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सम्राट सरकार की नई ट्रांसफर लिस्ट जारी, गृह विभाग समेत कई अहम पदों पर बदलाव

पटना बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अधिकारियों का फेरबदल हो रहा है। सम्राट सरकार ने शुक्रवार को एक बार फिर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट निकाल दी। इसके तहत 11 आईएएस का तबादला किया गया है। इसमें कुछ विभागों के अपर मुख्य सचिव भी बदले गए हैं। वरीय आईएएस दीपक कुमार को लोकभवन भेज दिया गया है। वहीं, गृह विभाग के एसीएस अरविंद कुमार को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग में भेजा गया है। कुंदन कुमार को गृह विभाग का सचिव बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को आईएएस अधिकारियों की नई पोस्टिंग की अधिसूचना जारी की। इसके तहत 1992 बैच के आईएएस दीपक कुमार को राज्यपाल का प्रधान सचिव बनाया गया है, उनके पास सामान्य प्रशासन विभाग के महानिदेशक और मुख्य जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। अरविंद चौधरी का गृह विभाग से ट्रांसफर 1995 बैच के आईएएस अधिकारी गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी का तबादला कर उन्हें मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग का एसीएस नियुक्त किया गया है। उनके पास बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष और बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद के परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार का ट्रांसफर कर गृह विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। 1995 बैच के एक और वरीय अधिकारी एवं सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी राजेंदर को निगरानी विभाग के एसीएस का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह को सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सीमा त्रिपाठी और निलेश देवरे की नई पोस्टिंग बिहार मानवाधिकार आयोग की सचिव सीमा त्रिपाठी को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का सचिव बनाया गया है। सिविल विमानन विभाग के विशेष सचिव निलेश रामचंद्र देवरे को बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंप गया है। 2012 बैच की आईएएस इनायत खान को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक हैं। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा को उद्योग विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार श्रीवास्तव का ट्रांसफर कर उन्हें वित्त विभाग का अपर सचिव लगाया गया है। गोपाल मीणा सेंट्रल डेप्युटेशन पर गए राज्यपाल के मौजूदा प्रधान सचिव गोपाल मीणा को बिहार सरकार ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए विरमित कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। उन्हें केंद्र सरकार ने नोएडा का विकास आयुक्त बनाया है।

हरियाणा: ग्रामीण विकास पर फोकस, फतेहाबाद को मिलेगा करोड़ों का बजट

 फतेहाबाद  जिले में विकास कार्यों को गति देने के लिए शनिवार को जिला विकास एवं निगरानी समिति (डीडीएमसी) की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक की अध्यक्षता सामाजिक न्याय, अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी करेंगे। बैठक में वर्ष 2026-27 की जिला योजना के तहत तैयार वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी जाएगी। जिला योजना के अंतर्गत जिले के लिए कुल 14.86 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें 8.91करोड़ रुपये सामान्य वर्ग तथा 5.94 करोड़ रुपये अनुसूचित वर्ग के विकास कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष के लंबित कार्यों के 1.56 करोड़ रुपये के बिलों के भुगतान के बाद शेष 13.29 करोड़ रुपये की राशि जिले में विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। बैठक को जिले की विकास योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस बैठक में प्रस्तुत होने वाले प्रस्तावित बजट के अनुसार इस बार भी ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी गई है। ग्रामीण इलाकों के लिए 10.33 करोड़ रुपये जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए 2.95 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। ब्लाक स्तर पर सबसे अधिक 2.39 करोड़ रुपये फतेहाबाद ब्लाक को मिलने का प्रस्ताव है। इसके अलावा टोहाना ब्लाक के लिए 1.81 करोड़ रुपये, रतिया के लिए 1.52 करोड़ रुपये, भट्टू कलां के लिए 1.46 करोड़ रुपये, भूना के लिए 1.38 करोड़ रुपये, नागपुर के लिए 1.02 करोड़ रुपये तथा जाखल ब्लाक के लिए 72.53 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। शहरी निकायों में खर्च होगी इतनी राशि वहीं, शहरी निकायों के विकास कार्यों के लिए भी अलग से बजट तय किया गया है। नगर परिषद फतेहाबाद को 99.88 लाख रुपये, टोहाना को 52.43 लाख रुपये, भूना को 42.47 लाख रुपये, रतिया को 39.90 लाख रुपये तथा जाखल को 10.99 लाख रुपये दिए जाने का प्रस्ताव है। बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद अंतिम मंजूरी दी जाएगी। बता दें कि सड़कों, गलियों, पेयजल, सामुदायिक भवनों और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को इस बजट से गति मिलेगी। पिछले कार्यों की भी होगी समीक्षा बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में हुए विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी रखी जाएगी। रिकार्ड के अनुसार पिछले वर्ष भी जिले को 14.86 करोड़ रुपये का बजट मिला था। 31 मार्च 2026 तक 13.54 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों पर खर्च की जा चुकी है। इसमें सामान्य वर्ग के कार्यों पर 7.65 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित वर्ग के विकास कार्यों पर 5.88 करोड़ रुपये व्यय किए गए। पिछले वर्ष कुल 142 कार्य स्वीकृत किए गए थे भौतिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष कुल 142 कार्य स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 80 कार्य पूरे हो चुके हैं जबकि 119 कार्य अभी विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। बैठक में इन परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश भी मंत्री द्वारा दिए जाएंगे।साथ ही 10 जुलाई 2025 को हुई पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि भी सदन में की जाएगी। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रहेगी मौजूदगी डीडीएमसी की इस बैठक में शामिल होने के लिए प्रशासन की तरफ से जिले के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि को निमंत्रण भेजा गया है। बैठक में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, सिरसा लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा, फतेहाबाद विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, रतिया विधायक जरनैल सिंह तथा टोहाना विधायक परमवीर सिंह, जिप चेयरपर्सन सुमन खिचड़ को आमंत्रित किया गया है।  

दिल्ली में बस सफर होगा आसान, सरकार ने 650 करोड़ की नई योजना को दी मंजूरी

 नई दिल्ली इस चिलचिलाती धूप और लू के बीच जब लोग छत विहीन स्टाप पर बस के लिए इंतजार कर भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो ऐसे समय में परिवहन विभाग अब बस स्टाप पर बस क्यू शेल्टर लगाने के काम का सर्वे करने के लिए प्राइवेट फर्म ढूंढ रहा है, इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं। 3,575 बस शेल्टर लगाने की योजना परिवहन विभाग लगभग 3,575 बस शेल्टर लगाएगा। इसे लापरवाही ही कहा जाएगा कि अगर यह काम छह माह पहले कर लिया गया होता तो आज हजारों लोग खुले आसमान के नीचे धूप में बस का इंतजार नहीं कर रहे होते। बस क्यू शेल्टर योजना पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। डीटीआईडीसी कर रहा परियोजना पर काम इस योजना पर परिवहन विभाग के अंतर्गत दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन (डीटीआइडीसी) काम कर रहा है। डीटीआइडीसी के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली भर में सभी शेल्टर को डिजाइन करने, रीडेवलप करने और सर्वे करने के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म को हायर करने की योजना बनाई जा रही है। नए बस शेल्टर में होंगी आधुनिक सुविधाएं जिसके लिए एक टेंडर जारी किया गया है। याेजना के मुताबिक, रीडेवलप किए जाने वाले बस शेल्टर में कई सुविधाएं होंगी, जिसमें पैनिक अलार्म सिस्टम, वेदर डिस्प्ले, सोलर पैनल और डिजिटल एडवरटाइजिंग सिस्टम का इंतज़ाम शामिल है। 20 साल तक मेंटेनेंस भी शामिल डीटीआइडीसी के पास अभी लगभग 3,575 बस शेल्टर हैं, जिनके लिए कंसल्टिंग फर्म को हायर किया जा रहा है। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 650 करोड़ रुपये है, जिसमें 20 साल तक मेंटेनेंस भी शामिल है। टेंडर के मुताबिक सभी बस शेल्टर में एक पब्लिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम भी उपलब्ध कराया जाएगा, जो यात्रियों को बस की जानकारी देगा। रीडेवलपमेंट का काम टेंडर मिलने की तारीख से छह महीने के अंदर पूरा करना होगा।

बिहार को मिल सकती है अपनी IPL टीम, वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने जताई इच्छा

पटना इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बिहार की क्रिकेट टीम आ सकती है। मशहूर उद्योगपति एवं वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की तरह बिहार की भी एक क्रिकेट टीम होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए पूरा सहयोग देने का भी ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अनिल अग्रवाल की इस बात का समर्थन करते हुए इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। अनिल अग्रवाल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं। पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में वनडे में दोहरा शतक लगाया। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में आईपीएल डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नजरें हैं।" उन्होंने कहा कि बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान नहीं मिल पा रही, जिसका यह हकदार है। यह बात हमेशा खलती है। अग्रवाल ने कहा, "मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट बिहार में ही मिलना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।" पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह इस काम में बिहार के युवाओं के साथ खड़े हैं। बिहार की क्रिकेट टीम और यहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए वह अपनी तरफ से पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि बिहार उनके लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि एक इमोशन है। अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे। अनिल अग्रवाल के इस पोस्ट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि भविष्य में आईपीएल के अंदर बिहार की भी अलग क्रिकेट टीम होगी। बिहार से नई आईपीएल टीम बनने पर इसका मालिकाना हक वेदांता ग्रुप के पास रह सकता है, क्योंकि इसके चेयरमैन इसमें खुद रुचि दिखा रहे हैं। सम्राट चौधरी ने दिया समर्थन सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अनिल अग्रवाल के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने अनिल से कहा कि वह उनकी बात से पूरी तरह सहमत हैं। बिहार के बिहार के क्रिकेट इमोशन के लिए सरकार स्पष्ट विजन के साथ मिशन मोड में कार्यरत है। आपके सहयोग से निश्चित ही बिहार की क्रिकेट टीम को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद अनिल अग्रवाल ने सीएम से कहा कि उनका पूरा समर्थन और सहयोग सरकार के साथ है। उन्होंने बिहार के खिलाड़ियों को शुभकामनाएं भी दीं। राजगीर में तैयार हो रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नालंदा जिले के राजगीर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तैयार हो रहा है। आने वाले समय में यहां पर इंटरनेशनल, रणजी और आईपीएल के मैच हो सकेंगे। बताया जा रहा है कि यह स्टेडियम बिहार की क्रिकेट टीम का नया घरेलू मैदान होगा। वहीं, पटना में भी मोइन उल हक स्टेडियम का लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। बिहार सरकार ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को इसे 30 साल के लिए लीज पर दिया है। यहां पर विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

DMRC की पहल: 12 स्टेशनों पर शुरू हुए सेल्फ सर्विस कियोस्क, सीधे व्हाट्सऐप से टिकट बुकिंग

नई दिल्ली  दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए टिकट खरीदना अब और आसान होने जा रहा है। अब QR कोड वाला डिजिटल टिकट लेने के लिए किसी मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ( DMRC ) ने स्टेशन पर सेल्फ सर्विस मोबाइल टिकटिंग कियोस्क शुरू किए हैं, जिनकी मदद से यात्री सीधे अपने वॉट्सऐप पर टिकट प्राप्त कर सकेंगे। 12 मेट्रो स्टेशनों पर शुरू हुई सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह सुविधा 12 मेट्रो स्टेशनों पर शुरू की गई है। इन कियोस्क को टिकट वेंडिंग मशीन के पास लगाया गया है। यहां से टिकट लेने के लिए यात्रियों को कोई ऐप डाउनलोड नहीं करना होगा। यात्री सिर्फ अपना डेस्टिनेशन स्टेशन चुनेंगे और अपना वट्सऐप वाला मोबाइल नंबर दर्ज करेंगे। यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत इसके बाद टिकट सीधे उनके वॉट्सऐप पर भेज दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में इसे दूसरे मेट्रो स्टेशनों पर भी शुरू किया जाएगा। इससे यात्रियों को कई तरह की राहत मिलेगी। किन यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा DMRC के मुताबिक, अब लोगों को टिकट लेने के लिए अलग-अलग मोबाइल ऐप रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खासकर उन यात्रियों को फायदा होगा जो कभी-कभार मेट्रो में सफर करते हैं और सिर्फ टिकट के लिए ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहते। इसके अलावा कागज वाले QR टिकट की जरूरत भी कम होगी। ऐसे बुक होगा टिकट सेल्फ सर्विस मोबाइल टिकटिंग कियोस्क पर पहुंचने के बाद यात्री को अपना डेस्टिनेशन स्टेशन चुनना होगा। जिस स्टेशन पर कियोस्क लगा होगा, वही स्टेशन ऑटोमैटिक तौर पर सोर्स स्टेशन माना जाएगा। इसके बाद यात्री को टिकटों की संख्या दर्ज करनी होगी। फिर यात्री को अपना वट्सऐप मोबाइल नंबर भरना होगा। नंबर दर्ज करने के बाद सिस्टम एक UPI पेमेंट QR कोड जनरेट करेगा। पेमेंट के बाद मेट्रो QR टिकट तुरंत वट्सऐप पर भेज दिया जाएगा।  

झारखंड: बोकारो हवाई अड्डे के संचालन में तेजी के निर्देश, 15 दिनों में अहम कदम संभव

बोकारो  बोकारो हवाई अड्डे के संचालन को लेकर गुरुवार को राज्य सरकार स्तर पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग की सचिव वंदना दादेल ने बोकारो एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अगले 15 दिनों के भीतर बीएसएल की ओर से डीजीसीए लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार की ओर से किए जाने वाले अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। सतनपुर पहाड़ी पर ऑब्स्ट्रक्शन लाइट लगाने सहित अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। हालांकि सीटीओ, सुरक्षा मंजूरी और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर अब भी कुछ औपचारिकताएं शेष हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने का दावा किया गया। हवाई सेवा प्रदान करने वाली कंपनी की तलाश भी एक बड़ी समस्या है। अब पश्चिम बंगाल भी दौड़ में हवाई परियोजना बोकारो एयरपोर्ट की वर्षों से धीमी प्रगति के बीच अब पड़ोसी पश्चिम बंगाल भी क्षेत्रीय हवाई सेवा की प्रतिस्पर्धा में उतर चुका है। बोकारो सीमा से सटे पुरूलिया के छर्रा एयरफिल्ड, जो द्वितीय विश्व युद्ध काल का हवाई अड्डा है, के जीर्णोद्धार को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी है। वर्ष 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार ने इसका सर्वे कराया था। इसके बाद अगस्त 2025 में भाजपा पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सौमिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में मामला उठाया, जिसके बाद करीब 150 करोड़ रुपये का जीर्णोद्धार प्लान तैयार किया गया। फरवरी 2026 में पुरूलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने भी लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया था। केंद्र सरकार के जवाब में बताया गया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने छर्रा एयरफिल्ड के विकास को लेकर पूर्व व्यवहार्यता रिपोर्ट पश्चिम बंगाल सरकार को सौंप दी है। छर्रा एयरफील्ड के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और इसकी दूरी बोकारो से करीब 40 किलोमीटर है। ऐसे में यदि झारखंड सरकार ने बोकारो एयरपोर्ट परियोजना में तेजी नहीं दिखाई, तो क्षेत्रीय हवाई सेवा का लाभ पश्चिम बंगाल को मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

‘बार्बी गर्ल’ फेम बैंड Aqua ने लिया लाइव परफॉर्मेंस से संन्यास, 30 साल बाद बड़ा फैसला

पॉपुलर सांग 'बार्बी गर्ल' को दुनिया भर के फैंस ने काफी प्यार दिया था। इसके साथ ही डेनमार्क के यूरोडांस समूह 'एक्वा' एक ब्रांड के तौर पर उभरा था। मगर अब लाइव बैंड के रूप में काम न करने का फैसला किया है। सोशल मीडिया के जरिए बैंड ने आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की। खत्म होगा मशहूर 'एक्वा' बैंड? डेनमार्क स्थित यूरोडांस समूह 'एक्वा' ने लगभग तीस साल बाद बैंड की समाप्ति की जानकारी फैंस को दे दी है। 1997 में रिलीज हुए गाने 'बार्बी गर्ल' से सफलता पाने वाले यह बैंड दुनियाभर में मशहूर था। 18 मई को इस खबर को प्रशंसकों से साझा करते हुए कहा,'अलविदा कहने का यह सही समय है। जबकि संगीत ,कहानी और एक-दूसरे के प्रति हमारा प्यार बरकरार है। कई शानदार वर्षों के बाद हमने इसके लाइव बैंड के रूप में 'एक्वा' को समाप्त करने का फैसला लिया है।'   सफर के दौरान अनगिनत यादें 'एक्वा' बैंड के सदस्य निस्ट्रॉम, रेने डिफ और सोरेन रास्टेड ने अपनी पोस्ट में फैंस का शुक्रिया कहा। उन्होंने बैंड से जुड़ी यादें शेयर करते हुए कहा, ' हमने अनगिनत बार दुनिया की यात्रा की। इसके साथ ही ऐसी खूबसूरत यादें एकत्रित की हैं जो हमेशा हमारे साथ रहेंगी। हमने यह निर्णय अपनी रचनाओं को सुरक्षित करने के लिए किया है। फैंस को उनका प्यार बैंड को देने के लिए शुक्रिया।' 1990 से रखा था संगीत की दुनिया में कदम प्रसिद्ध पॉप बैंड 'एक्वा' ने 1990 में म्यूजिक की दुनिया में अपनी शुरुआत की थी। जिसके बाद उनका पहला एल्बम 'एक्वेरियम' के 'बार्बी गर्ल' गाने ने संगीत की दुनिया में तहलका मचा दिया था। जिसके बाद डॉक्टर जोन्स , टर्न बैक टाइम हिट सिंगल्स दिए। 

रांची: तंबाकू निषेध पर सख्ती, पूरे राज्य में छापेमारी और जनजागरूकता अभियान शुरू

 रांची  राज्य में तंबाकू के विरुद्ध एक माह विशेष अभियान 26 मई से 26 जून तक चलाया जाएगा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर यह आयोजन होगा। इस दौरान न केवल तंबाकू तथा उससे जुड़े उत्पादों के उपयोग नहीं करने को लेकर जनजागरुकता अभियान चलाया जाएगा, बल्कि विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही व्यापक छापेमारी भी चलाई जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड के निदेशक शशि प्रकाश झा ने इसे लेकर सभी उपायुक्तों, सिविल सर्जनों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से 'तंबाकू और निकोटीन की लत से लड़ने की अपील को सामने लाएं' थीम तय की गई है। इसी थीम के आधार पर राज्य के सभी जिलों में जागरूकता कार्यक्रम, छापेमारी अभियान और सामुदायिक गतिविधियां आयोजित होंगी। 26 मई से 30 मई तक विशेष अभियान इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तंबाकू और निकोटिन की लत से दूर रखना है। जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, पहले चरण में 26 मई से 30 मई तक चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर, बैनर और होर्डिंग लगाए जाएंगे। साथ ही प्रचार-प्रसार की अन्य गतिविधियां होंगी। इस दौरान लोगों को कोटपा एक्ट और झारखंड तंबाकू संशोधन अधिनियम 2021 की जानकारी दी जाएगी। सरकारी भवनों में नो स्मोकिंग जोन के बोर्ड लगाए जाएंगे और स्कूलों के आसपास तंबाकू बिक्री के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलेगा। 31 मई को मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान सरकारी कार्यालयों, पुलिस थानों और स्वास्थ्य केंद्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों को तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई जाएगी। स्वास्थ्य केंद्रों में कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह की विशेष जांच भी होगी। दो से छह जून तक जिला और प्रखंड स्तर पर तंबाकू नियंत्रण समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। 10 से 17 जून तक ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों और वार्ड सदस्यों को अभियान से जोड़ा जाएगा। 18 से 26 जून तक तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूलों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू बिक्री रोकने के लिए पीली रेखा का चिह्न अंकित किया जाएगा। इस बीच 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भी धूम्रपान और तंबाकू छोड़ने का संदेश दिया जाएगा।

रायबरेली: एनटीपीसी परियोजना का विस्तार, 1550 से बढ़कर होगी और अधिक क्षमता

 रायबरेली  बिजली उत्पादन बढ़ेगा एनटीपीसी में नई यूनिट लगाने तैयारी जारी हो गई है 800 मेगावाट की नई यूनिट लगाई जाने से बिजली की मांग को पूरा करने में आसानी होगी ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना में बिजली उत्पादन बढ़ाने की तैयारी है यहां पर 800 मेगावाट की नई यूनिट लगाई जाएगी उच्च स्तर पर इसके कवायद शुरू हो गई है। ऊंचाहार परियोजना में यह सबसे बड़ी यूनिट होगी इसके बनने से बिजली की मांग को पूरा करने में आसानी होगी । बिजली की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए तमाम प्रयास हो रहे हैं इसके लिए उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। एनटीपीसी परियोजना की अभी 1550 मेगावाट क्षमता है। इसकी क्षमता में और वृद्धि की जाएगी। उच्च स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है यहां 800 मेगावाट की इकाई लगाई जाएगी नई इकाई लगाने के लिए परियोजना में पर्याप्त जगह है। नई यूनिट लगने के यहां पर सारे पैरामीटर भी दुरुस्त आए नई इकाई लगाने के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी इसके लिए परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी इन यूनिट के लगने से बिजली उत्पादन और बढ़ जाएगा लोगों को बेहतर बिजली मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। अभी 6 यूनिट कर रही हैं काम वर्तमान में एनटीपीसी परियोजना में 6 इकाइयां हैं इसमें यूनिट संख्या 1 से लेकर 5 तक प्रत्येक के उत्पादन क्षमता 210-210 मेगावाट है छठवीं यूनिट का उत्पादन क्षमता 500 मेगावाट है। इस परियोजना से 1550 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। अब इसकी क्षमता में वृद्धि की तैयारी है। नौ राज्यों को मिलती है बिजली ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना में विद्युत आपूर्ति उत्तरी ग्रिड के माध्यम से की जाती है। इस परियोजना में से 9 राज्यों दिल्ली हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ को बिजली मिलती है। इन राज्यों में भी बिजली की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। क्षमता बढ़ाने से मांग को काम किया जा सकेगा। ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना के मानव संसाधन विभाग के अपर महाप्रबंधक पंकज कुमार का कहना है कि ऊंचाहार एनटीपीसी परियोजना की क्षमता बढ़ेगी अब जहां भी नहीं यूनिट लगती है। उसकी क्षमता 800 मेगावाट की होती है। यहां भी 800 मेगावाट की यूनिट लगेगी अभी कर योजना प्रारंभिक स्तर पर चल रहा है।

एनटीपीसी क्षेत्र में रातभर चला अवैध खनन, 15 फीट गहरे गड्ढे मिले

पटना पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित एनटीपीसी थाना क्षेत्र के ढीबर गांव के पास गंगा किनारे अवैध मिट्टी खनन का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां लगातार तीन रातों तक अवैध मिट्टी कटाई होती रही, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। जिस जगह मिट्टी की कटाई की जा रही है, वहीं से एनटीपीसी प्लांट के लिए पानी की सप्लाई भी होती है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। रातभर चलता रहा अवैध खनन स्थानीय लोगों के अनुसार, ढीबर गांव के दियारा इलाके में लगातार रातभर गंगा बालू और मिट्टी की कटाई की जा रही थी। लोगों का आरोप है कि एनटीपीसी थाना की मिलीभगत से यह अवैध खनन हो रहा है, जिससे खनन माफियाओं का मनोबल बढ़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को सबकुछ पता होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसडीपीओ की छापेमारी, लेकिन माफिया फरार मामले की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ रामकृष्णा ने देर रात मौके पर छापेमारी की। हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही सभी खनन माफिया मौके से फरार हो गए। छापेमारी के दौरान खेतों में करीब 15 फीट तक गहरे गड्ढे पाए गए। इसके बाद एसडीपीओ ने तुरंत खनन विभाग को इसकी जानकारी दी। पहले भी हो चुके हैं हादसे स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले बारिश के दौरान खेतों में बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से कई लोगों की डूबकर मौत हो चुकी है। अब एनटीपीसी डैम के पास खुदाई होने से ग्रामीण किसी बड़े हादसे की आशंका से डरे हुए हैं। किसान रातभर कर रहे खेतों की रखवाली अवैध मिट्टी कटाई से परेशान किसान अब रातभर जागकर अपने खेतों की निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एनटीपीसी थाना से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर यह अवैध खनन चल रहा था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। रोज लाखों की कमाई का आरोप एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि जिस जमीन से मिट्टी काटी जा रही है, उसे एनटीपीसी ने अधिग्रहित कर रखा है। हालांकि, मुआवजा नहीं मिलने के कारण किसान अभी भी उस जमीन पर खेती कर रहे हैं।  उसने बताया कि खनन माफिया एक ट्रिप मिट्टी 800 रुपये में बेचते हैं। इसमें 300 रुपये ट्रैक्टर मालिक को दिए जाते हैं, जबकि 500 रुपये माफिया के पास बचते हैं। बताया गया कि करीब 20 ट्रैक्टर लगाए गए हैं और हर ट्रैक्टर लगभग 20 ट्रिप मिट्टी की ढुलाई करता है। इस हिसाब से प्रतिदिन करीब 400 ट्रिप मिट्टी बेची जा रही है और माफिया रोज लगभग दो लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं। स्थानीय व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि छह दिनों तक लगातार मिट्टी कटाई हुई और माफियाओं ने लगभग “50 प्रतिशत पर थाना मैनेज” कर रखा था। एसडीपीओ ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी एसडीपीओ रामकृष्णा ने बताया कि ढीबर दियारा में मिट्टी कटाई की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई थी। मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला, लेकिन मिट्टी कटाई के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अवैध कटाई से पर्यावरण समेत कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अब पुलिस खुद इस पूरे इलाके की निगरानी करेगी। एसडीपीओ ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध मिट्टी कटाई हो रही हो तो तुरंत सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने खनन माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि नियम और कानून के तहत ही कोई काम किया जाए। अगर कोई अवैध गतिविधि पाई गई तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।