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टीम इंडिया की बादशाहत कायम, लेकिन न्यूजीलैंड सिर्फ 5 अंक पीछे

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ODI रैकिंग में भारतीय टीम ने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखी है. वार्षिक अपडेट के बाद भी भारतीय टीम दुनिया की नंबर-1 ODI टीम बनी हुई है, लेकिन इस बार उसकी बढ़त थोड़ी कम हो गई है. दूसरे स्थान पर मौजूद न्यूजीलैंड अब भारत से सिर्फ 5 रेटिंग अंक पीछे है, जिससे आने वाले महीनों में नंबर-1 की जंग और रोमांचक हो सकती है. ताजा अपडेट के बाद भारतीय टीम के पास 118 रेटिंग अंक हैं. हालांकि टीम इंडिया को एक रेटिंग पॉइंट का नुकसान हुआ है. वहीं दूसरे स्थान पर काबिज न्यूजीलैंड के 113 अंक हैं. जबकि वर्ल्ड चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया 109 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर कायम है. उधर साउथ अफ्रीका ने ओडीआई रैंकिंग में शानदार छलांग लगाते हुए पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है. साउथ अफ्रीका अब 102 अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पाकिस्तान 98 अंकों के साथ पांचवें नंबर पर खिसक गया. श्रीलंका 96 अंकों के साथ छठे, अफगानिस्तान (93 अंक) सातवें, इंग्लैड (89 अंक) आठवें, बांग्लादेश (84 अंक) नौवें और वेस्टइंडीज (74 अंक) दसवें नंबर पर है. वर्ल्ड कप के लिहाज से अहम है ये रैंकिंग यह रैंकिंग अपडेट सिर्फ नंबरों का खेल नहीं है, बल्कि आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड 2027 के सीधे क्वालिफिकेशन से भी जुड़ा हुआ है. 31 मार्च 2027 तक ओडीआई रैंकिंग में टॉप-8 में रहने वाली टीमें सीधे आगामी वर्ल्ड कप में जगह बनाएंगी. मेजबानों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे पहले ही डायरेक्ट एंट्री पा चुके हैं. ऐसे में अगर साउथ अफ्रीका टॉप-8 में बना रहता है, तो नौवें स्थान की टीम को भी सीधा वर्ल्ड कप टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी. ताजा रैंकिंग में आयरलैंड ने जिम्बाब्वे को पीछे छोड़ 11वां स्थान हासिल किया. उधर संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) 13वें नंबर पर पहुंच गया, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कनाडा को पीछे छोड़ 19वां स्थान हासिल किया. भले ही टीम इंडिया नंबर-1 बनी हुई है, लेकिन न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया तेजी से अंतर कम कर रहे हैं. ऐसे में आने वाले ODI मुकाबले भारत के लिए बेहद अहम होने वाले हैं, क्योंकि छोटी सी चूक भी टीम इंडिया से नंबर-1 का ताज छीन सकती है.

IPL 2026: अक्षर-मिलर की फिफ्टी से दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब से छीनी जीत

धर्मशाला  पंजाब किंग्स को आईपीएल 2026 के 55वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 3 विकेट से हार मिली। शुरुआत 7 मैचों में अजेय रहने के बाद श्रेयस अय्यर की टीम की यह लगातार चौथी हार है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में टॉस हारने के बाद पहले खेलते हुए पंजाब ने 5 विकेट पर 210 रन बनाए। दिल्ली कैपिटल्स ने 19 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। यह धर्मशाला के मैदान पर सबसे बड़ा रनचेज भी है। 11 मैचों में 13 पॉइंट के सात पंजाब टेबल में चौथे नंबर पर है। 12 मैचों में 10 पॉइंट के साथ दिल्ली 7वें नंबर पर आ गई है। पावरप्ले में ही पंजाब ने 72 रन ठोके प्रियांश आर्य ने प्रभसिमरन सिंह के साथ मिलकर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। इन सलामी बल्लेबाजों ने 41 गेंदों में 78 रन की साझेदारी की। प्रभसिमरन 15 गेंदों में 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद प्रियांश आर्य ने 33 गेंदों में 6 छक्कों और 2 चौकों के साथ 56 रन बनाकर आउट हुए। पंजाब किंग्स ने 97 के स्कोर तक अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों को खो दिया था। कूपर कोनोली ने श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 गेंदों में 83 रन जोड़े। कूपर कोनोली 27 गेंदों में 38 रन बनाकर पवेलियन लौटे। आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स का सबसे सफल रनचेज    226 बनाम RR, जयपुर, 2026     211 बनाम PBKS, धर्मशाला, 2026     210 बनाम LSG, विशाखपट्टनम, 2025     209 बनाम GL, दिल्ली, 2017     207 बनाम PBKS, जयपुर, 2025 कप्तान श्रेयस अय्यर ने फिफ्टी ठोकी पंजाब ने 19वें ओवर की पहली गेंद पर मार्कस स्टोइनिस और दूसरी पर शशांक सिंह का विकेट खो दिया। इसके बाद बैटिंग करने उतरे सूर्यांश शेडगे ने श्रेयस अय्यर ने छठे विकेट के लिए 10 गेंदों में 23 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को 200 के पार पहुंचाया। अय्यर 36 गेंदों में 3 छक्कों और 5 चौकों के साथ 59 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि सूर्यांश ने 8 गेंदों में 2 छक्कों और इतने ही चौकों के साथ 21 रन जोड़े। डीसी की तरफ से मिचेल स्टार्क और माधव तिवारी को 2-2 विकेट हाथ लगे। मुकेश कुमार ने 1 विकेट हासिल किया दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स को 3 विकेट से हराया, चेज किया 211 रन का टारगेट अक्षर और मिलर के बल्ले से फिफ्टी निकली दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत खराब रही। इस टीम ने 33 के स्कोर तक अपने 3 विकेट खो दिए थे। अभिषेक पोरेल, केएल राहुल और साहिल परख कोई बड़ा कमाल नहीं कर पाए। यहां से ट्रिस्टन स्टब्स ने कप्तान अक्षर पटेल के साथ चौथे विकेट के लिए 23 गेंदों में 41 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभाला। ट्रिस्टन स्टब्स 17 गेंदों में 12 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद अक्षर ने डेविड मिलर के साथ पांचवें विकेट के लिए 34 गेंदों में 64 रन जोड़कर टीम को 138 के स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान अक्षर 30 गेंदों में 2 छक्कों और 8 चौकों के साथ 56 रन बनाकर आउट हुए। यहां से डेविड मिलर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने 28 गेंदों में 4 छक्कों और 3 चौकों के साथ 51 रन बनाए, जबकि आशुतोष ने 10 गेंदों में 24 रन की तूफानी पारी खेली। विपक्षी खेमे से अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर ने 2-2 विकेट हासिल किए। बेन ड्वारशुइस और मार्कस स्टोइनिस ने 1-1 विकेट निकाला।  

नर्सरी से लाने के बाद सूखने लगती है तुलसी? जानें एक्सपर्ट के बताए रिपोटिंग टिप्स और काले कीड़ों का रामबाण इलाज

लोग शिकायत करते हैं कि नर्सरी से लाने के बाद हरा-भरा तुलसी का पौधा सूखने लगता है या उसमें काले कीड़े लग जाते हैं। ऐसे में गार्डनिंग एक्सपर्ट ने तुलसी को सही तरीके से उगाने और उसे लंबे समय तक हरा-भरा रखने के कुछ खास सीक्रेट्स बताए हैं। जो आपके काम आएंगे। अक्सर लोगों का सवाल होता है कि नर्सरी से लाया हुआ हरा-भरा तुलसी का पौधा घर आते ही कुछ दिनों में सूख जाता है। अगर आप भी इस समस्या का सामना करते हैं तो यह जानकारी आपके काम आएगी। दरअसल, पौधे को लगाने के गलत तरीके और वातावरण में अचानक बदलाव के कारण वह शॉक में चला जाता है। एवर ग्रीन गार्डन की एक्सपर्ट ने तुलसी को हरा-भरा रखने और उसे काले कीड़ों से बचाने के कुछ खास सीक्रेट्स शेयर किए हैं। सभी जानते हैं कि तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में न केवल पूजनीय है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी बेमिसाल हैं। अब अगर आप पौधे की अच्छी ग्रोथ देखना चाहते हैं तो सबसे पहले उगाने का सही तरीका जानें। जब आप नर्सरी से पौधा लाते हैं, तो वह वहां के वातावरण का आदी होता है। अगर आप दोपहर की तेज धूप में पौधा लाए हैं, तो उसे तुरंत दूसरे गमले में न लगाएं। सबसे पहले उस पर थोड़ा सा पानी छिड़कें और उसे घर के वातावरण में सेट होने के लिए एक-दो दिन का समय दें। तुरंत मिट्टी बदलने से पौधे की जड़ें कमजोर हो सकती हैं। सही गमला और मिट्टी का चुनाव तुलसी के लिए 6 से 8 इंच का गमला सबसे अच्छा होता है। ध्यान रहे कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर हो। मिट्टी तैयार करते समय 60% गार्डन सॉइल, 20% कोकोपीट और 20% वर्मीकंपोस्ट का मिश्रण बनाएं। कोकोपीट मिट्टी में नमी बनाए रखता है और वर्मीकंपोस्ट पौधे को जरूरी पोषण देता है। पौधा लगाने का सही तरीका गमले को पहले 3 से 4 इंच तैयार मिट्टी से भरें। अब तुलसी के पौधे को बीच में रखें और चारों तरफ से मिट्टी भरकर हल्के हाथों से दबाएं। गमले को ऊपर तक न भरें, बल्कि ऊपर से 2 इंच खाली रहने दें ताकि पानी और खाद देने की जगह बनी रहे। मिट्टी को दबाना इसलिए जरूरी है ताकि जड़ों के पास हवा के बुलबुले न रहें। एप्सम सॉल्ट और ह्मयूमिक एसिड पौधा लगाने के तुरंत बाद आधा चम्मच एप्सम सॉल्ट और आधा चम्मच ह्यूमिक एसिड डालें। एप्सम सॉल्ट पौधे को रिपोटिंग शॉक से बचाता है और पत्तियों को हरा रखता है, जबकि ह्यूमिक एसिड जड़ों के विकास में मदद करता है। ध्यान रहे कि इस प्रक्रिया को हर महीने केवल एक बार ही दोहराना है। पानी देने का नियम और सही जगह पौधा लगाने के बाद उसे भरपूर पानी दें। शुरुआत में इसे सेमी-शेड वाली जगह पर रखें, जहां सीधी तेज धूप न आती हो। दोबारा पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी नजर आए। तुलसी की जड़ों में बहुत ज्यादा पानी जमा होने से वे सड़ने लगती हैं, जिसे 'रूट रॉट' कहते हैं। काले कीड़ों से छुटकारा पाने का उपाय अगर तुलसी पर काले कीड़े लग गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आधा चम्मच हल्दी और थोड़ा सा डिशवॉश लिक्विड पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। इसका छिड़काव पौधे पर करें। हल्दी एंटी-बैक्टीरियल होती है और कीड़ों को जड़ से खत्म कर देती है। छिड़काव के बाद अगले 24 घंटों तक पौधे पर सादा पानी न डालें।

डोरेमॉन के नोबिता का असली शहर जापान में मिला, फैंस ने की भावनाओं की झलक

टोक्यो   आप सभी अपने घर में कभी न कभी डोरेमॉन कार्टून तो देखा ही होगा। वही डोरेमॉन जो अपने गैजेट्स के लिए काफी फेमस है और उनसे अपने दोस्त नोबिता की मदद करता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसमें डोरेमॉन के असली शहर को जिसमें स्कूल और बिल्डिंगों को हूबहू वैसा ही दिखाया गया है जैसा वे कार्टून की काल्पनिक दुनिया में हैं। एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर ने सार्थक सचदेवा ने जापान की लगभग 6,000 किलोमीटर की यात्रा करके ये जगह ढूंढ़ी है। वीडियो में जापान के एक शांत आवासीय इलाके की उनकी यात्रा को दिखाया गया है, जो लोकप्रिय कार्टून के नोबिता और डोरेमोन की दुनिया से काफी मिलता-जुलता है।   इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो  इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @sarthaksachdevva नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसमें सार्थक कैमरा अपनी ओर घुमाते हुए उत्साह से कहा कि वह इस घर को देखने के लिए भारत से जापान तक का लंबा सफर तय करके आए हैं। इसके बाद वीडियो में संकरी गलियों, छोटे घरों और शांत सड़कों के मनोरम दृश्य दिखाए गए, जिन्हें देखकर दर्शकों को तुरंत डोरेमॉन के जाने-पहचाने दृश्यों की याद आ गई।मोहल्ले से गुज़रते हुए, सार्थक ने उन बारीकियों की ओर इशारा किया जिन्हें पुराने प्रशंसक तुरंत पहचान गए। एक सड़क की ओर इशारा करते हुए उन्होंने समझाया कि दर्शकों ने नोबिता को श्रृंखला में अनगिनत बार "ठीक इसी सड़क" से स्कूल जाते, दोस्तों से मिलते या खेल के मैदान की ओर भागते हुए देखा है। हूबहू वैस ही दिखा नजारा  मोहल्ले का शांत वातावरण, साफ-सुथरी सड़कें और सादगीपूर्ण घर उस सौम्य, रोजमर्रा की सुंदरता को दर्शाते थे जिसने डोरेमॉन को पीढ़ियों से दर्शकों के लिए इतना सुकून भरा बना दिया था। वीडियो के कई दृश्य कार्टून के दृश्यों से हूबहू मिलते-जुलते थे, जिससे यह दौरा पर्यटन की बजाय बचपन की यादों में खो जाने जैसा महसूस हुआ। वीडियो के कैप्शन में लिखा था, "वास्तविक जीवन में डोरेमोन के ठिकाने।" हालांकि डोरेमॉन की कहानी टोक्यो में घटित होती है, लेकिन कई प्रशंसक इसकी दृश्य शैली को श्रृंखला की निर्माता फुजिको एफ. फुजियो से जुड़े वास्तविक जीवन के स्थानों से जोड़ते हैं, जिनका जन्म ताकाओका में हुआ था। यूजर्स को भी पसंद आया वीडियो  यह वीडियो स्कूल के बाद डोरेमॉन देखते हुए बड़े हुए लोगों के बीच तेज़ी से ऑनलाइन वायरल हो गया। कई दर्शकों ने माना कि मोहल्ले को असल ज़िंदगी में देखकर वे भावुक हो गए, और कई लोगों ने इसे बचपन का सपना सच होने जैसा बताया। कई लोगों ने कहा कि यह क्लिप उन्हें डोरेमोन के गैजेट्स, नोबिता के कारनामों और उस दुनिया की सादगी भरे एहसास की याद दिलाती है जो आज भी सालों बाद भी बेहद जानी-पहचानी लगती है। एक यूजर ने सिर्फ "रोंगटे खड़े हो गए" लिखा, जबकि दूसरे ने कहा, "सुनहरे दिन।" एक तीसरे व्यक्ति ने कहा, "डोरेमॉन से जुड़ी हमारी बचपन की भावनाएं," जबकि चौथे व्यक्ति ने कहा, "इस वीडियो ने मेरा दिन बना दिया।"

ईमेल और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से NRI समस्याओं का समाधान, 13 मई को पंजाब सरकार का ऑनलाइन मिलनी

चंडीगढ़  विदेशों में बसे पंजाबियों की समस्याओं और शिकायतों को सुनने तथा उनके समयबद्ध निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा 13 मई 2026, बुधवार को सुबह 11:00 बजे (भारतीय समयानुसार) “ऑनलाइन मिलनी” का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के एन.आर.आई. मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि इस ऑनलाइन मिलनी के दौरान वे विदेशों में रह रहे पंजाबियों के साथ सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को सुनेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि संबंधित व्यक्ति अपनी शिकायतें minister.pa@punjab.gov.in ईमेल पर भेज सकते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन मिलनी में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन https://forms.gle/KKUutEpVTeccLSta6⁠लिंक के माध्यम से करवाया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि निर्धारित दिन और समय के अनुसार “ऑनलाइन मिलनी” में शामिल होने के लिए https://new.bharatvc.nic.in/join/8833894922⁠ लिंक का उपयोग किया जा सकता है। जॉइन करने के लिए आई.डी. 8833894922 तथा पासवर्ड 742627 होगा। एन.आर.आई. मंत्री ने विदेशों में बसे समस्त पंजाबियों से इस “ऑनलाइन मिलनी” में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है ताकि उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। संगरूर सहित कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए इसके बाद वर्ष 2024 में फरवरी महीने के दौरान पठानकोट, शहीद भगत सिंह नगर, फिरोजपुर और संगरूर सहित कई जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। अब पंजाब सरकार ने इस व्यवस्था को और व्यवस्थित करते हुए मई 2026 से महीने में दो बार एनआरआई मिलनी आयोजित करने का फैसला लिया है। इनमें एक मिलनी ऑनलाइन और दूसरी व्यक्तिगत अथवा डिवीजन स्तर पर आयोजित की जाएगी। पहली बार 609 शिकायतें आई थी सरकार की तरफ से दिसंबर 2022 में हुई पहली एनआरआई मिलनी के दौरान करीब 609 शिकायतें आई थीं। फरवरी 2024 में हुई मिलनियों में 309 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 256 का समाधान कर दिया गया। वहीं, जनवरी 2025 तक ऑनलाइन सत्रों के जरिए 542 से ज्यादा शिकायतें मिलीं, जिनमें से 488 मामलों का निपटारा हो चुका है।  

छत्तीसगढ़ के लाल अजय गुप्ता: तेंदूपत्ता से लेकर IFS तक का सफर

रायपुर छत्तीसगढ़ के वनांचलों से अक्सर संघर्ष की खबरें आती हैं, लेकिन इस बार रायगढ़ से एक ऐसी कहानी निकली है जो उम्मीदों को नई उड़ान दे रही है। संबलपुरी गांव के अजय गुप्ता, जिनका बचपन जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ बीनते हुए बीता, अब देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में से एक भारतीय वन सेवा के अधिकारी बनने जा रहे हैं। अजय ने IFS परीक्षा में ऑल इंडिया 91वीं रैंक हासिल की है। UPSC में भी गाड़े झंडे अजय की कामयाबी केवल IFS तक सीमित नहीं है। उन्होंने इस साल सिविल सेवा परीक्षा यानी UPSC में भी 452वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले अजय ने अपनी स्कूली शिक्षा में भी मेधावी होने का प्रमाण दिया था; उन्होंने 10वीं में 92.66% और 12वीं में 91.40% अंक प्राप्त किए थे। NIT रायपुर ने दिया बड़ा विजन अपनी सफलता का श्रेय अजय एनआईटी रायपुर को देते हैं। अजय का कहना है कि कॉलेज जाने से पहले उनके सपने सिर्फ गांव तक सीमित थे, लेकिन एनआईटी के माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य तय करने की प्रेरणा दी। आर्थिक तंगी के बावजूद स्कॉलरशिप और सरकारी योजनाओं के सहारे उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। छुट्टियों के दौरान वे घर लौटकर परिवार के साथ आज भी आजीविका के कामों में हाथ बंटाते थे। बस्तर के अनुभव ने दिखाया रास्ता अजय ने बताया कि बस्तर में ग्रामीण विकास के कार्यों से जुड़ने और वनों के साथ उनके पुराने जुड़ाव ने ही उन्हें वन सेवा चुनने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अजय की सफलता को वनवासी परिवारों के संघर्ष की जीत बताया है, वहीं वन मंत्री केदार कश्यप ने इसे दूरस्थ क्षेत्रों की आकांक्षाओं का प्रतीक कहा है। आर्थिक संघर्ष के बीच शिक्षा को बनाया हथियार अजय ने इस साल सिविल सेवा परीक्षा भी 452वीं रैंक के साथ पास की है। NIT ने अजय को बड़े लक्ष्य रखने की नई सोच दी। आर्थिक तंगी के बावजूद, उन्होंने अपनी पढ़ाई में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, 10वीं कक्षा में 92.66% और 12वीं कक्षा में 91.40% अंक हासिल किए। अजय के इस बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत उन्हें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर में दाखिला मिला, जहां स्कॉलरशिप ने तीन साल तक उनकी पढ़ाई में आर्थिक मदद की। अजय ने पहले उनके सपने सिर्फ उनके गांव तक ही सीमित थे, लेकिन NIT ने उनकी सोच का दायरा बढ़ा दिया। NIT ने बदली सोच उन्होंने कहा कि NIT में दाखिला लेने के बाद ही मुझे यह एहसास हुआ कि मैं और भी बड़े लक्ष्य हासिल कर सकता हूं। उन्होंने आगे बताया कि जंगल से उनका जुड़ाव और बस्तर में ग्रामीण विकास के लिए किए गए कामों ने ही उन्हें सिविल सेवाओं में जाने का लक्ष्य तय करने में मदद की। पढ़ाई के साथ-साथ अपने परिवार की मदद करने के बीच तालमेल बिठाते हुए, वह छुट्टियों के दौरान घर लौटकर रोज़ी-रोटी से जुड़े कामों में हाथ बंटाते थे। राज्य सरकार की छात्रवृत्तियों और वनोपज से जुड़ी सहायता योजनाओं ने उन्हें अपनी परीक्षाओं पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने में मदद की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अजय की यह सफलता जंगल में रहने वाले परिवारों के मजबूत हौसले को दर्शाती है, जबकि वन मंत्री केदार कश्यप ने इसे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों की ऊंची आकांक्षाओं का प्रतीक बताया। सरकारी योजनाओं ने पंखों को दी मजबूती अजय की इस लंबी उड़ान में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने कैशलेस सपोर्ट और आर्थिक संबल प्रदान किया। लघु वनोपज संघ की छात्रवृत्ति ने स्कूल से कॉलेज तक की पढ़ाई के दौरान इस छात्रवृत्ति ने आर्थिक बोझ को कम किया। राज्य शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से उन्हें निरंतर वित्तीय सहायता मिली, जिससे वे अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके। अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के अजय गुप्ता को भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि अजय ने न केवल अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि एक ऐसा युवा जिसने स्वयं जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहित किया, आज उन्हीं वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। हमारी सरकार की लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान की है। अजय की उपलब्धि यह दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर हमारे ग्रामीण अंचल के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपना स्थान सुनिश्चित कर सकते हैं। वन मंत्री ने जताया गौरव, हजारों परिवारों के सपनों का प्रतीक वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अजय गुप्ता को फोन कर बधाई दी और उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। मंत्री जी ने कहा कि अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के उन हजारों वनाश्रित परिवारों की जीत है जो जंगलों के बीच रहकर बड़े सपने देखते हैं। यह साबित करता है कि हमारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि ऐसे ही सशक्त भविष्य का निर्माण करना है। युवाओं के लिए नया आदर्श अजय गुप्ता आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं जो सीमित संसाधनों में IFS जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत सच्ची हो और शासन का साथ मिले, तो वनांचल का कोई भी युवा देश के शीर्ष पद तक पहुँच सकता है।    

12 मई 2026 राशिफल: सभी राशियों के लिए कैरियर, प्यार और पैसों की दिशा

मेष 12 मई के दिन जल्दबाजी में खर्च करने के बजाय सोच समझकर प्लान करना चाहिए। आप अपना आत्मविश्वास दोबारा कायम कर सकते हैं। अपने गोल्स की तरफ आगे बढ़ने और बदलाव लाने का एक दुर्लभ अवसर मिल सकता है। आपकी क्रिएटिविटी और बुद्धि ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं। वृषभ 12 मई के दिन सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों में पैसे खर्च हो सकते हैं। ऑफिस में लोग आपकी मेहनत और प्रयासों की तारीफ करेंगे। आपको पैसों के मामले में लाभ हो सकता है। कुछ की जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन साथ ही आपका कॉन्फिडेंस भी बढ़ेगा। मिथुन 12 मई के दिन नौकरी पेशा करने वाले जातकों पर काम का दवाब रहेगा। इस दौरान आपको सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। आपको ट्रैवल या ड्राइव करते समय सावधान रहना चाहिए। कर्क 12 मई का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। आपके कमाई के साधन में वृद्धि होगी। व्यापारियों को मन चाहा लाभ होगा। परिश्रम का पूरा फल मिलेगा। इस दिन नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नए अवसर मिलेंगे। सिंह 12 मई के दिन मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव भी हो सकता है। जिसके कारण आपका आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। इस दौरान आप संतान की किसी बात से परेशान रहेंगे। किसी विशेष काम में आपको सफलता मिल सकती है। कन्या 12 मई के दिन काम के सिलसिले में ट्रैवल करना पड़ सकता है। सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों में पैसे खर्च हो सकते हैं। जिससे आर्थिक बजट गड़बड़ा सकता है। व्यापारियों को मनचाहा लाभ होगा। तुला 12 मई का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। आपको किसी काम में सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। दिन की शुरुआत में खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। वृश्चिक 12 मई का दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। दिन की शुरुआत में कुछ चुनौतियों आएंगी, जिनका सामना करना पड़ सकता है। आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। गुस्से और वाणी पर काबू रखें। धनु 12 मई का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। हालांकि दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा लोगों की जिंदगी में खुशियां रहेंगी। मकर 12 मई का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में नौकरी करने वाले जातकों पर काम का दवाब रहेगा। इस दौरान आपको सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। कुंभ 12 मई का दिन खत्म होते-होते आपको मनचाहा लाभ मिल सकता है। किसी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को गुप्त शत्रुओं से बचना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए यह दिन शुभ साबित हो सकता है। मीन 12 मई के दिन आपको अप्रत्याशित चुनौतियों और आकर्षक अवसरों दोनों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। यह आपकी क्षमता और स्किल्स को प्रेजेंट करने का समय है। अपने मन पर भरोसा रखें और अच्छे रिश्ते बनाने पर फोकस करें। बैलेंस बनाने पर फोकस करें।  

योगी सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार पर फोकस

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था अब एक बड़े बदलाव की दहलीज पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विश्वविद्यालयों के कायाकल्प के बाद, अब राज्य सरकार ने प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतारने का लक्ष्य तय किया है। जिस तरह यूपी के सात विश्वविद्यालयों ने नैक (NAAC) की 'A++' रैंकिंग हासिल कर देशभर में मिसाल पेश की है, ठीक उसी तर्ज पर अब डिग्री कॉलेजों को भी उत्कृष्ट श्रेणी में लाने के लिए 'मिशन मोड' में काम शुरू हो गया है। विश्वविद्यालयों से डिग्री कॉलेजों तक: रैंकिंग का नया रोडमैप उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि सरकार का विजन अब केवल बड़े संस्थानों तक सीमित नहीं है।  विशेष कार्यशालाएं: प्रदेशभर के डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें उन्हें नैक रैंकिंग की बारीकियों, डेटा संकलन और गुणवत्ता सुधार के मंत्र दिए जा रहे हैं। रिसर्च और डिजिटल कल्चर: कॉलेजों को केवल 'डिग्री बांटने' वाला केंद्र न मानकर, उन्हें शोध (Research) और डिजिटल शिक्षा का हब बनाने पर जोर दिया जा रहा है। बी-ग्रेड का दौर खत्म, ए++ की लगी झड़ी योगी सरकार के सत्ता में आने से पहले प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था अक्सर रैंकिंग के मामले में पिछड़ जाती थी। ऐतिहासिक सुधार: पहले जहां विश्वविद्यालय बी या बी-प्लस ग्रेड तक ही पहुंच पाते थे, आज कुलाधिपति (राज्यपाल) और सरकार के साझा प्रयासों से राज्य के सात विश्वविद्यालय ए++ रैंकिंग प्राप्त कर चुके हैं। ग्लोबल बेंचमार्क: उत्तर प्रदेश के दो विश्वविद्यालय अब 'क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग' में शामिल हैं, जबकि छह संस्थानों ने 'क्यूएस एशिया रैंकिंग' में अपनी जगह पक्की की है। तीन विश्वविद्यालय यूजीसी की 'ग्रेड-1' श्रेणी का गौरव हासिल कर चुके हैं। छात्र सुविधाएं और रोजगार: नई शिक्षा नीति का आधार उच्च शिक्षा में यह गुणात्मक सुधार केवल कागजी नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ छात्रों को मिल रहा है।  इंफ्रास्ट्रक्चर: कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और बेहतर छात्र सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।  नई शिक्षा नीति (NEP): पाठ्यक्रमों को रोजगारपरक बनाकर छात्रों की संख्या बढ़ाने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।  प्रतिस्पर्धा: कॉलेजों के बीच बेहतर रैंकिंग हासिल करने की होड़ से अंततः शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।  

ईरान-अमेरिका तनाव का असर भारत में, पटना में घरेलू और व्यावसायिक गैस महंगी

पटना पटना में पीएनजी, सीएनजी और उद्योगों के उपयोग में आने वाली गैस की सभी श्रेणियों में इजाफा किया गया है। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण प्राकृतिक गैस के आयात में आ रही कमी के कारण गैस मूल्यों में इजाफा किया गया है। घरेलू पाइप्ड प्राकृतिक गैस (डी-पीएनजी) की कीमतों में 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके पहले इसकी कीमत 49.44 रुपये एससीएम थी। घरेलू गैस की कीमतों में इजाफा होने से पटना में डी-पीएनजी का उपयोग करने वाले 32 हजार उपभोक्ता सीधे प्रभावित होंगे। CNG के दाम में 1 रुपये की बढ़ोतरी व्यावसायिक कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमतों में एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। पटना में सीएनजी की बढ़ी हुई कीमत 89.90 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। पहले सीएनजी के दाम 88.90 रुपये प्रति किलोग्राम थे। इससे 40 हजार से ज्यादा वाहनों पर सीधा असर पड़ेगा। इन वाहनों में 15 से 20 हजार ऑटो और सामान ढोने वाले वाहन हैं। अप्रैल 2026 के बाद व्यावसायिक और औद्योगिक पाइप्ड नेचुरल गैस (सी-पीएनजी और आई-पीएनजी) की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। सी-पीएनजी की कीमत प्रति एससीएस 5.38 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब 93.27 रुपये प्रति एससीएम मिलेगी। इससे शहर के होटलों, रेस्टोरेंटों, बैंक्वेट हॉल आदि के परिचालन लागत में इजाफा होना तय है। औद्योगिक पाइप्ड नेचुरल गैस की कीमत में भी पांच रुपये प्रति एससीएम बढ़ी है। यह गैस अब उद्योगों को 85.95 और 86.25 रुपये प्रति एससीएम मिलेगी। पीएम मोदी ने देशवासियों से की सहयोग की अपील बता दें कि अमेरिका-ईरान के बीच पिछले कई दिनों से जारी जंग से कई देश लगातार प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के मद्देनजर देश के लोगों से सहयोग करने की अपील की है। पीएम ने उन्होंने देश के नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार के संरक्षण में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा समय का जो संकट है उसे देखते हुए हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर बहुत जोर देना होगा। उन्होंने कहा, “हमें तय करना होगा कि जब यह संकट का काल है और हमारी देशभक्ति हमें ललकार रही है तो कम से कम एक साल के लिए विदेशों में जाने की बातों को टालना चाहिए। भारत में बहुत सारी जगह हैं वहां हम जा सकते हैं। भारत में बहुत कुछ किया जा सकता है।” पीएम मोदी ने देश के लोगों से अगले एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील भी की है। इस दौरान उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल तथा रसोई गैस बचाने तथा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की भी अपील की। तनाव कम होने के नहीं दिख रहे आसार इधर ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव कम होने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने संबंधी उसके (ईरान) प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य करार देते हुए खारिज कर दिया है। डोनल्ड ट्रंप को रविवार को ईरान का प्रस्ताव प्राप्त हुआ और उम्मीद जताई जा रही थी कि इससे 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने में सफलता मिलेगी। इस युद्ध ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम, समुद्री मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है जिससे कई देश ईंधन की कमी का सामना कर रहे हैं। ट्रंप ने रविवार को 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट किया, 'मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित 'प्रतिनिधियों' का जवाब पढ़ा। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया – यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।' ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस से कहा, ‘मुझे उनका पत्र पसंद नहीं आया। यह ठीक नहीं है। मुझे उनकी प्रतिक्रिया पसंद नहीं आई।’

दुआ लिपा ने सैमसंग पर ठोका 125 करोड़ का मुकदमा, बिना अनुमति फोटो इस्तेमाल का आरोप

  ब्रिटिश सिंगर दुआ लिपा ने इलेक्ट्रॉनिक्स की एक दिग्गज कंपनी पर केस ठोंका है। मामला सिंगर की एक तस्वीर के बिना अनुमति इस्तेमाल से जुड़ा है। दुआ लीपा ने कंपनी के खिलाफ लीगल एक्शन लेते हुए हर्जाने में करोड़ों रुपये मांगे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 'सिंगर दुआ लीपा ने टेक कंपनी सैमसंग पर 15 मिलियन डॉलर (करीब 125 करोड़ रुपये) का मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि कंपनी ने बिना उनकी अनुमति के टीवी की पैकेजिंग पर उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया'। ये भी पढ़ें शिकायत में क्या आरोप लगाया? 'द हॉलीवुड रिपोर्टर' के अनुसार, यह मुकदमा शुक्रवार को कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में दायर किया गया था। ग्रैमी विजेता गायिका ने टेक कंपनी सैमसंग पर कॉपीराइट उल्लंघन, ट्रेडमार्क उल्लंघन और अपने प्रचार के अधिकार के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि कंपनी ने कथित तौर पर टेलीविजन के प्रचार और बिक्री के लिए उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया। कॉपीराइट तस्वीर का बिना इजाजत इस्तेमाल किया शिकायत के अनुसार, दुआ लीपा ने दावा किया कि 2024 में ऑस्टिन सिटी लिमिट्स म्यूजिक फेस्टिवल के दौरान ली गई उनकी एक बैकस्टेज तस्वीर का इस्तेमाल, 2025 से शुरू होने वाले सैमसंग टेलीविजन के कई मॉडलों की पैकेजिंग पर किया गया। गायिका ने कहा कि उस तस्वीर का कॉपीराइट उन्हीं के पास है। मुकदमे में आरोप लगाया गया कि सैमसंग ने टेलीविजन के डिब्बों के सामने वाले हिस्से पर उस तस्वीर का प्रमुखता से इस्तेमाल किया, जबकि कंपनी न तो गायिका से इसकी अनुमति ली और न ही तस्वीर के इस्तेमाल के लिए उन्हें कोई मुआवजा दिया। रोकने की बात कहे जाने पर भी जारी रखा फोटो का इस्तेमाल 'द हॉलीवुड रिपोर्टर' के अनुसार, मुकदमे में कहा गया है, 'दुआ लीपा की लोकप्रियता और साख को देखते हुए सैमसंग ने बिना किसी अनुमति या लाइसेंस के उनकी एक कॉपीराइट वाली तस्वीर का इस्तेमाल किया और उसे खुद बनाए गए उन टेलीविजन के कार्डबोर्ड बॉक्स के सामने वाले हिस्से पर प्रमुखता से दिखाया, जिन्हें बिक्री के लिए रखा गया था'। दुआ ने यह भी दावा किया कि कंपनी ने उनकी तस्वीर का इस्तेमाल तब भी जारी रखा, जब उसे ऐसा करने से रोकने की मांग की गई थी। कंपनी को बताया लापरवाह और असंवेदनशील शिकायत में सैमसंग की प्रतिक्रिया को लापरवाह और असंवेदनशील बताया गया है। प्रकाशन के अनुसार, मुकदमे में यह तर्क भी दिया गया है कि प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर दुआ लीपा की तस्वीर के इस्तेमाल से ग्राहकों को यह गलतफहमी हो सकती है कि दुआ ने आधिकारिक तौर पर सैमसंग टेलीविजन का समर्थन किया है। शिकायत में सोशल मीडिया पर उपयोगकर्ताओं की कई टिप्पणियों का भी हवाला दिया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर यह मान लिया था कि यह गायिका इस अभियान से जुड़ी हुई है।