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भर्ती प्रक्रिया में सुधार की तैयारी, 5 जून तक मांगे जाएंगे सुझाव

भोपाल  राज्य सरकार प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए भर्ती करने वाली दो एजेंसियों के भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए मप्र लोक सेवा आयोग और मप्र कर्मचारी चयन मंडल के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया है और पांच जून से इसको लेकर प्रदेश के लोगों से सुझाव मांगे हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को छोड़कर सभी सरकारी भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के माध्यम से होंगी। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे और 2013 के पुराने नियमों की जगह लेंगे। सरकार ने 5 जून 2026 तक आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड पर होगी भर्ती नियमों में बदलाव के लिए तैयार ड्राफ्ट में कहा गया है कि अब भर्ती प्रक्रिया “पात्रता परीक्षा” और “स्कोर कार्ड सिस्टम” पर आधारित होगी। ईएसबी हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा जो सामान्य पात्रता परीक्षा, तकनीकी पात्रता परीक्षा और शिक्षक पात्रता परीक्षा के रूप में होंगी। पात्रता परीक्षा में तय न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा, जिसका उपयोग विभिन्न सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए किया जा सकेगा। सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के बाद अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक वैध रहेगा, शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर पात्र माने जाएंगे, लेकिन नौकरी आवेदन के लिए उनका स्कोर कार्ड भी सीमित अवधि तक ही मान्य रहेगा। एक स्कोर से कई भर्तियों में आवेदन नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को बार-बार प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार अच्छा स्कोर आने पर उसी स्कोर कार्ड के आधार पर कई विभागों की भर्तियों में आवेदन किया जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने का दावा किया गया है। ऐसा होगा परीक्षा पैटर्न सामान्य पात्रता परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे, जिन्हें चार हिस्सों में बांटा जाएगा। इसमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान एवं योजनाएं, गणित, तार्किक क्षमता, डेटा विश्लेषण और कंप्यूटर ज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। तकनीकी पात्रता परीक्षा में भी 100 प्रश्न होंगे, जिनमें 25 प्रश्न सामान्य विषयों से और 75 प्रश्न संबंधित तकनीकी विषय से होंगे। पीएससी परीक्षा के नियम तैयार, लागू करने से पहले मांगे सुझाव उधर राज्य शासन ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को संचालित करने के लिए नए प्रारूप नियमों को तैयार किया है और इन्हें लागू करने से पहले 5 जून 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि राज्य शासन द्वारा "मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा नियम 2026" अधिसूचित किया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित नियमों के प्रारूप विभाग की वेबसाइट gad.mp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रस्तावित नियमों के संबंध में यदि किसी व्यक्ति, संस्था या हितधारक को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वे 5 जून 2026 तक लिखित रूप में अपने सुझाव ई-मेल sogad1@mp.gov.in पर प्रेषित कर सकते हैं। साथ ही सुझाव gad.mp.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से भी विभाग को दिए जा सकते हैं। समयावधि के बाद प्राप्त होने वाले सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

‘स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे’ में जेंडाया का अनुभव, टॉम हॉलैंड के साथ सेट को बताया घर जैसा

हॉलीवुड स्टार जेंडाया और टॉम हॉलैंड फिल्मी दुनिया के मशहूर कपल हैं। दोनों पार्टनर होने के साथ-साथ को स्टार्स भी हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने टॉम हॉलैंड के साथ अपनी आगामी फिल्म 'स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे' की शूटिंग के दौरान के अनुभव साझा किये। 'स्पाइडर मैन' में काम करना सपनों जैसा एक्ट्रेस जेंडाया ने एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, 'फिल्म 'स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे' में काम करना मेरे लिए एक सपने जैसा है। यहां मुझे हर दिन अपने सबसे अच्छे दोस्त और सबसे करीबी व्यक्ति के साथ काम करने का मौका मिलता है। हम अपने पेट डॉग को भी काम पर लाते हैं। यह एक पारिवारिक माहौल जैसा है। हम इन फिल्मों को देखते हुए बड़े हुए हैं। इस फिल्म के सेट पर घर लौटने जैसा महसूस होता है 'द ओडिसी' में भी टॉम हॉलैंड के साथ नजर आएंगी जेंडाया ने अपनी और टॉम की दूसरी फिल्म 'द ओडिसी' के बारे में भी काफी कुछ कहा। उन्होंने बताया कि इसमें टॉम के साथ उनका कोई एक्शन सीन नहीं है जिससे उन्हें टॉम को सेट पर काम करते देखने का मौका मिलता है। उन्हें इस फिल्म पर काम करते देख उन्हें गर्व महसूस होता है। बता दें, 'द ओडिसी' 17 जुलाई को रिलीज होने वाली है। इसमें जेंडाया ने एथेना का किरदार निभाया है जो ज्ञान की देवी है और ओडीसियस की रक्षक भी। शादी की अफवाह हॉलीवुड कपल जेंडाया और टॉम हॉलैंड की डेटिंग की खबरें बीते काफी वक्त से सुर्खियों में है। चर्चा थी कि दिसंबर 2024 में दोनों ने सगाई कर ली। रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल दोनों गुपचुप तरीके से शादी कर चुके हैं। हालांकि, अब तक ना टॉम और ना ही जेंडाया ने इस पर कोई भी बयान दिया है।

‘एक पौधा मां के नाम’ से प्रेरित राजस्थान: 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य फिर दोहराया गया

जोधपुर  राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा शुक्रवार दोपहर जोधपुर दौरे (Sanjay Sharma Jodhpur Visit) पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. मीडिया से बातचीत करते हुए वन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 'एक पौधा मां के नाम' अभियान का आह्वान पूरे देश के लिए प्रेरणादायक रहा है. इसी प्रेरणा से मुख्यमंत्री ने राजस्थान में 50 करोड़ पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया है. 'इस साल भी लगाए जाएंगे 10 करोड़ पौधे' उन्होंने बताया कि पिछले साल राज्य सरकार ने 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन वन विभाग, अन्य सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और एनजीओ के सहयोग से 11 करोड़ 55 लाख पौधों का रोपण किया गया. इस साल भी 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है और पूरा विश्वास है कि सरकार आमजन के सहयोग से इस लक्ष्य को भी पार करेगी. प्रदेश में विकसित होंगे चंदन के जंगल वन मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से राजस्थान के 4 जिलों में 'चंदन वन' विकसित किए जाएंगे. इन स्थानों पर 11-11 हजार चंदन के पौधों का रोपण कर उनका संरक्षण किया जाएगा. विलुप्ति की कगार से बाहर आया गोडावण इस दौरान वन मंत्री ने राजस्थान के राजकीय पक्षी गोडावण के संरक्षण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि गोडावण विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुका था, लेकिन अब सरकार, वन विभाग, वैज्ञानिकों, एनजीओ और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से इसकी संख्या बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि विश्व में पाए जाने वाले लगभग 150 गोडावण में से करीब 120 राजस्थान में पाए जाते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में भी गोडावण संरक्षण का उल्लेख किया था, जिससे संरक्षण कार्यों को नई ऊर्जा मिली. 21 मई को मनाया गया पहला 'राज्य गोडावण दिवस' मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2025 में 21 मई को पूरे राजस्थान में 'राज्य गोडावण दिवस' मनाने की घोषणा की थी, जिसके तहत जैसलमेर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. उन्होंने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 130 गोडावण प्राकृतिक आवास में जीवन यापन कर रहे हैं, जबकि सम और रामदेवरा स्थित ब्रीडिंग सेंटरों में 87 गोडावणों का संरक्षण किया जा रहा है. आने वाले समय में इन ब्रीडिंग सेंटरों में गोडावणों की संख्या 100 के पार पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.

चंडीगढ़–पंचकूला बैंक घोटाले में बड़ा खुलासा: फर्जी कंपनियों से सरकारी धन की हेराफेरी

चंडीगढ़/पंचकूला  हरियाणा के बहुचर्चित 590 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचकूला की विशेष CBI अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में कुल 15 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, शेल कंपनियों के संचालक और निजी व्यक्ति शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में इस मामले में अतिरिक्त चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है। टॉप ब्यूरोक्रेसी तक पहुंची जांच की आंच घोटाले की परतें खोलने के लिए CBI ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए हरियाणा की शीर्ष नौकरशाही तक पूछताछ शुरू कर दी है। इसी क्रम में एक वरिष्ठ IAS अधिकारी से भी पूछताछ की गई है, जो लंबे समय तक पंचायत विभाग में आयुक्त एवं सचिव पद पर कार्यरत रहे। CBI यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी खातों से करोड़ों की निकासी के दौरान किन अधिकारियों को जानकारी थी और किस स्तर पर निगरानी में चूक हुई। फर्जी कंपनियों से करोड़ों की हेराफेरी का खेल CBI की चार्जशीट के अनुसार, यह पूरा घोटाला योजनाबद्ध तरीके से बैंकिंग सिस्टम और फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया है कि: करीब 6 बैंक अधिकारी 3 सरकारी कर्मचारी 2 शेल कंपनियों के संचालक/साझेदार और अन्य निजी व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क में शामिल थे। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी, सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। कथित मास्टरमाइंड और बैंकिंग नेटवर्क की भूमिका CBI ने इस घोटाले का मास्टरमाइंड आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, चंडीगढ़ (सेक्टर-32) के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि को बताया है, जिसने बाद में AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ज्वाइन किया था। आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियों के नाम से बैंक खाते खुलवाए,सरकारी धन को इन खातों में डायवर्ट किया,फर्जी चेक और भुगतान निर्देशों के जरिए करोड़ों की हेराफेरी की. एक अन्य पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर अभय पर भी रिभव के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को चलाने का आरोप है। पत्नी और परिजनों तक फैला नेटवर्क जांच में यह भी सामने आया है कि धन के लेन-देन का फायदा निजी कंपनियों तक पहुंचा। स्वाति सिंगला, जो अभय की पत्नी हैं और एक कंपनी की मालिक हैं, उनके खाते में कथित रूप से करीब 300 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। उनके भाई अभिषेक सिंगला को भी मनी लॉन्ड्रिंग और फंड ट्रांसफर प्रक्रिया में शामिल बताया गया है। सरकारी सिस्टम पर सवाल घोटाले में सरकारी तंत्र की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन के वित्त निदेशक अमित दीवान और मार्केटिंग बोर्ड के वित्त नियंत्रक राजेश सांगवान समेत कई अधिकारियों पर रिश्वत लेकर अवैध लेनदेन को नजरअंदाज करने के आरोप हैं। ED की कार्रवाई भी तेज इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। मास्टरमाइंड रिभव ऋषि को 10 दिन की रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां ED ने 4 दिन की और हिरासत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने केवल 1 दिन की अनुमति दी। ED का कहना है कि रिभव ने फर्जी कंपनियों के जरिए सरकारी खातों से धन निकालकर बड़े स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग की। जांच अभी जारी, और खुलासों की उम्मीद CBI और ED दोनों एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह घोटाला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है और आने वाले समय में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

भीषण गर्मी में राहत: जानिए ठंडक देने वाली पुदीना कांजी वड़ा की आसान रेसिपी

मई और जून के महीने में जब पारा 45 डिग्री के पार पहुंचने लगता है तो मैदानी इलाकों में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं इंसानी शरीर को बेहाल कर देती हैं. इस भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है जिससे भूख न लगना, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं काफी कॉमन हो जाती हैं. ऐसे में सुबह के नाश्ते में कुछ ऐसा होना चाहिए जो न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट हो बल्कि पेट को दिनभर के लिए एसी जैसी ठंडक भी दे. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं उत्तर भारत और राजस्थान की पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय रेसिपी पुदीना कांजी वड़ा. पुदीने के एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों और राई के पाचक पानी से तैयार यह कांजी वड़ा गर्मियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आइए जानते हैं इसे बनाने का बेहद आसान तरीका. पुदीना कांजी के फायदे पुदीने की प्राकृतिक तासीर ठंडी होती है जो भीषण गर्मी में भी पेट की गर्मी को शांत कर शरीर के तापमान को संतुलित रखती है. कांजी के पानी में मौजूद राई और हींग पेट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं जिससे गर्मियों में होने वाली गैस, एसिडिटी और बदहजमी से बचाव होता है. सामग्री मूंग दाल: 1 कप (3-4 घंटे भीगी हुई) ताजा पुदीना पत्ती: 1 कप हरा धनिया: आधा कप हरी मिर्च: 2-3 पीली या काली राई (सरसों के दाने): 2 बड़े चम्मच (पीसी हुई) हींग: आधा छोटा चम्मच काला नमक: 1 बड़ा चम्मच सफेद नमक: स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर: 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर: आधा छोटा चम्मच तेल: वड़ा तलने के लिए बनाने का तरीका चटपटी कांजी का पानी तैयार करें: एक बड़े कांच या मिट्टी के बर्तन में 1.5 लीटर उबला और ठंडा किया हुआ पानी लें. मिक्सी जार में पुदीना, हरा धनिया और हरी मिर्च डालकर थोड़ा सा पानी मिलाकर बारीक पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को पानी में मिला दें. अब इस पानी में पिसी हुई राई, हींग, काला नमक, सफेद नमक, हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह चम्मच से चलाएं. बर्तन का मुंह एक सूती कपड़े से बांधकर इसे 1 से 2 दिन के लिए धूप में या किसी गर्म जगह पर रख दें ताकि राई के कारण पानी में बढ़िया खट्टापन और पाचक गुण खमीर आ जाएं. भीगी हुई मूंग दाल को बिना पानी या बिल्कुल कम पानी के साथ मिक्सी में दरदरा पीस लें. इस पिसी हुई दाल में एक चुटकी हींग, थोड़ा सा नमक और बारीक कटा पुदीना मिलाएं. दाल को 5 मिनट तक एक ही दिशा में अच्छी तरह फेंटें ताकि वड़े एकदम सॉफ्ट और स्पंजी बनें. कढ़ाई में तेल गर्म करें. हाथों को थोड़ा गीला करके छोटे-छोटे वड़े गरम तेल में डालें और मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तल लें. तले हुए वड़ों को सीधे गुनगुने पानी के एक बर्तन में 10 मिनट के लिए डाल दें ताकि उनका एक्स्ट्रा तेल निकल जाए और वे सॉफ्ट हो जाएं. 10 मिनट बाद वड़ों को हथेलियों के बीच हल्के से दबाकर पानी निचोड़ लें और इन्हें तैयार पुदीना कांजी के खट्टे पानी में डाल दें. आधे घंटे के लिए इन्हें फ्रिज में रख दें. आपका ठंडा-ठंडा, चटपटा पुदीना कांजी वड़ा सर्व करने के लिए तैयार है.  

रांची में राज्यस्तरीय कार्यशाला: पेसा नियमावली 2025 को लेकर अधिकारियों को दिए गए निर्देश

रांची  पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 को लेकर राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि ग्राम सभा को अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्हाेंने पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्यशाला के दौरान इसकी बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि राज्य में 25 साल बाद पेसा कानून लागू हुआ है और अब बारी गांव-गांव तक बेहतर क्रियान्वयन की है। बैठक में जिलों के उप विकास आयुक्त, समाहर्ता, बीडीओ – सीओ सहित पदाधिकारी शामिल हुए। धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के एनेक्सी सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि अब पारंपरिक ग्राम सभा को उनका अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए गांव-गांव तक पेसा नियमावली के बेहतर एवं मजबूत क्रियान्वयन की आवश्यकता है। पेसा कानून के दायरे में आने वाले जिलों के अधिकारियों को अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून को धरातल पर उतारने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य करना आवश्यक है। दीपिका ने बताया कि देश के दस राज्यों में पेसा कानून लागू होना था, जिनमें झारखंड का कानून सबसे बेहतर और प्रभावी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून को लेकर कुछ स्थानों पर भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है, ऐसे में सभी संबंधित लोगों को इसके प्रविधानों का गहन अध्ययन करना चाहिए। गांव के लोगों के हर सवाल और परेशानियों का जवाब पेसा नियमावली के पन्नों में दर्ज है। उन्होंने निर्देश दिया कि पारंपरिक व्यवस्था के तहत तीन महीने के भीतर ग्राम प्रधानों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से लागू की जा सकें। स्थानीय लोगों तक जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे : सचिव कार्यशाला को संबोधित करते हुए पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने कहा कि नियमावली लागू होने के बाद से ही इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों तक इसकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे इसके लिए नियमावली का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद कराया गया है। कानून के विभिन्न प्रविधानों को राज्यभर में प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 125 मास्टर ट्रेनरों को तैयार किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर जागरूकता बढ़ा रहे हैं। निदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की गई है, जो कानून के लागू होने में आने वाली बाधाओं का अध्ययन कर रही है। मनोज कुमार ने कहा कि पारंपरिक न्याय व्यवस्था का भी गहन अध्ययन किया जा रहा है, ताकि स्थानीय संदर्भों को ध्यान में रखते हुए नियमावली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कार्यशाला में पंचायती राज निदेशालय की निदेशक बी. राजेश्वरी ने बताया कि इस कानून को लागू करने से पहले कई आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं, लेकिन इसके क्रियान्वयन के दौरान विभिन्न प्रकार की चुनौतियां भी सामने आई हैं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर सुधार की प्रक्रिया जारी है।  

यूरोपा लीग 2026: फ्रीबर्ग को 3-0 से हराकर एस्टन विला ने रचा इतिहास

इस्तांबुल  एस्टन विला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को फ्रीबर्ग को 3-0 से हराकर यूरोपा लीग खिताब जीत लिया। इस खिताब के साथ विला ने 30 साल से चले आ रहे ट्रॉफी के सूखे को समाप्त किया। विला के समर्थक इंग्लैंड के भावी किंग प्रिंस विलियम ने मैच खत्म होने की सीटी बजते ही जोरदार जश्न मनाया। 1996 के इंग्लिश लीग कप के बाद यह पहला मौका था, जब एस्टन विला ने कोई बड़ा खिताब जीता। 44 साल बाद मिली ट्रॉफी विला ने 1982 में यूरोपीय कप और फिर सुपर कप जीता था। इस तरह पहली बार यूरोपीय कप जीतने के बाद यह क्लब को यह ट्रॉफी 44 साल बाद मिली है। पहले हाफ में यूरी टिलेमैंस और एमी बुएंडिया के शानदार गोल ने एस्टन विला को मैच में दबदबा बनाने में मदद की। जिसके बाद मार्गन रोजर्स के गोल ने टीम को दूसरा मेजर यूरोपीय खिताब दिला दिया। एमरी का पांचवां खिताब 1982 की उस टीम के नौ सदस्य स्टेडियम में मौजूद थे और उन्होंने क्लब के मैनेजर उनाई एमरी को अपना पांचवां यूरोपा लीग खिताब जीतते हुए देखा। एमरी ने नवंबर 2022 में स्टीवन जेरार्ड की जगह ली थी, उस समय विला 'लिगेशन जोन से सिर्फ तीन अंक ऊपर था। एमरी ने 2014-16 तक सेविला के साथ लगातार तीन साल और फिर 2021 में विलारियाल के साथ यह खिताब जीता था। वहीं जर्मनी की टीम फ्रीबर्ग 10 साल पहले दूसरे डिवीजन में खेल रही थी, लेकिन अपने पहले यूरोपीय फाइनल में पूरी तरह से पिछड़ गई। यूरोपा लीग के हाल के चैंपियन वर्ष            क्लब                      देश 2020       सेविया                    स्पेन 2021       विलारियल,               स्पेन 2022       आइंट्राख्ट फ्रैंकफर्ट      जर्मनी 2023       सेविया                    स्पेन 2024       अटलांटा                  इटली 2025       टॉटनहैम                  इंग्लैंड 2026      एस्टन विला                इंग्लैंड  

कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: बूंदी बनेगा पर्यटन और व्यापार का नया केंद्र

बूंदी बूंदी को अब सिर्फ पुरानी यादों या इतिहास के एक प्रतीक के रूप में ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे भविष्य की नई संभावनाओं के केंद्र के रूप में आगे बढ़ना होगा. इसी सोच के साथ शहर की सूरत बदलने और इसे हर क्षेत्र में सबसे आगे ले जाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है. यह मेगा प्लान आने वाले सालों में बूंदी की तकदीर और तस्वीर दोनों को पूरी तरह बदल कर रख देगा, जिससे यहां की लोकल इकोनॉमी और टूरिज्म को एक नया पंख मिलेगा. कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से बदलेगी किस्मत इस भारी-भरकम प्लान में सबसे बड़ा फोकस कनेक्टिविटी पर है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नया और आधुनिक रेलवे स्टेशन और आने वाला कोटा-बूंदी एयरपोर्ट इस इलाके के लिए गेम चेंजर साबित होने जा रहे हैं. इन सब बड़े प्रोजेक्ट्स के आने से बूंदी देश के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों और पर्यटन नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएगा. जब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा, तो सीधे तौर पर यहां का बिजनेस बढ़ेगा और दुनिया भर में बूंदी की एक नई व मजबूत पहचान बनेगी. वैसे भी तालेड़ा इलाके में पहले ही हजारों करोड़ रुपये का बिजनेस आ चुका है, जो इस बात का बड़ा सबूत है. संसदीय क्षेत्र के बून्दी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही “बून्दी विकास मंथन” कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजनों और नागरिकों के साथ बून्दी में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। हमारा संकल्प है कि बून्दी ऐतिहासिक विरासत के साथ… रात में रोशनी से जगमगाएंगी ऐतिहासिक बावड़ियां-किले इस पूरे प्लान की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें बूंदी की पुरानी पहचान और आधुनिकता का एक बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा. शहर के पुराने दरवाजों, ऐतिहासिक प्राचीन बावड़ियों, छतरियों, किले की दीवारों और दूसरी पुरानी धरोहरों को सहेजने के साथ-साथ उन्हें नया रूप दिया जाएगा. शाम और रात के समय पर्यटकों को लुभाने के लिए इन सभी पुरानी इमारतों पर शानदार फसाड लाइटिंग की जाएगी और पैदल घूमने के लिए हेरिटेज वॉकवे बनाए जाएंगे. इसका फायदा यह होगा कि शाम ढलते ही बूंदी रोशनी से नहाई हुई एक बेहद खूबसूरत और जिंदादिल हेरिटेज सिटी की तरह दिखाई देगी. अंडरग्राउंड बिजली लाइन, चौपाटी और भूमिगत पार्किंग की सौगात पुरानी पहचान को संभालने के साथ-साथ आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाने वाली सुविधाओं को भी इस प्लान में पूरी तरह शामिल किया गया है. इसके लिए शहर की मुख्य सड़कों को चौड़ा और मजबूत बनाया जाएगा. सड़कों पर फैले बिजली के नंगे तारों के जंजाल को हमेशा के लिए खत्म करके सारी लाइनें अंडरग्राउंड डाली जाएंगी. गंदे पानी के निकास के लिए पूरे ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा. इसके अलावा लोगों के घूमने-फिरने और सुकून के पल बिताने के लिए नए सुंदर पार्क और एक शानदार चौपाटी बनाई जाएगी. शहर को रोज-रोज के सिरदर्द बन चुके ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए छुड़ाने के लिए जमीन के नीचे यानी अंडरग्राउंड पार्किंग की भी व्यवस्था होगी. नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और हॉस्टल्स का तोहफा इस महाप्लान में युवाओं के भविष्य को भी उतनी ही तरजीह दी गई है. स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों को देश और दुनिया के बड़े मंचों पर आगे बढ़ने का मौका देने के लिए बूंदी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बिल्कुल नई और आधुनिक खेल सुविधाओं से सजाया जाएगा, ताकि वे इंटरनेशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें. इसके साथ ही, युवाओं और महिलाओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए कई बड़े तोहफे जमीन पर उतारे जा रहे हैं. इनमें एक यूथ हॉस्टल, कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग रहने के हॉस्टल्स, बूंदी-दलेलपुरा सड़क का काम और एक नया व आधुनिक आयुष अस्पताल शामिल हैं. 'बूंदी विकास मंथन' में रखी गई इन बड़े कामों की नींव शहर की सूरत बदलने वाले इस पूरे 500 करोड़ रुपये के ब्लूप्रिंट और रूपरेखा को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जनता के सामने रखा. अपने बूंदी दौरे के दौरान ओम बिरला टाउन हॉल में आयोजित 'बूंदी विकास मंथन' कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इसी कार्यक्रम में उन्होंने करीब 49 करोड़ रुपये की लागत वाले इन सभी नए हॉस्टल्स, सड़कों और आयुष अस्पताल जैसे जरूरी कामों की शुरुआत और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने शहर के समझदार लोगों, जनप्रतिनिधियों और अलग-अलग समाज के लोगों से बूंदी के भविष्य को लेकर उनके मन की बात और सुझाव भी जाने. इस बड़े मौके पर स्थानीय विधायक हरिमोहन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष सरोज अग्रवाल और जिला कलेक्टर हरफूल यादव सहित शहर के कई जाने-माने लोग मौजूद रहे.

बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: आयुष्मान खुराना की ‘पति पत्नी और वो दो’ ने 7वें दिन कमाए 2 करोड़

 सिनेमाघरों में 15 मई को दो फिल्में रिलीज हुई थी. जिसमें पहला आयुष्मान खुराना का पति पत्नी और वो दो थी. वहीं दूसरी संजय दत्त की आखिरी सवाल थी. दोनों फिल्में अभी भी धीमी ही सही, लेकिन कमाई का सिलसिला जारी रखे हुए है. आइये एक नजर उनके कलेक्शन पर डालते हैं. पति पत्नी और वो दो का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 7 रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में हैं. पति पत्नी और वो दो ने बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत की और पहले दिन मात्र 4 करोड़ रुपये कमाए. सातवें दिन, ट्रैकिंग वेबसाइट Sacnilk के अनुसार इसने सातवें दिन 4,940 शो में 2.00 करोड़ की कमाई की. जिसके बाद इसका टोटल कलेक्शन 29.00 करोड़ हो गया. विदेशों में, फिल्म ने सातवें दिन 0.50 करोड़ कमाए. वहीं टोटल कमाई 40.28 करोड़ हुई. आखिरी सवाल का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 7 इस बीच, Sacnilk के अनुसार, आखिरी सवाल ने सातवें दिन 871 शो में 0.19 करोड़ का कलेक्शन किया. इसके साथ ही फिल्म का कुल 2.78 करोड़ हो गया है. विदेशों में फिल्म ने कुल 0.50 करोड़ की कमाई की. जिसके बाद कलेक्शन 3.81 करोड़ हो गया. फिल्म में संजय दत्त, अमित साध और समीरा रेड्डी मुख्य भूमिकाओं में हैं. आखिरी सवाल की कहानी विक्की नाम के एक प्रतिभाशाली लेकिन अप्रत्याशित छात्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बड़ा विवाद खड़ा कर देता है. एक साधारण अकादमिक असहमति के रूप में शुरू हुआ यह मामला सनसनीखेज समाचार एंकर और एक महत्वाकांक्षी राजनीतिक कार्यकर्ता के कारण जल्द ही राष्ट्रीय टेलीविजन पर तमाशा बन जाता है. यह बॉलीवुड फिल्म गांधीजी की हत्या और आपातकाल सहित अत्यंत संवेदनशील ऐतिहासिक और राजनीतिक विषयों को उजागर करती है.

झारखंड में राज्यसभा सीटों को लेकर बढ़ी सियासी हलचल, दलों ने तेज की रणनीति

 रांची चुनाव आयोग ने 18 जून को राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव कराने की घोषणा की है. राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटों तथा झारखंड की दो सीटों पर कराया जाएगा. इसके अलावा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर भी चुनाव होंगे. झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर बढ़ी सियासी हलचल झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. इनमें एक सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है, जबकि दूसरी सीट झामुमो संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त है. घोषणा के बाद दलों में रणनीति तेज चुनाव आयोग की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और गर्माने की संभावना है. राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम: 1 जून से शुरू होगी प्रक्रिया, 18 जून को मतदान चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 1 जून को अधिसूचना जारी होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है. 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी. चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी.