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FIFA World Cup 2026: भारत में अभी तक नहीं मिला आधिकारिक ब्रॉडकास्टर

 नई दिल्ली  फीफी वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉकास्टिंग को लेकर भारत में अब तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। वर्ल्ड कप की शुरुआत 12 जून से होने वाली है और भारतीय दर्शकों को अब तक ये पता नहीं कि वे इसे कहां पर देख पाएंगे। भारत की तरफ से किसी भी ब्रॉकास्टर ने इसके राइट्स को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई थी, जिसके बाद ऐसा माना जा रहा था प्रसार भारती इसका प्रसारण करेगा। दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका की मांग का जवाब देते हुए प्रसार भारती ने साफ इनकार कर दिया है। प्रसार भारती का कहना है कि वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। इसी के साथ अब सस्पेंस और भी बढ़ गया है क्या भारतीय फीफा विश्व कप नहीं देख पाएंगे। दूरदर्शन ने किया इनकार प्रसार भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में साफ-साफ कहा है कि फीफा विश्व कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। कोर्ट में चल रही एक याचिका के सुनवाई के दौरान प्रसार भारती ने ये बात रखा। याचिका में मांग की गई थी कि टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मैच जैसे उद्घाटन मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल को फ्री-टू-एयर पर दूरदर्शन और डीडी स्पोर्ट्स के जरिए दिखाया जाए। 19 मई को याचिकाकर्ता एडवोकेट अवधेश बैरवा ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि वे उचित राहत के लिए किसी अन्य अदालत में जा सकते हैं। इससे पहले 12 मई को हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया था। भारत में फुटबॉल का बढ़ता क्रेज 2022 के कतर विश्व कप के दौरान भारत ने फीफा के सबसे बड़े दर्शक बाजारों में से एक के रूप में अपनी जगह बनाई थी, भले ही भारतीय टीम क्वालीफाई न कर पाई हो। कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, उस टूर्नामेंट के दौरान भारतीय दर्शकों ने लगभग 74.57 करोड़ इंटरैक्शन किए थे। इतने बड़े पैमाने के बावजूद 2026 विश्व कप के लिए अभी तक भारत में कोई आधिकारिक प्रसारक तय नहीं हुआ है। ब्रॉडकास्टर्स ने नहीं दिखाई दिलचस्पी याचिका में बताया गया कि फीफा ने शुरू में 2026 और 2030 विश्व कप के भारत अधिकारों की कीमत लगभग 10 करोड़ डॉलर रखी थी, जिसे बाद में घटाकर करीब 3.5 करोड़ डॉलर कर दिया गया। इसके बावजूद भारतीय ब्रॉडकास्टर्स की तरफ से ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखी। रिपोर्ट्स में जियोस्टार की 2 करोड़ डॉलर की बोली को ठुकराए जाने का भी जिक्र था। विश्व कप को 2007 के स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट के तहत राष्ट्रीय महत्व की खेल घटना माना जाता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बिना प्रसारण के भारतीय नागरिकों को इस वैश्विक महोत्सव से वंचित रखना उचित नहीं होगा। क्यों नहीं मिल रहे हैं प्रसारक? फीफा वर्ल्ड कप 2027 इस बार संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाला है। ऐसे में भारत में लगभग मैच देर रात या फिर सुबह जल्दी शुरू होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रॉडकास्टर्स मीडिया अधिकार खरीदने से हिचकिचा रहे हैं।  

राजस्व विभाग सख्त, धार्मिक न्यास बोर्ड से मांगी गई अवैध कब्जों की रिपोर्ट

पटना बिहार सरकार अब राज्यभर में मठ-मंदिरों की जमीन पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। भूमि एवं राजस्व विभाग ने इस मामले में बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सरकार यह जानना चाहती है कि किन-किन जिलों में मंदिरों और मठों की जमीन पर अतिक्रमण हुआ है, ताकि वहां चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा सके। इस पहल को उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री सम्राट चौधरी की प्राथमिकता से जोड़कर देखा जा रहा है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि धार्मिक संस्थाओं की जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जानकारी के मुताबिक कई जिलों से ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं कि वर्षों से मठ-मंदिरों की बहुमूल्य जमीनों पर भू-माफियाओं और दबंगों ने कब्जा जमा रखा है। अब सरकार इस पूरे मामले का सर्वे कराकर अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है। राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से ऐसे मामलों की पहचान करेंगे। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन को विशेष निर्देश जारी किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की मदद से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इधर, बिहार में बढ़ते अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी राजनीति तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपराधियों के खिलाफ सख्त बयान देते हुए कहा कि सिर्फ पुलिस कार्रवाई ही काफी नहीं है, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि समाज में अपराधियों और रंगदारों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि जो लोग अपराध के रास्ते पर चल रहे हैं, उन्हें समाज में सम्मान नहीं मिलना चाहिए। दिलीप जायसवाल ने कहा कि अगर समाज अपराधियों से दूरी बना ले और सार्वजनिक रूप से उनका विरोध करे तो अपराधियों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों को अपराधियों के मुंह पर थूक देना चाहिए, ताकि उन्हें यह महसूस हो कि समाज उन्हें स्वीकार नहीं कर रहा है। मंत्री ने कहा कि जब अपराधियों को सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ेगा, तब वे अपराध छोड़ने को मजबूर होंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर भी सरकार सख्त नजर आ रही है। विभाग में निगरानी प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया कि भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों की फाइलें लंबित नहीं रखी जाएं। मंत्री ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ शिकायतें या जांच लंबित हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मानसिक रूप से अस्थिर हो चुके हैं और उनका राजनीतिक सोच विकसित नहीं हो पाया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने का मन बना लिया है और उनके नेतृत्व में पार्टी लगातार नीचे जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और विपक्ष मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहा है। बिहार की राजनीति में इन बयानों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। एक तरफ सरकार मठ-मंदिरों की जमीन को कब्जामुक्त कराने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देने की कोशिश भी की जा रही है। अब देखना होगा कि सरकार का यह अभियान जमीन पर कितना असर दिखाता है और विपक्ष इन मुद्दों पर क्या रणनीति अपनाता है।

भीषण गर्मी में बड़ा झटका: लखनऊ के 9 सबस्टेशन ठप, सप्लाई बाधित

लखनऊ भीषण गर्मी में घंटों बिजली कटौती से शहर में हाहाकार मचा है। मंगलवार को दक्षिण के जिन सब स्टेशनों पर लोगों ने हंगामा किया था, बुधवार को भी वहां लोग आक्रोशित होकर सड़कों पर नारेबाजी करते नजर आए। इन लोगों के लिए बुरी खबर यह है कि अभी दक्षिण के नौ सब स्टेशनों से जुड़े 10 लाख उपभोक्ताओं को 15 दिन बिजली और रुलाएगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (यूपीपीटीएल) के किदवईनगर स्थित ट्रांसमिशन उपकेंद्र की दो केबल काट दी हैं। पनकी पावर हाउस से आईं ये केबल क्षतिग्रस्त होने से उपकेंद्र बैठ गया और इससे जुड़े नौ सब स्टेशन पूरी ठप हो गए। इस कारण लोग भीषण गर्मी में बेहाल हो रहे हैं। यूपीपीटीएल गुरुवार से मरम्मत कार्य शुरू कराएगा जिसमें 15 दिन का समय लगेगा। इस लापरवाही पर क्षतिपूर्ति व केस दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। यूपीपीटीएल का किदवईनगर में 220/33 केवी जीआईएस ट्रांसमिशन उपकेंद्र है जहां से पनकी पावर हाउस से 220 केवी की लाइनें डालकर बिजली पहुंचाई जाती है। इस उपकेंद्र से दक्षिण के नौ सबस्टेशन जुड़े हैं। तीन मई की सुबह सीयूजीएल किदवईनगर में पाइप लाइन डलवाने के लिए खोदाई करा रहा था। इस दौरान लापरवाही से खोदाई करते हुए पनकी पावर हाउस से इस उपकेंद्र में आई 220 केवी की एक-एक हजार एमएम की दो कॉपर केबल काट दीं। इससे उपकेंद्र बैठ गया और इससे जुड़े सबस्टेशनों की आपूर्ति ठप हो गई। पनकी पावर हाउस से इस उपकेंद्र में आने वाली एक्सएलपी केबल से आपूर्ति बंद कराई गई। इसके बाद खोदाई शुरू करा क्षतिग्रस्त केबल का वर्क ऑर्डर तैयार हुआ। फिर टेंडर प्रक्रिया कर मटेरियल मंगाया गया। अब गुरुवार से काम शुरू कराया जाएगा। वैकल्पिक स्रोत से दी जा रही बिजली किदवईनगर ट्रांसमिशन उपकेंद्र के ब्रेकडाउन होने पर इससे जुड़े उपकेंद्रों को नौबस्ता सहित अन्य उपकेंद्रों से जोड़कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। भीषण गर्मी की वजह से बिजली की मांग में वृद्धि हुई है। इससे वैकल्पिक स्रोतों पर लोड बढ़ने लगा जिससे रोस्टिंग शुरू की गई। स्थिति यह है कि रोस्टिंग के बाद जब सब स्टेशन पर बिजली आपूर्ति शुरू की जा रही है तो कमजोर जॉइंट वाली एबीसी केबल में आग लग रही है। इससे भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है।   ये सबस्टेशन हैं प्रभावित ई-ब्लॉक गुजैनी, विद्युत कॉलोनी, विश्व बैंक बर्रा, पराग डेयरी, दबौली, हंसपुरम, मंडी परिषद, कर्रही और तात्याटोपेनगर। ये वहीं सबस्टेशन हैं जहां पिछले पांच दिन से बिजली को लेकर हाहाकार मचा है। एक सबस्टेशन से करीब 20 हजार तक कनेक्शन हैं। एक परिवार में अमूमन पांच से छह लोग होते हैं, इस हिसाब से करीब दस लाख उपभोक्ता प्रभावित हैं।  केस्को ने की सहयोग की अपील केस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने कहा है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। क्षतिग्रस्त भूमिगत केबल की मरम्मत कार्य संबंधित इकाई शुरू करा रही है। बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए तकनीकी वर्टिकल में दो अतिरिक्त अधिशासी अभियंताओं की तैनाती की गई है। पीक ऑवर्स में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपकेंद्रों पर अतिरिक्त अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ता सहयोग दें।  किदवईनगर जीआईएस ट्रांसमिशन उपकेंद्र के केबल बनाने का मटेरियल एकत्र करने में समय लगता है। उसके बाद एक सप्ताह टेंडर प्रक्रिया में लगते हैं। अब मटेरियल एकत्र हो गया है और गुरुवार से काम शुरू होगा। इसमें 10 से 15 दिन लग सकते हैं। केबल क्षतिग्रस्त करने पर सीयूजीएल के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र दिया है। क्षति का आकलन किया जा रहा है। – शैलेश गुप्ता, चीफ इंजीनियर, यूपीपीटीएल  

सारा तेंदुलकर का पैपराजी पर गुस्सा, भद्दे कैप्शन को लेकर लगाई फटकार

फैन्स अपने फेवरेट सेलिब्रिटी की झलक पाने को बेताब रहते हैं. इसलिए पैपराजी सेलिब्रिटीज को देखते ही हर एंगल से उन्हें कैप्चर करने की कोशिश करते हैं. कई दफा सोशल मीडिया सेलेब्स के ऊट-पटांग वीडियोज-फोटोज वायरल होते हैं. इस दफा सारा तेंदुलकर ने अपनी वायरल फोटो पर रिएक्ट किया है. भद्दे कैप्शन के साथ उनका वीडियो वायरल करने के लिए उन्होंने पैप्स को लताड़ लगाई है. सारा का फूटा गुस्सा सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर ने इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर करते हुए पैप्स पर गुस्सा निकाला है. सारा ने जो पोस्ट शेयर की है, उसमें वो ब्लू जींस में एयरपोर्ट पर एंट्री लेते दिख रही हैं. तस्वीर में सारा का बैक दिखाई दिया. तस्वीर का कैप्शन था मोटी वाली सारा है, बगल वाली भाभी है. जब ये पोस्ट सारा की नजरों के सामने आई, तो उनका पारा हाई हो गया. सारा ने पोस्ट शेयर करते हुए पैप्स को टैग किया और लिखा कि ये बहुत घटिया हरकत है. हमें अकेला छोड़ दो. उन्होंने ये भी लिखा कि पोस्ट डिलीट करने से आप कम घटिया नहीं हो जाओगे.   सारा तेंदुलकर की इंस्टाग्राम पोस्ट सारा को उनके फैन्स का सपोर्ट मिल रहा है. क्योंकि इतने भद्दे कैप्शन पर ऐसी नाराजगी जाहिर है. सारा से पहले सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क चुके हैं. दो दिन पहले सलमान खान मुंबई के एक हॉस्पिटल के बाहर स्पॉट हुए. उन्हें देखकर पैपराजी की भीड़ जमा हो गई. सलमान ने पैपराजी पर गुस्सा निकालते हुए कहा कि अगर अस्पताल में तुम्हारा कोई अपना होता, तो क्या तब भी ऐसी हरकत करते. कई बार हमें सेलेब्स का गुस्सा दिखता है, लेकिन ये देखना भूल जाते हैं आखिर उन्हें गुस्सा आया क्यों. गुस्से के लिए सेलेब्स को ट्रोल करना आसान है. पर उसकी तह तक पहुंचना आसान है. हर बार सेलेब्स का गुस्सा फिजूल नहीं होता है. आज तक कभी सारा को इस तरह नाराज होते नहीं देखा गया. हद पार करने पर उनका ऐसा रिएक्शन बिल्कुल जायज है.

मुजफ्फरपुर में फर्जी भर्ती रैकेट का खुलासा, एडमिट कार्ड और सर्टिफिकेट बरामद

पटना अग्निवीर बहाली रैली में तीन लाख रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में एक पूर्व सैनिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूर्वी चंपारण के रघुनाथपुर से गिरफ्तार पूर्व सैनिक शिवेंद्र भूषण कुमार को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मुजफ्फरपुर के चक्कर मैदान इन दिनों भर्ती रैली चल रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपी के ठिकाने से संदेहस्पद चीजें बरामद की गई हैं। पुलिस उनकी जांच कर रही है। आर्मी इंटेलिजेंस और डीआईयू की सूचना पर मोतिहारी पुलिस ने उसे दबोचा है। आरोपी के ठिकाने पर पहुंची पुलिस भौंचक रह गई जब अग्निवीर भर्ती, बिहार पुलिस बहाली और एसएससी परीक्षा के कई एडमिट कार्ड मिलने लगे। इसके अलावा दर्जनों छात्रों के मैट्रिक व इंटर के मूल सर्टिफिकेट भी जब्त किए गए हैं। आरोपी मोतिहारी में पुलिस और आर्मी में भर्ती के लिए फिजिकल एकेडमी भी चलाता है। वहीं से पिछले दरवाजे से नौकरी दिलाने का झांसा देकर सौदा करता था। उसने करीब 80 से 100 छात्रों को तीन-तीन लाख रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। दौड़ के अभ्यास के दौरान गांधी मैदान में मिला था आरोपी मामले में रघुनाथपुर थाने में सोरपनिया पचपकड़ी निवासी कमलेश कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित कमलेश ने पुलिस को बताया कि वह पांच माह पहले मोतिहारी के गांधी मैदान में सिपाही भर्ती के लिए दौड़ का अभ्यास करने गया था। वहीं पर उसकी मुलाकात शिवेंद्र भूषण कुमार से हुई थी। कमलेश के अलावा वहां दौड़ के लिए आने वाले सभी छात्रों से मिलकर आरोपी ने शत-प्रतिशत नौकरी दिलवाने का झांसा दिया और करीब 100 अभ्यर्थियों को रघुनाथपुर में बुलाया। स्टेट पुलिस और सेना में भर्ती कराने के नाम पर बिहार में कई जिलों में रैकेट चलाया जा रहा है। कुछ लोग फिजिकल ट्रेनिंग के नाम पर संस्था खोलकर गोरखधंधा कर रहे हैं। इसमें भोले भाले बेरोजगार युवक और युवतियों को फिजिकल ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर लुभाते हैं। फॉर्म भरने के बाद उन्हें सेटिंग का झांसा देते हैं। रुपए लेकर भर्ती कंफर्म कराने का वादा करके पैसे ठग लेते हैं। कुछ गिरोह के शातिर जिनकी नौकरी नहीं होती उनके पैसे कुछ कमीशन काटकर लौटा देते हैं। पुलिस और सेना की ओर से ऐसे शातिरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

मलेशिया मास्टर्स में भारतीय चुनौती को झटका, मालविका-अश्मिता ने बचाई लाज

कुआलालंपुर  भारत के लिए मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 में निराशाजनक दिन में मालविका बंसोड़ और अश्मिता चालिहा ही उम्मीद की किरण बनकर उभरीं, जिन्होंने महिला सिंगल्स में अलग-अलग अंदाज में जीत दर्ज करते हुए दूसरे दौर में जगह बनाई। एसीएल (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) चोट से उबरने के बाद वापसी कर रही मालविका ने जर्मनी की दुनिया की 52वें नंबर की खिलाड़ी यवोन ली को 21-17, 16-21, 21-9 से शिकस्त दी। वहीं, अश्मिता ने इंडोनेशिया की दुनिया की 56वें नंबर की खिलाड़ी थालिता रमाधनी विरियावान पर 21-16, 21-13 से आसान जीत दर्ज की। मालविका और अश्मिता के आने वाले मुकाबले अब मालविका डेनमार्क की आठवीं वरीय लाइन होजमार्क कजर्सफेल्ट से भिड़ेंगी जबकि अश्मिता का सामना मलेशिया की गोह जिन वेई से होगा। पुरुष सिंगल्स में भारत के सबसे होनहार खिलाड़ी और आठवें वरीय लक्ष्य सेन को इंडोनेशिया के दुनिया के 38वें नंबर के खिलाड़ी मोहम्मद जकी उबैदुल्लाह के विरुद्ध 17-21, 11-21 से उलटफेर का सामना करना पड़ा जिससे वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए। विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता एचएस प्रणय को भी जापान के छठे वरीय कोदाई नाराओका के विरुद्ध 80 मिनट तक चले मुकाबले में 17-21, 22-20, 22-24 से हार का सामना करना पड़ा। किरण जार्ज फ्रांस के सातवें वरीय एलेक्स लानियर के विरुद्ध 15-21, 1-6 से पिछड़ने के बाद रिटायर हो गए।

मैनचेस्टर सिटी की चूक से आर्सेनल ने जीता EPL 2026 का खिताब

लंदन  आर्सेनल का 22 वर्षों से चला आ रहा इंतजार अंतत: खत्म हो गया। मंगलवार रात मैनचेस्टर सिटी और बोर्नमाउथ के बीच मुकाबला 1-1 से ड्रॉ होने के साथ ही मिकेल आर्टेटा की टीम ने इंग्लिश प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम कर लिया। इस परिणाम के साथ आर्सेनल ने तालिका में चार अंकों की अजेय बढ़त हासिल कर ली, जिसे अंतिम मुकाबले में भी मैनचेस्टर सिटी पार नहीं कर सकती। क्लब ने 2004 के बाद पहली बार प्रीमियर लीग ट्रॉफी जीती है। आर्सेनल फैंस ने मनाया जोरदार जश्‍न खिताब पक्का होते ही लंदन स्थित एमिरेट्स स्टेडियम के बाहर हजारों प्रशंसकों ने जश्न मनाया। समर्थकों ने आतिशबाजी की, फ्लेयर्स जलाए और सड़कों पर देर रात तक उत्सव चलता रहा। टीम के खिलाड़ी भी ट्रेनिंग ग्राउंड में एकत्र होकर सिटी और बोर्नमाउथ का मैच देख रहे थे। आर्सेनल के मिडफील्डर डेक्लान राइस ने इंटरनेट मीडिया पर टीम की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, मैंने आप सबसे कहा था काम पूरा हो गया। सिटी से हुई चूक मैनचेस्टर सिटी को खिताबी दौड़ बनाए रखने के लिए बोर्नमाउथ को हराना जरूरी था, लेकिन टीम ऐसा नहीं कर सकी। जूनियर क्राउपी ने पहले हाफ में बोर्नमाउथ को बढ़त दिलाई। इसके बाद एर्लिंग हालैंड ने इंजरी टाइम में बराबरी का गोल जरूर किया, लेकिन जीत दिलाने वाला दूसरा गोल नहीं आ सका। इस ड्रॉ के साथ पेप गार्डियोला की टीम की उम्मीदें समाप्त हो गईं। माना जा रहा है कि यह गार्डियोला का सिटी के साथ अंतिम सीजन हो सकता है। हालांकि उन्होंने भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया। गार्डियोला ने कहा, मुझे पहले क्लब चेयरमैन से बात करनी होगी। अगले कुछ दिनों में फैसला होगा। आर्टेटा ने बदला आर्सेनल का भाग्य मिकेल आर्टेटा के लिए यह सफलता बेहद खास है। पिछले तीन सीजन में उनकी टीम लगातार उपविजेता रही थी। 2023 और 2024 में मैनचेस्टर सिटी ने अंतिम दौर में आर्सेनल को पीछे छोड़कर खिताब जीता था, जबकि पिछले वर्ष लिवरपूल चैंपियन बना था। दिसंबर 2019 में आर्सेनल की कमान संभालने वाले आर्टेटा का यह पहला लीग खिताब है। 44 वर्षीय स्पेनिश कोच प्रीमियर लीग जीतने वाले जोस मोरिन्हो के बाद दूसरे सबसे युवा मैनेजर बन गए हैं। आर्सेनल ने इस सीजन शानदार रक्षात्मक खेल के दम पर सफलता हासिल की। टीम ने लीग में सबसे मजबूत डिफेंस दिखाया और सेट-पीस गोलों में विशेष महारत दिखाई। 'इनविंसिबल्स' के बाद पहली बार चैंपियन आर्सेनल ने आखिरी बार 2004 में प्रीमियर लीग जीती थी, जब आर्सेन वेंगर की मशहूर 'इनविंसिबल्स' टीम पूरे सीजन में एक भी मैच नहीं हारी थी। उसके बाद चेल्सी, मैनचेस्टर युनाइटेड, मैनचेस्टर सिटी, लीसेस्टर सिटी और लिवरपूल जैसी टीमों ने खिताब जीते। 2017 के बाद यह पहला मौका है जब सिटी या लिवरपूल के अलावा किसी अन्य क्लब ने लीग ट्रॉफी अपने नाम की है। यह आर्सेनल का कुल 14वां इंग्लिश लीग खिताब है।  

खुद को बेहतर बनाने पर दें ध्यान, दूसरों की आलोचना से नहीं मिलेगा कुछ हासिल

आज के समय में हम अक्सर अपना बहुत सारा समय और ऊर्जा दूसरों की कमियां निकालने, सोशल मीडिया पर दूसरों को जज करने या उनके बारे में बातें करने में बर्बाद कर देते हैं.  इससे हमें कुछ हासिल नहीं होता, बल्कि हमारी खुद की सकारात्मक ऊर्जा कम होती है. इस विचार को समझने के लिए 3 मुख्य बातें: ऊर्जा का सही इस्तेमाल: हर इंसान के पास सीमित समय और ऊर्जा होती है. अगर आप उसे दूसरों की कमियां ढूंढने में लगा देंगे, तो खुद आगे बढ़ने के लिए आपके पास ताकत ही नहीं बचेगी. अपनी ऊर्जा को खुद को निखारने, नई चीजें सीखने और अपने लक्ष्यों को पाने में लगाएं. सच्ची प्रतियोगिता खुद से: जिंदगी में हमारी असली रेस किसी और से नहीं, बल्कि हमारे खुद के बीते हुए कल से है.  हमें हर दिन खुद से यह पूछना चाहिए कि क्या हम कल से बेहतर इंसान बने हैं? जब आप रोज अपनी कमियों को सुधारने में जुट जाते हैं, तो आपको दूसरों की जिंदगी में झांकने की फुर्सत ही नहीं मिलती. मानसिक शांति: दूसरों की आलोचना करने से मन में कड़वाहट और जलन पैदा होती है. इसके विपरीत, जब आप खुद के विकास (Self-improvement) पर ध्यान देते हैं, तो आपको अंदर से खुशी और संतुष्टि मिलती है. निष्कर्ष: दूसरों की कमियां निकालना बहुत आसान है, लेकिन अपनी कमियों को सुधारना असली बहादुरी है. इसलिए, दूसरों के जज बनने के बजाय खुद के गुरु बनिए. किताबें पढ़िए, नई स्किल सीखिए, सेहत का ध्यान रखने के साथ अपने सपनों पर काम कीजिए. जब आप अपनी तरक्की में पूरी तरह डूब जाएंगे, तो दुनिया की फालतू बातें अपने आप पीछे छूट जाएंगी.

सर्च ऑपरेशन के दौरान फायरिंग, जंगल में घंटों चली मुठभेड़

चाईबासा चाईबासा के चक्रधरपुर अनुमंडल स्थित पोड़ाहाट जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ केड़ाबीर इलाके के पास उस समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल जंगल में सर्च अभियान चला रहे थे। सुबह छह बजे शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंग जानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से सोनुवा और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में अभियान चला रही थी। मंगलवार तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। घंटों चली गोलीबारी मुठभेड़ काफी देर तक रुक-रुक कर चलती रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि मुठभेड़ में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद सारंडा और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मिसिर बेसरा गिरोह की सक्रियता की आशंका पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली सक्रिय हैं। हाल के दिनों में गोइलकेरा क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इन इलाकों में नक्सल गतिविधियां बढ़ने की आशंका थी। गौरतलब है कि 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों ने एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।  

90s स्टार राहुल रॉय फिर सुर्खियों में, ‘लाफ्टर शेफ’ के सेट पर दिखे खुश

90s स्टार राहुल रॉय कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर अचानक ट्रेंड में थे. उनकी एक इंफ्लुएंसर संग रोमांटिक रील वायरल हुई थी, जिसपर काफी सवाल खड़े हुए. राहुल को इस तरह छोटे-मोटे काम करता देख लोग उन्हें ट्रोल करने लगे थे. मगर जब एक्टर ने इसके पीछे छिपी अपनी मजबूरी बताई, तो सब हैरान थे. राहुल ने इंस्टाग्राम के जरिए नोट शेयर करते हुए बताया था कि ब्रेन स्ट्रोक के बाद उन्हें काम की जरूरत है. उन्हें काफी सारा पैसा चुकाना है, जिसके बदले उन्हें काम मिलना जरूरी है. ऐसे में उनका मजाक उड़ाने से बेहरत, लोग उन्हें काम ढूंढने में मदद करें. अब लगता है कि कुछ लोगों ने राहुल की पुकार सुन ली है. लाफ्टर शेफ में आए राहुल रॉय राहुल रॉय बीते दिन कलर्स टीवी के शो लाफ्टर शेफ के सेट पर नजर आए, जहां उनके साथ एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी थे. तीनों एक साथ पैप्स के सामने आए और उनके कैमरा पर पोज भी दिए. इस दौरान राहुल रॉय काफी खुश दिखे. उन्होंने पैप्स संग थोड़ा हंसी-मजाक भी किया. आगे राहुल रॉय को अली और सिंगर राहुल वैद्य सपोर्ट करते हुए सेट के अंदर ले गए. 'आशिकी स्टार' का ये अंदाज देखकर शायद उनके फैंस को बड़ी राहत मिलने वाली है. आखिरकार उन्हें काफी समय बाद टीवी पर आने का मौका मिला है, जो एक्टर को एक बार फिर लोगों की नजरों में लेकर आएगा. क्या पता इसके बाद राहुल रॉय को थोड़ा और काम मिलने लगे और उनकी जरूरतें पूरी हो सकें. 90s के स्टार रहे राहुल रॉय राहुल रॉय 90s के दौरान एक वक्त तक सलमान-शाहरुख और आमिर खान जैसा स्टारडम एंजॉय करते थे. महेश भट्ट की फिल्म आशिकी ने उन्हें रातोंरात बॉलीवुड का सितारा बना दिया था. राहुल ने अपनी पहली फिल्म की सक्सेस के बाद एक साथ कई फिल्में साइन कर ली थीं. उस दौर में उनकी अधिकतर फिल्में हिट रहीं. लेकिन फिर उनके करियर की गाड़ी सक्सेस की पटरी से उतर गई. एक्टर को ब्रेन स्ट्रोक आया, जिसके कारण वो फिल्मों से दूर हुए और आज उनका स्टारडम धूमिल हो गया.