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फल-सब्जियों की बर्बादी रोकने की तैयारी, भारत-ब्रिटेन मिलकर बनाएंगे ग्रीन कोल्ड चेन नेटवर्क

करनाल भारत में हर साल मेहनत से उगाई गई करोड़ों टन फल और सब्जियां बाजार तक पहुंचने से पहले ही सड़ जाती हैं। इस राष्ट्रीय नुकसान से निपटने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल और ब्रिटेन के ब्रुनेल विश्वविद्यालय लंदन ने हाथ मिलाया है। दोनों वैश्विक संस्थानों ने मिलकर सोल टेक नाम से एक महत्वाकांक्षी अनुसंधान परियोजना पर काम शुरू किया है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर आधारित कोल्ड स्टोरेज और एक मजबूत हार्टिकल्चर कोल्ड चेन नेटवर्क तैयार करना है, जिससे दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में भी बिना ग्रिड बिजली या महंगे डीजल के फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। क्यों पड़ी इस प्रोजेक्ट की जरूरत? भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और नाबार्ड की रिपोर्ट बताती है कि भारत में उचित कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चेन बुनियादी ढांचे की भारी कमी है। सालाना 4 से 5 करोड़ टन फल-सब्जियों की बर्बादी देश में हर साल कुल उत्पादन का लगभग 6 से 15 प्रतिशत यानि करीब 40 से 50 मिलियन मीट्रिक टन फल और सब्जियां खेत से बाजार तक पहुंचने के दौरान ही खराब हो जाती हैं। टमाटर और हरी सब्जियों जैसी जल्द खराब होने वाली फसलों में यह नुकसान 20 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इस बर्बादी के कारण देश को सालाना करीब 1.53 लाख करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कोल्ड स्टोरेज न होने के कारण किसानों को अपनी फसल तुरंत औने-पौने दामों में बेचनी पड़ती है या फिर सड़ाकर फेंकनी पड़ती है। कैसे काम करेगा सोल टेक मडल जानिये? एमएचयू और ब्रुनेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक मिलकर दो प्रमुख मोर्चों पर काम कर रहे हैं। सौर संचालित डिसेंट्रलाइज्ड कोल्ड स्टोरेज परंपरागत कोल्ड स्टोरेज बिजली या डीजल जनरेटर पर चलते हैं, जिनकी संचालन लागत बहुत अधिक होती है। सोल टेक के तहत ऐसे सोलर-पावर्ड छोटे और मध्यम स्टोरेज बनाए जा रहे हैं जो गांवों और मंडियों के पास आसानी से स्थापित किए जा सकेंगे। वैज्ञानिक प्रोटोकाल का विकास हर फल और सब्जी की प्रकृति अलग होती है। किस फसल को किस तापमान और आर्द्रता पर कितने दिनों तक रखा जा सकता है, इसके लिए दोनों संस्थानों के वैज्ञानिक सटीक वैज्ञानिक गाइडलाइंस और डेटाबेस तैयार कर रहे हैं। उच्चस्तरीय बैठकों में तय हुई रणनीति परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए एमएचयू, करनाल और ब्रुनेल यूनिवर्सिटी के शीर्ष वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के बीच रणनीतिक बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में देश के मैदानी इलाकों की जलवायु परिस्थितियों के अनुसार तकनीकी डिजाइन और डेटा ट्रांसफर पर विस्तृत सहमति बनी है। दोनों संस्थान अब इसके प्रयोगात्मक माडल स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। किसान फसल को औने-पौने दाम पर बेचने के बजाय सौर कोल्ड स्टोरेज में रखकर बाजार में बेहतर भाव मिलने का इंतजार कर सकेंगे। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली बिल और डीजल का खर्च खत्म हो जाएगा। डीजल का उपयोग न होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और हरित कृषि को बढ़ावा मिलेगा। यह अंतरराष्ट्रीय साझेदारी न केवल हरियाणा के बागवानी किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी, बल्कि देश में कृषि संकट के समाधान के लिए एक वैश्विक नजीर भी पेश करेगी। -डॉ. एसके मल्हौत्रा, कुलपति महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल।  

राहु-केतु की चाल बदलेगी 6 राशियों की किस्मत! अगले 68 दिन करियर-धन और सफलता के लिहाज से खास

 ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को अत्यंत प्रभावशाली और मायावी ग्रह माना जाता है. ये दोनों ही ग्रह हमेशा वक्री (उल्टी) चाल चलते हैं और एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने में लगभग डेढ़ साल का लंबा समय लेते हैं. इनकी चाल में होने वाला हल्का सा बदलाव भी देश-दुनिया और सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है. वर्तमान में राहु शनि की राशि कुंभ और केतु सूर्य की राशि सिंह में विराजमान हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आने वाले कुछ विशेष दिनों (करीब 68 दिनों) तक राहु और केतु की स्थिति कुछ चुनिंदा राशियों के लिए बेहद मंगलकारी और लाभप्रद रहने वाली है. आइए जानते हैं कि वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं, जिनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की प्रबल संभावना है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए राहु-केतु का यह गोचर बेहद शुभ साबित होने वाला है. इस दौरान आपको अपने करियर और कार्यक्षेत्र में तरक्की के नए और बेहतरीन मार्ग मिलते नजर आएंगे. लंबे समय से रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के लोगों के लिए यह अवधि अत्यंत सकारात्मक परिणाम लेकर आई है. यदि आप किसी दुविधा या मुश्किल में फंसे थे, तो गुरुजनों या वरिष्ठ मार्गदर्शकों के सहयोग से आप सभी बाधाओं को आसानी से पार कर लेंगे. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के जातकों का यह दौर बहुत ही शानदार रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में अनुकूलता बनी रहेगी. इसके अलावा, जो जातक शिक्षा या करियर के सिलसिले में यात्रा की योजना बना रहे थे, वे किसी एजुकेशनल ट्रिप पर भी जा सकते हैं. तुला राशि (Libra) तुला राशि के विद्यार्थियों के लिए यह समय विशेष तौर पर फलदायी और उत्तम माना जा रहा है. पठन-पाठन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा. मानसिक शांति बनी रहेगी. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों में इस दौरान गजब का आत्मविश्वास देखने को मिलेगा. आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स और सामाजिक मेलजोल से लोगों को प्रभावित करने में पूरी तरह सक्षम रहेंगे. व्यापार और कारोबार में विस्तार के नए अवसर हाथ लग सकते हैं. मीन राशि (Pisces) मीन राशि के जातकों के लिए यह समय उत्तम फल देने वाला है. इस अवधि में आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की तरफ अधिक रहेगा. मानसिक रूप से आप काफी शांत और ऊर्जावान महसूस करेंगे, जिससे परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहेगा.  

गैस सिलेंडर बुकिंग पर संकट! e-KYC अधूरा होने पर सेवा बंद, एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतार

 रांची एलपीजी गैस का ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। 30 सितंबर से कई उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग सेवा प्रभावित हो गई है। आइवीआरएस नंबर, पंजीकृत मोबाइल नंबर और संबंधित गैस कंपनियों के एप के माध्यम से भी ऐसे उपभोक्ता गैस सिलिंडर की बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं। ई-केवाईसी पूरा कराने के बाद ही दोबारा बुकिंग सेवा शुरू हो रही है। इसके कारण इन दिनों गैस एजेंसियों के बाहर ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं की लाइन लग रही है। वहीं झारखंड में इंडियन आयल के करीब 38 लाख गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 71 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। यानी अभी भी इंडियन आयल के राज्य में 11 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी नहीं हुआ है। रांची में 77 प्रतिशत का ई-केवाईसी पूरा रांची जिलें में तीनों प्रमुख गैस कंपनियों के करीब 7.25 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें इंडियन आयल के करीब 4.71 लाख, भारत गैस के 1.51 लाख और एचपी गैस के करीब 1.03 लाख उपभोक्ता शामिल हैं। रांची में अब तक करीब 77 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद लगभग 1.66 लाख उपभोक्ता अभी ई-केवाईसी से वंचित हैं। वहीं शहर में इंडियन आयल के 1.5 लाख उपभोक्ता मौजूद है। आम उपभोक्ताओं ने कराया, वीवीआईपी पीछे गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, शहर में अधिकांश सामान्य कामकाजी उपभोक्ताओं ने अपना ई-केवाईसी करा लिया है। अब बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता सामने आ रहे हैं, जिन्होंने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि इनमें कई वीवीआईपी उपभोक्ता भी शामिल हैं, जो ई-केवाईसी कराने में पीछे रह गए हैं। सिर्फ फार्म, आधार और उपभोक्ता नंबर की जरूरत गैस एजेंसी संचालक ने बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया काफी आसान है। इसके लिए उपभोक्ता को एक फार्म भरना होता है। साथ में आधार कार्ड, एलपीजी कंज्यूमर नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है। पूरी प्रक्रिया सामान्य तौर पर एक दिन में आसानी से पूरी हो जाती है। ई-केवाईसी पूरा होने के बाद उपभोक्ता दोबारा सामान्य तरीके से गैस सिलिंडर की बुकिंग करा सकते हैं। एजेंसियों पर बढ़ी भीड़ बुकिंग सेवा प्रभावित होने के बाद अब बड़ी संख्या में उपभोक्ता ई-केवाईसी कराने के लिए गैस एजेंसियों का रुख कर रहे हैं। एजेंसियों के बाहर कतार लगने से भीड़ बढ़ गई है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि उपभोक्ताओं को अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए, ताकि गैस सिलिंडर की बुकिंग में किसी तरह की परेशानी न हो।  

बिहार में वर्षों से अटकी विकास योजनाओं पर सरकार नाराज, अब होगी गहन समीक्षा

पटना सम्राट चौधऱी सरकार मुख्यमंत्री क्षेत्र योजना को ठीक से लागू नहीं करने पर नाराज हो गई है। अब राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत पूरे राज्य से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कई योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही सुस्ती से सरकार नाराज है और अब इसकी गहन समीक्षा की जाएगी। विभागीय स्तर पर कई वर्षों से काफी योजनाओं के अधूरे रहने की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। योजना एवं विकास विभाग के अनुसार, जनवरी 2026 में 17वीं विधानसभा (2021-22 से 2025-26) के दौरान विधायकों और विधान पार्षदों द्वारा अनुशंसित विकास कार्यों पर 71.40 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है। लगभग 20 फीसदी स्वीकृत योजनाएं अभी भी विभिन्न चरणों में लागू की जा रही हैं। कुल उपलब्ध निधि का ठीक से उपयोग नहीं हुआ विभागीय सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई क्षेत्रों में आठ वर्ष पहले की स्वीकृत राशि के कार्य पूरे नहीं हुए हैं। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की मार्च 2023 की रिपोर्ट में भी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर कमियां सामने आई थीं। नमूना जांच किए गए 13 प्रमंडलों में कुल उपलब्ध निधि का 28 से 59 प्रतिशत तक उपयोग नहीं हुआ था। इससे पर्सनल लेजर अकाउंट में अव्यवहृत शेष राशि पड़ी रही। वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रत्येक विधायक के लिए वार्षिक आवंटन ती करोड़ रुपये से बढ़ाकर ती करोड़ रुपये कर दिया गया था, ताकि उनके क्षेत्र में विकास कार्य तेज गति से हो सकें। बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में कुल 318 सदस्य (243 विधायक और 75 विधानपार्षद) हैं, जो सालाना 1272 करोड़ रुपये की योजनाओं की अनुशंसा कर सकते हैं पटना समेत ये शहर चयनित मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत चयनित शहरों में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, छपरा, सीवान, सासाराम, बेतिया, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, नवादा, औरंगाबाद, बांका, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, लखीसराय सहित कई प्रमुख शहरी क्षेत्र शामिल हैं।

भोपाल के 4 पुलिस थानों का कमाल, बेहतर सेवा के लिए मिला इंटरनेशनल ISO प्रमाणन

भोपाल   राजधानी भोपाल के 4 थाने और एक डीसीपी कार्यालय को बेहतर कार्य के लिए आईएसओ सर्टिफिकेट मिला है. जनता की शिकायतों का निर्धारित समय पर निराकरण करने, अपराधियों को पकड़ने, थाने के रखरखाव और रिकॉर्ड कम्प्यूटराइज्ड होने के साथ जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने पर भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के चार थानों और एक एडिशनल DCP कार्यलय जोन-3 को अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन ने सर्टिफिकेट जारी किया है. भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान और ISO टीम की मौजूदगी में थाना प्रभारियों और अधिकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।  भोपाल के इन थानों को ISO सर्टिफिकेट भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा थानों को बेहतर, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी उपलब्धि मिली है. भोपाल शहर के चार थाने कोलार, बागसेवनिया, अशोका गार्डन और खजूरी सड़क सहित एडिशनल डीसीपी कार्यालय जोन-3 को ISO-9001:2015 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।  जर्जर थानों का किया गया कायाकल्प भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के जर्जर पुलिस थानों के जीर्णोद्धार को अभियान के तौर पर शुरू किया है. इन थानों की इमारतें लंबे समय से खराब स्थिति में थीं. पुलिस स्टाफ के साथ-साथ शिकायत लेकर आने वाले आम लोगों और पीड़ितों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. रिकॉर्ड के रखरखाव की स्थिति भी बेहतर नहीं थी. वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में इन थानों का कायाकल्प किया गया. पुराने रिकॉर्ड को नियमानुसार नष्ट करने के साथ आवश्यक रिकॉर्ड को व्यवस्थित और संधारित किया गया. आमजन के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था, थाना परिसर का सौंदर्यीकरण और जनोन्मुखी सुविधाओं को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।  ISO टीम ने गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का किया मूल्यांकन थानों में की गई व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, रिकॉर्ड प्रबंधन, जनसुविधाओं और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का ISO टीम द्वारा मूल्यांकन किया गया. मूल्यांकन के बाद बागसेवनिया, अशोका गार्डन, कोलार, खजूरी सड़क थाना और एडिशनल डीसीपी जोन-3 कार्यालय को ISO-9001:2015 प्रमाणन के लिए चयनित किया गया. इससे पहले मिसरोद, रातीबड़ और महिला थाना भी ISO सर्टिफाइड हो चुके हैं।  पुलिस कमिश्नर ने स्टाफ को दी बधाई पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने ISO प्रमाण पत्र मिलने पर चारो थानों के थाना प्रभारियों सहित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी. उन्होंने कहा, '' थानों में की गई जनोन्मुखी व्यवस्थाओं का उद्देश्य आम नागरिकों और पीड़ितों को बेहतर वातावरण और प्रभावी पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है.'' उन्होंने अन्य थानों को भी इसी श्रेणी में लाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित किया. साथ ही उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भोपाल कमिश्नरेट के अन्य थानों का भी इसी तरह जीर्णोद्धार कर उन्हें ISO-9001:2015 प्रमाणन दिलाने का प्रयास किया जाएगा।  कार्यक्रम में DCP विकास सहवाल, एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित, एडिशनल डीसीपी मिनी शुक्ला, ACP उमराव सिंह, ACP मनोज कुमार, ISO टीम से योगेंद्र द्विवेदी, RI जयसिंह तोमर सहित सभी थाना प्रभारी, पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। 

बागेश्वर धाम केस में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, SIT करेगी जांच; DNA रिपोर्ट पर उठे अहम सवाल

जबलपुर  बागेश्वर धाम में मार्च में सामने आए नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की अदालत ने आरोपित राजू जाटव की दूसरी जमानत याचिका खारिज करते हुए छतरपुर एसपी को विशेष जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने टीम को यह पता लगाने के लिए जांच करने को कहा है कि नाबालिग का यौन उत्पीड़न किस व्यक्ति ने किया था और उसके गर्भ से मिले भ्रूण का जैविक पिता कौन है। जांच को दो महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। 15 मार्च को अकेली आई थी नाबालिग अभियोजन के मुताबिक, नाबालिग 15 मार्च को अकेले बागेश्वर धाम पहुंची थी। 17 मार्च को उसकी मुलाकात राजू जाटव से हुई। आरोप है कि राजू उसे घर छोड़ने की बात कहकर अपने साथ ले गया और करीब 15 दिनों तक अपने पास रखा। इसके बाद वह नाबालिग को ट्रेन से पचोर ले गया। पुलिस ने राजू की पत्नी की निशानदेही पर नाबालिग को बरामद किया था। जांच के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। गर्भपात के बाद अदालत ने भ्रूण की डीएनए जांच कराने के निर्देश दिए थे। डीएनए रिपोर्ट में राजू को जैविक पिता नहीं माना गया 29 अगस्त को सामने आई डीएनए रिपोर्ट में राजू जाटव को भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया। मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब नाबालिग ने अदालत के समक्ष राजू द्वारा दुष्कर्म किए जाने से इन्कार किया। हालांकि, पुलिस के समक्ष दर्ज उसके पूर्व बयानों में उसने राजू पर जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। बयानों में अंतर और डीएनए रिपोर्ट के बाद हाई कोर्ट ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत महसूस की। अब विशेष जांच टीम पूरे मामले की नए सिरे से पड़ताल करेगी और यह पता लगाएगी कि नाबालिग के साथ वास्तव में किसने यौन अपराध किया तथा गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक पिता कौन था। धाम में अकेले न आएं महिलाएं : धीरेंद्र शास्त्री इधर, 3 अक्टूबर की रात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं और माताओं से अकेले धाम नहीं आने की अपील की। उन्होंने अनजान लोगों और सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा न करने की सलाह भी दी। हालांकि, उनकी अपील में इस नाबालिग से जुड़े प्रकरण का कोई सीधा उल्लेख नहीं था।  

एक्टर राजपाल यादव पर कोर्ट का शिकंजा, महू सिविल न्यायालय ने जारी किया जमानती वारंट

 महू   फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महू सिविल न्यायालय ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई महू निवासी और फिल्म फाइनेंसर प्रकाश जाजू की ओर से दायर प्रकरण की सुनवाई के दौरान की गई। पंचम व्यवहार न्यायाधीश फरहान मसूद कुरैशी ने वारंट जारी करते हुए संबंधित थाने को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 25 लाख दिए, पोस्ट डेटेड चेक हुए बाउंस प्रकरण में प्रकाश जाजू की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राधेश्याम अग्रवाल के अनुसार, जाजू पिछले करीब 30-40 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं और फिल्मों के लिए फाइनेंसिंग का काम करते हैं। उनकी फर्म निर्मला जानकी सिनेमा के नाम से है। अधिवक्ता के मुताबिक, प्रकाश जाजू ने अभिनेता राजपाल यादव को 25 लाख रुपये दिए थे। इस लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच एग्रीमेंट भी हुआ था। रकम की वापसी के लिए राजपाल यादव की ओर से पोस्ट डेटेड चेक दिए गए थे। आरोप है कि एग्रीमेंट में तय शर्तों के अनुसार रकम वापस नहीं की गई। जब जाजू ने चेक बैंक में लगाए तो वे बाउंस हो गए। चेक बाउंस के बाद कोर्ट पहुंचा मामला चेक बाउंस होने के बाद प्रकाश जाजू की ओर से परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत महू न्यायालय में प्रकरण दायर किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने राजपाल पुत्र नौरंग यादव, निवासी रुनवाल हाइट, लोखंडवाला के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। 13 अक्टूबर तक पेश होने के निर्देश कोर्ट की ओर से जारी वारंट के बाद अब अभिनेता राजपाल यादव को 13 अक्टूबर तक न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय में होने वाली सुनवाई और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर तय होगी। प्रकाश जाजू मूल रूप से महू के रहने वाले हैं, हालांकि वर्तमान में मुंबई में निवास करते हैं। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अपने वित्तीय कारोबार के दौरान राजपाल यादव को यह रकम दिए जाने की बात कही है।

लखनऊ में बाढ़ का असर, स्टेडियम के पास जलभराव; IND vs WI मैच में हाई स्कोर या लो स्कोर का खेल?

लखनऊ भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 टी20 मैच की सीरीज का पहला मुकाबला लखनऊ में खेला जाना है। दोनों टीमें यह मैच जीतकर विजयी आगाज करने की कोशिश करेंगी। भारतीय टीम हाल ही में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीतकर लौटी है और आत्मविश्वास से भरी हुई है। वहीं, वेस्टइंडीज ने वनडे में 350 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल कर रिकॉर्ड बनाया और कैरिबियाई खिलाड़ी ही पूरे जोश में होंगे। ऐसे में इस मैच में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। लखनऊ में भारत का आखिरी टी20 मैच काफी चर्चा में रहा था। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड की टीम 99 रन पर ऑल आउट हो गई थी। हालांकि, 100 रन के लक्ष्य का पीछा करने में भारत को 119 गेंदें लग गई थीं। अंत में टीम इंडिया ने यह मुकाबला 6 विकेट से जीता था। हालांकि, इस बार लखनऊ में हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है। स्टेडियम के बाहर भरा पानी मैच से कुछ दिन पहले लखनऊ और उत्तर भारत में काफी बारिश हुई थी। इससे गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। स्टेडियम के आसपास कुछ जगहों पर पानी भरा हुआ है, लेकिन मैदान में पानी निकलने की अच्छी व्यवस्था है। इससे मैदान पूरी तरह सूखा हुआ है। मैच के दौरान भी इस वजह से कोई परेशानी नहीं होगी। कैसा रहेगा मौसम? लखनऊ में मंगलवार को दिन में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन शाम में मौसम पूरी तरह से साफ रहेगा। बारिश की संभावना न के बराबर है। हालांकि, यहां उमस बहुत ज्यादा है। ऐसे में रात के समय ओस गिर सकती है। ओस गिरने पर गेंदबाजों और फील्डर को परेशानी होती है। इस वजह से टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकती है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज में भी तीनों मुकाबले लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने ही जीते हैं। कैसी है पिच? लखनऊ की पिच से शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। मैच से पहले हल्की बारिश की भी संभावना है। अगर बारिश होती है तो नई गेंद से तेज गेंदबाजों को मूवमेंट मिल सकता है। हालांकि, गेंद पुरान होने पर बड़े शॉट खेलना आसान होगा और इस मुकाबले में भी 200 रन के आसपास स्कोर बन सकता है।  

चीन तक पहुंचा अफगानिस्तान का नया रास्ता, वाखान कॉरिडोर में 121 किमी सड़क तैयार; पाकिस्तान की बढ़ी चिंता

काबुल  अफगानिस्तान ने चीन से सड़क संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. देश ने उत्तर-पूर्वी बदख्शां प्रांत में वाखान कॉरिडोर के जरिए 121 किलोमीटर लंबी सड़क का आधिकारिक उद्घाटन किया है. यह सड़क चीन के शिनजियांग क्षेत्र की ओर सीधा रास्ता उपलब्ध कराती है. हालांकि, फिलहाल यह सड़क बिना पक्की सतह वाली है।  इस सड़क का निर्माण करीब दो साल पहले शुरू हुआ था और इसे बनाने में करीब 365 मिलियन अफगानी यानी लगभग 55 लाख डॉलर की लागत आई है. अफगानिस्तान के ग्रामीण पुनर्वास और विकास मंत्री अब्दुल लतीफ मंसूर ने इसके उद्घाटन के दौरान कहा कि इस सड़क का देश के लिए रणनीतिक, राजनीतिक और आर्थिक महत्व है।  चीन तक पहुंच बनाने में अहम होगा वाखान वाखान कॉरिडोर अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत में मौजूद एक संकरी पट्टी है. यह इलाका ताजिकिस्तान और पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के बीच स्थित है. लंबे समय से इसकी भौगोलिक स्थिति को अफगानिस्तान और चीन के बीच संपर्क के लिहाज से अहम माना जाता रहा है।  नई सड़क के शुरू होने से इस दूरदराज इलाके में आवाजाही आसान होने की उम्मीद है. अफगान सरकार का कहना है कि उसने खास तौर पर कम विकसित प्रांतों में बुनियादी ढांचे से जुड़े ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी है।  विदेशी इंजीनियरों के बिना तैयार हुई सड़क अब्दुल लतीफ मंसूर ने कहा कि इस परियोजना पर अफगान इंजीनियरों ने ही काम किया और निर्माण के लिए किसी विदेशी इंजीनियर या सलाहकार की मदद नहीं ली गई. सरकार ने इसे स्थानीय तकनीकी क्षमता और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में अहम उपलब्धि बताया।  अफगानिस्तान के लिए वाखान कॉरिडोर सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं है. सरकार इसे चीन की ओर व्यापार और संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ देश के रणनीतिक और आर्थिक हितों से जोड़कर देख रही है. वहीं पाकिस्तान भी चीन के साथ मिलकर उसके CPEC प्रोजेक्ट के तहत कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दे रहा है, लेकिन प्रोजेक्ट के 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है. ऐसे में अफगानिस्तान ने कमोबेश तीन साल में ही सड़क बनाकर पूरी कर ली है। 

महंगा हुआ IndiGo का हवाई सफर, घरेलू फ्लाइट्स पर ₹375 से ₹1,300 तक बढ़ा फ्यूल चार्ज

मुंबई  हवाई सफर करने वालों के लिए टिकट महंगा हो सकता है. देश की बड़ी एयरलाइन IndiGo ने घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है. नए चार्ज 6 अक्टूबर 2026 की रात 12:01 बजे के बाद की जाने वाली नई बुकिंग पर लागू होंगे. यानी इस समय के बाद टिकट बुक करने वाले यात्रियों को पहले के मुकाबले ज्यादा फ्यूल चार्ज देना होगा. घरेलू उड़ानों में चार्ज यात्रा की दूरी के हिसाब से तय होगा. इसमें 100 रुपये से लेकर 350 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।  सबसे ज्यादा बढ़ोतरी 2,000 किलोमीटर से ज्यादा की घरेलू उड़ानों पर हुई है. वहीं, 1,001 से 1,500 किलोमीटर की उड़ान पर यात्रियों को 300 रुपये ज्यादा देने होंगे. अगर एक परिवार में चार लोग सफर कर रहे हैं, तो दूरी के हिसाब से उन्हें एक तरफ की यात्रा पर अधिकतम 1,200 रुपये तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना पड़ सकता है. हालांकि, यह बढ़ोतरी टिकट के बेस किराए से अलग होगी।  दूरी के हिसाब से लगेगा नया फ्यूल चार्ज IndiGo ने घरेलू उड़ानों को अलग-अलग दूरी की कैटेगरी में बांटा है. जितनी लंबी उड़ान होगी, फ्यूल चार्ज उतना ही ज्यादा होगा. 1,001 से 1,500 किलोमीटर की उड़ान पर अब ₹900 फ्यूल चार्ज लगेगा. वहीं, 2,000 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा करने वाले यात्रियों से ₹1,300 लिया जाएगा।  उड़ान की दूरी नया फ्यूल चार्ज 0–500 किमी ₹375 501–1,000 किमी ₹600 1,001–1,500 किमी ₹900 1,501–2,000 किमी ₹1,150 2,000 किमी से ज्यादा ₹1,300 100 से 350 रुपये तक बढ़ा चार्ज  नई दरों के मुताबिक घरेलू उड़ानों पर फ्यूल चार्ज में ₹100 से ₹350 तक की बढ़ोतरी हुई है. 1,001-1,500 किलोमीटर की उड़ान के लिए चार्ज ₹300 बढ़ा है. वहीं, 2,000 किलोमीटर से ज्यादा की उड़ान पर ₹350 की बढ़ोतरी हुई है. इसका सीधा असर परिवार के बजट पर पड़ सकता है. उदाहरण के लिए, अगर चार लोग ऐसी उड़ान लेते हैं जिसमें प्रति यात्री ₹350 की बढ़ोतरी हुई है, तो एक तरफ की यात्रा में परिवार को ₹1,400 ज्यादा देने होंगे. आने-जाने की यात्रा में यह अतिरिक्त खर्च ₹2,800 तक हो सकता है. इंटरनेशनल फ्लाइट पर भी बढ़ा फ्यूल चार्ज IndiGo ने इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए भी फ्यूल चार्ज में बदलाव किया है. अलग-अलग क्षेत्रों के लिए चार्ज अलग रखा गया है. SAARC  सेक्टर की उड़ानों पर चार्ज ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 किया गया है. यूरोप जाने वाली उड़ानों के लिए फ्यूल चार्ज ₹10,000 रखा गया है. क्षेत्र फ्यूल चार्ज SAARC ₹3,000 दक्षिण-पूर्व एशिया ₹5,500 GCC और मिडिल ईस्ट ₹5,500 उत्तर और पूर्वी एशिया ₹5,500 अफ्रीका ₹6,000 यूरोप ₹10,000 ATF महंगा होने से बढ़ा खर्च  IndiGo के मुताबिक, एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है. एयरलाइन के लिए ईंधन एक बड़ा खर्च होता है. जब ATF महंगा होता है, तो उड़ानों के संचालन की लागत भी बढ़ जाती है. एयरलाइन का कहना है कि बढ़ी हुई लागत की पूरी भरपाई करने के लिए फ्यूल चार्ज में इससे ज्यादा बढ़ोतरी करनी पड़ सकती थी. लेकिन यात्रियों पर बोझ कम रखने के लिए चार्ज में सीमित बढ़ोतरी की गई है.