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39 की उम्र में जोकोविच का कमाल, बीजिंग में ज्वेरेव को मात देकर बनाया नया रिकॉर्ड

 बीजिंग 24 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविक ने एक बार फिर अपने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। चाइना ओपन मुकाबले के पुरुष वर्ग में जोकोविक ने टूर्नामेंट में अपना शानदार रिकॉर्ड बरकरार रखते हुए क्वार्टर फाइनल में यूएस ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 4-6, 6-4, 6-4 से हराया। जोकोविक चाइना ओपन का सातवां खिताब जीतने की कोशिश में हैं। अब जोकोविक सेमीफाइनल में डेनियल मेदवेदेव का सामना करेंगे। बीजिंग में यह उनकी लगातार 32वीं जीत है। इसके साथ ही उन्होंने ओपन युग में किसी टूर-स्तरीय टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ शुरुआत के मामले में राफेल नडाल के फ्रेंच ओपन में 31-0 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। खुश हो गए जोकोविक सर्बियाई खिलाड़ी ने मुकाबले की धीमी शुरुआत की। उन्होंने मैच के पहले ही गेम में अपनी सर्विस गंवा दी और अंततः पहला सेट भी हार गए। लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अगले दोनों सेट अपने नाम किए और जीत दर्ज की। जोकोविक ने कहा कि मैंने शुरुआत में ही अपनी सर्विस गंवा दी और इसके बाद पहले सेट में वापसी करना मुश्किल था। जब वह 5-4 पर सेट के लिए सर्व कर रहे थे, तब मेरे पास कुछ ब्रेक प्वाइंट थे, लेकिन मैं उनका फायदा नहीं उठा सका। हालांकि, मुझे पहले सेट के बीच से ही महसूस होने लगा था कि मेरी लय अच्छी हो रही है। खाचानोव की जीत इससे पहले ह्यूबर्ट हुरकाच ने कारेन खाचानोव को 7-6 (2), 6-2 से हराया। अब वह दूसरे सेमीफाइनल में एलेक्स डी मिनौर से भिड़ेंगे। डी मिनौर ने आंद्रे रुबलेव को 1-6, 6-2, 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।  

विद्युत जामवाल ने हॉलीवुड के कामकाज का बताया राज, बोले- वहां एक-एक मिनट का मिलता है पैसा

एक्टर विद्युत जामवाल इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' को लेकर चर्चा में हैं. ये उनकी ने अपनी हॉलीवुड डेब्यू फिल्म है. कल फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया. इस दौरान  उन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड में काम करने के तरीके को लेकर भी बात की और दोनों इंडस्ट्री के बीच का फर्क बताया. एक्टर कल 'स्ट्रीट फाइटर' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में शामिल हुए थे. जहां उन्होंने हॉलीवुड इंडस्ट्री की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि वहां पर कोई भी सेट पर देर से नहीं पहुंचता है.  हॉलीवुड के काम करने के तरीके पर बोले विद्युत इवेंट में जब विद्युत से पूछा गया कि इंडियन सिनेमा से हॉलीवुड के सेट पर काम करने का एक्सपीरियंस कितना अलग रहा? इस पर विद्युत जामवाल ने बड़ा फर्क बताया. उन्होंने कहा कि हॉलीवुड में लोग एक्स्ट्रा टाइम काम करना पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें हर एक्स्ट्रा मिनट के लिए पैसे मिलते हैं. हॉलीवुड के सेट पर देर से नहीं पहुंचते बड़े सितारे, विद्युत जामवाल बोले- 'हर एक्स्ट्रा मिनट का पैसा मिलता है उन्होंने कहा, 'हॉलीवुड में सेट पर सबसे बड़ा स्टार भी समय पर पहुंचता है. चाहे आप जेसन मोमोआ हों या कोई और, कोई देर से नहीं आता. सेट पर मौजूद सभी 300 लोग इसे फॉलो करते हैं. अगर आप एक मिनट भी लेट होते हैं, तो प्रोडक्शन से फोन आ जाता है कि 'आप ठीक हैं? आपकी तबियत ठीक हैं?'' वहीं, इवेंट के दौरान 'स्ट्रीट फाइटर' में विद्युत जामवाल के किरदार धलसिम की भी खास झलक दिखाई गई. धलसिम 'स्ट्रीट फाइटर' वीडियो गेम सीरीज का मशहूर किरदार है, जो अपने शरीर को खींचने की क्षमता, शक्तियों और मुंह से आग निकालने वाले मूव्स के लिए जाना जाता है. विद्युत जामवाल ने अपने किरदार पर की बात धलसिम का किरदार विद्युत जामवाल के लिए काफी फिट माना जा रहा है. विद्युत योग के साथ-साथ कलारीपयट्टू और अपने जबरदस्त एक्शन के लिए भी जाने जाते हैं. विद्युत ने अपने किरदार को लेकर कहा, 'बचपन में मैंने वीडियो गेम नहीं खेले, क्योंकि मैं स्पोर्ट्स में बिजी रहता था. शायद इसी वजह से आखिरकार मुझे ये रोल मिला.' उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि मैंने पूरी जिंदगी इस रोल को पाने के लिए मेहनत की है. मेरे आसपास 50 सेंट, WWE रेसलर्स और कई दूसरे दिग्गज मौजूद थे.' कब रिलीज होगी 'स्ट्रीट फाइटर' ? बता दें कि विद्युत जामवाल की हॉलीवुड फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. इसे अंग्रेजी के अलावा हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा.  

Delhi Capitals का बड़ा फैसला, सौरव गांगुली को मिली हेड कोच की जिम्मेदारी; IPL 2027 पर नजर

 नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स ने आगामी आईपीएल 2027 सीजन से पहले अपने नए हेड कोच का ऐलान कर दिया है। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को डीसी ने अपना नया हेड कोच बनाया है। सोशल मीडिया पर दादा की एक वीडियो जारी कर दिल्ली की टीम ने यह जानकारी फैंस को दी। वीडियो के साथ लिखा ‘दिल्ली, अब दादागिरी का समय है।’ बता दें, दिल्ली कैपिटल्स ने सोमवार को ही 2027 आईपीएल सीजन से पहले अपने मौजूदा कोचिंग स्टाफ से अलग होने का आधिकारिक एलान किया था। गांगुली दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ में हेमंग बदानी की जगह लेंगे, जो 2025 और 2026 सीजन में टीम के हेड कोच थे। दिल्ली कैपिटल्स की कोचिंग टीम में पूर्व भारतीय खिलाड़ी हेमांग बदानी मुख्य कोच, वेणुगोपाल राव क्रिकेट निदेशक, मुनाफ पटेल गेंदबाजी कोच, इयान बेल सहायक कोच और जॉन मूनी फील्डिंग कोच के तौर पर शामिल थे। 2024 में जीएमआर और सह-मालिक जेएसडब्ल्यू के बीच हुए संचालन समझौते के तहत इन दो सत्रों में टीम का संचालन जीएमआर के पास था। दो साल पूरे होने के बाद इन सभी की छुट्टी हो गई है और अब डीसी को नया कोचिंग स्टाफ मिलेगा। सौरव गांगुली का दिल्ली कैपिटल्स से है पुराना नाता सौरव गांगुली का दिल्ली कैपिटल्स के साथ काफी पुराना नाता है। 2019 में वह पहली बार इस टीम के साथ बतौर सलाहकार जुड़े थे। उस समय वह सीएबी के अध्यक्ष थे और बाद में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष बने। तब गांगुली ने कहा था कि सीएबी अध्यक्ष के तौर पर उनकी भूमिका मानद थी और वह आईपीएल से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावित नहीं कर सकते थे। गांगुली ने इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका की एसए20 लीग में प्रिटोरिया कैपिटल्स के मुख्य कोच के तौर पर काम किया था। यह बतौर कोच उनका पहला अनुभव था। वह महिला प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स की टीम से भी जुड़े रहे हैं। गांगुली के बाद युवराज सिंह को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी रिपोर्ट्स हैं कि दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ में युवराज सिंह की भी एंट्री हो सकती है। युवी ने पर्दे के पीछे से कई खिलाड़ियों को तैयार किया है, मगर वह अब डीसी के कैंप में कोचिंग करते नजर आ सकते हैं। उन्हें दिल्ली कैपिटल्स बतौर बैटिंग कोच अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल कर सकता है। उन्होंने अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी तैयार किए हैं जो इस समय भारत के लिए इंटरनेशनल मंच पर धमाल मचा रहे हैं।

‘बिग बॉस 20’ में माही विज का फूटा गुस्सा, अमन गांधी और उदिति सिंह से हुई तीखी बहस

कलर्स का रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' इन दिनों काफी चर्चा में है. शो में दो ग्रुप, माही विज एंड काजी तौकीर तो दूसरी तरफ यंग-आम्रपाली दुबे का अलग ग्रुप था लेकिन अब माही का ग्रुप टूट गया, जिसमें उदिति सिंह, अरिश्फा खान और अमन गांधी अलग-थलग दिखे. इसकी वजह से माही विज और उदिति सिंह के बीच तूतूमैंमैं की नौबत आती हुई भी देखने के लिए मिली. इतना ही नहीं, नॉमिनेशन टास्क के लिए बिग बॉस ने मैरी कॉम को बॉक्सिंग रिंग में भी उतार दिया है. घर में मंडे को मामला काफी गंभीर देखने के लिए मिला. माही से अलग हुए अमन को भी एक्ट्रेस ने नामर्द तक कह दिया. चलिए बताते हैं आखिर शो में क्या कुछ हुआ. उदिति सिंह-माही विज में हुई कैट फाइट, तूतूमैंमैं की नौबत इस वीकेंड का वार के बाद उदिति सिंह और माही विज के बीच दूरियां आती नजर आईं. गार्डन एरिया में जब उदिति सिंह, माही से घर के काम को लेकर डिस्कस करती हैं और उन्हें चोपिंग का काम देती हैं तो इस पर वो उन पर भड़क जाती हैं और कहती हैं कि सबको पता है कि उन्हें चोपिंग नहीं आती है और इसके लिए किसी की हेल्प लेनी पड़ती है. वो घर का काम करने से मना कर देती हैं. बाद में उदिति उन्हें दूसरा काम दे देती हैं. फिर जाते हुए उदिति उनसे कहती हैं, 'इसमें इतना रूड होने की जरूरत नहीं थी, जो आप चिल्ला रही थीं.' इसी पर दोनों के बीच तीखी बहस हो जाती है और मामला तूतूमैंमैं पर आ जाता है. दोनों एक-दूसरे को तमीज सीखने की नसीहत भी देती नजर आती हैं. बाद में माही को काजी के साथ अमन और उनके बारे में गपशप करते हुए भी देखा गया. वो पूरा दिन उनके ही बारे में बात करती रहीं. माही विज ने अमन गांधी को कहा- 'नामर्द' वहीं, माही विज काजी के साथ दिनभर जब अमन और उदिति के अलग होने पर बातें करती दिखीं तो इस दौरान अमन पर भी गुस्सा निकाला और यहां तक कि उन्हें फुसफुसाते हुए नामर्द तक कह दिया था. माही कहती हैं, 'ईगो तो देखो इसको कितनी है मेर को तो ईगो आ जाती है. वैसे तो दुनियाभर में सबको सॉरी-सॉरी बांटता फिरता है. नामर्द इंसान.' इसके साथ ही माही ने कनिका के बारे में बात करते हुए कहा, 'ये साइड में गुल्लू की बकरी है. इसकी लोग इतनी बेइज्जती करते हैं फिर भी वहीं जाकर बैठ जाती है. इसको धो-धोकर जूते मारते हैं. फिर भी वहीं जाती है. कहते हैं ना कि बाल्टी में पानी है धोकर मारोगे.' कनिका के बारे में इतना कहकर वो हंसने लगती हैं. रिंग में पहुंचीं मैरी कॉम इसके साथ ही 'बिग बॉस 20' के लेटेस्ट एपिसोड में नॉमिनेशन टास्क के लिए मैरी कॉम को रिंग में उतार दिया गया है, जिसमें जमकर बवाल होते हुए नजर आने वाले है. मैरी कॉम नॉमिनेशन का जोरदार पंच मारने के लिए रिंग में उतर गई हैं हालांकि, इस दौरान नॉमिनेशन टास्क नहीं हुआ, जो अगले एपिसोड में दिखाया जाएगा. प्रोमो में देखने के लिए मिला कि घर वालों के बीच जमकर बवाल होने वाला है. ऐसे में अब देखना होगा कि नॉमिनेशन टास्क में क्या कुछ होता है और कितना बवाल होता है.  

हरियाणा में सिंगापुर की एंट्री, शहरी विकास से विनिर्माण तक कई सेक्टर में निवेश की तैयारी

 चंडीगढ़ सिंगापुर के निवेशकों ने हरियाणा में लाजिस्टिक्स, शहरी विकास, तकनीकी, विनिर्माण और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई है। साथ ही डाटा सेंटर, रक्षा क्षेत्र, आधारभूत ढांचे और हाउसिंग परियोजनाओं में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन सोमवार को सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फार ग्रोथ फोरम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ उद्यमियों संग चर्चा की। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा को भारत की नवाचार राजधानी के रूप में स्थापित करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में हरियाणा ने सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ लाजिस्टिक्स, टाउनशिप, एविएशन, स्मार्ट सिटीज, वेलनेस, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में पांच बड़े एमओयू किए थे। चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं इनका कुल प्रस्तावित मूल्य 3.8 बिलियन सिंगापुर डालर (28 हजार 584) करोड़ रुपये से अधिक था। असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है। इस नींव को अब अगले स्तर तक ले जाना है। उन्होंने चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की विशेष संभावनाएं बताईं। पहला, लाजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर। सिंगापुर की लाजिस्टिक्स और सप्लाई चेन विशेषज्ञता के लिए यहां अपार अवसर हैं। दूसरा, अर्बन डेवलपमेंट और रियल एस्टेट। गुरुग्राम और आसपास इंटीग्रेटेड टाउनशिप, कमर्शियल डेवलपमेंट तथा आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं। तीसरा, टेक्नोलाजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स। सिंगापुर की कंपनियां अपने टेक्नोलाजी, डिजिटल, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर्स हरियाणा में स्थापित कर सकती हैं। चौथा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की हरियाणा का आटोमोबाइल और इंजीनियरिंग इकोसिस्टम मजबूत है। अब इलेक्ट्रानिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स और फ्यूचर-रेडी इंडस्ट्रीज की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह सिंगापुर की प्रौद्योगिकी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के साथ प्राकृतिक साझेदारी का क्षेत्र है। हरियाणा ने सिंगापुर-आधारित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की है। इसके माध्यम से विश्व स्तरीय के-12 शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और लगभग दो हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करते हुए कहा कि हरियाणा आकर गुरुग्राम-मानेसर, औद्योगिक क्लस्टर, लाजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को देखें और बताएं कि आप यहां क्या बनाना चाहते हैं। समय आ गया है कि भारत-सिंगापुर संबंधों को गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट से बिजनेस-टू-बिजनेस, निवेश से साझेदारी, साझेदारी से इकोसिस्टम और संवाद से डिलीवरी तक ले जाया जाए। हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा हरियाणा में डाटा सेंटर स्थापित करने, हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश, आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने तथा नई तकनीक अपनाने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। पानीपत में हाउसिंग क्षेत्र के विकास संबंधी विषयों पर भी गहन मंथन हुआ। गुरुग्राम में सस्ते दर पर रिहायशी क्षेत्र विकसित करने तथा हाउसिंग फार रेंटल नीति को लेकर बातचीत हुई। विदेशी निवेशक हरियाणा में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर सहमत नजर आए।

गुरु की बदली चाल से चमकेगी 6 राशियों की किस्मत, अगले 33 दिन धन-करियर के लिए रहेंगे खास

 वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) को ज्ञान, सौभाग्य, धर्म, विस्तार और धन का मुख्य कारक माना जाता है. जब भी गुरु की चाल या स्थिति में बदलाव होता है, तो इसका गहरा प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है. पंचांग के अनुसार, वर्तमान में गुरु चंद्रमा की राशि में विराजमान हैं, जिससे कुछ चुनिंदा राशियों के लिए अगले 33 दिनों का यह समय बेहद खास और स्वर्णिम अवसर लेकर आया है. इस दौरान कई जातकों को धन लाभ, करियर में उन्नति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति हो सकती है. आइए जानते हैं कि गुरु के इस शुभ प्रभाव से किन 6 राशियों की किस्मत चमकने वाली है. गुरु गोचर का ज्योतिषीय महत्व ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, चंद्रमा की राशि में गुरु का संचरण मानसिक शांति, आर्थिक मजबूती और बड़े वैचारिक बदलाव लेकर आता है. इस अवधि में जातकों को अपने रुके हुए कार्यों में गति मिलती है और जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि के जातकों के लिए अगले 33 दिन आर्थिक दृष्टि से बेहद शानदार रहने वाले हैं. धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे और यदि कहीं पैसा अटका हुआ था, तो उसके वापस मिलने की पूरी संभावना है. परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाने का योग बन सकता है. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि के जातकों पर देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा बरसने वाली है. इस दौरान आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है. व्यापार में भी बड़ा मुनाफा हाथ लग सकता है. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि वालों के लिए यह समय करियर और शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकता है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलने के प्रबल योग हैं. निवेश करने के लिहाज से भी यह अवधि बेहद अनुकूल है, जिससे भविष्य में भारी मुनाफा हो सकता है. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों के जीवन में चल रही उथल-पुथल अब शांत होने लगेगी. गुरु की कृपा से आपके अटके हुए कार्य तेजी से पूरे होंगे. वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी और जीवनसाथी का पूरा सहयोग प्राप्त होगा. स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलेगा. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह गोचर विशेष फलदायी साबित होगा. कारोबार में विस्तार के नए अवसर मिलेंगे. भाग्य का पूरा साथ मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और मानसिक शांति का अनुभव होगा. मीन राशि (Pisces) मीन राशि के जातकों के लिए यह 33 दिन का समय किसी वरदान से कम नहीं है. नौकरी और व्यवसाय में लगातार सफलता के योग बन रहे हैं. पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी और घर-परिवार के लोगों के साथ बेहतरीन समय बिताने का मौका मिलेगा.

Rajasthan Panchayat Election: बदला चुनाव कार्यक्रम, पहले तीन चरणों की वोटिंग अब इन तारीखों पर होगी

जयपुर राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तारीखों में बड़ा बदलाव किया गया है। धनतेरस पर्व के संबंध में धार्मिक आस्था और जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण की चुनाव प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। इसके तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के साथ पंच-सरपंच के मतदान की तारीखें एक-एक दिन पहले कर दी गई हैं। वहीं, चौथे चरण की तारीखों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 22 अक्टूबर, 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 14 नवंबर को होगा। वहीं, पंच-सरपंच के लिए मतदान 24 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 5 नवंबर और 16 नवंबर को कराया जाएगा। बता दें कि पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए चार चरणों में मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होना था। इसी तरह पंच-सरपंच के लिए 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को मतदान होना था। लेकिन, अब राज्य चुनाव आयोग ने पहले तीन चरणों की तारीखों में बदलाव किया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण में 21 अक्टूबर को जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान होगा और 22 अक्टूबर को मतदान होगा। 23 अक्टूबर को पंच/सरपंच के लिए नामांकन व 24 अक्टूबर को पंच/सरपंच के लिए मतदान होगा। इसके अलावा 25 अक्टूबर को उप सरपंच का चुनाव होगा। दूसरे चरण में 27 अक्टूबर को जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी और 28 अक्टूबर को मतदान होगा। 29 अक्टूबर को पंच/सरपंच के लिए नामांकन व 30 अक्टूबर को पंच/सरपंच के लिए मतदान। 31 अक्टूबर को उप सरपंच का चुनाव होगा। तीसरे चरण में 2 नवंबर को जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान होगा और 3 नवंबर को मतदान होगा। 4 नवंबर को पंच/सरपंच के लिए नामांकन व 5 नवंबर को पंच/सरपंच के लिए मतदान होगा। 6 नवंबर को उप सरपंच का चुनाव होगा। चुनावी कार्यक्रम में हुआ बदलाव     21 अक्टूबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान/पहुंच।     22 अक्टूबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान।     23 अक्टूबर 2026: पंच/सरपंच के लिए नामांकन।     24 अक्टूबर 2026: पंच/सरपंच के लिए मतदान।     25 अक्टूबर 2026: उप सरपंच का चुनाव।     27 अक्टूबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान/पहुंच।     28 अक्टूबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान।     29 अक्टूबर 2026: पंच/सरपंच के लिए नामांकन।     30 अक्टूबर 2026: पंच/सरपंच के लिए मतदान।     31 अक्टूबर 2026: उप सरपंच का चुनाव।     2 नवंबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान/पहुंच।     3 नवंबर 2026: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान।     4 नवंबर 2026: पंच/सरपंच के लिए नामांकन।     5 नवंबर 2026: पंच/सरपंच के लिए मतदान।     6 नवंबर 2026: उप सरपंच का चुनाव।

भाजपा हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने वाली इकलौती पार्टी, सपा के लिए कार्यकर्ता महत्वपूर्ण नहीं- प्रकाश पाल

सपा के पीडीए का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी: प्रकाश पाल ​भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बोले- राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही सपा का असली चेहरा उजागर भाजपा हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने वाली इकलौती पार्टी, सपा के लिए कार्यकर्ता महत्वपूर्ण नहीं- प्रकाश पाल ​लखनऊ  भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार एवं पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से एक बदनाम ब्रांड रही है। ​राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होते ही उजागर हुआ चरित्र सपा पर निशाना साधते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी पुरानी छवि के डर से अपना नाम खुलकर लेने से बचती है। इसलिए उसने पीडीए का मुखौटा पहन लिया। राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा होते ही पार्टी का असली चरित्र जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा, "सपा की प्राथमिकता में केवल परिवार और धनपशु शामिल हैं। यदि वे किसी तीसरे का चयन करते हैं, तो वह कोई अपराधी ही होता है।" सपा के पीडीए की नई परिभाषा प्रकाश पाल ने सपा के पीडीए की परिभाषा बदलते हुए कहा, "इनके पीडीए में पी से परिवार, डी से धनबली और ए से अपराधी है।" सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए उन्होंने आगे कहा, "आगामी चुनावों तक इनके पीडीए का नया रूप पैसा देने वाले आओ (पी- पैसा, डी- देने वाले, ए- आओ) ही रहने वाला है।" ​ भाजपा ने सभी वर्गों को दी उचित भागीदारी राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की चयन प्रक्रिया की प्रकाश पाल ने सराहना की। कहा कि भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा में समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन पर चलते हुए सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिलाओं को समान रूप से भागीदारी दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार की समावेशी नीतियां पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी हैं।

दिल्ली में बदले बस यात्रा के नियम, छात्राओं-महिलाओं को हो रही दिक्कत; पिंक टिकट की मांग उठी

नई दिल्ली दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं का फ्री सफर अब नए दौर में पहुंच चुका है। महिला यात्रियों के हाथ में अब गुलाबी टिकट की जगह पिंक कार्ड नजर आ रहा है। शनिवार से बसों में पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य हो गया है। जैसे ही बस रुकती है, महिलाएं कार्ड निकाल कंडक्टर की तरफ बढ़ा रही हैं, बदले में टिकट ले रही हैं, लेकिन जिनके पास कार्ड नहीं है, वह पैसे देकर टिकट खरीदने को मजबूर हैं। ऐसा ही नजारा नेहरू प्लेस जाने वाली बस में दिखा। मेरे पास दिल्ली का रेजिडेंस प्रूफ नहीं है। इसलिए मेरा पिंक कार्ड नहीं बन पाया। मुझे पैसे देकर सफर करना पड़ा। मेरे 90 रुपये खर्च हो गए। पिंक कार्ड की जगह पुराना पिंक टिकट ही बेहतर था, कम खर्च में महिलाएं आराम से सफर कर सकती थीं। पिंक कार्ड के नए नियम से अनजान महिला-छात्राएं हुईं परेशान अपनी छोटी बच्ची के साथ बस में चढ़ी एक महिला ने जब कंडक्टर से पिंक टिकट मांगा, तो उसने कहा, 'अब से सिर्फ पिंक कार्ड चलेगा।' महिला ने बताया, 'मैं कभी-कभी ही बस में सफर करती हूं, मुझे नए नियम के बारे में पता नहीं था। मुझे नेहरू प्लेस जाना है, टिकट कितने का है?' कंडक्टर ने कहा, '25 रुपये दीजिए।' महिला बोली, 'मेरे पास तो सिर्फ 15 रुपये ही हैं।' कंडक्टर ने कहा, 'कोई बात नहीं, आप टिकट ले लीजिए।' ऐसा ही हाल गाजियाबाद से आई एक छात्रा का था, जिन्हें सर्वप्रिय विहार जाना था। वह दिल्ली की रहने वाली नहीं थीं, इसलिए न तो उनके पास पिंक कार्ड था और न ही जेब में पैसे। मैं रोज मंगलापुरी से आनंद विहार काम पर जाती हूं। आज सुबह सबसे पहले मंगलापुरी बस डिपो पर कार्ड बनवाने गई थी, लेकिन वहां काउंटर बंद मिला। जब काउंटर ही नहीं खुलेगा तो कार्ड कैसे बनेगा? पूनम शर्मा महिलाओं को बसों में हुई परेशानी मैं बस से ट्यूशन जाती हूं। मुझे कार्ड बनवाना पड़ा। पहले पिंक टिकट से सफर आसान था। अब कंडक्टर को कार्ड देकर इंतजार करना पड़ता है। इससे बस में भीड़ जमा हो जाती है और धक्का-मुक्की होती है। यात्री, तनीषा शौकीन कार्ड एक बार स्कैन होने के बाद अपडेट में दिक्कत मुनिरका से बस में चढ़ी एक महिला ने पहले पिंक कार्ड स्कैन करवाकर सर्वप्रिय विहार तक का टिकट लिया। बाद में उन्हें पता चला कि बस नेहरू प्लेस तक जा रही है। जब उन्होंने कंडक्टर से नेहरू प्लेस का टिकट मांगा तो मशीन में दोबारा कार्ड स्कैन करने पर टिकट नहीं निकला। कंडक्टर ने कई बार कोशिश की लेकिन मशीन ने जवाब दे दिया। इसी तरह कई महिलाएं परेशान दिखीं। 38 सेंटरों पर बन रहे हैं पिंक कार्ड दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के अधिकारियों के अनुसार, पिंक कार्ड बनवाने के लिए कुल 38 सेंटर बनाए गए हैं। ये सभी सेंटर सोमवार को बंद रहते हैं। कार्ड का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि अगर आप एक बस में सफर कर रहे हैं, तो उसमें दोबारा कार्ड टैप करने पर टिकट नहीं मिलेगी क्योंकि इसके लिए 1 घंटे का कूलिंग पीरियड तय किया गया है। हालांकि, अगर आप उस बस से उतरकर उसी रूट की किसी दूसरी बस में चढ़ते हैं, तो आपको आसानी से तुरंत टिकट मिल जाएगी। दिल्ली में अब तक 19 लाख 50 हजार से भी ज्यादा पिंक कार्ड बनाए जा चुके हैं।  

घर में इस दिशा में रखें ब्रह्मकमल का पौधा, खिलने पर शुभ मानी जाती है इसकी पंखुड़ियां

ब्रह्म कमल (Saussurea obvallata) हिमालय में मिलने वाला पवित्र और दुर्लभ फूलों में से है, जिसे वास्तु शास्त्र में बहुत ही शुभ माना जाता है. इसे क्वीन ऑफ नाइट (Queen of Night) भी कहा जाता है क्योंकि यह फूल सिर्फ रात में खिलता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसे खिलते हुए देखना बहुत सौभाग्य की बात मानी जाती है, इसलिए लोग इसे देखने के लिए उत्तराखंड की 'वैली ऑफ फ्लावर्स' (Valley of Flowers) तक जाते हैं. लेकिन, हर किसी के लिए पहाड़ की इतनी ऊंचाई पर जाकर इसे देखना मुमकिन नहीं है. ऐसे में सवाल आता है कि क्या इसे घर पर उगाया जा सकता है. इसका जवाब है हां. आप इसे अपने घर पर भी उगा सकते हैं, बस इसके लिए आपको कुछ खास सावधानियां रखनी होंगी और सही माहौल देना होगा. क्या है ब्रह्म कमल? ब्रह्म कमल (Brahma Kamal) हिमालय में उगने वाली एक खास जड़ी-बूटी मानी जाती है. यह फूल भारत, नेपाल, भूटान और दक्षिण-पश्चिम चीन के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है. यह फूल ठंडे तापमान में ही उगता है. इसके कटोरे जैसे फूल बड़े बड़े पत्तों के बीच छुपे रहते हैं. ये रात में खिलता है और सुबह होते ही मुरझा जाते हैं. इसी वजह से इसे देखना बहुत ही दुर्लभ माना जाता है. ब्रह्म कमल को 'स्टेट फ्लावर ऑफ उत्तराखंड यानी राजकीय पुष्प' भी माना जाता है. साथ ही, ब्रह्म कमल की तस्वीर को भारतीय डाक टिकट पर भी छापा जाता था. ब्रह्म कमल की शुभ दिशा हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, ब्रह्म कमल को बेहद पवित्र माना जाता है. इसका संबंध सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा से भी जोड़ा जाता है. वहीं, वास्तु शास्त्र के मुताबिक भी, यह पुष्प बहुत ही शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इसे घर की कुछ खास जगहों, जैसे घर के बीचों-बीच यानी ब्रह्मस्थान या उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक माहौल बना रहता है. ब्रह्म कमल की पौराणिक मान्यता ब्रह्म कमल को आम पौधों से बिल्कुल अलग बनाती है इसकी दुर्लभता. यह पौधा प्राकृतिक रूप से केवल जंगलों और पहाड़ी इलाकों में उगता है और इसका खिलना एक बेहद खास अनुभव माना जाता है. इसके फूल आमतौर पर सिर्फ रात में खिलते हैं और कुछ घंटों के बाद ही बंद हो जाते हैं. क्या ब्रह्म कमल घर में उगाया जा सकता है? जी हां, घर में भी ब्रह्म कमल उगाया जा सकता है. लेकिन, इसके लिए एकदम ठंडा तापमान होना चाहिए. इसको बाकी फूलों की तरह घर के अंदर उगाना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन, सही देखभाल और थोड़ी सी कोशिश से आप इस पवित्र पौधे को अपने घर में भी उगा सकते हैं. आइए जानते हैं इसे घर पर उगाने का आसान तरीका. ये रहना चाहिए तापमान- ब्रह्म कमल ठंडी और ऊंची जगहों पर अच्छे से बढ़ता है. इसे ज्यादा गर्मी और उमस बिल्कुल पसंद नहीं है. घर में आप इसे किसी ठंडी और छायादार जगह पर रख सकते हैं. अगर घर में एसी (AC) है, तो उसके आसपास की ठंडी जगह भी इसके लिए अच्छी रहती है. इस पौधे की मिट्टी कैसी होनी चाहिए? ब्रह्म कमल के लिए ऐसी मिट्टी चाहिए जिससे पानी आसानी से बाहर निकल जाए. इसके लिए आप रेत, मिट्टी और कोकोपीट को मिलाकर सही मिश्रण तैयार कर सकते हैं. साथ ही, इस पौधे को गमले में लंबे समय तक पानी में नहीं रखना चाहिए. – ऐसी चाहिए रोशनी ब्रह्म कमल को तेज धूप से बचाना चाहिए. खास तौर पर दोपहर की सीधी धूप से इसकी पत्तियां पीली पड़ सकती हैं या मुरझा सकती हैं. इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न पड़े. – पानी देने का सही तरीका इस पौधे को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. जब गमले की मिट्टी पूरी तरह सूख जाए, तभी पानी डालें. ज्यादा पानी देने से पौधे को नुकसान हो सकता है. – ब्रह्म कमल पौधा उगाने का तरीका बीज से पौधा उगाने में काफी समय लग सकता है, इसलिए घर पर इसे पत्तियों की कटिंग (Cutting) से उगाना ज्यादा आसान होता है. पत्ती को काटकर उसके कटे हिस्से को कुछ दिन सूखने दें ताकि उस पर हल्की परत जम जाए. इसके बाद इसे तैयार मिट्टी में लगा दें और गमले को ऐसी जगह रखें जहां हल्की और छनकर रोशनी आती हो. – उगाने में आएंगी ये मुश्किलें घर पर ब्रह्म कमल उगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि इसकी ग्रोथ बहुत धीमी होती है और फूल आने में कई साल लग जाते हैं. सबसे जरूरी है कि पौधे के आसपास का तापमान ठंडा और एक जैसा रहे. बार-बार गमला बदलने या पानी देने में लापरवाही करने से पौधा खराब हो सकता है.