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चेन्नई सुपर किंग्स करेगी बड़ा फेरबदल, 14 करोड़ वाला खिलाड़ी भी बाहर होने की कगार पर

चेन्नई चेन्नई सुपर किंग्स लगातार तीसरा मैच हारकर IPL 2026 में प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है. लगातार तीसरी बार है जब 5 बार की चैंपियन CSK प्लेऑफ में क्वालीफाई नहीं कर पाई. अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही चेन्नई अगले साल कई परिवर्तन करना चाहेंगी. ऐसे में कई प्लेयर्स हैं, जिनको लेकर माना जा रहा है कि चेन्नई उन्हें रिलीज कर देगी।  IPL 2027 से पहले मेगा ऑक्शन होगा, जिसमें सभी फ्रेंचाइजियों के लिए रिटेन करने वाले खिलाड़ियों की संख्या निश्चित होती है. ऐसे में चेन्नई कई प्लेयर्स को रिलीज कर सकती है, जो उनकी योजना में फिट नहीं बैठे या बैठेंगे. वहीं कई को इसलिए अलग किया जा सकता है क्योंकि उनसे पहले टीम दूसरे खिलाड़ियों को प्रायोरिटी देगी।  सरफराज खान सरफराज खान को चेन्नई सुपर किंग्स ने 75 लाख रुपये में खरीदा था. इस सीजन उन्हें 8 मैच खेलने को मिले, जिसमें खेली 7 पारियों में उन्होंने कुल 161 रन बनाए. मेगा ऑक्शन से पहले चेन्नई शायद ही सरफराज को रिटेन करे, हालांकि उनका प्राइस कम ही है लेकिन फिर भी टीम शायद उन्हें रिलीज कर दे।  खलील अहमद खलील अहमद प्रभाव नहीं छोड़ पाए, शुरूआती मैचों में वह बेअसर रहे और फिर चोट के कारण नहीं खेल पाए. उन्होंने 5 मैचों में सिर्फ 2 ही विकेट लिए. चेन्नई की गेंदबाजी इस बार अच्छी नहीं रही. मेगा ऑक्शन से पहले चेन्नई शायद ही खलील को भी रिटेन करे, टीम उन्हें रिलीज कर सकती है।  प्रशांत वीर प्रशांत को चेन्नई सुपर किंग्स ने रिकॉर्ड बोली (14 करोड़ 20 लाख रुपये) लगाकर खरीदा था, लेकिन वह कोई छाप नहीं छोड़ पाए. उन्होंने 6 मैच खेले और सिर्फ एक ही मैच में उन्हें गेंदबाजी दी गई, जिसमें डाले 2 ओवरों में उन्होंने 25 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया. ऐसा नजर आया कि प्रशांत उनकी योजना में फिट नहीं बैठ पा रहे. मेगा ऑक्शन से पहले फ्रेंचाइजी निश्चित संख्या तक ही प्लेयर्स को रिटेन कर सकती हैं, ऐसे में शायद चेन्नई प्रशांत वीर को रिलीज कर दे और अपने पर्स को बढ़ाना चाहे।  मुकेश चौधरी 29 वर्षीय तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी 2022 से चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ही खेल रहे हैं, इस साल उन्होंने 8 मैचों में 8 ही विकेट लिए. उनका इकॉनमी 8.89 का रहा, लेकिन शायद चेन्नई अब नए खिलाड़ियों को तलाशे. हालांकि मुकेश में शानदार प्रतिभा है, वह इस टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं लेकिन शायद वह उन खिलाड़ियों में न आएं जिन्हे चेन्नई मेगा ऑक्शन से पहले रिटेन करना चाहे।  स्पेंसर जॉनसन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन को भी चेन्नई सुपर किंग्स रिटेन नहीं करना चाहेगी. जॉनसन ने इस साल खेले 3 मैचों में 2 विकेट लिए. जॉनसन को चेन्नई ने रिप्लेसमेंट के तौर पर सीजन के बीच में शामिल किया था, उनका प्राइस 1.5 करोड़ रुपये है. चेन्नई उन्हें अगले संस्करण के लिए होने वाले मेगा ऑक्शन से पहले रिलीज कर सकती है। 

ईंधन कीमतों पर बड़ा झटका संभव, IMF की रिपोर्ट ने दिए संकेत

मुंबई  पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की पहली डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर और मशहूर अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) ने भारत को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर जून तक यह संघर्ष जारी रहा, तो कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। ऐसा हुआ तो भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम, महंगाई और आर्थिक दबाव तेजी से बढ़ सकते हैं। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक मध्य-पूर्व पर निर्भर है। ऐसे में ईरान युद्ध और हार्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में सप्लाई रुकावट का सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। गीता गोपीनाथ ने कहा कि यह सिर्फ महंगे तेल का मामला नहीं है, बल्कि अब सप्लाई शॉक की स्थिति बन रही है, यानी तेल, LPG, LNG और खाद की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है। अगर सप्लाई चेन टूटती है, तो उसे सामान्य होने में 2 से 3 महीने तक लग सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात में कच्चा तेल 110 डॉलर से बढ़कर 140 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो भारत में ट्रांसपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग और खेती की लागत तेजी से बढ़ेगी। इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल महंगा होगा, ट्रक किराया बढ़ेगा और रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो जाएंगी। गीता गोपीनाथ का मानना है कि सरकार हमेशा लोगों को पूरी तरह राहत नहीं दे पाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ बोझ सरकार उठाएगी, लेकिन कुछ कीमतों का असर जनता और कंपनियों को भी झेलना पड़ेगा, यानी आने वाले समय में पेट्रोल पंप पर कीमतें बढ़ सकती हैं। उन्होंने साफ कहा कि अब हम ऐसे दौर में प्रवेश कर रहे हैं, जहां महंगाई लगातार बढ़ सकती है। रुपये की कमजोरी पर भी उन्होंने बड़ा बयान दिया। हाल के महीनों में रुपया डॉलर के मुकाबले 91 से गिरकर करीब 97 तक पहुंच गया है और बाजार में चर्चा है कि यह 100 के स्तर तक जा सकता है। लेकिन, गीता गोपीनाथ ने कहा कि असली चिंता सिर्फ रुपये का आंकड़ा नहीं है। उनके मुताबिक, कमजोर रुपया आयात कम करने में मदद करता है और यह आर्थिक संतुलन बनाने का एक तरीका है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार और RBI जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप करेंगे, तो देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, उन्होंने लोगों से घबराने की अपील नहीं की। उनका कहना है कि भारत की घरेलू मांग मजबूत है, इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ रहा है और विदेशी मुद्रा भंडार भी अभी मजबूत स्थिति में है। लेकिन, अगर युद्ध लंबा खिंचता है और तेल 140 डॉलर पर टिक जाता है, तो यह सिर्फ भारत नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ा आर्थिक संकट बन सकता है। एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले महीनों में सरकार को गरीब परिवारों और छोटे कारोबारियों के लिए राहत पैकेज, कैश ट्रांसफर और लोन सपोर्ट जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पश्चिम एशिया का तनाव जल्द खत्म होगा या दुनिया को एक नए आर्थिक झटके का सामना करना पड़ेगा।

ऊर्जा संकट के दौर में भारत-वेनेजुएला संबंधों पर बड़ी हलचल, अंतरिम राष्ट्रपति के दौरे की चर्चा

 नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा अब वैश्विक कूटनीति का बड़ा केंद्र बनती जा रही है. इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले हफ्ते भारत दौरे पर आएंगी, जहां तेल सप्लाई और ऊर्जा सहयोग को लेकर अहम बातचीत होगी।  रुबियो ने भारत रवाना होने से पहले कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत उससे "जितना चाहे उतना तेल खरीदे." उन्होंने कहा, "हम भारत को जितनी ऊर्जा चाहिए उतनी बेचने के लिए तैयार हैं. हमें लगता है कि वेनेजुएला के तेल को लेकर भी बड़े मौके मौजूद हैं। . मार्को रुबियो ने आगे कहा, "मेरी जानकारी के मुताबिक वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति अगले हफ्ते भारत आने वाली हैं." रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट की वजह से वैश्विक तेल बाजार में भारी अस्थिरता बनी हुई है और भारत वैकल्पिक सप्लाई लाइनों की तलाश में जुटा है।  भारत तेल खरीद को कर रहा डाइवर्सिफाई भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में शामिल है और अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने के बाद भारत लगातार सप्लाई डाइवर्सिफिकेशन पर काम कर रही है. ऐसे में वेनेजुएला, जिसके पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, भारत के लिए अहम विकल्प बनकर उभर रहा है।  दिलचस्प बात यह है कि जनवरी 2026 में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाया गया था, जिसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया. तब से वॉशिंगटन और कराकस के रिश्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी रोड्रिगेज की कई बार तारीफ कर चुके हैं, खासकर तेल कंपनियों के साथ सहयोग को लेकर।  तेल क्षेत्र में वेनेजुएला कर रहा सुधार रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला की नई सरकार विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए तेल क्षेत्र में बड़े सुधार कर रही है. अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को ज्यादा स्वतंत्रता देने, टैक्स कम करने और पीडीवीएसए के एकाधिकार को कमजोर करने जैसे कदम उठाए गए हैं।  भारत और वेनेजुएला के रिश्तों में एक दिलचस्प सांस्कृतिक कनेक्शन भी है. डेल्सी रोड्रिगेज भारतीय आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा की अनुयायी मानी जाती हैं और उपराष्ट्रपति रहते हुए वह दक्षिण भारत स्थित उनके आश्रम का दौरा भी कर चुकी हैं।  रुबियो खुद 23 से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर बातचीत होगी. माना जा रहा है कि वेनेजुएला की राष्ट्रपति की यात्रा और रुबियो का दौरा, दोनों मिलकर भारत की ऊर्जा रणनीति में नए समीकरण पैदा कर सकते हैं। 

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि को वैश्विक मानचित्र पर मिलेगी विशिष्ट पहचान

आगरा  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि और 101 प्राचीन शिव मंदिरों की श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध आगरा के 'बटेश्वर धाम' को आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। भारत सरकार की एसएएससीआई (SASCI) योजना के अंतर्गत 71.50 करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 56.11 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बटेश्वर धाम में विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधाओं का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है और इस पूरी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विज़िटर सपोर्ट और आधुनिक आवास क्षेत्र का निर्माण श्रद्धालुओं और देश- विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस परिसर को बेहद आधुनिक रूप दिया जा रहा है। विज़िटर सपोर्ट एवं आवास क्षेत्र के तहत यहाँ विशाल पार्किंग व्यवस्था, स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय और महिला व पुरुष आगंतुकों के लिए करीब 20 कमरों की क्षमता वाले अलग- अलग सर्वसुविधायुक्त डॉरमेट्री का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए आधुनिक कैफेटेरिया, फूड कियोस्क, सोवेनियर शॉप और बच्चों के मनोरंजन के लिए एक विशेष इंटरैक्टिव जोन तैयार किया जा रहा है। पर्यटक यहां के शांत और रमणीय वातावरण का आनंद ले सकें, इसके लिए ओपन सीटिंग एरिया सहित एक आधुनिक पर्यटन सुविधा केंद्र भी बनाया जाएगा। शिव पुराण, समुद्र मंथन और डिजिटल गैलरी का आकर्षण आध्यात्मिकता और संस्कृति के इस अनूठे संगम में पर्यटकों को आधुनिक तकनीक से जुड़ा एक बेहद अद्भुत अनुभव मिलेगा। यहां विकसित की जा रही इंटरैक्टिव गैलरी और थीम आधारित आकर्षण श्रद्धालुओं को भारतीय आध्यात्मिक विरासत के करीब लाएंगे। म्यूजियम गैलरी-1: इसमें चारों वेदों और शिव पुराण की पावन कथाओं को अत्याधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। म्यूजियम गैलरी-2: यहाँ मुख्य रूप से 'चार धाम गैलरी' और 'समुद्र मंथन गैलरी' बनाई जा रही हैं, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। शिव सहस्रनाम खंड: भगवान शिव के विविध स्वरूपों और उनकी महिमा को प्रदर्शित करने के लिए विशेष थीम आधारित इंस्टॉलेशन लगाए जाएंगे। 'ध्यान पथ' और 'शिव प्रांगण' से मिलेगी असीम शांति परियोजना का सबसे मुख्य और खूबसूरत आकर्षण इसका 'सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र' होगा, जिसे अनुभवात्मक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में आकार दिया जा रहा है। यहां एक विशाल वटवृक्ष (बरगद के पेड़) के समीप भगवान शिव की ध्यानमग्न मुद्रा में एक भव्य और विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस दिव्य प्रतिमा के चारों ओर एक आकर्षक 'ध्यान पथ' और भव्य 'शिव प्रांगण' विकसित किया जाएगा, जो यहाँ आने वाले लोगों के लिए श्रद्धा, शांति और गहरी आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष केंद्र बनेगा। पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन और शिवलिंगम पार्क धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता को नया विस्तार देते हुए इस परियोजना के अंतर्गत पंचमहाभूत (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) को समर्पित एक भव्य 'पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन' विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही देश के पवित्र 12 ज्योतिर्लिंगों की सुंदर प्रतिकृतियों से सुसज्जित 'शिवलिंगम पार्क' और यमुना नदी व भगवान शिव के प्राचीन आध्यात्मिक संबंध को दर्शाने वाला मनमोहक 'कालिंदी वनम' भी तैयार किया जा रहा है। इस परिसर की भव्यता को संपूर्णता देने के लिए सेवा के प्रतीक भगवान नंदी की एक विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। आध्यात्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन रहा यूपी बटेश्वर धाम के इस कायाकल्प और सरकार के विजन को साझा करते हुए उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन रहा है। हमारी सरकार बटेश्वर धाम के समेकित विकास के जरिए इसकी प्राचीन विरासत को सहेजने के साथ- साथ पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आगरा देशी- विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है, जहां वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 1.83 करोड़ पर्यटकों ने भ्रमण किया है। उन्होंने कहा कि बटेश्वर धाम का यह समेकित विकास उत्तर प्रदेश को वैश्विक आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगा। 'हेरिटेज रिवाइवल कॉरिडोर' के रूप में परिकल्पित यह परियोजना बटेश्वर की प्राचीन सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं से जोड़ेगी। इससे न केवल वैश्विक आगंतुकों को एक नया दिव्य अनुभव मिलेगा, बल्कि पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के लोकप्रिय स्थलों के साथ-साथ ऐसे अल्पज्ञात ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महिला वर्ग में मध्यप्रदेश बना ओवरऑल चैंपियन

भोपाल  उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में 17 से 21 मई तक आयोजित 48वीं जूनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश रोइंग दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 7 पदक अर्जित किए, जिनमें 2 स्वर्ण, 2 रजत एवं 3 कांस्य पदक शामिल हैं। विशेष उपलब्धि के रूप में मध्यप्रदेश की महिला टीम ने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतर तालमेल और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के दम पर महिला वर्ग की ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम की। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है, बल्कि मध्यप्रदेश में विकसित हो रही खेल संस्कृति और रोइंग खेल के बढ़ते स्तर को भी दर्शाती है। खेल मंत्री  सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने 48वीं जूनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन और महिला वर्ग में ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल करने पर मध्यप्रदेश रोइंग दल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश की खेल पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी। महिला खिलाड़ियों ने दिलाया ओवरऑल चैंपियनशिप का गौरव महिला वर्ग में मध्यप्रदेश की खिलाड़ियों ने पूरे प्रतियोगिता के दौरान प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता दिलाई। सिंगल स्कल्स स्पर्धा में संतोष यादव ने उत्कृष्ट तकनीक, संतुलन और शानदार प्रदर्शन का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। वहीं कॉक्सलेस पेयर स्पर्धा में जिज्ञासा रेगर एवं स्नेहा कालमे की जोड़ी ने बेहतरीन समन्वय और दमदार प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश को दूसरी स्वर्णिम सफलता दिलाई। इसी क्रम में डबल स्कल्स स्पर्धा में प्रियंका एवं वंशिका साहू की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। वहीं कॉक्सलेस फोर स्पर्धा में पूनम, प्रतीक्षा, मेघा लवारिस एवं प्रतिज्ञा चिकाने की टीम ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश की पदक तालिका को और मजबूत बनाया। महिला खिलाड़ियों के सामूहिक प्रदर्शन और लगातार बेहतर परिणामों के आधार पर मध्यप्रदेश ने महिला वर्ग में ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता स्थापित की। पुरुष वर्ग में भी खिलाड़ियों ने किया प्रभावशाली प्रदर्शन पुरुष वर्ग में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डबल स्कल्स स्पर्धा में तनिष एवं ऋषभ जोशी की जोड़ी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अर्जित किया और अपनी क्षमता का परिचय दिया। वहीं कॉक्सलेस फोर स्पर्धा में राज कारिया, श्लोक डांगी, हरिओम वर्मा एवं अरुण गुर्जर की टीम ने बेहतरीन समन्वय और प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन के आधार पर कांस्य पदक हासिल किया। इसके अतिरिक्त कॉक्सलेस पेयर स्पर्धा में अयान एवं अनुराग ने भी कांस्य पदक जीतकर प्रदेश की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पुरुष खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भी यह साबित किया कि मध्यप्रदेश रोइंग के क्षेत्र में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। प्रदेश की खेल प्रतिभा और प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण 48वीं जूनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में प्राप्त यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा, व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रणाली और खिलाड़ियों के निरंतर परिश्रम का परिणाम है। प्रदेश में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल अधोसंरचना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति, तकनीकी मार्गदर्शन और उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देखने को मिल रहे हैं। खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और खेल प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था ने इस सफलता को संभव बनाया है।  

झारखंड: शिक्षकों के हित में हाईकोर्ट का अहम फैसला, सरकार को समयसीमा में निर्णय का निर्देश

रांची झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षकों को एमएसीपी योजना का लाभ दिए जाने के मामले में सरकार को 16 सप्ताह के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है। एकल पीठ ने जामताड़ा जिले के 84 शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स और शिवम पाठक ने अदालत को बताया कि राज्य के अन्य स्कूलों (जैसे अल्पसंख्यक स्कूल, आवासीय विद्यालय) तथा बिहार राज्य के शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ पहले से दिया जा रहा है, जबकि प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को यह सुविधा नहीं मिल पाई है। याचिका में राज्य सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे इन शिक्षकों को भी एमएसीपी का लाभ दें। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि सरकार ने सात अगस्त 2024 को झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ को पत्र लिखकर एमएसीपी की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को यह लाभ मिल रहा है और सरकार ने इस विषय पर विचार-विमर्श शुरू भी कर दिया है, इसलिए यह आवश्यक है कि प्राथमिक शिक्षकों के संबंध में भी जल्द से जल्द फैसला लिया जाए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सरकार इस मामले में अंतिम निर्णय लें। पूरी प्रक्रिया इस आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 16 सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। अदालत ने याचिका निष्पादित कर दी। 16,290 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन देने का आदेश हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने पूर्वी सिंहभूम जिले के 80 प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों की याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें 16,290 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन देने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता मैट्रिक और इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक हैं, जिन्होंने वर्ष 2006 से पहले सेवा में आए थे। उनकी मांग थी कि छठें वेतन आयोग की संस्तुतियों के तहत जारी वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार उनका प्रारंभिक वेतन एक जनवरी 2006 से 16,290 रुपये निर्धारित किया जाए। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि यह वेतनमान केवल झारखंड सचिवालय के सहायकों पर लागू होता है। अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि यह मामला पूर्व में एक मामले में कोर्ट के निर्णय (27 नवंबर 2025) से पूरी तरह आच्छादित है। अदालत ने शिक्षकों के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए विभाग के 10 जून 2024 के सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने राज्य को निर्देश दिया कि वह इन याचिकाकर्ताओं को वही, लाभ प्रदान करे जो पिछले मामले के याचिकाकर्ताओं को दिए गए थे। सरकारी अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पिछले संबंधित मामले के निर्णय के खिलाफ सरकार ने खंडपीठ में अपील दायर कर दी है। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि अपील के आदेश से शिक्षकों न्यूनतम वेतनमान प्रभावित होगा। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह ने पक्ष रखा।

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट सेक्टर में बूम, 2026 तक 1.25 लाख करोड़ निवेश का अनुमान

लखनऊ उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा है कि 2023 से बाजार में आई तेजी के बाद प्रदेश का रियल एस्टेट सेक्टर अब आगे बढ़ रहा है। एनसीआर क्षेत्रों में प्रापर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी और निवेशकों का नया भरोसा देखने को मिला है। यूपी रेरा देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट इकोसिस्टम की निगरानी कर रहा है, जहां 3000 से ज्यादा प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हैं और हर साल निवेश लगातार बढ़ रहा है। इंडियन चैंबर आफ कामर्स (आइसीसी) की ओर से गुरुवार को होटल ताज में आयोजित आइसीसी यूपी रियल एस्टेट समिट 2026 में यूपी रेरा अध्यक्ष ने कहा, 2025 में ही प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन 3000 और निवेश 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। आने वाले समय में यह आंकड़ा 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा, प्रदेश अब इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार, सरकारी नीतियों, संस्थागत निवेश और बढ़ती शहरी आकांक्षाओं की वजह से एक मल्टी-सिटी ग्रोथ माडल के रूप में तेजी से उभर रहा है। जमीन से जुड़ी हर प्रकार की समस्या का निस्तारण सरकार अति शीघ्र करेगी। आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने कहा, रियल एस्टेट और हाउसिंग किसी भी राज्य के आर्थिक विकास के सबसे मजबूत संकेतकों में से एक है। आज यूपी के कई क्षेत्रों में यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। बीते वर्षों में नीति सुधार, बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार, एयरपोर्ट विकास और रेरा जैसी संस्थाओं की मजबूत भूमिका ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। आइसीसी के डायरेक्टर जनरल राजीव कुमार सिंह ने कहा, यूपी में विकास केवल एनसीआर तक सीमित नहीं रहा।  

जैसलमेर-अहमदाबाद नई रेल सेवा का शुभारंभ, स्वर्णनगरी में बढ़ी कनेक्टिविटी

 जैसलमेर राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर को रेलवे की ओर से बड़ी दोहरी सौगात मिली है. जिसमें एक है कि स्वर्णनगरी में रेलवे स्टेशन पर करीब 67 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' का उद्घाटन किया गया है और साथ ही जैसलमेर-अहमदाबाद नई रेल सेवा की भी शुरुआत हुई है. जैसलमेर में ही होगा ट्रेनों का रखरखाव अब तक तकनीकी रखरखाव और सफाई के लिए ट्रेनों को अन्य बड़े स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन अब जैसलमेर में ही अत्याधुनिक 'कोच केयर कॉम्प्लेक्स' के शुरू होने से ट्रेनों का रखरखाव, तकनीकी जांच और सफाई जैसलमेर में ही संभव हो सकेगी. इससे न केवल ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी. अहमदाबाद तक अब सीधी रेल सेवा इसके अलावा जैसलमेर को अहमदाबाद से जोड़ने वाली नई रेल सेवा का भी शुभारंभ किया गया है. स्थानीय विधायक छोटूसिंह भाटी ने हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना किया. कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने वर्चुअली हिस्सा लिया. इस नई रेल सेवा से सीमावर्ती जिले के लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी. अब गुजरात आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा. इस सौगात से जैसलमेर के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है. विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि यह सुविधा हर तबके के लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.

देवरिया-कसया फोरलेन से बदलेगी तस्वीर, कुशीनगर तक यात्रा होगी आसान

रामपुर कारखाना मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने शुक्रवार को 292 करोड़ 6 लाख 66 हजार की लागत से देवरिया-कसया मार्ग फोरलेन निर्माण लिए भव्य समारोह के बीच आधारशिला रखी। इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह रहा। ग्रामीणों का कहना है कि देवरिया-कसया मार्ग फोरलेन बनने से नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा। अंतर्राष्ट्रीय स्थल कुशीनगर को जोड़ने वाला देवरिया कसया मार्ग काफी दिनों से सिंगल मार्ग के रूप में था। जिस पर रोज हजारों की संख्या में दो पहिया चार पहिया वाहन चलते हैं। सिंगल मार्ग होने के चलते इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती थी। जिसको लेकर शासन ने इस मार्ग को फोरलेन में बदलने का निर्णय लिया। इसके निर्माण होने से जहां विकास को आयाम मिलेगा वहीं आसपास के लोगों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने का अवसर मिलेगा। शासन ने प्रथम किस्त के रूप में 102 .22 करोड़ रूपया अवमुक्त कर दिया है ।फोरलेन निर्माण होने पर इसकी चौड़ाई 15 मी होगी। जिसमें प्रत्येक लेने की चौड़ाई 7.50 मी होगी तथा बीच में दो मी चौड़ाई में डिवाइडर बनाने का कार्य किया जाएगा। इसके संपूर्ण निर्माण के लिए 292 करोड़ 06 लाख 66हजार की स्वीकृति प्रदान की गई है। नदी पर 106.88 मीटर लंबा तथा 11.50 मीटर चौड़ाई का पुल टू लेन में तैयार किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड को नामित किया गया है। क्षेत्रीय लोगों में फोर लेन निर्माण से यातायात सुगम होगा। जिसका सपना मुख्यमंत्री ने निर्माण की आधारशिला रख कर साकार कर दिया। फोर लेन निर्माण से व्यापार के दिशा में व्यवसाईयों को बहुत लाभ मिलेगा तथा आम जनमानस को गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर की दूरी तय करने में कम समय के साथ-साथ कम ईंधन भी लगेगा। अजीत सिंह, भाजपा नेता, बैकुंठपुर, रामपुर कारखाना फोर लेन पर चलना हम लोगों के लिए सपना जैसा था। मगर मुख्यमंत्री ने इस सपने को साकार करने का कार्य किया है।- पंकज सिंह,  ग्राम प्रधान, भगौतीपुर, रामपुर कारखाना देवरिया कसया फोर लेन मार्ग का निर्माण विकसित भारत की दिशा में एक अहम प्रयास है। जो भाजपा के शासन में पूरा होने जा रहा है।- रविंद्र सिंह, ग्रामीण, मुंडेरा बाबू तरकुलवा फोर लेन का निर्माण किसान, मजदूर, व्यापारी तथा आम लोगों के लिए हित में है। जिससे विकास को गति मिलेगी। बिहार तक की यात्रा सुगम होगी।- राजू सिंह, ग्राम प्रधान, रामपुर चंद्रभान, रामपुर कारखाना