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डॉक्टरों की हड़ताल खत्म: सरकार-IMA बैठक में बनी सहमति, नई SOP 10 दिन में

जयपुर राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और आम मरीजों के लिए गुरुवार की सुबह राहत की खबर लेकर आई है. पिछले कई दिनों से चल रहा मेडिकल गतिरोध अब पूरी तरह खत्म हो गया है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) राजस्थान और अन्य चिकित्सा संगठनों ने राज्य सरकार के साथ हुई एक हाई-लेवल बैठक के बाद राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के बहिष्कार को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है. इस फैसले के बाद प्रदेश के सभी प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में आरजीएचएस (RGHS) के तहत मिलने वाली मुफ्त इलाज और ऑपरेशन की सुविधाएं दोबारा शुरू हो गई हैं. स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में बनी बात बुधवार देर शाम डॉक्टरों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा और चिकित्सा विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौड़ के साथ सचिवालय में लंबी बैठक की. बैठक में डॉक्टरों ने आरजीएचएस स्कीम के नियमों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और अस्पतालों के करोड़ों रुपये के पेंडिंग पेमेंट्स का मुद्दा उठाया. डॉक्टरों की दलीलों को सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत एक्शन लिया और अफसरों को दो-टूक निर्देश जारी किए. 10 दिन में बदलेंगे नियम, जारी होगी नई SOP आईएमए राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा और सचिव डॉ. एनके अग्रवाल ने बताया कि सरकार का रुख बेहद सकारात्मक रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने आरजीएचएस प्रशासन को सख्त आदेश दिया है कि डॉक्टरों द्वारा सौंपे गए सुझावों को शामिल करते हुए अगले 10 दिनों के भीतर योजना की नई और संशोधित गाइडलाइन जारी की जाए. इसके अलावा, नियमों को आसान बनाने और क्लेम की कड़ियों को पारदर्शी रखने के लिए एक जॉइंट कमेटी भी बनाई जाएगी, जिसमें आरजीएचएस अधिकारियों के साथ-साथ आईएमए के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. अस्पतालों को मिलेगा बकाया पैसा, प्राइवेट एम्बुलेंस पर कड़ाई बैठक में सरकार ने डॉक्टरों को लिखित आश्वासन दिया है कि निजी अस्पतालों का जितना भी जायज बकाया पैसा अटका हुआ है, उसे जल्द से जल्द बजट जारी करके क्लियर किया जाएगा. साथ ही, भविष्य के पेमेंट्स के लिए एक तय टाइमलाइन बनाई जाएगी ताकि अस्पतालों को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें. सरकार के इस ठोस कदम के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर तुरंत काम पर लौटने का ऐलान कर दिया. अब किसी भी मरीज को प्राइवेट अस्पतालों से बिना इलाज के खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा.

पश्चिमी सिंहभूम में माओवादी नेटवर्क पर बड़ा असर, कई सरेंडर

गुवा पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा और सारंडा क्षेत्र में कभी माओवादी संगठनों का गहरा प्रभाव था. इन्हीं जंगलों से कई ऐसे नाम उभरे, जिन्होंने बाद में संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां संभालीं. इनमें सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल, गादी मुण्डा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा और सुलेमान हांसदा जैसे नाम शामिल हैं. कभी गरीबी और अभाव में जीवन बिताने वाले ये युवक बाद में माओवादी संगठनों के सक्रिय कमांडर बन गए. मजदूरी से माओवादी कमांडर बनने तक का सफर गोइलकेरा क्षेत्र का रहने वाला सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल सामान्य आदिवासी परिवार से जुड़ा था. ग्रामीणों के अनुसार उसका बचपन गरीबी, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के बीच बीता. शुरुआती दिनों में वह मजदूरी और जंगल आधारित काम करके परिवार चलाता था. धीरे-धीरे वह इलाके में सक्रिय माओवादी संगठन के संपर्क में आया. स्थानीय युवाओं को पुलिस कार्रवाई, विस्थापन और सरकारी उपेक्षा का हवाला देकर संगठन से जोड़ा जाता था. सागेन भी इसी प्रचार से प्रभावित हुआ और बाद में हथियारबंद दस्ते का हिस्सा बन गया. समय के साथ वह माओवादी संगठन का विशेष क्षेत्र समिति सदस्य बना. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ 123 मामले दर्ज हैं और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. लगातार सुरक्षा अभियानों और संगठन की कमजोर स्थिति के बाद उसने आत्मसमर्पण का फैसला लिया. गादी मुण्डा बना एरिया कमांडर रांची जिले के बुंडू क्षेत्र का निवासी गादी मुण्डा उर्फ गुलशन भी गरीब ग्रामीण परिवार से जुड़ा था. युवावस्था में रोजगार और स्थायी आय की कमी के कारण वह उग्रवादी नेटवर्क के संपर्क में आया. शुरुआत में उसने संगठन के लिए संदेश पहुंचाने और ग्रामीण नेटवर्क तैयार करने का काम किया. बाद में वह हथियारबंद दस्ते में शामिल हो गया और धीरे-धीरे एरिया कमांडर के पद तक पहुंच गया. पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ 48 मामले दर्ज हैं. उस पर भी पांच लाख रुपये का इनाम था. जंगलों में लगातार चल रहे अभियान, सुरक्षा कैंपों की स्थापना और संगठन के भीतर बढ़ते अविश्वास के कारण उसका प्रभाव कमजोर पड़ गया. अंततः उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. नागेंद्र मुण्डा रहा सक्रिय माओवादी चेहरा खूंटी जिले के अड़की क्षेत्र का निवासी नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया लंबे समय तक सक्रिय माओवादी कमांडर रहा. ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े नागेंद्र पर शुरुआती दिनों में उग्रवादी विचारधारा का प्रभाव पड़ा. संगठन ने उसे हथियार प्रशिक्षण दिया और जंगल अभियानों में शामिल किया. धीरे-धीरे वह संगठन का भरोसेमंद सदस्य बन गया. पुलिस के अनुसार वह पुलिस कैंपों पर हमले, विस्फोट और हथियार लूट जैसी घटनाओं में शामिल रहा. उसके खिलाफ 38 मामले दर्ज थे और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. लगातार घेराबंदी, जंगलों में नए सुरक्षा कैंप और सप्लाई नेटवर्क टूटने के कारण उसकी गतिविधियां कमजोर हो गईं. इसके बाद उसने आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन में लौटने का फैसला लिया. सुलेमान हांसदा ने भी छोड़ा हथियार सुलेमान हांसदा उर्फ सुनीया हांसदा पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र के हतनाबुरू गांव का निवासी है. आर्थिक कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े सुलेमान को स्थानीय माओवादी नेटवर्क ने अपने साथ जोड़ लिया था. शुरुआत में वह जंगल के रास्तों की जानकारी देने, राशन पहुंचाने और सूचनाएं उपलब्ध कराने का काम करता था. बाद में वह सक्रिय दस्ते का हिस्सा बन गया. उसके खिलाफ 13 मामले दर्ज हैं और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम था. हाल के वर्षों में सारंडा क्षेत्र में लगातार पुलिस और सीआरपीएफ अभियान चलाए गए. सुरक्षा बलों की बढ़ती मौजूदगी और संगठन की कमजोर होती स्थिति के बीच सुलेमान ने भी हथियार छोड़ने का फैसला लिया. पुलिस द्वारा उसके परिजनों को संरक्षण में लेकर रांची भेजे जाने के बाद उसके आत्मसमर्पण की प्रक्रिया तेज हुई.

राजस्थान-महाराष्ट्र पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन, 4 करोड़ से ज्यादा के लैपटॉप बरामद

 जयपुर एक राज्य में चोरी करना और दूसरे राज्य में जाकर छिप जाना, अपराधियों का यह पुराना पैंतरा इस बार काम नहीं आया. महाराष्ट्र के नागपुर में हुई करोड़ों रुपये के लैपटॉप की एक बहुत बड़ी चोरी का पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश कर दिया. राजस्थान की डीग पुलिस और महाराष्ट्र की नागपुर पुलिस ने मिलकर एक बड़ा जॉइंट ऑपरेशन चलाया, जिसके तहत न सिर्फ चोरी के मुख्य मास्टरमाइंड को दबोचा गया, बल्कि उसके पास से 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के नए लैपटॉप भी बरामद कर लिए गए. आखिर कैसे हुआ इस बड़ी चोरी का खुलासा? यह पूरा मामला नागपुर के पारशिवनी इलाके का है, जहां मोटोरोला कंपनी के नए-नए लैपटॉप की एक बड़ी खेप चोरी हो गई थी. नागपुर पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए राजस्थान के डीग जिले के पहाड़ी थाने पहुंची. यहां के एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपनी स्पेशल डीएसटी (DST) टीम और पहाड़ी थाना पुलिस को काम पर लगा दिया. इसी बीच पुलिस कांस्टेबल सहाबुद्दीन को एक पक्की खबर मिली कि चोरी का मुख्य आरोपी इसी इलाके में छिपा हुआ है. इस सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और नागपुर पुलिस के साथ मिलकर आरोपी को धर दबोचा. पुलिस के हाथ क्या-क्या लगा? चोरों ने नागपुर से कुल 5 करोड़ 72 लाख रुपये की कीमत के 641 लैपटॉप उड़ाए थे. पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की और उसकी बताई जगह पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4 करोड़ 14 लाख रुपये से भी ज्यादा की कीमत के 464 बिल्कुल नए मोटोरोला लैपटॉप बरामद कर लिए. इसके साथ ही, चोरी की इस पूरी वारदात को अंजाम देने में जिस मारुति बलेनो कार का इस्तेमाल किया गया था, पुलिस ने उसे भी जब्त कर लिया है. कौन है यह शातिर आरोपी? पकड़े गए मुख्य आरोपी का नाम अजरूद्दीन उर्फ हजरूद्दीन है, जिसकी उम्र 28 साल है और वह डीग जिले के ही खल्लूका गांव का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक अजरूद्दीन कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह काफी शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का इंसान है. उसके खिलाफ पहले भी इस तरह की बड़ी चोरियों के दो मामले दर्ज हो चुके हैं. फिलहाल, चोरी के बचे हुए 176 लैपटॉप को ढूंढने के लिए पुलिस की टीमें लगातार भाग-दौड़ कर रही हैं. साथ ही, इस वारदात में अजरूद्दीन का साथ देने वाले उसके दूसरे साथियों को पकड़ने के लिए भी जगह-जगह दबिश दी जा रही है. क्या है ऑपरेशन सहयोग? इस पूरी कामयाबी के पीछे डीग पुलिस का 'ऑपरेशन सहयोग' है. यह एसपी डीग द्वारा चलाया जा रहा एक खास अभियान है, जिसका मकसद बेहद सीधा और साफ है- अगर किसी दूसरे जिले या दूसरे राज्य की पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए डीग आती है, तो यहां की लोकल पुलिस बिना किसी देरी के उनकी पूरी मदद करेगी. इसी शानदार तालमेल की वजह से नागपुर पुलिस को इतनी बड़ी सफलता मिल पाई है. अब इस पकड़े गए शातिर चोर और बरामद किए गए करोड़ों के लैपटॉप को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र पुलिस के हवाले किया जा रहा है.

विश्व मधुमक्खी दिवस पर अनोखा स्टॉल: शहद का सिरका देख हैरान रह गए मुख्यमंत्री

झज्जर  विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार एक ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।  

चुड़ादा गांव में चौपाल के बाद सीएम ने खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की बातें

बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र के चुड़ादा गांव में बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अलग ही अंदाज देखने को मिला. ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गांव निवासी गट्टूलाल यादव के घर भोजन करने पहुंचे. परिवार के साथ जमीन पर बैठकर पत्तल-दोने में खाना खाया. भोजन में दाल-चावल के साथ मिक्स वेज परोसी गई, जिसमें आलू, ग्वार फली और मटर शामिल थी. इसके अलावा भोजन के साथ आमरस भी परोसा गया. खाट पर बैठकर ग्रामीणों से की बात मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ बैठकर भोजन किया. भोजन के बाद वे घर के बाहर खाट पर बैठ गए और आसपास मौजूद ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों से आत्मीय बातचीत की. इस दौरान उन्होंने गांव की स्थिति, खेती-बाड़ी, पशुपालन और परिवारों की आजीविका के बारे में जानकारी ली.  मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछते हुए सरकारी योजनाओं के लाभ और गांव की जरूरतों पर भी चर्चा की. जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील इससे पहले मुख्यमंत्री ने चुड़ादा गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में किसानों और पशुपालकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की मंशा है कि किसान लाभ की खेती अपनाएं, आय बढ़ाएं और विकास यात्रा में सहभागी बनें. मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार बैलों से पारंपरिक और प्राकृतिक खेती करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है. "बिजली-पानी की उपलब्धता पर हो रहा काम" मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बिजली और पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी और गंगनहर सुदृढ़ीकरण सहित माही, देवास और सोम-कमला-अंबा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है, और वर्ष 2027 तक यह व्यवस्था पूरे राजस्थान में लागू करने का लक्ष्य है. पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही उन्होंने स्थानीय कृषि उत्पादों के अनुसार, प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने, ग्रीन हाउस और पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही.  मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन में नए रिकॉर्ड बना रहा है और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है. कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान किया   मुख्यमंत्री ने युवाओं से कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार 4 लाख भर्तियों के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रही है और बड़ी संख्या में नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किसानों, पशुपालकों और युवा उद्यमियों को चेक और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए. इस दौरान कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया.

IPL लीग स्टेज के आखिरी मैच में RCB और SRH आमने-सामने

हैदराबाद डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद की टीम जब शुक्रवार को हैदराबाद में अपने आखिरी आईपीएल लीग मैच में आमने-सामने होंगी तो दोनों की कोशिश शीर्ष दो में जगह बनाने की होगी। आरसीबी अभी अंक तालिका में 18 अंक लेकर शीर्ष पर है और 10 टीम में उसका नेट रन रेट 1.065 सबसे अच्छा है। शुक्रवार को जीत उसे पहला स्थान और फाइनल में पहुंचने के दो मौके दिला देगी। आईपीएल 2026 न्यूज़,आईपीएल समाचार वहीं सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैच में 16 अंक से तीसरे स्थान पर है और गुजरात टाइटन्स के बराबर है, लेकिन नेट रन रेट के मामले में पीछे है। सनराइजर्स हैदराबाद का नेट रन रेट 0.350 है जबकि गुजरात टाइटन्स का 0.400 है। शीर्ष दो में जगह बनाने के लिए उसे आरसीबी को बड़े अंतर से हराना होगा और उम्मीद करनी होगी कि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम गुजरात टाइटन्स को हरा दे। कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में आरसीबी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। विस्फोटक बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी के मेल से आरसीबी ने लगातार दूसरे सत्र में खुद को खिताब के दावेदार के तौर पर साबित किया है। करिश्माई खिलाड़ी विराट कोहली ने शीर्ष क्रम में अपनी निरंतरता को नए सिरे से परिभाषित करना जारी रखा है और 13 मैच में 542 रन बनाए हैं। वहीं, देवदत्त पडिक्कल का सत्र भी अच्छा रहा है। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड की जोड़ी ने भी आरसीबी की सफलता में अहम भूमिका निभाई है। भुवनेश्वर इस सत्र में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में से एक रहे हैं और नयी गेंद से लगातार कमाल दिखाते रहे हैं। वहीं, हेज़लवुड ने अहम मौकों पर असरदार स्पैल डाले हैं। क्रुणाल पांड्या ने भी अपने हरफनमौला प्रदर्शन से प्रभावित किया है और विविधता भरी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया है। लेग-स्पिनर सुयश शर्मा और ऑलराउंडर रोमारियो शेफर्ड ने भी योगदान दिया है। आरसीबी की टीम इस सत्र में उतार-चढ़ाव देखने वाली सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ प्रबल दावेदार के तौर पर मैदान में उतरेगी। जब सनराइजर्स हैदराबाद ने लगातार पांच मैच जीते तो ऐसा लग रहा था कि उसने लय वापस हासिल कर ली है लेकिन पिछले चार में से दो मैच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। सनराइजर्स हैदराबाद के पास इस टूर्नामेंट में सबसे खतरनाक बल्लेबाजी लाइन-अप में से एक है। अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे खिलाड़ी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी ने अहम मौकों पर उन्हें नुकसान पहुंचाया है। टीम की हाल की हार की वजह बल्लेबाजी में रही कमियां थीं और टीम उम्मीद करेगी कि नॉक-आउट चरण में जाने से पहले वह इन कमियों को दूर कर लें। सकारात्मम पहलू यह है कि सनराइजर्स हैदराबाद को अपने कप्तान पैट कमिंस के नेतृत्व और कुछ युवा तेज गेंदबाजों के अच्छा करने से काफी मनोबल मिला है। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा इस सत्र के चमकदार खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उन्होंने दबाव में भी लगातार विकेट लिए हैं और किफायती गेंदबाजी की है। चोट से वापसी करने के बाद से कमिंस ने खुद गेंदबाजी इकाई में और भी ज्यादा जोश और नियंत्रण ला दिया है जिससे सनराइजर्स हैदराबाद को गेंदबाजी की रणनीति में भी ज्यादा स्पष्टता और धार मिली है। टीमें इस प्रकार हैं : सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), सलिल अरोड़ा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), रविचंद्रन स्मरण, अनिकेत वर्मा, अभिषेक शर्मा, आर एस अंबरीश, हर्ष दुबे, क्रेंस फुलेत्रा, लियाम लिविंगस्टोन, कामिंदु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, शिवांग कुमार, अमित कुमार, गेराल्ड कोएत्जी, प्रफुल हिंगे, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, ओंकार तरमाले, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिलिप सॉल्ट, जितेश शर्मा, जैकब बेथेल, कृणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, अभिनंदन सिंह, जोश हेजलवुड, रसिक सलाम डार, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, मंगेश यादव, जॉर्डन कॉक्स, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल। समय: मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा।

रोहतास का 150 साल पुराना ऐतिहासिक बराज फिर से बनेगा आकर्षण का केंद्र

 रोहतास सोन नदी पर बना 150 साल पुराना ऐतिहासिक एनीकट बराज एकबार फिर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। ब्रिटिश काल में यह प्रमुख पर्यटक स्थल था, जहां लोग नौकायन करने आते थे। सुविधाओं के अभाव में इसकी रौनक फीकी पड़ गई थी। सोन के सतही जल का उपयोग कर डेहरी, सासाराम और औरंगाबाद शहर के लिए 1350 करोड़ की पेयजल आपूर्ति योजना को लेकर एनीकट बराज के पास जल भंडारण के बाद अब जल संसाधन विभाग इसे नए सिरे से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रहा है। जल संसाधान विभाग के अधिकारियों के अनुसार 1874 में निर्मित एनीकट बराज सिंचाई के साथ-साथ इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है। 70 के दशक तक में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते थे। सोन नदी में नौकायन, बराज के फाटकों से गिरते पानी का नजारा और सूर्यास्त देखने के लिए लोग घंटों बैठते थे। आज भी भारी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक को यहां आते है। बराज में सिल्ट भरने से जल संग्रहण क्षमता काफी कम हो गई थी। जिससे नहरों में पर्याप्त जलापूर्ति में परेशानी उत्पन्न होने पर 1965 में इंद्रपुरी बराज के निर्माण के बाद पर्यटकों ने आना बंद कर दिया। फिर नौकायन का आनंद उठा सकेंगे पर्यटक विभागीय योजना के तहत यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ नौकायन फिर शुरू किया जाएगा। बराज परिसर में सेल्फी प्वाइंट, चिल्ड्रेन पार्क, पाथवे, लाइट एंड साउंड शो और फूड कोर्ट बनाए जाएंगे। रात में आकर्षक लाइटिंग से बराज जगमगाएगा। सोन आरती का हो रहा आयोजन सामाजिक संगठन द्वारा प्रत्येक रविवार की शाम यहां सोन आरती का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भारी संख्या में लोग भाग ले रहे है।  सोन तट के सौंदर्यीकरण का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। टेंडर के बाद काम शुरू होगा। प्रयास है कि अगले मानसून सीजन तक बराज को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाए अजय कुमार, मुख्य अभियंता जलसंसाधन विभाग डेहरी। बराज के पुनर्विकास से फिर यहां रोजगार बढ़ेगा और डेहरी की पहचान पर्यटन मानचित्र पर बनेगी।  पहले यहां हर दिन मेला सा लगता रहता था। नाविक, दुकानदार और फोटोग्राफर सभी को रोजगार मिलता था। अनुभा सिन्हा, शिक्षाविद

HMD Vibe 2 5G भारत में लॉन्च, 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले के साथ

HMD ने भारत में गुरुवार को अपना नया स्मार्टफोन HMD Vibe 2 5G लॉन्च कर दिया है. यह पिछले साल आए HMD Vibe 5G का अपग्रेडेड वर्जन है. इस नए फोन में आपको 6.7 इंच का बड़ा डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है. वहीं बैटरी इसकी सबसे बड़ी खासियत है क्योंकि इसमें 6000mAh की दमदार बैटरी मिलती है. साथ में 18W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट भी दिया गया है. आइए डिटेल में जानते हैं और इस फोन में हमें क्या-क्या देखने को मिलता है. HMD Vibe 2 5G की कीमत और उपलब्धता भारत में HMD Vibe 2 5G की कीमत काफी किफायती रखी गई है. इसका 4GB RAM + 64GB स्टोरेज वाला वेरिएंट ₹10,999 में मिलता है. वहीं अगर आपको थोड़ा ज्यादा स्टोरेज चाहिए तो 128GB वाला वेरिएंट भी उपलब्ध है. इसकी कीमत ₹11,999 है. इसमें RAM भी आपको 4GB ही मिलता है. कलर ऑप्शन्स की बात करें तो ये फोन Cosmic Lavender, Nordic Blue और Peach Pink जैसे आकर्षक रंगों में आता है. फिलहाल यह Flipkart पर आसानी से खरीदने के लिए उपलब्ध है. HMD Vibe 2 5G के फीचर्स HMD Vibe 2 5G में डुअल सिम (Nano + Nano) सपोर्ट मिलता है और यह Android 16 पर चलता है. इसमें आपको 6.7 इंच का HD+ डिस्प्ले मिलता है. खास बात यह है कि इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट दिया गया है, जिससे स्क्रॉलिंग और गेमिंग काफी स्मूद महसूस होती है. डिवाइस को IP64 रेटिंग भी मिली हुई है. यानी यह धूल और हल्की पानी की छींटों से काफी हद तक सेफ रहता है. परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें ऑक्टा-कोर Unisoc प्रोसेसर दिया गया है. फोन में 4GB RAM स्टैंडर्ड मिलता है और स्टोरेज के लिए आपको 128GB तक का ऑप्शन मिलता है. कैमरा की बात करें तो HMD Vibe 2 5G में AI सपोर्ट वाला रियर कैमरा सेटअप मिलता है. इसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है जो LED फ्लैश के साथ आता है. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. HMD Vibe 2 5G में आपको एक बड़ी 6000 mAh की बैटरी मिलती है. साथ ही इसमें 18W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है और अच्छी बात ये है कि चार्जर बॉक्स में ही मिल जाता है, अलग से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. कनेक्टिविटी की बात करें तो इसमें Bluetooth 5.0, Wi-Fi 5 और USB Type-C पोर्ट दिया गया है, जिससे डेटा ट्रांसफर और कनेक्टिविटी दोनों ही स्मूद रहती हैं.

खान एवं भूतत्व विभाग में नई नियुक्तियां, खनन क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा

 पटना बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग में नव-नियुक्त 8 खनिज विकास पदाधिकारियों ने योगदान दिया। इस अवसर पर खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये युवा पदाधिकारी राज्य के खनन क्षेत्र को नई ऊर्जा देने का काम करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ कार्य करते हुए बिहार को खनन क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आह्वान किया। खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार सरकार में आज नव-नियुक्त 08 खनिज विकास पदाधिकारियों (MDOs) ने योगदान समर्पित किया। इस अवसर पर माननीय खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई दी। माननीय मंत्री द्वारा सभी पदाधिकारियों को “शुभकामना पत्र” भी वितरित किया गया। अपने संबोधन में माननीय मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार एवं विभाग नव नियुक्त पदाधिकारियों की हर संभव सहायता एवं मार्गदर्शन के लिए सदैव तत्पर रहेगा। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए बिहार तथा खान एवं भूतत्व विभाग का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करें। माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार खनिज संसाधनों की दृष्टि से समृद्ध राज्य है और खनन क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में नव नियुक्त पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। सभी नव-नियुक्त खनिज विकास पदाधिकारी ऊर्जा से भरपूर हैं और बिहार के खनन क्षेत्र को नई ऊर्जा देंगे। इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री अवनीश कुमार सिंह ने नव नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते  हुए कहा कि विभागीय कार्यों में अनुशासन, जवाबदेही एवं जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव एवं ज्ञान को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू कर राज्य के खनन प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है। इस अवसर पर विभाग के निदेशक (खान) श्री मनेश कुमार मीणा सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी नव-नियुक्त खनिज विकास पदाधिकारी 25.05.2026 से बिपार्ड में प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत अपने-अपने पदस्थापित जिलों में योगदान देंगे।

शामली-बागपत से दिल्ली तक फैला मिलावटी तेल का नेटवर्क, रोज 1 लाख लीटर खपाने का दावा

 शामली हरियाणा के बहालगढ़, यूपी के बागपत, शामली और मेरठ से डीजल व पेट्रोल की तस्करी केवल वेस्ट यूपी तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली, हरियाणा और देहरादून तक बड़े स्तर पर की जा रही है। गिरोह के सदस्य 72 से 80 रुपये प्रति लीटर तक डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। संवाददाता ने तस्करी के इस खेल की हकीकत जानने के लिए 12 दिन तक लगातार पड़ताल की। जांच में सामने आया कि हरियाणा के बहालगढ़, यूपी के शामली, बागपत और मेरठ से सस्ता तेल टैंकरों और ड्रमों के जरिये दिल्ली, बिजनौर, बुलंदशहर, हापुड़, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद और देहरादून तक पहुंचाया जा रहा है। प्रतिदिन एक लाख लीटर से अधिक तेल विभिन्न शहरों में खपाया जा रहा है। एक ड्रम में 260 लीटर पेट्रोल 75 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से 19,500 रुपये में, जबकि डीजल 72 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से 18,720 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है।  तेल माफियाओं से संवाददाता की बातचीत में यह खुलासा हुआ स्थान- सोनीपत का बहालगढ़, मेन रोड पर बाइक की दुकान के सामने संवाददाता : भाई, हाल ही में एक नया पेट्रोल पंप खुला है, मिलावटी डीजल और पेट्रोल चाहिए, मिल जाएगा क्या। गुर्गा : मिल जाएगा, मगर भाई अभी कमी चल रही है। संवाददाता : रेट बताओ, वही मिलेगा। गुर्गा : पेट्रोल 75 जबकि, डीजल 72 रुपये लीटर उपलब्ध करा दिया जाएगा। संवाददाता : कोई दिक्कत तो नहीं होगी। गुर्गा : ड्रम जहां कहो उतरवा देंगे संवाददाता : सैंपल के तौर पर पेट्रोल दो। गुर्गा : 100 रुपये लेकर दो बोतल पेट्रोल दे देता है। संवाददाता : ठीक है, मैं आपको कल बताता हूं। स्थान- शामली के कैराना में कांधला रोड पर संवाददाता : भाई माल चाहिए, मिल जाएगा क्या। गुर्गा : पेट्रोल 82, जबकि डीजल 80 रुपये लीटर मिलेगा। संवाददाता : कहां-कहां उपलब्ध करा दोगे। गुर्गा : हमारी सर्विस ऑल इंडिया है, वेस्ट यूपी में तो कोई दिक्कत ही नहीं है। स्थान- बागपत के बड़ौत की छपरौली चुंगी संवाददाता : भाई, पेट्रोल और डीजल कितने में मिलेगा। गुर्गा : भाई, ईरान युद्ध के बाद से ज्यादा कमी चल रही है। पेट्रोल 82, जबकि डीजल 68 रुपये लीटर मिलेगा। संवाददाता : कहां-कहां पहुंचा सकते हो। गुर्गा : शामली, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरियाणा के किसी भी जिले और दिल्ली कहीं भी पहुंचा देंगे।  एक लीटर पर बच रहे 23 रुपये हाल ही में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। शामली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल 91.95 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि माफिया 72 से 80 रुपये प्रति लीटर तक तेल बेच रहे हैं। यानी एक लीटर पर इन्हें 23 रुपये तक का मुनाफा हो रहा है। मिलावटी तेल के प्रयोग से वाहनों को यह होता है नुकसान कार मैकेनिक रिजवान और साजिद के अनुसार मिलावटी तेल के नुकसान 1. गाड़ी की स्वाभाविक आवाज बदल जाती है। 2. वाल्व कट सकते हैं 3. गाड़ी ज्यादा धुआं देती है 4. माइलेज कम हो जाता है 5. गाड़ी रुक-रुक कर चलती है 6. रिंग-पिस्टन खराब हो सकते हैं 7. इंजन सीज होने का खतरा रहता है 8. तेल की खपत बढ़ जाती है 9. जहरीला धुआं निकलता है