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फुटबॉल का युग बदलने की तैयारी: 2026 विश्व कप में दिग्गजों की विदाई की चर्चा तेज

 नई दिल्ली  फुटबॉल के महाकुंभ फीफा विश्व कप 2026 में अब कुछ ही दिन शेष हैं और ओलिंपिक के बाद खेलों की दुनिया का यह सबसे बड़ा उत्सव इसके कुछ दिग्गज सितारों के लिए आखिरी हो सकता है। पांच-पांच विश्व कप खेल चुके गत चैंपियन अर्जेंटीना के स्टार लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो को हम इस टूर्नामेंट में उन्हें आखिरी बार अपने देश के लिए खेलते हुए देखेंगे। वहीं छोटे से देश क्रोएशिया को 2018 के विश्व कप में फाइनल तक पहुंचाकर सबको चौंकाने वाले लुका मोड्रिक भी उम्र और करियर के उस पड़ाव पर हैं कि शायद उनके लिए भी यह आखिरी विश्व कप होगा। 41 वर्षीय रोनाल्डो 23 साल से पुर्तगाल टीम में 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने दो दशक से अधिक समय पहले 2003 में राष्ट्रीय टीम में पदार्पण किया था। वह राष्ट्रीय टीम के लिए सबसे अधिक गोल (143) के साथ दुनिया में सबसे ऊपर हैं। 2006 फीफा विश्व से अब तब वह व्यक्तिगत तौर पर अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करते आए हैं, लेकिन अपनी टीम को यही एकमात्र बड़ा खिताब न दिला पाने की कसक हमेशा उनके मन में रही है। अब इसे इसे पूरा करना चाहेंगे। मेसी का सपना खिताब की रक्षा करना 2022 विश्व कप में अर्जेंटीना को खिताब दिलाने वाले लियोनेल मेसी इस बार 38 वर्ष की आयु में अर्जेंटीना के इस खिताब के बचाव के लिए मैदान पर उतरेंगे। मेसी फिलहाल अमेरिका में एमएलएस में इंटर मियामी टीम के लिए खेलते हैं, पर विश्व कप से ठीक पहले वर्कलोड के चलते और एमआरआई में उनके बाएं हेमस्ट्रिंग मांसपेशियों में अधिक दबाव की पुष्टि हुई है। यह चिंता की बात तो है पर वह अब आराम करेंगे और इस विश्व में तरोताजा होकर राष्ट्रीय टीम के लिए अपना शत प्रतिशत देंगे। क्रोएशिया का फिर लोहा मनवाएंगे लुका मिडफील्ड के दिग्गज और बैलन डी ओर विजेता मोड्रिक भी इस विश्व तक 40 साल की उम्र के करीब पहुंच चुके हैं। उनकी कप्तानी में क्रोएशिया 2018 के विश्व कप में फाइनल तक पहुंची थी। इस बार वह क्रोएशिया का संभवत: आखिरी बार नेतृत्व कर इस देश का फुटबॉल की दुनिया में एक बार फिर लोहा मनवाने का प्रयास करेंगे। कोच के भरोसे पर संन्यास से लौटे मैनुअल 2024 में ही जर्मन टीम से संन्यास ले चुके गोलकीपर मैनुअल नेयर पर कोच जुलियन नागेल्समैन ने भरोसा जताया तो उन्होंने संन्यास से वापसी की और कोच ने उन्हें टीम में शामिल किया। मैनुअल 2014 की विश्व विजेता टीम का भी हिस्सा थे। वहीं दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े स्टार टोटेनहम क्लब के पूर्व खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन का भी यह आखिरी विश्व कप हो सकता है। उन्होंने 2014 में पहला विश्व कप खेला था। पांच विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी खिलाड़ी                          देश          कब से कब तक एंटोनियो कार्बाजल           मेक्सिको     1950 से 1966 लोथर मथाउस                जर्मनी        1982 से 1998 राफेल मार्केज                 मेक्सिको      2002 से 2018 लियोनेल मेसी                अर्जेंटीना      2006 से 2022 क्रिस्टियानो रोनाल्डो          पुर्तगाल      2006 से 2022 आंद्रेज गार्डैडो                  मेक्सिको     2006 से 2022

IPL 2026 एलिमिनेटर से पहले वैभव सूर्यवंशी बने ग्लोबल सेंसेशन, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

15 साल के वैभव सूर्यवंशी का क्रेज अब क्रिकेट की सीमाएं पार कर WWE तक पहुंच गया है. WWE सुपरस्टार ड्रू मैकइंटायर जिम में राजस्थान रॉयल्स (RR) की जर्सी पहनकर वर्कआउट करते नजर आए, जिसकी पीठ पर वैभव सूर्यवंशी का नाम लिखा था. ड्रू के 'Chosen One' कैप्शन ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, जबकि राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने 'OMG!' लिखकर प्रतिक्रिया दी. इसके साथ ही अब वैभव के सामने IPL 2026 एलिमिनेटर की सबसे बड़ी परीक्षा है. बुधवार को न्यू चंडीगढ़ में राजस्थान रॉयल्स का मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद से होगा, जहां एक बार फिर सभी निगाहें इस किशोर बल्लेबाज पर टिकी रहेंगी. सबसे बड़ा खतरा वैभव! बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करने वाले वैभव सूर्यवंशी इस सीजन गेंदबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं. पैट कमिंस, ईशान मलिंगा और साकिब हुसैन जैसे गेंदबाजों के खिलाफ भी वह आक्रामक रवैया अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे. अगर वैभव पावरप्ले में टिक गए तो कुछ ही ओवरों में मैच का रुख बदल सकते हैं. बल्लेबाजों का स्वर्ग है न्यू चंडीगढ़ एलिमिनेटर जिस मैदान पर खेला जाना है, वहां इस सीजन बल्लेबाजों का दबदबा रहा है। खेले गए चार मुकाबलों में से तीन में 220 से ज्यादा रन बने. इसी मैदान पर पंजाब किंग्स ने 254 रन का विशाल स्कोर भी खड़ा किया था. ऐसे में वैभव जैसे विस्फोटक बल्लेबाज के लिए यह मंच बिल्कुल मुफीद माना जा रहा है. अब प्लेऑफ में अग्निपरीक्षा ड्रू मैकइंटायर का वैभव की जर्सी पहनना इस बात का संकेत है कि 15 साल के बल्लेबाज का नाम अब वैश्विक खेल जगत में भी चर्चा का विषय बन चुका है. लेकिन असली चुनौती अब एलिमिनेटर में है, जहां राजस्थान रॉयल्स को जीत दिलाने की जिम्मेदारी काफी हद तक वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर के कंधों पर होगी. अगर वैभव का बल्ला चला, तो WWE स्टार का यह 'Chosen One' कैप्शन और भी ज्यादा चर्चा में आ सकता है. ड्रू मैकइंटायर कौन हैं? 40 साल के Drew McIntyre दुनिया के सबसे बड़े प्रोफेशनल रेसलिंग संगठन WWE के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं. उनका असली नाम एंड्रयू मैकलीन गैलोवे IV (Andrew McLean Galloway IV) है और वे स्कॉटलैंड के रहने वाले हैं.

दो दिन में दूसरी बार पाकिस्तान की लताड़, भारत ने UN में खोली आतंक की पोल

नई दिल्ली भारत ने 2 दिन में दूसरी बार पाकिस्तान को लताड़ लगाई है। वैश्विक मंचों पर भारत को उकसाने वाली बयानबाजियों से बाज न आने वाले पाकिस्तान को भारत ने इस बार आंतकवाद के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 'यूएन चार्टर के सिद्धांतों को बनाए रखने' पर आयोजित एक खुली बहस के दौरान भारत के स्थायी राजदूत पार्वथनेनी हरीश ने पाकिस्तान को एक्सपोज किया। राजदूत हरीश ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने की भारी कीमत चुकानी होगी। राजदूत हरीश ने पाकिस्तान के असली चेहरे को UNSC में बेनकाब किया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “पाकिस्तान को यह स्वीकार करना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर परिणाम होते हैं। अस्तित्व में आने के बाद से ही पाकिस्तान लगातार आतंकवाद, उग्रवाद, हिंसक कट्टरपंथ और भारत-विरोधी बयानबाजी कर रहा है। पाकिस्तान दुष्ट ताकतों को पालने और उनका इस्तेमाल करने में जुटा हुआ है।” क्या बोला भारत? भारतीय राजदूत पाकिस्तान की सेना की कुख्यात डॉक्ट्रिन 'ब्लीडिंग इंडिया बाय अ थाउजेंड कट्स' यानी भारत को लहूलुहान करने जैसी नीति को भी संयुक्त राष्ट्र के सामने लेकर आए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई युद्ध शुरू कर, बेवजह आक्रामकता दिखाकर और आतंकवाद फैलाकर संप्रभुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन किया है। ऐसे में पाकिस्तान का UN चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता जताना पूरी तरह खोखला और पाखंड है। राजदूत हरीश ने याद दिलाया कि स्वतंत्र भारत ने शुरुआत से ही पाकिस्तान के सीमा पार आक्रमण को झेला है। पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्रों पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की। भारत ने यह भी बता दिया कि उसके पास इस आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। जम्मू कश्मीर के जिक्र पर भी भारत ने सुनाया गौरतलब है कि भारत ने जम्मू कश्मीर के मुद्दे का जिक्र करने को लेकर मंगलवार को भी पाक और चीन को सुनाया था। दरअसल पाकिस्तान और चीन के बीच बीजिंग में हुई एक बैठक के बाद एक साझा बयान जारी किया था। इसमें कश्मीर का जिक्र कर कहा गया था कि इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए। इसके बाद भारत ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस पर किसी भी तीसरे देश को टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, “हम चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के अनुचित बयान को सिरे से खारिज करते हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं, थे और हमेशा रहेंगे। किसी भी अन्य देश के पास इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।” वहीं भारत ने CPEC प्रोजेक्ट को लेकर भी अपनी आपत्ति दोहराई। भारत ने कहा कि इस कॉरिडोर का कुछ हिस्सा भारत की संप्रभु धरती (PoK) से होकर गुजरता है और भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर चोट करने वाले और पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध बनाने वाले किसी भी देश के ऐसे कदम का कड़ा विरोध करता है।

रोहतक: भूमि विवादों के समाधान के लिए अब सिर्फ राजस्व अधिकारी करेंगे कार्रवाई

रोहतक  हरियाणा सरकार ने लाल डोरा और स्वामित्व योजना से संबंधित शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए नई व्यवस्था लागू की है। विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा सभी जिला उपायुक्तों को जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अब हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकारों का निहितकरण, अभिलेखीकरण एवं समाधान) अधिनियम-2025 के तहत आने वाली शिकायतों का निपटारा केवल अधिकृत राजस्व अधिकारी ही करेंगे। सरकार के इस फैसले को ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि स्वामित्व संबंधी विवादों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आमजन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था का लाभ मिलेगा। विकास एवं पंचायत विभाग, चंडीगढ़ की ओर से जारी पत्र के अनुसार यह अधिनियम 19 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था, जबकि इसे 26 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है। विभाग के संज्ञान में आया था कि लाल डोरा और स्वामित्व योजना से जुड़ी शिकायतें अब तक कई स्थानों पर बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) तथा डीडीपीओ (जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी) कार्यालयों को भेजी जा रही थीं, जबकि अधिनियम में इन अधिकारियों की कोई निर्धारित भूमिका नहीं है। इससे शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी और फाइलों की आवाजाही बढ़ रही थी। नए निर्देशों के तहत अब ऐसे सभी मामलों का निस्तारण केवल अधिनियम के तहत नियुक्त नायब तहसीलदार (एसी द्वितीय श्रेणी) और तहसीलदार (एसी प्रथम श्रेणी) जैसे राजस्व अधिकारियों की ओर से किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों का समाधान अधिनियम की धारा 15 और 16 के प्रावधानों के अनुरूप किया जाना अनिवार्य होगा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल ने कहा कि विभागीय निर्देशों के अनुसार अब लाल डोरा व स्वामित्व योजना से संबंधित मामलों को बीडीपीओ या डीडीपीओ कार्यालयों में नहीं भेजा जाएगा, बल्कि शिकायतकर्ता सीधे संबंधित राजस्व अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे न केवल प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी और लोगों को समय पर राहत मिल सकेगी।

नौतपा में हेल्थ अलर्ट: सुबह 9 बजे के बाद अंडा खाना पड़ सकता है भारी

नौतपा शुरू हो चुके हैं और इन दिनों सुबह 7-8 बजे से ही तेज धूप महसूस होने लगती है. पारा 40 से 45 डिग्री को पार कर रहा है और झुलसती धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. ऐसे मौसम में जरा सी भी लापरवाही सीधे आपके पेट का कबाड़ा कर सकती है. जब बात प्रोटीन डाइट की आती है, तो अंडा सबसे पॉपुलर और आसान ऑपशन माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भीषण गर्मी के महीनों में अंडा खाने की टाइमिंग आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है? यदि आप भी सुबह देर से उठते हैं या ऑफिस की जल्दबाजी में सुबह 9 बजे के बाद हैवी एग ब्रेकफास्ट करते हैं तो यह आदत आपको सीधे डॉक्टर के पास पहुंचा सकती है. सुबह 9 बजे के बाद अंडा क्यों न खाएं? साइंस के अनुसार, अंडे में भरपूर मात्रा में हाई-क्वालिटी प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं. जब आप प्रोटीन से भरपूर चीजें खाते हैं तो शरीर को उसे पचाने के लिए अधिक एनर्जी खर्च करनी पड़ती है और इस प्रक्रिया को थर्मिक इफेक्ट ऑफ फूड (TEF) या थर्मोजेनेसिस कहते हैं. प्रोटीन का थर्मिक इफेक्ट (20% से 30%) कार्बोहाइड्रेट और फैट से कहीं ज्यादा होता है जिसका सीधा मतलब है कि प्रोटीन को ब्रेकडाउन करने में शरीर के अंदरूनी तापमान में बढ़ोतरी होती है. सुबह 9 बजे के बाद गर्मी तेज होने लगती है और बाहर का तापमान भी अधिक रहता है. इसलिए यदि आप उस समय अंडा खाते हैं तो शरीर के अंदर का तापमान बढ़ेगा और सूरज की रोशनी से बाहर का. ऐसे में हैवी प्रोटीन आपके डाइजेशन सिस्टम पर डबल लोड डाल देता है, जिससे दिनभर एसिडिटी, ब्लोटिंग और पेट में भारीपन की समस्या मससूस हो सकती है. गर्मियों में अंडा कब खाएं? न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप गर्मियों में अंडे का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो इसे सुबह 7:00 से 8:30 बजे के बीच ही खा लें. इस समय मौसम में थोड़ी ठंडक रहती है जिससे धूप तेज होने से पहले आपकी बॉडी इसे आसानी से प्रोसेस कर लेती है. WebMD का कहना है, अंडा न्यूट्रिएंट्स का पावरहाउस है लेकिन तपती गर्मी में अंडे के पीले हिस्सों का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें. क्योंकि इसमें फैट की मात्रा ज्यादा होती है जो शरीर में सबसे ज्यादा हीट जनरेट करता है. गर्मी के महीनों में रोजाना 1 से 2 अंडे खाना सुरक्षित है. बाकी अंडे की मात्रा आपकी फिजिकल एक्टिविटी, गोल आदि पर निर्भर करती है. पानी की कमी से ब्लॉक हो जाएगा पेट गर्मी में अंडा या कोई भी प्रोटीन सप्लीमेंट लेते समय लोग सबसे बड़ी चूक पानी की मात्रा में करते हैं. प्रोटीन मेटाबॉलिज्म के बाद निकलने वाले बाई-प्रोडक्ट्स को शरीर से बाहर फ्लश करने के लिए किडनी को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. यदि आप अंडा खाने के बाद दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी नहीं पी रहे हैं तो गंभीर डिहाइड्रेशन और कब्ज होना तय है इसलिए सुबह तेज धूप से पहले अपना नाश्ता निपटा लें.

झारखंड में बाल विवाह पर रोक को लेकर सीएम सख्त, जागरूकता अभियान तेज करने के आदेश

रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में हो रहे बाल विवाह पर चिंता जताई है। साथ ही उन्होंने इसपर हर हाल में रोक लगाने को कहा है। मंगलवार को महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा के क्रम में उन्होंने कहा कि गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा जैसे जिलों में बाल विवाह के ज्यादा मामले आ रहे हैं। वहां अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाए। बाल विवाह में सम्मिलित तथा इसे बढ़ावा देने वालों पर की जाने वाली कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी आम लोगों को दें, ताकि कानून के प्रति उनमें डर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आडियो-वीडियो के माध्यम से एवं विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भी लोगों में बाल विवाह को लेकर प्रभावी जागरूकता लाई जा सकती है। साथ ही स्कूल-कालेज की छात्राओं सहित आम लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त झारखंड की दिशा में अपनी साहस और दृढ़ संकल्प को दिखाने वाली बालिकाओं को ब्रांड एंबेसडर/वालेंटियर बनाकर समाज में जागरूकता फैलाएं, ताकि बालिकाओं के अल्प आयु में विवाह करने की सामाजिक विसंगति पर रोक लगाई जा सके। मुख्यमंत्री ने विभाग को बजट की राशि शत-प्रतिशत खर्च करते हुए योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि सीडीपीओ के 106 पद, महिला पर्यवेक्षिका के 433 पद, आंगनबाड़ी सेविका के 583 पद एवं आंगनबाड़ी सहायिका के 897 पद रिक्त हैं। इन पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर मिशन मोड में माडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए सीएसआर एवं डीएमफटी फंड का उपयोग कर पहले जीर्ण-शीर्ण एवं किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट कराना सुनिश्चित करें। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करें। मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टाप सेंटर की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि सखी वन स्टाप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को जागरूक कर विभिन्न हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करें। साथ ही इसे स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला हेल्पलाइन नंबर को लेकर लोगों में जागरूकता लाएं और इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों को तत्परता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक समाज कल्याण किरण कुमार पासी, विभाग के अपर सचिव अभय नंदन अम्बष्ट, निदेशक आइसीपीएस विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में हो बिजली, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, शौचालय एवं पेयजल आपूर्ति की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि किराए पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी विद्यालय परिसरों में शिफ्ट किए जाने का कार्य भी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि पोषण अभियान योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के पश्चात पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक दिन की गतिविधियों को अपलोड किया जा रहा है। इससे पर्यवेक्षण में आसानी हो रही है। छूटे हुए पात्र लाभुकों को मिले मंइयां सम्मान एवं सर्वजन पेंशन योजना का लाभ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग के सभी पात्र व्यक्तियों को पेंशन योजना का लाभ मिले। जो पात्र लाभुक छूटे हुए हैं, उन्हें भी शीघ्र योजना से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने मंइयां सम्मान योजना की कार्य प्रगति की भी जानकारी ली एवं अहर्ता पूरा करने वाले छूटे हुए लाभुकों को भी इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।  

ईद-उल-अजहा को लेकर राजधानी दिल्ली में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात, अलर्ट पर पुलिस

नई दिल्ली  बकरीद यानी ईद-उल-अजहा पर राजधानी में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है। खुफिया यूनिट स्पेशल ब्रांच एक्टिव हो चुकी है। नाइट पेट्रोलिंग में इजाफा कर दिया गया है। पुलिस अफसरों के मुताबिक, थाने से लेकर जिला लेवल पर सभी समुदायों के मौज़ूज़ शख्सियतों की मौजूदगी में अमन कमिटियों, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशंस (RWA) और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशंस (MWA) की मीटिंग हो चुकी हैं। सांप्रदायिक सद्भावना बनी रहे और त्योहार के दौरान माहौल ना बिगड़े, इसके लिए जरूरी हिदायतें दी गई हैं। संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है। अफवाहों से बचने और उन्हें फैलाने वालों से अलर्ट रहने को कहा गया है। जनता से अपील है कि सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें। संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी है। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अफ्रीका समिट रद्द होने के बाद दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा भारत-अफ्रीका फोरम समिट कैंसिल हो चुकी है। इसके लिए राजधानी में पैरामिलिट्री फोर्सेस की 60 कंपनियां बुलाई गई थीं। लिहाजा इन कंपनियों को अब दिल्ली के सभी जिलों में भेज दिया गया है। धार्मिक रूप से संवेदनशील रहे इलाकों में ज्यादा फोर्स दी गई है। इस बीच, धार्मिक स्थलों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी के लिए भी स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। शांति बनाए रखने की अपील आउटर-नॉर्थ जिले में डीसीपी हरेश्वर स्वामी, नॉर्थ ईस्ट जिले के डीसीपी राहुल अलवर, द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह, साउथ वेस्ट जिले के डीसीपी अमित गोयल और नॉर्थ-वेस्ट जिले के एडिशनल डीसीपी सिकंदर सिंह ने अपने-अपने जिलों की अमन कमिटी और धार्मिक प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं। जामा मस्जिद एरिया में डीसीपी (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह और रोहिणी जिले के प्रेम नगर में एसएचओ विक्रम सिंह ने पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ मार्च निकाला।

घर से निकलते समय दिखें ये संकेत हो सकते हैं शुभ या अशुभ

 हमारे आसपास होने वाली कुछ घटनाओं और संकेतों को शुभ (अच्छा) व अशुभ (हानिकारक) माना जाता है. प्राचीन भारतीय मान्यताओं में यह विश्वास किया जाता है कि प्रकृति और जीव-जंतु मनुष्य को आने वाले समय के बारे में संकेत देते हैं. हालांकि, आधुनिक विज्ञान भले ही इन मान्यताओं को प्रमाणित नहीं करता, फिर भी भारतीय समाज में इनका सांस्कृतिक और मानसिक महत्व आज भी बना हुआ है. चलिए ज्योतिष से जानते हैं कि घर से निकलते वक्त समय कौन से संकेत शुभ होते हैं और कौन से अशुभ. कबाड़ दिखना यदि घर के बाहर निकलते समय सामने दरवाजे पर आपको फल या सब्जी वाला, कबाड़ी अपनी भरी ढेल के साथ और जमादार कचरे की भरी टोकरी के साथ नजर आए तो यह काम में सफलता प्राप्ति का संदेश है. गाय दिखना घर के बाहर निकलते ही गाय, जल भरकर ले जाते किसी व्यक्ति का दिखना भी शुभ संकेत होता है. बर्तन दिखना इसके विपरीत किसी भी प्रकार से बर्तन लेकर जाते व्यक्ति का दिखना काम में अड़चन या पूर्ण न हो पाने का संकेत है.   झाड़ू का उल्टा रखा दिखना घर के मुख्य द्वार पर झाड़ू का उल्टा रखा होना भी अशुभ माना जाता है. झाड़ू को धन और लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. इसलिए उसका अपमान आर्थिक परेशानी का कारण माना जाता है. टूटा शीशा इसी प्रकार घर में टूटे हुए शीशे या बंद घड़ी रखना नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है, क्योंकि यह रुकावट और अव्यवस्था को दर्शाते हैं. तुलसी का पौधा सूखना यदि घर में अचानक तुलसी का पौधा सूख जाए तो इसे अशुभ माना जाता है. तुलसी को पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. पक्षी का आना इसके विपरीत, घर में पक्षियों का घोंसला बनाना शुभ संकेत है, क्योंकि यह शांति और समृद्धि का प्रतीक समझे जाते हैं. छींक आना छींक से जुड़ी मान्यताएं भी काफी प्रसिद्ध हैं. यदि किसी काम के लिए निकलते समय एक बार छींक आ जाए तो लोग कुछ क्षण रुक जाते हैं. इसका कारण यह माना जाता था कि शरीर की अचानक प्रतिक्रिया स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी हो सकती है. लेकिन लगातार दो छींकें सामान्य मानी जाती हैं. सुबह के संकेत सुबह-सुबह मंदिर की घंटी सुनना, शंख की ध्वनि या गाय का दर्शन शुभ माना जाता है. शंख की ध्वनि को वातावरण शुद्ध करने वाला माना गया है. रात के संकेत वहीं, रात में रोते हुए कुत्ते की आवाज को कई लोग अशुभ संकेत मानते हैं, क्योंकि पुराने समय में इसे संकट या बीमारी से जोड़कर देखा जाता था. क्या बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होता है? बिल्ली का रास्ता काटना आम तौर पर अशुभ संकेतों में से एक माना जाता है. किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए जाते समय बिल्ली सामने से रास्ता काट दे तो काम में बाधा आ सकती है. कुछ स्थानों पर इसे देवी शक्ति और रहस्य का प्रतीक माना जाता है, जबकि कुछ मान्यताओं में इसे अशुभ संकेतों से भी जोड़कर देखा गया है. दरअसल, बिल्ली को राहु और केतु जैसे ग्रहों की छाया से जोड़कर देखा जाता है. पुराने समय में जब सड़कें सुनसान और अंधेरी होती थीं, तब बिल्ली का अचानक रास्ता काटना यात्रा में खतरे का संकेत माना जाता था. इसलिए लोग कुछ देर रुककर आगे बढ़ते थे ताकि संभावित दुर्घटना या परेशानी से बचा जा सके. धीरे-धीरे यह मान्यता बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होने के नजरिए से देखा जाने लगा. धार्मिक कथाओं में यह भी माना जाता है कि बिल्ली अत्यधिक सतर्क और रहस्यमयी स्वभाव की होती है. इसका अचानक आना व्यक्ति को सावधान रहने का संकेत माना जाता था. यानी यह सीधे अशुभ नहीं बल्कि चेतावनी का प्रतीक भी समझा जाता था. हिंदू धर्म में बिल्ली को पूरी तरह नकारात्मक नहीं माना गया है. कई जगह इसे मातृत्व और संरक्षण का प्रतीक भी समझा जाता है. देवी शक्ति का वाहन बिल्ली को माना जाता है. इस कारण कई परिवारों में बिल्ली को भोजन देना शुभ कार्य माना जाता है.

जून 2026 में व्रत और त्योहारों की धूम: संकष्टी चतुर्थी से निर्जला एकादशी तक खास तिथियां

 हिंदू धर्म और पूजा-पाठ के लिहाज से जून 2026 का महीना बेहद खास रहने वाला है. इस महीने ज्येष्ठ और आषाढ़ का महीना एक साथ पड़ने जा रहा है, जिसकी वजह से पूरे महीने त्योहारों की धूम रहेगी. जून की शुरुआत ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा से होगी और महीना खत्म होते-होते आषाढ़ शुरू हो जाएगा. अगर आप भी जून के महीने में आने वाले व्रत और त्योहारों की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आइए देखते हैं कि इस बार कौन सा त्योहार किस तारीख को पड़ रहा है. जून के पहले आधे हिस्से के व्रत (1 से 15 जून) जून की शुरुआत में संकष्टी चतुर्थी और परम एकादशी जैसे कई बड़े व्रत रखे जाएंगे. इसी दौरान अधिकमास भी खत्म होने जा रहा है. 3 जून (बुधवार): संकष्टी चतुर्थी व्रत 7 जून (रविवार): अधिक भानु सप्तमी 8 जून (सोमवार): मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 11 जून (गुरुवार): परम एकादशी व्रत 12 जून (शुक्रवार): प्रदोष व्रत 13 जून (शनिवार): मासिक शिवरात्रि 14 जून (रविवार): अमावस्या 15 जून (सोमवार): मिथुन संक्रांति (इसी दिन अधिकमास खत्म हो जाएगा) जून के आखिरी आधे हिस्से के त्योहार (16 से 30 जून) महीने के आखिरी 15 दिनों में निर्जला एकादशी और वट सावित्री पूर्णिमा जैसे बहुत बड़े और कठिन व्रत रखे जाएंगे, जिसमें महिलाएं अपनी फैमिली की खुशहाली के लिए उपवास रखती हैं. 17 जून (बुधवार): महाराणा प्रताप जयंती 21 जून (रविवार): भानु सप्तमी (यह साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा) 22 जून (सोमवार): दुर्गाष्टमी व्रत 25 जून (गुरुवार): निर्जला एकादशी व्रत और गायत्री जयंती 27 जून (शनिवार): शनि प्रदोष व्रत 29 जून (सोमवार): वट पूर्णिमा व्रत और ज्येष्ठ पूर्णिमा 30 जून (मंगलवार): आषाढ़ महीने की शुरुआत

करी पत्ता स्टोर करने के आसान तरीके: महीनों तक रहेगा फ्रेश और हरा-भरा

 चाहे सुबह का गरमा-गरम पोहा हो, सांभर, नारियल की चटनी हो या फिर दाल का कड़कड़ाता हुआ तड़का, करी पत्ते के बिना हर पकवान अधूरा सा लगता है. इसकी खुशबू भूख तो बढ़ाती ही है, साथ ही यह हमारी सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. हर भारतीय घर की गर्मियों में एक आम समस्या है, हम बाजार से बड़े चाव से हरा-भरा करी पत्ता खरीद कर लाते हैं या पड़ोस के गमले से तोड़कर लाते हैं, लेकिन दो से तीन दिनों में ही वह काला, सूखा और बेजान होने लगता है. अच्छी बात यह है कि कुछ घरेलू तरीकों की मदद से आप महीनों तक करी पत्ते की ताजगी बनाएं रख सकते हैं. आइए आपको कुछ ऐसे ही बेहद आसान और असरदार देसी नुस्खों के बारे में बताते हैं, जिन्हें अपनाकर आप करी पत्ते को महीनों तक एकदम फ्रेश रख सकते हैं. एयरटाइट डिब्बा और टिशू पेपर यह सबसे आसान और असरदार तरीका है, करी पत्ते को किसी एयरटाइट डिब्बे में रख दें. इसके लिए सबसे पहले करी पत्तों को डंडियों से अलग कर लें और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. अब इन्हें एक सूती कपड़े या टिशू पेपर पर फैलाकर पंखे के नीचे पूरी तरह सुखा लें. सूखने के बाद एक प्लास्टिक या कांच के एयरटाइट डिब्बे के नीचे टिशू पेपर बिछाएं, उसमें पत्ते डालें और ऊपर से एक और टिशू पेपर रखकर डिब्बा बंद कर दें. इसे फ्रिज में रखें, पत्ते महीनों तक हरे बने रहेंगे. मलमल का कपड़ा है मददगार पत्तों को धोकर अच्छे से सुखाने के बाद, उन्हें एक हल्के और साफ सूती या मलमल के कपड़े में ढीला-ढीला बांध लें. इस पोटली को फ्रिज के वेजिटेबल बॉक्स में रख दें. कपड़ा पत्तों से एक्स्ट्रा नमी को सोख लेता है और पत्ते सड़ते नहीं हैं. पत्तियों को फ्रीज करें स्टोर अगर आप करी पत्तों को 6 महीने से भी अधिक चलाना चाहते हैं तो सूखी हुई पत्तियों को जिप-लॉक बैग में भरकर उसकी पूरी हवा निकाल दें. फिर इसे सीधे फ्रीजर में रख दें. जब भी इस्तेमाल करना हो, मुट्ठी भर पत्ते निकालें और सीधे तड़के में डाल दें. इससे इनका स्वाद और खुशबू दोनों लंबे समय तक वैसी ही बनी रहती है. तेल में भूनकर रखना करी पत्ते को आप लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप उनको तेल में फ्राई करके भी स्टोर कर सकते हैं. इसके लिए एक कड़ाही में आधा चम्मच तेल गरम करें और करी पत्तों को धीमी आंच पर हल्का सा भून लें. ठंडा होने पर इन्हें किसी कांच की बरनी में भरकर फ्रिज में रख दें. इस टिप का रखें खास ध्यान करी पत्ते को कभी भी धूप में न सुखाएं, इससे उसकी असली खुशबू और स्वाद उड़ जाता है. हमेशा इन्हें छांव या पंखे की हवा में ही सुखाएं. इन छोटे-छोटे देसी जुगाड़ को अपनाकर आप जब चाहे, अपनी रसोई को करी पत्ते की बेहतरीन खुशबू से महका सकते हैं.