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राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस जांच में अंधविश्वास पर जताई नाराजगी, अफसर बदला

नागौर  आज के आधुनिक दौर में भी क्या पुलिस किसी चोर को पकड़ने के लिए तांत्रिकों और अंधविश्वास का सहारा ले सकती है? आपका जवाब होगा- बिल्कुल नहीं. लेकिन राजस्थान के नागौर जिले में ऐसा ही एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया है. यहां चोरी की वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस खुद पीड़ित परिवार को लेकर एक तांत्रिक (भोपी) के पास पहुंच गई और उसके इशारे पर जांच भी शुरू कर दी. इस मामले पर अब राजस्थान हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने साफ लफ्जों में कहा है कि देश का कानून अंधविश्वास से नहीं चलता और जांच केवल वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए. क्या है यह पूरा मामला? यह अजीबो-गरीब मामला नागौर जिले के श्री बालाजी थाने का है. याचिकाकर्ता खेमी देवी ने जोधपुर हाईकोर्ट में जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी. खेमी देवी ने बताया कि इसी साल 7 मार्च 2026 को उनके घर में एक बड़ी चोरी हुई थी, जिसमें चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने और मोटी नकदी साफ कर दी थी. पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन जांच का जिम्मा जिस हेड कांस्टेबल रतिराम को सौंपा गया, उनके काम करने का तरीका बड़ा अनोखा था. जब सबूत नहीं मिले, तो 'भोपी' के दरबार में ले गई पुलिस याचिका में पुलिस पर आरोप लगाया गया है कि जब काफी दिनों तक चोरी का कोई सुराग नहीं लगा, तो जांच अधिकारी रतिराम ने खुद पीड़ित महिला और गांव के कुछ लोगों को एक तरकीब सुझाई. उन्होंने कहा कि अलवर में एक बैठती है, जो सब सच बता देती है. हद तो तब हो गई जब हेड कांस्टेबल खुद इन लोगों को लेकर अलवर पहुंच गया. वहां उस भोपी ने बिना किसी सबूत के परिवादिया की बहू के पिता मोहनराम का नाम ले दिया और कहा कि चोरी इसी ने की है. इसके बाद पुलिस ने असली चोर को ढूंढने के बजाय मोहनराम को ही आरोपी मानकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. कोर्ट में सरकारी वकील ने भी माना सच खेमी देवी की तरफ से पैरवी कर रहे वकील मनोहर सिंह राठौड़ ने हाईकोर्ट को बताया कि भारतीय कानून में कहीं भी किसी तांत्रिक या भोपी के कहने पर जांच आगे बढ़ाने का कोई नियम नहीं है. हैरान करने वाली बात तब हुई, जब कोर्ट रूम में मौजूद सरकारी वकील ने भी इस बात को स्वीकार किया कि हां, जांच अधिकारी सचमुच अलवर में उस भोपी के ठिकाने पर गया था. हाईकोर्ट ने बदल दिया जांच अफसर इस पूरे अंधविश्वास के खेल को सुनकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई. कोर्ट ने माना कि इस तरीके से कभी भी निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती. जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की कोर्ट ने नागौर के पुलिस अधीक्षक को तुरंत आदेश जारी किया है कि इस मामले की जांच वर्तमान हेड कांस्टेबल से तुरंत वापस ली जाए. इस केस की डायरी को श्री बालाजी थाने से हटाकर किसी दूसरे थाने में ट्रांसफर किया जाए. अब इस चोरी के मामले की जांच किसी सब इंस्पेक्टर लेवल के अधिकारी से करवाई जाए, जो अगले 15 दिनों में अपनी जांच शुरू करे.

डिजिटल ट्रांसफर सिस्टम लागू, 6884 पुलिसकर्मियों को मिली मनपसंद पोस्टिंग

 करनाल  हरियाणा पुलिस में पहली बार बिना किसी सिफारिश के 6884 सिपाहियों जनरल ड्यूटी (महिला व पुरुष) के आनलाइन तबादले किए गए हैंं। इनमें 5098 पुरुष जवान शामिल हैं और 1786 महिला सिपाही शामिल हैं। खास बात ये है कि सिपाहियों द्वारा पोर्टल पर आनलाइन भरे गए विकल्पों के तहत ही मैरिट के आधार पर जवानों को मनपसंद स्टेशन अलाट किए गए हैं। आनलाइन तबादला प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का मानवीय दखल नहीं दिया गया है, बल्कि पूरा काम आनलाइन ही साफ्टवेयर के माध्यम से हुआ है। पुलिस मुख्यालय की ओर से मार्च माह में इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। 2 मार्च से 20 मार्च के बीच जवानों से आनलाइन ही जिलों के विकल्प मांगे गए थे। इनमें पुलिस प्रशिक्षण पूरा कर चुके महिला व पुरुष सिपाहियों ने भाग लिया। अब पोर्टल पर भरे गए विकल्पों के आधार पर ही साफ्टवेयर के माध्यम से जवानों को जिले अलाट किए गए हैं। संबंधित जिलों में खाली सीटों के आधार पर जिले अलाट किए गए हैं। जवानों को जल्द रिलीव कराने के आदेश डीजीपी अजय सिंहल की ओर से सभी पुलिस आयुक्त, एसपी, डीसीपी, एचएपी के कमांडेंट समेत एडीजीपी और एचएपी के निदेशक समेत अन्य अधिकारियों को लिखित में आदेश दिए हैं कि तबादला किए गए जवानों को जल्द ही रिलीव किया जाए, ताकि वे अपने नए स्टेशनों पर ज्वाइन कर सकें। इससे पहले, पुलिस में नए जवानों को मनचाहे स्टेशन के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। पुलिस का बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सिपाहियों को खाली सीटों के आधार पर स्टेशन अलाट किए जाते थे। ऐसे में काफी संख्या में जवानों को अपने पैतृक जिलों से 200 से 300 किलोमीटर तक दूरी के स्टेशन मिलते थे। इसके अलावा, खासतौर पर राजनीतिक लोगों की सिफारिशों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सिफारिशों से तबादले होते थे।लेकिन एक साथ में तबादले पहली बार हैं। अगर तबादले होते भी थे तो वे बड़े छोटे स्तर पर होते थे। लेकिन जवानों को राहत देते हुए पुलिस मुख्यालय ने पहली बार ये बड़ा फैसला लिया है। इससे जवानों को बड़ी राहत मिली है और वे अपने पैतृक जिलों के आसपास पहुंच गए हैं। आइआरबी के जवान कर रहे लंबे समय से इंतजार इधर, आइआरबी के 2500 सरकार के आदेश होने के बावजूद तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंत्रिमंडल की मंजूरी भी हो चुकी है और बकायदा नोटिफिकेशन भी हो चुका है, लेकिन अभी तक आइआरबी के जवानों को जिला पुलिस में तबादले की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसको लेकर आरआरबी के जवान कई बार मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक से मिलकर मांग कर चुके हैं। गौर हो कि मनोहर लाल सरकार ने 2024 में फैसला लिया था कि आइआरबी में 15 साल पूरे कर चुके जवानों को जिला पुलिस में बदला जा सकेगा।

BCCI चिंतित: रोहित शर्मा को फिटनेस टेस्ट पास करना होगा

 नई दिल्ली  भारत के दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर बड़ी समस्या सामने आ रही है। उनकी फिटनेस की वजह से वर्ल्ड कप 2027 में खेलना भी सवालों के घेरे में है। रोहित आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में चोटिल हुए थे और कुछ मुकाबले में नहीं खेल सके थे। इसके बाद वे इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेल रहे हैं, जिससे उनकी फिटनेस को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। रोहित को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की वनडे सीरीज में जगह मिली है। उन्हें भारतीय टीम में चुना गया है लेकिन उनका खेलना पक्का नहीं है क्योंकि उन्हें पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। उनके लगातार चोटिल होने की वजह से वर्ल्ड कप 2027 में खेलने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भी शर्मा की फिटनेस को लेकर चिंतित है। रोहित शर्मा की फिटने से BCCI चिंतित टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, रोहित उन तीन हफ्तों के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलें में नहीं आए। उनका शरीर पहले से पतला हुआ है लेकिन इस बात को लेकर चिंता है कि क्या वे 50 ओवर तक फील्डिंग कर सकते हैं। उन्हें 50 ओवर फील्डिंग करनी होगी क्योंकि आईपीएल की तरह यहां पर इम्पैक्ट प्लेयर का नियम नहीं होता है। जब आप 40 के करीब होते हैं, तो शरीर ठीक होने में समय लगता है। यशस्वी जायसवाल हो सकते हैं बैकअप ओपनर रोहित अगर पूरी तरह से फिट नहीं होते हैं, तो यशस्वी जायसवाल को मौका मिल सकता है। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में ईशान किशन को इस वजह से चुना गया है ताकि वे सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा सकें। हालांकि, अगर रोहित के विश्व कप में खेलने पर संशय हुआ, तो जायसवाल उनकी जगह पारी की शुरुआत कर सकते हैं। उन्हें बैकअप ओपनर के तौर पर चयनकर्ताओं ने तैयार करना शुरू भी कर दिया है। रोहित से खुश नहीं टीम मैनेजमेंट रिपोर्ट में बताया गया है कि रोहित से टीम मैनेजमेंट खुश नहीं है। रोहित ने 2023 विश्व कप में आक्रामक अंदाज में शुरुआत की थी। वे पहली ही गेंद पर अटैक करने को देखते हैं। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने, जब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में बैटिंग की, तो उनकी बल्लेबाजी में वो आक्रामक रुख नहीं दिखा। उनके आक्रामक शैली नहीं अपनाने की वजह से मैनेजमेंट नाराज है।  

धनबाद में अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस-ग्रामीणों में बहस

धनबाद धनबाद जिले के रामकनाली ओपी क्षेत्र स्थित केशलपुर में अवैध कोयला खनन को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की मुखिया प्रेमलता कुमारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर अवैध खनन स्थल पहुंच गए और वहां चल रहे अवैध कारोबार का विरोध किया। लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में धड़ल्ले से अवैध कोयला खनन किया जा रहा है, जिससे गांव वालों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। ग्रामीण जब अवैध मुहाने पर पहुंचे तो वहां बड़ी मात्रा में बोरे में भरा कोयला जमा मिला। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से यहां चोरी-छिपे जमीन के नीचे से कोयला निकाला जा रहा था। लोगों ने मौके पर पहुंचकर विरोध शुरू कर दिया और अवैध खनन बंद कराने की मांग की। दहशत के लिए कि गई बमबाजी ग्रामीणों के विरोध से अवैध कोयला कारोबारियों में हड़कंप मच गया। आरोप है कि दहशत फैलाने के लिए वहां बमबाजी की गई। बम फटने की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद ग्रामीण और ज्यादा आक्रोशित हो गए। गुस्साए लोगों ने मजदूरों को लाने-ले जाने वाली एक ऑटो में तोड़फोड़ कर दी। कहीं टंडाबाड़ी जैसी घटना यहां भी न हो जाए ग्रामीणों ने कहा कि अवैध खनन की वजह से इलाके में भू-धंसान का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना था कि जिस तरह जमीन के नीचे से लगातार कोयला निकाला जा रहा है, उससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने सोनारडीह के टंडाबाड़ी इलाके का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जैसी स्थिति यहां भी बन सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते अवैध खनन नहीं रुका तो गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई बहस गुस्साए ग्रामीण अवैध मुहाना बंद कराने की मांग को लेकर रामकनाली ओपी पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई। कुछ देर तक ओपी परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। मामले की जानकारी मिलने पर ओपी प्रभारी अलीशा कुमारी मौके पर पहुंचीं और लोगों को शांत कराया। ग्रामीणों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अवैध उत्खनन पर रोक लगवा दी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ कार्रवाई का भरोसा नहीं, बल्कि इलाके में स्थायी रूप से अवैध खनन बंद होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

नाथनगर से गायब पांच बच्चियों का सुराग, पटना में मिलीं सभी

भागलपुर  भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक गांव में बीती रात करीब 10:00 बजे एक साथ पांच बच्चियों के लापता होने की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है, वहीं पुलिस प्रशासन इस गंभीर घटना की गंभीरता को देखते हुए हरसंभव प्रयास में जुट गया है। हालांकि अभी-अभी जानकारी मिली है के पांचों बच्चियों को खोज लिया गया है। पटना भागलपुर और रेलवे पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। एसएसपी ने गठित की 10 सदस्यीय एसआईटी टीम सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी और डीएसपी टू राकेश कुमार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। टीम पूरे जिले में सक्रिय हो गई है और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बरारी घाट, सबौर घाट सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। एसएसपी ने कहा कि गुमशुदा बच्चियों के बारे में सूचना देने वाले को 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। साइबर सेल और डॉग स्क्वायड को भी खोज कार्य में लगाया गया है। गायब हुई बच्चियों के नाम और उम्र लालूचक गांव निवासी पांचों बच्चियों में शामिल हैं:     आनंदी मंडल की बेटी श्वेता कुमारी     भोला मंडल की बेटी गंगा कुमारी     दिनेश कुमार दनकर की बेटी तेजस्वी कुमारी     घोलटी मंडल की बेटी पल्लवी     मंगली देवी की बेटी सोनम कुमारी सभी बच्चियों की उम्र 8 से 12 वर्ष के बीच है। मांओं की हताशा और पुलिस पर नाराजगी बच्चियों की मांएं रात को थाने पहुंचीं, लेकिन पुलिस पदाधिकारी ने उन्हें फटकारते हुए कहा कि “सुबह 10 बजे आना”। इससे ग्रामीणों और परिजनों में गहरा आक्रोश है। आनंदी मंडल की पत्नी शोभा देवी ने बताया कि उनकी बेटी श्वेता रात 8 बजे पल्लवी के बुलाने पर गई थी। रात 9 बजे वह घर आई और पढ़ाई करने बैठी, लेकिन करीब 10:30 बजे अचानक गायब हो गई। चार घंटे खोजने के बाद उन्होंने रात 2 बजे थाने पहुंचकर मदद मांगी, लेकिन पुलिस ने संवेदना दिखाने की बजाय फटकार दी। दूसरी मां की व्यथा पल्लवी की मां रानी देवी ने बताया कि बेटी अपने घर में सो रही थी, लेकिन रात 10 बजे किसी ने बताया कि वह अन्य लड़कियों के साथ कहीं जा रही है। सभी प्रयास करने के बावजूद बच्चियों का कोई पता नहीं चला। तीसरी मां की चिंता तेजस्वी की मां रीना देवी और सोनम की मां मंगली देवी ने बताया कि बच्चियां रात 10 बजे अचानक गायब हो गईं। थाने पहुंचने पर उन्हें सिर्फ यही कहा गया कि “सुबह 10 बजे आना”। एसआईटी टीम की कार्रवाई डीएसपी टू राकेश कुमार ने बताया कि बच्चियों को खोजने के लिए युद्ध स्तर पर टीम काम कर रही है, जिले भर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में एक फुटेज में बच्चियों को ऑटो पर जाते हुए देखा गया। ग्रामीणों में बढ़ती चिंता और संभावित मानव तस्करी की आशंका स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की घटनाएं पहले कभी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि यह मानव तस्करी का मामला भी हो सकता है, इसलिए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। इलाके में सनसनी भागलपुर जिले में नाथनगर के लालूचक गांव से पांच बच्चियों की एक साथ गायब होने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस प्रशासन ने विशेष जांच दल, साइबर सेल और डॉग स्क्वायड के जरिए तलाश शुरू कर दी है। इनाम की घोषणा के बावजूद परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर चिंतित हैं और पुलिस से जल्द कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। हालांकि अभी-अभी जानकारी मिली है कि पटना में इन पांचों लड़कियों को बरामद कर लिया गया है। पटना रेल पुलिस इन लड़कियों से अभी पूछताछ कर रही है। वे भागलपुर पुलिस के संपर्क में है।  

चाईबासा में नक्सल मोर्चे पर बड़ा झटका, इनामी नक्सलियों समेत कई ने किया आत्मसमर्पण

रांची  झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति एवं पुनर्वास नीति के तहत राज्य पुलिस को नक्सलियों के सरेंडर कराने में बड़ी सफलता मिली है। राज्य में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इसमें इनामी से लेकर कैडर पुरुष और महिला नक्सली है। नक्सलियों को सरेंडर कराने में चाईबासा एसपी अमित रेणु, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, मैगजीन पुलिस को सौंपे आत्मसमर्पण के साथ ही नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, मैगजीन और हजारों राउंड जिंदा कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं। जिनमें एक इंसास एलएमजी, पांच इंसास राइफल, नौ एसएलआर, एक बोल्ट एक्शन रायफल और एक पिस्टल शामिल है। इसके अलावा 31 मैगजीन और 2987 राउंड कारतूस भी इन नक्सलियों के द्वारा पुलिस को सौंपे गए है। इन-इन नक्सलियों ने किया है झारखंड पुलिस के समक्ष सरेंडर 1. सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल उर्फ श्याम लाल अंगारिया उम्र 50 वर्ष पे० स्व० डागुर आंगरिया सा० सांगाजाटा थाना-गोइलकेरा जिला-प० सिंहभूम चाईबासा। 2. गादी मुण्डा उर्फ गुलशन करीब 34 वर्ष पे० सोमरा मुण्डा सा० बारूहातू थाना बुण्डू जिला रांची। 3. नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया उर्फ पराउ उम्र 50 वर्ष पे० स्व० सांड मुण्डा उर्फ मंगल सिहं मुण्डा सा० हरादलामा, टोला कोचा टोला, थाना-अड़की, जिला-खुटी। 4. रेखा मुण्डा उर्फ जयंती, उम्र 40 वर्ष पे० स्व० दलगोविंद सिंह मुण्डा सा० बारूहातू, थाना-बुण्डू, जिला-रांची। 5. दर्शन उर्फ बिज हांसदा उम्र करीब 36 वर्ष पे० सुरनिया हांसदा सा० हातनाबुरू थाना- छोटानगरा जिला प० सिंहभूम । 6. सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा उर्फ चंबरा उम्र करीब 28 वर्ष पे० स्व: जूनू हांसदा सा० हातनाबुरू थाना छोटानगरा जिला प० सिंहभूम। 7. बैजनाथ मुण्डा उम्र करीब 28 वर्ष पे० दुर्गा मुण्डा सा० हरबागढ़, थाना तमाड़ जिला रांची। 8. बासुमती जेराई उर्फ बासू उर्फ सरस्वती उम्र करीब 20 वर्ष पे० पियूश जेराई सा० धारनादिरी, थाना किरीबुरू, जिला-प० सिंहभूम चाईबासा। 9. रघु कायम उर्फ गुणा उम्र करीब 27 वर्ष पे० गोलटा कायम सा० गिंडुंग थाना मुफ‌सिल प० सिंहभूम। 10. किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका उम्र करीब 20 वर्ष पे० स्व० दिगम सिरका सा० कादालसोकवा, थाना टोंटो जिला-प०सिंहभूम चाईबासा । 11. राम दयाल मुण्डा पे० उम्र करीब 22 वर्ष रमाय मुण्डा सा० हारबा, थाना तमाड़ रांची। 12. करण उर्फ डांगुर तियू पे० फाडू तियू उम्र करीब 30 वर्ष सा०संगाजाटा, थाना-गोइलकेरा जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 13. वंदना उर्फ शांति उम्र करीब 20 वर्ष पे० दातुन कोड़ा पति दर्शन सा० हाथीबुरू थाना गोइलकेरा जिला प०सिंहभूम । 14. सुनिता सरदार उर्फ बारी पति बैजनाथ मुण्डा उम्र करीब 24 वर्ष पे० जगबंधु सरदार सा० रायजामा थाना खरसंवा जिला-सरायकेरा-खरसंवा। 15. डांगुर बोइपाई उर्फ मुकेश, उम्र करीब 18 वर्ष, पे० स्व० नंदू बोइबाई. सा०-हाथीबुरु, टोला-सासांगढीपा, थाना-गोइलकेरा, जिला-प० सिंहभूम चाईबासा । 16. बसंती देवगम उम्र करीब 22 वर्ष पे० सिनू देवगम सा० सारजोमबुरू थाना टोंटों जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 17. मुनीराम मुण्डा उम्र करीब 19 वर्ष पे० बुधराम मुण्डा सा० रोलाहातू थाना दलभंगा, जिला- सरायकेला-खरसंवा। 18. अनिशा कोड़ा उर्फ रानी उम्र करीब 20 वर्ष पे० पांडू कोड़ा सा० टोडांगसाई कुइरा, थाना-गोइलकेरा जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 19. सपना कालुडिया उर्फ सुरू कालुडिया उम्र करीब 19 वर्ष पे० गोपी कालुडिया सा० कोताड़या थाना-जामदा, जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 20. सुसारी उर्फ दसमा कालुडिया सा० कोताड़या बाना-जामदा जिला-प० सिंहभूम चाईबासा। 21. बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह पे० पेरमा कोड़ा सा० बोइपाई सांसांग थाना- गोइलकेरा, जिला- प0 सिंहभूम चाईबासा। 22. नुअस बाहांदा उम्र करीब 14 वर्ष पे० बुधराम बाहांदा सा- दोलाईगाड़ा थाना- छोटानागरा जिला- प0 सिंहभूम चाईबासा । 23. बुमली लियू उर्फ दामू बरण तियू उम्र करीब 25 वर्ष पे० बुरुजू तियू सा- सारजोमडीह, थाना -राजनगर जिला- सरायकेला-खरसवां। 24. निति माई हेंब्रम उर्फ निति हेंब्रम उम्र करीब 19 वर्ष पे० नापो उर्फ गुमिदा हेंब्रम सा – तुम्बाहाका थाना – टोंटो, जिला – प0 सिंहभूम, चाईबासा । 25. लादू तिरिया पे० चरण तिरिया सा० सारजोमबुरु थाना टोटो जिला-प०सिंहभूम सा० तुबाहाका थाना-टोटो जिला-प०सिंहभूम चाईबासा।

IBCA प्री-समिट इवेंट को लेकर तैयारियां पूरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव रहेंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री यादव आईबीसीए के प्री-समिट इवेंट का करेंगे शुभारंभ 20 बाइक एवं एक रेस्क्यू ट्रक को झण्डी दिखाकर करेंगे रवाना शुक्रवार 22 मई को भोपाल में होगा जैव विविधता संरक्षण और बिग कैट संवर्धन पर होगा मंथन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) प्री-समिट इवेंट का 22 मई 2026 को शुभारंभ होगा। भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) ऑडिटोरियम, भोपाल में होने वाले इस प्री-समिट इवेन्ट में केंद्रीय पर्यावरण और वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, मध्यप्रदेश शासन, इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस तथा भारतीय वन प्रबंधन संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री यादव प्रात: 9:50 पर वन विभाग द्वारा आयोजित 20 बाइक एवं एक रेस्क्यू ट्रक को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम में जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव संवर्धन तथा विशेष रूप से बिग कैट संरक्षण के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस के महानिदेशक डॉ. एस.पी. यादव आईबीसीए की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रस्तुति देंगे। साथ ही मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा भारत में चीता पुनर्स्थापन अभियान पर विशेष प्रस्तुति भी दी जाएगी। आईईसी सामग्री का होगा विमोचन कार्यक्रम में जैव विविधता एवं संरक्षण से संबंधित अनेक प्रकाशनों और डिजिटल पहलों का विमोचन एवं लोकार्पण किया जाएगा। इनमें डाक टिकट, ‘इंडियाज बायोडायवर्सिटी रिपोर्ट 2026’, नागोया प्रोटोकॉल पर भारत की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट तथा एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल शामिल हैं। इसके साथ ही एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग, अमरकंटक बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट तथा मध्यप्रदेश के पवित्र वनों के संरक्षण पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस आयोजन से जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा वन्य जीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी, साथ ही भारत की प्रतिबद्धता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित होगी।  

BLO करेंगे घर-घर सत्यापन, 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष अभियान

रांची भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है. झारखंड समेत देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा. झारखंड में 20 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने कहा है कि झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर विजिट कर मतदाताओं का सत्यापन 30 जून से 29 जुलाई तक किया जाना है. इस क्रम में बीएलओ की ओर से इन्यूमरेशन फॉर्म बांटे और मतदाताओं द्वारा सत्यापित किए जाने के उपरांत संग्रहित किए जाएंगें. सुबोध कुमार ने कहा कि झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु पहले से तैयारियां की जा रहीं हैं, इसके तहत राज्य में 73% मतदाताओं की मैपिंग विगत गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से बीएलओ द्वारा की जा चुकी है. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वैसे मतदाता जिनकी अभी तक मैपिंग नहीं हो सकी है उनकी सूची सभी मतदान केंद्रों पर 23 मई 2026 से लगाई जाएगी एवं उनके बीएलओ के नाम एवं फोन नंबर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क करते हुए मतदाता सूची में अपनी मैपिंग करा सकते हैं. उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा मतदाताओं के मैपिंग के क्रम में घर घर  जाकर स्टीकर लगाने का भी कार्य किया गया है, जिसमें उनके बीएलओ का नाम नंबर दर्ज है. इसके साथ साथ ECINET पर उपलब्ध 'बुक ए कॉल' फीचर का इस्तेमाल करते हुए भी अपने बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है. वहीं झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने एसआईआर कार्यक्रम का ऐलान करते हुए बताया कि अनमैप्ड मतदाताओं की सूची की एक प्रति बीएलओ को भी दी जाएगी, ताकि वे ASDD सूची (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) को अंतिम रूप दे सकें. साथ ही, शेष अनमैप्ड मतदाता गणना (Enumeration) फॉर्म के साथ संलग्न किए जाने वाले अपने दस्तावेजों को तैयार कर सकें, ताकि घोषणा पत्र के साथ उन्हें प्रस्तुत किया जा सके.

कपिल देव के साइन वाला 764 पाउंड का बिल नकली, 1983 जीत पर बड़ा दावा फेल

 नई दिल्ली कपिल देव की कप्‍तानी में भारतीय टीम ने पहली बार 1983 में विश्‍व कप जीता था। इसके बाद टीम के प्‍लेयर्स ने जमकर जश्‍न मनाया था। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बिल की तस्‍वीर वायरल हो रही है। एक महंगे रेस्टोरेंट बिल की तस्वीर देखकर कई लोगों ने अनुमान लगाया कि यह 1983 क्रिकेट विश्व कप में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम के जश्न का बिल है। तस्वीर में 764.40 पाउंड का बिल दिख रहा है, जिसमें खाने-पीने की चीजें, कॉकटेल, शराब और मिठाइयों का ऑर्डर है। हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 1983 विश्व कप विजेता कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर इस वायरल तस्वीर (जिसमें कप्तान कपिल देव के साइन हैं) को फर्जी बताया। 764.40 पाउंड का बिल वायरल बिल में दिख रहा है कि 25 जून, 1983 को शानदार डिनर ऑर्डर किया गया था। इसी दिन भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता था। बिल में भारतीय कप्तान कपिल देव के साइन हैं। बिल में दिखाए गए सभी आइटमों का कुल मूल्य 764.40 पाउंड है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के अनुसार, आज के समय में यह लगभग 2,668 पाउंड (लगभग 3.4 लाख रुपये) के बराबर होगा। फर्जी है तस्‍वीर कीर्ति आजाद ने बताया कि वायरल तस्वीर फर्जी है। उन्होंने खुलासा किया कि भारतीय टीम उस होटल में गई ही नहीं जिसका यह बिल है। उनका जश्न अलग तरीके से मनाया गया था। आजाद ने एक्‍स पर लिखा, "यह फर्जी है। यह सोशल मीडिया पर हर जगह फैला हुआ है। हम लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के पास वेस्टमोर्लैंड होटल में रुके थे। 25 जून, 1983 को जीत के बाद जश्न पूरी रात से लेकर 26 जून की सुबह तक चला। हम कभी इस होटल में नहीं गए। कपिल देव के साइन भी जाली हैं।" इस पोस्ट के जवाब में पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने पुष्टि की कि कपिल देव के जो साइन इस वायरल बिल पर दिख रहे हैं, वह उनके हैं ही नहीं। उन्‍होंने लिखा, "कपिल देव इस तरह से साइन नहीं करते।"

FIFA World Cup 2026: भारत में अभी तक नहीं मिला आधिकारिक ब्रॉडकास्टर

 नई दिल्ली  फीफी वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉकास्टिंग को लेकर भारत में अब तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। वर्ल्ड कप की शुरुआत 12 जून से होने वाली है और भारतीय दर्शकों को अब तक ये पता नहीं कि वे इसे कहां पर देख पाएंगे। भारत की तरफ से किसी भी ब्रॉकास्टर ने इसके राइट्स को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई थी, जिसके बाद ऐसा माना जा रहा था प्रसार भारती इसका प्रसारण करेगा। दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका की मांग का जवाब देते हुए प्रसार भारती ने साफ इनकार कर दिया है। प्रसार भारती का कहना है कि वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। इसी के साथ अब सस्पेंस और भी बढ़ गया है क्या भारतीय फीफा विश्व कप नहीं देख पाएंगे। दूरदर्शन ने किया इनकार प्रसार भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में साफ-साफ कहा है कि फीफा विश्व कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। कोर्ट में चल रही एक याचिका के सुनवाई के दौरान प्रसार भारती ने ये बात रखा। याचिका में मांग की गई थी कि टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मैच जैसे उद्घाटन मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल को फ्री-टू-एयर पर दूरदर्शन और डीडी स्पोर्ट्स के जरिए दिखाया जाए। 19 मई को याचिकाकर्ता एडवोकेट अवधेश बैरवा ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि वे उचित राहत के लिए किसी अन्य अदालत में जा सकते हैं। इससे पहले 12 मई को हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया था। भारत में फुटबॉल का बढ़ता क्रेज 2022 के कतर विश्व कप के दौरान भारत ने फीफा के सबसे बड़े दर्शक बाजारों में से एक के रूप में अपनी जगह बनाई थी, भले ही भारतीय टीम क्वालीफाई न कर पाई हो। कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, उस टूर्नामेंट के दौरान भारतीय दर्शकों ने लगभग 74.57 करोड़ इंटरैक्शन किए थे। इतने बड़े पैमाने के बावजूद 2026 विश्व कप के लिए अभी तक भारत में कोई आधिकारिक प्रसारक तय नहीं हुआ है। ब्रॉडकास्टर्स ने नहीं दिखाई दिलचस्पी याचिका में बताया गया कि फीफा ने शुरू में 2026 और 2030 विश्व कप के भारत अधिकारों की कीमत लगभग 10 करोड़ डॉलर रखी थी, जिसे बाद में घटाकर करीब 3.5 करोड़ डॉलर कर दिया गया। इसके बावजूद भारतीय ब्रॉडकास्टर्स की तरफ से ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखी। रिपोर्ट्स में जियोस्टार की 2 करोड़ डॉलर की बोली को ठुकराए जाने का भी जिक्र था। विश्व कप को 2007 के स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट के तहत राष्ट्रीय महत्व की खेल घटना माना जाता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बिना प्रसारण के भारतीय नागरिकों को इस वैश्विक महोत्सव से वंचित रखना उचित नहीं होगा। क्यों नहीं मिल रहे हैं प्रसारक? फीफा वर्ल्ड कप 2027 इस बार संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाला है। ऐसे में भारत में लगभग मैच देर रात या फिर सुबह जल्दी शुरू होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रॉडकास्टर्स मीडिया अधिकार खरीदने से हिचकिचा रहे हैं।