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भारतीय टी20 कप्तान बने पिता, नन्ही परी ‘रिद्धिमा’ के साथ शेयर की पहली झलक

नई दिल्ली भारत की टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के घर खुशियों ने दस्तक दी है. दरअसल, सूर्यकुमार यादव और उनकी पत्नी देविशा माता-पिता बने हैं. 7 मई (गुरुवार) को उनके घर एक नन्ही परी ने जन्म लिया, जिसने इस कपल की जिंदगी को खुशियों से भर दिया. यह उनके जीवन का एक बेहद खास और भावुक पल रहा, जिसे वे दोनों पूरी तरह एंजॉय कर रहे हैं. इसी खुशी में सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटी की पहली झलक अपने फैंस के साथ साझा की है. उस पोस्ट में सूर्यकुमार यादव ने लिखा कि, 'हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी से मिलिए, रिद्धिमा'. बेटी का नाम रखा है 'रिद्धिमा', ये है मतलब क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने अपनी बेटी का नाम रिद्धिमा रखा है. यह नाम संस्कृत से लिया गया है. इस नाम का अर्थ है प्रेम से परिपूर्ण, मोती, समृद्धि और सफलता का स्रोत. हिंदू शास्त्रों में यह नाम देवी लक्ष्मी (धन और समृद्धि की देवी) और देवी सरस्वती (ज्ञान की देवी) से संबंधित माना जाता है. इस नाम का शुभ अंक है 8, जिसे आनंद और सकारात्मकता लाने वाला माना जाता है. आसान शब्दों में कहें तो हिंदू समुदाय में यह नाम काफी प्रचलित है. रिद्धिमा नाम का संबंध नई शुरुआत और अवसरों से भी माना जाता है. यह एक ऐसा नाम है जिसे माता-पिता इस आशा से चुनते हैं कि उनका बच्चा अच्छे गुणों को अपनाएगा और साहस से परिपूर्ण जीवन व्यतीत करेगा. यह नाम हिंदी संस्कृति में गहराई से जुड़ा हुआ है. एयरपोर्ट पर भी बांटी मिठाई इस समय सूर्यकुमार यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. दरअसल, हाल ही में जब वह मुंबई इंडियंस के साथ मैच खेलने के लिए रायपुर पहुंचे, तो एयरपोर्ट पर उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. वहां पहुंचते ही उन्होंने फोटोग्राफर्स और अपने फैंस के साथ खुशी साझा की. खास बात यह रही कि सूर्या ने खुद अपने हाथों से मिठाइयां बांटी और सभी का मुंह मीठा कराया. उनका यह सादगी भरा और खुशमिजाज अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. सूर्यकुमार यादव ने दिखाई बेटी की पहली झलक हॉस्पिटल से सामने आए फोटो में सूर्यकुमार यादव और उनकी पत्नी देविशा बहुत ही खुश नजर आ रहे हैं. उससे ठीक एक दिन पहले ही क्रिकेटर ने फैंस के साथ अपने पिता बनने की खुशी भी जाहिर की थी. फैंस के साथ-साथ क्रिकेट जगत के कई लोगों ने भी उन्हें ढेरों बधाइयां और शुभकामनाएं दी हैं. लगातार सोशल मीडिया पर लोग उनके लिए प्यार और अच्छे मैसेज भेज रहे हैं.

राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने साझा किए अनुभव, सरकार की योजनाओं से बदली आर्थिक स्थिति

पुष्कर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को पुष्कर के कड़ैल में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया, जिसमें लखपति दीदियों ने अपने-अपने अनुभव साझा. सीएम भजनलाल ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से समक्ष बनाने के लिए काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण के विभिन्न कार्य हो रहे हैं. जिसमें घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाकर योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना शामिल है. महिलाओं के लिए मां वाउचर योजना शुरू सीएम भजनलाल ने कहा कि हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए मा वाउचर योजना शुरू की है. बालिकाओं को साइकिल व स्कूटी वितरण किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी योजना प्रारंभ की. जिसमें महिलाएं कृषि सखी, बैंक सखी, पशु सखी, ड्रोन दीदी जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. राजीविका के माध्यम से प्रदेश में 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं. हमारी सरकार महिलाओं को टेबलेट वितरण भी कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की मजबूत पहल की. इससे पहले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास रथ एवं कला जत्थों का अवलोकन किया. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान डाटा सखी प्रियंका गोस्वामी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर विभिन्न भूमिकाएं निभाई, जिससे मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी. राजीविका के तहत मुझे लोन मिला, जिससे मैंने पशुपालन करके अपनी आजीविका बढ़ाई. 2020 से मैं डाटा सखी का काम कर रही हूं. इससे भी मेरी आमदनी बढ़ी है. राज्य सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये का लोन 1.5 प्रतिशत ब्याज पर हमे मिल रहा है. वहीं, पशु सखी लक्ष्मी कंवर ने बताया कि मैं पहले साधारण गृहणी थी, लेकिन राजीविका की वजह से आज लखपति दीदी हूं. परिवार की ओर से सहयोग मिला, जिससे मैं घर के बाहर जाकर काम कर पाई. पशु सखी के रूप में काम कर रही हूं. मुझे जो लोन मिला उससे मैंने पशुपालन करना शुरू किया. इससे आज मेरी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है. महिलाओं को आगे बढ़ने के अच्छे अवसर मिल रहे हैं.

वास्तु शास्त्र: दरवाजों के पीछे सामान लटकाने से होने वाले दोष और उपाय

 हम अक्सर घर के कमरों को सजाते समय दरवाजों के पीछे की खाली जगह को स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं. खूंटियां लगाकर कपड़े टांगना, थैले लटकाना हमें सामान्य लगता है. लेकिन वास्तु शास्त्र की मानें तो ये छोटी सी लापरवाही आपके जीवन में बड़े वास्तु दोष पैदा कर सकती है. वास्तु के अनुसार, दरवाजे ऊर्जा के द्वार होते हैं. अगर इन द्वारों पर गलत चीजें लटकी हों, तो सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती, जिसका सीधा असर आपकी सेहत, तरक्की और जेब पर पड़ता है. दरवाजे पर सामान लटकाने से लगने वाले गंभीर दोष     जब दरवाजे के पीछे कपड़ों या भारी बैगों का ढेर होता है, तो दरवाजा पूरी तरह खुल नहीं पाता. वास्तु में इसे अवरोध दोष कहते हैं. यह दोष घर के सदस्यों के करियर में बाधाएं लाता है. इससे सफलता के नए रास्ते बंद हो जाते हैं.     दरवाजे पर भारी झोले या वजनदार चीजें लटकाने से घर में ऋण बढ़ता है. यह फिजूलखर्ची को बढ़ाता है, इंसान धीरे-धीरे कर्ज के बोझ तले दबने लगता है.     दरवाजे के पीछे लोहे की नुकीली चीजें, कैंची या औजार लटकाने से घर में कलह पैदा होती है. इससे परिवार के लोगों के बीच आपसी तालमेल बिगड़ता ह, इससे तनाव बना रहता है. भूलकर भी न लटकाएं ये 5 चीजें ढेर सारे कपड़े: दरवाजों पर कपड़ों का अंबार लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा जमा होती है. यह मानसिक भारीपन और चिड़चिड़ापन लाता है. दवाइयों का थैला: दवाइयां बीमारी का प्रतीक हैं. इन्हें दरवाजे पर लटकाने से घर में बीमारी का प्रभाव बना रहता है, आप पर इलाज का खर्च बढ़ता है. पुराने कैलेंडर: पिछले साल या पुराने महीनों के कैलेंडर लटकाए रखना आपकी प्रगति को रोक देता है.यह आपके समय को पीछे ले जाता है. गंदे जूते-चप्पल: दरवाजे के पीछे जूते-चप्पलों का ढेर राहु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे घर में अशांति आती है. गीले तौलिए या कपड़े: गीली चीजें नमी और राहु का प्रतीक हैं. इन्हें दरवाजे पर सुखाने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. ऐसे सुधारें दरवाजे का वास्तु दरवाजा रखें हल्का: कोशिश करें कि दरवाजे के पीछे कोई खूँटी न हो. कपड़ों के लिए अलग स्टैंड या अलमारी का उपयोग करें. सफाई है जरूरी: हफ्ते में एक बार दरवाजे के पीछे की धूल जरूर साफ करें. गंदगी दरिद्रता को बुलावा देती है. आवाज की मरम्मत: अगर दरवाजा खोलते समय 'चू-चू' की आवाज करता है, तो उसमें तुरंत तेल डालें. यह आवाज घर में क्लेश लाती है. शुभ प्रतीकों का प्रयोग: दरवाजे के ऊपर स्वास्तिक या ॐ का चिह्न लगाना शुभ होता है, लेकिन ध्यान रहे कि ये चिह्न पैरों के नीचे या किसी गंदी चीज के संपर्क में न आएं.

इंटर मियामी की शानदार जीत: टोरंटो FC को 4-2 से हराकर छठी लगातार जीत

टोरंटो  लियोन मेसी ने एक गोल और दो असिस्ट करके मेजर लीग सॉकर (एमएलएस) के इतिहास में 100 गोल में योगदान देने वाले सबसे तेज खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। मेसी के इस प्रदर्शन से इंटर मियामी ने टोरंटो एफसी को 4-2 से हराकर अपनी लगातार जीत का सिलसिला छह मैचों तक पहुंचा दिया। मेसी के इस प्रदर्शन से उनके 64 रेगुलर-सीजन मैचों में कुल 59 गोल और 41 असिस्ट हो गए हैं, जिससे उन्होंने टोरंटो के सेबेस्टियन जियोविको द्वारा बनाए गए 95 गोल के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। मेसी के अब मियामी के लिए सभी प्रतियोगिताओं में कुल 101 मैचों में 87 गोल और 57 असिस्ट हो गए हैं। टोरंटो के विरुद्ध मुकाबले में मियामी के रोड्रिगो डी पॉल ने भी एक गोल और दो असिस्ट किए। डी पॉल ने दिलाई इंटर मियामी को बढ़त डी पाल ने 44वें मिनट में एक फ्री किक पर गोल करके इंटर मियामी को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद मेसी और डी पॉल के असिस्ट से 56वें मिनट में लुइस सुआरेज ने दूसरा गोल किया। डिफेंडर सर्जियो रेगिलोन ने 73वें मिनट में मेसी के असिस्ट से तीसरा गोल किया। जबकि डी पॉल ने 75वें मिनट में मेसी को टीम के लिए चौथा गोल करने में मदद की। वहीं इसके बाद टोरंटो के लिए एमिलियो अरिस्टिजाबल ने दो गोल दागे। मुकाबले में प्रशंसक मेसी के करीब जाने की कोशिश में मैदान पर कूद गए। इससे मुकाबले को दो बार रोकना पड़ा। ब्रेंटफोर्ड को हराकर सिटी ने आर्सेनल पर दबाव बढ़ाया मैनचेस्टर सिटी ने शनिवार को ब्रेंटफोर्ड को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराकर इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) की अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे आर्सेनल पर दबाव बढ़ा दिया। सिटी की ओर से जेरेमी डोकू, एर्लिंग हालैंड और ओमार मारमोश ने गोल दागे। इस परिणाम से आर्सेनल और दूसरे स्थान पर चल रही सिटी के बीच अब सिर्फ दो अंक का अंतर रह गया है। आर्सेनल के 35 मैच में 76 जबकि सिटी के इतने ही मैच में 74 अंक हैं। इधर तीसरे स्थान पर चल रहे मैनचेस्टर यूनाइटेड ने सदरलैंड से गोल रहित ड्रॉ खेला, जबकि छठे स्थान पर चल रहे बोर्नेमाउथ ने फुलहम को 1-0 से शिकस्त दी। केन के पेनाल्टी पर चूकने के बावजूद जीता बायर्न बुंडेसलीगा में हैरी केन पेनाल्टी को गोल में बदलने से चूक गए। बायर्न म्यूनिख के लिए 24 बार पेनाल्टी को गोल में बदल चुके केन ने यह पहली बार कोई स्पॉट किक मिस की। हालांकि इसके बावजूद ओलिस के गोल के दम पर बायर्न ने वोल्फ्सबर्ग को 1-0 से हराया। 89वें मिनट में वोल्फ्सबर्ग के मैटियस स्वानबर्ग के पास बराबरी का मौका था, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। इधर लीपजिग ने सेंट पॉली पर 2-1 की जीत के साथ बुंडेसलीगा में तीसरा स्थान के साथ चैंपियंस लीग में अपनी वापसी सुनिश्चित कर ली।  

संवेदनशील कदम: चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए 5 महीने के मासूम को लौटा परिवार

योगी सरकार की संवेदनशील पहल: चाइल्ड हेल्पलाइन ने 5 महीने के मासूम को मां की गोद वापस दिलाई तत्काल कार्रवाई होने से फईमा खातून ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद व्यक्त किया पारिवारिक विवाद में पिता ने दुधमुंहे बच्चे को मां से किया था अलग चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने एएचटीयू और बाल कल्याण अधिकारी के साथ त्वरित हस्तक्षेप किया काउंसलिंग के बाद शहाबुद्दीन ने बच्चे को पत्नी को सौंपा मिशन वात्सल्य योजना के तहत बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का विशेष फोकस लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में लगातार संवेदनशील और प्रभावी कदम उठा रही है। खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों की तलाश और पारिवारिक विवाद के चलते मां से अलग हुए मासूमों की मदद को लेकर राज्य सरकार की पहल लगातार असर दिखा रही है। इसका ताजा उदाहरण बिजनौर जिले में सामने आया, जहां चाइल्ड हेल्पलाइन की सक्रियता से 5 माह के दुधमुंहे बच्चे को उसकी मां से मिलाया गया है।  बच्चे को अपने पास रख पत्नी को घर से दिया था निकाल दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित महिला कल्याण विभाग की मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत चल रही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अब जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभर रही है। बीती 3 मई चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को सूचना मिली थी कि बिजनौर जिले में पारिवारिक विवाद के चलते शहाबुद्दीन नाम के शख्स ने अपने पांच महीने के बच्चे को अपने पास रख उसकी मां को घर से निकाल दिया है। मामला बेहद संवेदनशील था, क्योंकि बच्चा बहुत कम उम्र का था और पूरी तरह अपनी मां की देखभाल और मातृ दुग्ध पर निर्भर था। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने इसे गंभीरता से लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। बताते चलें कि योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।  अधिकारियों ने माता-पिता से अलग-अलग बातचीत कर समझाया इसी क्रम में चाइल्डलाइन टीम ने बिना देरी किए संबंधित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और स्थानीय थाना के बाल कल्याण अधिकारी से संपर्क किया। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और दोनों पक्षों से अलग-अलग एवं संयुक्त रूप से बातचीत की। पारिवारिक विवाद का सीधा असर पांच माह के मासूम पर पड़ रहा था। शिशु की उम्र बेहद कम होने के कारण उसे मां की गोद, मातृ दुग्ध और निरंतर देखभाल की जरूरत थी। अधिकारियों ने बच्चे के पिता शहाबुद्दीन को समझाया कि इतनी कम उम्र में बच्चे को मां से अलग रखना उसके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है। काउंसलिंग के बाद पिता ने बच्चे को मां के सुपुर्द किया चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम और बाल कल्याण अधिकारियों ने कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं से भी पिता को अवगत कराया। टीम ने काउंसलिंग करते हुए मां फईमा और पिता शहाबुद्दीन के बीच संवाद स्थापित कराया और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया। इसका नतीजा यह रहा है कि शहाबुद्दीन बच्चे को अपनी पत्नी फईमा को सुपुर्द करने के लिए सहमत हो गया था। संयुक्त टीम की मौजूदगी में 5 महीने के मासूम को सुरक्षित रूप से उसकी मां की देखरेख में सौंप दिया गया। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि बच्चे को आवश्यक मातृ पोषण और उचित देखभाल मिलती रहे। फिलहाल मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 लगातार ऐसे मामलों में अहम भूमिका निभा रही है।  फईमा ने बच्चे के पालन पोषण के लिए मुख्यमंत्री से लगाई गुहार गाजियाबाद के लोनी की रहने वाली फईमा खातून ने बताया कि परिवारिक विवाद के चलते पति शहाबुद्दीन ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था और बच्चा भी छीन लिया था। जिसकी शिकायत उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर की थी। चाइल्ड हेल्पलाइन ने तत्काल मामले को संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मुझे मेरा बच्चा दिला दिया है। जिसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और उनकी टीम का धन्यवाद व्यक्त करती हूं। हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। फिलहाल पीड़ित फईमा बच्चे को लेकर अपने मायके चली गई है। उन्होंने बच्चे के पालन-पोषण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।  भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगीः उप निदेशक महिला कल्याण निदेशालय के उप निदेशक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बिजनौर में 5 माह के शिशु को उसकी मां से मिलाने का मामला इसी संवेदनशील और प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शिशु की कम आयु को देखते हुए उसकी सुरक्षा, पोषण और मातृ देखभाल सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक था। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और बाल कल्याण अधिकारियों के समन्वित प्रयास से मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।

हैदराबाद के पास भीषण सड़क हादसा: एक्टर भरत कांत और साई त्रिलोक का निधन

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री से दुखद खबर सुनने को मिल रही है. जाने माने एक्टर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के. भरत कांत (भरत कांत या कट्टी भरत कांत) का निधन हो गया है. 31 साल के एक्टर की सड़क दुर्घटना में जान गई है. भरत कांत के साथ उनके दोस्त जी. साई त्रिलोक, जो कि पेशे से सिनेमेटोग्राफर और यूट्यूब आर्टिस्ट थे, उनकी भी मौत हुई है. जी. साई त्रिलोक की उम्र भी 31 साल थी. एक्टर के निधन की खबर से दुखी फैंस जानकारी के मुताबिक, रविवार तड़के हैदराबाद के पास आदिबाटला (Adibatla) के आउटर रिंग रोड पर भयानक सड़क हादसे में दोनों की जान गई. आदिबाटला पुलिस के मुताबिक, भरत कांत कार चला रहे थे. एग्जिट 12 के पास (बैंगलोर/तुक्कुगुडा और शमशाबाद के बीच) उन्होंने कंट्रोल खो दिया. उनकी गाड़ी आगे धीमी स्पीड में चल रहे कंटेनर लॉरी से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लॉरी के पीछे के पहिए उखड़ गए और कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. इस जानलेवा हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. दोनों पीड़ित आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के रहने वाले थे. बताया जा रहा है कि वे हैदराबाद की तरफ जा रहे थे. पुलिस को आशंका है कि ज्यादा स्पीड और ड्राइव करते हुए थकने के कारण ये हादसा हुआ. एक्सीडेंट के बाद तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने केस दर्ज किया है. शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच चल रही है. भरत कांत की बात करें तो वो इंडस्ट्री के उभरते हुए एक्टर, डांसर और कंटेंट क्रिएटर थे. वे तेलुगु फिल्मों और शॉर्ट फिल्मों में नजर आए थे. इनमें टेनेंट और ग्रामम शामिल हैं. उनके इंस्टा पर 40 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. यूट्यूब पर 30 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं. वहीं साई त्रिलोक डिजिटल और फिल्म प्रोजेक्ट्स में सिनेमेटोग्राफर थे. इतनी कम उम्र में सामने आई निधन की खबर ने फैंस को तोड़ दिया है. सोशल मीडिया पर सभी उन्हें नम आंखों से विदाई दे रहे हैं. यूजर्स का कहना है अचानक से भरत के साथ ऐसा कुछ होगा, किसी ने इसकी कल्पना नहीं की थी.

पहला विश्व कप मेडल: साहिल जाधव ने डेनमार्क को हराकर रचा इतिहास

शंघाई विश्व यूनिवर्सिटी खेलों के मौजूदा चैंपियन साहिल जाधव ने शनिवार को तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में पुरुष कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। यह विश्व कप में उनका पहला पदक भी है। महाराष्ट्र के 25 वर्षीय तीरंदाज जाधव ने कांस्य पदक के प्लेऑफ मुकाबले में डेनमार्क के मार्टिन डैंसबो को 147-144 से हराकर मौजूदा टूर्नामेंट में भारत का पहला पदक हासिल किया। भारत ने इस पदक के साथ कंपाउंड वर्ग में अपने अभियान का भी समापन किया। इस वर्ग में भारत के अन्य खिलाड़ी पदक जीतने में नाकाम रहे थे। भारत को कंपाउंड टीम स्पर्धाओं में मजबूत टीम माना जाता है लेकिन उसकी सभी टीम शुरुआती दौर में ही टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। भारत अब रविवार को प्रतियोगिता के समापन दिवस पर रिकर्व स्पर्धा में दो और पदक जीतने की कोशिश करेगा। भारतीय महिला टीम स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेगी। इसके अलावा सिमरनजीत कौर सेमीफाइनल से अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। विश्व कप में अपना पहला पदक जीतने के लिए उन्हें एक जीत की जरूरत होगी। जाधव पहले सेट के बाद एक अंक से पीछे चल रहे थे क्योंकि 40 वर्षीय डैंसबो ने तीन परफेक्ट 10 के साथ शुरुआत की थी। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने दूसरे सेट में परफेक्ट 30 का स्कोर बनाया जबकि डैंसबो 27 का स्कोर ही बना पाए। इससे जाधव को कुल 59-57 की बढ़त हासिल करने में मदद मिली। इसके बाद जाधव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपने अंतिम नौ तीरों में से केवल दो अंक गंवाकर तीन अंक की यादगार जीत हासिल की। जाधव ने पहले दौर में हमवतन अभिषेक वर्मा को, प्री-क्वार्टर फाइनल में जर्मनी के रूवेन फ्लुस को और क्वार्टर फाइनल में आस्टि्रया के 2022 के विश्व चैंपियन निको विएनर को शूटआफ में हराया था। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें फ्रांस के मौजूदा विश्व चैंपियन निकोलस गिरार्ड से एक अंक से हार का सामना करना पड़ा था।  

कपिल शर्मा शो पर क्या हुआ? सुनील पाल ने मेकर्स और जज पर लगाए गंभीर आरोप

कॉमेडियन सुनील पाल पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड कर रहे हैं. हफ्तों पहले वो कपिल शर्मा के नेटफ्लिक्स शो पर पहुंचे थे, जहां समय रैना भी थे जिनसे उनका 36 का आंकड़ा है. सुनील पाल और समय रैना ने एक-दूसरे को जमकर रोस्ट भी किया. हालांकि इंटरनेट के मुताबिक, सुनील पाल को शो के दौरान निशाना बनाया गया. सुनील पाल के जोक्स पर बेहद कम लोगों को हंसी आ रही थी. यहां तक कि कपिल शर्मा भी उनकी टांग खींच रहे थे. शो के बाद कॉमेडियन ने अपनी सफाई में कई सारी बातें कहीं. अब एक बार फिर सुनील पाल ने अपने चर्चित एपिसोड पर बात की. लेकिन इस बार उन्होंने शो के मेकर्स और जज पर निशाना साधा. यूट्यूबर सूरज कुमार संग पॉडकास्ट में सुनील पाल ने कहा कि नेटफ्लिक्स समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया को हाइलाइट करना चाहता था. वो उन दोनों को डाउनफॉल से ऊपर उठाना चाहते थे, इसलिए कपिल शर्मा के शो पर स्पेशल एपिसोड लेकर आए. कॉमेडियन ने दावा किया कि शो की टीआरपी में भारी बूस्ट मिल सके, इसलिए मेकर्स ने उन्हें भी समय वाले एपिसोड में बुला लिया. सुनील पाल ने समय संग शो करने पर भी रिएक्ट किया, जिनको वो किसी वक्त आतंकवादी बुलाते थे. कपिल के शो पर सुनील संग क्या हुआ? कॉमेडियन ने कहा, 'वो कपिल शर्मा का शो था, ना कि समय रैना या रणवीर का. वहां तो शाहरुख-सलमान-आमिर खान जैसे सुपरस्टार भी जाते हैं, उसमें क्या शॉकिंग बात हो गई अगर मैं वहां चला गया? मुझे वहां शो में बुलाया गया था. मुझे कोई आइडिया नहीं था कि वहां पर समय रैना भी होगा. मुझसे कहा गया कि एपिसोड में स्टैंडअप कॉमेडियन्स को लाया जाएगा, और उसमें वो भी शायद होंगे. मुझे कहा कि आप आओ और वहां एक स्टैंडअप शो करके दिखाओ, कोई इंटरव्यू नहीं.' 'मैंने एक 15 मिनट का स्कैच भी तैयार किया था और शो के डायरेक्टर अनुकल्प गोस्वामी ने उसे फाइनल भी कर दिया था. जब मैं वहां पहुंचा, तो मुझे पता चला कि वो दोनों समय और रणवीर भी वहां थे. मुझे स्टेज पर स्टैंडअप करने का मौका नहीं मिला. यहां तक कि उन्होंने मेरे कुछ जोक्स एडिटिंग के वक्त काट दिए, जो मैंने शो पर बोले थे.' सुनील पाल ने हालांकि ये भी साफ किया कि ना सिर्फ उनके, बल्कि समय और रणवीर की भी कई सारी बातें एडिट की गई थी. कॉमेडियन ने इस दौरान शो के जज नवजोत सिंह सिद्धू और अर्चना पूरन सिंह पर भी तंज कसा. सुनील पाल ने कहा कि समय के एक जोक पर दोनों हंस-हंसकर लोटपोट हो गए, लेकिन उनके जोक पर कोई नहीं हंसा जिससे उन्हें उनके खिलाफ हुई प्लानिंग का शक हुआ. शो के जज पर सुनील पाल ने उठाए सवाल कॉमेडियन ने कहा, 'सब कुछ एक तरफा हो गया. मुझे लगा कि मैं कहीं फंस गया हूं और लोग मुझे निशाना बना रहे हैं. बहुत से लोगों ने भी ये बात नोटिस की. जान-बूझकर लोगों को कहा गया था कि मेरे जोक्स पर मत हंसो, और दूसरे इंसान के छोटे-से-छोटे जोक पर भी बहुत ज्यादा तारीफ करो. नवजोत सिंह सिद्धू, जो 20 साल से कॉमेडियन्स को सुन रहे हैं, उन्होंने समय के एक छोटे जोक पर कहा कि बहुत बढ़िया, तुम अगले कपिल हो. यहां तक कि अर्चना भी उनके जोक पर नहीं हंसी. अर्चना ऐसी है कि पैसे मिले तो हवा पर भी हंस देगी. लेकिन अगर उसने भी नहीं हंसा, तो मुझे लगा कि यह सब प्लानिंग थी.'

होमगार्ड सुनील कुमार पर कार्रवाई, वीडियो सामने आने के बाद जांच तेज

 गोरखपुर यूपी के गोरखपुर के एक थाने में बैठकर खुलेआम घूस लेते होमगार्ड का वीडियो वायरल होने पर पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया है। पता चला है कि पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर यह पैसा लिया जा रहा था। वीडियो पीपीगंज थाने के अंदर की थी। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो सामने आने के बाद एसपी नार्थ ने जांच शुरू करा दी है। सीओ कैम्पियरगंज की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने पासपोर्ट सत्यापन का काम देखने वाले मुंशी को सस्पेंड कर दिया। दरअसल, घूसखोरी के मामले में पब्लिक जागरूक हो गई है। घूसखोरों को पैसा देने के साथ उनका वीडियो भी बना रही है। पुलिसवालों को भी यह पता है इस वजह से पैसे की वसूली के लिए होमगार्ड या अन्य को वह जिम्मेदारी सौंप रखी है। रविवार को पीपीगंज थाने में तैनात होमगार्ड सुनील कुमार का वीडियो सामने आया। कुर्सी पर बैठा होमगार्ड पैसा लेकर जेब में रख रहा है। पता चला कि पासपोर्ट सत्यापन का काम देखने वाले मुंशी सूर्यकांत भारती ने उसे यह जिम्मेदारी दी थी। वीडियो सामने आने बाद सीओ कैम्पियरगंज अनुराग सिंह ने थाने पर पहुंच कर जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को दे दी है। जिसके बाद एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने होमगार्ड को थाने से हटाने के साथ ही उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र लिखा है, वहीं पासपोर्ट का काम देखने वाले मुंशी सूर्यकांत भारती को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही थाने में हो रही इस वसूली में और किन-किन लोगों की भूमिका है इसकी भी जांच भी शुरू करा दी है। वीडियो पर हो चुकी है कार्रवाई नौसढ़ इलाके में एक ट्रैफिक सिपाही का भी वीडियो सामने आया था जिसमें डीसीएम चालक उसके सामने गिड़गिड़ा रहा था। एसएसपी ने ट्रैफिक सिपाही को निलम्बित कर दिया था। पहले भी हुई है कार्रवाई पूर्व एसएसपी गौरव ग्रोवर के थाने में निरीक्षण के दौरान भी पासपोर्ट के मामले में पैसा लेने की शिकायत मिली थी। तत्कालीन एसएसपी ने पासपोर्ट रजिस्ट्रर पर दर्ज एक नम्बर पर फोन कर पूछा आप का पासपोर्ट मिल गया है कोई खर्च तो नहीं लगा है। पीड़ित ने बताया था कि पांच सौ रुपये मुंशी जी को दिया था। गौरव ग्रोवर ने उस समय भी पासपोर्ट मुंशी को निलंबित किया था।

अपरा एकादशी 2026: तिथि, महत्व और व्रत विधि की संपूर्ण जानकारी

साल भर में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष को मिलाकर लगभग 24 एकादशी आती हैं, लेकिन इनमें से अपरा एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है. यह व्रत भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है और इसे बहुत ही फलदायी माना गया है. इस वर्ष अपरा एकादशी 13 मई 2026, बुधवार को पड़ रही है. पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 12 मई की दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर शुरू हो जाएगी. लेकिन हिंदू धर्म में उदया तिथि को महत्व दिया जाता है, इसलिए व्रत 13 मई को ही रखा जाएगा. इसका पारण 14 मई को किया जाएगा. अपरा एकादशी का महत्व अपरा एकादशी को 'अपर' यानी अपार फल देने वाली एकादशी कहा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को धन, सुख, समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है. यह व्रत जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है. साथ ही इसे ऐसा व्रत माना जाता है जो गुरु निंदा जैसे दोषों से भी मुक्ति दिलाने में सहायक होता है. श्रद्धा और भक्ति से किया गया यह व्रत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना गया है. व्रत की तैयारी इस व्रत की तैयारी एक दिन पहले से शुरू करनी चाहिए. 12 मई से ही सात्विक भोजन करना चाहिए और मन को शांत रखना चाहिए. इस दिन प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए. संभव हो तो रात्रि भोजन भी नहीं करना चाहिए और संयमित जीवनशैली अपनानी चाहिए ताकि व्रत का पूरा लाभ मिल सके. अपरा एकादशी पूजा विधि 13 मई को सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहिए. इसके बाद श्री हरि विष्णु की मूर्ति या चित्र को पीले आसन पर स्थापित किया जाता है. भगवान को धूप, दीप, फल, पीले फूल, मिठाई और पीले वस्त्र अर्पित किए जाते हैं. तुलसी दल भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है, इसलिए इसका विशेष महत्व होता है. तुलसी से जुड़ा नियम एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना जाता है और ना ही तुलसी को जल अर्पित किया जाता है. इसलिए तुलसी दल एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए ताकि पूजा में इसका उपयोग किया जा सके. व्रत के दौरान क्या करें इस दिन ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है. इसके साथ व्रत कथा सुनना और भगवान की आरती करना भी महत्वपूर्ण होता है. संभव हो तो प्रसाद अधिक से अधिक लोगों में वितरित करना चाहिए, जिससे पुण्य फल बढ़ता है. क्या ना करें इस दिन चावल का सेवन वर्जित माना जाता है. यदि कोई व्यक्ति व्रत न भी रखे, तब भी चावल खाने से परहेज करना शुभ माना जाता है. इस दिन क्रोध, नकारात्मक विचार और गलत बोलचाल से बचना चाहिए ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके.