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अलकराज की गैरमौजूदगी से बढ़ीं जोकोविच की उम्मीदें, सानिया मिर्जा का बड़ा बयान

 नई दिल्ली साल का दूसरा ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन 24 मई से शुरू होने जा रहा है। दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ियों के बीच इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस बार कार्लोस अलकराज पुरुष सिंगल्स में नहीं खेलेंगे और भारत की पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का कहना है कि अलकराज के नहीं होने पर नोवाक जोकोविक के पास खिताब जीतने का अच्छा मौका है। सानिया ने जोकोविक की जीत की संभावनाओं पर सानिया ने कहा कि कार्लोस अलकराज की गैरमौजूदगी से उनकी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अभी वह ज्यादातर हार सिर्फ जानिक सिनर और अलकराज से ही खाते हैं। 38-39 साल की उम्र में भी उनका शीर्ष स्तर पर बने रहना अविश्वसनीय है। सिनर इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, लेकिन नोवाक अब भी शीर्ष तीन खिलाड़ियों में हैं। उन्होंने हमेशा लोगों, उम्र और सीमाओं को गलत साबित किया है। इसलिए उन्हें कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। तीन बार की डबल्स ग्रैंडस्लैम चैंपियन सानिया मिर्जा ने फ्रेंच ओपन में भारतीय खिलाड़ियों की चुनौतियों को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। सानिया ने कहा कि मुझे लगता है कि क्ले कोर्ट पर हमारा खेल हार्ड कोर्ट या ग्रास कोर्ट जितना मजबूत नहीं है। इसलिए यह मुश्किल जरूर होता है। क्ले कोर्ट पर ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। हालांकि, युकी भांबरी जैसे खिलाड़ी बहुत अच्छी रिटर्न करते हैं। इसलिए शायद क्ले कोर्ट उनके लिए मददगार साबित हो सकता है। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि यह उनकी पसंदीदा सतह है या नहीं। कुल मिलाकर, क्ले कोर्ट पर खेलना काफी चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा सानिया ने क्वालीफायर में भारतीय खिलाड़ी करमन कौर थांडी की वापसी को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि करमन ने अपनी प्रोटेक्टेड रैंकिंग के जरिए वापसी की है, जो इस बात का प्रमाण है कि चोट लगने से पहले वह अच्छे स्तर पर खेल रही थीं। सानिया ने कहा कि लगभग दो साल बाद कोर्ट पर लौटने वाले खिलाड़ी का तुरंत आंकलन करना सही नहीं होगा। सानिया ने कहा कि इंजरी से वापसी में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है, क्योंकि खिलाड़ी के मन में फिटनेस, प्रदर्शन और दोबारा चोट लगने जैसे कई सवाल चलते रहते हैं।

भाजयुमो संगठन में बड़ा फेरबदल: प्रदेशभर के जिलों और वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

जयपुर राजस्थान बीजेपी युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है. भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने लिस्ट 63 पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की. इसमें 7 प्रदेश उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 9 मंत्री, 1-1 कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, सोशल मीडिया प्रभारी, आईटी संयोजक, प्रशिक्षण प्रभारी और 20 प्रदेश प्रवक्ता बनाए गए हैं. कार्यकारिणी में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है. लंबे वक्त से इस पर मंथन जारी थी, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं को भी इंतजार था.   निकाय-पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम संगठन ने आगामी राजनीतिक गतिविधियों को भी ध्यान में रखा है. माना जा रहा है कि निकाय-पंचायत चुनाव के मद्देनजर भी लिस्ट पर अंतिम मुहर लगी है. जितेन्द्र सिंह राठौड़, दीनदयाल गुर्जर, राकेश कटारिया, शिवराज सिंह, राकेश पंवार, सुदर्शन गौतम, आशीष कुल्हरी उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं. वहीं, ऋषिकेश मीणा, लोकेन्द्र सिंह, आदित्य पुजारी को महामंत्री बनाया गया है. हर्ष शर्मा कार्यालय प्रभारी, 9 प्रदेश मंत्री नियुक्त प्रदेश मंत्री पद पर धीरज शर्मा, रघुनाथ बिश्नोई, राहुल लेघा, रमेश गुर्जर, कृष्णपाल सिंह चूंडावत, दिनेश राणा, दिव्यांश भारद्वाज, वीके कुशवाह और आदित्य सिंघानिया को नियुक्त किया गया है. जिज्ञासु जैन को प्रदेश कोषाध्यक्ष और राहुल देवड़ा को सह कोषाध्यक्ष बनाया है.  भरतपुर के हर्ष शर्मा को कार्यालय प्रभारी, अमित कुमावत और आशीष शर्मा को भी कार्यालय सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. मीडिया प्रभारी हर्षित को बनाया गया है. मन की बात और ट्रेनिंग के लिए भी दिया जिम्मा खास बात यह है कि कार्यकारिणी में प्रशिक्षण, नीति एवं शोध, मन की बात जैसे कई कार्यक्रमों के प्रभारी भी बनाए गए हैं. सदस्यता अभियान, बूथ स्तर तक संगठन विस्तार, सोशल मीडिया कैंपेन और युवा संपर्क कार्यक्रमों को गति देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.

मेरठ की धाविका पारुल चौधरी का बड़ा लक्ष्य, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में चमकने की तैयारी

 नई दिल्ली  भारत की लंबी दूरी की धाविका पारुल चौधरी अब केवल एशियाई स्तर की खिलाड़ी नहीं रह गई हैं। पिछले एक साल में उन्होंने डायमंड लीग जैसी विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में नियमित भाग लेकर खुद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया है। पारुल का मानना है कि दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और इससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। मेरठ की 31 वर्षीय एथलीट 2022 एशियाई खेलों में 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज (बाधा दौड़) में रजत पदक जीत चुकी हैं। वहीं पिछले साल गुमी में हुई एशियाई चैंपियनशिप में पारुल ने दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक जीता था। पारुल ने बताया अपना लक्ष्य पारुल का लक्ष्य अब इस साल जुलाई में होने वाले ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पदक जीतना है। पारुल ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि पहले भारतीय एथलीटों को विदेशों में खेलने के ज्यादा अवसर नहीं मिलते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह 2016 से राष्ट्रीय कैंप का हिस्सा थीं, लेकिन उन्हें पहली बार 2022 में विदेश में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला। अब युवा खिलाड़ियों को लगातार अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिल रहा है, जिसका फायदा भारतीय एथलेटिक्स को मिल रहा है। भारतीय ट्रैक एंड फील्ड में अब तक स्पिरंट और फील्ड इवेंट के खिलाड़ियों को ज्यादा पहचान मिली है, लेकिन पारुल ने लंबी दूरी की दौड़ में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार खेलने से खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन को समझने और सुधारने का मौका मिलता है। पदक जीतना सबसे बड़ा लक्ष्य लंबी दूरी की दौड़ के अंतिम चरण को सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। पारुल के अनुसार अंतिम एक किलोमीटर में खुद को मजबूत बनाए रखना बेहद अहम होता है और इसके लिए कोच विशेष ट्रेनिंग और रणनीति तैयार करते हैं। पारुल ने बताया कि बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को स्पो‌र्ट्स साइंस, रिकवरी मॉनिटरिंग और फिटनेस से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है। हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों की क्वालीफाइंग टाइमिंग की बराबरी करने वाली पारुल ने कहा कि अगर उन्हें क्वालिफाई करने का मौका मिलता है तो उनका लक्ष्य वहां भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करना होगा। फिलहाल उनका पूरा फोकस निरंतर सुधार और बड़े मंच पर देश के लिए पदक जीतने पर है।

कंगना रनौत का वायरल वीडियो विवाद: मंगलसूत्र और चूड़ियों पर खुद दी सफाई

कंगना रनौत हरी-चूड़ी और मंगलसूत्र वाला वीडियो काफी वायरल हुआ। इस पर लोगों ने तरह-तरह के कयास लगाए। अब कंगना ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके बताया है कि उनके इस गेटअप के पीछे क्या राज था। उन्होंने लिखा है कि वह शूट कर रही हैं और किसी ने उन्हें कैमरे में कैप्चर कर लिया। कंगना ने लिखा है कि इस लुक में क्या ही बड़ी बात है। क्लिप्स वायरल होने के बाद उनको लोगों के फोन आने लगे हैं। नहीं करूंगी चुपचाप शादी कंगना रनौत ने अपने मंगलसूत्र और चूड़ी वाले लुक पर उठ रहे सवालों वाला एक न्यूज आर्टिकल शेयर किया है। इसमें लिखा है कि कंगना रनौत ने गुपचुप कर ली शादी? गले में मंगलसूत्र, हाथों में हरी चूड़ियां पहने दिखीं। इस पर कंगना ने लिखा है, ‘मैं हर दिन शूट कर रही हूं। किसी ने ये रैंडम फोटो खींच ली जिसमें मैं कैरेक्टर मेकअप में थी, अब मुझे बहुत से फोन कॉल्स आ रहे हैं। पर किसी शादीशुदा महिला के लुक में क्या बड़ी बात है। एक्टर्स हर तरह के रोल करते हैं, मैं वादा करती हूं, चुपचाप शादी नहीं करूंगी।’ चैलेंजिंग लाइफ को बताया अच्छा एक और पोस्ट में कंगना ने लिखा है, 'न्यूज एंकर्स एसी स्टूडियोज से बाहर की हीट वेब और टेम्परेचर की शिकायत कर रहे हैं, हम जैसे लोगों का क्या जो आउटडोर शूटिंग कर रहे हैं, इतनी सारी लाइट्स, बंद जगहें, हाहा शिकायतें करना बंद कीजिए दोस्तों, जिंदगी जब तक चैलेंजिंग है, तब तक ही अच्छी है, अगर आसान और प्रिडिक्टिबल तरह से आप जीवित फील करते हैं तो यह मौत के बराबर है, हैपी समर।' वायरल वीडियो में क्या था कंगना का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने पीच कलर का सलवार सूट पहना था। वह बिंदी लगाए थीं, मांग भरे थीं, गले में मंगलसूत्र और उनके हाथों में हरी चूड़ियां थीं। उनको इस गेटअप में देखकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे थे। कई लोगों ने लिखा था कि कंगना को पता था कि बाहर कैमरा है, जानबूझकर ही वह ऐसे बाहर आई हैं। वो लकी इंसान कौन है जिससे उन्होंने शादी की। कुछ लोगों को लग रहा था कि कंगना ने फैशन में मंगलसूत्र पहना है। कुछ का ध्यान उनकी हरी चूड़ियों पर था। वहीं कुछ लोग यह भी लिख रहे थे कि वह शूट के लिए ऐसे तैयार हुई हैं। कंगना के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स कंगना की अपकमिंग फिल्मों की बात करें तो उनकी फिल्म भारत भाग्य विधाता जून में रिलीज होनी है। वहीं क्वीन 2 की शूटिंग हो रही है। इसकी रिलीज डेट अभी ऑफिशियल नहीं हुई।

चाणक्य नीति: इन 7 जगहों पर कदम रखा तो हो सकती है जीवन में बड़ी मुसीबत

 आचार्य चाणक्य के मुताबिक, समझदार वही है जो मुसीबत को दूर से ही भांप ले. लेकिन सवाल ये है कि जब आपकी अपनी चाहत, आपका अपना लालच ही आपका दुश्मन बन जाए, तब क्या होगा? जब किसी की मीठी-मीठी बातें आपको अंधा कर दें, जब आपकी आंखों पर माया का पर्दा पड़ जाए और आप सही-गलत में फर्क ही न कर पाएं, तब कौन आपको बचाएगा? आज हम उन 7 खतरनाक जगहों के बारे में बात करेंगे, जहां कदम रखना मतलब खुद अपनी बर्बादी को बुलाना है. 1. जलनखोर व्यक्ति का घर वो इंसान जो दिल में जलन लिए बैठा हो, उससे दूर रहना ही समझदारी है. वो आपको अपने घर बुलाता है, लेकिन उसका मकसद आपको छोटा दिखाना और आपकी कमजोरियां तलाशना होता है. चाणक्य कहते हैं कि दुश्मन की मीठी बातों पर कभी भरोसा मत करो. सांप अपनी केंचुली बदल सकता है, लेकिन जहर नहीं. 2. वो जगह जहां आपकी बेइज्जती होती हो जहां आपको बार-बार नीचा या जलील किया जाए, नजरअंदाज किया जाए, वहां एकदम जाना बंद कर दें. बेइज्जती एक धीमा जहर है, जो धीरे-धीरे आत्मसम्मान को अंदर से खत्म कर देता है. चाणक्य नीति का स्पष्ट संदेश है कि इज्जत के बिना जीने से अच्छा दूर रहना है. 3. जहां आपकी मदद की कोई कद्र न हो ऐसे रिश्ते जहां आप मदद करते रहते हैं, लेकिन बदले में आपको कुछ नहीं मिलता, वो रिश्ते नहीं, बोझ होते हैं. चाणक्य कहते हैं कि कुएं में पत्थर फेंकने से पानी मीठा नहीं होता. अपनी ऊर्जा वहीं लगाओ जहां उसकी कद्र हो. 4. दो ताकतवर लोगों की लड़ाई के बीच आना जब दो बड़े लोग या शक्तियां आपस में भिड़ जाए तो बीच में नहीं पड़ना चाहिए. जैसे हाथियों की लड़ाई में घास कुचल जाती है, वैसे ही बीच का इंसान बर्बाद होता है. तटस्थ रहना ही सबसे बड़ी समझदारी है. 5. जहां आपको झूठ का हिस्सा बनना पड़े चाहे दोस्त हो, बॉस हो या रिश्तेदार, अगर आपसे झूठ बुलवाया जा रहा है, तो तुरंत दूरी बना लें. एक झूठ सौ झूठों को जन्म देता है. चाणक्य कहते हैं कि सच मुश्किल जरूर है, लेकिन अंत में सम्मान देता है. 6. जुआ और शराब का अड्डा ये वो जगह है जो शुरुआत में मजा देती है, लेकिन अंत में सब कुछ छीन लेती है जैसे पैसा, इज्जत, परिवार और मानसिक शांति. ये सिर्फ आदत नहीं, जिंदगी को बर्बाद करने का जरिया है. जो अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण नहीं रख सकता, वो कभी सफल नहीं हो सकता है. 7. पराई स्त्री या पुरुष के साथ गलत नीयत से एकांत पराई स्त्री या पुरुष पर नजर डालना एक गलती नहीं बल्कि पूरी जिंदगी की बर्बादी बन सकता है. चरित्र गिर जाए तो सब कुछ खराब हो जाता है. यह एक दाग ऐसा होता है जो कभी नहीं मिटता है. चाणक्य के अनुसार, पराई स्त्री को माता और पराए पुरुष को भाई समान समझना चाहिए.

सांपों से बचाव में मदद करेगा ‘Big 4 Mapper’ ऐप: खतरे वाले इलाकों की मिलेगी जानकारी

सांपों के खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अब एक खास मोबाइल ऐप मददगार साबित हो सकता है. Big 4 Mapper नाम का यह ऐप लोगों को सांपों से जुड़े खतरे को समझने और उससे बचने में मदद करता है. यह ऐप खास तौर पर उन जगहों के लिए यूजफुल है जहां सांपों का खतरा ज्यादा रहता है, जैसे गांव, खेत या जंगल के पास के इलाके. इस ऐप का मकसद लोगों को यह जानकारी देना है कि उनके आसपास किस तरह के सांप पाए जाते हैं और किन जगहों पर सांप देखे गए हैं. इससे लोग पहले से सतर्क हो सकते हैं और ऐसे इलाकों से बच सकते हैं. मैप के जरिए मिलती है सांप की लोकेशन इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मैप के जरिए सांपों की लोकेशन दिखाई जाती है. यानी अगर किसी इलाके में पहले सांप देखा गया है, तो उसकी जानकारी यहां दर्ज रहती है. इससे यूजर को अंदाजा हो जाता है कि कौन-सी जगह ज्यादा जोखिम वाली है. यह फीचर खास तौर पर रात के समय या खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी हो सकता है. सांप कितना जहरीला है ये भी बताएगा ऐप इसके अलावा यह ऐप सांपों की पहचान में भी मदद करता है. कई बार लोग यह समझ नहीं पाते कि सामने दिख रहा सांप जहरीला है या नहीं. ऐसे में यह ऐप अलग-अलग सांपों की जानकारी और तस्वीरों के जरिए यूजर को समझने में मदद करता है. इससे घबराहट कम होती है और सही फैसला लेने में आसानी होती है. ऐप में सांप के काटने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई है. इसमें आसान भाषा में बताया गया है कि तुरंत कौन-से कदम उठाने चाहिए और क्या गलती नहीं करनी चाहिए. यह जानकारी कई बार जान बचाने में अहम रोल निभा सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां तुरंत अस्पताल पहुंचना मुश्किल होता है. भारत के चार जहरीले सांपों पर फोकस करता है ये ऐप इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि यह Big 4 यानी भारत के चार सबसे खतरनाक जहरीले सांपों पर फोकस करता है. इनमें कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं. यही वो सांप हैं जिनकी वजह से देश में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं. ऐप इन सांपों के बारे में आसान तरीके से जानकारी देता है, ताकि आम लोग भी उन्हें पहचान सकें. SERPENT ऐप में मैपिंग फीचर भी दिया गया है, जिससे यूजर यह देख सकते हैं कि उनके आसपास किन इलाकों में सांप देखे गए हैं या कहां ज्यादा खतरा है. यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जो खेतों में काम करते हैं या रात में बाहर निकलते हैं. इससे लोग पहले से सावधान रह सकते हैं और जोखिम वाली जगहों से बच सकते हैं.  कई बार लोग डर के कारण गलत इलाज करने लगते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है. यह ऐप बताता है कि ऐसे समय में शांत रहना, तुरंत अस्पताल पहुंचना और सही फर्स्ट एड क्या है. SERPENT ऐप सिर्फ एक जानकारी देने वाला प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह एक सेफ्टी टूल की तरह काम करता है. खासकर उन लोगों के लिए जो सांपों के खतरे वाले इलाकों में रहते हैं, यह ऐप जान बचाने में भी मदद कर सकता है. इस तरह के ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जागरूकता बढ़ाता है. भारत जैसे देश में हर साल कई लोग सांप के काटने की वजह से प्रभावित होते हैं. ऐसे में अगर लोगों को पहले से सही जानकारी मिल जाए और वे सतर्क रहें, तो इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

चौरासी और कुशलगढ़ में रात्रि चौपाल: सीएम ने लाभार्थियों से किया संवाद, विकास योजनाओं की समीक्षा

वागड़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पिछले दो दिन (20-21 मई) वागड़ दौरे पर रहे. सीएम ने कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) और चौरासी (डूंगरपुर) में रात्रि चौपाल की. मुख्यमंत्री चौरासी के धम्बोला गांव में 'ग्राम विकास चौपाल' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला के सर्वांगीण विकास के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है. प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना में गैस सिलेंडर और हर घर नल से जल योजनाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ पहुंचा रही है. बालिकाओं को अच्छी शिक्षा के लिए स्कूटी और साइकिलों का वितरण भी किया गया है.   महिलाएं बोलीं- सीएम ने बेटा बनकर तीर्थ करवाया इस दौरान कई योजनाओं के लाभार्थियों से भी सीएम ने बात की. स्थानीय निवासी रमिला परमार ने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से जरूरतमंद किसानों को ट्रैक्टर की सुविधा मिल सकेगी. इससे हमारे क्लस्टर की आय भी बढ़ेगी और समूह से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगी. गंगा देवी पाटीदार ने कहा कि बेटा तो हमें तीर्थ यात्रा नहीं करवा पाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने बेटा बनकर तीर्थ का सपना पूरा कर दिया. 1.35 लाख पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करवा रही है. प्रदेश में युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादा किया था. अब तक 1.25 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं. 1.25 लाख पदों पर भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है. जबकि 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्ती परीक्षाएं भी प्रक्रियाधीन हैं. उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से पूरी हुई हैं. निजी क्षेत्र में 3 लाख से अधिक रोजगार उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी अब तक 3 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं है. युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना' के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है. प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की पहल की.    

बूंदी रायता क्यों हो सकता है वजन बढ़ने की वजह? जानें डाइटीशियन की चेतावनी

गर्मी का मौसम हो और लंच में करारी बूंदी डला हुआ रायता मिल जाए तो दिल खुश हो जाता है. गर्मी के दिन में लोग रायते में काली मिर्च और जीरा मिलाकर काफी चाव से खाते हैं. वहीं कई लोग जो वजन घटा रहे होते हैं वे भी रायते को हेल्दी ऑपशंस मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं, दही और बेसन से बनी बूंदी वाला रायता खाने से आपकी वेट लॉस जर्नी में रुकावट आ सकती है या फिर वो आपका वजन भी बढ़ा सकता है? हाल ही में एक  डायटिशियन ने बूंदी के रायता को हेल्दी समझने वालों की इस धारणा को गलत बताया है. उन्होंने खुलासा किया है कि बूंदी रायता जैसी चीजें, जो ऊपर से बहुत हेल्दी नजर आती हैं, असल में हिडन कैलोरीज देती हैं. क्यों बूंदी रायता सेहत के लिए हेल्दी नहीं? डॉ. गीतिका चोपड़ा ने एक पॉडकास्ट में बताया, लोग अक्सर इंडियन फूड्स में मौजूद हिडन कैलोरीज को पहचान नहीं पाते. बूंदी को डीप फ्राई करके तैयार किया जाता है जिससे इसमें फैट और कैलोरी की मात्रा काफी अधिक होती है. जब आप इसे दही में मिलाते हैं तो यह एक हाई-कैलोरी डिश बन जाती है. यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश्ड रिसर्च के मुताबिक, लोग जब किसी अनहेल्दी या फ्राइड चीज को हेल्दी चीज (दही) के साथ देखते हैं तो उन्हें लगता है कि पूरी डिश ही लो-कैलोरी है. साइकोलॉजी में इसे नेगेटिव कैलोरी इल्यूजन कहा जाता है जो वजन बढ़ने की एक बड़ी वजह बनता है. क्या है बेहतर ऑपशंस? डॉक्टर ने बताया, यदि आप सच में डाइजेशन को बेहतर करना और वेट लॉस करना चाहते हैं तो स्मार्ट न्यूट्रिशन अवेयरनेस बहुत जरूरी है. आप बूंदी रायते की जगह खीरे का रायता, लौकी का रायता या पुदीने का रायता खा सकते हैं. हेल्थलाइन की रिपोर्ट्स भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि खीरे या सब्जियों वाले रायते में वॉटर कंटेंट और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है. इस तरह के छोटे-छोटे स्मार्ट स्वाइप्स आपको अनहेल्दी ईटिंग मिस्टेक्स से बचाते हैं और वेट लॉस गोल को हासिल करने में मदद करते हैं.

सीएम श्री स्कूलों में वर्षा जल संचयन योजना: हर साल 50 करोड़ लीटर पानी बचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने जल संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 75 सीएम श्री स्कूलों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को री-डिवेलप और आधुनिक बनाने का फैसला किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना के जरिए हर साल करीब 50 करोड़ लीटर वर्षा जल संरक्षित करने की क्षमता विकसित की जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता ने की बैठक इसे लेकर एक बैठक की है, जिसमें अधिकारियों ने परियोजना को लेकर डिटेल रिपोर्ट पेश की, जिसमें स्कूलों में मौजूद रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की वर्तमान स्थिति, उनकी कमियां और सुधार का एक्शन प्लान बताया। हर साल इतने पानी का होगा संरक्षण सीएम के मुताबिक, दिल्ली में औसतन 775 मिमी बारिश होती है और करीब 2500 वर्ग फुट की छत से हर साल करीब 2 लाख लीटर पानी संरक्षित कर सकते हैं। इसे एक पांच सदस्यीय परिवार की सालाना जरूरत पूरी करने में पर्याप्त माना गया है। साथ ही हर स्कूल में रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग मॉडल लगाया जाएगा। क्या है सरकार का दावा सरकार का दावा है कि केवल स्कूलों की छतों से ही हर साल करीब 13 करोड़ लीटर पानी संरक्षित किया जा सकता है। संगठन उन्होंने बताया कि स्कूलों में गैर सरकारी 'अहसास' के मॉडल को अपनाया जाएगा, जिसे वर्ष 2021 में दिल्ली जल बोर्ड ने मंजूरी दी थी। यह मॉडल कम लागत, कम जगह और लगभग शून्य रखरखाव वाला माना जाता है। इसके तहत छतों से आने वाले वर्षा जल को फिल्टर कर स्टोरेज और बोरवेल से जोड़ा जाएगा, जिससे भूजल रिचार्ज और सूखे बोरवेल को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।

दीपक हत्याकांड के आरोपी का हाफ एनकाउंटर: जहानाबाद पुलिस कार्रवाई में रावण घायल

 जहानाबाद बिहार के जहानाबाद में पुलिस ने कुख्यात किलर विक्कू सिंह उर्फ रावण का ऑपरेशन लंगड़ा के तहत हाफ एनकाउंटर कर दिया। दीपक हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त रावण के पैर में गोली लगी है। जिले के घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी नहर के समीप एसटीएफ और रावण के बीच मुठभेड़ हो गई। आरोपी ने झाड़ी में छिपाए गए हथियार से पुलिस पर गोली चला दी जो थानाध्यक्ष की गाड़ी में जा लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए आरोपी के पैर में गोली मार दी। जहानाबाद सदर अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज कराया जा रहा है। बीते पांच दिनों में बिहार पुलिस ने छह बदमाशों को लंगरा बना दिया है। एसपी अपराजिता लोहानी एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि ​जहानाबाद पुलिस ने भेलवार थाना इलाके में दीपक सिंह हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी विक्कू सिंह उर्फ रावण को गिरफ्तार कर रिया था। गिरफ्तार विक्कू सिंह को लेकर पुलिस इस कांड में प्रयोग में लाये गये हथियार की बरामद के लिए घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के निकट नहर किनारे पहुंची थी। इसी दौरान अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जिसमें थानाध्यक्ष बाल बाल बच गए। विक्कू सिंह की गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी में लग गई। उसके बाद उसने वहां से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई। पुलिस की गोली विक्कू सिंह के बायें पैर में लगी और वह वहीं गिर गया। बिहार में पांच दिनों में पुलिस मुठभेड़ की छह घटनाओं ने अपराधियों में खौफ कायम किया है। मुठभेड़ की इन घटनाओं में पुलिस की गोली से पांच अपराधी लंगड़े हुए। खास बात है कि सभी अपराधी अलग-अलग मामलों में हत्या छिनतई और लूटकांड के आरोपित हैं। पांच दिनों की कार्रवाई 19 मई ,पटना -नीतीश कुमार : गोपालपुर में कैश वैन रोक कर 27 लाख रुपये की लूट में शामिल। लूट की राशि से आरोपित और सहयोगियों ने चार आईफोन खरीदे। 2022 में बाकरगंज में सोना लूट और 2023 में पत्रकार नगर में एक पुलिस के जवान पर गोली चलाने का आरोप।  18 मई : पटना : संदीप उर्फ बादल : अगमकुआं इलाके में शिक्षक से मोबाइल स्नैचिंग और फायरिंग। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हुआ। पूर्व में भी लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप।  18 मई : सीवान : अंकित सिंह : ज्वेलर्स दुकान में लूट का आरोपित। सघन वाहन जांच अभियान के दौरान भागने की कोशिश में पुलिस मुठभेड़ में घायल। पुलिस के मुताबिक रसूलपुर, मांझी, रघुनाथपुर व जीरादेई थाना में लगभग आधा दर्जन सीएसपी एवं ज्वेलरी लूटकांड से संबंधित आपराधिक मामला दर्ज।  20 मई : समस्तीपुर : प्रिंस कुमार : सरायरंजन सहित लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप। छिपाये गये हथियार की निशानदेही के दौरान पुलिस पर फायरिंग के दौरान जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से घायल। 21 मई : किशनगंज : पवन कुमार उर्फ चिंटू : अंतरराज्यीय लूट, छिनतई, चोरी जैसे आपराधिक गिरोह का सरगना। बाइक से भागने के दौरान पुलिस मुठभेड़ में घायल। पटना, अररिया, मधुबनी आदि जिलों में लूट सहित अन्य आपराधिक घटनाओं का लगभग एक दर्जन कांडों में संलिप्तता का आपराधिक इतिहास।  22 मई : जहानाबाद में कुख्यात विक्कू सिंह उर्फ रावण का हाफ एनकाउंटर। रावण दीपक सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान उसने पुलिस पर गोली चला दी। आत्म रक्षा में पुलिस ने भी फायरिंग कर उसके बाएं पैर में गोली मार दी।