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क्लासरूम से लेकर पढ़ाने के तरीके तक बदलेगा सिस्टम, झारखंड के स्कूलों में आएगी एडटेक व्यवस्था

मेदिनीनगर (पलामू) सरकारी स्कूलों की पारंपरिक पढ़ाई अब धीरे-धीरे तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था की ओर बढ़ेगी। झारखंड के सरकारी विद्यालयों में एडटेक (एजुकेशन टेक्नोलॉजी) आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए राज्य स्तर पर रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कक्षाओं में डिजिटल संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल बढ़ाने के साथ शिक्षकों को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करना और विद्यार्थियों की सीखने की जरूरत के अनुसार शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से कर रहा काम योजना का असर पलामू समेत राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों पर पड़ने की संभावना है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) इस पहल पर यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से काम कर रहा है। एडटेक आधारित शिक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करने के लिए बेंगलुरु की संस्था आईटी फॉर चेंज के विशेषज्ञ कंसल्टेंसी सेवाएं दे रहे हैं। संस्था के प्रतिनिधि राज्य में शिक्षण व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं। शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों से लिया जा रहा फीडबैक रोडमैप तैयार करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में शिक्षकों, झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) के शिक्षा विशेषज्ञों के साथ फीडबैक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें स्कूलों में तकनीक के मौजूदा इस्तेमाल, कक्षाओं की जमीनी चुनौतियों और शिक्षकों के अनुभवों पर चर्चा की जा रही है। फीडबैक के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि तकनीक आधारित शिक्षा लागू करने में स्कूलों के सामने किस तरह की व्यावहारिक दिक्कतें हैं। साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों तक डिजिटल संसाधनों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षा व्यवस्था होगी अधिक जवाबदेह विशेषज्ञों के अनुसार, एडटेक आधारित व्यवस्था लागू होने से सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और साक्ष्य आधारित बनाने में मदद मिल सकती है। डिजिटल संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन कर उनकी जरूरत के अनुसार शिक्षण पद्धति में बदलाव की संभावनाएं बढ़ेंगी। रोडमैप लागू होने के बाद शिक्षकों के तकनीकी कौशल को मजबूत करने के साथ कक्षाओं में डिजिटल संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल का रास्ता तैयार होगा। इससे सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। जानें क्या है ‘एडटेक’ ‘एडटेक’ यानी शिक्षा प्रौद्योगिकी ऐसी व्यवस्था है, जिसमें पारंपरिक शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट, टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, वीडियो, इंटरैक्टिव कंटेंट और ऑनलाइन संसाधनों के जरिए कठिन विषयों को भी विद्यार्थियों के लिए आसान और रुचिकर बनाने का प्रयास किया जाता है। एडटेक में इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, डिजिटल कंटेंट और एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित टूल्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों की सीखने की गति और जरूरत के अनुसार शिक्षण को अधिक व्यक्तिगत बनाने की संभावना बढ़ती है। वहीं, तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से शिक्षकों को विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति पर अधिक ध्यान देने में मदद मिल सकती है।

26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का रंगारंग समापन, रायपुर संभाग बना ओवरऑल चैंपियन

26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का रंगारंग समापन रायपुर संभाग बना ओवरऑल चौम्पियन, बलौदाबाजार में खुलेगा डाइट रायपुर,   छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार -भाटापारा जिले केे पंडित चक्रपाणी शुक्ल हाई स्कूल मैदान में 3 से 6 अक्टूबर तक आयोजित चार दिवसीय 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का मंगलवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य समापन हुआ। शैक्षणिक पांचों संभाग के खिलाड़ियों ने बैंड की धुन पर आकर्षक मार्च पास्ट किया। समारोह के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने ध्वज अवरोहण कर प्रतियोगिता के समापन की विधिवत घोषणा की और विभिन्न विधाओं के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया। शानदार प्रदर्शन के दम पर रायपुर संभाग ने ओवरऑल चौम्पियनशिप का खिताब अपने नाम किया। इस दौरान मंत्री श्री यादव ने बलौदाबाजार में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) खोलने की बड़ी घोषणा की। खेलों से बढ़ती है सांस्कृतिक समझ- शिक्षा मंत्री        खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि खेल से शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों, खान-पान और रहन-सहन को भी सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई से 31 अक्टूबर तक चलने वाली इस स्पर्धा का उद्देश्य बच्चों को अलग-अलग जिलों की संस्कृति से रूबरू कराना है। हार-जीत पर सीख देते हुए उन्होंने कहा कि हार से निराश होने के बजाय कमियों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय खेल में शामिल कराए गए श्कुराशश् खेल का आयोजन भी इसी स्पर्धा के तहत बलौदाबाजार में हुआ है। विभिन्न खेल स्पर्धाओं के प्रमुख परिणाम        रग्बी (14 वर्ष) बालक और बालिका दोनों वर्गों में रायपुर संभाग प्रथम, बस्तर द्वितीय तथा दुर्ग संभाग तृतीय स्थान पर रहा। नेटबॉल (19 वर्ष) बालक और बालिका दोनों वर्गों में रायपुर संभाग ने प्रथम, बिलासपुर ने द्वितीय और दुर्ग संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कुराश प्रतियोगिता       14 वर्ष बालक दुर्ग प्रथम, सरगुजा द्वितीय, रायपुर तृतीय। बालिका वर्ग में रायपुर प्रथम, बिलासपुर द्वितीय, दुर्ग संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार 17 वर्ष बालक रायपुर प्रथम, सरगुजा द्वितीय, दुर्ग तृतीय। बालिका वर्ग में दुर्ग प्रथम, बिलासपुर द्वितीय, रायपुर तृतीय। 19 वर्ष बालक रायपुर प्रथम, सरगुजा द्वितीय, दुर्ग तृतीय। बालिका वर्ग में बिलासपुर प्रथम, दुर्ग द्वितीय, रायपुर तृतीय स्थान पर रहे।      इस गरिमामयी अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल,  पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पवन साहु, कलेक्टर बलौदाबाजार -भाटापारा, एसपी, आनंद यादव, राकेश ध्रुव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

पुनपुन नदी में मचा हड़कंप, पुलिस कार्रवाई के डर से दर्जनों लोगों ने लगाई छलांग; दो की जान गई

 फुलवारी शरीफ पिपरा थाना क्षेत्र के बेहरावां गांव में पुलिस की छापेमारी सोमवार को उस समय खौफनाक मंजर में बदल गई, जब भारी संख्या में पहुंचे पुलिसकर्मियों की कार्रवाई से बचने के लिए करीब 50-60 लोगों ने जान बचाने के लिए पुनपुन नदी में छलांग लगा दी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पुलिस ने इस तरह धावा बोला, मानो कोई बड़ी नक्सली या आतंकवादी वारदात हो गई हो। अचानक चारों तरफ पुलिस बल देखकर लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही भगदड़ मच गई और लोग नदी की ओर भागने लगे। नदी में ईंट-पत्थर फेंके जाने का आरोप ग्रामीणों के अनुसार, भागने के दौरान पुलिस पर ईंट-पत्थर भी चलाए गए। इसके बाद पुलिस की ओर से भी नदी में ईंट-पत्थर फेंके जाने का आरोप है। नदी में कूदे लोग तैरकर दूसरे किनारे निकलने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान लगातार ईंट-पत्थर गिरने से उन्हें नदी से बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। हालांकि जो लोग तैरने में सक्षम थे, वे किसी तरह दूसरे किनारे पहुंचकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। दो लोगों की डूबने से मौत इस अफरातफरी में फुलवारी शरीफ के ढिबरा निवासी आकाश मांझी और करीब 60 वर्षीय राम मांझी नदी से बाहर नहीं निकल सके। दोनों की डूबने से मौत हो गई। आकाश अपनी नानी के घर बेहरावां आया हुआ था। दोनों ने बचाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन उन्हें बाहर नहीं निकाला सका। क्योंकि पुलिस गांव नदी के मुहाने पर खड़ा होकर नदी में ईंट पत्थर चला रही थी। घटना के बाद बेहरावां गांव में मातम और दहशत का माहौल है। दो मौतों ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की भारी मौजूदगी और कार्रवाई के बाद कई लोग घर छोड़कर चले गए हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी की भी बात सामने आ रही है। गांव में पुलिस बल की मौजूदगी बनी हुई है।

पाल रोड पर अचानक भड़की भीषण आग, ट्रक से फैली लपटों ने चार बसों को लिया चपेट में

 जोधपुर खेजड़ली से गुड़ा विश्नोइयां की तरफ जा रहे चारे से भरे ट्रक के बिजली के तारों की चपेट में आने से सोमवार रात आग लग गई। ट्रक में चारा भरा होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चारे से भरा था ट्रक जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब साढ़े बजे चारे से भरा ट्रक गुजर रहा था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार ट्रक के संपर्क में आ गए। शॉर्ट सर्किट के बाद चारे में आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया काफी मशक्कत के बाद बुझी आग हादसे की सूचना मिलते ही विवेक विहार थाना पुलिस और चेतक भी मौके पर पहुंच गए। आग की स्थिति को देखते हुए बासनी से दो दमकलें भी बुलाई गईं। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग बुझा ली गई। ग्रामीणों की सजगता और समय पर पहुंची पुलिस व दमकल टीम की तत्परता से आग को ज्यादा फैलने से रोक लिया गया। इससे ट्रक में भरा काफी चारा भी बचा लिया गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और बिजली के तारों के संपर्क में आने से आग लगने की प्रारंभिक बात सामने आई है। पाल रोड पर खड़ी बसों में भीषण आग, चार बसें जलकर खाक जोधपुर में पाल रोड स्थित गांगाणा में एक कारखाने में खड़ी बसों में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। आग की चपेट में आने से कारखाने में खड़ी चार बसें जल गईं। आग लगने की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। कारखाना कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए कुछ बसों को समय रहते बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। सूचना पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। आग लगने से क्षेत्र में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया।

हरियाणा के किसानों की कमाई में इजाफा, फसलों के दाम बढ़ने से जेब में आएंगे 720 करोड़ रुपये ज्यादा

चंडीगढ़  केंद्र सरकार द्वारा रबी 2027-28 की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी हरियाणा के किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता खोलने वाली है। वर्तमान सरकारी खरीद को आधार मानें तो एमएसपी में हुई बढ़ोतरी से राज्य के किसानों को लगभग 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है। वहीं, यदि सरसों की सरकारी खरीद राज्य द्वारा निर्धारित लगभग 13 लाख टन के स्तर तक पहुंचती है, तो किसानों को मिलने वाला अतिरिक्त कुल लाभ बढ़कर लगभग 720 करोड़ रुपये हो सकता है। एमएसपी के दामों में हुई बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर सरसों और गेहूं उत्पादक किसानों पर पड़ने की संभावना है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, यानी किसानों को 413 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे। वहीं, गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जिससे 25 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। हरियाणा में लगभग 72 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद को आधार मानने पर किसानों को करीब 180 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। करीब 4.69 लाख गेहूं विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन करीब 3,800 रुपये का अतिरिक्त लाभ बैठता है। सरसों के मामले में एमएसपी बढ़ोतरी का असर और बड़ा दिखाई देता है। करीब आठ लाख टन सरसों की सरकारी खरीद होने पर किसानों को लगभग 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अगर खरीद बढ़कर 13 लाख टन तक पहुंचती है तो अकेले सरसों उत्पादकों को लगभग 537 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। इस स्थिति में रबी फसलों से किसानों को मिलने वाला कुल अतिरिक्त लाभ लगभग 720 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। करीब 2.59 लाख सरसों विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन 12,700 रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है। सरसों उत्पादन में अग्रणी सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी जैसे जिलों के किसानों को इसका विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। एमएसपी में बढ़ोतरी का असर केवल गेहूं और सरसों तक सीमित नहीं है। जौ का एमएसपी 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये, चने का 5,875 रुपये से बढ़ाकर 5,958 रुपये, मसूर का 7,000 रुपये से बढ़ाकर 7,390 रुपये और कुसुम का 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। कुसुम के मूल्य में सबसे अधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इस तरह एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों को गेहूं के साथ दलहन और तिलहन की खेती की ओर बढ़ने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दे सकती है। इससे राज्य में फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।  

बोकारो से लातेहार तक पांच जिलों में कम खर्च, जिला कृषि अधिकारियों पर गिरेगी गाज

 रांची  कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने राज्य में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन और आवंटित राशि कम खर्च पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोमवार को आयोजिक बैठक में कृषि सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, धनबाद तथा लातेहार के जिला कृषि पदाधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। निदेशक ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना-सह-कृषक पाठशाला योजना के पुराने लंबित बिलों का अविलंब भुगतान करने और काम में लापरवाही बरतने वाली चयनित एजेंसियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिया है। कृषि निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल पांच माह शेष हैं। इसलिए सभी योजनाओं का तेजी क्रियान्वयन किया जाए। केंद्रीय कृषि मंत्री के दौरे को लेकर बढ़ी सक्रियता बैठक में अधिकारियों को को बताया गया कि आठ अक्टूबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का रांची दौरा है। इस दौरान राज्य के कृषि मंत्री के साथ केंद्रीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति और खर्च की समीक्षा की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति और कोषागार से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को तुरंत पूरा करने का आदेश दिया गया। किसान आईडी नहीं बनने पर रुकेगा मानदेय डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की समीक्षा के दौरान जिलावार व्यय पर असंतोष जताया गया। कृषि निदेशक ने निर्देश दिया कि जिलों में पदस्थापित बीटीएम, एटीएम और उप परियोजना निदेशकों के माध्यम से न्यूनतम 14,000 की संख्या में यूनिक किसान आईडी तैयार कराई जाए। जब तक संबंधित कर्मी इस कार्य को पूरा करने का प्रमाण नहीं देंगे, तब तक माह अक्टूबर के मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा। इस पर सख्ती बरतने के निर्देश हैं।

बेगूसराय और पूर्वी चंपारण से जुड़े दो युवक जासूसी केस में पकड़े गए, रिटायर्ड सेना जवान भी शामिल

पटना भारत की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं कथित तौर पर पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप में असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बिहार से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ का दावा है कि दोनों पाकिस्तान के एक खुफिया ऑपरेटिव के संपर्क में थे और सुरक्षा बलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा कर रहे थे। असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने पूर्वी चंपारण के अभिषेक कुमार सिंह (31), बेगूसराय के रीतेश सिंह (39) को पकड़ा है। दोनों गुवाहाटी के सतगांव थाना क्षेत्र के गांधीनगर स्थित एक किराये पर रह रहे थे। पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि देश विरोधी गतिविधियों में संलग्न युवक की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। स्थानीय स्तर पर परिवार और पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जारी बयान में कहा कि सुरक्षा संबंधी जानकारी पाक को मुहैया कराने के आरोप में सेना के जवान समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शर्मा ने कहा कि सेना के सेवानिवृत्त जवान को अनुबंध के आधार पर फिर से नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर की गई। दोनों आईएसआई को भेज रहे थे जानकारी पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई सेना की खुफिया इकाई (मिलिट्री इंटेलिजेंस) से मिले शुरुआती इनपुट के आधार पर की गई। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अभिषेक कुमार सिंह कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल है और उसके संबंध एक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से हैं। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री की जांच की जा रही है।

मौत से पहले क्या हुआ था? सामने आया दीपक लोधी का नया वीडियो, सीढ़ियों पर नजर आए

मथुरा संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में एक नया सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें रसिक दुलारी सीढ़ियों पर चढ़ता नजर आ रहा है। इससे मामले को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित साधु रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार वह गुरु कृपा कुंज की छत से गिरा था। जांच के दौरान मौत से पहले उसके साथ हुई घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए। सभी साक्ष्य संरक्षित पुलिस ने सभी साक्ष्यों को संरक्षित रखने का निर्णय लिया। इनमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य सामग्री शामिल हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। अब एक के बाद एक तीन सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने से सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब पुलिस ने इन साक्ष्यों को संरक्षित कर लिया है तो वीडियो किसके द्वारा और किस उद्देश्य से वायरल किए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इन वीडियो को वायरल करने का उद्देश्य संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत को आत्महत्या के रूप में स्थापित करना हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एसआईटी जांच की मांग उठी दूसरी तरफ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत की एसआईटी जांच की मांग को लेकर पत्र याचिका भेजी गई है। अधिवक्ता प्रह्लाद कृष्ण शुक्ल ने चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजकर मामले की जांच के लिए न्यायालय की निगरानी में एसआईटी गठित करने की मांग की है। पत्र याचिका में कहा गया है कि यह देश के हजारों लाखों श्रद्धालुओं से जुड़ा मामला है इसलिए इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। पत्र याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा गया है कि सच को सामने लाने के लिए हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में विशेष जांच टीम का गठन किया जाए या फिर मजिस्ट्रियल जांच हो। याचिका में पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की मांग गई है। चौथी मंजिल से कूद गए थे दीपक लोधी गौरतलब है कि वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्रीहित राधा केलि कुंज में 25 वर्षीय साधु रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक पटेल की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। जबलपुर, मध्य प्रदेश निवासी यह साधु चौथी मंजिल से कूद गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया। उसका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ पाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ। मथुरा पुलिस प्रेमानंद महाराज के सभी आश्रमों में घटना से जुड़े सबूत जुटा रही है व शिष्यों से पूछताछ कर रही है। उधर, रसिक दुलारी के परिजन आश्रम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विरोध कर रहे हैं।

बाबर आजम को T20 टीम से किया गया बाहर, एशियन गेम्स के कप्तान साहिबजादा फरहान को मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. टीम में बड़ा बदलाव करते हुए साहिबजादा फरहान को नया T20 कप्तान बनाया गया है, जबकि बाबर आजम को टीम से बाहर कर दिया गया है. फरहान ने सलमान अली आगा की जगह कप्तानी संभाली है. सलमान को भी T20 टीम में जगह नहीं मिली है. श्रीलंका के खिलाफ तीनों मुकाबले 9, 11 और 13 अक्टूबर को रावलपिंडी में खेले जाएंगे. एशियन गेम्स के बाद फरहान को मिली बड़ी जिम्मेदारी 30 साल के साहिबजादा फरहान हाल ही में एशियन गेम्स में पाकिस्तान की T20 टीम के कप्तान थे. उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने सिल्वर मेडल जीता था और फाइनल में उसे भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. अब PCB ने उन्हें सीनियर T20 टीम की कमान भी सौंप दी है. बाबर आजम की T20 टीम से छुट्टी बाबर आजम का T20 टीम से बाहर होना सबसे बड़ा फैसला है. हालांकि, उन्हें इंग्लैंड और श्रीलंका के खिलाफ होने वाली ODI ट्राई-सीरीज की टीम में शामिल किया गया है, यानी वनडे में उनके लिए दरवाजा अभी बंद नहीं हुआ है. 2026 T20 वर्ल्ड कप में बाबर का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. उन्होंने चार पारियों में सिर्फ 91 रन बनाए थे. इसके बाद घरेलू फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में भी उनकी शुरुआत खराब रही. प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में शुरुआती तीन पारियों में उनके नाम केवल 37 रन रहे. नसीम शाह की वापसी पाकिस्तान की T20 टीम में तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी भी हुई है. घुटने की चोट से उबरने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और CPL के जरिए अपनी फिटनेस और गेंदबाजी लय हासिल की. वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू में शानदार प्रदर्शन करने वाले रजाउल्लाह को पहली बार पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम में जगह मिली है. उन्होंने एजबेस्टन टेस्ट में दूसरी पारी में 81 रन बनाए थे और गेंद से भी योगदान दिया था.  पाकिस्तान की T20 टीम: साहिबजादा फरहान (कप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, अराफात मिन्हास, फखर जमान, हसन नवाज, मुहम्मद इमरान रंधावा, ख्वाजा नफे (विकेटकीपर), माज सदाकत, नसीम शाह, रजाउल्लाह, सैम अयूब, मोहम्मद सलमान मिर्जा, शादाब खान और सुफियान मोकीम. इंग्लैंड-श्रीलंका के खिलाफ वनडे ट्राई सीरीज के लिए पाकिस्तानी टीम: शाहीन शाह आफरीदी (कप्तान), अबरार अहमद, सलमान अली आगा, अराफात मिन्हास, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, मुहम्मद गाजी गोरी (विकेटकीपर), हारिस रउफ, हसन नवाज, नसीम शाह, रजाउल्लाह, साद बेग (विकेटकीपर), सैम अयूब, शादाब खान और सुफियान मोकीम.

छिन्नमस्तिका मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 102 करोड़, पर्यटन विभाग ने कोर्ट को दी जानकारी

 रांची हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की अदालत में रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत के आदेश के आलोक में पर्यटन सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त और अदालत में उपस्थित हुए। पर्यटन सचिव ने अदालत को बताया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 102 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश पर्यटन सचिव के जवाब पर अदालत ने शपथ पत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार की गई डीपीआर पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। इस परियोजना के लिए राशि किस मद से उपलब्ध कराई जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। इस संबंध में संजीव कुमार सिंह की ओर से अवमानना याचिका दाखिल की गई है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान पर्यटन विभाग के सचिव की ओर से अदालत को बताया गया कि रजरप्पा मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार डीपीआर पर स्वीकृति के लिए फाइल विभागीय मंत्री के पास भेजी गई है, क्योंकि राशि अधिक है। अदालत ने अगली सुनवाई में शपथ पत्र के माध्यम से पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। 2023 का आदेश अदालत ने रामगढ़ डीसी और पर्यटन विभाग के सचिव की सशरीर उपस्थिति से फिलहाल छूट देते हुए अगली सुनवाई में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट को सहयोग करने का निर्देश दिया है। मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को विस्तृत आदेश पारित किया था। अदालत ने राज्य सरकार, पर्यटन विभाग, झारखंड पर्यटन विकास निगम और रामगढ़ जिला प्रशासन को मंदिर परिसर और आसपास की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था।