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मुख्यमंत्री सैनी ने नमो सिटी की घोषणा की, दिल्ली के व्यापारियों को मिलेगा बड़ा लाभ

चंडीगढ़  हरियाणा में व्यापारियों के लिए 5000 एकड़ में "नमो सिटी" बनाई जाएगी। इसमें व्यापारियों और आम लोगों के लिए अलग प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में दिल्ली की विभिन्न मार्केट्स से जुड़े थोक व्यापारियों के साथ सीधा संवाद करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में विश्वस्तरीय मार्किट स्थापित की जाएगी, जिसमें बेहतर से बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने व्यापारियों को अधिक संख्या में हरियाणा में निवेश करने का आह्वान किया। इस दौरान इलेक्ट्रानिक्स, मार्बल, ड्राई फ्रूट, लोहा मंडी समेत दिल्ली की कुल 26 व्यापारिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से सीधा संवाद किया और सुझाव दिए। दिल्ली के आसपास बनेगा प्लॉट मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के आसपास के इलाके में बड़ी व्यापारिक मार्किट व पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने का फैसला लिया है ताकि व्यापारियों को खुला और सुविधायुक्त वातावरण मिल सके। अमृतसर की ड्राई फ्रूट मार्केट के व्यापारियों ने भी लगभग 280 प्लॉट लिए हैं और अब बड़ी ड्राई फ्रूट मंडी हरियाणा में स्थापित होगी। इसी तरह लुधियाना के व्यापारियों ने भी लगभग 180 प्लॉट लिए हैं। यह मार्केट विश्व स्तर की अलग पहचान वाली होगी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अहम कड़ी का काम करेगी। आने वाले 50 वर्षों को ध्यान में रखते हुए इतनी चौड़ी सड़कों और सुविधाओं के साथ इस मार्केट को विकसित किया जाएगा कि आवागमन में कोई दिक्कत न आए। निवेशकों को आसानी से मिलेगा अप्रूवल यह एक ग्रीन और पाल्यूशन मुक्त मार्केट होगी, जहां परिवार भी घूमने के लिए आ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े निवेशकों के लिए कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज, रोजगार आधारित प्रोत्साहन, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और टाइम बाउंड अप्रूवल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। राई के नजदीक मारुति का बड़ा प्लांट तैयार हो गया है, जहां सालाना करीब 10 लाख गाड़ियां बनेंगी। साथ ही खरखौदा में आइएमटी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जोन भी विकसित हो रहा है। इसके अतिरिक्त 600 एकड़ में एक बड़ी हार्टिकल्चर मंडी का निर्माण भी गति से चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर तक की कनेक्टिविटी से जुड़ी होगी। कहा- हर समस्या के समाधान के लिए खुले हैं द्वार मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने देगी और किसी भी समस्या पर सीधे मुख्यमंत्री से मिलने के द्वार खुले हैं। इस दौरान लोहा मंडी से जुड़े श्री केके गुप्ता, देवराज, राकेश यादव, मार्बल एसोसिएशन और राजेंद्र कपूर ने भी अपने सुझाव रखे, जिन पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रूप से सहमति जताते हुए संबंधित व्यवस्थाएं करने का आश्वासन दिया। वहीं उद्योग मंत्री राव नरबीर ने कहा कि दिल्ली के बाजारों में बहुत भीड़ भाड़ है। हरियाणा सरकार अलग-अलग औद्योगिक कलस्टर बनाकर व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं दे रही है। व्यापारी जो सोच लेकर हरियाणा में आएगा, उसे वह सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस मौके पर दिल्ली हरियाणा भवन की रेजिडेंट कमिश्नर मोना श्रीनिवास, एचएसआइआइडीसी के एमडी सुशील सारवान, एचएसआईआईडीसी के कार्डिनेटर सुनील शर्मा मौजूद रहे।

उपराज्यपाल की समीक्षा के बाद दिल्ली में घटा ट्रैफिक जाम, डिजिटल सिस्टम से मिला सुधार

नई दिल्ली दिल्ली में ट्रैफिक नियमों के कड़ाई से पालन करने के चलते बीते तीन महीनों के दौरान जाम की समस्या करीब एक तिहाई कम हुई।उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने यातायात जाम से निपटने के उपायों की समीक्षा की और पुलिस को एआई और डिजिटल यातायात प्रबंधन प्रणाली का तेजी से विस्तार करने का निर्देश दिया। संधू ने पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा और यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मकसद दो अप्रैल को टोडापुर स्थित दिल्ली यातायात पुलिस मुख्यालय के दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों के पालन का जायज़ा लेना था। अधिकारियों के अनुसार, गूगल मैप के जरिए हर 15 मिनट पर दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से 25 जून के बीच शहर में औसत जाम की लंबाई घटकर 32.43 किलोमीटर रह गई, जबकि जनवरी-मार्च के दौरान यह 48.25 किलोमीटर थी। यातायात पुलिसकर्मियों की सड़कों पर बढ़ेगी तैनाती उन्होंने बताया कि यातायात पुलिसकर्मियों की सड़कों पर बढ़ी मौजूदगी, पैदल गश्त, इंजीनियरिंग संबंधी सुधारों और प्रौद्योगिकी आधारित प्रवर्तन उपायों के कारण स्थिति में सुधार आया है। दिल्ली यातायात पुलिस की नागरिक-केंद्रित 'प्रोजेक्ट संगम' पहल के तहत चिह्नित 62 प्राथमिक यातायात 'हॉटस्पॉट' में से 34 स्थानों पर महीने-दर-महीने जाम में कमी दर्ज की गई।     उनके मुताबिक, कैलाश नगर में पुश्ता रोड पर यातायात जाम में 82.59 प्रतिशत की कमी आई, जबकि खजूरी चौक पर 74.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। तीन मूर्ति गोलचक्कर पर भी यातायात प्रवाह में 66.01 प्रतिशत का सुधार देखा गया।     हालांकि, सड़क निर्माण और अन्य कारकों के कारण चार स्थानों पर जाम बढ़ गया। इनमें नारायणा फ्लाईओवर भी शामिल है, जहां जाम 1.28 प्रतिशत बढ़ा। इसके अलावा साउथ एक्सटेंशन पार्ट-1 में 7.55 प्रतिशत, मैक्स अस्पताल, साकेत में 14.93 प्रतिशत और भवभूति मार्ग पर जाम 349.87 प्रतिशत बढ़ा।     अधिकारियों ने द्वारका मोड़, सराय काले खां, मुकरबा चौक और डाबड़ी गोल चक्कर को भी लगातार जाम लगने वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया, जिसके लिए तत्काल बुनियादी ढांचे और परिचालन हस्तक्षेप की आवश्यकता है। अतिक्रमण पर एजेंसियों का एक्शन उपराज्यपाल को सूचित किया गया कि अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) जैसी नगर निकाय एजेंसियों के साथ संयुक्त सर्वेक्षण और नियमित समन्वय बैठकें शुरू की गई हैं।     बैठक के दौरान, संधू ने यातायात नियमों के उल्लंघनों की चौबीसों घंटे निगरानी और बेहतर जाम प्रबंधन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित और डिजिटल प्रवर्तन प्रणालियों को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।     उन्होंने कहा कि यातायात जाम से न केवल समय और ईंधन की बर्बादी होती है, बल्कि शहर में प्रदूषण का स्तर भी काफी बढ़ जाता है।  

22.97 करोड़ की परियोजना से पलामू में एआई, डेटा साइंस और रोबोटिक्स शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

रांची राज्य सरकार ने रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) जैसी आधुनिकतम तकनीक में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य से सरकार ने पलामू स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कालेज में चार क्षेत्रों में सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना स्वीकृत की है। पांच वर्ष की इस परियोजना पर 22.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना के तहत ही स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए पलामू इंजीनियरिंग कालेज में जीईसी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। कुल परियोजना लागत में से एक करोड़ रुपये इसके शेयर कैपिटल के रूप में मिलेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य सिविल कंस्ट्रक्शन तथा टाउन प्लानिंग के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार तथा परामर्श सेवाओं को प्रोत्साहित करना, ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित पेशेवरों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित करना है। साथ ही इससे उद्योग प्रेरित अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं का डेटा विश्लेषण, बीटेक, एमटेक एवं पीएचडी शोधार्थियों के अनुसंधान कार्यों में सहयोग प्रदान करना है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन चारों सेंटर आफ एक्सीलेंस से न केवल पलामू इंजीनियरिंग कालेज, बल्कि राज्य के छह राजकीय पालीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण में लाभ मिलेगा। सेंटर आफ एक्सीलेंस के लिए रोबोटिक्स लैब, डेटा साइंस लैब, रिन्यूअल ईनर्जी लैब, टाउन प्लानिंग लैब, अर्थक्वेक इंजीनियरिंग लैब, वेस्ट टू इनर्जी कंजरवेशन लैब आदि की स्थापना की जाएगी। राज्य सरकार ने इस परियोजना की स्वीकृति के पहले आइआइटी (आइएसएम), धनबाद से टेक्निकल वेटिंग कराई थी। संस्थान स्तर पर होगी निगरानी समिति जीईसी पलामू इनाेवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन द्वारा एक संस्थान स्तर पर निगरानी समिति गठित की जाएगी। इस समिति में सेंटर आफ एक्सीलेंस के फैकल्टी इंचार्ज, इंडस्ट्री पार्टनर के प्रतिनिधि, संबंधित विभागाध्यक्ष, मेंटर संस्थान के प्रतिनिधि रहेंगे। यह समिति सेंटर आफ एक्सीलेंस के संचालन तथा निगरानी का दायित्व निभाएगी। राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित मेंटर संस्थानों की की पहचान करना तथा उन्हें सेंटर आफ एक्सीलेंस के संचालन में सहायता के लिए परामर्श या अनुदान प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करने की भी जिम्मेदारी समिति निभाएगी। ये पालीटेक्निक संस्थान जुड़ेंगे सेंटर आफ एक्सीलेंस से – राजकीय पालीटेक्निक, रांची – राजकीय महिला पालीटेक्निक, रांची – राजकीय पालीटेक्निक, जमशेदपुर – राजकीय पालीटेक्निक, आदित्यपुर – राजकीय पालीटेक्निक, लातेहार – राजकीय पालीटेक्निक, सिमडेगा इन चार क्षेत्रों में तैयार होगा सेंटर आफ एक्सीलेंस     सिविल कंस्ट्रक्शन तथा टाउन प्लानिंग     रोबोटिक्स एंड आटोमेशन     डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस     सस्टनेबल एंड रिन्यूअल ईनर्जी टेक्नोलाजी  

किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक

नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 1.14 लाख बोतलों का वितरण रायपुर,   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए राज्य में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के दौरान सहकारी समितियों के माध्यम से नैनो उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। 26 जून 2026 की स्थिति में राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है तथा 1.14 लाख बोतलों से अधिक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। शेष मात्रा समितियों में उपलब्ध है, जिससे आगामी कृषि कार्यों के लिए किसानों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया पारंपरिक ठोस रासायनिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी हैं। इनका उपयोग करने से उर्वरकों की मात्रा कम लगती है, पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है, उत्पादन लागत घटती है तथा फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकें। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने निकटतम सहकारी समिति एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी प्राप्त करें तथा इन आधुनिक उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग कर कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में सहभागी बनें।

राजस्थान में पेयजल परियोजनाओं को बड़ा बजट, लंबे समय से रुके काम होंगे शुरू

जयपुर  राजस्थान के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) में लंबे समय से चल रहा बजट संकट फिलहाल खत्म होता नजर आ रहा है. राज्य सरकार ने विभाग के लिए 935 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं. बताया जा रहा है कि करीब ढाई साल बाद पेयजल योजनाओं के लिए इस स्तर पर बजट जारी किया गया है. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रक्रिया में तेजी लाई गई है. लंबित कार्यों को मिलेगी गति जारी बजट में सबसे बड़ा हिस्सा मेजर प्रोजेक्ट्स के लिए रखा गया है. इन परियोजनाओं के लिए 735 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं.  जायका (JICA) और OTMP परियोजनाओं के लिए 100-100 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जिससे इन योजनाओं के लंबित कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है.  1 हजार करोड़ अतिरिक्त बजट जारी करने की तैयारी  सरकार अगले महीने भी करीब 1000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट जारी करने की तैयारी में है. इससे प्रदेश भर में चल रही पेयजल परियोजनाओं के भुगतान और नए कार्यों में तेजी आने की संभावना है.  मंत्री मामले की कर रहे मॉनिटरिंंग  बताया जा रहा है कि भुगतान को लेकर ठेकेदारों और सरकार के बीच पहले ही सहमति बन चुकी थी. इसके बाद बजट जारी करने की प्रक्रिया तेज की गई. जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. 

पटना फायरिंग मामले में खान सर को राहत, गिरफ्तारी पर रोक, तीन जुलाई होगी सुनवाई

पटना  अपने कोचिंग सेंटर में हुई फायरिंग से संबंधित केस में फिलहाल खान सर की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी। दरअसल पटना सिविल कोर्ट में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। अब इसपर सुनवाई 03 जुलाई को होगी। अदालत ने पहले ही खान सर की गिरफ्तारी रोक लगा रखी है। अब फैजल खान और खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर 03 जुलाई को अदाालत सुनवाई करेगा। बताया जा रहा है कि सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक की तरफ से कहा गया कि खान सर के अंगरक्षकों के पास अवैध हथियार थे। दहशत फैलाने के इरादे से ही वहां फायरिंग की गई थी। इसपर बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी है कि हथियार का लाइसेंस है और कागजात फिलहाल पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। इसपर अदालत ने केस के आईओ को लोक अभियोजक से हथियार के कागजात मांगे हैं। इस मामले में अगली सुनवाई अब 03 जुलाई को होगी। बता दें कि पटना में -2 जुलाई को खान सर के कोचिंग संस्थान के नजदीक हुई गोलीबारी के वायरल वीडियो के आधार पर कदमकुआं थाना की पुलिस ने खान सर और उनके दो सुरक्षा कर्मियों के अलावा अन्य अज्ञात के खिलाफ बी एन एस और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में 04 जून 2026 को कदम कुआं थाना में कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया है। खान कोचिंग पर पथराव के एक घंटे बाद हुई फायरिंग बता दें कि पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर में दो जून की रात दो कोचिंग संस्थान खान ग्सोबल कोचिंग सेंटर और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के बीच विवाद के मामले को पुलिस हर पहलू पर परख रही है और इसका अनुसंधान कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात 10 बजे के करीब खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर पर पथराव और गार्ड के सााथ मारपीट की घटना हुई थी। लेकिन उनके बॉडीगार्ड द्वारा फायरिंग घटना के करीब एक घंटे के बाद की गई थी। इसका मतलब है कि निजी सुरक्षा कर्मियों ने पथराव से अपनी रक्षा की बजाय दहशत फैलाने और डर का माहौल कायम करने के लिए ऐसा किया था। इस घटना के अनुसंधान की निगरानी एक वरीय पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि फुटेज को सुक्ष्मता से देखा गया है। रात में करीब 10 बजे खान कोचिंग सेंटर पर पथराव और गार्ड के साथ मारपीट की घटना हुई थी। करीब एक घंटे के बाद गार्ड द्वारा हवा में फायरिंग की गई थी। उस समय दूसरे पक्ष के लोग वहां से चले गए थे।

यूपी में दो बेटियों वाले परिवारों को राहत, सरकार भरेगी दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस

लखनऊ  यूपी की योगी सरकार उन परिवारों को बड़ी राहत देने जा रही है जिनकी दो बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। अगर दो बेटियां एक ही विद्यालय, महाविद्यालय अथवा संस्थाओं में पढ़ रही हैं तो एक की ट्यूशन फीस सरकार की तरफ से माफ किए जाने या उसकी भरपाई किए जाने की तैयारी है। इसका आदेश जल्द ही जारी हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से इस संबंध में की गई घोषणा को शासन स्तर से अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। सभी बोर्ड के स्कूलों में मिलेगी राहत महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक तथा जिला विद्यालय निरीक्षकों से इस संबंध में प्रदेश में अलग-अलग बोर्डों के स्कूलों में पढ़ रहीं ऐसी बच्चियों का विवरण मांगा है। इसके तहत यूपी बोर्ड से लेकर सीबीएसई एवं आईसीएसई स्कूलों के कक्षा 9 से 12 तक की बच्चियों का सारा विवरण तलब किया गया है। वहीं दूसरी तरफ पहली जुलाई को इस संबंध में उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों को शासन की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि शासन द्वारा निर्धारित आय सीमा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की एक से अधिक बच्चियां किसी विद्यालय, महाविद्यालय अथवा संस्था में अध्ययन कर रही है तो दूसरी बच्ची का ट्यूशन फीस या तो संस्था को प्रोत्साहित करते हुए माफ कराई जाएगी या उसकी प्रतिपूर्ति राज्य सरकार की ओर से की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर पर पहली जुलाई को उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है जिसमें बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के प्रतिनिधियों के अलावा महिला कल्याण, एवं वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी भी रहेंगे। शिक्षा से जुड़े विभागों से मांगे गए विवरण व डाटा शिक्षा से जुड़े विभागों के प्रतिनिधियों को प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर एवं लखनऊ के यूपी बोर्ड, सीबीएसई तथा आईसीएसई के संचालित स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों द्वारा कक्षा- 9,10,11 एवं 12 के विद्यार्थियों से ली जाने वाली ट्यूशन फीस का समस्त विवरण व डाटा के साथ पहली जुलाई की बैठक में आने को कहा गया है। अगले महीने के अन्त तक लिया जाना है निर्णय जानकारों की मानें तो पहली जुलाई को होने वाली बैठक में ही इस मामले को अन्तिम रूप दिए जाने की तैयारी है ताकि इसे अगले महीने के तीसरे या चौथे सप्ताह में कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा सके। कैबिनेट की मंजूरी के साथ ही एक़ ही परिवार की दो बच्चियों में से एक के ट्यूशल फीस माफ करने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

दिल्ली में वोटर लिस्ट से नाम कटने के पांच कारण, चुनाव आयोग ने जारी की जानकारी

नई दिल्ली  राजधानी में हाल में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया और कई अवैध निर्माण तोड़े गए हैं। ऐसे में प्रभावित लोग अगर SIR की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं तो उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी अशोक ने बताया कि इन लोगों के लिए मुख्य चुनाव आयोग से चर्चा की जाएगी। कोई न कोई विशेष व्यवस्था करके उन्हें SIR में शामिल कराया जाएगा। इसके अलावा जो बेघर हैं और उन्होंने जो पोल नंबर दिया है या जहाँ का पता दिया है, उन तक फॉर्म पहुंचाए जाएंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 13,033 बीएलओ एसआईआर की प्रक्रिया में भाग लेंगे। प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 32,429 बीएलए-2 प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। दिल्ली में वर्तमान में कुल मतदाताओं की संख्या 1,45,10,298 (लगभग 1.45 करोड़) हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 77,11,132 है, जबकि महिला मतदाताओं का आंकड़ा 67,98,142 है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी में 1,024 थर्ड जेंडर मतदाता भी रजिस्टर्ड हैं। जनवरी 2026 के बाद से 16 जून तक 2,48,992 नए मतदाता लिस्ट में शामिल हुए हैं। इन 5 वजहों से कटेगा नाम बीएलओ के पहुंचने पर यदि आप उन्हें नहीं मिलते हैं और ऐसा तीन बार आने पर भी हो तो नाम कटेगा। कहीं और शिफ्ट हुए हैं और एड्रेस चेंज नहीं कराया है तो नाम कटेगा। जिनकी मृत्यु हुई है, उनका नाम हटेगा। अगर दो जगहों पर नाम है तो एक जगह काटा जाएगा। विदेशी नागरिक हैं तो प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। महत्वपूर्ण तारीखें     30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।     5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी।     5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।     5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियों का निवारण किया जाएगा।     7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। दिल्ली के लोग ऐसे खोज सकते हैं अपना नाम     www.ceo.delhi.gov.in पर जाएं।     जहां आपको सर्च बाय EPIC नंबर, इलेक्टर डिटेल और पोलिंग स्टेशन के विकल्प दिखाई देंगे।     इनसे आप 2002 की मतदाता सूची की डिटेल्स निकाल सकते हैं। यदि 2002 का EPIC नंबर मालूम है तो अपना नंबर और कैप्चा एंटर करें।     अगर इलेक्टर डिटेल से सर्च करना चाहते हैं तो इसके ऑप्शन में जाकर AC नंबर, इलेक्टर नंबर, रिलेटिव का नाम पैरेंट्स या ग्रैंड पैरेंट्स का नाम, हाउस नंबर, जेंडर और कैप्चा भरें।     अगर आपको हाउस नंबर या AC नंबर नहीं पता तो कोई भी दो या तीन विकल्प भरकर सर्च कर सकते हैं।     सर्च बाय पोलिंग स्टेशन विकल्प में AC नंबर और पोलिंग स्टेशन का नाम भरकर सर्च करें और अपना नाम देखें।     आखिर में अपने रिश्तेदार या माता-पिता का या ग्रैंड पैरेंट्स का नाम, AC का नाम या AC नंबर और लास्ट SIR की जानकारी नोट करके रख लें।     इसे एन्यूमरेशन फॉर्म में भरना होगा। जो लोग डिजिटल माध्यम अपनाना चाहते हैं, वे सीधे www.voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन भी इस फॉर्म को भर सकते हैं, लेकिन बीएलओ इसका सत्यापन करेंगे।     इसके अलावा ECINET ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके अपना नाम आसानी से खोजा जा सकता है।     नए मतदाता माता-पिता और दादा-दादी की जानकारी से अपना नाम जुड़वा सकते हैं। हेल्प डेस्क, टोल-फ्री नंबर और बुक-ए-कॉल सर्विस चुनाव से जुड़ी किसी भी पूछताछ के लिए चुनाव आयोग का टोल-फ्री नंबर 1950 है। इसके अलावा ईसीआई ने 'ECINet' पर एक खास 'Book-A-Call' सुविधा भी दी है, जिससे लोग सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क साध सकते हैं। दिल्ली के सभी जिला मुख्यालयों और विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता केंद्रों पर विशेष हेल्पडेस्क भी बनाई गई है, जिन्हें दिल्ली चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर देखा जा सकता है। इसके अलावा एन्यूमरेशन फॉर्म पर भी बीएलओ का नंबर लिखा होगा, जिसे कॉल कर मदद ली जा सकती है।

जुलाई 2026 में दो रवि प्रदोष व्रत, जानिए तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का एक प्रमुख व्रत है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है. प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. यह व्रत जिस वार को पड़ता है, उसी के आधार पर इसका नाम रखा जाता है. मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक प्रदोष व्रत करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं तथा घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली का वास होता है. वैदिक पंचांग के अनुसार, जुलाई 2026 में दो प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं. खास बात यह है कि इस बार दोनों ही व्रत रविवार को पड़ रहे हैं, इसलिए इन्हें रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा. रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित माना जाता है. ऐसे में इस शुभ संयोग में व्रत रखने से भक्तों को भगवान शिव के साथ-साथ सूर्य देव की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है. पहला प्रदोष व्रत जुलाई महीने का पहला प्रदोष व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा.     व्रत एवं पूजा तिथि: 12 जुलाई 2026, रविवार     त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 12 जुलाई, सुबह 02:04 बजे     त्रयोदशी तिथि समाप्त: 12 जुलाई, रात्रि 10:29 बजे     पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 07:22 बजे से रात 09:24 बजे तक दूसरा प्रदोष व्रत जुलाई का दूसरा प्रदोष व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा.     व्रत एवं पूजा तिथि: 26 जुलाई 2026, रविवार     त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 26 जुलाई, दोपहर 01:57 बजे     त्रयोदशी तिथि समाप्त: 27 जुलाई, शाम 04:14 बजे     पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 07:16 बजे से रात 09:21 बजे तक प्रदोष काल में पूजा का महत्व प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा प्रदोष काल में की जाती है. यह समय सूर्यास्त के बाद और रात्रि के आगमन के बीच का होता है. धार्मिक मान्यता है कि इस काल में भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न रहते हैं. कहा जाता है कि प्रदोष काल में शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन करने और भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है.

महिलाओं को एक ही स्थान पर मिलेंगी सभी स्वास्थ्य जांच और परामर्श सुविधाएँ

सिरसा  महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर हरियाणा सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। अब प्रदेश के चयनित सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पतालों में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे, जहां महिलाओं को जांच, परामर्श, टीकाकरण और रेफरल जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य महानिदेशक पंचकूला की ओर से इस संबंध में संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी किए गए हैं। यह पहल मुख्यमंत्री के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट भाषण की घोषणा के तहत लागू की जा रही है। इससे पहले जिला नागरिक अस्पतालों में मौजूदा पोस्ट-पार्टम सेंटर पीपीसी के माध्यम से एसएनएसपी क्लीनिक शुरू किए जा चुके हैं और अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से ब्लाक स्तर के अस्पतालों तक विस्तारित किया जा रहा है। इन अस्पतालों को किया गया है चिंहिृत मुख्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के 9 जिलों के 10 सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पतालों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। इनमें अंबाला जिले के अबांला कैंट व नारायणगढ़ उपमंडल अस्पताल, फतेहाबाद के टोहाना, हिसार के नारनौंद, पानीपत के समालखा, कुरूक्षेत्र के शाहबाद, यमुनानगर के जगाधरी, सिरसा के डबवाली, झज्जर के बहादुरगढ़ तथा नारनौल के महेंद्रगढ़ उपमंडल अस्पताल को शामिल किया गया है। अस्पताल प्रशासन को चार दिनों के भीतर क्लीनिक के लिए चिन्हित स्थान की फोटो सहित तैयारी रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। महिलाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं एसएनएसपी क्लीनिक का उद्देश्य महिलाओं से जुड़ी सामान्य और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है। यहां 9 से 65 वर्ष तक की महिलाओं के स्वास्थ्य डेटा संकलन, टीकाकरण, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर और स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग, पोषण एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, फॉलोअप और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। निर्देशों के अनुसार क्लीनिक में एचपीवी टीकाकरण कवरेज बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही महिलाओं को किशोरावस्था, रजोनिवृत्ति, आस्टियोपोरोसिस, हृदय रोग, मेटाबोलिक विकार और स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रत्येक क्लीनिक में नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा और संबंधित अस्पताल के पीएमओ, एमएस इसकी निगरानी करेंगे, जबकि जिला स्तर पर सिविल सर्जन पूरी व्यवस्था के प्रभारी होंगे। हर सोमवार दोपहर 12 बजे तक साप्ताहिक रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य रहेगा। सिरसा के सीएमओ डॉ. पवन कुमार ने कहा किस्वस्थ नारी सशक्त परिवार क्लिनिक नागरिक अस्पताल में संचालित हो रहा है। मुख्यालय से उपमंडल नागरिक अस्पताल डबवाली में भी इसके संचालन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।