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रांची के कई इलाकों में बिछेगी पीएनजी पाइपलाइन, 2026 तक जुड़ेंगे 20 हजार नए उपभोक्ता

 रांची  राजधानी रांची में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में गेल इंडिया लगातार अपने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क का विस्तार कर रही है। शहर के वार्ड नंबर 46 स्थित कृष्णापुरी, मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, स्मार्ट सिटी और बीआईटी मेसरा क्षेत्र में गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।  इस विस्तार योजना के पूरा होने के बाद शहर की लगभग एक लाख आबादी को घरेलू गैस पाइपलाइन सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है।  150 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की योजना गेल इंडिया के डीजीएम प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि रांची में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान लगभग 150 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की योजना बनाई गई है, ताकि शहर के अधिक से अधिक क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ा जा सके।  उन्होंने बताया कि वर्तमान में रांची में करीब 550 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन और लगभग 70 किलोमीटर स्टील पाइपलाइन नेटवर्क में गैस चार्ज की जा चुकी है। इसके माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों में गैस आपूर्ति की व्यवस्था विकसित की गई है। 78 हजार घरों तक पहुंची अवसंरचना घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए अब तक लगभग 78 हजार घरों में आवश्यक अवसंरचना तैयार की जा चुकी है। इनमें से करीब 24 हजार घरों तक गैस आपूर्ति शुरू हो चुकी है, जबकि लगभग 18 हजार उपभोक्ता नियमित रूप से पीएनजी गैस का उपयोग कर रहे हैं।  कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक अतिरिक्त 20 हजार नए घरेलू उपभोक्ताओं को इस सुविधा से जोड़ने का है। गेल इंडिया की यह योजना केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में औद्योगिक क्षेत्रों तक भी गैस नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे उद्योगों को सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी। वार्ड 46 में 20 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य वार्ड नंबर 46 की पार्षद आरती कुमारी ने बताया कि गैस सिलिंडर की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों के कारण लोगों में पीएनजी कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ी है। स्थानीय लोगों की मांग और शिकायतों के बाद उनके वार्ड में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया है। वार्ड में लगभग 20 किलोमीटर गैस पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे अगले एक वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्य पूरा होने के बाद विशेष शिविर लगाकर एक साथ बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वार्ड में करीब 20 हजार परिवार रहते हैं, जिन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर जारी गेल इंडिया ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-123-121-111 जारी किया है। किसी भी प्रकार की शिकायत, तकनीकी सहायता या कनेक्शन संबंधी जानकारी के लिए उपभोक्ता इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। कंपनी ने वर्ष 2027 के अंत तक परियोजना को व्यापक रूप से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। घर तक गैस पाइपलाइन पहुंचने से सिलेंडर बुकिंग और ढुलाई की परेशानी खत्म होगी। यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।- संतोष सिंह, स्थानीय निवासी     पीएनजी कनेक्शन सुरक्षित होने के साथ-साथ किफायती भी है। इससे पुरुषों का समय बचेगा व महिलाओं को सबसे अधिक सुविधा मिलेगी।- सुमंत महतो, स्थानीय निवासी यदि पूरे वार्ड में समय पर काम पूरा हो जाता है तो हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। घरेलू गैस के साथ उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।- विजय कुमार, स्थानीय निवासी  

सुनील गावस्कर का बयान, इंग्लैंड दौरे पर रोहित शर्मा दिखा सकते हैं कप्तानी और फॉर्म

नई दिल्ली महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सोमवार को कहा कि अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज रोहित शर्मा के लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका होगी कि वह अगले साल होने वाले 50 ओवर के वर्ल्ड कप में भारत के लिए पारी का आगाज करेंगे। रोहित और विराट कोहली दोनों भारत के लिए सिर्फ एक फॉर्मेट में खेलते हैं, वे 14-19 जुलाई तक इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में वापसी करेंगे। रोहित शर्मा पर क्या बोले सुनील गावस्कर? गावस्कर ने कहा कि रोहित जानते हैं कि अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए उनकी स्थिति क्या है। गावस्कर ने कहा,‘रोहित शर्मा के बारे में कब बात नहीं हुई है? रोहित शर्मा के बारे में हमेशा से बहुत बात होती रही है।’ उन्होंने कहा, ‘वह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है। मुझे लगता है कि जाहिर तौर पर अहम लोगों और रोहित शर्मा के बीच साफ तौर पर जानकारी का आदान-प्रदान हुआ है। वह अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है और वर्ल्ड कप तक के अगले डेढ़ साल में उन्हें बस लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।’ गावस्कर ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी प्रतिभा और काबिलियत के कारण कोई दबाव महसूस करते हैं। इंग्लैंड (दौरा) उनके लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका है कि डेढ़ साल बाद भी वह भारत के लिए पारी का आगाज करते रहेंगे।’ गावस्कर ने कहा कि किसी भी भारतीय खिलाड़ी का आकलन कभी खत्म नहीं होता और सीनियर बल्लेबाजों को पता होता है कि उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा। आलोचना कोई नई बात नहीं है उन्होंने कहा, ‘जब आप डेब्यू करने वाले युवा खिलाड़ी होते हैं, तो आप पर नजर रखी जाती है कि आप अंतरराष्ट्रीय (क्रिकेट के) दबाव को कैसे संभालते हैं, क्या आपमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का मिजाज और काबिलियत है।’ उन्होंने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट में ऐसा होता है कि शुरुआत से ही खिलाड़ियों पर लगातार नजर रखी जाती है और यह दबाव लगभग कभी खत्म नहीं होता। इसलिए इन खिलाड़ियों के लिए यह निगरानी या आलोचना कोई नई बात नहीं होगी।’ उन्हें दवाब संभालना आता है उन्होंने कहा, ‘वे जानते हैं कि दबाव को कैसे संभालना है और उन्हें पता है कि एकमात्र तरीका है रन बनाते रहना, जो कैच मिलें उन्हें पकड़ना, रन-आउट करना और साथ ही कप्तान को सलाह देने के लिए तैयार रहना क्योंकि वे खुद कप्तान रह चुके हैं और उनके पास अनुभव है।’ गावस्कर ने कहा कि रोहित और कोहली के मामले में, उनकी शारीरिक क्षमताओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा जिसे वे दोनों आसानी से संभाल सकते हैं। अनुभव से स्थिती को संभाल लेंगे उन्होंने कहा, ‘जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है और आप 35 साल के पार जाते हैं, तो आपके स्वभाव के बजाय आपकी शारीरिक फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। उनके पास जो अनुभव है, उससे वे इसे आसानी से संभाल लेंगे।’  

वेलकम टू द जंगल 4 दिनों में 100 करोड़ पार, वेलकम 4 पर बड़ा अपडेट

 अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल स्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और रिलीज होते ही इसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त पकड़ बना ली. कॉमेडी और एक्शन से भरपूर यह फिल्म दर्शकों को खूब एंटरटेन कर रही है और लगातार कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है. सिर्फ 4 दिनों में ही इसने वर्ल्डवाइड 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है. इसकी शानदार सफलता के बीच डायरेक्टर अहमद खान ने फिल्म के बजट और ‘वेलकम 4’ को लेकर ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने फैंस की एक्साइटमेंट और भी बढ़ा दी है. Zoom को दिए इंटरव्यू में डायरेक्टर अहमद खान ने फिल्म के बजट को लेकर खुलकर बात की. अहमद खान ने कहा कि लोग उन्हें महंगा डायरेक्टर समझते हैं, लेकिन यह बिल्कुल गलत है. उन्होंने साफ कहा कि वह कभी भी ज्यादा खर्च करके फिल्म नहीं बनाते, बल्कि हमेशा प्रोड्यूसर के फायदे और बजट का ध्यान रखते हैं. उनके मुताबिक, वह अपनी फिल्मों को तय बजट के अंदर ही पूरा करते हैं. अहमद खान ने यह भी कहा कि उनके बारे में कई तरह की झूठी बातें फैलाई जाती हैं. उनका मानना है कि 200 या 250 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट कई बार बेकार खर्च होता है और इससे फिल्मों में सिर्फ फिजूलखर्ची बढ़ती है. फिल्म का बजट कितना है? डायरेक्टर अहमद खान ने बताया कि फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल‘ को बनाने में करीब 115 से 125 करोड़ रुपये का खर्च आया है. इस बजट में एक्टर्स की फीस, गाने और एक्शन सीन शामिल हैं. उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म रिलीज से पहले ही डिजिटल राइट्स, सैटेलाइट (टीवी) राइट्स, म्यूजिक और ओवरसीज राइट्स बेचकर पूरा खर्च पहले ही वसूल कर लिया गया था. इसका मतलब है कि फिल्म का बजट पहले ही निकल चुका है और अब थिएटर से होने वाली हर कमाई सीधे तौर पर मुनाफा (प्रॉफिट) मानी जाएगी.  क्या आएगी ‘वेलकम 4’? जब अहमद खान से पूछा गया कि क्या वह इस फिल्म का चौथा पार्ट यानी ‘वेलकम 4’ भी बनाएंगे? तो उन्होंने कहा, “अभी तक ऐसा कोई प्लान नहीं है. लेकिन दर्शकों से किरदारों को जो प्यार मिल रहा है, उसे देखकर लगता है कि अगला पार्ट बनना चाहिए. पर इसमें अभी काफी समय लगेगा.”  क्या उदय-मजनू के साथ होगी जॉन अब्राहम की एंट्री? जब उनसे पूछा गया कि क्या अगले पार्ट में नाना पाटेकर (उदय भाई) और अनिल कपूर (मजनू भाई) वापस आएंगे, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि कुछ भी हो सकता है. शायद अगले पार्ट में जॉन अब्राहम की एंट्री भी देखने को मिल सकती है.

भजनलाल शर्मा ने यमुना जल समझौते को बताया ऐतिहासिक, प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली जोधपुर हाउस में यमुना जल समझौते को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राजस्थान को सबसे अधिक पानी की आवश्यकता है, और यह समझौता प्रदेश के लिए ऐतिहासिक साबित होगा. उन्होंने कहा कि 29 जून का दिन राजस्थान के लिए ऐतिहासिक है, और प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया.  "कांग्रेस ने नहीं किया समाधान"  मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने वर्षों तक इस मुद्दे का समाधान नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की पानी की पीड़ा को समझते हुए इसे प्राथमिकता दी. उन्होंने कहा कि इस समझौते से राजस्थान की प्यासी धरती को पानी मिलेगा.  सीएम भजनलाल ने गृह मंत्री का जताया आभार  भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से यह महत्वपूर्ण पहल संभव हो सकी.  "राजस्थान कर रहा विकास" मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और प्रदेश विकास योजनाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में अनेक विकास कार्य हुए हैं, और डबल इंजन की सरकार जनता के विश्वास पर खरी उतरी है.  उन्होंने कांग्रेस पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने कभी जनता के हित में काम नहीं किया. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान में रिफाइनरी परियोजना का उद्घाटन करेंगे. 

डॉक्टरों की हर गतिविधि पर रहेगी नजर, बिहार के 15 हजार स्वास्थ्य संस्थानों में होगी कैमरों से मॉनिटरिंग

पटना  बिहार में स्वास्थ्य मंत्री की कुर्सी संभालने के बाद निशांत कुमार फुल ऐक्शन में नजर आ रहे हैं। वो ताबड़तोड़ अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और लापरवाही पर ऐक्शन ले रहे हैं तो वहीं वो बड़े-बड़े फैसले भी ले रहे हैं। अब निशांत कुमार ने ऐलान किया है कि बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में कैमरे लगाए जाएंगे। सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के पीछे सरकार की यह मंशा है कि वो डॉक्टरों पर निगरानी रख सकें कि अस्पताल में वो किस तरह से अपना काम कर रहे हैं।निशांत कुमार ने यह भी कहा है कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल और सभी सीएचसी को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में डेवलप किया जाएगा। मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि हम जो दवा दे रहे हैं वो जनता तक पहुंचे। हम इस बात को लेकर प्रयासरत हैं कि दवा सही मात्रा में और सही ढंग से जनता तक पहुंच सके। हमारी सबसे बड़ी समस्या है डॉक्टरों या अन्य कर्मचारियों की गैरमौजूदगी की। इसके लिए हमलोग काम कर रहे हैं। बिहार में करीब 15 हजार सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं और हम इन सभी में अब कैमरा लगवा रहे हैं। हम एक ऐसा सॉफ्टवेयर डेवलप कर रहे हैं कि कोई भी डॉक्टर अस्पताल में आता है, जाता है तो उसके बीच में वो क्या करता है उसका रिकॉर्ड हम रख सकें। मान लीजिए अगर कोई डॉक्टर 9 बजे आया और 1 बजे गया तो इस बीच में उसने ओपीडी किया या आईपीडी किया याा फिर उसने सर्जरी की या क्या कुछ किया उन सभी चीजों का रिकॉर्ड हमारे पास रहेगा। सभी जगहों पर हम कैमरा लगा रहे हैं ताकि हम कैमरे से ही निगरानी कर सकें। मैं खुद इसको मॉनीटरिंग करूंगा।’ निशांत कुमार ने बताया है कि बिहार के पांच जोन में 11 लेवल-थ्री और पांच लेवल-टू ट्रामा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एलएनजेपी अस्पताल में 400 बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा। PMCH के प्राचार्य पर हुआ था ऐक्शन बता दें कि इससे पहले पटना स्थित PMCH में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जब दौरा किया था तब लापरवाही के आरोप में प्राचार्य पर ऐक्शन भी लिया गया था। बिहार सरकार ने पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के प्रभारी प्राचार्य को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के चलते अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के पीएमसीएच के पूर्व निर्धारित निरीक्षण के बाद की गई थी। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पाया था कि प्रभारी प्राचार्य नरेन्द्र प्रताप सिंह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की कोई सूचना नहीं दी थी और न ही अपने स्थान पर किसी अन्य अधिकारी को प्रभार सौंपा था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नरेंद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों के फोन कॉल का भी जवाब नहीं दिया। नरेंद्र सिंह को अब बेतिया में प्रोफेसर के पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं, पटना चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रो. गीता सिन्हा को अगले आदेश तक पीएमसीएच की प्रभारी प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

भारतीय थाली में क्यों नहीं पूरा होता 60 ग्राम प्रोटीन का डेली टारगेट, जानिए कारण

हम भारतीय अपने खाने-पीने के शौकीन मिजाज और थाली के रंगों के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं. दाल, चावल, रोटी, सब्जी, अचार और रायता हमारी पारंपरिक थाली देखने में जितनी भरपूर लगती है, उतनी ही स्वादिष्ट भी होती है. लेकिन जब बात सेहत और खासकर प्रोटीन की आती है, तो हमारी यही ट्रेडिशनल थाली रोज की जरूरतों को पूरा करने में पीछे छूट जाती है. ICMR के अनुसार, एक एडल्ट को रोजाना लगभग 60 ग्राम प्रोटीन (Daily Protein Target) की जरूरत होती है. आइए जानते हैं कि आखिर हमारी रोज की थाली इस टारगेट को हासिल करने में क्यों चूक जाती है.  कार्बोहाइड्रेट की बहुत ज्यादा मात्रा हमारी थाली का सबसे बड़ा हिस्सा रोटी, चावल, पोहा या आलू जैसी चीजों से घिरा होता है. ये सभी चीजें कार्बोहाइड्रेट्स का मुख्य स्रोत हैं, जो हमें तुरंत एनर्जी तो देती हैं, लेकिन इनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत कम होती है. अमूमन भारतीय घरों में थाली का 70 से 80% हिस्सा सिर्फ कार्ब्स से भरा होता है, जिससे प्रोटीन के लिए जगह ही नहीं बचती.   Daily Protein Target: दाल-रोटी और चावल को प्रोटीन का इकलौता जरिया मानना  हमारे यहां माना जाता है कि रोज दाल-चावल खा लिया, तो प्रोटीन की कमी नहीं होगी. लेकिन ऐसा नहीं है. दालों में लगभग 20% प्रोटीन होता है, और इसके साथ भारी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट भी होता है. अगर कोई सिर्फ दाल से अपने दिनभर का 60 ग्राम प्रोटीन का टारगेट पूरा करना चाहे, तो उसे दिन में 7 से 8 कटोरी दाल पीनी पड़ेगी, जो हजम करना नामुमकिन है. इसके अलावा, हमारे प्रोटीन का 60% हिस्सा गेहूं और चावल से आता है, जिसे हमारा शरीर पूरी तरह और आसानी से सोख नहीं पाता. वेजिटेरियन खाने में ‘कम्पलीट प्रोटीन’ की कमी भारत की एक बहुत बड़ी आबादी शुद्ध शाकाहारी है. चिकन, मटन, मछली और अंडों में ‘कम्पलीट प्रोटीन’ होता है, जो शरीर आसानी से सोख लेता है. इसके विपरीत, शाकाहारी स्रोतों जैसे अनाज और बीन्स को शरीर पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता. जब तक आप अनाज और दालों को सही रैशीओ में मिलाकर (जैसे खिचड़ी या दाल-चावल) न खाएं, तब तक शरीर को सही प्रोटीन (Daily Protein Target) नहीं मिलता.  पकाने का ट्रेडिशनल तरीका भारतीय खाना बनाने का तरीका ऐसा है जिसमें मसालों को खूब भूनना और सब्जियों व दालों को देर तक उबालना शामिल है. बहुत ज्यादा तापमान पर बार-बार खाना पकाने और गर्म करने से भोजन में मौजूद प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों (Nutrients) की क्वालिटी कम हो जाती है.  स्नैक्स में अनहेल्दी चीजें चुनना हम सुबह और रात के खाने पर तो ध्यान दे देते हैं, लेकिन शाम की नाश्ते में हमारा झुकाव समोसा, कचौरी, बिस्कुट, नमकीन या चाय पर जाकर टिक जाता है. इन स्नैक्स में सिर्फ मैदा, तेल और चीनी होती है. अगर इसकी जगह मुट्ठी भर मूंगफली, मखाना, भुना चना या उबला अंडा शामिल किया जाए, तो प्रोटीन का टारगेट आसानी से पूरा हो सकता है.  अपनी थाली को प्रोटीन से भरपूर कैसे बनाएं? रोजाना 60 ग्राम प्रोटीन (Daily Protein Target) पूरा करना इतना भी मुश्किल नहीं है. बस अपनी थाली में छोटे-छोटे बदलाव करें:     पनीर और टोफू: अपने दोपहर या रात के खाने में 50-100 ग्राम पनीर या टोफू शामिल करें.      सोयाबीन: सोया चंक्स प्रोटीन का पावरहाउस हैं. इनकी सब्जी या पुलाव बनाकर खाएं.      सत्तू और छाछ: गर्मियों में सत्तू का शरबत और खाने के साथ गाढ़ी छाछ या दही का इस्तेमाल बढ़ाएं.      अंडे और लीन मीट: अगर आप नॉन-वेजिटेरियन हैं, तो उबले अंडे और ग्रिल्ड चिकन को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं.   

पंजाब ह्यूमन राइट्स कमीशन सख्त, 35 कथित एनकाउंटर मामले में पुलिस से मांगा जवाब

 चंडीगढ़  पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन ने राज्य में कथित पुलिस एनकाउंटरों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पंजाब मानवाधिकार संगठन (पीएचआरओ) के अध्यक्ष रंजीत सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने पंजाब के डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने पंजाब पुलिस को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।शिकायतकर्ता ने आयोग में आरोप लगाया है कि पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को हथियार या नशा तस्करी की बरामदगी के लिए ले जाती है और रास्ते में उनका एनकाउंटर कर देती है। आरोप यह भी है कि मामलों को अदालत तक पहुंचने से पहले ही खत्म करने की कोशिश की जाती है। मामले की अगली सुनवाई 30 जून 2026 को निर्धारित की गई है। शिकायत में राज्यभर में हुए 35 पुलिस एनकाउंटरों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई मामलों में पुलिस की कार्रवाई का पैटर्न लगभग एक जैसा दिखाई देता है। शिकायत के अनुसार, आरोपित को किसी हथियार या अन्य बरामदगी के लिए मौके पर ले जाया जाता है। वहां आरोपित की ओर से पुलिसकर्मी का हथियार छीनने या हमला करने की कोशिश का दावा किया जाता है और इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपित के पैर में गोली लगने की कहानी सामने आती है। पुलिस अधिकारियों के वर्जन पर उठे सवाल पीएचआरओ ने आयोग को बताया कि कई मामलों में पुलिस का आधिकारिक वर्जन सवालों के घेरे में है। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई से मामलों को अदालत तक पहुंचने से पहले ही खत्म करने की कोशिश की जाती है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक प्रतिनिधियों के बयान कानून से बाहर जाकर हिंसक कार्रवाई को बढ़ावा देते हैं। शिकायत में गुरदासपुर के हालिया एनकाउंटर का भी उल्लेख किया गया है। दावा किया गया है कि घटना के वास्तविक हालात पुलिस के सार्वजनिक दावों से मेल नहीं खाते। साथ ही “गोली का बदला गोली” जैसे बयानों पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसी सोच कानून के शासन और संविधान प्रदत्त जीवन के अधिकार के विपरीत है। अब विस्तार से जानिए क्या है पूरा मामला:-     पुलिस की कहानी लगभग एक जैसी रही: पंजाब मानवाधिकार संगठन के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने इस मामले में शिकायत की। शिकायत में पंजाब में पिछले कुछ समय के दौरान हुए 35 एनकाउंटरों पर सवाल उठाए गए।  शिकायत में दावा किया गया कि कई मामलों में पुलिस की कहानी लगभग एक जैसी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी को बरामदगी के लिए ले जाया जाता है, वह हथियार छीनने या फायरिंग करने की कोशिश करता है और फिर जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग जाती है।     एनकाउंटर पूर्व नियोजित या फर्जी हो सकते हैं: शिकायतकर्ता के अनुसार इस तरह के एनकाउंटर पूर्व नियोजित या फर्जी हो सकते हैं। उन्होंने शिकायत में यह भी कहा कि गुरदासपुर में हाल ही में हुए एक एनकाउंटर का जिक्र करते हुए दावा किया गया कि जमीनी तथ्यों और पुलिस के आधिकारिक दावों में अंतर है।     एनकाउंटर को लेकर जारी किए गए निर्देशों की अनदेखी: सत्ताधारी दल के कुछ प्रतिनिधि "गोली का बदला गोली" जैसी सोच को बढ़ावा दे रहे हैं। यह संविधान के अनुच्छेद 21, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है। साथ ही हाई कोर्ट की तरफ से एनकाउंटर को लेकर जारी किए गए निर्देशों की अनदेखी है।     कुछ इन मामलों का किया गया जिक्र: शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कई कथित एनकाउंटर मामलों का उल्लेख किया है। इनमें 20 दिसंबर 2023 को अमृतसर के जंडियाला गुरु इलाके में गैंगस्टर और हेरोइन तस्कर अमृतपाल सिंह, दिसंबर 2025 में अमृतसर में फायरिंग मामले के आरोपी अमृतपाल सिंह, फरवरी 2026 में गुरदासपुर में 19 वर्षीय युवक रणजीत सिंह, 2023 में फतेहगढ़ साहिब में गैंगस्टर तेजा मेहंदीपुरिया, मार्च 2024 में गैंगस्टर सुखविंदर सिंह और फरवरी 2024 में बरनाला में गैंगस्टर गुरमीत सिंह सहित संजू बहमन और सुखदेव सिंह जैसे मामलों का जिक्र किया गया है। दो साल में बढ़े केस यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब में पुलिस मुठभेड़ों के मामलों में पिछले दो वर्षों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पंजाब पुलिस ने 2025 में राज्य में कम से कम 47 पुलिस मुठभेड़ दर्ज की गईं, जिनमें कई गैंगस्टर, नशा तस्कर और संगठित अपराध से जुड़े आरोपित शामिल थे। वहीं जनवरी से जून 2026 के बीच ही 35 से अधिक एनकाउंटर सामने आ चुके हैं। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और मोहाली प्रमुख जिले रहे।  

मुरादाबाद में CM योगी का अनोखा अंदाज, दो अनजान बच्चियों के हाथों कराया ‘श्री राम वाटिका’ का लोकार्पण

मुरादाबाद में दिखा सीएम योगी का वात्सल्य: दो अनजान बच्चियों के हाथों कराया 'श्री राम वाटिका' का लोकार्पण मुरादाबाद विकास और विरासत के संगम के बीच मुरादाबाद में एक भावुक नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब करोड़ों रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का लोकार्पण किया, तो सबसे खास और भावुक पल 'श्री राम वाटिका' के उद्घाटन का रहा। इस भव्य वाटिका का लोकार्पण किसी राजनेता या अधिकारी ने नहीं, बल्कि वहां मौजूद दो नन्ही बच्चियों वांची और आची ने मुख्यमंत्री के सानिध्य में किया। मुख्यमंत्री और नन्ही बच्चियों का पुराना है स्नेह का नाता मुख्यमंत्री के साथ फीता काटने वाली छह वर्षीय वांची और उसकी छोटी बहन आची का सीएम योगी से यह स्नेहिल जुड़ाव नया नहीं है। दरअसल, इसके पीछे एक बेहद भावुक कहानी है। मुरादाबाद के रहने वाले इन बच्चियों के पिता अमित कुमार अपनी बेटी वांची के स्कूल एडमिशन को लेकर तीन महीने से परेशान चल रहे थे। इसके बाद, जून 2025 में उन्होंने ‘जनता दर्शन’ में बेटी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी गुहार लगाई थी। महज तीन घंटे में दूर की थी पिता की परेशानी बच्चों के प्रति विशेष स्नेह रखने वाले मुख्यमंत्री ने न केवल उनकी फरियाद सुनी थी, बल्कि महज तीन घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान भी कर दिया था। सीएम के त्वरित निर्देश पर आरटीई के तहत उसी दिन सोमवार दोपहर को वांची का एडमिशन मुरादाबाद के प्रतिष्ठित 'सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल' में हो गया था।  सुरक्षा घेरे के बीच बेटियों को दिया सम्मान श्री राम वाटिका के लोकार्पण के दौरान जब मुख्यमंत्री का काफिला पहुंचा, तो उनसे मिलने यह दोनों बच्चियों भी पहुंची थी। एक पल की भी देरी किए बिना, मुख्यमंत्री ने पूरे वात्सल्य के साथ उन दोनों बहनों को अपने पास बुलाया और उन्हीं नन्हे हाथों से इस भव्य श्री राम वाटिका का फीता कटवाकर इसे जनता को समर्पित कर दिया। बच्चियों के चेहरों की मुस्कान और इस अनूठे पल ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।

वर्ल्ड कप 2026 में उलटफेर पर उलटफेर, ब्राजील आगे बढ़ा लेकिन जर्मनी और नीदरलैंड्स हुए बाहर

ह्यूस्टन फीफा विश्व कप 2026 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही था- क्या 48 टीमों वाला टूर्नामेंट अपनी गुणवत्ता बचा पाएगा? आलोचकों का दावा था कि ज्यादा टीमें आएंगी, छोटे देशों की भरमार होगी और बड़े देशों की राह आसान हो जाएगी.  लेकिन नॉकआउट दौर के शुरुआती मुकाबलों ने इस धारणा को पूरी तरह पलट दिया है।  यह वर्ल्ड कप बड़ा जरूर हुआ है, लेकिन कमजोर नहीं. उल्टा, अब यह पहले से कहीं ज्यादा निर्दयी हो गया है. यहां सिर्फ बड़ा नाम होने से कोई सुरक्षित नहीं है. ब्राजील बच तो गया, लेकिन जर्मनी बाहर हो गया. नीदरलैंड्स भी घर लौट गया… और दुनिया ने साफ देख लिया कि अब फुटबॉल का पुराना शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है।  ब्राजील जीता नहीं… किसी तरह बच निकला ह्यूस्टन में पांच बार का विश्व चैम्पियन ब्राजील जापान के खिलाफ उस तरह नहीं खेला, जैसा उससे उम्मीद थी. मैच पर नियंत्रण रखने वाली टीम खुद दबाव में थी।  पहले हाफ में काइशू सानो ने जापान को बढ़त दिलाई. जापान ने अनुशासित डिफेंस, तेज काउंटर अटैक और बेखौफ फुटबॉल से ब्राजील को परेशान कर दिया।  कैसेमिरो ने बराबरी जरूर दिलाई, लेकिन उसके बाद भी ब्राजील का दबदबा नहीं दिखा. समय खत्म होने को था, अतिरिक्त समय लगभग तय था. तभी 95वें मिनट में गैब्रियल मार्टिनेली ने गोल कर ब्राजील को 2-1 से जीत दिलाई. 95वें मिनट तक ब्राजील सिर्फ मैच नहीं, अपनी प्रतिष्ठा भी बचाने की लड़ाई लड़ रहा था।  स्कोरलाइन जीत की थी, लेकिन कहानी बच निकलने की थी. जर्मनी… और पेनल्टी की बादशाहत भी खत्म अगर ब्राजील की जीत चेतावनी थी, तो जर्मनी की हार उसका सबसे बड़ा सबूत. चार बार की विश्व चैम्पियन जर्मनी ने ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन पराग्वे ने दिखा दिया कि नॉकआउट में इतिहास नहीं, सिर्फ मौजूदा प्रदर्शन काम आता है।  जूलियो एनसिसो ने पराग्वे को बढ़त दिलाई. काई हैवर्ट्ज ने बराबरी कराई. इसके बाद मुकाबला धैर्य और अनुशासन का बन गया।  पेनल्टी शूटआउट में वही जर्मनी हार गया, जिसकी पहचान वर्षों तक पेनल्टी में अजेय रहने की रही थी. पराग्वे ने 4-3 से शूटआउट जीतकर विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया।  मोरक्को ने फिर साबित किया… 2022 कोई इत्तेफाक नहीं था ग्रुप चरण में अपराजित रहने वाला नीदरलैंड्स भी खुद को सुरक्षित समझ रहा होगा।  लेकिन मोरक्को ने फिर वही किया, जो उसने कतर विश्व कप में किया था. उसने दिग्गज को उसकी ही उम्मीदों के बोझ तले दबा दिया. कोडी गाकपो के गोल के बाद लगा कि डच टीम जीत जाएगी. लेकिन इंजरी टाइम में इस्सा डियोप ने बराबरी कर दी. पेनल्टी शूटआउट में यासीन बुनू हीरो बने और मोरक्को ने एक और यूरोपीय महाशक्ति को बाहर का रास्ता दिखा दिया।  ये 'अपसेट' नहीं… फुटबॉल की नई हकीकत है अगर ये तीन नतीजे अकेले होते, तो इन्हें संयोग कहा जा सकता था. लेकिन पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर कुछ और कहानी कह रही है।  ब्राजील ग्रुप चरण में मोरक्को से ड्रॉ खेला. स्पेन को केप वर्डे ने रोका. पुर्तगाल डीआर कांगो और कोलंबिया से बराबरी पर रहा. इंग्लैंड घाना के खिलाफ जीत नहीं सका. जापान अपराजित रहा. पराग्वे तीसरे स्थान से नॉकआउट में पहुंचा और फिर जर्मनी को बाहर कर दिया। यानी यह किसी एक रात का चमत्कार नहीं, बल्कि विश्व फुटबॉल के बदलते समीकरणों का ऐलान है. 48 टीमों वाला वर्ल्ड कप कमजोर नहीं… ज्यादा खतरनाक है. जिस विस्तार की आलोचना हो रही थी, वही अब इस विश्व कप की सबसे बड़ी ताकत बन गया है।  ज्यादा टीमों का मतलब सिर्फ ज्यादा मैच नहीं है. इसका मतलब है कि अब ज्यादा देशों को नॉकआउट तक पहुंचने का मौका मिल रहा है. और एक बार जब कोई टीम नॉकआउट में पहुंच जाती है, तो वहां नाम नहीं, सिर्फ 90 मिनट का प्रदर्शन मायने रखता है।  छोटी टीमें अब सिर्फ डिफेंड नहीं करतीं. वे रणनीति के साथ खेलती हैं, दबाव झेलती हैं, मौके का इंतजार करती हैं और फिर दिग्गजों को वहीं चोट पहुंचाती हैं, जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होता है।  अब किसी की बारी हो सकती है… ब्राजील की 95वें मिनट की राहत, जर्मनी की विदाई और नीदरलैंड्स का पतन बाकी दिग्गजों के लिए साफ संदेश है. अब फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड, अर्जेंटीना और पुर्तगाल के लिए भी संदेश साफ है- अगला शिकार कोई भी हो सकता है।  फीफा विश्व कप 2026 ने नया नियम लिख दिया है- मैच शुरू होने तक इतिहास आपके साथ होता है, उसके बाद सिर्फ आपका फुटबॉल।  ब्राजील बच गया. जर्मनी गिर गया. नीदरलैंड्स भी टूट गया.. और विश्व कप 2026 ने पूरी दुनिया को बता दिया- अब फुटबॉल में 'दिग्गज' जैसी कोई स्थायी उपाधि नहीं बची. हर नॉकआउट मैच में इतिहास फिर से लिखा जाएगा। 

CM योगी आज रामपुर और बरेली दौरे पर, करोड़ों की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

सीएम योगी मंगलवार को रामपुर व बरेली के दौरे पर, विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात रामपुर में 690 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे सीएम योगी इंटरमीडिएट-हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को करेंगे सम्मानित बरेली में मंडल के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की करेंगे समीक्षा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 30 जून को रामपुर व बरेली के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मुरादाबाद से सीधे रामपुर पहुंचेंगे, जहां शाहाबाद में वह रामपुर के मिलक एवं बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों में 690 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।  कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी इंटरमीडिएट/हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देंगे। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को लैपटॉप, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के पात्र परिजनों को अनुदान राशि देंगे। मुख्यमंत्री सामाजिक विकास में विशेष योगदान देने वाले व्यापारियों का सम्मान भी करेंगे।  रामपुर के बाद मुख्यमंत्री बरेली पहुंचेंगे, जहां वह सर्किट हाउस में बरेली मंडल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा और नए कार्यों की कार्ययोजना के संबंध में बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री बरेली के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।