का स्क्रब अगर होंठों पर पपड़ी जम रही है तो आधा चम्मच शहद में थोड़ी सी पिसी हुई चीनी मिलाकर उंगली से होंठों पर 2 मिनट के लिए हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में स्क्रब करें. यह ट्रिक डेड स्किन को तुरंत हटाकर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है जिससे होंठों का नेचुरल गुलाबीपन वापस आ जाता है. 4. नारियल तेल और चुकंदर अगर आपके होंठ ड्राई होने के साथ ही बहुत काले भी हो गए हैं तो बाजार के केमिकल वाले लिप बाम की जगह नारियल तेल में चुकंदर का रस मिलाकर एक छोटी डिब्बी में रख लें. दिन में जब भी होंठ सूखे लगें तो इसे लगाएं. नारियल तेल होंठों की नमी को लॉक करेगा और चुकंदर का रस आपके लिप्स को बिना किसी नुकसान के खूबसूरत गुलाबी रंग देगा.

“लोग क्या कहेंगे” छोड़ो! असली जिंदगी तब शुरू होगी

संदीप माहेशवरी के मुताबिक हम एक ऐसे समाज में खुद को कैद नहीं करना चाहिए  जहां हमारी खुशियों का रिमोट कंट्रोल दूसरों के हाथों में है.  कोई हमारे बारे में क्या सोचता है, समाज में हमारी प्रतिष्ठा (Status) क्या है और लोग हमारी पोस्ट पर कितने लाइक्स दे रहे हैं. इसी अंधी दौड़ ने आज के युवाओं और प्रोफेशनल्स की मानसिक शांति को छीन लिया है.  दूसरों को प्रभावित (Impress) करने की चाहत में लोग अक्सर अपनी असलियत को छिपाने लगते हैं और एक नकली मुखौटा ओढ़ लेते हैं. इस दिखावे की संस्कृति का सबसे बुरा असर हमारे फैसलों और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.  सिर्फ लोगों की वाह-वाही लूटने के लिए महंगे फोन, आलीशान शादियां या महंगी गाड़ियों के लिए कर्ज (Loan) लेना आज आम हो चुका है.  लेकिन सच तो यह है कि जिन लोगों को दिखाने के लिए आप कर्ज के दलदल में धंस रहे हैं, उन्हें आपकी दिक्कतों से कोई फर्क नहीं पड़ता.  जब महीने के आखिर में मानसिक तनाव और ईएमआई (EMI) का बोझ बढ़ता है, तब इंसान को समझ आता है कि उसने दूसरों के चक्कर में अपनी ही जिंदगी को मुश्किल बना लिया है. खुद के लिए जिएं, दूसरों के लिए नहीं जीवन में सच्ची सफलता और मानसिक सुकून तब मिलता है जब आप दूसरों की नजरों में उठने के बजाय खुद की नजरों में उठते हैं.  समाज की परवाह किए बिना अपनी आर्थिक सीमा (Financial Budget) में रहना और अपने करियर व गोल्स (Goals) पर फोकस करना ही असली समझदारी है. जिस दिन आप लोग क्या कहेंगे के इस सबसे बड़े मानसिक रोग से मुक्त हो जाएंगे, उस दिन आप खुलकर जीना शुरू कर देंगे. दूसरों की नकली दुनिया की तुलना अपने असली जीवन से करना बंद करें.  खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दें, क्योंकि जब आप अंदर से मजबूत और आर्थिक रूप से सुरक्षित होंगे, तो समाज में आपकी असली वैल्यू अपने आप बढ़ जाएगी.

‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, 73वें दिन भी जारी है रिकॉर्डतोड़ कमाई

 रणवीर सिंह की एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘धुरंधर 2’ लंबे समय बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए हुए है. रिलीज के कई सप्ताह गुजर जाने के बावजूद फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल नजर आ रही है. यही वजह है कि फिल्म लगातार नए रिकॉर्ड अपने नाम करती जा रही है. 73वें दिन भी जारी रही कमाई Sacnilk के ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के 73वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी पकड़ बनाए रखी. सीमित शोज मिलने के बावजूद दर्शकों का रिस्पॉन्स सकारात्मक रहा. यही कारण है कि फिल्म की कुल कमाई लगातार बढ़ती जा रही है. फिल्म का नेट कलेक्शन अब 1100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. कई भाषाओं में मिला शानदार रिस्पॉन्स ‘धुरंधर 2’ को हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज किया गया था. फिल्म को लगभग सभी भाषाओं में अच्छा समर्थन मिला. हिंदी संस्करण ने सबसे अधिक कमाई की, जबकि दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी फिल्म ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया. मल्टी-लैंग्वेज रिलीज का फायदा फिल्म को साफ तौर पर मिलता दिखाई दिया. दुनियाभर में भी दिखा फिल्म का दबदबा घरेलू बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिल्म ने शानदार कारोबार किया. विदेशों में फिल्म को अच्छी ओपनिंग मिली और समय के साथ इसकी कमाई में लगातार इजाफा होता गया. वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में भी फिल्म ने कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं और यह साल की सबसे सफल फिल्मों में शामिल हो चुकी है. दमदार स्टारकास्ट और निर्देशन बना ताकत फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है, जिन्होंने इससे पहले कई चर्चित प्रोजेक्ट्स पर काम किया है. फिल्म में रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन और राकेश बेदी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए. दर्शकों ने फिल्म की कहानी, एक्शन और कलाकारों के प्रदर्शन को खूब सराहा है. फिल्म की लगातार सफलता यह साबित करती है कि मजबूत कंटेंट और शानदार प्रस्तुति दर्शकों को लंबे समय तक सिनेमाघरों से जोड़े रख सकती है.

आधार कार्ड की ये गलती बन सकती है बड़ी परेशानी!

कई लोगों को अपने आधार कार्ड की याद तभी आती है, जब बैंक में KYC करवानी हो, नया अकाउंट खोलना हो, मोबाइल नंबर अपडेट करना हो या किसी सरकारी योजना का फायदा लेना हो. लेकिन यहीं एक बड़ी समस्या छिपी होती है. कई आधार कार्ड में छोटी-छोटी गलतियां सालों तक नजर ही नहीं आतीं. रोजमर्रा के काम तो चलते रहते हैं, लेकिन जैसे ही दोबारा KYC वेरिफिकेशन या किसी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जांच होती है, यही मामूली गलती अचानक बड़ी परेशानी बन सकती है. अगर आपके आधार कार्ड में दर्ज जानकारी और बैंक के रिकॉर्ड में मौजूद डिटेल्स मेल नहीं खाते हैं, तो आगे चलकर परेशानी हो सकती है. इसलिए समय रहते अपनी जानकारी की जांच कर लेना बेहतर रहता है. नाम का मेल न होना बढ़ा सकता है मुश्किलें आधार और बैंक खाते में नाम का मेल न होना सबसे आम समस्याओं में से एक है. अगर आपके आधार कार्ड पर लिखा नाम बैंक रिकॉर्ड में दर्ज नाम से अलग है, तो KYC या अकाउंट वेरिफिकेशन के दौरान परेशानी आ सकती है. कई बार यह अंतर बहुत छोटा होता है, जैसे नाम की स्पेलिंग में मामूली गलती, मिडिल नेम का छूट जाना, कहीं पूरे नाम की जगह सिर्फ इनिशियल्स का इस्तेमाल होना या फिर सरनेम अलग तरीके से दर्ज होना. आमतौर पर लोग इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन KYC जांच के दौरान यही वजह रुकावट बन सकती है. आधार से जुड़ा पुराना नंबर कर सकता है जरूरी कामों में रुकावट आजकल आधार से जुड़ी ज्यादातर सेवाएं OTP के जरिए ही पूरी होती हैं. चाहे आधार डाउनलोड करना हो, डिटेल्स अपडेट करनी हो, e-KYC करवानी हो या फिर अपनी पहचान वेरिफाई करनी हो, हर जगह OTP उसी मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है जो आधार से लिंक होता है. समस्या तब आती है जब लोग अपना मोबाइल नंबर बदल तो लेते हैं, लेकिन उसे आधार में अपडेट करना भूल जाते हैं. शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल लगता है, लेकिन जैसे ही किसी जरूरी काम के लिए OTP की जरूरत पड़ती है, पता चलता है कि OTP उस पुराने नंबर पर जा रहा है जो अब उनके पास है ही नहीं. डेट ऑफ बर्थ, जेंडर समेत इन डिटेल्स को जरूर चेक करें अगर आपके आधार कार्ड में डेट ऑफ बर्थ गलत है, तो आगे चलकर यह छोटी सी गलती बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है. खासकर तब, जब आपके आधार की जानकारी PAN कार्ड, बैंक खाते, बीमा पॉलिसी या इनवेस्टमेंट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स से मैच न करे. ऐसे सिचुएशन में वेरिफिकेशन का प्रोसेस अटक सकता है या उसमें देरी हो सकती है. सिर्फ डेट ऑफ बर्थ ही नहीं, जेंडर या अन्य पर्सनल डिटेल्स में हुई गलती भी मुश्किलें खड़ी कर सकती है.

45°C गर्मी में फोन खतरे में! ये गलती मत करना

देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी लोगों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के लिए भी चुनौती बन गई है. तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बाद स्मार्टफोन यूजर्स को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. फोन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना, चार्जिंग का अचानक रुक जाना, बैटरी का तेजी से खत्म होना और कैमरा ऐप का अपने आप बंद हो जाना जैसी समस्याएं अब आम होती जा रही हैं. कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार ओवरहीटिंग स्मार्टफोन के कई अहम पार्ट्स को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है. गर्मी में फोन क्यों करने लगता है धीमा काम? जब स्मार्टफोन का तापमान लगातार बढ़ता है तो उसका सिस्टम खुद को सुरक्षित रखने के लिए प्रदर्शन कम कर देता है. तकनीकी भाषा में इसे थर्मल थ्रॉटलिंग कहा जाता है. इस स्थिति में प्रॉसेसर अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं करता, जिससे फोन की स्पीड कम हो जाती है. ऐप्स धीरे खुलते हैं, गेमिंग का अनुभव खराब होता है और कई बार फोन हैंग भी होने लगता है. विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक अत्यधिक तापमान में रहने से बैटरी की हेल्थ तेजी से गिर सकती है, जिसका असर फोन की कुल लाइफ पर पड़ता है. धूप से आने के तुरंत बाद चार्जिंग करना पड़ सकता है भारी कई लोग बाहर से लौटते ही फोन को चार्जर से जोड़ देते हैं. यही आदत कई बार सबसे बड़ी गलती साबित होती है. यदि फोन पहले से गर्म है और उसी समय चार्जिंग शुरू कर दी जाए तो बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. चार्जिंग के दौरान भी बैटरी गर्म होती है. ऐसे में पहले से गर्म डिवाइस में तापमान और बढ़ सकता है. यही वजह है कि कई स्मार्टफोन सुरक्षा कारणों से गर्म होने पर चार्जिंग स्पीड कम कर देते हैं या चार्जिंग अस्थायी रूप से रोक देते हैं. कार में फोन छोड़ना बन सकता है महंगा सौदा गर्मी के मौसम में बंद कार के अंदर का तापमान बाहर की तुलना में काफी ज्यादा हो सकता है. ऐसे माहौल में स्मार्टफोन छोड़ना जोखिम भरा साबित हो सकता है. अत्यधिक तापमान बैटरी को फुला सकता है, डिस्प्ले पर दाग या लाइनें ला सकता है और कैमरा सेंसर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है. कई मामलों में फोन अचानक बंद हो जाता है या दोबारा चालू होने में समस्या आने लगती है. इसलिए वाहन पार्क करते समय स्मार्टफोन को हमेशा अपने साथ रखना बेहतर विकल्प है. फोन गर्म हो जाए तो क्या करें? अगर आपका स्मार्टफोन जरूरत से ज्यादा गर्म महसूस हो रहा है तो सबसे पहले उसे सीधी धूप से हटाएं. चार्जिंग बंद करें और कैमरा, वीडियो रिकॉर्डिंग या भारी ऐप्स का इस्तेमाल कुछ समय के लिए रोक दें. फोन का कवर हटाने से भी गर्मी तेजी से बाहर निकलने में मदद मिलती है. हालांकि एक गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. कई लोग फोन को ठंडा करने के लिए फ्रिज में रख देते हैं या बर्फ के संपर्क में ले आते हैं. अचानक तापमान बदलने से फोन के अंदर नमी बन सकती है, जो सर्किट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है. ये छोटे बदलाव भी बचा सकते हैं आपका स्मार्टफोन गर्मी के मौसम में बैटरी सेवर मोड का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इससे बैकग्राउंड में चल रही कई प्रक्रियाएं सीमित हो जाती हैं. डार्क मोड भी बैटरी की खपत कम करने में मदद करता है, जिससे फोन अपेक्षाकृत कम गर्म होता है. इसके अलावा जहां 5जी नेटवर्क कमजोर हो, वहां 5जी बंद करके 4जी का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है. कमजोर सिग्नल वाले क्षेत्रों में फोन लगातार नेटवर्क खोजता रहता है, जिससे बैटरी और प्रॉसेसर दोनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. सिर्फ बैटरी नहीं, पूरे फोन की उम्र पर पड़ता है असर लगातार ओवरहीटिंग का प्रभाव केवल बैटरी तक सीमित नहीं रहता. समय के साथ प्रोसेसर की क्षमता प्रभावित हो सकती है, डिस्प्ले की गुणवत्ता खराब हो सकती है और कैमरा सेंसर की कार्यक्षमता भी कम हो सकती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ गर्मियों में स्मार्टफोन को सामान्य तापमान पर रखने और उपयोग के दौरान सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

झपटमारी पर फास्ट ट्रैक एक्शन: रंगेहाथ पकड़ा आरोपी, 14 दिन में चार्जशीट और त्वरित सजा

नई दिल्ली  शाहबाद डेयरी में 1 मई की रात पीड़ित ने पर्स छीनते हुए झपटमार को रंगेहाथ पकड़ा। पुलिस ने तेजी से जांच कर 6 मई को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट ने तारीख पर तारीख वाले फिल्मी जुमले को दरकिनार करते हुए रोजाना सुनवाई की और 16 मई को फैसला सुना दिया। पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश महज दो हफ्ते में आरोपी दोषी करार दिया गया, जो दिल्ली पुलिस के लिए एक नजीर बन गई। पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने सभी जिलों को ऐसे ही स्पीडी इन्वेस्टिगेशन, स्पीडी ट्रायल और स्पीडी जस्टिस पर काम करने के निर्देश दे दिए, जिस पर अमल होने लगा है। दो हफ्ते में चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया पुलिस अफसरों के मुताबिक, रंगेहाथ पकड़े गए आरोपियों के अलावा जिन केसों में संभव हो सके उनमें एक से लेकर दो हफ्ते के भीतर चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया है। इसके बाद प्रॉसिक्यूशन (सरकारी वकील) के साथ तालमेल कर फास्ट ट्रैक सुनवाई सुनिश्चित करने और जल्द से जल्द दोषी साबित करने पर जोर दिया गया है। ज्यादातर केसों में आरोपी को मिल जाती है जमानत दरअसल सात साल से कम सजा वाले अधिकतर केसों में आरोपी को जमानत मिल जाती है। ऐसे में जांच अधिकारी के सामने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा का बंधन नहीं रहता है। अफसर कहते हैं कि इसके बाद कोर्ट में भी ऐसे केसों की सुनवाई कई साल तक चलती है। इससे शिकायतकर्ता या गवाह के मुकरने या बयानों में विरोधाभास होने से आरोपी को सजा नहीं हो पाती है। जल्द सजा करवाने पर दिया जा रहा जोर तेजी से जांच, तुरंत चार्जशीट दाखिल करने और सुनवाई होने से मुकरने या बयानों में विरोधाभास की गुंजाइश कम रहती है, जिससे सजा की दर में भी इजाफा होगा। इसलिए झपटमारी, चोरी या अन्य छोटे अपराधों में आरोपी के मौके या तुरंत बाद रंगेहाथ पकड़े जाने पर दो हफ्तों में चार्जशीट करने और जल्द सजा करवाने पर जोर है। सभी जिलों में शुरू हुआ एक्शन पुलिस अफसरों ने बताया कि सभी जिलों ने ऐसे मामलों में अमल करना शुरू कर दिया है। सिर्फ छोटे अपराध ही नहीं बल्कि गंभीर अपराधों में भी अगर संभव हो सकता है तो उनमें भी जल्द जांच कर आरोप पत्र दाखिल करने और सजा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। क्या है 'ताबड़तोड़ न्याय' का मकसद अगर किसी केस में आरोपी को कोर्ट बरी कर देता है तो जिलों के डीसीपी से खुद फैसले की समीक्षा करने को कहा गया है, ताकि अगर कोई कमी रह गई हो तो उसे आगे के केसों में ना दोहराई जाए। 'ताबड़तोड़ न्याय' का मकसद आरोपी को कोर्ट से सजा दिलवाना भी है। इन केसों में हुआ ताबड़तोड़ इंसाफ 14 मई: टैक्सी ड्राइवर का पर्स छीनने वाले को सिपाही ने पीछा कर रंगेहाथ पकड़ा था। आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने चार दिन में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। स्पीडी ट्रायल के तहत 26 मई को आरोपी को दोषी करार दिया। 16 मईः पालम गांव में 80 हजार कैश-जूलरी की चोरी हुई। पुलिस ने चार घंटे में आरोपी को अरेस्ट किया। 10 दिन की सुनवाई के बाद 26 मई को अदालत ने पेश साक्ष्यों और गवाह के बयान पर आरोपी को दोषी ठहरा दिया। 3 फरवरी: आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन पर 5200 रुपये निकालकर आरोपी फरार हो गया। लूट का केस दर्ज कर पहाड़गंज पुलिस ने आरोपी को पकड़ा। 23 मार्च को चार्जशीट पेश की और 23 मई को दोषी करार दिया गया।  

2 जून से खुल जाएगी किस्मत! गुरु का बड़ा गोचर

 ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति (गुरु) को सुख, समृद्धि, ज्ञान, विवाह और भाग्य का कारक माना गया है. जून के महीने की शुरुआत में ही ज्योतिष जगत की एक बहुत बड़ी और शुभ घटना घटित होने जा रही है. 2 जून को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करने जा रहे हैं. ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, जब गुरु अपनी उच्च राशि में आते हैं, तो वे अत्यंत बलवान हो जाते हैं. केंद्र भावों की विशेष स्थिति के कारण गुरु का यह गोचर हंस महापुरुष राजयोग का निर्माण करेगा. वैदिक ज्योतिष में पंच महापुरुष योगों में से एक 'हंस योग' को सबसे पवित्र और भाग्यशाली माना गया है, जो जातकों के जीवन में अचानक तरक्की, अटके कामों में गति और बंपर धन लाभ लेकर आता है. मिथुन राशि (Gemini)- व्यापार, नई पार्टनरशिप और धन लाभ व्यापार जगत से जुड़े लोगों के लिए 2 जून के बाद का समय बंपर मुनाफा देने वाला साबित होगा. बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. नौकरीपेशा लोगों को नई और बेहतर नौकरियों के ऑफर मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. कन्या राशि (Virgo)- शिक्षा, संतान और भाग्य का साथ छात्रों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है, उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने के रास्ते खुलेंगे. संतान की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. भाग्य का पूरा साथ मिलने से आपके बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी. धनु राशि (Sagittarius)- मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और करियर यह राजयोग आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी करेगा. समाज और कार्यक्षेत्र में आपका दबदबा बढ़ेगा. यदि आप लंबे समय से किसी बड़े पद, इंक्रीमेंट या प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे, तो जून की शुरुआत में आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है. मीन राशि (Pisces)- सुख-साधन, संपत्ति और मांगलिक कार्य मीन राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर किसी वरदान से कम नहीं होगा. भूमि, भवन या नया वाहन खरीदने के प्रबल योग बनेंगे. पैतृक संपत्ति से जुड़े पुराने विवाद सुलझ जाएंगे और घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य संपन्न हो सकता है. देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के उपाय – गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार के दिन मंदिर में चने की दाल, पीले वस्त्र, केला या केसर का दान करें. – मंत्र जाप: नियमित रूप से बृहस्पति देव के बीज मंत्र 'ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः' का जाप करें. – बुजुर्गों का आशीर्वाद: घर के बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता और अपने गुरुओं (शिक्षकों) का सम्मान करें और सुबह उठकर उनके चरण स्पर्श करें. – हल्दी का तिलक: प्रतिदिन सुबह स्नान करने के बाद अपने माथे और नाभि पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं.

चतरा में सनसनीखेज मामला, बक्शा डैम में सिर फेंकने के बाद पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

 चतरा इटखोरी थाना क्षेत्र के बक्शा डैम में प्रतिबंधित पशु के तीन कटे हुए सिर फेंकने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चंद घंटों के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव निवासी मोहम्मद इस्लाम और मोहम्मद इकराम के रूप में हुई है। पुलिस ने जब एक आरोपी के घर पर छापेमारी की तो वहाँ से एक फ्रिज बरामद हुआ। जिसके भीतर भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांस छुपाकर रखा गया था। पुलिस ने मांस सहित फ्रिज को जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया है कि त्योहार के मौके पर प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी दी गई थी। कुर्बानी की बात गांव में फैल जाने और पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से कटे हुए सिरों को बक्शा डैम में फेंक दिया था। बता दें कि रविवार को बक्शा डैम में प्रतिबंधित पशु के सिर तैरते मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। घटना से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने नगवां चौक के पास इटखोरी-चतरा मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। जिससे वाहनों का आवागमन ठप हो गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी सुनील कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने आक्रोशित ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क से जाम हटाया। जाम हटने के तुरंत बाद एक्शन में आई पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर-दबोचा। इस त्वरित गिरफ्तारी के बाद इलाके में तनाव कम हुआ है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।