samacharsecretary.com

गर्म हवाओं से झुलसा मध्यप्रदेश, कई शहरों में तापमान 46 डिग्री के पार

 भोपाल राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने पूरे मध्य प्रदेश को भीषण गर्मी की चपेट में ले लिया है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री से ऊपर पहुंच गया, जिससे लोगों को तीखी लू का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव में सबसे अधिक 46 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक रहा। पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में तीखी लू, सिवनी में रात का तापमान 31.2 डिग्री रिकॉर्ड प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान 41.5 से 44 डिग्री के बीच रहा, जबकि पूर्वी इलाकों में तापमान 41.7 से 46 डिग्री तक पहुंच गया। दमोह में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। सिवनी में रात का तापमान 31.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा रहा। मौसम विज्ञानी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक है, वहां लू जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र ने जारी की चेतावनी: सतना-छतरपुर समेत कई जिलों में तीव्र ऊष्ण लहर का 'रेड अलर्ट' मौसम केंद्र ने जारी की चेतावनी सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तीव्र ऊष्ण लहर का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सागर, दमोह और शिवपुरी समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, जबलपुर और बालाघाट सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में) प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान     शहर – अधिकतम – न्यूनतम     भोपाल – 42.0 – 29.0     इंदौर – 40.4 – 26.3     ग्वालियर – 43.3 – 29.0     जबलपुर – 43.8 – 28.3 नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में

विगत दो दिन में 1 करोड़ 49 लाख रूपए से अधिक के अवैध मादक पदार्थ जब्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ 49 लाख रूपए से अधिक मूल्‍य के गांजा, ड्रग्‍स, स्‍मैक, डोडा चूरा जब्‍त किए हैं। साथ ही कफ सीरप एवं इंजेक्‍शन भी जब्‍त किए है। इंदौर : पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 05 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एमडी ड्रग्स एवं अवैध हथियार सहित लगभग 01 करोड़ रूपए की संपत्ति जब्‍त की। सीधी : जिले में ऑपरेशन “प्रहार 2.0” के तहत प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना कमर्जी पुलिस ने अवैध नशीली कफ सिरप तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 912 शीशी ऑनरेक्‍स कफ सीरप एवं बोलेरो वाहन सहित लगभग 11 लाख 88 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं थाना कोतवाली एवं जमोड़ी पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में 208 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप एवं एक आल्टो कार जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार थाना रामपुर नैकिन क्षेत्र में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप जप्त की है। मऊगंज : पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार-2.0’ के तहत लौर पुलिस ने खीरी ओवरब्रिज के पास से एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1200 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (आनरेक्स) जप्त की। अनूपपुर : जिले की चौकी सरई पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए 56 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रूपये है, जब्‍त किया है। शिवपुरी : थाना कोतवाली पुलिस ने स्मैक विक्रय करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 15.82 ग्राम स्मैक एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। श्योपुर : पुलिस ने कराहल थाना क्षेत्र में कार्यवाही करते हुए राजस्थान से स्मैक लेकर आ रहे चार तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 38.48 ग्राम स्मैक एवं तस्करी में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें सहित लगभग 5 लाख 35 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। गुना : जिले के कैंट थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए 28 किलो से अधिक का गांजा, बोलेरो कार एवं मोटर सायकिल सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं मृगवास थाना क्षेत्र में दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर 02 किलोग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इसी प्रकार धरनावदा थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्मैक तस्करों को गिरफ्तार कर अवैध स्‍मैक जब्‍त कर लगभग 1 लाख 95 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। जीआरपी भोपाल : जीआरपी भोपाल ने अवैध मादक पदार्थ के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 14 किलो 630 ग्राम गांजा कीमती लगभग 2 लाख 40 हजार जप्त कर गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। जबलपुर : पुलिस की क्राइम ब्रांच एवं थाना हनुमानताल पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीले इंजेक्शन एवं गांजा के अवैध कारोबार में लिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 125 नग नशीले इंजेक्शन, 430 ग्राम गांजा एवं 18 हजार नगद जप्त किए। मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।  

लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत, योगी सरकार ने बढ़ाया DA

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आज का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। बढ़ती महंगाई के बीच योगी सरकार ने राज्य कर्मियों को एक शानदार तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस बड़े फैसले के बाद अब राज्य कर्मियों का डीए 58 फीसदी से बढ़कर सीधे 60 फीसदी हो गया है। अपर मुख्य सचिव (ACS) वित्त, दीपक कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में बंपर इजाफा होगा, बल्कि उनके घर का मासिक बजट भी काफी मजबूत हो जाएगा। 16 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा सीधा फायदा वित्त विभाग द्वारा जारी इस आदेश का लाभ उत्तर प्रदेश के करीब 16 लाख सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और लाखों पेंशनर्स को मिलेगा। इस फैसले से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ जरूर बढ़ेगा, लेकिन कर्मचारियों को महंगाई के इस दौर में बहुत बड़ी राहत मिलेगी। सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? समझिए इसका पूरा कैलकुलेशन महंगाई भत्ते की गणना हमेशा कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर की जाती है। आइए एक उदाहरण से समझते हैं कि इस 2% की बढ़ोतरी से आपकी जेब में कितने रुपये बढ़ेंगे: मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹35,000 है। 58% डीए के हिसाब से उस पहले ₹20,300 मिलते थे। अब 60% डीए के हिसाब से ₹21,000 मिलेंगे। इस हिसाब से हर महीने इसकी सैलरी में ₹700 का सीधा फायदा होगा। (इसके साथ ही जनवरी से लेकर अप्रैल तक का मोटा एरियर भी खाते में एक साथ आएगा)। इसी तरह, जिन वरिष्ठ अधिकारियों की बेसिक सैलरी ₹1 लाख या उससे अधिक है, उनकी मासिक तनख्वाह में ₹2,000 से लेकर ₹5,000 तक की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।  

‘अनुपमा’ की मोटी बा अलका कौशल जेल जा चुकी हैं, चेक बाउंस केस से जुड़ा मामला

अनुपमा टेलीविजन के लोकप्रिय शोज में से एक है. पिछले कुछ महीनों में अनुपमा में कई नए किरदारों की एंट्री हुई है. पिछले साल सीरियल में एक्ट्रेस अलका कौशल मोटी बा बनकर आई हैं. अनुपमा में अलका एक विलेन का रोल प्ले कर रही हैं, जिन्हें उनके किरदार के लिए दर्शकों की नफरत भी झेलनी पड़ रही है. पर क्या आप जानते हैं कि अनुपमा को मुश्किल में डालने वाली मोटी बा रियल लाइफ में जेल जा चुकी हैं. चलिए जानते हैं कि पूरा विवाद है क्या. जेल जा चुकी हैं अलका ये विवाद 2015 से 2017 के बीच का है. अलका ने अपनी मां सुशीला बडोला के साथ मिलकर एक सीरियल बनाने का प्लान तैयार किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीरियल बनाने के लिए एक्ट्रेस ने पंजाब के संगरूर जिले के अवतार सिंह नाम के किसान से 50 लाख रुपये उधार लिए थे. जब अवतार सिंह ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अलका और उनकी मां ने 25 लाख के दो चेक दे दिए. किसान ने जब उन चेक को बैंक में जमा किया, तो वो बाउंस हो गए. चेक बाउंस होने के बाद अवतार सिंह ने 2015 में अलका सिंह और उनकी मां के खिलाफ मलेरकोटला की स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने एक्ट्रेस और उनकी मां के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया. सुनवाई के दौरान अदालत ने मां-बेटी को दोषी पाया. मामले में दोनों को दो साल कैद की सजा सुनाई गई. इसके बाद अलका और उनकी मां ने संगरूर कोर्ट में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की. 2017 में संगरूर कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया. फिर अलका को तुरंत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया. हालांकि, कुछ महीने जेल में बिताने के बाद अलका और उनकी मां 2018 में जमानत पर रिहा हो गई थीं. जेल से बाहर निकलने के बाद अलका ने फिर से अपने अभिनय पर फोकस किया और आज वो मनोरंजनजगत में खूब नाम चुकी हैं. अनुपमा से पहले अलका टेलीविजन पर कुबूल है, कुमकुम, स्वरागिनी, संतोषी मां, ये रिश्ता क्या कहलाता है और नजर जैसे तमाम शोज में काम कर चुकी हैं. टीवी सीरियल के अलावा उन्होंने क्वीन और बजरंगी भाईजान जैसी मूवीज में भी काम किया है.

चिड़ियाघर प्रशासन लगाएगा सेल्फ सर्विस कियोस्क, टिकटिंग होगी आसान

नई दिल्ली चिड़ियाघर घूमने परिवार या दोस्तों के साथ पहुंचने वाले विजिटर्स के लिए अब टिकट खरीदना आसान होने जा रहा है। अगर किसी ने पहले से ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कराई है और मौके पर मोबाइल इंटरनेट स्लो चल रहा है, तब भी अब परेशानी नहीं होगी। चिड़ियाघर प्रशासन विजिटर्स की सुविधा के लिए सेल्फ सर्विस टिकेटिंग कियोस्क (SSTK) सिस्टम शुरू करने जा रहा है। इसके जरिए लोग बाजार में सामान खरीदने की तरह आसानी से UPI पेमेंट कर टिकट ले सकेंगे। शुरुआत में टिकट काउंटर परिसर में 4 कियोस्क लगाए जाएंगे। ऐसे काम करेगा सिस्टम विजिटर्स सीधे कियोस्क पर जाकर स्क्रीन में अपना नाम, मोबाइल नंबर और टिकटों की संख्या भरेंगे। इसके बाद UPI से पेमेंट करते ही कुछ ही सेकंड में टिकट मोबाइल पर आ जाएगी। साथ ही पेपर टिकट भी मिलेगी। चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने बताया कि इस सिस्टम के लिए अलग इंटरनेट डोमेन की व्यवस्था की गई है। इससे इंटरनेट स्लो होने या वेबसाइट हैंग होने की समस्या से काफी राहत मिलेगी। ऑनलाइन टिकटिंग में स्लो इंटरनेट और रिजेक्शन से बढ़ रही परेशानी     अभी हालात यह है कि बिना ऑनलाइन टिकट बुकिंग के चिड़ियाघर पहुंचने वालों की एंट्री गेट के बाहर हर दिन लंबी लाइन लग जाती है।     लोगों को ऑनलाइन टिकट फॉर्म भरना पड़ता है।     इंटरनेट स्लो होने या प्रोसेस आगे नहीं बढ़ने पर दोबारा लॉगइन करना पड़ता है।     इसके लिए मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड भरना होता है।     अगर कैप्चा गलत हो जाए तो पूरी प्रक्रिया फिर से करनी पड़ती है।     इसके बाद पेमेंट के दौरान भी इंटरनेट स्लो होने या वेबसाइट पर ज्यादा लोड की वजह से वेबसाइट हैंग होने की शिकायत रहती है।     कई बार पेमेंट होने के बाद भी टिकट रिजेक्ट होने का खतरा बना रहता है।     हर दिन 20 प्रतिशत से ज्यादा टिकट रिजेक्शन के मामले सामने आ रहे थे।

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: लाखों परिवारों को मिलेगा राशन कार्ड, नई आय सीमा तय

 नई दिल्ली  दिल्ली में अब राशन कार्ड के लिए आय की सीमा सरकार ने बढ़ा दी है। इसकी घोषणा बृहस्पतिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेसवार्ता में की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कुछ समय पहले राशन कार्ड के लिए परिवार की आय की शर्त वार्षिक एक लाख से बढ़ाकर 1.20 लाख की गई थी। अब इसे बढ़ाकर ढाई लाख करने की तैयारी है। उन्होंने राशन कार्ड के लिए आय की सीमा ढाई लाख रुपये करने के लिए मंत्रिमंडल में चर्चा हो चुकी है। मंत्रिमंडल की बैठक में इसे स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 13 वर्षों से दिल्ली की लाखों गरीब नागरिक राशन कार्ड बनाने के लिए अधिकारियों और नेताओं के चक्कर काटते रहे। लेकिन राशन कार्ड नहीं बनाए गए। 7.72 अपात्र लोगों के नाम योजना से काटे दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री की अंत्योदय योजना के अंतर्गत सभी पात्र लोगों को राशन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में राशन कार्ड धारकों का आडिट किया गया। इसमें 1.44 लाख धारक आय की शर्त में नहीं आते थे। 35 हजार ने कभी राशन नहीं लिया। 19 हजार मृत मिले। ऑडिट में सात लाख 72 हजार से अधिक अपात्र राशन कार्ड धारक मिले। इनका नाम हटाया गया है। अब इनकी जगह नए पात्र लोगों के राशन कार्ड बनेंगे। पोर्टल पर नए राशन कार्ड के लिए आवेदन शुरू 15 मई से पोर्टल पर आवेदन शुरू हो गया है। आवेदन से लेकर राशन देने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल है। इससे लाभार्थी को पूरा राशन मिलेगा। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न सुरक्षा नियम 2026 लागू किया गया है। कोई भी व्यक्ति अपने घर के नजदीक आवेदन कर सकता है। पिछले 13 वर्षों में 3.72 लाख आवेदन किए गए लेकिन राशन कार्ड नहीं बने। अब इन्हें भी नए ट्रैक से आवेदन करना होगा। आय प्रमाण पत्र पहले स्वयं घोषित कर देता था जिससे अनियमितता का खतरा।

भीषण गर्मी से तप रही दिल्ली, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी ने बुधवार को 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो लगभग 14 वर्षों में मई महीने की सबसे गर्म रात रही। आईएमडी ने बताया कि इससे अधिक न्यूनतम तापमान आखिरी बार 26 मई, 2012 को था, जब न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, गर्म रात तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहता है। मौसम केंद्रों में, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के सामान्य तापमान से 5.2 डिग्री अधिक है, इसके बाद रिज में 30.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 4.4 डिग्री अधिक है। पालम में तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक था, लोदी रोड पर 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक था, और आयानगर में 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक था। दिल्ली में अगले 3 दिन मौसम कैसा रहेगा शहर में 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है और मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में लू चलने का पूर्वानुमान लगाया है। फिलहाल इस सप्ताह बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है। दिल्ली में बारिश कब होगी? दिल्ली में 25 मई तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। 25 मई के बाद हल्की बारिश और आंधी के आसार हैं। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। फिलहाल दिल्ली में तापमान में बढ़ोतरी ही देखने को मिलेगी। दिल्ली में मानसून कब तक आएगा     दिल्ली में पिछले वर्षों के ट्रेंड देखें तो मानसून की शुरुआत 27 जून से 30 जून के बीच ही होती है।     उत्तर भारत और राजधानी दिल्ली में बारिश का मुख्य दौर जून के आखिरी सप्ताह में ही शुरू होने की संभावना है।     वहीं,आईएमडी के अनुसार मानसून केरल में जल्दी दस्तक दे सकता है। दिल्ली में प्रदूषण का हाल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 153 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में था। सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'अत्यंत खराब' और 401 से 500 'गंभीर' माना जाता है।  

रांची में वन मेला, स्थानीय उत्पाद और आदिवासी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

रांची  झारखंड की जैव विविधता को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान मिला हुआ है। देश और दुनिया को इसके संरक्षण प्रयास और इसमें हुई वृद्धि से परिचित कराने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग अक्टूबर में राष्ट्रीय स्तर पर मेला का आयोजन कर रहा है। दुनिया भर के पर्यावरणविद, आदिवासी अर्थव्यवस्था पर काम करने वाले लोगों को झारखंड की वन संपदा और इससे जुड़े आजीविका के प्रयासों से परिचित कराया जाएगा। मेले में लगने वाले स्टाल में राज्य के वनवासी क्षेत्र में रहने वाले युवा और उद्यमी अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे। वन मेला में वेलनेस उत्पादों में हुए नवाचार को भी दिखाया जाएगा। राज्य में वनोत्पाद से होने वाला कारोबार करीब 1500 करोड़ रुपए का है। राष्ट्रीय वन मेला के जरिए इसके अंतर्राष्ट्रीय चेन को विकसित कर करीब 3000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य बनाया जाएगा एक ही जगह तुलसी-आंवला से लेकर महुआ और करंज तक के उत्पाद होंगे वन मेला में लघु वन उपज और इसके औषधीय महत्व को दिखाने वाले स्टाल होंगे। एक ही जगह लोगों को सौंदर्य प्रसाधन से लेकर स्वास्थ्य में उपयोगी शहद भी मिलेगा। मेले में आने वाले विशेषज्ञों का अलग से सत्र भी होगा, जिसमें युवाओं को उत्पाद बनाने और इसकी मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा हरित उद्योग को बढ़ावा देने और इसमें युवा के साथ महिलाओं की खास भागीदारी की योजना पर मेले में प्रदर्शनी लगाई जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया के मेले का मुख्य उद्देश्य ही ग्रामीणों और वनवासियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और उनकी आमदनी बढ़ाना है। बाहर के उद्यमी और स्टार्टअप को प्रोत्साहन राष्ट्रीय वन मेले में स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने वाले बैंक, वित्तीय संस्थाओं को भी आमंत्रित किया गया है। इसमें वनोत्पाद पर काम करने वाले राज्य से बाहर के उद्यमियों को भी बुलाया गया है। राज्य में वनोत्पाद के क्षेत्र में रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था के नए स्रोत बनाने के लिए मेले में राज्य सरकार की तैयारियां भी दिखाई जाएंगी।  

एडीए बोर्ड बैठक: जूता मंडी और ग्रेटर आगरा में तय हुई नई दरें, बड़े फैसले पास

आगरा आगरा विकास प्राधिकरण की 152वीं बोर्ड बैठक में बुधवार को ग्रेटर आगरा और जूता मंडी में भूमि की दरों पर मुहर लगाई गई। ग्रेटर आगरा में आवासीय भूखंड 33 हजार रुपये और जूता मंडी में भूतल पर 78 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मिल सकेंगे। इसके अलावा एडीए की सीमा में 98 नए गांवों को भी शामिल किया जाने का फैसला हुआ। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में एडीए बोर्ड बैठक में बुधवार को कई अहम फैसले हुए। ग्रेटर आगरा और जूता मंडी के अलावा ताजनगरी फेज-2 के जर्जर ईडब्ल्यूएस आवासों को गिराने और आवंटियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का निर्णय हुआ। वहीं, इनर रिंग रोड के टोल प्लाजा को मानसून से पहले चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में शहर के विकास, सीमा विस्तार और नई योजनाओं को लेकर कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गए।   बैठक में हुए यह निर्णय….. ग्राम रायपुर-रहनकलां में प्रस्तावित ग्रेटर आगरा योजना में आवासीय भूखंड (प्लॉट) की दर 33 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर होगी। वहीं, ग्रुप हाउसिंग के लिए यह दर आवासीय से डेढ़ गुना लगभग 50 हजार और व्यावसायिक भूखंडों के लिए 66 हजार रुपये वर्ग मीटर होगी। सार्वजनिक सुविधाओं वाले भूखंड आवासीय दर पर ही मिलेंगे। ताजनगरी फेज-2 में प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दुर्बल आय वर्ग के भवनों को गिराया जाएगा। आईआईटी रुड़की और पीडब्ल्यूडी की जांच में इन भवनों को जर्जर और खतरनाक घोषित किया गया है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि यहां रहने वाले आवंटियों की सहमति लेकर उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए और उसके बाद इन जर्जर इमारतों को ध्वस्त कर यहां नई प्लानिंग की जाए। 98 गांव होंगे शामिल, 21 किए जाएंगे बाहर: प्राधिकरण के विकास क्षेत्र का दायरा अब और बढ़ जाएगा। एडीए की सीमा में 98 नए गांवों को शामिल करने के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। वहीं, पहले से अधिसूचित 19 पूरे गांव और 2 आंशिक गांवों को एडीए की सीमा से बाहर किया जाएगा। – मौजा पट्टी पचगई में पीपीपी मॉडल पर एक इंटरनेशनल इंडोर स्टेडियम बनाया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। – खेरिया मोड़ के पास खाली पड़ी नजूल की जमीन को कब्जे में लेकर उसकी बाउंड्री कराई जाएगी। खेल विभाग के साथ मिलकर इसका इस्तेमाल खेल गतिविधियों के लिए होगा। – ककुआ-भांडई आवासीय योजना में कन्वेंशन सेंटर बनाने के लिए एजेंसी से अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है। बोर्ड सदस्यों ने दिए ये सुझाव – बैठक में बोर्ड सदस्य शिवशंकर शर्मा और नागेंद्र दुबे गामा ने कई जनहित के मुद्दे उठाए। प्राधिकरण में नक्शा (मानचित्र) आवेदन के बाद हर हाल में एक महीने के भीतर उसका निस्तारण किया जाए। – ऐसी कॉलोनियां जो सहकारी आवास समितियों ने पास कराई थीं, लेकिन अब समितियां वजूद में नहीं हैं, उनका सर्वे कर उन्हें नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। – पुराने शहर में एएसआई संरक्षित स्मारकों से 100 मीटर के बाहर एनओसी की बाध्यता खत्म करने के मुद्दे पर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मानसून से पहले शुरू होगा टोल प्लाजा मंडलायुक्त ने इनर रिंग रोड के दूसरे चरण में बन रहे नए टोल प्लाजा की भी समीक्षा की। इसका 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। उन्होंने एनएचएआई से एमओयू कर बारिश से पहले हर हाल में गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मौली, सचिव संजय कुमार, मुख्य अभियंता संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।  

दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री घोटालों पर कार्रवाई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

पटना  बिहार में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े, दाखिल-खारिज में गड़बड़ी और अंचल कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार पर अब सरकार सख्त हो गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पहली बार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अधीन एक विशेष सेल का गठन किया है, जो जमीन विवाद, फर्जी दस्तावेज, अवैध रजिस्ट्री और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच करेगा। इस फैसले के बाद जमीन माफियाओं और बिचौलियों में हड़कंप मचा हुआ है। अब सीधे होगी जांच और कार्रवाई सरकार की ओर से बनाए गए इस विशेष सेल में DSP से लेकर इंस्पेक्टर, SI और ASI स्तर तक के अधिकारियों की तैनाती की गई है। यानी यह टीम सिर्फ शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मौके पर जांच, छापेमारी और कानूनी कार्रवाई भी करेगी। बताया जा रहा है कि कई जिलों में सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री, फर्जी जमाबंदी और गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं मामलों को देखते हुए सरकार ने यह सख्त फैसला लिया है। अंचल कार्यालयों में फैली घूसखोरी पर शिकंजा राज्य में लंबे समय से लोगों की शिकायत रही है कि जमीन की रजिस्ट्री, म्यूटेशन, रसीद कटाने और दाखिल-खारिज के लिए कार्यालयों में रिश्वत देनी पड़ती है। कई जगह बिचौलियों का नेटवर्क भी सक्रिय बताया जाता रहा है। अब सरकार का दावा है कि नए सेल की निगरानी से ऐसे मामलों पर लगाम लगेगी। भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। यह विशेष सेल आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU के अधीन काम करेगा। EOU पहले से ही आर्थिक अपराध और बड़े घोटालों की जांच के लिए जानी जाती है। ऐसे में जमीन से जुड़े मामलों में भी तकनीकी जांच और डिजिटल निगरानी को मजबूत किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह और जमीन कब्जाने वाले नेटवर्क का खुलासा आसान होगा। साथ ही लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आ सकती है। आम लोगों को मिल सकती है बड़ी राहत सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा आम लोगों को मिलेगा। खासकर वे लोग जो जमीन के कागजात, दाखिल-खारिज या रजिस्ट्री को लेकर महीनों दफ्तरों के चक्कर लगाते हैं। नई निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद पारदर्शिता बढ़ने और भ्रष्टाचार कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। अब देखना होगा कि सरकार का यह बड़ा कदम जमीन माफियाओं और भ्रष्ट नेटवर्क पर कितना असर डाल पाता है।